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श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में गर्भ में ही दिल की बीमारियों की पहचान पर किया मंथन

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‘फीटल ईको’ बना वरदान, लाइव डैमो कर समझाया मेडिकल पक्ष
ऽ आईआरआईए उत्तराखण्ड स्टेट चैप्टर की सीएमई में विशेषज्ञों ने साझा की आधुनिक चिकित्सा की महत्वपूर्ण जानकारियां
देहरादून। आईआरआईए उत्तराखण्ड स्टेट चैप्टर की ओर से श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में एक दिवसीय सीएमई (कन्टीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम तकनीकों और शोध आधारित जानकारियों पर केन्द्रित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने “फीटल ईको” विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए गर्भ में पल रहे शिशु के हृदय की जांच और उसके महत्व को रेखांकित किया। सीएमई के दौरान फीटल ईको का लाइव डैमो दिखाकर विशेषज्ञों ने इसके मेडिकल पक्ष को भी विस्तारपूर्वक समझाया। आईआरआईए उत्तराखण्ड स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र गर्ग एवम सचिव डाॅ प्राची काला ने भी महत्वपूर्णं जानकारियों सांझा की।

 


सीएमई में उत्तराखण्ड के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से आए रेडियोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों सहित अनेक चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का आयोजन श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हेल्थ साइंसेज एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सभागार में किया गया।
रविवार को श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइसेंज के सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डाॅ. मनोज शर्मा, सीएमओ देहरादून, डाॅ. प्रथापन पिल्लई, कुलपति श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, एस जी आर आर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एंड हेल्थ साईंसेज के प्राचार्य डॉ उत्कर्ष शर्मा, आयोजन अध्यक्ष डाॅ. राजीव आजाद एवं आयोजन सचिव डाॅ. राजेन्द्र श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
डाॅ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून ने अपने संबोधन में कहा कि “फीटल ईको जैसी आधुनिक तकनीकें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही हैं। गर्भावस्था के दौरान ही हृदय संबंधी जटिलताओं की पहचान होने से समय पर उपचार संभव हो पाता है, जिससे नवजात शिशुओं की जीवन रक्षा में बड़ी मदद मिलती है। उन्होंने ऐसे वैज्ञानिक कार्यक्रमों को चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।”
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. प्रथापन पिल्लई ने कहा कि “विश्वविद्यालय और अस्पताल सदैव चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस प्रकार के अकादमिक एवं वैज्ञानिक कार्यक्रम न केवल चिकित्सकों के ज्ञान को समृद्ध करते हैं, बल्कि मरीजों को बेहतर और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
सीएमई में मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. सी कृष्णा, बैंगलौर ने “फीटल ईको” पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि फीटल ईको एक अत्याधुनिक मेडिकल तकनीक है, जिसके माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु के हृदय की संरचना, धड़कन और कार्यप्रणाली का विस्तृत परीक्षण किया जाता है। यह जांच गर्भावस्था के दौरान ही शिशु में मौजूद जन्मजात हृदय रोगों, ब्लॉकेज, वाल्व संबंधी समस्याओं अथवा अन्य जटिलताओं की समय रहते पहचान करने में बेहद सहायक साबित होती है।
डाॅ. सी कृष्णा ने कहा कि यदि गर्भ में ही बच्चे के हृदय की बीमारी या असामान्य स्थिति का पता चल जाए, तो जन्म के तुरंत बाद उपचार शुरू करने की रणनीति तैयार की जा सकती है। इससे नवजात शिशु की जान बचाने और बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलती है। गंभीर एवं असामान्य परिस्थितियों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि सीएमई कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम तकनीकों, शोध और उपचार पद्धतियों से अपडेट रखना होता है, ताकि मरीजों को अधिक प्रभावी और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आधुनिक रेडियोलॉजी, फीटल मेडिसिन एवं कार्डियक इमेजिंग के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला। पूरे कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों के बीच वैज्ञानिक चर्चा, केस स्टडी और अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ।

 

सीएम धामी ने बी.डी. पाण्डेय अस्पताल पहुंचकर किया स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण: मरीजों का जाना हाल 

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पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के समापन के उपरांत जिला अस्पताल बी.डी. पाण्डेय पहुंचकर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी एवं चिल्ड्रन वार्ड का दौरा कर भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की तथा मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर उपचार, दवाइयां एवं आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने मरीजों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की समस्या या दिक्कत आती है तो वे अपनी बात जिलाधिकारी आशीष भटगाईं के माध्यम से सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार एवं संवेदनशीलता से अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भरोसा एवं उत्साह देखने को मिला।

