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नववर्ष के शुभ अवसर पर ताज ऋषिकेश द्वारा सामुदायिक भोज का आयोजन

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ऋषिकेश।
नववर्ष के पावन अवसर पर ताज ऋषिकेश रिज़ॉर्ट एंड स्पा, उत्तराखंड द्वारा एक सराहनीय सामाजिक पहल के अंतर्गत प्रगति मार्ग फाउंडेशन के सहयोग से सामुदायिक भोज का सफल आयोजन किया गया। इस पूरे कार्यक्रम की संकल्पना, आयोजन, भोजन व्यवस्था एवं सेवा प्रबंधन ताज ऋषिकेश रिज़ॉर्ट एंड स्पा द्वारा पूर्ण रूप से किया गया।


कार्यक्रम के दौरान स्थानीय समुदाय एवं बच्चों को ताज ऋषिकेश की ओर से पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन परोसा गया। आयोजन का उद्देश्य नववर्ष की खुशियाँ समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाना तथा सेवा, संवेदनशीलता और सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
यह पहल ताज समूह की सामाजिक उत्तरदायित्व योजना ‘पाथ्य (Paathya)’ के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसके माध्यम से ताज ऋषिकेश समाज के उत्थान एवं सामुदायिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम में ताज परिवार के सदस्यों ने स्वयं उपस्थित रहकर सेवा प्रदान की, जिससे मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जुड़ाव का संदेश और अधिक सशक्त हुआ।


ताज ऋषिकेश रिज़ॉर्ट एंड स्पा भविष्य में भी इस प्रकार की सामाजिक पहलों के माध्यम से समुदाय के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सावधान: उत्तराखंड के मुख्य सचिव के नाम पर बनाया गया फर्जी फेसबुक अकाउंट, साइबर ठगों ने शुरू की ठगी 

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​देहरादून। उत्तराखंड के प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (IAS Anand Bardhan) के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर अज्ञात साइबर ठगों ने फेसबुक पर एक फर्जी (Fake) अकाउंट तैयार किया है। इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है और कुछ मामलों में पैसों की मांग किए जाने की भी आशंका जताई गई है।
​मामला क्या है?
​जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने मुख्य सचिव की आधिकारिक फोटो और पदनाम का दुरुपयोग करते हुए हूबहू उनके जैसा दिखने वाला प्रोफाइल बनाया है। जैसे ही यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया, हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस अकाउंट से सचिवालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता को जोड़ने की कोशिश की जा रही थी।
​साइबर सेल हुई सतर्क
​मामला उजागर होने के बाद उत्तराखंड पुलिस की साइबर सेल को तुरंत अलर्ट कर दिया गया है। आईटी एक्सपर्ट्स इस फर्जी अकाउंट के IP एड्रेस और उसे संचालित करने वाले लोकेशन को ट्रेस करने में जुट गए हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के फर्जीवाड़े के जरिए ठग लोगों का भरोसा जीतकर उनसे वित्तीय धोखाधड़ी या गोपनीय जानकारी जुटाने का प्रयास करते हैं।
​मुख्य बातें और प्रशासन की अपील:
​सतर्क रहें: मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वे इस तरह के किसी व्यक्तिगत अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट या आर्थिक मदद नहीं मांगते।
​अनदेखा करें: यदि आपके पास भी मुख्य सचिव के नाम से कोई संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है, तो उसे स्वीकार न करें।
​रिपोर्ट करें: ऐसे किसी भी संदिग्ध अकाउंट को तुरंत फेसबुक पर रिपोर्ट करें और पुलिस को सूचित करें।
​”साइबर अपराधी अब बड़े अधिकारियों की पहचान चुराकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” – साइबर थाना पुलिस, देहरादून

मंत्री सुबोध उनियाल ने 4302.52 लाख की तपोवन नगर पंपिंग पेयजल योजना का किया शिलान्यास 

