Lunar Eclipse 2025: आसमान आज रात एक बेहद खास खगोलीय नज़ारे का गवाह बना. देशभर में पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने को मिला. खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार यह घटना लंबे समय तक चलेगी और भारत समेत कई देशों में इसका शानदार दृश्य देखा गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ग्रहण नग्न (Total Lunar Eclipse Indian Time) आंखों से भी स्पष्ट रूप से दिखेगा, बशर्ते आसमान में बादल न हों.
कब और कैसे दिखेगा ग्रहण?
स्पेस साइंटिस्ट डॉ. सुवेंदु पटनाइक के मुताबिक, चंद्र ग्रहण की शुरुआत रात 9:37 बजे शुरु हुआ. करीब 11 बजे चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाएगा और लाल रंग का नज़ारा दिखेगा, जिसे लोग ‘ब्लड मून’ कहते हैं. यह स्थिति रात 12:22 बजे तक बनी रहेगी. उन्होंने बताया कि अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse Time India) अब 3 मार्च 2026 को होगा. वहीं नेहरू प्लैनेटेरियम के सीनियर इंजीनियर ओपी गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में ग्रहण (chandra grahan aaj rat) का पेनुम्ब्रल फेज़ (आरंभिक चरण) रात 8:58 बजे शुरू हुआ, आंशिक ग्रहण 9:57 बजे से दिखा और रात 11:48 बजे इसका चरम होगा. यह स्थिति लगभग 48 मिनट तक रहेगी और रात 1:26 बजे ग्रहण पूरी तरह समाप्त होगा.

भारत ही नहीं, कई देशों में दिखेगा नज़ारा
वैज्ञानिकों के अनुसार यह चंद्र ग्रहण सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान, चीन, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी साफ दिखाई देगा. एमपी बिड़ला प्लैनेटेरियम के पूर्व निदेशक डॉ. देवी प्रसाद ने इसे वैश्विक अद्भुत दृश्य बताया और कहा कि हर (chandra grahan 2025) किसी को इसे ज़रूर देखना चाहिए क्योंकि यह हमें सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के बीच के संबंध की याद दिलाता है. नेहरू प्लैनेटेरियम के सीनियर इंजीनियर ओपी गुप्ता ने कहा कि ग्रहण को देखने से आंखों को कोई नुकसान नहीं होता. लोग आराम से इसे देख सकते हैं. उन्होंने बताया कि खाने-पीने पर रोक जैसी बातें सिर्फ अंधविश्वास हैं, इसका विज्ञान से कोई संबंध नहीं. उन्होंने कहा कि ग्रहण के दौरान लोग भोजन और पानी सामान्य रूप से ले सकते हैं.
पुरानी मान्यताएं और धार्मिक दृष्टिकोण
दूसरी ओर, पुजारी महेंद्र नाथ का कहना है कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से शुरू हो गया है. उनके अनुसार रात 9:57 बजे ग्रहण का स्पर्श होगा और 1:26 बजे इसका मोक्ष. धार्मिक मान्यता के मुताबिक ग्रहण के दौरान बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाओं को छोड़कर बाकी लोगों को भोजन नहीं करना चाहिए. ज्योतिषीय दृष्टि से उन्होंने बताया कि यह ग्रहण कुंभ राशि पर पड़ रहा है, इसलिए कुंभ राशि वालों को (Chandra Grahan 2025) सावधानी बरतनी चाहिए. उन्हें महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने की सलाह दी गई है. वहीं मेष, वृश्चिक और धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण शुभ माना जा रहा है.
चंद्र ग्रहण क्या होता है?
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है. इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और उसकी चमक कम हो जाती है. कभी-कभी चंद्रमा पूरी तरह लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है. ऐसा तब होता है जब सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरती है और चंद्रमा तक पहुंचती है. चंद्र ग्रहण सिर्फ पूर्णिमा के दिन ही संभव है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाएं। यह घटना लगभग हर छह महीने पर किसी न किसी रूप में घटित होती है. ग्रहण की अवधि और प्रकार इस बात पर निर्भर करते हैं कि चंद्रमा पृथ्वी की छाया के कितने करीब से गुजर रहा है.

निहारने का सुनहरा अवसर
यह इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण है. इससे पहले मार्च 2025 में भी ग्रहण लगा था. वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों का कहना है कि यह अवसर दुर्लभ है और लोगों को इसे ज़रूर देखना चाहिए. आज रात का आसमान हर किसी को प्रकृति की उस अद्भुत लीला से रूबरू कराएगा, जिसमें सूर्य-पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आकर हमें याद दिलाते हैं कि ब्रह्मांड में हमारी जगह कितनी अद्भुत है.




