डोईवाला। निस्वार्थ सेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए ‘एक मदद ब्लड ग्रुप समिति, डोईवाला’ के सक्रिय सदस्य असलम खान ने एक बार फिर एक नवजात शिशु की जान बचाई है। उन्होंने 25 किलोमीटर की दूरी तय कर 7 दिन के प्री-मैच्योर बच्चे के लिए अपना 55वां सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (SDP) दान किया।
*मामला क्या था?*
खटीमा निवासी बेबी ऑफ मिनिता (उम्र मात्र 7 दिन) हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में भर्ती है। बच्चे की प्लेटलेट्स काउंट critically गिरकर मात्र 13 हजार रह गई थी। चिकित्सकों ने तत्काल A पॉजिटिव SDP की जरूरत बताई। बच्चे की नाजुक हालत देख परिजन बेहद चिंतित थे।
हिमालयन ब्लड बैंक की अपील पर ‘एक मदद ब्लड ग्रुप समिति’ के संस्थापक व अध्यक्ष साकिर हुसैन ने तुरंत समिति के सबसे सक्रिय रक्तदाता असलम खान से संपर्क किया। असलम खान ने बिना देरी किए अपने निजी काम छोड़े और 25 किलोमीटर की दूरी तय कर अस्पताल पहुंच गए। मेडिकल जांच में वे परफेक्ट मैच पाए गए। उन्होंने लगभग 3 घंटे ब्लड बैंक में रहकर SDP डोनेट किया।
*55वीं बार मानवता की सेवा*
असलम खान इससे पहले भी कई बार SDP और रक्तदान कर चुके हैं। इस मासूम बच्चे के लिए किया गया यह उनका 55वां SDP दान है। मौके पर समिति के मुख्य सचिव आसिफ हसन भी मौजूद रहे और रक्तदाता का हौसला अफजाई की।
समिति के अध्यक्ष साकिर हुसैन ने असलम खान के इस नेक कार्य की सराहना करते हुए कहा, “असलम भाई बार-बार समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। हम उनके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करते हैं।”
*समाज के लिए मिसाल*
असलम खान जैसे स्वयंसेवी रक्तदाताओं की वजह से कई मासूमों और जरूरतमंदों को नया जीवन मिल पाता है। उनकी इस निस्वार्थ सेवा को देखकर अन्य युवाओं को भी रक्तदान के प्रति प्रेरणा मिलती है।




