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देवभूमि को ‘खेल भूमि’ बनाने की दिशा में राज्य सरकार तत्परता के साथ कर रही कार्य: सीएम धामी

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सीएम धामी ने उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित 10वीं अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता–2025 का किया शुभारम्भ

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शासकीय कार्यों की व्यस्तता के बीच कार्मिको द्वारा खेल गतिविधियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि खेल जीवन में अनुशासन लाने के साथ-साथ तनाव को दूर करता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। उन्होंने कहा कि निरोगी रहना मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और खेल इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता भविष्य में भी अनवरत रूप से आगे बढ़ती रहेगी और कर्मचारियों-अधिकारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।

इन विचारों के साथ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित 10वीं अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता–2025 का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया। प्रतियोगिता में राज्य के 42 विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण बनकर उभर रहा है। राज्य परिवर्तन की ओर अग्रसर है और नवाचारों, ऐतिहासिक निर्णयों तथा जनहितकारी नीतियों के माध्यम से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हाल ही में उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया गया, जिससे राज्य में खेल अवसंरचना और सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार किया है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में खेलों को प्रोत्साहित कर राज्य को ‘खेल भूमि’ के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

इस अवसर पर बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष श्री हीरा सिंह बसेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक उभरती हुई खेल महाशक्ति के रूप में पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष श्री हीरा सिंह बसेड़ा, श्री प्रमोद कुमार, श्री भूपेंद्र बसेड़ा, श्री जे.पी. मैखुरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

MDDA ने आईएसबीटी मॉल में शुरू किया मल्टीप्लेक्स:  यात्रियों और शहरवासियों को मिलेगा मनोरंजन का नया केंद्र

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एमडीडीए की पहल से आईएसबीटी बना आधुनिक ट्रांजिट–कम–एंटरटेनमेंट हब, मल्टीप्लेक्स की शुरुआत*

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आईएसबीटी परिसर के अधिग्रहण के बाद वहां व्यापक सुधार कार्य तेजी से आगे बढ़े हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और अनुभव को ध्यान में रखकर आईएसबीटी बस अड्डे में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, यात्री सुविधाओं के उन्नयन और चिल्ड्रन पार्क जैसी पहलें की गई हैं। देशभर से आने वाले यात्रियों द्वारा सुविधाओं की सराहना की जा रही है। एमडीडीए का लक्ष्य आईएसबीटी बस अड्डे को देश के टॉप–टेन आधुनिक बस टर्मिनलों में शामिल करना है, ताकि यह परिवहन के साथ–साथ शहर की पहचान का केंद्र बन सके।

*दर्शक बॉलीवुड–हॉलीवुड फिल्मों का उठा सकेंगे आनंद*
एमडीडीए के आईएसबीटी मॉल में आज से मल्टीप्लेक्स की शुरुआत हो गई है। माइक्रोमल्टीप्लेक्स कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से चयनित होकर यहां फिल्मों का संचालन शुरू किया है। अब यात्री और शहरवासी एक ही परिसर में यात्रा, खरीदारी और मनोरंजन का लाभ ले सकेंगे। आने वाले दिनों में शॉपिंग मॉल, विभिन्न दुकानें और फूड कॉर्नर भी शुरू किए जाएंगे। एमडीडीए का प्रयास है कि आईएसबीटी देहरादून मॉल को आधुनिक, सुव्यवस्थित और बहु–उपयोगी सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि आईएसबीटी परिसर का समग्र विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता है। बस अड्डे और मॉल में किए जा रहे सुधार कार्यों का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मल्टीप्लेक्स की शुरुआत से मनोरंजन के साथ–साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में शॉपिंग, फूड कॉर्नर और अन्य सुविधाएं शुरू कर परिसर को एक आधुनिक ट्रांजिट–कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमडीडीए जन–सुविधाओं के विस्तार और नियोजित शहरी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया के तहत चयनित कंपनी द्वारा मल्टीप्लेक्स का संचालन पारदर्शी तरीके से शुरू किया गया है। आईएसबीटी मॉल में चरणबद्ध रूप से नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे यात्रियों और स्थानीय नागरिकों दोनों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्वच्छता, सुरक्षा और संचालन मानकों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे।

