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सीएम धामी अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक हुई सपन्न: 11 प्रस्तावों पर लगी मुहर

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धामी कैबिनेट में उपनल कर्मचारियों के साथ ही चिकित्सा शिक्षा, आयुष्मान योजना, सस्ती गैस, किसानों, कलाकारों एवं औद्योगिक क्षेत्र में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई , जिसमें 11 प्रस्तावों पर मोहर लगी।

कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

1. राज्य में नैचुरल गैस पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड राज्य में पर्यावरण संवर्द्धन एवं वर्तमान परिदृश्य में हरित (Green) तथा स्वच्छ (Clean) ऊर्जा की अवधारणा लागू होने के कारण राज्य की विभिन्न औद्योगिक विकास योजनाओं के अन्तर्गत प्रदूषण मुक्त औद्योगिक इकाईयों को स्थापित किये जाने को प्राथमिकता दिये जाने एवं कर संवर्द्धन की सम्भावना के दृष्टिगत् राज्य में पी०एन०जी० एवं सी०एन०जी० पर वर्तमान में लागू 20 प्रतिशत कर की दर को घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है।

2. आपदा से प्रभावित धराली / आसपास के क्षेत्र (उत्तरकाशी) के रॉयल डिलीशियस सेब का ₹ 51 / प्रति किलोग्राम तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब का ₹ 45 / प्रति किलोग्राम की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उपार्जन करने तथा इसकी धनराशि घोषणा मद से स्वीकृत किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया।

3. उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन बढ़ाने का कैबिनेट ने लिया निर्णय।

प्रदेश की सांस्कृतिक परम्पराओं एवं ऐतिहासिक क्षेत्रीय लोक कलाओं, गीतों, नृत्यों, वाद्ययंत्रों एवं साहित्य को जीवित रखने एवं इनका प्रचार-प्रसार करने वाले प्रदेश के कलाकारों तथा लेखकों को वृद्धावस्था में जीवीकोपार्जन हेतु वर्ष 2010 में मासिक पेंशन की धनराशि ₹ 3000 निर्धारित करते हुए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन नियमावली, 2010 प्रख्यापित की गयी थी। वर्तमान में वर्ष 2010 की अपेक्षा मंहगाई दर कहीं अधिक हो चुकी है। जिसे देखते हुए संस्कृति विभाग के द्वारा वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को दी जा रही मासिक पेंशन ₹ 3000 से बढ़ाकर ₹ 6000 किये जाने हेतु उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

4. भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में संशोधन किये जाने की व्यवस्था का कैबिनेट ने दिया अनुमोदन।

भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन, जो भवन निम्न जोखिम वाले हैं (जैसे सिंगल रेसिडेंशियल हाउस, छोटे व्यवसाय भवन ), उन भावनो को इंपैनल आर्किटेक्चर द्वारा स्वप्रमाणित करते हुए नक्शा पास कराए जा सकते हैं।

भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन जिनमें जोखिम की सम्भावना कम है, में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किए जाने के संबंध में की गई व्यवस्था का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके अंतर्गत सम्बन्धित निर्माणकर्ता द्वारा भवन का निर्माण/पुनर्निर्माण के आवेदन के साथ SC-1, SC-2 Form सहित समस्त अभिलेख सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अनुमोदन हेतु सूचना प्रस्तुत करेगा कि भवन प्लान न्यून जोखिम श्रेणी के भवन के रूप में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किया गया है। जिसमें सभी प्रकार के शुल्क भी देय होंगे।

05. उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संशोधन) विनियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के निर्णय का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।

कंप्लायंस बर्डन को कम करने, व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने तथा इसे और अधिक स्पष्ट करने के लिए औद्योगिक भूखण्डों के सम्बन्ध में आवश्यक संशोधन विलोपन और परिवर्द्धन के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संसोधन) विनियम-2022 यथासंशोधित, 2024 में संशोधन किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत एम.एस.एम.ई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिटों के ग्राउंड कवरेज को बढ़ाया गया है

 

6 . उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् की परियोजनायें एक निश्चित समयावधि के अन्तर्गत क्रियान्वित की जानी होती है। इसमें बदलती परिस्थितियों में विशेषज्ञता की भी आवश्यकता होती है तथा इसके ढांचे में व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रकृति के पद के 13 स्थाई पद पूर्व से सृजित हैं। जिन्हें खुले बाजार या आउटसोर्स पर रखे जाने की आवश्यकता को देखते हुए 13 पदों का संशोधित ढांचा स्वीकृत किया गया है।

7. सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों की वर्कचार्ज सेवा अवधि को पेंशन हेतु आगणित किये जाने का कैबिनेट में लिया निर्णय।

8. राज्य में आयुष्मान एवं अटल आयुष्मान योजना को 100% इंश्योरेंस मोड में और गोल्डन कार्ड को हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने पर कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड मोड में गोल्डन कार्ड को संचालित किए जाने पर ₹ 5 लाख से कम के क्लेम इंश्योरेंस मोड एवं 5 लाख से ऊपर का क्लेम ट्रस्ट मोड में किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड का बकाए करीब 125 करोड़ को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

9. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

इसके अंतर्गत प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के उम्र को बढ़ाकर 50 से बढ़ाकर 62 कर दिया गया है। सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज एवं नए NMC के नियमों के अनुसार सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी डिपार्टमेंट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक स्वामी राम कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के लिए 4 पदों का सृजन किया गया है।

 

10. राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबन्धन समिति आदि के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन प्रदान किए जाने का प्रकरण कैबिनेट ने मंत्रिमंडल की उपसमिति को भेजा ।

11. पी०एम०एच०एस० संवर्ग के अन्तर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय/दुर्गम/अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें दिये जाने हेतु तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने हेतु 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता अनुमन्य किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड राज्य पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें देने तथा वहां ठहराव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता (वेतन मैट्रिक्स लेवल में न्यूनतम वेतनमान का 50 प्रतिशत) अनुमन्य किए जाने का फैसला लिया गया है। उक्त भत्तें को सेवानिवृत्ति के उपरान्त पेंशनरी लाभों की गणना में सम्मिलित नहीं किया जायेगा। उक्त भत्ता पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्र के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों ही अनुमन्य होगा। उक्त चिकित्सकों को शासनादेश दिनांक 19.9.2014 के द्वारा मूल वेतन (ग्रेड पे को छोड़कर) का 20 प्रतिशत् अतिरिक्त अनुमन्य रूप से प्राप्त देय भत्ता समाप्त माना जायेगा। राज्य के पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों में सम्बद्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को उक्त भत्ता देय नहीं होगा।

इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून में परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब के लिये भूमि को सूचना विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उक्त प्रेस क्लब का भवन नजूल भूमि पर स्थित है। जिस वजह से उक्त भूमि पर नक्शा पास करने में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सूचना विभाग भूमि हस्तांतरण के बाद प्रेस क्लब की बिल्डिंग बना कर देगा।

CM धामी ने सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल का किया विधिवत शुभारंभ:  केदरकांठा पर्यटक दल को किया रवाना 

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सीएम धामी ने सांकरी में आयोजित केदरकांठा पर्यटन, तीर्थाटन , शीतकालीन महोत्सव में किया प्रतिभाग

सांकरी केवल एक गांव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का जीवंत है संग्रहाल: सीएम धामी

सीएम धामी ने सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल का किया विधिवत शुभारंभ:  केदरकांठा पर्यटक दल को किया रवाना

उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तरकाशी जिले के सांकरी में आयोजित केदारकांठा पर्यटन तीर्थाटन शीतकालीन महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन नगरी सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ करते हुए केदरकांठा के पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


