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सूचना: 15 दिसंबर को ऋषिकेश में जिलाधिकारी सुनेंगे जनता की बात: जन भागीदारी की की अपील

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जन हित के मुद्दों पर डीएम की सीधी सुनवाई, शिकायतों का तुरंत निपटारा

*समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासन सक्रिय, लोगों से पहुंचने की अपील*

*देहरादून।
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार, 15 दिसंबर को तहसील परिसर ऋषिकेश में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि जन सुनवाई के दौरान क्षेत्रवासियों की समस्याएँ, शिकायतें और आवेदन सीधे जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी स्वयं मौके पर जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे। जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में पहुँच कर अपनी समस्याएँ रखने की अपील की है, ताकि उनका समयबद्ध समाधान किया जा सके। मुख्य विकास अधिकारी ने अपने विभागों से संबंधित शिकायतों, आवेदन पत्रों तथा लंबित मामलों की जानकारी सहित पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए है, ताकि मौके पर ही जन समस्याओं का समाधान कराया जा सके। जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट लाल पानी, पशुलोक बैराज तथा आस्था पथ का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

PRD जवानों को सीएम धामी की बड़ी सौगात : पीआरडी जवानों के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान की की जाएगी स्थापना 

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धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के प्रतीक हैं पी.आर.डी जवान : सीएम धामी

देहरादून।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को ननूरखेड़ा, देहरादून स्थित निदेशालय युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल परिसर में प्रान्तीय रक्षक दल के ‘स्थापना दिवस’ के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दिवंगत पीआरडी स्वयंसेवकों के आश्रितों को सहायता राशि एवं पीआरडी जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति के चेक भी प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की पी.आर.डी जवानों के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी।पीआरडी जवानों को भी अब ड्यूटी के दौरान चिकित्सालय में भर्ती होने की स्थिति में उपचार के दौरान ड्यूटी पर ही माना जाएगा और उन्हें अधिकतम छह माह का मानदेय प्रदान किया जाएगा। ग्राम अस्थल रायपुर में खेल मैदान का निर्माण भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने प्रांतीय रक्षक दल के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पी.आर.डी जवान, धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश में सुरक्षा और जनसेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। पीआरडी जवान, प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने, सुरक्षा व्यवस्था, लिपिकीय कार्यों और विभिन्न विभागीय का दायित्वों, प्राकृतिक आपदाओं में चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में कार्य कर प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। चार धाम यात्रा के दौरान भी जवानों ने धैर्य, संवेदनशीलता और सजगता के साथ लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराने में सहयोग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने पीआरडी जवानों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य गठन के समय पीआरडी जवानों को मात्र 65 रुपये प्रतिदिन भत्ता मिलता था। अब उसमें 10 गुना वृद्धि करते हुए उसे 650 रुपये प्रतिदिन किया गया है। पीआरडी जवानों के आश्रित बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने मृत एवं घायल PRD जवानों और उनके आश्रितों को 70 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हुए पीआरडी जवानों को 18 लाख रुपये का एकमुश्त सेवा-भत्ता भी प्रदान किया है। साम्प्रदायिक दंगों में ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर ₹ 2 लाख किया गया है।

पीआरडी जवान की अति- संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु होने पर देय राशि 75 हजार रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये की है। सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की दशा में मिलने वाली राशि को भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है।

पीआरडी जवान की अति- संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु होने पर देय राशि 75 हजार रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये की है। सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की दशा में मिलने वाली राशि को भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साम्प्रदायिक दंगों और अति-संवेदनशील ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले स्वयंसेवकों के अंतिम संस्कार के लिए नई नियमावली में अलग से प्रावधान किया है। प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले नुकसान के लिए भी संबंधित अधिकारी की संस्तुति पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान भी PRD जवानों के लिए किया है।

सीएम धामी ने कहा जवानों की सेवा के प्रति निष्ठा और समर्पण का सम्मान करते हुए हमनें वर्ष 2023 में मृत एवं अपंग जवानों के आश्रितों को पीआरडी जवान के रूप में पंजीकृत करना प्रारंभ किया था। जिसके पश्चात अब तक पंजीकृत 190 आश्रितों में से 133 आश्रितों को रोजगार भी प्रदान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस माह 149 पंजीकृत आश्रितों को विभागीय अर्द्ध सैन्य प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे वे अपने कौशल में वृद्धि कर सकेंगे और भविष्य में पीआरडी सेवा के विभिन्न दायित्वों को और अधिक दक्षता और तत्परता के साथ निभाने में सक्षम होंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पीआरडी जवान, हर स्थिति में प्रदेश की सेवा करते हैं। चुनावों , पर्व त्यौहारों, आपदा से लेकर आम दिनों तक पीआरडी जवान हमेशा आगे रहते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीआरडी जवानों के हितों में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। 2022 से इस स्थापना दिवस को भव्य रूप से मनाया जा रहा है। पीआरडी विभाग का बजट 60 लाख से बढ़ाकर 135 करोड़ हो गया है। आज हमारे 7500 से अधिक पीआरडी जवान अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इस दौरान कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक युवा कल्याण राकेश डिमरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