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आज नरेंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत तपोवन में ₹4302.52 लाख की लागत से बनने वाली तपोवन नगर पंपिंग पेयजल योजना का विधिवत शिलान्यास माननीय मंत्री श्री सुबोध उनियाल द्वारा किया गया।


यह महत्वाकांक्षी योजना क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने, स्थानीय नागरिकों और व्यवसायिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने तथा भविष्य की बढ़ती मांगों के अनुरूप स्थायी समाधान प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*इस अवसर पर मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि* राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विनीता बिष्ट, सभासद श्रीमती ज्योति कंडारी, श्रीमती आशा बिष्ट, श्री नरेंद्र कैंतुरा, श्री वीरेंद्र गुसाईं सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।

 

भ्रष्टाचार की शिकायत पर डीएम का सख्त एक्शन: अवैध वसूली पर पटवारी निलंबित

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ऑडियो साक्ष्य आधार पर डीएम ने की निलम्बन की कार्रवाई; तहसीलदार को सौंपी प्रकरण की विस्तृत जांच

पटवारी को किया कालसी तहसील, रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध;

भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के मामलों में जिला प्रशासन की शून्य सहिष्णुता नीति

देहरादून, दिनांक 02 जनवरी 2026 (सू.वि.), लाखामण्डल क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
लाखामण्डल, चकराता, देहरादून निवासियों द्वारा जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ के साथ अपने संयुक्त शिकायती पत्र में ऑडियो साक्ष्य (पेनड्राइव) भी संलग्न किया गया था।  जिसमें आरोप लगाया गया कि जयलाल शर्मा द्वारा क्षेत्र में तैनाती के बाद छोटे से बड़े दस्तावेज तैयार करने, फर्जी विक्रय पत्र, दाखिल-खारिज आदि कार्यों के नाम पर किसानों, काश्तकारों तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के गरीब लोगों से खुलेआम नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से अवैध धनराशि वसूली जा रही थी।
जिलाधिकारी द्वारा प्रकरण की कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर प्रकृति के पाए गए, जिसके दृष्टिगत निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक मानी गई। उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया आधार पर जिलाधिकारी द्वारा जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के आदेश दिए गए।
निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के अंतर्गत अर्द्ध औसत वेतन के समतुल्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके साथ ही नियमानुसार महंगाई भत्ता भी अनुमन्य होगा, बशर्ते संबंधित कर्मचारी द्वारा यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए कि वह इस अवधि में किसी अन्य सेवा, व्यवसाय अथवा व्यापार में संलग्न नहीं है। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर अपनी आख्या जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।  जिलाधिकारी के अनुमोदन उपरांत उप जिलाधिकारी मुख्यालय द्वारा निलंबन आदेश विधिवत जारी कर दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के मामलों में शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जा रही है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

प्रशासन गांव की ओरः न्याय पंचायत छिद्दरवाला में जिला प्रशासन ने सुनी ग्रामीणों की समस्या

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मुख्यमंत्री के निर्देशनः एसडीएम ने ग्राउंड जीरो पर किया समस्या का समाधान,*

*160 में से 32 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण,*

*छिद्दरवाला बहुउद्देशीय शिविरः 2082 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ,*

*विकास योजनाएं, जनता का अधिकार-प्रभावी अमल हमारी प्राथमिकता- एसडीएम।*

*देहरादून। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा की अध्यक्षता में न्याय पंचायत छिद्दरवाला स्थित सैनिक कल्याण भवन में वृहद बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आम जनता को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

इस अवसर पर माननीय विधायक श्री प्रेम चन्द्र अग्रवाल, राज्यमंत्री श्री सुरेन्द्र मोघा, दर्जाधारी राज्यमंत्री श्रीमती मधु भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से कुल 2082 लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा उप जिलाधिकारी के समक्ष कुल 160 शिकायतें एवं समस्याएं प्रस्तुत की गईं। इनमें ग्राम्य विकास की 18, राजस्व की 26, विद्युत विभाग की 14, लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग की 13-13, वन विभाग की 19, पंचायती राज विभाग की 09, लघु सिंचाई की 08 तथा पशुपालन विभाग की 06 शिकायतें शामिल थीं। उप जिलाधिकारी द्वारा समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनते हुए 32 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

