इटानगर (अरुणाचल प्रदेश): सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में व्यापारियों और स्थानीय कारोबारियों से सीधा (PM Modi Arunachal Visit) संवाद किया. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर देश के लोगों से अपील की कि वे “खरीदो स्वदेशी और बेचो स्वदेशी” (Buy Swadeshi sell Swadeshi) के मंत्र को अपनाएं. पीएम मोदी (PM MODI) ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र (विकसित भारत) बनाने के लिए ज़रूरी है कि हम अपने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें.

व्यापारियों के लिए गेम चेंजर बना GST
स्थानीय कारोबारियों ने इस मौके पर बताया कि पहले उन्हें अलग-अलग टैक्सों से जूझना पड़ता था.लेकिन मोदी सरकार ने ‘वन नेशन, वन टैक्स’ यानी जीएसटी लागू करके उनकी बड़ी मुश्किल (Viksit Bharat vision Modi) आसान कर दी. व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म्स से कारोबार में पारदर्शिता आई है और लागत भी कम हुई है. कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़े लोगों ने कहा कि अब मकान बनाने की लागत घटेगी और घर आम लोगों के लिए सस्ते होंगे. वहीं, होटल कारोबारियों ने उम्मीद जताई कि जीएसटी कटौती से घरेलू पर्यटन को ज़बरदस्त बढ़ावा मिलेगा. मछली पालन और कृषि से जुड़े व्यापारियों ने भी इसे अपने क्षेत्र के लिए फायदेमंद बताया.
मोदी बने ‘ब्रांड एंबेसडर’
पीएम मोदी ने कहा कि वे खुद स्थानीय उत्पादों के ‘ब्रांड एंबेसडर’ हैं. उन्होंने व्यापारियों से कहा कि अपने सामान पर गर्व करें और ग्राहकों को भी ये बताएं कि यह पूरी तरह से स्वदेशी है. इसी कड़ी में उन्होंने व्यापारियों को “गर्व से कहो ये स्वदेशी है” वाले पोस्टर भी दिए, जिन्हें दुकानदारों ने उत्साह से स्वीकार किया और अपने प्रतिष्ठानों पर लगाने का भरोसा दिया.
सोशल मीडिया पर साझा किया अनुभव
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भी अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने लिखा कि आज जब सूरज उगा तो भारत की अर्थव्यवस्था में भी एक नया अध्याय शुरू हुआ, जीएसटी बचत उत्सव’. इटानगर में व्यापारियों और दुकानदारों ने अपनी रंग-बिरंगी झलक दिखाई, खुशबूदार (GST Bachat Utsav Itanagar) चाय, चटपटे अचार, हल्दी, बेकरी उत्पाद और खूबसूरत हस्तशिल्प. उन्होंने जीएसटी सुधारों पर खुशी जताई और इसे भविष्य के लिए फायदेमंद बताया.
5,100 करोड़ की परियोजनाओं का तोहफ़ा
अरुणाचल दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य को 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का तोहफ़ा भी दिया. इनमें सबसे अहम दो बड़े जलविद्युत परियोजनाओं की आधारशिला शामिल रही.
1. हेओ हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (240 मेगावाट)
2. टाटो-I हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (186 मेगावाट)
ये दोनों परियोजनाएं सियोम उप-बेसिन में विकसित होंगी और राज्य की ऊर्जा ज़रूरतों के साथ-साथ रोज़गार और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देंगी.
इसके अलावा, तवांग में लगभग 9,820 फीट की ऊँचाई पर बनने वाले कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला भी रखी गई. यह सेंटर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों का बड़ा केंद्र होगा. साथ ही, 1,290 करोड़ रुपये की विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया गया, जिनमें कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, फायर सेफ्टी और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल जैसी सुविधाएं शामिल हैं. अरुणाचल की धरती से पीएम मोदी का ये संदेश साफ है, स्थानीय उत्पादों को अपनाओ, स्वदेशी पर भरोसा करो और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दो.
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