देहरादून (Dehradun News): उत्तराखंड में इन दिनों एक बड़ा और असरदार स्वास्थ्य आंदोलन चल रहा है, जिसका नाम है “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार”. ये सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और पूरे परिवार की भलाई से जुड़ा एक बड़ा (Uttarakhand women health campaign) महाअभियान है. इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) से लेकर महात्मा गांधी जयंती (2 अक्टूबर) तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है. इस अभियान को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग ने एक जनांदोलन का रूप दे दिया है. इसका मकसद साफ है — महिला स्वास्थ्य मजबूत होगा, तो परिवार और समाज भी मजबूत होंगे.
7,500 से ज्यादा कैंप, लाखों लोग हुए लाभान्वित
अभियान के दौरान अब तक प्रदेशभर में 7,500 से ज्यादा स्वास्थ्य शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 200 से अधिक (Swasth Nari Sashakt Parivar) विशेषज्ञ कैंप भी रहे. इन शिविरों से अब तक 3.5 लाख से ज्यादा लोग लाभ ले चुके हैं. अकेले 22 सितंबर को ही पूरे प्रदेश में 1,487 शिविर आयोजित किए गए, जहां हजारों लोगों ने जांच और इलाज की सुविधाएं पाईं.
कैंपों में क्या हो रहा है खास?
इस महाअभियान में सिर्फ सामान्य स्वास्थ्य जांच ही नहीं, बल्कि कई अहम सेवाएं एक साथ दी जा रही हैं—
- एनीमिया, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कैंसर की जांच
- गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेकअप
- टीबी जांच और निक्षय मित्र पंजीकरण
- बच्चों का टीकाकरण
- महिलाओं और किशोरियों के लिए स्वास्थ्य व कौशल जागरूकता सत्र
- निःशुल्क दवा वितरण और काउंसलिंग
- ब्लड डोनेशन और ई-रक्तकोश पंजीकरण
आंकड़े जो बताते हैं अभियान का असर
अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक—
- 1.07 लाख से ज्यादा महिलाओं और 79 हजार पुरुषों की हाई ब्लड प्रेशर जांच हुई.
- 1 लाख से ज्यादा महिलाओं और करीब 70 हजार पुरुषों की डायबिटीज जांच हुई.
- 1.30 लाख महिलाओं और 43 हजार पुरुषों की कैंसर स्क्रीनिंग हुई.
- 39,000 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं की जांच हुई.
- 60 हजार से ज्यादा बच्चों का टीकाकरण किया गया।
- 38,000 से ज्यादा लोगों ने ब्लड डोनेशन किया।
विभाग का सख्त संदेश
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का कहना है कि ये अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने का सबसे बड़ा कदम है. उनका साफ संदेश है— “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की नींव है.”
क्यों खास है ये पहल?
ये अभियान सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है. इसमें स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ महिलाओं को (Uttarakhand government health initiative) सशक्त बनाने, उनकी सेहत पर ध्यान देने और पूरे परिवार को हेल्दी बनाने पर जोर दिया जा रहा है. यही वजह है कि इसे लोग एक “जनआंदोलन” मान रहे हैं. आसान भाषा में कहें तो, ये पहल महिलाओं की हेल्थ सिक्योरिटी + फैमिली वेलनेस दोनों को एक साथ मजबूत करने का काम कर रही है.
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