देहरादून(Dehradun News): सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनदर्शन में 144 लोगों ने अपनी परेशानियों का दर्द जिलाधिकारी सविन बंसल के सामने रखा। सबसे मार्मिक था विधवा विशाखा का मामला। उनका पति जून 2025 में असमय निधन हो गया। जीवनसाथी के साथ बिताए गए कल की यादें उनके सामने ताजा थीं, लेकिन बैंक की 22 लाख की (Dehradun Jan Darshan 2025) होम लोन किश्तें और इंश्योरेंस कंपनी की बेरुखी ने उनकी जिंदगी में अकेलापन और चिंता बढ़ा दी। जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया, ताकि उनके आँसू बेकार न बहें।
अनुराधा देवी की फरियाद
डालनवाला की अनुराधा देवी ने बताया कि उनके स्वर्गीय पति ने बैंक से 8.50 लाख ऋण लिया था और बीमा भी किया था। फिर भी बैंक उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। जिलाधिकारी ने (Widow insurance claim denied) एएसडीएम सदर को सभी दस्तावेज लेकर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। उनका दर्द यही दर्शाता है कि कैसे जीवन की हकीकत कभी-कभी न्याय से बहुत दूर हो जाती है।
बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान
मेहूवाला की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी बहू द्वारा मारपीट और घर पर कब्जे की शिकायत की। जिलाधिकारी ने भरण पोषण (Widow loan issues Dehradun) अधिनियम के तहत तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया। शिखर फाल्स, चकराता और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून से नुकसान और कृषि भूमि क्षति की शिकायतों पर भी डीएम ने एडीएम को प्रभावित लोगों को राहत राशि देने के निर्देश दिए।
स्वरोजगार और आर्थिक सहायता की समस्याएं
विधवा नीतू ने स्वरोजगार ऋण आवेदन पर कोई कार्यवाही नहीं होने की फरियाद की। जिलाधिकारी ने जीएमडीआई से प्रकरण पर एटीआर तलब किया। इसके अलावा आवासीय नक्शे (Public grievance redressal Uttarakhand) पर व्यवसायिक निर्माण और अन्य वित्तीय परेशानियों पर भी संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए।
सामान्य जनता की शिकायतें
जन सुनवाई में राशन वितरण, पेयजल, सड़क, दूरसंचार, पेयजल लाइन और अवैध अतिक्रमण जैसे मुद्दे भी गंभीरता से सुने गए। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता पर निस्तारण हो। जनता दरबार में कुल 144 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर समाधान किया गया।
जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि सरकार की जन नीतियां केवल कागजों में नहीं, बल्कि आम जनता की राहत और सम्मान में झलकें। जनदर्शन ने दिखाया कि प्रशासन अब जनता की पीड़ा, बुजुर्गों की (Dehradun DM public hearing) अकेलापन और विधवाओं के संघर्ष को गंभीरता से सुन रहा है। यह जनदर्शन सिर्फ शिकायत सुनने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अनकहे दर्दों का आईना था। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब कोई पीड़ा अनसुनी नहीं रहेगी, और आम जनता को न्याय और राहत तुरंत मिलेगी।
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