बहुउद्देशीय शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक पद्धति से 530, होम्योपैथिक से 119 तथा आयुर्वेदिक पद्धति से 106 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा 347 पशुपालकों को पशु औषधियाँ वितरित की गईं।

कृषि विभाग द्वारा 97 तथा उद्यान विभाग द्वारा 34 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक पेंशन से संबंधित 56 समस्याओं का समाधान किया गया। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 41 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी करवाई गई।

पंचायती राज विभाग द्वारा किसान, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा परिवार रजिस्टर से संबंधित 82 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त, डेयरी विभाग द्वारा 80, बाल विकास विभाग द्वारा 06 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई तथा कुल 123 पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

एनआरएलएम के अंतर्गत 123, शिक्षा विभाग के 02, उद्योग विभाग के 12, वन विभाग के 24, रीप योजना के अंतर्गत 102 तथा सैनिक कल्याण विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

इस बहुउद्देशीय शिविर में मा0 विधायक प्रेम चन्द्र अग्रवाल, राज्यमंत्री सुरेन्द्र भोगा, दर्जा धारी राज्य मंत्री मधु भट्ट, जिप सदस्य विजय लक्ष्मी पंवार, ज्येष्ठ प्रमुख धनवीर वेदवाल, पूर्व ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, ग्राम प्रधान गोकुल रमोला, शैलेन्द्र रांगड, भोर सिंह असवाल, भावना गुंरग, तहसीलदार चमन सिंह, बीडीओ परशुराम सकलानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थनीय जन प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

खैरी मानसिंह बहुउद्देशीय शिविर में सीएम धामी ने किया  प्रतिभाग : 930 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

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जन सेवा के संकल्प के साथ सीएम धामी ने खैरी मानसिंह में बहुउद्देशीय शिविर में किया प्रतिभाग

*वयोश्री योजना के अंतर्गत सीएम ने 52 बुजुर्गों को 210 सहायक उपकरण किए प्रदान,*

*42 आधार अपडेट, 04 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 20 आयुष्मान कार्ड जारी*

*शिविर में उठीं 106 शिकायतें, 25 का सीडीओ ने मौके पर किया निस्तारित,*

*जन-जन के द्वार पहुँची सरकार, बहुउद्देशीय शिविर बने ग्रामीणों की बड़ी राहत,*

*देहरादून।
जनसेवा को समर्पित संकल्प “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को रायपुर ब्लॉक की न्याय पंचायत खैरी मानसिंह में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने शिविर में स्थापित विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और योजनाओं का लाभ पंक्ति में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर 10 बालिकाओं को किशोरी किट, 04 महिलाओं को महालक्ष्मी किट तथा वयोश्री योजना के अंतर्गत 52 वृद्धजनों को कुल 210 सहायक उपकरण वितरित किए गए। कार्यक्रम में रायपुर विधायक श्री उमेश शर्मा (काऊ), क्षेत्र पंचायत प्रमुख श्रीमती सरोजनी जवाड़ी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 106 शिकायतें एवं समस्याएँ प्रस्तुत की गईं। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना तथा 25 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान विभिन्न विभागीय स्टॉलों के माध्यम से कुल 930 लाभार्थियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

ग्रामीणों द्वारा निर्माणाधीन सोंग बाँध परियोजना से न्याय पंचायत खैरीमानसिंह के गाँवों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी गई, जिस पर परियोजना के अधिशासी अभियंता ने बताया कि इन गाँवों को डीपीआर में सम्मिलित कर लिया गया है। मालदेवता क्षेत्र में नेटवर्क समस्या के समाधान हेतु सीडीओ ने बीएसएनएल टावर स्थापित करने के निर्देश दिए। वहीं पीएचसी मालदेवता में बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए पीएचसी को 10 बेड का करने हेतु सीएमओ को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

