जनसुविधा और हरित परिवहन का संगमः सखी कैब बेड़े में आधुनिक मिनी ईवी बसें जल्द, जिला प्रशासन की तैयारी पूरी
जिला प्रशासन की ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग होगी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस
पल्टन बाजार, राजपुर रोड, सचिवालय रूट पर निःशुल्क शटल बस सेवा, 10 स्थानों पर बनेंगे ड्रॉप पिकअप प्वाइंट
स्मार्ट और ग्रीन ट्रांसपोर्टः देहरादून शहर में दौडेगी 13 सीटर आधुनिक मिनी ईवी बसें, प्रशासन ने किया एमओयू
देहरादून ।
मा० मुख्यमत्री के मार्गदर्शन में देहरादून जिला प्रशासन द्वारा परेड ग्राउंड व तिब्बती मार्केट स्थित ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग के लिए शीघ्र ही आधुनिक मिनी बसों को ईवी शटल सेवा बेडे में शामिल करने जा रहा है, जिसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर जा रही है। इस दिशा में प्रशासन ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। ईवी शटल सेवा के अंतर्गत 13 सीटर नई आधुनिक इलेक्ट्रिक मिनी बसें खरीदी जाएंगी, जिसके लिए जिला प्रशासन ने एडॉर्न एजेंसी के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने वर्चुअल माध्यम से स्मार्ट सिटी, एडॉर्न संस्था एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि ईवी शटल बसों की खरीद प्रक्रिया शीघ्र पूरी करते हुए उनके संचालन से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बस स्टॉपेज, वेटिंग एवं चार्जिंग स्टेशन, डिज़ाइन, रूट चार्ट एवं पार्किंग संबंधी कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग में वाहन पार्क करने वाले लोगों को आधुनिक ईवी शटल मिनी बसों के माध्यम से निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान की जाएगी, जबकि आम जनता के लिए न्यूनतम टिकट दर निर्धारित की जाएगी। प्रथम चरण में 05 आधुनिक ईवी मिनी बसों की खरीद की जा रही है, जिसे भविष्य में आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जाएगा।
मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा शहर को जाम से राहत दिलाने एवं जनमानस को बेहतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर के तीन स्थानों पर ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण कराया गया है। इन पार्किंग सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए ईवी सखी कैब सेवा के बाद अब जल्द आधुनिक ईवी मिनी बस शटल सेवा शुरू की जा रही है, जिससे वाहन पार्क करने वाले लोगों सहित आम नागरिकों को आवागमन की सुविधा मिलेगी।
वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा ऑटोमेटेड पार्किंग सुविधा के अंतर्गत ‘फ्री सखी कैब सुविधा” संचालित की जा रही है, जिसके तहत जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, देहरादून को नई ईवी गाड़ियां (टाटा पंच) आवंटित की गई हैं। ये वाहन पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले वाहन स्वामियों को नजदीकी भीड़भाड़ एवं व्यस्त क्षेत्रों तक निःशुल्क लाने-ले जाने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
शहर को जाम से निजात दिलाने और पार्किंग व्यवस्था में सुधार के लिए निर्मित तीन ऑटोमेटेड पार्किंग स्थलों में परेड ग्राउंड (111 वाहन क्षमता), तिब्बती मार्केट (132 वाहन क्षमता) एवं कोरोनेशन (18 वाहन क्षमता) शामिल हैं। ईवी शटल सेवा शुरू होने के बाद घंटाघर, सुभाष रोड, गांधी पार्क, परेड ग्राउंड सहित लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में निःशुल्क ईवी बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
वर्चुअल बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसीईओ स्मार्ट सिटी तीरथ पाल सिंह, एडरॉन संस्था के अधिकारी विजय कुमार, सलाहकार युवराज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।





मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसे मेले स्थानीय उत्पादों को मंच प्रदान करते हैं और इनमें लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी स्मृति-चिन्ह एवं भेंट अब स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को बल मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान का आह्वान करते हुए आमजन से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों एवं मेले से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल, वोकल फॉर लोकल और मेड इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। केदारनाथ एवं बद्रीविशाल के प्रांगण में मास्टर प्लान के अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं तथा रोपवे निर्माण एवं रेल परियोजनाओं से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन तथा होमस्टे योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हैं और उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।
अपर जिला अधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता पर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर कोई भी समस्या अनावश्यक लंबित न रहे। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों पर आम जनता को शत प्रतिशत योजनाओं से आच्छादित करने और स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं के निराकरण हेतु सभी न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीय शिविर लगाए जा रहे है। ताकि प्रत्येक व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
बहुउद्देशीय शिविर में न्याय पंचायत माजरीग्रांट के साथ बालकुमारी, लालतप्पड़ पाल बस्ती, मुश्लिम कॉलोनी, कालू वाला के ग्रामीण लोगों ने सड़क, पेयजल, विद्युत से जुड़ी समस्या रखी। शिविर में ग्राम्य विकास विभाग 14, राजस्व विभाग की 15, लोनिवि की 17, सिंचाई की 14, पंचायतीराज की 09, वन विभाग की 08, उरेडा की 05 सहित अन्य विभागों की 28 शिकायतें प्राप्त हुई। जिसमें से 23 शिकायतों को मौके पर ही समाधान किया गया।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह तथा उनके चारों साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह साहब के साहिबजादों का जीवन त्याग, शौर्य, धर्मरक्षा और देश भक्ति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हँसते-हँसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास के साथ विश्व में भी वीरता और साहस का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इतिहास में ऐसा साहस, दृढ़ता और धर्मनिष्ठ त्याग कहीं और देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा नन्हें वीरों ने धर्म परिवर्तन स्वीकार करने के बजाय मृत्यु को स्वीकार किया। इन वीर साहिबजादों ने ये सिद्ध कर दिया कि स्वधर्म और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने कहा इस अमर बलिदान को आने वाली पीढ़ियाँ कभी भुला नहीं सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पहली बार वीर साहिबजादों को उनका वास्तविक सम्मान दिया। प्रधानमंत्री ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित कर पूरे राष्ट्र को सिखों के गौरवशाली इतिहास से जोड़ा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम अपने गौरवशाली अतीत को संजोने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही वीर बलिदानियों के सपनों का भारत गढ़ने की दिशा में भी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।



मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि यह अवसर केवल एक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को नमन करने का है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिखाया कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का संकल्प होती है। उत्तराखंड राज्य निर्माण से लेकर देश को नई दिशा देने तक, उन्होंने हमेशा युवाओं, खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सपना देखा। आज खेलों के माध्यम से जो सशक्त, आत्मविश्वासी और अनुशासित युवा भारत उभर रहा है, यह अटल जी के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर उनका उत्साह बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ सांसद खेल महोत्सव आज केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गाँव-गाँव से खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुका है। इस महोत्सव ने प्रदेश के युवाओं को एक ऐसा मंच दिया है, जहाँ से वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं। यह “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” के संदेश को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण है। इसके माध्यम से स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को पुनर्जीवित किया गया है और हर वर्ग के बच्चों को खेल के अवसर मिले हैं। खेल, युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।