 

अन्तराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का देहरादून पुलिस तथा उत्तराखण्ड STF की संयुक्त टीम ने किया गया भंडाफोड़

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आईपीएल मैच में ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे 05 अभियुक्तों को संयुक्त टीम ने किया गिरफ्तार

*दुबई से संचालित महादेव एप से जुडे गिरोह केे तार*

*मौके से बडी मात्रा में सट्टे में प्रयोग किये जा रहे इलेक्ट्रानिक उपकरण हुए बरामद*

*अभियुक्तों द्वारा सट्टा खिलवाने में प्रतिबन्धित महादेव एप व रेडीबुक बैटिंग एप का किया जा रहा था इस्तेमाल*

मा0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त किये जाने के लक्ष्य के तहत अपराधियो के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड के निर्देशों पर पुलिस द्वारा आपराधिक गतिविधियों में लिप्त संगठित गिरोहों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध लगातार कड़ी कार्यवाही की जा रही है, जिसके तहत बसन्त विहार क्षेत्र में आईपीएल मैचो में ऑनलाइन सट्टेबाजी की सूचना पर प्रभावी कार्यवाही हेतु एसएसपी देहरादून तथा एसएसपी एसटीएफ द्वारा देहरादून पुलिस तथा उत्तराखण्ड एसटीएफ की संयुक्त टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा दिनांक 07-05-2026 की रात्री में संयुक्त कार्यवाही करते हुए बसंत विहार क्षेत्र स्थित ऋषि विहार कॉलोनी में किराये के फ्लैट में चल रहे ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। कार्यवाही के दौरान टीम द्वारा मौके से 05 अभियुक्तों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आईपीएल मैच पर सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया गया, जिनके द्वारा ऑनलाइन वेबसाइट एवं व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ग्राहकों को जोड़कर सट्टेबाजी करवाने की बात स्वीकार की गई। मौके पर अभियुक्तों के कब्जे से टीम द्वारा 03 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड एवं एयरटेल वाई-फाई कनेक्शन बरामद किये गये। अभियुक्तों के विरुद्ध थाना बसंत विहार में धारा 3/4 जुआ अधिनियम 1867 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

पूछताछ के दौरान अभियुक्तगणो द्वारा बताया कि वे लोग रेडीबुक बैटिंग एप के माध्यम से आईपीएल में आनॅलाईन सट्टा खिलाते है। इस एप के यूजर आईडी, पासवर्ड आदि सुमित यादव जो उनका बॉस है तथा दिल्ली गुड़गांव मे रहता है, उन्हें उपलब्ध कराता था। उक्त आई०डी० व पासवर्ड उसे दुबई से प्राप्त होते हैं, एप का एक्सेस प्राप्त होने के बाद उनके द्वारा सट्टा खेलने वालो के यूजर आईडी व पासवर्ड बनाये जाते हैं और उनसे एकाउंट में पैसे जमा कराने के बाद उन्हें ऑनलाइन सट्टा खिलवाया जाता है। कार्यवाही के दौरान टीम को अभियुक्तों के ऐसे कई बैंक एकाउन्टो की जानकारी मिली है, जिनमे पैसे का लेन-देन किया जा रहा था, जिसकेे सम्बन्ध में जांच की जा रही है।

अभियुक्तों से पूछताछ में जानकारी मिली कि उक्त फ्लैट अंकित कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी: ग्राम- मोहम्मदपुर इमलीखेडा, तहसील रूडकी, जिला हरिद्वार का है, जिसे सुमित यादव द्वारा अभियुक्तों को किराये पर दिलवाया गया था तथा बीच-बीच में वो स्वंय भी देहरादून उक्त फ्लैट में आया-जाया करता था। इसके अतिरिक्त अभियुक्तों से पूछताछ में सुमित यादव के बडे स्तर पर ऑनलाइन सट्टे में लिप्त होने के साथ-साथ उसके पूर्व में महादेव बैटिंग एप व उसके मालिक सौरभ चन्द्राकर से भी जुड़े होने व महादेव बैटिंग एप के भारत में बैन होने के पश्चात उसके द्वारा रेडीबुक बैटिंग एप पर काम प्रारम्भ करने की जानकारी भी पुलिस को प्राप्त हुई है। साथ ही महादेव एप व रेडीबुक बैटिंग एप के भारत में प्रतिबन्धित होने के कारण उसके संचालको द्वारा उसे दुबई से संचालित किया जाना प्रकाश में आया है, जिसके सम्बन्ध में और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। टीम द्वारा सभी बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं बैंकिंग दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के सम्बन्ध में भी जानकारियां जुटाई जा रही है।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त :-*

