Jyotish Manyta: तेल मालिश से बढ़ती है बच्चों की उम्र और भाग्य! जानें इसके पीछे का ज्योतीषीय कारणभारतीय परिवारों में यह आम बात है कि छोटे बच्चों को नहलाने से पहले तेल से मालिश की जाती है. अक्सर दादी-नानी इसे जरूरी आदत कहकर आगे बढ़ाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह (bachcho ki tel malish) सिर्फ परंपरा भर नहीं, बल्कि ज्योतिष और विज्ञान दोनों के हिसाब से बेहद फायदेमंद मानी जाती है? आइए, जानते हैं इसके एक पहलू को…
शनि ग्रह और लंबी आयु का संबंध
ज्योतिष शास्त्र में तेल को शनि ग्रह से जोड़ा गया है. शनि को आयु, स्वास्थ्य और कर्मों का कारक (traditional oil massage India) कहा जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि नहलाने से पहले तेल की मालिश करने से बच्चों को शनि का आशीर्वाद मिलता है. इसका असर उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य पर पड़ता है.

सूर्य-चंद्रमा की ऊर्जा भी होती है मजबूत
तेल मालिश से सिर्फ शनि ही नहीं, बल्कि सूर्य और चंद्रमा ग्रह भी मजबूत (surya chandra energy balance) होते हैं. सूर्य जीवन, आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधि है. मालिश के बाद बच्चा न सिर्फ ऊर्जावान महसूस करता है बल्कि उसका मन भी शांत और संतुलित रहता है.
बुरी नज़र और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव
भारतीय समाज में नज़र लगना एक आम मान्यता है. ज्योतिषाचार्य नरेश भट्ट मानते हैं कि तेल की परत बच्चे के शरीर पर सुरक्षा कवच की तरह काम करती है. यह कवच बाहरी नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नज़र से बचाव करता है. यही कारण है कि पुराने समय से लेकर आज तक, बच्चों को नहलाने से पहले तेल मालिश करना शुभ और जरूरी माना जाता है.

समृद्धि और भाग्य से जुड़ी मान्यता
ज्योतिष में यह भी कहा गया है कि बच्चों को तेल मालिश करवाने से सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं सुधरता बल्कि भाग्य और समृद्धि भी आकर्षित होती है.माना जाता है कि इससे लक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती. यही वजह है कि कई घरों में इसे बच्चे की जिंदगी की शुभ शुरुआत माना जाता है. नन्हें बच्चों की तेल मालिश का चलन भले ही परंपरा के तौर पर शुरू हुआ हो, लेकिन इसके पीछे गहरी मान्यताएं और ज्योतिषीय कारण हैं. यह आदत बच्चे को शारीरिक मजबूती, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा देने के साथ-साथ जीवन भर के लिए शुभ फल देने वाली मानी जाती है.
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