एमडीडीए की सराहनीय पहल से शहर में विकास को मिली नई दिशा: देहरादून कैंट क्षेत्र में पार्कों का सौंदर्यीकरण पूर्ण

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एमडीडीए के जनहितकारी विकास कार्यों की विधायक सविता कपूर ने खुलकर प्रशंसा की, हरित सार्वजनिक स्थलों के विकास की पहल को बताया सराहनीय*

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण) ने शहर विकास की अवधारणा को मजबूत करते हुए देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक पार्कों के सौंदर्यीकरण और लैंडस्केपिंग कार्यों को पूरा किया है। इस पहल का उद्देश्य शहरी हरित क्षेत्रों का विस्तार, नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना और पर्यावरण–अनुकूल विकास को बढ़ावा देना है। एमडीडीए द्वारा योजनाबद्ध ढंग से किए गए इन कार्यों से आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर वातावरण मिला है, जिससे शहर की जीवन–शैली और सौंदर्य दोनों में सकारात्मक बदलाव आएगा।

कैंट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर कराए गए कार्यों का लोकार्पण आज विधायक देहरादून कैंट सविता कपूर द्वारा विधिवत रूप से किया गया। यह कार्यक्रम क्षेत्र में हरित वातावरण को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र में साईंलोक कॉलोनी (जीएमएस रोड) में पार्क सौंदर्यीकरण कार्य (लागत ₹20.68 लाख), इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी (जीएमएस रोड) में पार्क सौंदर्यीकरण कार्य (लागत ₹28.94 लाख) तथा माया एन्क्लेव में पार्क सौंदर्यीकरण कार्य (लागत ₹20.84 लाख) का लोकार्पण किया गया। परियोजनाओं के अंतर्गत हरियाली का विस्तार, आकर्षक लैंडस्केपिंग, बैठने की व्यवस्था, पैदल पथ, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और बच्चों के लिए सुरक्षित खेल सुविधाएं विकसित की गई हैं।

*विधायक सविता कपूर का बयान*
विधायक सविता कपूर ने कहा कि शहरी विकास का वास्तविक स्वरूप तभी साकार होता है जब नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हों। पार्क किसी भी शहर के “ग्रीन लंग्स” होते हैं, जो पर्यावरण संतुलन के साथ–साथ सामाजिक जीवन को भी समृद्ध करते हैं। देहरादून कैंट क्षेत्र में एमडीडीए द्वारा कराए गए सौंदर्यीकरण कार्यों से बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को टहलने, योग, खेल और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान मिला है। यह पहल स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जुड़ाव तीनों को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी क्षेत्र में नागरिक–केन्द्रित विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और एमडीडीए के साथ समन्वय कर ऐसे ही कार्य निरंतर आगे बढ़ाए जाएंगे। विधायक सविता कपूर ने एमडीडीए के अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि भविष्य में भी कैंट विधानसभा क्षेत्र में इसी प्रकार जनहित से जुड़े विकास कार्य निरंतर किए जाएंगे।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए शहर विकास को समग्र दृष्टि से आगे बढ़ा रहा है, जिसमें बुनियादी ढांचे के साथ–साथ सार्वजनिक स्थानों का उन्नयन भी शामिल है। पार्कों का सौंदर्यीकरण नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरे किए गए हैं। आने वाले समय में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरित और सार्वजनिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। पार्कों में विकसित सुविधाएं स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। एमडीडीए आगे भी शहरी सौंदर्यीकरण और जन–सुविधाओं के विस्तार के लिए चरणबद्ध योजनाओं पर कार्य करता रहेगा।

कार्यक्रम में एमडीडीए के मुख्य अभियंता हरिचन्द्र सिंह राणा सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमूह ने एमडीडीए क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के लिए एमडीडीए के प्रयासों की सराहना की।

UPES में ICAMEES 2.0 का हुआ आयोजन: सतत तकनीकों को आकार देने के लिए 200 से अधिक शोधकर्ता एकजुट