तेजी से उभरते हुए पर्यटन केंद्र सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल में पहुंचे सीएम धामी का पारंपरिक ऊनी परिधान‌ पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने केदरकांठा जाने वाले पर्यटक दल को हरी ठंडी दिखाकर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों से संवाद किया तथा विंटर फेस्टिवल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांकरी केवल एक गांव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। पहली बार सांकरी आगमन पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के स्नेह और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला, लोकगीत, लोकनृत्य और सरल पहाड़ी जीवनशैली उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद केदारकांठा, हर्षिल, औली, मुनस्यारी और सांकरी जैसे क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है, जिससे सीमांत गांवों में पलायन रुक रहा है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल और पर्यटन से जुड़े कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क,बिजली और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तरकाशी में पार्किंग निर्माण,सड़क परियोजनाएं,पुरोला उप जिला चिकित्सालय और तिलोथ विद्युत गृह जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को मजबूत कर रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध व आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विंटर फेस्टिवल में विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश लाल ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न मांगों का एक मांग पत्र सौंपा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक द्वारा एक विस्तृत एवं लंबी सूची सौंपी गई है,जिसे वह अपने साथ ले जा रहे हैं। सभी मांगों का परीक्षण कर यथा संभव घोषणाओं में शामिल किया जाएगा। तटाउ महाविद्यालय सड़क मार्ग को भी घोषणा में सम्मिलित करेंगे।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत रमेश चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा नागेंद्र चौहान,दर्जा राज्य मंत्री जगत सिंह चौहान,प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, पूर्व विधायक मालचंद, ब्लाक प्रमुख रणदेब राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा सतेंद्र सिंह राणा,मंडल अध्यक्ष शांकरी राजीव कुंवर, मोरी प्रेम चौहान,पुरोला रामचंद्र पंवार,ओबीसी मोर्चा चंडी प्रसाद बेलवाल,परशुराम जगूड़ी,भगत सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह देवजानी, मुकेश टम्टा, लोकेंद्र कंडियाल,जगमोहन सिंह, कृपाल राणा, नारायण सिंह चौहान,त्रेपन सिंह राणा सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, स्थानीय लोग,जनप्रतिनिधि, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग एवं पर्यटक उपस्थित रहे।

 

साहस और त्याग की मिसाल हैं गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादे -रेखा आर्या

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उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गरिमामय कार्यक्रम के साथ मनाया वीर बाल दिवस

राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 08 बच्चों को कैबिनेट मंत्री ने किया सम्मानित*

*देहरादून । वीर बाल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बुधवार को अनुसंधान विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) ऑडिटोरियम, सर्वे चौक देहरादून में एक गरिमायम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरू गोविंद सिंह जी के चारों वीर साहिबजादों- साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में साहस, नैतिक मूल्यों, आत्मसम्मान तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रसार करना था।

मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आर्शीवचन पत्र के माध्यम से वीर बाल दिवस को महान वीर बालकों के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अनुपम बलिदान को अद्वितीय बताया। इस दौरान हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के विद्यार्थियों द्वारा गुरुबाणी कीर्तन की भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुति दी और सभी बच्चों, शिक्षकों एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा एक सुर में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गायन भी किया गया।

कार्यक्रम में माननीय कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि साहिबजादों का साहस, त्याग और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा आज भी बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर मानवता, धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जो भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नन्हें साहिबजादों ने अत्याचारियों की बात न मानते हुए सिख धर्म की उस महान परम्परा को आगे बढ़ाया, जिसमें अन्यायी शासकों के सामने कभी न झुकने की शिक्षा दी गई है। उन्होंने कहा कि यह दिन एक संदेश देता है कि सच्चे साहस और बलिदान की कोई उम्र सीमा नहीं होती। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह के महान बलिदानी पुत्रों की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में मनाये जाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभाार व्यक्त किया। मा0 मंत्री ने बच्चों को देश का उज्ज्वल भविष्य बताते हुए उन्हें आत्मविश्वास और मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 08 बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर वैष्णवी सिंह, यमायर तोमर एवं योहाना तोमर को प्रमाण देकर सम्मानित किया गया। वहीं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में सूरज देव वर्मा, सारलोंग हानसे, योगा में अंकित पटेल, टेवल टेनिस में दनिराज त्रिपुरा तथा निबंध प्रतियोगिता में हेम्फू सारमोन एंग्थी को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा0 गीता खन्ना ने कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को बाल अधिकारों, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और सुरक्षित एवं समावेशी समाज बनाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बताया कि संकटग्रस्त बच्चों की सहायता एवं संरक्षण के लिए 24 घंटे 1098 टोल-फ्री आपातकालीन सेवा उपलब्ध है। डॉ0 खन्ना ने जिला प्रशासन की पहल पर साधु राम इंटर कॉलेज, देहरादून में संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर की सराहना करते हुए कहा भीख मांगने वाले या स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को शिक्षा देकर मुख्यधारा से जोड़ना एक सराहनीय प्रयास है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने वीर बाल दिवस पर बच्चों के अधिकारों, कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों की जानकारी दी तथा देश की महान विभूतियों के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रशासन की ओर से बच्चों के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी दी तथा कहा कि समाज का भविष्य बच्चों के हाथों में है, इसलिए उन्हें सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

