आईपीओ-निवेश के नाम पर झांसा, राकेश कुमार रजक के खाते में 27.20 लाख पहुंचे; एनसीआरपी पर 19 से ज्यादा शिकायतें
देहरादून। स्पेशल टास्क फोर्स देहरादून ने शेयर मार्केट और आईपीओ में अधिक मुनाफे के नाम पर की गई साइबर ठगी के मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को पश्चिम बंगाल के 24 परगना से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त राकेश कुमार रजक और सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई हैं। एसटीएफ के अनुसार दोनों प्रकरणों में ठगी की कुल राशि करीब 68 लाख रुपये बताई गई है।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून के मुकदमा संख्या 55/2025 (धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट) की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने स्वयं को अमेरिका और भारत में शेयर मार्केट से जुड़ा बताकर शिकायतकर्ता को निवेश का लालच दिया। 16 अक्टूबर से 18 नवंबर 2025 के बीच विभिन्न खातों में 47,63,537 रुपये जमा कराए गए।
पटेलनगर से एसटीएफ को हस्तांतरित मुकदमा संख्या 578/2025 में भी अक्टूबर 2025 में निवेश के नाम पर 18,54,900 रुपये विभिन्न खातों में डाले गए।
बैंकिंग जांच में बैंक ऑफ बड़ौदा खाता संख्या 00260200004876 (राजक एंड कंपनी) प्रकाश में आया, जिसका संबंध राकेश कुमार रजक से पाया गया। दोनों मामलों में इस खाते में क्रमशः 15 लाख और 12.20 लाख, कुल 27.20 लाख रुपये ट्रांसफर हुए। इसके बाद राशि आरटीजीएस आदि से अन्य खातों में भेज दी गई। इसी खाते के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं।
राकेश के जब्त मोबाइल की व्हाट्सऐप चैट में शादाब अली के साथ नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने और कमीशन लेने के डिजिटल सबूत मिले। एसटीएफ-साइबर टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया।
राकेश कुमार रजक, उम्र 40, निवासी 08 देशबंधु रोड, वेस्ट बरानगर, कोलकाता। सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई, उम्र 32, निवासी एच-99, रामनगर लेन, गार्डन रीच, कोलकाता। पुलिस के अनुसार शादाब खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य आरोपी है।
शिकायतकर्ता की 12 लाख रुपये की होल्ड राशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। गिरोह के अन्य सदस्यों और शेष राशि की बरामदगी की जांच जारी है।
कार्रवाई में निरीक्षक राजेश सिंह (विवेचक), उपनिरीक्षक हिम्मत सिंह और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे।
*एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह की अपील*: शेयर मार्केट, आईपीओ या ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अजनबियों के झांसे में न आएं। अनजान लिंक, नंबर या खाते में पैसे भेजने से पहले जांच करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।




