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महिला प्राध्यापकों पर एकतरफा बोझ सरकारकी नीतिगत विफलता: डॉ. जसविंदर सिंह गोगी

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जनगणना 2027 पर प्राध्यापकों की ड्यूटी आवंटन पर कांग्रेस का विरोध

देहरादून। महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने जनगणना 2027 के लिए देहरादून जनपद के महाविद्यालयों के प्राध्यापकों, खासकर महिला प्राध्यापकों को एन्यूमरेटर की ड्यूटी देने के निर्णय पर गहरी आपत्ति जताई है।
डॉ. गोगी ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सभी का योगदान जरूरी है, लेकिन ड्यूटी आवंटन का तरीका पूरी तरह अनुचित, असंतुलित और लैंगिक भेदभावपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि ज्यादातर महिला प्राध्यापकों को ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पुरुष प्राध्यापकों को इससे लगभग मुक्त रखा गया है।
“नारी शक्ति वंदन का विरोधाभास”
डॉ. गोगी ने कहा, “एक तरफ सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और ‘नारी शक्ति वंदन’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं महिला प्राध्यापकों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। यह स्पष्ट नीतिगत विफलता और लैंगिक समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन है।”
शैक्षणिक कार्यों पर पड़ेगा बुरा असर
डॉ. गोगी ने बताया कि प्राध्यापक पहले से ही शिक्षण, अनुसंधान, प्रायोगिक परीक्षाएं, मौखिक परीक्षाएं, उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन और शैक्षणिक भ्रमण जैसे अत्यधिक जिम्मेदारी वाले कार्यों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में अतिरिक्त जनगणना ड्यूटी थोपना अव्यवहारिक है।
उन्होंने चेतावनी दी कि विश्वविद्यालय परीक्षाएं 5 मई 2026 से शुरू हो रही हैं। डीएवी (पीजी) कॉलेज जैसे बड़े महाविद्यालयों में हजारों छात्रों की परीक्षाएं तीन शिफ्टों में चल रही हैं। बड़ी संख्या में महिला प्राध्यापकों को बाहरी ड्यूटी पर भेजने से परीक्षा संचालन प्रभावित होगा और विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
प्राध्यापकों में व्याप्त असंतोष
डॉ. गोगी ने कहा कि इस निर्णय से प्राध्यापक वर्ग में काफी रोष है। यदि तुरंत पुनर्विचार नहीं किया गया तो शैक्षणिक व्यवस्था पर दूरगामी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
मांगें
डॉ. गोगी ने प्रशासन से तत्काल मांग की कि:
• ड्यूटी आवंटन में लैंगिक संतुलन और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
• प्राध्यापकों के पद, गरिमा और शैक्षणिक दायित्वों को ध्यान में रखा जाए।
• विश्वविद्यालय परीक्षाओं को प्राथमिकता देते हुए इस निर्णय की समीक्षा की जाए।
डॉ. गोगी ने कहा कि प्रशासन को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि न तो शैक्षणिक कार्य बाधित हों और न ही महिला प्राध्यापकों पर अनुचित बोझ पड़े।

सीएम आवास में 45 दिनों में 520 किलो शहद का उत्पादन: प्रदेश में शहद क्रांति की शुरुआत

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स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को दी जाएगी प्राथमिकता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि मात्र 45 दिनों की अल्प अवधि में यहां 520 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विशेषकर पर्वतीय एवं वन क्षेत्रों में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स (मधुमक्खी पेटियों) की स्थापना के लिए एक प्रभावी नीति बनाने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
स्वरोजगार योजना में प्राथमिकता
धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे जुड़े किसानों, युवाओं एवं उद्यमियों को विशेष सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में मौन पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि यह न केवल आय का स्रोत बनेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
‘थ्री-बी’ गार्डन की तैयारी
मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में वर्ष भर शहद उत्पादन के लिए उपयुक्त पुष्पीय एवं परागयुक्त पौधों का रोपण किया जाए। साथ ही ‘थ्री-बी’ गार्डन (Bird Friendly, Bee Friendly, Butterfly Friendly) विकसित करने की दिशा में तुरंत कार्य शुरू किया जाए।
उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस और हरेला पर्व जैसे अवसरों पर पूरे राज्य में ‘थ्री-बी’ आधारित बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाने का भी आह्वान किया।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा, “मधुमक्खी पालन स्वरोजगार का सशक्त माध्यम है। इससे स्थानीय स्तर पर आय बढ़ेगी, जैव-विविधता संरक्षित होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।”
यह पहल उत्तराखंड को देश के प्रमुख शहद उत्पादक राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