आयोग के पदाधिकारियों ने भी बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए साहस, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, बच्चों, शिक्षकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, आयोग के सचिव डॉ0 शिव कुमार वरनवाल, अनु सचिव डा.एसके सिंह, आयोग के पूर्व सदस्य विनोद कपरवान, डीपीओ जितेन्द्र कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित बड़ी संख्या में स्कूलों छात्र-छत्राएं, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

CM धामी ने किया सहकारिता मेले का शुभारंभ: बोले सहकारिता केवल आर्थिक मॉडल नहीं, सामाजिक परिवर्तन का माध्यम

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सहकारिता के ज़रिए किसानों, महिलाओं और युवाओं को मिल रहा सीधा लाभ: सीएम धामी

महिला सहकारिता और स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रुपये के ब्याजमुक्त ऋण*

उत्तराखंड में सहकारिता बनी पारदर्शिता और तकनीक की मिसाल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित सहकारिता मेला 2025 में प्रतिभाग किया। यह आयोजन “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” एवं उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता मेला केवल उत्पादों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सहकारिता शक्ति, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता भारतीय जीवन पद्धति का मूल संस्कार रही है, जहां व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज के सामूहिक हित के लिए कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में सहकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है, इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने के लिए देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज सहकारिता सुधारों में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। पूरे देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत उत्तराखंड से हुई और आज प्रदेश की सभी 670 सहकारी समितियां पूर्णतः डिजिटल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले किसान दफ्तरों के चक्कर काटता था, वहीं आज मोबाइल फोन के माध्यम से सभी सेवाओं से जुड़ रहा है— यही कांग्रेस के कागजी मॉडल और भाजपा के जमीनी मॉडल का अंतर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समितियां अब केवल ऋण देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयां, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में बीमा, पेंशन, बिजली बिल, आधार एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं कभी बोझ मानी जाती थीं, वे आज जनता के लिए सुविधा केंद्र बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सहकारी समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और सहकारी संस्थाओं को ब्याजमुक्त ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज सहकारी बैंकों में हजारों करोड़ रुपये की जमा पूंजी जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सहकारिता समितियों और स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे लाखों महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को केवल नारे दिए, जबकि भाजपा सरकार ने अवसर दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए भी संकल्पबद्ध है। अवैध कब्जों, लैंड जिहाद और अवैध संरचनाओं पर सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध मदरसों पर कार्रवाई, ऑपरेशन कालनेमि और समान नागरिक संहिता इसी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है, जिसके चलते हजारों युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नौकरी बिकती थी, जबकि आज योग्यता के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।

भ्रष्टाचार पर सरकार की नीति स्पष्ट बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीरो टॉलरेंस के तहत कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा— चाहे वह बड़ा अधिकारी हो या छोटा कर्मचारी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित “स्टेट फोकस पेपर 2026-27, उत्तराखंड” का विमोचन किया तथा सहकारी समूहों को पांच-पांच लाख रुपये के ब्याजमुक्त ऋण के चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहकारिता मेला आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक जनआंदोलन बनेगा और प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को और अधिक मजबूती देगा।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक खजान दास, सविता कपूर सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही…

“दून पीजी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में किसान दिवस कार्यक्रम का आयोजन”

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आज दिनाँक 23.12.2025 को दून पी जी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सभागार में चौधरी चरण सिंह जी की जयंती के अवसर पर किसान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दून ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन श्री डी एस चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि आज हम सभी को चौधरी चरण सिंह जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के विकास में कृषि क्षेत्र का विशिष्ट योगदान है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में यूकॉस्ट के वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने कहा भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का विशेष योगदान रहता है कृषि क्षेत्र को समृद्धशाली बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना है और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी के बताए हुए कार्यों को अंगीकृत करना है जिस देश का किसान खुशहाल हो और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकेगी उन्होंने यूकॉस्ट द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों मां धारा नमन के विषय में बताते हुए कहा कि आज आवश्यकता टेक्नोलॉजी के साथ-साथ इकोलॉजी पर भी विषय ध्यान देने की है । कृषि के क्षेत्र में उन्नत टेक्नोलॉजी के साथ-साथ भारतीय कृषि पद्धतियों को अपनाये जाने, मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने, जैविक उत्पादों को प्रमोट करने की जरूरत है।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक श्री संजय चौधरी ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और हमारे देश की प्रगति में योगदान देता है।