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देहरादून, 19 दिसंबर 2025। UPES ने 18-19 दिसंबर 2025 को द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन – एडवांस्ड मटीरियल्स, एनर्जी एंड एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी (ICAMEES 2. 0) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस सम्मेलन में भारत और विदेशों से आए अग्रणी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और सतत भविष्य को आकार देने वाले महत्वपूर्ण वैज्ञानिक विकासों पर विचार-विमर्श किया।
अंतरविषयक संवाद के एक वैश्विक मंच के रूप में परिकल्पित (ICAMEES 2.0) में 200 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी देखने को मिली। सम्मेलन के दौरान कीनोट व्याख्यान, आमंत्रित वक्तव्य, मौखिक प्रस्तुतियाँ और पोस्टर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सामग्री विज्ञान, ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और पर्यावरणीय सततता से जुड़े उभरते और उन्नत विषयों पर चर्चा हुई।
सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. लोक प्रताप सिंह, महानिदेशक, नेशनल काउंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मैटीरियल्स (NCCBM), नई दिल्ली, द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया गया। पद्म श्री प्रो. एस. शिवराम, एफएनए, मानद प्रोफेसर एमेरिटस, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) कोलकाता एवं जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) बेंगलुरु, ने सम्मेलन के मुख्य संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन दिया। वहीं मैग्सेसे पुरस्कार विजेता श्री राजेंद्र सिंह सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि रहे।
इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. राम शर्मा, कुलपति UPES ने कहा, “आज हम जिन सततता से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे इतनी व्यापक और तात्कालिक हैं कि किसी एक विषय के लिए उन्हें अकेले सुलझाना संभव नहीं है। शोध अब अलग-थलग खांचों में सीमित नहीं रह सकता और न ही केवल काग़ज़ों तक। उसे वास्तविक समाधानों में बदलना होगा, जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाएँ। (ICAMEES 2.0) के माध्यम से हम ऐसा ही एक मंच तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं, जहाँ वैज्ञानिक, उद्योग जगत के नेता और शोध संगठन आपस में संवाद करें, एक-दूसरे से सवाल पूछें और मिलकर समाधान विकसित करें। ऐसे ईमानदार और अंतरविषयक संवाद के माध्यम से ही हम सामग्री, ऊर्जा और पर्यावरणीय अनुसंधान की सीमाओं को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ा सकते हैं।”
दो दिवसीय ( ICAMEES 2.0) में तीन प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया-एडवांस्ड मटीरियल्स, जिसमें उन्नत कार्यात्मक सामग्री, नैनोमटीरियल्स, पॉलिमेरिक एवं बायोमटीरियल्स, सेमीकंडक्टर्स, फोटोनिक एवं सुप्रामॉलिक्यूलर मटीरियल्स, पाईजो एवं ट्राइबो-इलेक्ट्रिक मटीरियल्स तथा कैटलिस्ट्स शामिल रहे। ऊर्जा, जिसमें ऊर्जा संचयन एवं भंडारण, नवीकरणीय एवं पारंपरिक ऊर्जा संसाधनए सुपरकैपेसिटर, बैटरियाँ, वैकल्पिक एवं हाइब्रिड ऊर्जा प्रणालियाँ तथा ऊर्जा रूपांतरण प्रौद्योगिकियाँ शामिल थीं और पर्यावरणीय सततता, जिसमें ग्रीन केमिस्ट्री, अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएँ, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरणीय प्रदूषण की निगरानी एवं उपचार तथा कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन का उद्देश्य हालिया वैज्ञानिक प्रगति का दस्तावेजीकरण, अकादमिक जगत, उद्योग और अनुसंधान एवं विकास संगठनों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देनाए तथा राष्ट्रीय और वैश्विक सततता लक्ष्यों के अनुरूप अंतरविषयक सहयोग को प्रोत्साहित करना रहा।


(ICAMEES 2.0) ने युवा शोधकर्ताओं और छात्रों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने, वरिष्ठ वैज्ञानिकों से संवाद करने और उभरते अनुसंधान क्षेत्रों को समझने का एक सशक्त मंच प्रदान किया। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान, भविष्य की परियोजना साझेदारियों और ट्रांसलेशनल अवसरों पर सार्थक चर्चाएँ हुईं, जिससे संस्थानों और क्षेत्रों के बीच सहयोग को मजबूती मिली।