1- सुनील शर्मा निवासी- सरगुजा, छत्तीसगढ़
2- संदीप गुप्ता निवासी सरगुजा, छत्तीसगढ़
3- संदीप कुमार निवासी औरंगाबाद, बिहार
4- अकरंद शर्मा निवासी सरगुजा, छत्तीसगढ़
5- अभिषेक शर्मा निवासी सरगुजा, छत्तीसगढ़

*बरामदगी :-*

1- 03 लैपटॉप
2- 17 मोबाइल फोन
3- 22 एटीएम कार्ड
4- एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर कनेक्शन
5- ऑनलाइन सट्टेबाजी से संबंधित डिजिटल सामग्री

*टीम:- एसटीएफ उत्तराखण्ड तथा थाना बसंतविहार पुलिस*

 

सीएम धामी ने केदारनाथ धाम में स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित BPCLअस्पताल का किया लोकार्पण

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रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखण्ड समृद्ध उत्तराखण्ड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं, जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को नि:शुल्क उपचार मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य श्री सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक श्री दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष श्री विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ श्री पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य श्री अमित मेंखडी, महामंत्री श्री अंकित सेमवाल, श्री संजय तिवारी, जिला पंचायत सदस्य श्री सुबोध बगवाड़ी, श्री केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोठियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

सीएम धामी ने पिथौरागढ़ में श्री सुरेंद्र वल्दिया स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल सुविधाओं का किया निरीक्षण 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने आज पिथौरागढ़ में श्री सुरेंद्र वल्दिया स्पोर्ट्स स्टेडियम में विकसित नई खेल सुविधाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। साथ ही, स्टेडियम में उपलब्ध संसाधनों, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं खेल गतिविधियों की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री जी ने खिलाड़ियों से भेंट कर उनके अनुभव, आवश्यकताओं और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर संवाद किया तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

 

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: CHC रायपुर व प्रेमनगर में शुरू हुई कार्डियक ओपीडी,  ग्रामीण मरीजों को बड़ी राहत

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मात्र 150 रुपए में ईसीजी जांच, मरीजों को सस्ती और सुलभ सुविधा

*धामी सरकार की पहल से गांव-कस्बों तक पहुंची विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं*

*देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को गांव और कस्बों तक पहुंचाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल से अब हृदय रोग के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ परामर्श और जांच की सुविधा मिलने लगी है। इससे दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को दून और कोरोनेशन अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रेमनगर और रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ हृदय रोग ओपीडी शुरू की गई है, जहां मरीजों को कार्डियोलॉजिस्ट की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही मात्र 150 रुपये शुल्क पर ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) जांच की सुविधा भी दी जा रही है। दोनों केंद्रों में अब तक 35 से अधिक मरीज ईसीजी जांच का लाभ उठा चुके हैं

प्रेमनगर सीएचसी में प्रत्येक बुधवार तथा रायपुर सीएचसी में प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक हृदय रोग विशेषज्ञ मरीजों की जांच और परामर्श दे रहे हैं। इस व्यवस्था से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल रही है, बल्कि दून अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल पर बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

पछवादून और परवादून क्षेत्र के लोगों के लिए यह सुविधा किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अब उन्हें हृदय संबंधी परामर्श और उपचार के लिए शहर के बड़े अस्पतालों तक नहीं जाना पड़ रहा है।

अपनी माताजी के इलाज को पहुंचे जोगीवाला निवासी नीरज प्रसाद डबराल ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गरीब और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था बेहद लाभकारी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने उनकी मां की जांच कर ईसीजी कराया, जिसकी रिपोर्ट सामान्य आई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि वेलमेड अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञों के सहयोग से प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब तक तीन सफल ओपीडी संचालित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का सकारात्मक फीडबैक मिल रहा है और अब तक 100 से अधिक मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श दिया जा चुका है।

वहीं रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वेलमेड हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीलेश चंद्र पांडे ने बताया कि यहां भी लगातार तीन ओपीडी सफलतापूर्वक संचालित हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लोगों को इस सुविधा की जानकारी मिलेगी, वैसे-वैसे अधिक संख्या में मरीज ओपीडी का लाभ लेने पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि मरीजों को उपचार और परामर्श के साथ ईसीजी जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

एक्शन मोड:  स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण: मरीजों का जाना हाल

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अस्पताल में गुपचुप निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल: स्वास्थ्य अधिकारी ने पहचाना तो चुप कराते नजर आए मंत्री