खैरी मानसिंह में खेल मैदान निर्माण के संबंध में युवा कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया कि प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा चुका है। प्राथमिक विद्यालय हिलांसवाली के जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निष्प्रयोज्य भवनों के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। प्राथमिक विद्यालय अखंडवाली में चारदीवारी निर्माण को जिला योजना में शामिल किया गया है। पूर्व प्रधान द्वारा आंगनबाड़ी भवन हेतु पूर्ण धनराशि न मिलने की शिकायत पर बीडीओ को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों ने जंगली जानवरों की समस्या को लेकर खेतों में घेरबाड़, फेंसिंग एवं सोलर लाइट की व्यवस्था की मांग की, जिस पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त आपदा से क्षतिग्रस्त कॉजवे, सिंचाई गूल, पैदल मार्ग, सड़क सुधारीकरण एवं बाढ़ सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग भी रखी गई।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 117, होम्योपैथिक में 83 तथा आयुर्वेदिक में 130 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। शिविर में 42 लोगों का आधार अपडेशन, 04 दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं 20 आयुष्मान कार्ड मौके पर निर्गत किए गए। पशुपालन विभाग द्वारा 26 पशुपालकों को पशु औषधियां प्रदान की गईं। राजस्व विभाग ने 35 आय प्रमाण पत्र, 15 खतौनी, 06 किसान सम्मान निधि एवं 03 विरासत प्रमाण पत्र जारी किए।

कृषि विभाग ने 33 तथा उद्यान विभाग ने 44 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग द्वारा वयोश्री योजना के अंतर्गत 52 वृद्धजनों को 210 सहायक उपकरण वितरित किए गए। साथ ही 02 लोगों की वृद्धावस्था पेंशन मौके पर ही स्वीकृत कर ऑनलाइन की गई। जिला पूर्ति विभाग ने 35 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई। पंचायती राज विभाग द्वारा किसान, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन तथा परिवार रजिस्टर से संबंधित 40 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त, डेयरी विभाग ने 34, बाल विकास विभाग ने 10 किशोरी किट, 04 महालक्ष्मी किट, एनआरएलएम ने 25, श्रम विभाग ने 05, पर्यटन 06, शिक्षा 02, उद्योग 12, वन विभाग 13, लीड बैंक 13, रीप 32, सेवायोजन 08, उरेड 07, सैनिक कल्याण 03, सहकारिता विभाग ने 08 लाभार्थियों को लाभान्वित किया।

इस बहुउद्देशीय शिविर में रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ), ब्लॉक प्रमुख सरोजनी जवाड़ी, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ग्राम प्रधान खेरी श्रीमती लीलावती नेगी, मंडल अध्यक्ष उज्ज्वल नेगी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, एसडीएम हरि गिरि, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, सीएमओ डॉ. एम.के. शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी वी.के. ढौडियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घड़ियाल, बाल विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

CM धामी ने किया बुक्सा जनजाति समाज के राजा जगतदेव की प्रतिमा का  किया वर्चुअल अनावरण

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उधमसिंह नगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उधमसिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर डलबाबा में बुक्सा जनजाति समाज के राजा जगतदेव की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजा जगत देव जी का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और बलिदान की स्मृति को नमन करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि राजा जगत देव जी ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह केवल वीरता की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आस्था की अदम्य शक्ति की प्रतीक गाथा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, कोटद्वार सहित अनेक क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को जीवंत रखे हुए हैं। राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण, इतिहास के दस्तावेजीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा जगत देव जी की गौरवगाथा को शोध कार्य भी होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित तीन घोषणाएँ भी कीं—ग्राम सभा रोशनपुर स्थित श्री डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी, टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा।

इस अवसर ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, दर्जामंत्री मंजीत सिंह राजू, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर श्री नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा मौजूद थे।

अंकित भंडारी हत्याकांड: विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें, सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार: सुबोध उनियाल