दून पुलिस ने छेड़छाड़-स्टॉकिंग करने वाले युवक को भेजा सलाखों के पीछे 

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देहरादून, लड़कियों का पीछा करने, घरों में घुसकर ताका-झांकी करने और छेड़छाड़ करने वाले अभियुक्त को दून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद एसएसपी देहरादून ने स्वयं मामले की मॉनिटरिंग की और सख्त निर्देश दिए।
थाना क्लेमेंटाउन क्षेत्र में घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त सोहेब हुसैन (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त पर पहले भी दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
घटना का विवरण
24 अप्रैल 2026 को प्रताप मार्ग, सुभाष नगर, क्लेमेंटाउन निवासी महिला ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया कि अक्टूबर 2025 से अब तक सोहेब हुसैन क्षेत्र की कई लड़कियों का पीछा कर रहा था, उन्हें डरा रहा था और कई बार घरों में घुसकर ताका-झांकी कर चुका है।
18 अप्रैल 2026 की सुबह जब वादीनी ड्यूटी से घर लौट रही थीं, तब आरोपी ने उनका पीछा किया और घर की दीवार फांदकर कमरे में घुसने का प्रयास किया। वादीनी ने बताया कि आरोपी की ऐसी कई घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।
प्राप्त तहरीर पर थाना क्लेमेंटाउन में मुकदमा नंबर-37/2026 धारा 77, 78, 79, 331(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया।
एसएसपी की निगरानी में त्वरित कार्रवाई
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने थानाध्यक्ष क्लेमेंटाउन को तुरंत अभियुक्त की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी को क्लेमेंटाउन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में सोहेब हुसैन ने बताया कि वह गाड़ी चलाता है और नशे का आदी है। वह रात में लड़कियों का पीछा करता था और मौका मिलने पर उनके घरों में घुसकर खिड़कियों व रोशनदानों से ताका-झांकी करता था। उसने पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं की हैं।
आपराधिक इतिहास
1. मु0अ0सं0-107/26, धारा 78(2), 331(2) बीएनएस, थाना पटेल नगर
2. मु0अ0सं0-595/24, धारा 303(2) बीएनएस, थाना पटेल नगर

 

सीएम धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

 

उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् के परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सीएम धामी ने दीं शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद्, रामनगर (नैनीताल) द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले क्रमशः एम.पी. हिन्दू इंटर कॉलेज, रामनगर (नैनीताल) के अक्षत गोपाल, एस.वी.एम. इंटर कॉलेज, चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) के इशांत कोठारी, जी.बी. पंत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, खैरना (नैनीताल) की भूमिका तथा विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मंडलसेरा (बागेश्वर) के योगेश जोशी से फोन पर संवाद कर उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाली सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बागेश्वर की गीतिका पंत, भंजूराम अमर इंटर कॉलेज, भूरारानी (उधमसिंह नगर) की सुशीला मेंदीरत्ता, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश के आर्यन तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मायापुर (हरिद्वार) की वंशिका से भी दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही छात्र-छात्राएं इस प्रकार की सफलता प्राप्त कर पाते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर आगे बढ़ें तथा राज्य एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है तथा मेधावी विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

 

यूकॉस्ट ने लेखक गांव में स्थापित की STEM प्रयोगशाला:  विज्ञान के प्रति छात्रों की रुचि को मिलेगा बढ़ावा

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देहरादून स्थित भारत के पहले “लेखक गाँव” में आज विज्ञान और सृजन का एक नया अध्याय जुड़ गया, जब उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के संयुक्त तत्वावधान में “S.T.E.M – जिज्ञासा कक्ष एवं प्रयोगशाला” का विधिवत उद्घाटन संपन्न हुआ।


कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई।
अटल प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य समारोह में उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर “लेखक गाँव” एवं “विज्ञान धाम” पर आधारित प्रेरणादायक वृत्तचित्रों का प्रदर्शन भी किया गया, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को इन अभिनव पहलों की विकास यात्रा और उद्देश्य से परिचित कराया।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा लेखक गाँव में जिज्ञासा कक्ष का लोकार्पण किया गया।
लेखक गाँव की निदेशक श्रीमती विदुषी ‘निशंक’ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि जिज्ञासा विज्ञान को जन्म देती है और नवाचार की दिशा में अग्रसर करती है। उन्होंने कहा कि “लेखक गाँव” में जिज्ञासा केवल प्रश्न नहीं, बल्कि सृजन का आधार बनेगी ।
मुख्य अतिथि, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि “लेखक गाँव” एक जीवंत प्रयोगशाला के रूप में विकसित हो रहा है, जहाँ प्रकृति और संस्कृति के सान्निध्य में ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान के नए आयाम सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने “जिज्ञासा कक्ष” को बच्चों के रचनात्मक और वैज्ञानिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं लेखक गाँव के संस्थापक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि UCOST की दूरदर्शिता इस पहल में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है, जो उत्तराखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि S.T.E.M केवल विषयों का समूह नहीं, बल्कि सोचने, समझने और सृजन की एक समग्र प्रक्रिया है। “आज लेखक गाँव में साहित्य के साथ विज्ञान की एक नई धारा भी प्रवाहित हो रही है, जो ज्ञान के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।” उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए जिज्ञासा, चिंतन और नवाचार को भारत की वास्तविक शक्ति बताया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में UCOST के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिज्ञासा को सफलता का मूल मंत्र बताया और उन्हें निरंतर प्रश्न पूछने और उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यूकॉस्ट और “लेखक गाँव” मिलकर नवाचार को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश नौटियाल ने जानकारी दी कि छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु प्रदेश में 200 से अधिक STEM प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। इसी क्रम में “लेखक गाँव” में इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि hands-on training के माध्यम से विज्ञान को सरल, रोचक और व्यावहारिक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही “Lab on Wheel” पहल के माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों के दूरस्थ विद्यालयों तक विज्ञान की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।
कार्यक्रम का संयोजन सनराइज एकेडमी की प्रबंध निदेशक पूजा पोखरियाल एवं प्रतिभा खत्री द्वारा किया गया।
इस अवसर पर पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सविता मोहन, डॉ. रीमा पंत, डॉ अनुज, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. राकेश सुंदरियाल, सचिव बालकृष्ण चमोली, संयुक्त निदेशक डॉ. प्रदीप कोठियाल, यूकॉस्ट के जनसंपर्क अधिकारी अमित पोखरियाल, अनिल शर्मा, थानो के ग्राम प्रधान चंद्र प्रकाश तिवारी सहित अनेक शिक्षाविद, गणमान्य अतिथि, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

लाॅ काॅलेज देहरादून की युवा संसद में राजनीतिक अपराधीकरण पर धूआँधार बहस

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लाॅ काॅलेज देहरादून की युवा संसद में पहुँचे पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी: एन मेरी स्कूल, देहरादून बना सर्वश्रेष्ठ डेलीगेट

देहरादून 25 अप्रैल। लाॅ काॅलेज देहरादून की 7वीं माॅडल यूनाइटेड नेशन काॅन्फ्रेंस एवं यूथ पार्लियामेंट में दूसरे दिन उत्साह की लहर दौड़ पड़ी जब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र एवं गोवा के पूर्व गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी जी युवा सांसदों को सम्बोधित करने पहुँचें। युवा संसद में गठित लोक सभा में आज संविधान के 130वें संशोधन का मुद्दा छाया रहा। सरकार के मंत्रियों का किरदार निभा रहे युवा सांसदों का कहना था कि इस संशोधन का उद्देश्य है कि राजनीति में अपराधीकरण पर लगाम लगे और जन विश्वास बहाल हो ताकि कोई भी नेता जेल से सरकार न चला सके। उन्होंने तर्क दिया कि आपराधिक पृष्ठभूमि के राजनेताओं पर अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकता है। जबकि विपक्ष ने इसका पूरजोर विरोध किया। उनका कहना था कि यह सरकार की सोची समझी चाल है। सरकार संविधान में संशोधन कर विपक्ष के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने की साजिश रच रही है।