संस्थान के प्राचार्य डॉ आर जी उपाध्याय ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे 10 किसानों को भी किसान दिवस के अवसर पर संस्थान एवं अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर पंचायत सेलाकुई के अध्यक्ष श्री सुमित चौधरी, सभासद श्री अरशद अली, दून पीजी कॉलेज के एडमिन कोऑर्डिनेटर श्री अनुज सिंह राणा, स्विफ्ट लाइफ साइंस कंपनी के श्री गणेश त्रिपाठी, संस्थान के उपप्राचार्य डॉ रूप किशोर शर्मा, पूर्व प्राचार्य डॉ आर आर द्विवेदी, परीक्षा नियंत्रक श्री आरके मिश्रा, डॉ प्रीति सक्सेना, श्री गौरव वर्मा, ऋषभ शर्मा सहित 100 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

डॉ आर जी उपाध्याय
प्राचार्य

MDDA की अवैध निर्माणों हुई सख्त कार्रवाई: शिमला बाई क्षेत्र में चलाया गया सीलिंग अभियान

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प्राधिकरण क्षेत्र में जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी– बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शिमला बाई क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माणों पर सीलिंग की प्रभावी कार्रवाई की गई। एमडीडीए का स्पष्ट कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत मुकेश द्वारा शिमला बाई-पास रोड, एस0आर0 पैट्रोल पम्प के निकट, नया गांव देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। जांच में पाया गया कि उक्त निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त संग्राम सिंह द्वारा रतनपुर, शिमला बाई-पास रोड देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।

एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध निर्माण न केवल नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि यातायात, पर्यावरण और जनसुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसी कारण प्राधिकरण द्वारा ऐसे निर्माणों के विरुद्ध लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह पूरी कार्रवाई संयुक्त सचिव एमडीडीए गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान सहायक अभियन्ता शशांक सक्सेना, अवर अभियन्ता ललित नेगी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण एवं नियमानुसार संपन्न किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। बिना स्वीकृति किए जा रहे व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माण शहर की नियोजित विकास व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे निर्माणों से आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमडीडीए की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी अपील है कि निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सभी निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों के अनुरूप ही किए जाएं। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। एमडीडीए ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करें और किसी भी प्रकार के निर्माण से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य लें।

 

जन जन की सरकार आपके द्वारः न्याय पंचायत सभावाला में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित

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सभावाला बहुउद्देशीय शिविरः 515 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

*बहुउद्देशीय शिविर में 245 लोगों की जांच, निःशुल्क दवाओं का वितरण*

*मा0 मुख्यमंत्री संकल्प को मिली धरातल पर गति, सभावाला न्याय पंचायत में जन समस्याओं की सुनवाई*

*शिविर में उठीं 117 शिकायतें, 72 का मौके पर समाधान,*

*देहरादून।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत मंगलवार को विकासनगर ब्लॉक की न्याय पंचायत सभावाला में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा जन समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में मा0 विधायक सहदेव पुंडीर, ज्येष्ठ उप प्रमुख गुलफाम अली सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

बहुउद्देशीय शिविर में कुल 117 समस्याएं प्राप्त हुई। जिसमें से 72 शिकायतों का एसडीएम ने मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष विभागीय समस्याओं के संबंध में एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए 15 दिनों के भीतर निस्तारण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

विकासनगर क्षेत्र में मुख्य रूप से भूमि विवाद, सिंचाई, लघु सिंचाई एवं नलकूप से संबंधित समस्याएं सामने आईं। ग्राम माजरी निवासी प्रकाश, शमशेर एवं बिल्लो देवी ने अपनी निजी भूमि पर अवैध निर्माण किए जाने, विरोध करने पर मारपीट एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को भूमि अभिलेखों की जांच कर तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। शिविर में एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके समाधान को सुनिश्चित किया गया।

शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 105, होम्योपैथिक में 90 तथा आयुर्वेदिक में 50 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। पशुपालन द्वारा 22, कृषि 21, उद्यान 02, मत्स्य 01, डेयरी 05, राजस्व विभाग 02, लोनिवि 02, सैनिक कल्याण 06, विद्युत 20, सेवायोजन 09, रीप परियोजना 08, बाल विकास 50, एनआरएलएम 20, समाज कल्याण 22, पूर्ति विभाग 18, उद्योग 03, श्रम विभाग 28 तथा पंचायती राज विभाग द्वारा 12 लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग द्वारा 24 तथा सेवायोजन विभाग द्वारा 09 लोगों को करियर काउंसलिंग प्रदान की गई।

