धामी कैबिनेट में उपनल कर्मचारियों के साथ ही चिकित्सा शिक्षा, आयुष्मान योजना, सस्ती गैस, किसानों, कलाकारों एवं औद्योगिक क्षेत्र में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई , जिसमें 11 प्रस्तावों पर मोहर लगी।
कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
1. राज्य में नैचुरल गैस पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य में पर्यावरण संवर्द्धन एवं वर्तमान परिदृश्य में हरित (Green) तथा स्वच्छ (Clean) ऊर्जा की अवधारणा लागू होने के कारण राज्य की विभिन्न औद्योगिक विकास योजनाओं के अन्तर्गत प्रदूषण मुक्त औद्योगिक इकाईयों को स्थापित किये जाने को प्राथमिकता दिये जाने एवं कर संवर्द्धन की सम्भावना के दृष्टिगत् राज्य में पी०एन०जी० एवं सी०एन०जी० पर वर्तमान में लागू 20 प्रतिशत कर की दर को घटाकर 5 प्रतिशत किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है।
2. आपदा से प्रभावित धराली / आसपास के क्षेत्र (उत्तरकाशी) के रॉयल डिलीशियस सेब का ₹ 51 / प्रति किलोग्राम तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब का ₹ 45 / प्रति किलोग्राम की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उपार्जन करने तथा इसकी धनराशि घोषणा मद से स्वीकृत किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया।
3. उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन बढ़ाने का कैबिनेट ने लिया निर्णय।
प्रदेश की सांस्कृतिक परम्पराओं एवं ऐतिहासिक क्षेत्रीय लोक कलाओं, गीतों, नृत्यों, वाद्ययंत्रों एवं साहित्य को जीवित रखने एवं इनका प्रचार-प्रसार करने वाले प्रदेश के कलाकारों तथा लेखकों को वृद्धावस्था में जीवीकोपार्जन हेतु वर्ष 2010 में मासिक पेंशन की धनराशि ₹ 3000 निर्धारित करते हुए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन नियमावली, 2010 प्रख्यापित की गयी थी। वर्तमान में वर्ष 2010 की अपेक्षा मंहगाई दर कहीं अधिक हो चुकी है। जिसे देखते हुए संस्कृति विभाग के द्वारा वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को दी जा रही मासिक पेंशन ₹ 3000 से बढ़ाकर ₹ 6000 किये जाने हेतु उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
4. भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में संशोधन किये जाने की व्यवस्था का कैबिनेट ने दिया अनुमोदन।
भारत सरकार द्वारा प्रयोजित Ease of doing Business (EoDB) के अधीन भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन, जो भवन निम्न जोखिम वाले हैं (जैसे सिंगल रेसिडेंशियल हाउस, छोटे व्यवसाय भवन ), उन भावनो को इंपैनल आर्किटेक्चर द्वारा स्वप्रमाणित करते हुए नक्शा पास कराए जा सकते हैं।
भवन मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया में ऐसे भवन जिनमें जोखिम की सम्भावना कम है, में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किए जाने के संबंध में की गई व्यवस्था का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके अंतर्गत सम्बन्धित निर्माणकर्ता द्वारा भवन का निर्माण/पुनर्निर्माण के आवेदन के साथ SC-1, SC-2 Form सहित समस्त अभिलेख सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अनुमोदन हेतु सूचना प्रस्तुत करेगा कि भवन प्लान न्यून जोखिम श्रेणी के भवन के रूप में Empanalled Architect द्वारा स्वप्रमाणित किया गया है। जिसमें सभी प्रकार के शुल्क भी देय होंगे।
05. उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संशोधन) विनियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के निर्णय का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।
कंप्लायंस बर्डन को कम करने, व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने तथा इसे और अधिक स्पष्ट करने के लिए औद्योगिक भूखण्डों के सम्बन्ध में आवश्यक संशोधन विलोपन और परिवर्द्धन के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संसोधन) विनियम-2022 यथासंशोधित, 2024 में संशोधन किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत एम.एस.एम.ई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिटों के ग्राउंड कवरेज को बढ़ाया गया है
6 . उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद् की परियोजनायें एक निश्चित समयावधि के अन्तर्गत क्रियान्वित की जानी होती है। इसमें बदलती परिस्थितियों में विशेषज्ञता की भी आवश्यकता होती है तथा इसके ढांचे में व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रकृति के पद के 13 स्थाई पद पूर्व से सृजित हैं। जिन्हें खुले बाजार या आउटसोर्स पर रखे जाने की आवश्यकता को देखते हुए 13 पदों का संशोधित ढांचा स्वीकृत किया गया है।
7. सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों की वर्कचार्ज सेवा अवधि को पेंशन हेतु आगणित किये जाने का कैबिनेट में लिया निर्णय।
8. राज्य में आयुष्मान एवं अटल आयुष्मान योजना को 100% इंश्योरेंस मोड में और गोल्डन कार्ड को हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने पर कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड मोड में गोल्डन कार्ड को संचालित किए जाने पर ₹ 5 लाख से कम के क्लेम इंश्योरेंस मोड एवं 5 लाख से ऊपर का क्लेम ट्रस्ट मोड में किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड का बकाए करीब 125 करोड़ को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
9. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
इसके अंतर्गत प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के उम्र को बढ़ाकर 50 से बढ़ाकर 62 कर दिया गया है। सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज एवं नए NMC के नियमों के अनुसार सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी डिपार्टमेंट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक स्वामी राम कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के लिए 4 पदों का सृजन किया गया है।
10. राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबन्धन समिति आदि के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन प्रदान किए जाने का प्रकरण कैबिनेट ने मंत्रिमंडल की उपसमिति को भेजा ।
11. पी०एम०एच०एस० संवर्ग के अन्तर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय/दुर्गम/अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें दिये जाने हेतु तथा उनकी उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने हेतु 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता अनुमन्य किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।
उत्तराखण्ड राज्य पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों / दुर्गम क्षेत्रों में सेवायें देने तथा वहां ठहराव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 50 प्रतिशत् अतिरिक्त भत्ता (वेतन मैट्रिक्स लेवल में न्यूनतम वेतनमान का 50 प्रतिशत) अनुमन्य किए जाने का फैसला लिया गया है। उक्त भत्तें को सेवानिवृत्ति के उपरान्त पेंशनरी लाभों की गणना में सम्मिलित नहीं किया जायेगा। उक्त भत्ता पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्र के चिकित्सालयों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों ही अनुमन्य होगा। उक्त चिकित्सकों को शासनादेश दिनांक 19.9.2014 के द्वारा मूल वेतन (ग्रेड पे को छोड़कर) का 20 प्रतिशत् अतिरिक्त अनुमन्य रूप से प्राप्त देय भत्ता समाप्त माना जायेगा। राज्य के पर्वतीय / दुर्गम क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों में सम्बद्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को उक्त भत्ता देय नहीं होगा।
इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून में परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब के लिये भूमि को सूचना विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।उक्त प्रेस क्लब का भवन नजूल भूमि पर स्थित है। जिस वजह से उक्त भूमि पर नक्शा पास करने में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सूचना विभाग भूमि हस्तांतरण के बाद प्रेस क्लब की बिल्डिंग बना कर देगा।