देहरादून, 08 मई 2026:
आज माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी द्वारा डॉक्टर सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी का निरीक्षण कर उपचाररत मरीजों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना गया। इस दौरान उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार व्यवस्था एवं अन्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।

मरीजों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर माननीय मंत्री जी ने अस्पताल प्रशासन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, समयबद्ध उपचार, मरीजों की सुविधाओं एवं अस्पताल परिसर में स्वच्छता को प्राथमिकता देने हेतु निर्देशित किया।

मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि दवाइयों की उपलब्धता एवं स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल में व्यवस्थाओं को प्रभावी एवं सुचारु बनाए रखने हेतु निरंतर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

अवैध निर्माणों पर MDDA का जोरदार एक्शन:  रेसकोर्स में अवैध बहुमंजिला व्यवसायिक भवन सील

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देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत रेसकोर्स स्थित एक बहुमंजिला व्यवसायिक भवन को सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।

एमडीडीए के संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के निर्देशों पर यह कार्रवाई अमरजीत सिंह द्वारा 03 रेसकोर्स, देहरादून में कराए जा रहे व्यवसायिक बहुमंजिला निर्माण पर की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन को सील किया और स्पष्ट संदेश दिया कि बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

बताया गया कि संबंधित निर्माण प्राधिकरण की स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद एमडीडीए ने कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता निषांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा समेत सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
एमडीडीए ने साफ किया है कि देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण की नजर ऐसे सभी निर्माणों पर है जो नियमों को ताक पर रखकर खड़े किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृति और अनुमति अवश्य लें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य लें- बंशीधर तिवारी*

देहरादून शहर का सुनियोजित विकास एमडीडीए की प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। रेसकोर्स क्षेत्र में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। प्राधिकरण लगातार ऐसे निर्माणों की निगरानी कर रहा है जो बिना स्वीकृति या मानकों के विपरीत बनाए जा रहे हैं। हमने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों के खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई की जाए। शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और भविष्य की प्लानिंग को देखते हुए नियमों का पालन बेहद जरूरी है। आम नागरिक भी भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य लें। भविष्य में भी अवैध निर्माणों पर अभियान और तेज किया जाएगा।

*सचिव-मोहन सिंह बर्निया* *का बयान*

प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। रेसकोर्स स्थित व्यवसायिक बहुमंजिला भवन पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस भी जारी किए गए थे। एमडीडीए की टीम लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति निर्माण करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर जोर: मानसून से पहले गुणवत्ता जांच पूरी करने के सीडीओ ने दिए निर्देश

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लंबित पेयजल योजनाएं जल्द पूरी हों, हर घर तक पहुंचे स्वच्छ जल-सीडीओ

*डोईवाला में पेयजल गुणवत्ता जांच कार्य शुरू न होने पर सीडीओ सख्त, मांगा स्पष्टीकरण*

*सीडीओ का निर्देश- नल जल मित्रों को जिम्मेदारी के साथ दिया जाए मानदेय,*

*ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक वेस्ट उठान के लिए तय हो रूट और वाहन व्यवस्था,*

*जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा-सीडीओ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश*

*देहरादून 07 मई,2026 (सू.वि),*
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति और गुणवत्ता जांच में लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित योजनाओं का कार्य शीघ्र पूरा कर हर घर जल सर्टिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मानसून से पहले सभी विकासखंडों में पेयजल गुणवत्ता जांच पूर्ण करने, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का तत्काल पुनर्गठन करने तथा नल जल मित्रों को योजनाओं के रखरखाव में सक्रिय भूमिका देने के निर्देश दिए।

गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण और हैंडओवर करना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से फेस-2 की अवशेष योजनाओं को तेजी से पूरा कराने और पूर्ण योजनाओं का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराते हुए हर घर जल सर्टिफिकेशन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में पिछली समीक्षा के निर्धारित लक्ष्य पूरे न होने तथा विकासखंड डोईवाला में पेयजल गुणवत्ता जांच शुरू न किए जाने पर सीडीओ ने संबंधित इंजीनियरों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि मानसून से पहले सभी गांवों में पानी की गुणवत्ता जांच और सर्टिफिकेशन का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का पुनर्गठन कर इसकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित युवाओं को मास्टरोल आधार पर मानदेय तय करते हुए पेयजल योजनाओं के रखरखाव का कार्य आवंटित किया जाए। साथ ही उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण किट के उपयोग का प्रशिक्षण देकर नियमित पानी जांच सुनिश्चित करने को कहा। दूसरे बैच के चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में गोरछा पेयजल योजना में चल रहे विवाद के निस्तारण के लिए समिति से विस्तृत आख्या तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने ब्लॉक स्तर पर प्लास्टिक वेस्ट संग्रहण के लिए रूट चार्ट तैयार कर वाहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से प्लास्टिक निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फेस-2 के तहत जनपद की 760 योजनाओं में से 734 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 26 योजनाएं बजट के अभाव में लंबित हैं। 165 योजनाओं में से 160 का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन किया जा चुका है तथा 121 योजनाओं का वित्तीय क्लोजर भी पूरा कर लिया गया है। पेयजल गुणवत्ता जांच के लिए 635 गांवों में से 117 गांवों में परीक्षण कार्य किया गया है। वहीं 628 गांवों में से 585 गांवों में हर घर जल सर्टिफिकेशन पूरा हो चुका है, जबकि 43 गांवों में कार्य शेष है।

नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में 42 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है और दूसरे बैच के चयन की प्रक्रिया जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 308 व्यक्तिगत तथा 21 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। वहीं ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 28 यूनिट स्थापना का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

बैठक में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान ग्रामीण नमित रमोला, अधीक्षण अभियंता जल निगम निशा सिंह, अधिशासी अभियंता रविंद्र बिष्ट, राजेन्द्र पाल, राजेश निर्वाल, कंचन रावत, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, डीपीआरओ मनोज नौटियाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी सहित समिति अन्य नामित सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

सीएम के मार्गदर्शन में डीएम सविन की सराहनीय पहल से दिव्यांगजनों को बड़ी राहत: डीडीआरसी बना सहारा

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हर बुधवार बन रहे दिव्यांग प्रमाण पत्र, सैकड़ों लाभार्थियों को राहत,

*सितंबर से अब तक 600 से अधिक यूडीआईडी कार्ड जारी, 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण,*

*हेल्पलाइन नंबर 8791009301 पर संपर्क कर पाएं दिव्यांग सेवाओं की जानकारी*

*केंद्र में विशेष थेरेपी से निखर रही दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा*

*देहरादून
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के हित में किए जा रहे प्रयास अब प्रभावी परिणाम देने लगे हैं। कर्जन रोड स्थित गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) दिव्यांगजनों के लिए राहत और सहारा बनकर उभरा है। यहां मिलने वाली सुविधाओं से न केवल दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है, बल्कि समाज में उन्हें समान अधिकार और सम्मान भी प्राप्त हो रहा है।

गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में प्रत्येक बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं, जिससे लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिल रही है। वहीं, डीडीआरसी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 8791009301 के माध्यम से दिव्यांगजन घर बैठे भी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जिलाधिकारी की पहल पर सितंबर 2025 से गांधी शताब्दी अस्पताल में शुरू हुए डीडीआरसी में अब तक 600 से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की दिव्यांग बोर्ड द्वारा 600 नए दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जबकि 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2009 से अब तक जनपद में 30,739 दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 1,064 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया गया है।

दून निवासी दिव्यांग लाभार्थी मनोज बहुगुणा ने बताया कि लंबे समय से उन्हें यूडीआईडी कार्ड बनवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। डीडीआरसी के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने केंद्र पहुंचकर आवेदन किया, जहां दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनका यूडीआईडी कार्ड तैयार हो गया। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में पहली बार गांधी शताब्दी अस्पताल में डीडीआरसी संचालन के लिए चार कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक वर्ष से भी कम समय में 600 नए दिव्यांग प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड तैयार किए गए हैं, जबकि 250 प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया जा चुका है।

*दून में 30 हज़ार से अधिक दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी*

*गांधी शताब्दी अस्पताल और एसडीएच विकासनगर में नियमित रूप से मिल रही दिव्यांग बोर्ड की सेवाएं*
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि जनपद देहरादून में अब तक 30,739 दिव्यांगजनों के नए प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही दिव्यांग प्रमाण पत्रों के नवीनीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। अब तक 1,064 दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बुधवार को गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में दिव्यांग बोर्ड द्वारा विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। इसी क्रम में उप जिला चिकित्सालय (एसडीएच) विकासनगर में भी प्रत्येक मंगलवार को दिव्यांग बोर्ड के माध्यम से दिव्यांगजनों को सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यहां प्रमाण पत्र जारी करने के साथ-साथ संबंधित लाभार्थियों को आवश्यक प्रमाणन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

केंद्र में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष निशुल्क सुविधा
जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र में बच्चों को निशुल्क स्पीच थेरेपी, फिजियोथैरेपी तथा लर्निंग थेरेपी प्रदान की जा रही है, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।