Homeताज़ा खबरेंउत्तरांचल यूनिवर्सिटी में जलवायु पrasरिवर्तन और पारिस्थितिक अखंडता पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में जलवायु पrasरिवर्तन और पारिस्थितिक अखंडता पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

 

वैश्विक पर्यावरणीय संतुलन में हिमालय की भूमिका और टिकाऊ विकास के माध्यम से ग्लोबल वार्मिंग से निपटने की तत्काल आवश्यकता : डॉ. अनिल जोशी

देहरादून: उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ एप्लाइड एंड लाइफ़ साइंसेज (SALS) द्वारा 11-12 सितंबर 2026 को “उत्तराखंड में जलवायु परिवर्तन और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ पारिस्थितिक अखंडता का संतुलन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (नई दिल्ली) के सहयोग और HESCO की साझेदारी में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और पर्यावरणविदों ने जलवायु-अनुकूल रणनीतियों और सतत विकास पर विचार-विमर्श किया।


सेमिनार का शुभारंभ कुलाधिपति श्री जितेंद्र जोशी और उपाध्यक्ष सुश्री अंकिता जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में कुलपति प्रो. डॉ. धर्म बुद्धि द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण कुमार (वैज्ञानिक-G, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय) ने ‘मिशन मौसम’, हाइपर-लोकल पूर्वानुमान और जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए अंतर-विषयक दृष्टिकोण पर जोर दिया।
*विशेषज्ञों के विचार:*
डॉ. अनिल जोशी (पद्म श्री एवं पद्म भूषण): वैश्विक पर्यावरण संतुलन में हिमालय के योगदान और ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए टिकाऊ विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया। डॉ. सुदेश कुमार यादव (निदेशक, CSIR-IHBT): जलवायु अनुकूलन में पारंपरिक व स्थानीय ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. सी. एस. तोमर (निदेशक, IMD देहरादून): मौसम संबंधी पूर्वानुमान और सटीक जानकारी साझा की। डॉ. वाई. आर. एस. राव (निदेशक, NIH रुड़की): जल विज्ञान अध्ययनों और ग्लेशियर निगरानी के तकनीकी पहलुओं पर बात की। डॉ. आर. पी. सिंह (निदेशक, IIRS देहरादून): रिमोट सेंसिंग तकनीक और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. बी. पी. भट्ट (कुलपति, VCSG उत्तराखंड उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय): खाद्य सुरक्षा, गंगा नदी के संरक्षण, चराई नीतियों और बचाव रणनीतियों पर चर्चा की।

यह सेमिनार उत्तराखंड में पारिस्थितिक संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए एक सशक्त अकादमिक मंच साबित हुआ। कार्यक्रम का समापन SALS के डीन प्रो. डॉ. अजय सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। इस सफल आयोजन में प्रो. विनीत किशोर श्रीवास्तव, प्रो. निशेष शर्मा, प्रो. प्रीतेश व्यास, डॉ. शिवम पांडे, श्री योगेश अवस्थी, डॉ. शेफाली सिंह, डॉ. शिप्रा शाह, सुश्री अदिति उनियाल, सुश्री वाणी, डॉ. काजल श्रीवास्तव और श्री राहुल गौर सहित समस्त फैकल्टी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

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