Dolphin Institute में बोधआईकेएसएस परीक्षा–2026 का पोस्टर लॉन्च, भारतीय ज्ञान प्रणाली पर विशेष चर्चा

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आज डॉल्फिन इंस्टिट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान राष्ट्रीय स्तर बोधआईकेएसएस परीक्षा–2026 के पोस्टर का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ.) जगमोहन सिंह राणा उपस्थित रहे।

इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन श्री अरविंद गुप्ता, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार की प्रो. (डॉ.) अनीता रावत, डीन साइंस डॉ. ज्ञानेंद्र अवस्थी एवं अन्य फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।

वक्ताओं ने कहा कि बोधआईकेएस परीक्षा भारतीय ज्ञान प्रणाली को वैज्ञानिक एवं अकादमिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान करती है। यह परीक्षा विद्यार्थियों के वैचारिक विकास के साथ–साथ भारतीय संस्कृति की गहरी समझ विकसित करने में सहायक होगी।

माया देवी विश्वविद्यालय में वीबीयूएसएस राष्ट्रीय स्तर बोधआईकेएस परीक्षा–2026 के पोस्टर का लोकार्पण, शैक्षणिक जगत में उत्साह

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आज माया देवी विश्वविद्यालय में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान राष्ट्रीय स्तर बोधआईकेएस परीक्षा–2026 के पोस्टर का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में लोकसेवा आयोग, उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान प्रांतीय अध्यक्ष वीबीयूएसएस, प्रो. (डॉ.) जगमोहन सिंह राणा के साथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आशीष सेमवाल, उपाध्यक्ष डॉ. तृप्ति जुयाल तथा प्रो. (डॉ) अनीता रावत, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रही।

पोस्टर विमोचन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बोधआईकेएस परीक्षा न केवल प्रतियोगी परीक्षा है, बल्कि यह भारतीय बौद्धिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी है। कुलपति डॉ. सेमवाल ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में वीबीयूएसएस भारत बोधआईकेएस परीक्षा–2026 के पोस्टर का भव्य लोकार्पण

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भारतीय ज्ञान परंपरा और दर्शन के प्रचार–प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (वीबीयूएसएस) राष्ट्रीय स्तर बोधआईकेएसएस परीक्षा–2026 के पोस्टर का लोकार्पण शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जगमोहन सिंह राणा ने किया।

इस अवसर पर कॉलेज के वाइस चेयरमैन अजय कुमार, डायरेक्टर प्रो. सुरमधुर पंत एवं प्रो. अजय वर्मा विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। पोस्टर का संयुक्त रूप से अनावरण करते हुए सभी ने परीक्षा के उद्देश्य, स्वरूप और भारतीय ज्ञान प्रणाली में के योगदान पर प्रकाश डाला।

प्रो. राणा ने कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है और यह राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं में वैचारिक चेतना विकसित करेगी।

अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से इस राष्ट्रीय परीक्षा में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।

JBIT कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा को मिला नया मंच, राष्ट्रीय बोधआईकेएस परीक्षा–2026 का पोस्टर विमोचित

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जेबीआईटी कॉलेज परिसर में आज विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर बोधआईकेएस परीक्षा–2026 के पोस्टर का औपचारिक लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप में प्रो. (डॉ.) जगमोहन सिंह राणा, पूर्व अध्यक्ष, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, प्रांतीय अध्यक्ष (वीबीयूएसएस) उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कॉलेज के वाइस चेयरमैन संदीप सिंघल, निदेशक डॉ. त्रिपाठी, प्रो. (डॉ) अनीता रावत, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार, विभिन्न संकायों के डीन एवं बड़ी संख्या में शिक्षकगण मौजूद रहे।

अपने संबोधन में प्रो. राणा ने कहा कि यह परीक्षा विज्ञान, कला और सामाजिक विज्ञान के विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। डॉ. अनीता रावत ने इसे नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप और युवाओं को इस दिशा में जोड़ने के लिए सार्थक पहल बताया।