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पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने वालों को सरकार देगी सुरक्षा, सभी जांच के लिए तैयार : सुबोध उनियाल*

*बिना साक्ष्य, जांच की कोशिश, सजायाफ्ताओं को कानूनी फायदा पहुंचा सक सकती है!*

देहरादून 2 जनवरी। कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने अंकिता प्रकरण विवाद पर स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाले या अन्य व्यक्ति, विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें, सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट, एसआईटी जांच को सही मानते हुए, सीबीआई जांच से इनकार कर चुकी है। लिहाजा सिर्फ अपुष्ट आरोप के आधार पर कार्रवाई हुई तो सजायाफ्ता दोषियों को कानूनी फायदा पहुंच सकता है।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए, श्री उनियाल ने कहा, बेटी के साथ हुई इस घटना से समूची देवभूमि दुखी थी। मामले को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए, धामी सरकार ने तत्काल महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी फोरेंसिक और व्यवहारिक सबूतों को एकत्र किया गया और न्यायालय में मजबूती से पैरवी की गई। पीड़ित परिवार की सहमति से की गई इस तरह कार्रवाई की गई कि आरोपियों को जमानत तक नहीं लेने दी गई। इस सबके आधार पर दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है।

जहां तक सवाल है, सीबीआई जांच का तो, सरकार किसी भी जांच से गुरेज नहीं है, लेकिन विश्वसनीय साक्ष्य सामने तो आएं। उन्होंने आग्रह किया कि सोशल मीडिया में आरोप लगाने वाले व्यक्तियों से भी में विशेष अनुरोध है कि वे सामने आकर, साक्ष्य प्रस्तुत करें। सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी, और उनके ही नहीं किसी अन्य पक्ष के पास भी कोई पुख्ता साक्ष्य हैं तो जांच एजेंसी को सौंपे। यदि उनमें थोड़ी सी भी सच्चाई पाई गई तो उसमें बड़ी से बड़ी जांच के लिए सरकार तैयार है।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, प्रकरण की विवेचना के बाद जब एक पक्ष सीबीआई जांच की संस्तुति के लिए न्यायालय पहुंचा था। तो ट्रायल कोर्ट, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने भी एसआईटी द्वारा की गई कार्यवाही को सही और सक्षम मानते हुए किसी अन्य जांच से इनकार कर दिया था। तीनो न्यायालयो ने माना कि किसी भी वीआईपी को बचाने का कोई प्रयास नही किया गया है और विवेचना में कोई वीआईपी होना पाया भी नहीं गया। उपरोक्त केस की पैरवी ट्रायल कोर्ट में मृतिका के परिजनों की इच्छानुसार नियुक्त विशेष अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई थी व उनके द्वारा वीआईपी व विवेचना के सम्बन्ध में कोई आपत्ति नही की गई थी।

इसी तरह क्राइम सीन पर बुल्डोजर चलाने के आरोप पर स्पष्ट किया कि कोर्ट ने भी माना, मृतका के कमरे की तोड़ फोड़ से पूर्व ही एफएसएल टीम द्वारा सभी साक्ष्य इकट्ठा कर लिये थे। लिहाजा कहीं कहीं एक खास नजरिया स्थापित करने की दृष्टि से भी यह दुष्प्रचारित किया जा रहा है। वहीं विवेचना के दौरान कई बार आम जन से अपील की गई थी कि किसी के पास इस प्रकरण के सम्बन्ध में साक्ष्य हों तो उपलब्ध करायें और किसी के भी द्वारा कोई साक्ष्य नहीं दिये गये थे।