मुख्यमंत्री ने कहा कि सांकरी केवल एक गांव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का जीवंत संग्रहालय है। पहली बार सांकरी आगमन पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के स्नेह और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला, लोकगीत, लोकनृत्य और सरल पहाड़ी जीवनशैली उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद केदारकांठा, हर्षिल, औली, मुनस्यारी और सांकरी जैसे क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है, जिससे सीमांत गांवों में पलायन रुक रहा है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल और पर्यटन से जुड़े कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क,बिजली और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तरकाशी में पार्किंग निर्माण,सड़क परियोजनाएं,पुरोला उप जिला चिकित्सालय और तिलोथ विद्युत गृह जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को मजबूत कर रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध व आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विंटर फेस्टिवल में विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आर्शीवचन पत्र के माध्यम से वीर बाल दिवस को महान वीर बालकों के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अनुपम बलिदान को अद्वितीय बताया। इस दौरान हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के विद्यार्थियों द्वारा गुरुबाणी कीर्तन की भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुति दी और सभी बच्चों, शिक्षकों एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा एक सुर में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गायन भी किया गया।
कार्यक्रम में माननीय कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि साहिबजादों का साहस, त्याग और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा आज भी बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर मानवता, धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जो भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नन्हें साहिबजादों ने अत्याचारियों की बात न मानते हुए सिख धर्म की उस महान परम्परा को आगे बढ़ाया, जिसमें अन्यायी शासकों के सामने कभी न झुकने की शिक्षा दी गई है। उन्होंने कहा कि यह दिन एक संदेश देता है कि सच्चे साहस और बलिदान की कोई उम्र सीमा नहीं होती। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह के महान बलिदानी पुत्रों की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में मनाये जाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभाार व्यक्त किया। मा0 मंत्री ने बच्चों को देश का उज्ज्वल भविष्य बताते हुए उन्हें आत्मविश्वास और मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 08 बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर वैष्णवी सिंह, यमायर तोमर एवं योहाना तोमर को प्रमाण देकर सम्मानित किया गया। वहीं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में सूरज देव वर्मा, सारलोंग हानसे, योगा में अंकित पटेल, टेवल टेनिस में दनिराज त्रिपुरा तथा निबंध प्रतियोगिता में हेम्फू सारमोन एंग्थी को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता मेला केवल उत्पादों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सहकारिता शक्ति, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता भारतीय जीवन पद्धति का मूल संस्कार रही है, जहां व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज के सामूहिक हित के लिए कार्य करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में सहकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है, इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने के लिए देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है।


प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत मुकेश द्वारा शिमला बाई-पास रोड, एस0आर0 पैट्रोल पम्प के निकट, नया गांव देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। जांच में पाया गया कि उक्त निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त संग्राम सिंह द्वारा रतनपुर, शिमला बाई-पास रोड देहरादून में किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।

बहुउद्देशीय शिविर में कुल 117 समस्याएं प्राप्त हुई। जिसमें से 72 शिकायतों का एसडीएम ने मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष विभागीय समस्याओं के संबंध में एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए 15 दिनों के भीतर निस्तारण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।