बड़ी कार्यवाही: लापरवाही को लेकर पौड़ी के डीएफओ पर गिरि गाज:   मुख्यमंत्री ने हटाने के दिए निर्देश

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वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में स्कूली नौनिहालों को मिलेगी एस्कार्ट की सुविधा: मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानव वन्यजीव संघर्ष को खत्म करने के लिए वन विभाग के साथ ही शासन-प्रशासन के स्तर पर भी प्रभावी प्रयास किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना की सूचना मिलने के 30 मिनट के अन्दर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच जाए। इसके लिए संबंधित डीएफओ और रेंजर की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रभावितों को आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने पौड़ी में मानव -वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के दृष्टिगत पौड़ी के डीएफओ को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का अधिक भय है, ऐसे क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और घर तक लाने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाए।

मानव-वन्यजीव संघर्ष में किसी परिवार से कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना, ऐसी स्थिति से निपटने के लिए वन विभाग प्रभावित परिवार की आजीविका को सहायता देने के लिए दो सप्ताह के अंदर नीति बनाकर प्रस्तुत करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जिन भी उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहली जिम्मेदारी वन्यजीवों से लोगों के जीवन को बचाना है, इसके लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाए। जंगली जानवर आबादी क्षेत्रों में न आये, इसके लिए स्थाई समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों के माध्यम से निरंतर नजर बनाये रखें।
वन कर्मी लगातार निगरानी रखें, साथ ही ग्रामीणों के साथ अपना संवाद मजबूत रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तियों के आस पास जंगली झाडियों को अभियान चलाकर साफ किया जाए, साथ ही बच्चों और महिलाओं को विशेष तौर पर आस पास वन्य जीवों की मौजूदगी को लेकर जागरुक किया जाए।

बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, सी रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, अपर सचिव हिमांशु खुराना शामिल हुए।

SGRRIM&HS देहरादून में कैडैवरिक ओथ समारोह का हुआ समापन

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देहरादून। 10 दिसबंर 2025 श्री गुरु राम राय इंस्टीटयूट ऑफ फ मेडिकल एंड हेल्थ सांइसेज (एसजीआरआरआईएमएण्डएचएस) देहरादून के एनाटाॅमी विभाग में एमबीबीएस 2025 बैच के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए कैडैवरिक ओथ (शव प्रतिज्ञा) समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बाॅडी डोनेशन (शरीर दान) के महत्व से अवगत कराना और चिकित्सा शिक्षा में कैडैवर को प्रथम शिक्षक के रूप में सम्मान देने की भावना विकसित करना था।


कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि डाॅ. संजय अग्रवाल, मैडम जसवीर कौर, श्री इंद्रजीत सिंह और श्री राजकिशोर जैन द्वारा संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्वलन के साथ हुई।
एनटाॅमी विभाग की विभागध्यक्ष प्रो. हरमीत कौर ने दीप प्रज्वलन कर समारोह की औपचारिक शुरूआत की।
इसके पश्चात सरस्वती वंदना और एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को कैडैवरिक ओथ दिलाई गई।


मुख्य अतिथि डाॅ. संजय कुमार अग्रवाल महासचिव आखिल भारतीय अग्रवाल सोसाइटी ने अपने संबोधन में कहा मुझे प्रसन्नता है कि लोग मेडिकल काॅलेजो के लिए नियमित रूप से अपने शरीर दान करने के लिए आगे आ रहे है।
श्री इंदरजीत सिंह महासचिव गुरसिख एजुकेशन ट्रस्ट ने बताया कि वे और उनकी बीस वर्षीय बेटी पहले ही बाॅडी डोनेशन फाॅर्म भर चुके है और चिकित्सा शिक्षा को सेवा देने की अपनी इच्छा व्यक्त कर चुके है। मैडम जसवीर कौर गुरसिख एजुकेशन सोसाइटी की प्रमुख स्तंभ एवं ट्रस्ट की प्रोजेक्ट कोआॅर्डिनेटर ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।