अखिल भारतीय राजनीतिक दलों की बैठक में विकसित भारत 20247 व स्किल इंडिया 2.0 जबकि संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में खाड़ी युद्ध के बादल छाये रहे।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जोशी ने कहा कि युवा संसद में भागीदारी छात्रों के सर्वांगिक विकास के लिए एक अद्भुत प्रयास है। छात्र जीवन में यदि बच्चे एक स्वस्थ राजनीति की ट्रेनिंग लेते है तो यह न केवल उनके स्वयं के विकास में सहायक होगा बल्कि देश की राजनीति में एक नई दिशा स्थापित होगी। उन्होंने युवा सांसदों के उत्साह की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
अपने सम्बोधन में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा सांसदों के बीच मुझे सुखद प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि 130वां संविधान संशोधन केन्द्र सरकार की दूरगामी सोच को दर्शाता है। यह संशोधन वास्तव में अपराध मुक्त राजनीति की परिकल्पना है। अपने सम्बोधन में उन्होंने डिजिटल ज्ञान और ए0आई की महत्ता को स्वीकार करते हुए अध्यात्मिक बुद्धिमता पर भी जोर देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अध्यात्मिक बुद्धिमता प्रत्येक व्यक्ति में आंतरिक रूप से न्याय की समझ पैदा करती है जो एक न्यायप्रिय समाज की स्थापना के लिए अति आवश्यक है। उन्होंने विधि के छात्रों को संविधान सभा के परिचर्चाओं को पढ़ने की सलाह दी जो समाज, राजनीति और न्याय के क्षेत्र में सूचिता और पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने लाॅ काॅलेज देहरादून के छात्रों को शुभकामनाएं दी कि वे समर्थ बनकर देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में जाने योग्य बने। साथ ही साथ लाॅ काॅलेज देहरादून को देश का सर्वोच्च विधि संस्थान बनने की शुभकामनाएं दी।
निर्णायक मंडल द्वारा एन मेरी स्कूल, देहरादून को सर्वश्रेष्ठ डेलीगेट के अवार्ड से नवाजा गया जबकि शैपियंस स्कूल, हरबर्टपुुर को द्वितीय श्रेष्ठ डेलीगेट घोषित किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष सुश्री अंकिता जोशी, कुलपति प्रो0 धर्मबुद्धि, उपकुलपति प्रो0 राजेश बहुगुणा, डा0 भावना अरोड़ा, प्रो0 शरद पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी BEO निलंबित:  मंत्री डाॅ. रावत ने किया निलम्बन आदेश मंजूर

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विभाग में भ्रष्टाचार व अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं: डाॅ. धन सिंह रावत

देहरादून, 24 अप्रैल 2026
रिश्वत लेने के आरोप में डोईवाला के प्रभारी खण्ड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये तत्काल प्रभाव से प्रभारी बीईओ के निलम्बन प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है, शीघ्र ही शासन स्तर से निलम्बन आदेश जारी कर दिये जायेंगे। डाॅ. रावत ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार व अनुशासनहीनता कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, बावजूद इसके कतिपय कर्मचारी विभाग की छवि को धूमिल करने से बाज नहीं आ रहे हैं, ऐसे कार्मिकों खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। डाॅ. रावत ने कहा कि हाल ही में विजिलेंस टीम द्वारा डोईवाला में तैनात प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी को उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभाग में ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करें साथ ही छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं आमजन से फीडबैक लेकर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाएं। उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा मंत्री।

देहरादून में 09 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत:  सुलह समझौते से मिलेगा त्वरित न्याय

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प्री-लिटिगेशन से लेकर दीवानी मामलों तक, सबका होगा समाधान एक दिन में

*देहरादून ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में आगामी 09 मई, 2026 को जनपद देहरादून के मुख्यालय सहित समस्त बाह्य न्यायालय परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत का उद्देश्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना है।