शिविर में मा0 विधायक सहदेव पुंडीर, ज्येष्ठ उप प्रमुख गुलफाम अली, जिला मंत्री यशपाल सिंह नेगी, मंडल अध्यक्ष रवि कश्यप, जिला पंचायत सदस्य सविता देवी, बीडीसी सदस्य शेरपुर, बद्रीपुर, प्रधान सभावाला, हसनपुर शकुन्तला, शेरपुर, टिपरपुर, बद्रीपुर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

“सांसद खेल महोत्सव” के अंतर्गत पवेलियन ग्राउंड में हुआ विभिन्न खेल प्रतियोगिता का आयोजन 

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भाजपा राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा के तत्वाधान मे खेल,शिक्षा एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित “सांसद खेल महोत्सव” जनपद/संसदीय क्षेत्र मे विभिन्न खेल प्रतियोगिता का आयोजन हाॅकी ग्राउंड,पवेलियन ग्राउंड,देहरादून मे हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन मा. कैबिनेट मंत्री श्री धन सिंह रावत जी,मा. सांसद श्री नरेश बंसल जी व मा. विधायक खजानदास जी ने किया।

कार्यक्रम मे वॉलीबॉल,हॉकी,फुटबाॅल,खो-खो,कबड्डी,पिठू
एथलेटिक्स (100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर,) आदी की जनपद स्तरीय प्रतियोगिताएं हुई।जिसमे विभिन्न ब्लाक स्तर की विजेता टीमो ने भाग लिया।

मा. कैबिनेट मंत्री श्री धन सिंह रावत जी ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को नई उड़ान देने के उद्देश्य से देहरादून में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय फलक पर चमकने का अवसर प्रदान किया जायेगा।उन्होने कहा कि सांसद खेल महोत्सव प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया विजन से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से फिट, अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

डा. धन सिंह रावत ने कहा कि यह खेल महोत्सव प्रतिभाओं को गांव-गांव से आगे लाता है।इससे न केवल युवाओं में खेल भावना और अनुशासन बढ़ता है,बल्कि ऊर्जा और राष्ट्रनिर्माण का उत्साह भी पैदा होता है।उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा से जिले,प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुआ है, जिसका उद्देश्य गांव-गांव की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है व खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और उनकी प्रतिभा को निखारना है। उन्होंने बताया कि पहले ब्लाक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को अब जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव में प्रतिभाग करने का अवसर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत किया जा रहा है। आज भारत विश्व पटल पर खेलों में नई पहचान बना रहा है, जो प्रधानमंत्री की खेलों के प्रति विशेष रुचि और खेल बजट में बढ़ोतरी का परिणाम है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें बड़ा प्रोत्साहन दिया है।डा. नरेश बंसल ने कहा कि अलग-अलग खेलों के विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक विक्रम सिंह,युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पाण्डे,अपर परियोजना निदेशक सोनम गुप्ता,जिला क्रिड़ा अधिकारी रविन्द्र भण्डारी आदि अधिकारी,कोच व खिलाडी उपस्थित रहे।

द्वारा निजी सचिव
डा. नरेश बंसल जी
माननीय राष्ट्रिय सहकोषाध्यक्ष भाजपा एवं सासंद राज्यसभा

अंकित भंडारी हत्याकांड में वायरल ऑडियो टेप के बाद हुए खुलासे पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा 