श्री राजकिशोर जैन अध्यक्ष- जैन मिलन ने छात्र-छात्राओं को आर्शीर्वाद प्रदान किया।
अपने संबोधन मेें डाॅ. हरमीत कौर ने कैडैवरिक शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कैडैवर मेडिकल छात्र-छात्राओं का प्रथम शिक्षक होता है।
उन्होंने बताया कि कैडैवरिक ओथ एक पवित्र प्रतिज्ञा है, जिसमें विद्यार्थी मानव शरीर को डिस्क्ट करने से पूर्व दाता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते है। कैडैवर को अपने प्रथम गुरु के रूप में स्वीकार करते है और प्राप्त ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा में नैतिक तरीके से करने का संकल्प लेते है।
उन्होंने कहा कि समाज द्वारा मेडिकल काॅलेज को दान किए गए शरीर पवित्र और महान आत्माए होते है। डाॅ. हरमीत ने गर्वपूर्वक जानकारी दी कि मात्र चार दिन पूर्व ही एसजीआरआरआईएमएण्डएचएस के संकाय सदस्य डाॅ. मनोज के गुप्ता ने अपने पिता का पवित्र शरीर काॅलेज को दान किया है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से समाज में शरीर दान के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की ।
कार्यक्रम में डाॅ. निधि जैन, डाॅ. शशि मुन्जाल, डाॅ. एस.अली, डाॅ. वंदना तिवारी, डाॅ. अनिशा नौटियाल, डाॅ. चंचल शर्मा, डाॅ. प्रिया अधाया और डाॅ. निकिता पोखिया की गरिमामयी उपस्थिति रही।

डीएम सविन बंसल ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की की समीक्षाः  विभागों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश

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मुख्यमंत्री घोषणाएं प्राथमिकता-डीएम सविन बंसल ने विभागों को चेतायाः लापरवाही हरगिज बर्दाश्त नहीं

डीएम का निर्देशः सभी विभाग तुरंत पोर्टल पर प्रगति अपडेट करें, देरी या बहाने क्षम्य नहीं

*मात्र कार्रवाई गतिमान, एचओडी-शासन पर लंबित तर्क घोषणा पूर्ति हेतु नाकाफी-डीएम*

*डीएम का जोरः भूमि बाधाएं हटें और शासन स्वीकृत घोषणाएं तुरंत धरातल पर उतरे,*

*जिले के सर्वांगीण विकास के लिए जनकल्याणकारी नीतियों को समयबद्ध धरातल पर लाना है जरूरी*

*देहरादून ।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार में मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागवार समीक्षा बैठक ली। बैठक में डीएम ने सभी विभागों द्वारा घोषणाओं पर की गई प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं प्राथमिकता वाले कार्य हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागवार प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए धीमी गति से चल रहे कार्यों पर नाराज़गी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान आवास, एमडीडीए, नगर निगम, खेल, युवा कल्याण आदि विभागों में भूमि चयन समस्या के कारण लंबित घोषणाओं पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संबंधित एसडीएम के साथ समन्वय करते हुए समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि दूसरे विभाग से संबंधित जिन घोषणाओं को स्थानांतरित किया जाना है उनका प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर संबंधित विभागों को तत्काल उपलब्ध करें। सभी विभाग सीएम घोषणाओं की प्रगति को तत्काल रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम घोषणाओं में किसी प्रकार का कोई तर्क, वितर्क, देरी, लापरवाही क्षम्य नहीं है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले स्तर से जिन घोषणाओं पर कार्रवाई की जानी है, उनमें तत्काल और त्वरित गति से कार्य किया जाए। निर्माण कार्याे के लिए आंगणन गठित करते हुए टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराया जाए। डीएम ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन घोषणाओं पर निर्णय या स्वीकृति शासन स्तर से अपेक्षित है, उन्हें संबंधित विभाग उच्च स्तर पर प्रभावी रूप से परस्यू करें, ताकि प्रक्रियाएं समय पर आगे बढ़ सकें। किसी कारण से जिन घोषणा को पूर्ण कराया जाना संभव नही हो पा रहा है, उन्हें शासन से स्वीकृति लेकर विलोपित किया जाए। शासन से स्वीकृत घोषणा को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं, जनसुविधाओं के विस्तार और अवसंरचना से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021 से अब तक कुल 491 घोषणाएं की गई। इसमें से 305 घोषणा पूर्ण कर ली गई है तथा 107 घोषणाओं में कार्य प्रगति पर है और 76 घोषणाओं में शासन एवं विभागीय स्तर कार्यवाही गतिमान है। जबकि तीन घोषणाओं को मर्ज कर दिया गया है। मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग की 10, आवास की 05, पेयजल की 07, शहरी विकास 12, समाज कल्याण की 10, विद्यालयी शिक्षा की 09, वन विभाग 04, पर्यटन 06, युवा कल्याण 04, पंचायती राज 03, बाल विकास 02 आदि पर घोषणाओं गतिमान है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमके शर्मा, सीईओ वीके ढ़ौडियाल, डीडीओ सुनील कुमार, डीएसटीओ एसके गिरी सहित सभी संबंधित विभागों वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