उन्होंने वर्तमान में सीबीआई जांच की मांग को लेकर उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि पुख्ता सबूत सामने आने पर सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है। लेकिन उससे पहले इस तरह का निर्णय, सजायाफ्ताओं को फायदा पहुंचा सकता है। क्योंकि आरोप लगाने वाले सोशल मीडिया ऑडियो वीडियो में दुखद मौत के कारण को लेकर दोहरी बयानबाजी की गई है, उसकी न्यायालय में प्रस्तुति, अभियुक्तों की जमानत का रास्ता भी खोल सकती है। लिहाजा कहीं न कहीं अन्य पक्षों द्वारा जा रही इस तरह की कोशिशें दोषियों को लाभ पहुंचाने की साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।वर्तमान में वायरल रिकार्डिंग में कोई समय और तिथि स्पष्ट नहीं है।
इसमें व्यक्ति द्वारा अंकिता की सुसाइड की बात कहना अभियुक्त को फायदा पंहुचाने की नीयत से कहा गया, ऐसा प्रतीत होता है। क्योकि अपराधी पूर्व में हत्या के आरोप मे सजा पा चुके हैं। मामला अभी अपील पर है, इस प्रकार के तथ्य लाना अभियुक्तों को फायदा पंहुचा सकता है।

जो फिलहाल रिकार्डिंग सामने आई है उसके किसी सुनियोजित तरीके से किए जाने की आशंका है और इसको जानबूझकर लीक करने की योजना मालूम पड़ती है। रिकार्डिंग में बिना किसी साक्ष्य के एक-दो लोगों का नाम बार-बार लिया जाना उन्हे व्यक्तिगत क्षति पंहुचाने का आशय प्रतीत होता है।

लिहाजा सरकार का मानना है कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। इसलिए जब तक आरोप लगाने वाले व्यक्ति, कोई विश्वसनीय सबूत प्रस्तुत नहीं करते हैं तब तक जल्दबाजी में कुछ भी निर्णय करना, पूरी कानूनी प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है। साथ ही आरोप लगाया कि बिना साक्ष्यों के जांच की बात करने वाले आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे अपराधियों बचाने का प्रयास कर रहे हैं ।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री श्री कुंदन परिहार, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती कमलेश रमन भी मौजूद रही।

मनवीर सिंह चौहान
प्रदेश मीडिया प्रभारी
भाजपा उत्तराखंड

लक्ष्मण इंटर कॉलेज देहरादून में आपदा प्रबंधन से संबंधित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन में

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जिलाधिकारी महोदय, देहरादून के निर्देशों के अनुपालन में तथा अपर जिलाधिकारी महोदय (वित्त एवं राजस्व), देहरादून के कुशल मार्गदर्शन में दिनांक 01 जनवरी 2025 को Lakshman Inter College, देहरादून में आपदा प्रबंधन से संबंधित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत एनएसएस (NSS) के कुल 50 स्वयंसेवी विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मास्टर ट्रेनर श्री राजू शाही, श्री सुशील सिंह कैंतुरा एवं श्री मोहित सिंह द्वारा विद्यार्थियों को भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, अग्निकांड, वज्रपात, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी (Evacuation) एवं आपदा के समय अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों के संबंध में सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता, तत्परता तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता का विकास करना रहा। With Regards DDMA Dehradun 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

नंदा-सुनंदा: बालिकाओं की शिक्षारूपी पूजा से जिला प्र्रशासन ने शुरू किया साल का पहला दिन

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जिला प्रशासन के लक्ष्य तय; बालिकाओं को बनाना ही है सशक्त; 04 बालिका बनी नंदा-सुनंदा; 1.55 लाख से शिक्षा पुनर्जीवित

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा 11वां संस्करण; अब तक 93 बालिकाओं की शिक्षा 33.50 लाख से पुनर्जीवित

परिस्थितियों की मार झेल रही जीविका अंथवाल पिता आईसीयू में भर्ती; जिला प्रशासन बना सहारा शिक्षा पुनर्जीवित

पिता कि हो गई मृत्यु, परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़; नंदनी राजपूत व नव्या नैनवाल की शिक्षा हुई बाधित तो दोनों परिवारों की बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने को जिला प्रशासन ने बढाए हाथ