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देहरादून 23 दिसम्बर:
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम दुष्यन्त गौतम उर्फ गट्टू के रूप में उजागर किये जाने एवं भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड द्वारा हत्याकांड में उपयोग किये गये वनन्तरा रिसार्ट पर स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट के इशारे पर बुल्डोजर की कार्रवाई किये जाने के खुलासे के बाद आज प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार का पुुतला दहन किया।
ज्योति रौतेला ने कहा कि भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम दुष्यन्त गौतम के रूप में उजागर किये जाने एवं भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड द्वारा हत्याकांड में प्रयोग किये गये वनन्तरा रिसार्ट पर स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट के इशारे पर बुल्डोजर की कार्रवाई किये जाने के खुलासे ने साबित कर दिया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के राज्य नेतृत्व के साथ-साथ शीर्ष नेतृत्व भी शामिल है तथा राज्य में भाजपा के पदाधिकारी और नेता सभी जनहित के कार्य करने की बजाय दुष्कर्मों में लिप्त है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड में वीआईपी के नाम का खुलासा करने में जहां राज्य की पुलिस नाकाम रही तथा पुलिस द्वारा मामले को उलझाने के लिए कमरे का नाम वीआईपी बताया जा रहा था अब पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड के बयानों ने साबित कर दिया है कि राज्य की पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए था कि अंकिता भण्डारी द्वारा अपने वाट्सअप चैट में गेस्ट हाउस में आने वाले वीआईपी को अतिरिक्त सुविधायें देने की बात कही गई थी या वीआईपी कमरे की बात की गई थी। पुलिस को यह भी साबित करना चाहिए कि भाजपा विधायक की पत्नी द्वारा बताये गये गट्टू नामक भाजपा नेता के पीछे का चेहरा कौन है?
प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि राज्य के सबसे जघन्य अंकिता भंडारी हत्याकांड मे सरकार और पुलिस के संरक्षण में भाजपा नेता के रिसोर्ट पर स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट द्वारा आनन-फानन में बुलडोजर चलवाकर सारे साक्ष्य मिटा दिए गए। पुलिस के ट्विटर हैडल से स्वीकारोक्ति को क्यों डिलीट कर दिया गया? वर्तमान पुलिस महानिदेशक को यह भी बताना चाहिए कि तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एवं अंकिता भण्डारी के पिता के बीच दूरभाष पर हुई बातचीत को सोशल मीडिया में जानबूझ कर क्यों वायरल किया गया? उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक जैसे पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा जानबूझ कर बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल कर निजता के अधिकार का भी उलंघन किया गया। पुलिस महानिदेशक को पहले इन सवालों के जवाब देने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस ने भाजपा सरकार के दबाव में जितनी तत्परता रिसोर्ट परा बुल्डोजर चलाने में दिखाई उतनी तत्परता दोषियों को पकड़ने में दिखाई होती तो पीडिता के ताता पिता को न्याय के लिए धूप-सर्दी में दर-दर भटकना नहीं पडता।
ज्योति रौतेला ने कहा कि विधायक की पत्नी द्वारा जिस प्रकार भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यन्त गौतम उर्फ गट्टू के रूप में अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीवीआईपी का नाम उजागर किया है उससे इस हत्याकांड में एक नहीं सैकड़ों सवाल हैं जिनके जवाब भाजपा सरकार के मुखिया पुष्कर सिंह धामी और पुलिस महानिदेशक की ओर से अनुत्तरित हैं। पुलिस महानिदेशक को भाजपा के प्रवक्ता के रूप में तथा पुष्कर ंिसह धामी को बलात्कारियों के संरक्षक के नहीं जनता के सेवक और संरक्षक के रूप में जवाब देने चाहिए।
पुतला दहन करने वालों में प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंडियाल थापा, महामंत्री पुष्पा पंवार, निधि नेगी, सुशीला शर्मा, देवेन्द्र कौर, दीपा चौहान, अनुराधा तिवाडी, भावना, नीरू सिंह, जिला उपाध्यक्ष पूनम सिंह, अनिता सकलानी, रूचि रौतेला, पिंकी गुसांई, अनीता, जस्सी, संतोष आदि महिला कांग्रेस पदाधिकारी शामिल थे।

ज्योति रौतेला
प्रदेश अध्यक्ष
महिला कांग्रेस

अंकित भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चाओं में:  पूर्व भाजपा विधायक के ऑडियो टेप से मचा घमासान

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BJP के पूर्व विधायक सुरेश राठौर का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा खुलासा कर रहे हैं।

वो बता रहे हैं- अंकिता की हत्या इसलिए हुई क्योंकि अंकिता के ऊपर दुष्यंत कुमार गौतम के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया जा रहा था। दुष्यंत कुमार गौतम BJP उत्तराखंड के प्रभारी हैं।

बेटियों के प्रति BJP नेता कैसी नीयत रखते हैं- ये इस बात की एक शर्मनाक सच्चाई है।

जब ये घटना घटी थी, तभी अंकिता के कमरे को बुल्डोजर से तोड़ा गया था, बिस्तर को जलाने की कोशिश की गई थी। ऐसी बातों से साफ हो गया था कि ये सबूतों को मिटाने की साजिश थी।

: उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष Ganesh Godiyal जी

📍 दिल्ली