‘द ग्रेट हिमालयन रेस्क्यू’ डॉक्यूमेंट्री में सामूहिक प्रयास और मानवीय संवेदनाओं का है जीवंत चित्रण: सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को निर्देशक ऋषभ कोहली और प्रशांत उपाध्याय के निर्देशन में परिवर्तन पिक्चर के बैनर तले बनी डॉक्यूमेंट्री ‘द ग्रेट हिमालयन रेस्क्यू’ उत्तराखंड के टीजर और पोस्टर का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘द ग्रेट हिमालयन रेस्क्यू’ डॉक्यूमेंट्री में सामूहिक प्रयास और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत चित्रण है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन उत्तराखंड के इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय बन चुका है, जहाँ सभी एजेंसियों, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने अभूतपूर्व समन्वय के साथ कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से लोग इस अभियान में तकनीकी दक्षता राज्य के जज़्बे की झलक देखेगें। उन्होंने कहा कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की ‘संकल्प और सेवा’ की भावना का प्रतीक है तथा युवा पीढ़ी को कठिन परिस्थितियों में धैर्य और कर्मनिष्ठा का संदेश देगी।
निर्देशक ऋषभ कोहली ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री, सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन पर आधारित है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस ऐतिहासिक बचाव अभियान की कहानी को विस्तार से सुनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री न सिर्फ तकनीकी चुनौती और मानव जुझारूपन को दर्शाती है, बल्कि उत्तराखंड की जड़ों, भावनाओं और नेतृत्व की सच्ची तस्वीर भी पेश करती है, फ़िल्म की शूटिंग उत्तराखंड में हुई है। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री शीघ्र ही ओटीटी के बड़े प्लेटफार्म पर रिलीज़ होगी।
इस अवसर पर उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के सीईओ श्री बंशीधर तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार श्री अनुपम त्रिवेदी,उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन श्री शादाब शम्स, फिल्म के निर्देशक, ऋषभ के पिता एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री नीरज कोहली मौजूद रहे।





कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित करते हुए नशे के सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा व्यक्ति को भीतर से खोखला कर देता है और उसकी सोच, लक्ष्य व भविष्य तीनों को प्रभावित करता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस देश का युवा नशे की गिरफ्त में होता है, उस देश के सशक्त और समृद्ध भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती।
एडवोकेट जोशी ने चेताया कि आज कुछ विदेशी ताक़तें हमारे देश के युवाओं को नशा रूपी जाल में फँसाकर उनके लक्ष्य से भटकाने का प्रयास कर रही हैं, ताकि राष्ट्र की जड़ों को कमजोर किया जा सके। उन्होंने बताया कि आतंकवाद को मिलने वाली सबसे बड़ी फंडिंग अवैध नशे के कारोबार से होती है, और अनजाने में नशे की लत में पड़कर युवा भी इस राष्ट्रविरोधी गतिविधि को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने का कारण बन जाते हैं।


इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन भारत की एकता और अखंडता के संरक्षण के लिए हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का अवसर है। भारतीय संस्कृति में सदियों से समानता और सभी धर्मों तथा समुदायों के प्रति सम्मान की परंपरा रही है। भारत में अनेकों संस्कृतियों, परंपराओं, भाषाओं और खान-पान की विविधता के बावजूद एकता की भावना रही हैं। उन्होंने कहा वसुधैव कुटुम्बकम के महान सिद्धांत को आत्मसात करते हुए भारत ने हमेशा समूची दुनिया को एक परिवार के रूप में माना है।






