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कांग्रेस मुख्यालय में मनाया गया 1971 का बांग्लादेश मुक्ति  “विजय दिवस”: सैनिकों का हुआ सम्मान

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1971 की जंग में हिस्सा लेने वाले सैनिकों को  कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया सम्मानित

 

इंदिरा जी की इच्छा शक्ति ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए
गणेश गोदियाल
देहरादून: सन १९७१ में जब तत्कालीन भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को यह लगा कि पाकिस्तान के पूर्वी भाग में अल्पसंख्यक वर्ग के ऊपर अत्याचार और हिंसा हो रही है धर्म के नाम पर और स्थानीय जनता सरकार की जन विरोधी व दमनात्मक नीतियों के खिलाफ विद्रोह पर उतारू है तो श्रीमती इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश मुक्ति वाहिनी का साथ देने का निर्णय लिया और पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए यह हमारे भारत की सेना का अध्मय साहस देश प्रेम व देश के लिए मर मिटने के जज्बे का एक अतुलनीय उदाहरण है यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग द्वारा आयोजित विजय दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि निक्सन की सातवां बेड़ा भेजने की धमकी को नजरअंदाज करते हुए इंदिरा गांधी ने जो राजनैतिक इच्छा शक्ति दिखाई उसकी याद आज पूरे देश वासियों को उस समय आती है जब अमरीका का आज का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार बार यह कहता है कि ऑपरेशन सिंदूर को भारत व पाकिस्तान को व्यापार की धमकी देकर उन्होंने रुकवाया। श्री गोदियाल ने कहा कि आज जब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते हैं तो भारत की वर्तमान सरकार उसके खिलाफ केवल बयानों में नाराजगी दिखाती है किन्तु इंदिरा गांधी जी ने जो किया उसका लोहा पूरी दुनिया ने माना। श्री गोदियाल ने कहा कि आज भारतीय सेना को कमजोर करने का काम अग्निपथ योजना को लागू करके केंद्र सरकार ने किया और उसका सबसे खराब दुष्परिणाम उत्तराखंड पर पड़ा क्योंकि पूरे देश में आबादी के अनुपात में सैन्य बलों में संख्या उत्तराखंड के लोगों की है किन्तु अग्निपथ योजना लागू होने से अब युवाओं में सेना में जाने का जोश कम हो गया है। उन्होंने देश के शहीद सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि १९७१ के साथ साथ सभी युद्धों में शहीद सैनिकों के हम हमेशा ऋणी रहेंगे।


इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने पूर्व सैनिक विभाग को आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का सबसे ज्यादा सैनिक और सैन्य अधिकारी देने वाला राज्य है और इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि १९७१ में जब उत्तरप्रदेश के आठ पर्वतीय जिलों को उत्तराखंड कहते थे तब भारत पाक युद्ध में इस क्षेत्र के २५० से अधिक सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि गढ़वाल रेजिमेंट कुमाऊं रेजीमेंट और गोरखा रेजीमेंट हमारे उत्तराखंड व भारत की शान है। श्री रावत ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को सलाह दी कि वे पार्टी की एक समिति बना कर देश के अन्य राज्यों में यह पता लगवाएं कि ऐसी कौन कौन सी योजनाएं हैं जो पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए चलाई जा सकती हैं और प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की बनने पर उन योजनाओं पर अमल किया जाए।
इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सैनिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन प्रवीण डाबर ने कहा कि आज देश में सेना को मजबूत करने की आवश्यकता है किन्तु वर्तमान केंद्र सरकार इसके विपरीत सेना को कमजोर करने की नीतियों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अग्निपथ योजना के दुष्परिणामों के बारे में केंद्र सरकार को आगाह किया था किंतु केंद्र सरकार जिस तरह अग्निवीर भर्ती कर रही है यह आने वाले समय में विनाशकारी योजना साबित होगी।
प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पार्टी का पूर्व सैनिक विभाग पूरे प्रदेश में जहां एक ओर पूर्व सैनिकों को कांग्रेस में जोड़ने का अभियान चला रहा है वहीं दूसरी ओर युवाओं के बीच जा कर अग्निपथ योजना और अग्निवीर भर्ती से होने वाले निक्सन के बारे में भी जान जागरण चला रहा है। कर्नल नेगी ने कहा कि पूर्व सैनिक विभाग वन रैंक वन पेंशन के सवाल पर भी लोगों को जागरूक कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में वे अपने पूर्व सैनिक साथियों के साथ अपनी जान जागरण यात्रा को प्रदेश के सभी हिस्सों में ले जायेंगे और हर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व सैनिकों को पार्टी के साथ जोड़ने का अभियान चलाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कांग्रेस की सभी सरकारों ने हमेशा सैन्य बलों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए उत्तराखंड प्रदेश में पहली कांग्रेस सरकार ने बाकायदा एक निगम बना कर उनके पुनः रोजगार का रास्ता खोला। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि वे स्वयं एक पूर्व सैन्य अधिकारी की धर्मपत्नी हैं और वे जानती हैं कि एक सैनिक जब सरहद पर होता है तो वो अकेला देश के लिए अपना योगदान नहीं दे रहा होता बल्कि उसका पूरा परिवार देश के लिए अपना त्याग और योगदान दे रहा होता है।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कर्नल हरि सिंह चौधरी, कर्नल सिडनी लोबो, कर्नल मोहन सिंह रावत, श्रीमती शिवानी मिश्रा, कैप्टन शोबन सिंह सजवान, कैप्टन सहदेव शर्मा, कैप्टन अशोक नेगी, कैप्टन धीरेन्द्र सिंह बिष्ट, मेजर संजय उपाध्याय, सूबेदार हाकम सिंह, सूबेदार रणबीर लाल आदि बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री गोपाल सिंह गाड़िया ने किया।
इस अवसर पर श्री गणेश गोदियाल, श्री हरीश रावत, श्री सूर्यकांत धस्माना व कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने सभी पूर्व सैनिकों को वेटरन कैप पहना कर माल्यार्पण कर कांग्रेस का पटका पहना कर सम्मानित किया।
सादर
कर्नल राम रतन सिंह नेगी
अध्यक्ष
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस
पूर्व सैनिक विभाग

उत्तरांचल प्रेस क्लब क्रिकेट टूर्नामेंट में दून सुपर किंग ने दून चौलंजर्स को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगहा

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देहरादून, 16 दिसंबर। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह माजिला क्रिकेट टूर्नामेंट में खेले गए आज एलिमेंटर मुकाबले में दून सुपर किंग बनाम दून चेलेंजर्स के बीच खेला गया। दून सुपर किंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दून चेलेंजर्स को 8 विकेट से परास्त कर सेमी फाइनल में प्रवेेश किया।

मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर मैच का शुभारंभ किया और पत्रकारों के बीच आयोजित अंतर क्रिकेट मैच में खेल भावना, अनुशासन व टीम वर्क के महत्व पर प्रकाश डाला।
कर्नल कोठियाल ने पत्रकारों द्वारा खेल के प्रति दिखाई गई ऊर्जा और उत्साह की उन्होंने सराहना की।

पहले बल्लेबाजी करते हुए दून चेलेंजर्स 12.5 ओवर में मात्र 55 रन पर सिमट गई। दून चेलेंजर्स के ओपनिंग बल्लेबाज सचिन व अंकित चौधरी ने शुरूआत में बहुत तेजी से स्कोर बनाया। लेकिन बाद के बल्लेबाज जल्दी सिमटने लग गए। दून चेलेंजर्स की ओर से बल्लेबाज अंकित चौधरी ने 15 रन, ठाकुर नेगी ने 11, विकास गुसाईं ने 9 व सचिन ने 7 रन बनाए, महेश पांडेय ने 3, कुलदीप रावत व गौरव गुलेरी ने 2-2 रन व संदीप ने 1 रन बनाए।
दून सुपर किंग के गेंदबाज सोहन परमार व सुरेन्द्र सिंह डसीला ने 3-3 विकेट लिए, दीपक पुरोहित ने 2, मनीष डंगवाल व मातबर सिंह कण्डारी ने 1-1 विकेट लिए।

लक्ष्य का पीछा करते हुए दुन सुपर किंग के बल्लेबाजों ने 8.1 ओवर में 8 विकेट से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
दून सुपर किंग के बल्लेबाज मनीष डंगवाल ने शानदार पारी खेलते हुए 35 रन , सोहन सिंह परमार ने 5 व दीपक पुरोहित ने 3 बनाकर अपनी टीम को विजयी बनाया।
दून चेलेंजर्स के गेंदबाज ठाकुर नेगी ने 2 विकेट लिए।

खेल निर्णायक अनीस अहमद, आयुष नेगी, प्रियांश नेगी ने निभाई। कमेंट्री बाक्स में राजेश बहुगुणा, वीके डोभाल ने निभाई।

इस अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब महामंत्री सुरेन्द्र सिंह डसीला, खेल संयोजक अभय सिंह कैंतुरा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सुलोचना पयाल, संप्रेक्षक शिवेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मौ. असद, संदीप बडोला, रमन जायसवाल, दीपक बड़थ्वाल, पूर्व अध्यक्ष अजय राणा, पूर्व महामंत्री गिरिधर शर्मा, वरिष्ठ सदस्य अरूण शर्मा आदि मौजूद रहे।

अभय सिंह कैंतुरा
खेल संयोजक

सीएम धामी ने विजय दिवस पर शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि

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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने 1971 के युद्ध के सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार) इन सभी पाँच कार्यालयों में सरकारी वाहन दिए जाएंगे।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज विजय दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए सभी वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से 1971 के युद्ध में राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। आज भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा को स्मरण करने का दिन है, जो हमारे इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में अंकित है।


आज विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। उन्होंने शाहिद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी । इस अवसर पर उन्होंने 1971 के युद्ध सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीडीहाट, हरबर्टपुर , पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार) में सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 बहादुर सपूतों ने भी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से भारत ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारे सैनिकों के साथ-साथ हमारे स्वदेशी हथियार भी किसी से कम नहीं हैं। इस अभियान में भारत में निर्मित आकाश मिसाइल, डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे स्वदेशी हथियारों ने पूरे विश्व में भारत का डंका बजा दिया। आज दुश्मन की एक-एक गोली का जवाब गोलों से दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है और उन्हें उनके ठिकानों में ही नेस्तनाबूद कर देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वीर जवानों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना हो, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि कर सैनिकों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करना हो, या बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना—ऐसे अनेक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र से अलंकृत सैनिक को मिलने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। अशोक चक्र की राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र की राशि 20 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र की एकमुश्त राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों के लिए 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। देहरादून के गुनियाल गाँव में ‘‘भव्य सैन्य धाम’’ का निर्माण भी किया जा रहा है।

इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान करीब 4 हज़ार सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें उत्तराखंड राज्य के 248 शहीद सैनिक शामिल थे। करीब 9 हज़ार सैनिक घायल हुए थे। उत्तराखंड के 74 सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए, जो हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है। सैनिकों का सम्मान हर देशवासी का कर्तव्य है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली सम्मान राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। सैनिकों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण श्री दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल तथा पूर्व सैनिक और वीरांगनाएँ उपस्थित थीं।

नवनियुक्त अभियंताओं ने किया आज सहस्रधारा क्षेत्र में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का भ्रमण

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एटीआई नैनीताल द्वारा आवास विभाग उत्तराखंड के नवनियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं का राष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण, 5 प्रमुख शहरों में आधुनिक शहरी विकास मॉडल का अध्ययन*

14 से 26 दिसंबर तक स्टडी टूर : नवनियुक्त अभियंताओं ने किया आज सहस्रधारा क्षेत्र में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का भ्रमण

एटीआई नैनीताल द्वारा आवास अनुभाग में नवनियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। विभागीय कार्यों में गुणवत्ता, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के समावेश के उद्देश्य से कनिष्ठ अभियंताओं के लिए 14 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 तक एक व्यापक राष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण (स्टडी टूर) का आयोजन किया गया है। यह अध्ययन भ्रमण देश के प्रमुख शहरी केंद्रों देहरादून, शिमला, चंडीगढ़, नोएडा एवं दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस अध्ययन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य अभियंताओं को शहरी नियोजन, आवासीय विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, ढलान स्थिरता, पार्किंग समाधान, सार्वजनिक स्थलों के प्रबंधन तथा सतत विकास मॉडल से व्यावहारिक रूप से अवगत कराना है।

*अभियंताओं का आज सहस्रधारा क्षेत्र में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का भ्रमण*
अध्ययन भ्रमण की शुरुआत देहरादून से हुई। अध्ययन भ्रमण के प्रथम चरण में अभियंताओं को आज मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सहस्रधारा क्षेत्र में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का भ्रमण कराया गया। इस दौरान अभियंताओं ने पार्क की योजना, लैंडस्केप डिज़ाइन, हरित विकास मॉडल, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपायों तथा नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन का विस्तार से अध्ययन किया। भ्रमण के दौरान अभियंताओं ने पार्क में भ्रमण हेतु आए विभिन्न विद्यालयों के छात्र–छात्राओं, शिक्षकों एवं उनके परिजनों से संवाद स्थापित कर सिटी फॉरेस्ट को लेकर उनकी प्रतिक्रिया और अनुभव भी जाने। आम नागरिकों से प्राप्त फीडबैक के माध्यम से अभियंताओं को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार सार्वजनिक हरित स्थलों को नागरिकों की आवश्यकताओं और पर्यावरणीय संतुलन के अनुरूप विकसित किया जा सकता है। यह अनुभव अभियंताओं के लिए अत्यंत उपयोगी एवं सीखप्रद रहा।

इसके साथ ही अभियंता देहरादून के अन्य क्षेत्रों का भ्रमण कर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), आईटीडीए, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, शहरी निगरानी प्रणाली, सार्वजनिक पार्कों की लैंडस्केपिंग, मटेरियल रिकवरी सेंटर एवं विरासत स्थलों के पुनर्विकास कार्यों का अध्ययन करेंगे। इसके पश्चात अभियंताओं का दल शिमला पहुंचेगा। शिमला में हिमाचल प्रदेश हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HIMUDA) द्वारा संचालित पहाड़ी क्षेत्रों की आवासीय योजनाओं, ढलान आधारित निर्माण तकनीक, शहरी गतिशीलता, संरचित पार्किंग, हेरिटेज पब्लिक स्पेस तथा शहरी प्रशासन से जुड़े नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जाएगा।

अगले चरण में अध्ययन भ्रमण चंडीगढ़ में आयोजित होगा, जहां अभियंता पिंक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, आरडीएफ प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट प्लांट, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, रॉक गार्डन, सुखना लेक एवं सिटीवाइड डेटा इंटीग्रेशन से जुड़े आईसीसीसी का अध्ययन करेंगे। अध्ययन भ्रमण के अंतिम चरण में अभियंता नोएडा और दिल्ली में आधुनिक कार्यालय भवनों, वेटलैंड आधारित अपशिष्ट प्रबंधन, निजी आवासीय परियोजनाओं, बड़े सार्वजनिक स्थलों, रोबोटिक पार्किंग प्रणाली तथा अक्षरधाम मंदिर जैसे उच्च जन-आवागमन वाले स्थलों के प्रबंधन मॉडल को समझेंगे। अध्ययन भ्रमण का समापन 26 दिसंबर 2025 को होगा। विभाग का विश्वास है कि यह पहल भविष्य में उत्तराखंड को एक सुव्यवस्थित, स्मार्ट और पर्यावरण-संतुलित राज्य के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
अध्ययन भ्रमण के संबंध में उपाध्यक्ष मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण { एमडीडीए } बंशीधर तिवारी ने कहा कि आज के समय में शहरी विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह स्मार्ट तकनीक, पर्यावरणीय संतुलन और नागरिक सुविधाओं के समन्वय का विषय बन चुका है। इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से हमारे कनिष्ठ अभियंता देश के अग्रणी शहरों में अपनाए जा रहे आधुनिक मॉडल को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे, जिससे उत्तराखंड में योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड में टिकाऊ, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को बढ़ावा दिया जाए और इस दिशा में अभियंताओं का प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
वहीं सचिव मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण { एमडीडीए } मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि यह अध्ययन भ्रमण कनिष्ठ अभियंताओं की तकनीकी क्षमता, योजना निर्माण कौशल और नवाचार को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ प्रथाओं को समझकर अभियंता उन्हें उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण से अभियंताओं को अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण एवं आधुनिक पार्किंग समाधान जैसे विषयों पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिसका सीधा लाभ राज्य की आवासीय एवं शहरी परियोजनाओं को मिलेगा।

 

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने की वन विभाग के कार्यों की समीक्षा:  मानव वन्यजीव संघर्ष को लेकर दिए अहम निर्देश 

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मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने को ग्रामीणों से संवाद बढ़ाने के दिए निर्देश

वनाग्नि से निपटने को अभी से हो तैयारी, विभागीय कार्य समय पर हो पूरे-मंत्री

*कैंपा-जायका योजनाओं में धीमी प्रगति पर वन मंत्री नाराज, अधिकारियों को लगाई फटकार,*

*शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने तैयार की एसओपी*

*देहरादून 16 दिसंबर,2025 (सू.वि)*
मा0 वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने राजपुर रोड स्थित राज्य वन मुख्यालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्य योजना पर अमल करने, शीतकालीन पर्यटन के लिए एसओपी तैयार करने, विभागीय कार्याे को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने और वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से तैयारियां करने के निर्देश दिए।

मा0 वन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बढ़ाकर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम किया जाए। साथ ही उन्होंने वन सुरक्षा, संरक्षण और विकास से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। वन मंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर जो भी निर्णय लिए जा रहे है उनको प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

वन मंत्री ने कहा कि वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखें, साथ ही स्थानीय स्तर पर जन प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ अपना संवाद मजबूत रखें। पम्पलेट, बैनर, होर्डिग्स एवं सोशल मीडिया के माध्यमों से वन्य जीवों से बचने के लिए आम नागरिकों को जागरूक करें। आबादी क्षेत्रों से जानवरों को दूर भगाने के लिए आधुनिक उपकरणों सहित सोलर लाइट, पिंजरा इत्यादि उपकरणों का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। कहीं पर भी मानव-वन्यजीव संघर्ष होने पर एसडीओ एवं डीएफओ तत्काल मौके पर जाए।

मा0 मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में हक-हकूक समय सारिणी एवं स्वीकृति प्रक्रिया की शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कीड़ा जड़ी संरक्षण, विपणन एवं वानिकी उत्पादन बढ़ाने हेतु ठोस कार्ययोजना के तहत काम करने को कहा। उन्होंने नर्सरी वृक्षारोपण योजना के एक्शन प्लान को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने तथा ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही पेड़ों की प्रजाति को छूट देने तथा पेड़ काटने की अनुमति की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने हेतु ऑनलाइन सुविधा को शीघ्र बहाल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।

मा0 मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत स्वीकृत विभागीय कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। जायका एवं कैंपा योजनाओं के तहत वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा में धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों के सही उपयोग से ही वनों के संरक्षण, संवर्धन और विकास से जुड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मा0 मंत्री ने शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग द्वारा तैयार की गई एसओपी को तुरंत लामू करते हुए शीतकालीन पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, वन विभाग के एचओएफएफ रंजन मित्र, पीसीसीएफ बीपी गुप्ता, पीसीसीएफ कपील लाल, पीसीसीएफ सुबुधी, वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों से डीएफओ मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

पीआरएसआई के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का‌ हुआ  समापन : मंत्री सुबोध उनियाल ने की शिरकत

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देहरादून। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हो गया। अधिवेशन के समापन सत्र में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन के दौरान समसामयिक विषयों, जनसंचार की भूमिका, तकनीकी बदलावों और राष्ट्र निर्माण में संचार के योगदान पर गहन मंथन हुआ।


वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का : सुबोध उनियाल
समापन अवसर पर अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग है। ऐसे में देश की युवा पीढ़ी को अधिक स्किल्ड और दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराए जाएं तो पलायन जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें तकनीक के साथ जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाया जाना चाहिए। सुबोध उनियाल ने कहा कि जनसंचार देश को सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम है। बीते एक दशक में विश्व पटल पर भारत को देखने का नजरिया बदला है और भारत आज एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य भारत को एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनाना होना चाहिए और इसमें जनसंचार से जुड़े लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक, तथ्यपरक और राष्ट्रहित में संवाद को आगे बढ़ाएं।

इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजीत पाठक ने आयोजन को अभूतपूर्ण बताते हुए देहरादून चैप्टर की प्रशंसा की। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहां की इस तरह के अधिवेशन जनसंचार के क्षेत्र में नई दिशा देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। मंत्री सुबोध उनियाल ने पीआरएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने न केवल जनसंचार को मजबूती दी है बल्कि देश की सनातनी संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई है ।

वहीं पीआरएसआई चैप्टर देहरादून के अध्यक्ष श्री रवि बिजारनिया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीआरएसआई सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था मानवीय जीवन मूल्यों और तकनीक को साथ लेकर चल रही है तथा जनता को सकारात्मक तथा और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की की पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कांफ्रेंस 2026 में भुवनेश्वर उड़ीसा में आयोजित होगी।

DM की जनसुनवाई में उमड़ा जनसैलाब: शाम 7ः30 बजे रात तक की मैराथन जनसुनवाई, शिकायतों का निकाला हल

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जनता की बीच पहुंचे डीएमः ऋषिकेश में जन समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्व, जनता को तुरंत न्याय,

*जनहित पहलेः डीएम ने दिए निर्देश, जन समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करें अधिकारी,*

*जन सुनवाई बनी समाधान की मिसाल: 326 शिकायतें, ज़्यादातर का मौके पर निस्तारण*

*डीएम ने अपनी कोर टीम संग पूरे इत्मीनान से 5:30 घंटे सुनी जन की समस्या; 326 से अधिक शिकायत प्राप्त*

*ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार, डीएम ने तत्काल एडीओ की तैनाती के दिए आदेश*

*व्यथित 80 वर्षीय बुजुर्ग मनीराम; बुजुर्ग धर्मराज सिंह पुंडीर; विमला देवी को विधिक सलाह; निशुल्क वकील*

*बीमित ऋण उपरांत बैंक कर रहा विधवा अनीता को प्रताड़ित; डीएम ने दिया बैंक की आरसी जारी करने के निर्देश*

*ऋषिकेश में अवैध रूप से संचालित मीट की दुकान बूच़डखानों पर अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश*

*जनसुनवाई बनी उम्मीद की किरण, दुःखित चेहरों पर लौटी मुस्कान*

*जन-प्रशासन संवाद मजबूत तो विकास कार्यो की बढ़ेगी रफ्तार- डीएम*

*देहरादून।जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार ऋषिकेश तहसील परिसर में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जन सुनवाई में 326 फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी समस्याएं सुनी और अधिकांश शिकायतों का ऑन द स्पॉट समाधान किया। शेष मामलों पर अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में समाधान के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं को गंभीरता से ले और प्राथमिकता पर उनका समाधान सुनिश्चित करें। जन सुनवाई के दौरान लोगों ने पेयजल, सडक, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र निर्गमन, पेंशन, खाता खतौनी, राजस्व संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न समस्याएं रखीं।

जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण करना है। जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

ऋषिकेश में डीएम की जनसुनवाई में जनसैलाब उमडा। शाम 7ः30 बजे रात तक नान स्टाप मैराथन जन सुनवाई में कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण हुआ। ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार को देखते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से ऋषिकेश में सहायक समाज कल्याण अधिकारी की तैनाती के आदेश दिए।

ऋषिकेश में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मीट की दुकान संचालित होने तथा बिना लाइसेंस के पशुओ का बध करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त व एसडीएम ऋषिकेश को फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ टीम बनाकर छापेमारी करते हुए अवैध रूप से संचालित दुकानों पर कडी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में जोगीवाला के समस्त ग्रामवासियों ने नशामुक्ति केंद्र से हो रही परेशानियां डीएम के सामने रखी। इस पर एसडीएम को जांच करते हुए केंद्र के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गणेश विहार निवासी 80 वर्षीय मनीराम ने डीएम से गुहार लगाई कि उनके बेटे मनमाने ढंग से उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल कर रहे हैं। इसके साथ ही बुजुर्ग धर्मराज सिंह पुंडीर व विमला देवी को अपनी भूमि संबंधी मामलों पर भी जिलाधिकारी ने सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण को विधिक सलाह तथा निशुल्क सरकारी वकील उपलब्ध कराने को प्रेषित किया ।

भटोंवाला निवासी व्यथित विधवा अनीता ने जिलाधिकारी से गुहार लगायी कि उनके पति द्वारा बैंक से ऋण लिया गया था जिसका बीमा भी कराया था, पति की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई जिस कारण बैंक वाले अल्मोड़ा कोऑपरेटिव बैंक उन सभी के नाम नोटिस भेज रहे हैं जिसमें 12 वर्षीय नाबालिक बच्चों के नाम में नोटिस भेजा जा रहा है। इसका बच्चों पर मानसिक दुष्प्रभाव पड रहा हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से बीमा का क्लेम दिलाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने बैंक की आरसी जारी करने के निर्देश दिए।

नगर निगम के पार्षदों ने डीएम से शिकायत करते हुए बताया कि यूपीसीएल के आवासों में किराएदार रखें गए है जो खुलेआम बिजली चोरी करते हैं। इसके अलावा निगम क्षेत्र में विद्युत के कई पल जर्जर स्थिति में है जिनको विभाग द्वारा ठीक नहीं कराया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए है।

फरियादी पंकज गुप्ता ने हीरालाल लाल मार्ग पर सीवर लाइन न होने की समस्या पर पेयजल निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रेलवे रोड ऋषिकेश पर कोई भी शौचालय न होने और यहां नगर निगम की खाली भूमि पर महिला शौचालय बनाने की मांग पर निगम को समस्या का समाधान करने को कहा गया। सीमा डेन्टल और गुमानी वाला में खाली भूमि पर निराश्रित गौवंश के लिए गौशाला सचालन हेतु सीवीओ को कार्रवाई करने को कहा।

जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने राइका सत्य मित्रानंद हरीपुर कलां में शिक्षकों की कमी, रायवाला मुख्य बाजार में ट्रैफिक लाइट की समस्या और निराश्रित पशुओं के लिए गौशाला न होने की समस्या पर जिलाधिकारी में संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। फरियादी अभिषेक चावला ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने सरकारी रास्ता बंद कर दिया है जिससे वह अपने प्लॉट पर मकान नहीं बना पा रहे।

ऋषिकेश नगर निगम में शामिल किए गए 17 ग्रामीण वार्डों में पानी का बिल ज्यादा आने की शिकायत पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। गड़ी एवं भल्ला फार्म में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई कर अवगत कराने की निर्देश दिए गए। जन सुनवाई में रजिस्ट्री में गडबडी, निजी भूमि पर अतिक्रमण, जमीन धोखाधडी, सीवर लाईन, यूनीपोल, सामाजिक पेंशन आदि मुद्दे छाए रहे

जन सुनवाई के दौरान ऋषिकेश विधायक प्रेम चन्द्र अग्रवाल, महापौर शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमओ डा. एमके शर्मा, एसडीएम योगेश मेहरा, पीडी डीआरडीए विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

यूकॉस्ट देहरादून द्वारा पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला “सेवेरल कॉम्प्लेक्स वैरिएबल्स” का आयोजन 

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उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), देहरादून द्वारा नेशनल बोर्ड फॉर हायर मैथमेटिक्स, पुणे के संयुक्त तत्वाधान में आज दिनाक 15 नवंबर, 2025 से पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला “सेवेरल कॉम्प्लेक्स वैरिएबल्स” का आयोजन गया। यह कार्यशाला गणितीय विश्लेषण के एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आधुनिक क्षेत्र पर केंद्रित है।


इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि सेवेरल कॉम्प्लेक्स वैरिएबल्स का गहरा संबंध ज्यामिति, आंशिक अवकल समीकरणों तथा गणितीय भौतिकी से है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश और विदेश के अग्रणी शोधकर्ताओं तथा युवा वैज्ञानिकों के बीच अकादमिक संवाद और सहयोग को बढ़ावा देगा।


कार्यशाला के प्रथम दिवस के दौरान प्रो. केंगो हिराची, यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो, जापान, प्रो. मार्को अबाते, यूनिवर्सिटी ऑफ पीसा, इटली, प्रो. कौशल वर्मा , आई.आई.एस.सी., बंगलौर द्वारा विशेष तकनीकी सत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मिनी कोर्स पर व्याख्यान दिए गए । इसी क्रम में प्रो. युसाकु टिबा, जापान तथा डॉ. मयुरेश लोंढे द्वारा आमंत्रित व्याख्यान व्याख्यान दिए गए ।
कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि यह कार्यशाला ज्ञान-विनिमय, शोध सहयोग और अकादमिक नेटवर्किंग का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी। डॉ राणा ने बताया की इस कार्यशाला में 07 आई.आई.टी, 05 आई.आई.एस.इ.आर. समेत देश एवं विदेश के 10 से अधिक शोधार्थी द्वारा प्रतिभाग कर रहे हैं।
यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन युवा शोधकर्ताओं को नई दिशा देने के साथ-साथ देहरादून को उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यूकॉस्ट की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगा।
इस अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का संयोजन डॉ. गोपाल दत्त (बी.बी.एयू, लखनऊ), डॉ. संजय कुमार पंत (दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. विक्रमजीत सिंह चंदेल (आईआईटी कानपुर) एवं डॉ. राजेंद्र सिंह राणा द्वारा किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में जापान, आयरलैंड, इटली, तुर्किये, भारत के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से 60 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

उत्तरांचल प्रेस क्लब क्रिकेट टूर्नामेंट में दून किंग राइडर ने 1 रन से जीत हासिल कर फाइनल में बनाई जगह

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देहरादून, 15 दिसंबर। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह माजिला क्रिकेट टूर्नामेंट में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आज के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में दून किंग राइडर बनाम दून लायंस के बीच खेला गया। दून किंग राइडर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दून लायंस को 1 रन से परास्त कर फाइनल में पहुंचे। आज के मैच के मैन ऑफ द मैच साकेत पंत रहे

मुख्य अतिथि देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने खिलाड़ियों से परिचय लेकर खेल का शुभारंभ किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का श्रेष्ठ मंच है। उन्होंने कहा कि इतने रोमांचक मुकाबले युवाओं में खेल के प्रति सकारात्मक ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देते हैं। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित यह क्रिकेट टूर्नामेंट पत्रकारिता जगत के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को भी एकजुट करने का सराहनीय प्रयास है।

जिलाधिकारी ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों के खेल भावना से भरे प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि अंतिम गेंद तक चले इस मुकाबले ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। उन्होंने दून किंग राइडर की एक रन से मिली जीत पर बधाई देते हुए फाइनल में उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की कामना की, वहीं दून लायंस के खिलाड़ियों की जुझारू खेल भावना की भी प्रशंसा की।

उन्होंने उत्तरांचल प्रेस क्लब की पूरी टीम, आयोजन समिति और खेल संयोजक को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह कण्डारी ने मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। श्री कण्डारी ने दून किंग राइडर की एक रन से मिली शानदार जीत पर टीम को बधाई देते हुए फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं, साथ ही दून लायंस के खिलाड़ियों के जुझारू प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, आयोजन समिति, खेल संयोजक एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।

दून किंग राइडर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 139 रन बनाए। जवाबी कार्यवाही में दून लायंस ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 138 रन ही बना पाई।

दून किंग राइडर के बल्लेबाज कप्तान सुनील कुमार ने 29 और भानु प्रकाश ने 25 रन का शानदार योगदान दिया। इसके साथ ही हिमांशु बरमोला ने 22, साकेत पंत ने 16 रनो की पारी खेली। अन्य बल्लेबाजों का भी अच्छा योगदान रहा। दून लायंस के सोबन सिंह गुसाईं ने 3 विकेट व प्रकाश भण्डारी, विशु सैनी, शक्ति बर्त्वाल ने 1-1 विकेट लिया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए दून लायंस के बल्लेबाजों ने में सोबन ंिसंह गुसाईं ने 66 रन, संजय नेगी ने 24 रन, प्रवीन बहुगुणा 22 रन बनाए। दून किंग राइडर के गेंदबाजों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए साकेत पंत ने 3, हिमांशु बरमोला व योगेश सेमवाल, सुनील कुमार ने 1-1 विकेट लिए।

खेल निर्णायक अनीस अहमद, आयुष नेगी, प्रियांश नेगी, ने निभाई। कमेंट्री बाक्स में राजेश बहुगुणा, वीके डोभाल ने निभाई।

इस अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब महामंत्री सुरेन्द्र सिंह डसीला, खेल संयोजक अभय सिंह कैंतुरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, संयुक्त मंत्री रश्मि खत्री, कोषाध्यक्ष अनिल चन्दोला, संप्रेक्षक शिवेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मौ. असद, मनवर रावत, संदीप बडोला, रमन जायसवाल, दीपक बड़थ्वाल, किशोर रावत आदि मौजूद रहे।

अभय सिंह कैंतुरा
खेल संयोजक

सीएम धामी ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और आगामी कुंभ मेले के सफल आयोजन की की कामना

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हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल-हरिद्वार में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ ही सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में दुग्धाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य ढंग से आयोजित करने की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारियों एवं साधु-संतो से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला का आयोजन प्रदेश के लिए बहुत बड़ा सुअवसर है। देश व दुनिया में कुंभ मेला एवं कुंभ नगरी हरिद्वार का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य सरकार कुंभ मेला के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए ठोस कार्य कर रही है। कुंभ मेला क्षेत्र को विस्तार देने तथा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को लेकर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। ताकि देश-दुनिया से आने वोल लोग यहां से बेहतर अनुभव लेकर लौट सकें।

मुख्यमंत्री ने साधु-संतो से प्रदेश सरकार को मिल रहे आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए आगामी कुंभ मेले को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु सांधु-संतों और स्थानीय लोगों से निरंतर समर्थन व सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।

इस अवसर पर श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने संस्कृति के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्य एवं भव्य कुंभ आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।

इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत राजेंद्र दास, दिगंबर अखाड़े के वैष्णो दास, निर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत मुरलीदास, निर्मल अखाड़े के कोठारी जसविंदर सिंह, बड़ा उदासीन अखाड़े के राघवेंद्र दास, नया अखाड़े से जगतार मुनि, अटल अखाड़े के सत्य गिरी, मनोज गिरी सहित अनेक साधु-संत मौजूद रहे।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, दायित्वधारी सुनील सैनी, ओमप्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशु चौधरी, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।