सचिव/सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी, वैवाहिक एवं पारिवारिक वाद, चेक बाउंस प्रकरण, वसूली एवं मोटर दुर्घटना से संबंधित वाद, श्रम विवाद, उपभोक्ता फोरम के मामले तथा प्री-लिटिगेशन वादों का निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यायालयों में लंबित शमनीय प्रकृति के मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के चालानों का भी निस्तारण किया जाएगा, जिसमें निर्धारित शुल्क जमा कर बिना अतिरिक्त व्यय के मामलों का समाधान संभव होगा।

शमनीय प्रकृति के वादों में तेज गति से वाहन चलाना, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, बिना लाइसेंस/आर०सी०/ इन्श्योरेंस / परमिट के वाहन चलाना, बिना सीटबैल्ट या हेलमेट, अप्राधिकृत व्यक्ति द्वारा वाहन चलाना, क्षमता से अधिक सवारी वाहन में बैठाना, आवश्यकता से अधिक हॉर्न बजाना, आपातकालीन वाहनों को पास न देना, मोटर साइकिल ड्राइवर या पिछली सीट सवारी द्वारा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करना, किसी खड़े वाहन में अनधिकृत रूप से हस्तक्षेप करना, मानसिक या शारीरिक रूप से अयोग्य होते हुए वाहन चलाना शामिल है। हालांकि, शराब पीकर वाहन चलाने एवं नाबालिग द्वारा वाहन चलाने जैसे मामलों को शमनीय श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।

लोक अदालत की एक विशेषता यह भी है कि इसमें निस्तारित वादों पर कोई न्यायालय शुल्क देय नहीं होता। यदि पूर्व में शुल्क जमा किया गया है, तो वह नियमानुसार वापस किया जाता है। लोक अदालत के निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा इनके विरुद्ध कोई अपील नहीं की जा सकती।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम जनमानस से अपील की है कि जिन व्यक्तियों के वाद देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, चकराता एवं मसूरी के न्यायालयों में लंबित हैं, वे 09 मई, 2026 से पूर्व अपने संबंधित न्यायालय में राजीनामे के आधार पर निस्तारण हेतु आवेदन कर इस अवसर का लाभ उठाएं। राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

डीएम ने अरविंद गैस एजेंसी रेसकोर्स से 13890 गैस कनेक्शन जीवन ज्योति एजेंसी में करवाए शिफ्ट

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उपभोक्ताओं को सुगम आपूर्ति लिए डीएम ने अरविंद गैस एजेंसी रेसकोर्स से 13890 गैस कनेक्शन जीवन ज्योति एजेंसी कैनाल रोड में करवाए शिफ्ट

देहरादून । जनमानस की सुविधा एवं सुगम गैस आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत अरविंद गैस एजेंसी, रेसकोर्स से लगभग 13,890 उपभोक्ताओं के एलपीजी गैस कनेक्शन को जीवन ज्योति गैस एजेंसी, कैनाल रोड में स्थानांतरित कर दिया गया है।


उल्लेखनीय है कि पूर्व में नंदा गैस एजेंसी, तुनवाला के लगभग 22,000 गैस कनेक्शन अरविंद गैस एजेंसी पर शिफ्ट किए गए थे। इससे अरविंद गैस एजेंसी पर अत्यधिक भार पड़ने के कारण उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति में विलंब की समस्या उत्पन्न हो रही थी।
नंदा गैस एजेंसी, तुनवाला को भूमि संबंधी विवाद के चलते जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए सील किया गया था, जिसके पश्चात उसके उपभोक्ताओं को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य एजेंसियों से जोड़ा गया।
जिला प्रशासन द्वारा अरविंद गैस एजेंसी पर भार को संतुलित करते हुए उपभोक्ताओं को समयबद्ध एवं सुचारू गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। जीवन ज्योति गैस एजेंसी, कैनाल रोड को स्थानांतरित किए गए 13890 उपभोक्ताओं को अब अधिक व्यवस्थित एवं त्वरित सेवा प्राप्त होगी।
जिला प्रशासन द्वारा गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी उपभोक्ता को असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से नई एजेंसी से समन्वय स्थापित कर गैस आपूर्ति संबंधी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने का अनुरोध किया तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं।

उपभोक्ता अपनी सुविधा हेतु जीवन ज्योति गैस के नंबरों 9627167899, 9412078085, 9870980577 पर संपर्क कर सकते हैं।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून