ग्रामीणों के द्वार पर सरकारः झांझरा में 613 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ।*
*लाभ भी, समाधान भीः 181 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,*
*11 आयुष्मान, 20 आधार अपडेशन, 04 लोगों की पेंशन मौके पर स्वीकृत*
*शिविर में दर्ज 98 में से 37 शिकायतें मौके पर निस्तारित*
*देहरादून 06 जनवरी,2026(सू.वि)*
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत मंगलवार को सहसपुर ब्लॉक की न्याय पंचायत झांझरा में तहसीलदार विवेक राजौरी की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया तथा विभागीय योजनाओं के माध्यम से 613 लोगों को लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, जिला अध्यक्ष मीता सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 98 शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें से 37 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पेयजल, विद्युत, सिंचाई, प्रधानमंत्री आवास, अवैध खनन एवं अतिक्रमण से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।
झांझरा ग्राम प्रधान अर्जुन कुमार ने 300 मीटर लंबी एसटी विद्युत लाइन को निजी संपत्ति से हटाकर मुख्य मार्ग के किनारे स्थानांतरित कराने, बरसाती नालों के निर्माण तथा मौजा बंशीवाला स्थित अंबेडकर पार्क की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग रखी। साथ ही झांझरा में सरकारी भूमि पर हाट बाजार लगाने की अनुमति की मांग भी की।
ग्राम अटकफार्म की प्रधान सुनीता देवी ने डुंगा रेंज वन क्षेत्र एवं वन पंचायत की भूमि के बीच सीमा विवाद के समाधान हेतु वन विभाग से सीमांकन कराने की मांग की। कंडोली ग्राम प्रधान कोमल ने ग्राम पंचायत के प्रमुख स्थलों एवं चौराहों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जाने की मांग रखी।
सिद्धौवाला ग्राम प्रधान ने जल संस्थान के माध्यम से गांव में पानी के बिल भुगतान हेतु शिविर लगाने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को भुगतान में आ रही कठिनाइयों का समाधान हो सके। साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल लाइन बिछाने एवं आंगनबाड़ी भवन की स्वीकृति प्रदान करने की मांग भी रखी।
यूकेडी के सहसपुर ब्लॉक अध्यक्ष यशपाल सिंह नेगी ने पछवादून क्षेत्र में नदी-नालों के किनारे हो रहे अवैध कब्जों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। जनसुनवाई के दौरान फरियादी दिनेश नौटियाल ने अपने घर के सामने से विद्युत खंभा हटाने, रमेश चंद्र ने हरबर्टपुर जैन गेट के सामने लटकी विद्युत लाइन एवं खंभे को ठीक कराने की मांग रखी। वहीं झांझरा निवासी मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत करने की गुहार लगाई।
बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 77, होम्योपैथिक में 64 तथा आयुर्वेदिक में 40 लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। राजस्व विभाग ने 26 प्रमाण पत्र जारी किए। कृषि विभाग ने 8 एवं उद्यान विभाग ने 20 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग ने 04 पात्र व्यक्तियों की पेंशन मौके पर स्वीकृत की। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 28 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त बाल विकास विभाग ने 20, एनआरएलएम ने 28 तथा श्रम विभाग ने 15 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया। सेवायोजन विभाग द्वारा 20 छात्रों को करियर काउंसलिंग दी गई, जबकि यूको बैंक ने 25 ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी।
शिविर में सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, जिला अध्यक्ष मीता सिंह, जिला महामंत्री यशपाल नेगी, जिला पंचायत सदस्य कंचन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मेघ सिंह, ग्राम प्रधान अर्जुन कुमार, सलोनी, निधि गैरोला, आरती नैनवाल, कोमल सहित तहसीलदार विवेक राजौरी, खंड विकास अधिकारी मुन्नी शाह, ग्राम विकास अधिकारी चमन प्रकाश नौटियाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।





मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में भारतीय मानक संस्था के रूप में शुरू हुई यह यात्रा आज देश की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बीआईएस द्वारा मानकीकरण, प्रमाणीकरण और गुणवत्ता परीक्षण के माध्यम से न केवल उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया गया है, बल्कि उपभोक्ताओं के जीवन में भरोसे और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मानकीकरण का क्षेत्र केवल उद्योग जगत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन एवं डिजिटल सेवाओं तक विस्तृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, रिसाइकिल सामग्री एवं हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में समयानुकूल मानक तय कर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो सतत विकास के लक्ष्य के अनुरूप इकोलॉजी और इकॉनमी के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में सराहनीय योगदान दे रहा है। राज्य में बीआईएस द्वारा लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, एमडीडीए, यूपीसीएल सहित विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करते हुए मानकीकरण संबंधी जागरूकता और सहयोगात्मक कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियान देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के आधार स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद विश्व में गुणवत्ता का मानदंड बनें यह प्रधानमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में बीआईएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।








शिविर में 80 प्रतिशत अनुदान पर अज्जू तोमर (ग्राम सुपौऊ) एवं इन्द्र सिंह (ग्राम तारली) को पावर वीडर, सुनील तोमर (ग्राम कोटतारली) को चेक कटर तथा सुनील (ग्राम अस्टी) को आटा चक्की प्रदान की गई।”

*08 से 10 बीघा भूमि पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई*