चमोली जिले की उर्गम घाटी में बुधवार को एक बड़ी सड़क दुर्घटना (Uttarakhand News) हुई, जिसमें एक टाटा सुमो (UK11TA-1685) बेकाबू होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। पहाड़ी क्षेत्र में हुए इस हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ स्ट जोशीमठ तुरंत अलर्ट हुआ और राहत-बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया। दुर्घटना की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन समय के खिलाफ दौड़ की तरह था।
कठिन पहाड़ी मार्ग और SDRF की प्रतिक्रिया
कोतवाली जोशीमठ से सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर देवीदत्त बर्थवाल के नेतृत्व में SDRF टीम उर्गम घाटी के लिए निकली। रास्ता बेहद कठिन, संकरा और जोखिमभरा था, लेकिन टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची। पहाड़ की गहरी खाई में गिर चुके वाहन तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण काम था। SDRF जवानों ने सुरक्षा रस्सियों की मदद से नीचे उतरकर राहत कार्य शुरू किया।

खाई में उतरा दल, तेजी से शुरू हुआ बचाव कार्य
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद टीम ने खाई में उतरकर यात्रियों की खोजबीन शुरू की। दुर्घटना में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था, जिससे घायलों तक पहुंचना कठिन था। इसके बावजूद SDRF टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू मिशन को आगे बढ़ाया। टीम की तेज़ कार्रवाई और समन्वय ने कई जिंदगियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हादसे में 2 मौत, 3 गंभीर घायल
लगातार प्रयासों के बाद SDRF टीम को खाई से कुल तीन घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत अस्पताल भेज दिया गया। वहीं, दुखद पहलू यह रहा कि इस हादसे में दो लोगों की मौत हो चुकी थी। SDRF ने दोनों शवों को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला और सड़क तक लाकर उन्हें जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। वाहन में कुल पांच लोग सवार थे।

घायलों की सूची
- कमलेश (25 वर्ष)-ग्राम पल्ला, चालक
- मिलन- ग्राम सलुड
- पूरन सिंह (55 वर्ष)-ग्राम सलुड
मृतकों की सूची
- कन्हैया (20 वर्ष-ग्राम सलुड
- ध्रुव (19 वर्ष)-ग्राम सलुड
हादसे का कारण और इलाके की चुनौतियां
उर्गम घाटी अपनी संकरी सड़कों, तीखे मोड़ों और गहरी खाइयों के कारण हमेशा जोखिम भरा माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में हल्की सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। हालांकि, वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सही वजह क्या थी, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
एसडीआरएफ की मुस्तैदी बनी जीवनरक्षक
हादसे में एसडीआरएफ की प्रतिक्रिया और प्रोफेशनल रेस्क्यू ऑपरेशन एक बार फिर साबित करता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे बल कितने महत्वपूर्ण हैं। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने तेजी से कार्रवाई कर तीन लोगों की जान बचाई, जो उनकी दक्षता और समर्पण को दर्शाता है। यह हादसा फिर याद दिलाता है कि पहाड़ी मार्गों पर सावधानी व नियंत्रण ही सुरक्षित यात्रा का सबसे बड़ा आधार है।