SIMS फेस्ट- 2025 में सितारों ने बिखेरा जलवा 

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देहरादून। सुषिला इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (SIMS) परिसर में आयोजित SIMS फेस्ट 2025 उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शहर के गणमान्य नागरिकों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर श्री सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष, देहरादून रहे। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा ऐसे आयोजनों को व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक बताया।

फेस्ट का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर सारा गुरपाल रहीं, जिन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं उत्तराखंड की सेंसेशन सिंगर करिश्मा शाह एवं गायक रुहान भारद्वाज ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनकी गायकी पर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर संस्थान की चेयरपर्सन श्रीमती कुमकुम सिंघल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि SIMS विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर ऐसे सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों का आयोजन करता रहेगा।
डायरेक्टर श्री तुषार सिंघल ने आयोजन को सफल बनाने वाली पूरी टीम की सराहना की।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि श्री नितेश ठाकुर, प्राचार्य डॉ. आर. मयिलवानन सहित संस्थान के सभी फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण और यादगार प्रस्तुतियों के साथ हुआ।

रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए प्रवासी पंचायतों का  किया जाए आयोजन: सीएम धामी

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रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने उठाए कई महत्त्वपूर्ण कदम : सीएम धामी

ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबंध

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखण्ड की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन पिछले चार–पाँच वर्षों में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत ऋण लेने पर पात्र लाभार्थियों को अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।


पंचायतों का आयोजन किया जाए, जिनमें देश एवं विदेश में कार्यरत प्रवासियों को आमंत्रित किया जाए। उन्हें राज्य सरकार की रिवर्स पलायन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी जाए और उनके सुझाव भी प्राप्त किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों से अन्य राज्यों में जाकर रिवर्स पलायन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी देने के साथ ही पलायन रोकने और रिवर्स पलायन से जुड़े नवाचारों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य के 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थलों में सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लघु उद्योगों के संवर्धन पर भी बल दिया गया।

ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ॰ एस.एस. नेगी ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अब रिवर्स पलायन का रुझान देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 6282 व्यक्ति वापस अपने गाँवों में लौटे हैं। इनमें देश के भीतर और विदेशों से लौटे लोग भी शामिल हैं। अधिकतर लोग पर्यटन एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में कार्यरत हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

बैठक में आयोग के सदस्यों ने रिवर्स पलायन को और गति देने के लिए कई रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।

इस दौरान बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, डॉ॰ श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, डॉ॰ मेहरबान सिंह बिष्ट, चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, संतोष बडोनी, सुरेश जोशी, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली एवं रंजना रावत उपस्थित रहे।

रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए प्रवासी पंचायतों का राज्यभर में आयोजन किया जाए- सीएम धामी

रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए प्रवासी पंचायतों का राज्यभर में आयोजन किया जाए- सीएम धामी

ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबंध

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखण्ड की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन पिछले चार–पाँच वर्षों में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत ऋण लेने पर पात्र लाभार्थियों को अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।

पंचायतों का आयोजन किया जाए, जिनमें देश एवं विदेश में कार्यरत प्रवासियों को आमंत्रित किया जाए। उन्हें राज्य सरकार की रिवर्स पलायन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी जाए और उनके सुझाव भी प्राप्त किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों से अन्य राज्यों में जाकर रिवर्स पलायन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी देने के साथ ही पलायन रोकने और रिवर्स पलायन से जुड़े नवाचारों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य के 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थलों में सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लघु उद्योगों के संवर्धन पर भी बल दिया गया।

ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ॰ एस.एस. नेगी ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अब रिवर्स पलायन का रुझान देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 6282 व्यक्ति वापस अपने गाँवों में लौटे हैं। इनमें देश के भीतर और विदेशों से लौटे लोग भी शामिल हैं। अधिकतर लोग पर्यटन एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में कार्यरत हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

बैठक में आयोग के सदस्यों ने रिवर्स पलायन को और गति देने के लिए कई रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।

इस दौरान बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, डॉ॰ श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अपर सचिव अनुराधा पाल, डॉ॰ मेहरबान सिंह बिष्ट, चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, संतोष बडोनी, सुरेश जोशी, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली एवं रंजना रावत उपस्थित रहे।