बालिका दिव्या के दिव्यांग माता-पिता की खराब आर्थिकी; आंकाशी की दयनीय परिवारिक स्थिति दोनो परिवारों की बेटियों की शिक्षा जिला प्रशासन ने की पुनर्जीवित

आप अपने लक्ष्य लिए कड़ी मेहनत करें; निर्धनता, परिस्थियां मेधावियों की शिक्षा के आडे़ नही आने देगा जिला प्रशासनःडीएम

देहरादून, दिनांक 01 जनवरी 2026 (जि.सू.का.) नववर्ष के प्रथम दिवस जिला प्रशासन देहरादून द्वारा समाज के अंतिम छोर पर खड़ी जरूरतमंद बालिकाओं के जीवन में शिक्षा की नई किरण प्रज्वलित की गई। जिला कलेक्टेªट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत 04 बालिकाओं की बाधित शिक्षा को 1.55 लाख धनराशि से पुनर्जीवित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री सविन बंसल द्वारा बालिकाओं को शिक्षा सहायता हेतु चेक वितरित किए गए।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि प्रोजेक्ट नंदादृसुनंदा के अब तक 11वां संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 33.50 लाख रुपये की सहायता से 93 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि नववर्ष की शुरुआत हम सभी पूजा-अर्चना से करते हैं, ऐसे में वर्ष के प्रथम दिवस जरूरतमंद नंदा-सुनंदा बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित कर कार्य की शुरुआत करना अत्यंत संतोष और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश एवं निरंतर प्रयास रहते हैं कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। इसके लिए जिलों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं सृजित करने निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से जनपद देहरादून में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा सहित कई महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकारों से जुड़े नवाचारात्मक प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियाँ आती रहती हैं, उनसे घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि साहस एवं संकल्प के साथ उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह सहयोग तभी सार्थक होगा जब बालिकाएं लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा और परिश्रम के साथ शिक्षा जारी रखेंगी। उन्होंने अपेक्षा की कि भविष्य में सक्षम होने के उपरांत बालिकाएं अन्य जरूरतमंदों की सहायता हेतु आगे आएँगी तथा समाज सेवा, संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना को आत्मसात करेंगी। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सरकार एवं जिला प्रशासन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव सहयोगी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान लाभान्वित बालिकाओं ने भावुक होकर जिला प्रशासन एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
बालिका नंदनी राजपूत ने बताया कि वर्ष 2018 में उनके पिता का दुर्घटना में निधन हो गया था। वह तीन बहनें हैं और माता सिलाई-बुनाई कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। आर्थिक तंगी के कारण 11वीं कक्षा की फीस जमा न हो पाने से उनकी शिक्षा बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन ने पुनर्जीवित किया। बालिका दिव्या ने बताया कि उनके पिता दुर्घटना में दिव्यांग हो गए थे और लगभग 18 माह तक बेड पर रहे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो गई। गरीबी उनकी पढ़ाई में बाधा बनने लगी थी, ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा उनकी 9वीं कक्षा की शिक्षा पुनर्जीवित की गई। आकांशी धीमान ने बताया कि परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उनकी 8वीं कक्षा की पढ़ाई बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन की सहायता से पुनः सुचारू किया गया। नव्या नैनवाल ने बताया कि पिता की मृत्यु के उपरांत परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और उनकी शिक्षा उनके परिजन पर बोझ बन गई थी, जिसे जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ पुनर्जीवित किया।
इसके अतिरिक्त दून विश्वविद्यालय से स्नातक कर रही जीविका अंथवाल ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं और आईसीयू में भर्ती हैं। आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण उनकी उच्च शिक्षा बाधित हो रही थी। अपनी व्यथा सुनाते हुए वह भावुक हो उठीं और बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से उनकी शिक्षा पुनर्जीवित हो सकी है। कार्यक्रम का समापन लाभार्थी बालिकाओं द्वारा सरकार, माननीय मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती सहित सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकत्री तथा बालिओं के अभिभावक उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।