Big Breaking: कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई संपन्न: कुल 19 प्रस्तावों पर लगी मोहर 

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राज्य ने ‘जन विश्वास एक्ट’ लागू: छोटे–मोटे अपराधों में कारावास की सजा को घटाकर आर्थिक दंड बढ़ाने का लिया गया निर्णय

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

कैबिनेट द्वारा लिए के महत्वपूर्ण निर्णय

 

1. बिजली लाईनों और टावरों के लिए भूमि मुआवजा बढ़ाया गया — टावर के 1 मीटर परिधि में आने वाले हिस्से को 200% सर्किल रेट के आधार पर भुगतान होगा।

2. सर्किल रेट और बाजार रेट (मार्केट वैल्यू) में अंतर की समीक्षा के लिए एक नई समिति गठित की जाएगी।

3. छोटे अपराधों में जेल की सजा हटाकर जुर्माने की व्यवस्था लागू की गई — जैसे कृषि में प्रतिबंधित पेस्टिसाइड के उपयोग पर अब ₹5 लाख तक का जुर्माना।

4. आवास विभाग की ग्रीन बिल्डिंग प्रोत्साहन नीति को मंजूरी —
प्लैटिनम ग्रेड को अतिरिक्त 5% FAR, गोल्ड को 3%, सिल्वर को 2% FAR मिलेगा

5. वाणिज्यिक क्षेत्रों में ग्राउंड कवरेज के नियमों में राहत — अब बैक-सेटिंग आधारित रेगुलेशन लागू होगा।

6. इको-रिज़ॉर्ट को अब सामान्य रिज़ॉर्ट की तरह उपयोग करने की अनुमति — इसके लिए लैंड-यूज़ परिवर्तन की जरूरत नहीं होगी।

7. सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई तय — पहाड़ी क्षेत्र में 6 मीटर, मैदानी क्षेत्रों में 9 मीटर अनिवार्य।

8. बहुमंजिला इमारतों में सड़क-स्तर वाली पार्किंग की ऊँचाई को इमारत की कुल ऊँचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। “मोटल” कैटेगरी को पूरी तरह हटा दिया गया।

9. लैंड-पूलिंग / टाउन-प्लानिंग नीति को पूरी मंजूरी — अब यह “नीति” नहीं, बल्कि स्कीम के रूप में लागू होगी।
भूमि मालिकों की जमीन लेकर बदले में उन्हें विकसित क्षेत्र में हिस्सेदारी दी जाएगी।

10. GST / VAT संशोधन से संबंधित अध्यादेश को मंजूरी — कर प्रशासन को और सरल करने पर जोर।

11. तकनीकी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी भर्ती अब लोक सेवा आयोग (PSC) नहीं करेगा — भर्ती विश्वविद्यालय स्तर पर होगी।

12. लोक निर्माण विभाग (PWD) में JE पद के लिए नियम बदलाव —
5% प्रमोशन को हटाकर अब 10 साल सेवा के बाद सीधे JE बनने का प्रावधान।

13. नैनी सैणी एयरपोर्ट को Airport Authority of India (AAI) संचालित करेगी — संचालन व्यवस्था बदली गई। सितारगंज के कल्याणपुर में पट्टे की जमीन के नियमितीकरण में 2004 वाला सर्किल रेट लागू किया जाएगा।

14. डेयरी/सहकारिता विभाग में “घासियारी कल्याण एवं साइलेज योजना” की सब्सिडी को संशोधित करके 75% से घटाकर 60% किया गया।

15. देहरादून के रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को GST छूट — रॉयल्टी व GST की राशि रिम्बर्स (वापस) की जाएगी।

16. सगंध पौधा अनुसंधान केंद्र का नया नाम तय — इसे अब Institute of Perfume कहा जाएगा।

17. 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर नए वाहन खरीदने वालों को टैक्स छूट मिलेगी।

18. युवा भविष्य निर्माण योजना को मंजूरी — UPSC, NET, GATE आदि परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग, लाइव क्लास और डाउट-क्लीयरिंग सुविधा मिलेगी।

19. अधिवक्ता नियुक्ति व अभियोजन प्रणाली ढांचे में बदलाव —
7 साल से कम की सजा वाले मामलों की अपील जिला स्तर पर और उससे ऊपर के मामले राज्य स्तर पर जाएंगे।

दून की विलुप्त होती बासमती को जिला प्रशासन ने दिलाई पहचान: 200 से अधिक कुंतल की खरीद से किसानों के खातों में पहुंचे 13 लाख

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मुख्यमंत्री के निर्देशन पर जिला प्रशासन ने विलुप्त दून बासमती को दिलाई नई पहचान

ग्राम उत्थान व कृषि विभाग के सहयोग से सहसपुर व विकासनगर के किसानों ने बढ़ाई दून बासमती की राह*

*रोपाई से मार्केट तकः दून बासमती को विभाग का मिला पूरा सहयोग*

*जिला प्रशासन ने दून बासमती खरीदा 65 रुपए किलो, किसानों को मिला बढ़िया मुनाफा*

*महिला शक्ति की अनूठी भूमिकाः 200 प्लस महिला समूहों ने दी बासमती को नई राह*

*दून बासमती के पुनर्जीवन में समूह की महिलाओं ने निभाई अहम भूमिका*

ग्राम उत्थान और क़ृषि विभाग के विशेष प्रशिक्षण से दून बासमती की फसल को बनाया अधिक उपजाऊ

हिलान्स और हाउस ऑफ हिमालय ने खोले महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विलुप्ति के कगार पर पहुँच चुकी राजधानी की मशहूर दून बासमती धान के पुनर्जीवन का संकल्प अब धरातल पर साकार होता हुआ दिख रहा है। जिला प्रशासन की दूरदर्शी पहल ने इस पारंपरिक और सुगंधित धान को फिर से नई पहचान और नई ऊर्जा प्रदान की है। दून बासमती, जो कभी देहरादून की पहचान और किसानों की शान थी, कई वर्षों से घटते उत्पादन और आधुनिक किस्मों की आड़ में लगभग समाप्त होती दिख रही थी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशन और जिला प्रशासन की सक्रियता ने इस कीमती धान की पैदावार को फिर से जीवित किया है।

जिला प्रशासन की सराहनीय पहल की बदौलत देहरादून के सहसपुर और विकास नगर के किसानों ने दून बासमती की टाइप-3 खेती/फसल को विस्तार दिया। वही नई पहचान के साथ अन्य किसानों को भी आगामी फसल के लिए प्रोत्साहित किया। किसानों के इस प्रयास ने न केवल इस पारंपरिक फसल को नई दिशा दी, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गया। जिला प्रशासन की ओर से सहसपुर और विकास नगर के किसानों व समूह की महिलाओं को दून बासमती धान की अच्छी उपज के लिए ग्राम उत्थान और कृषि विभाग की ओर से प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन व बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराई गई। किसानों व महिला स्वयं सहायता समूह ने जिला प्रशासन की इस पल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

किसानों के खेती से लेकर प्रसंस्करण और बिक्री तक हर स्तर पर उनकी सक्रिय भागीदारी से दून बासमती के उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार आया है साथ ही उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। ग्राम उत्थान विभाग द्वारा इन सभी किसानों व समूह की महिलाओं से ₹65 प्रति किलो के हिसाब से 200 से अधिक क़ुतंल दून बासमती धान की खरीद की गई है। जहां ग्राम उत्थान विभाग द्वारा किसानों को 13 लाख से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। ग्राम उत्थान द्वारा खरीदे गए दून बासमती को हिलान्स और हाउस ऑफ हिमालय के माध्यम से दून बासमती को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन की एक सराहनीय पहल है। जिससे न केवल दून बासमती धान को पुनर्जीवन मिलेगा साथ ही स्थानीय समूह की महिला किसानों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। दून बासमती धान से निकलने वाले बाय प्रोडक्ट से आगामी दिनों में समूह की महिलाओं को खेती से प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग की सुविधा से रोजगार मिलेगा। वही दून बासमती धान की खेती कर रहे किसानों ने जिला प्रशासन की इस कदम को सफल बताते हुए कहा कि जो दून बासमती विलुप्त के कगार पर थी वहां अब पुनः बड़े स्तर पर खेती करके पुनर्जीवित हो रही है। समूह की महिलाओं ने बताया कि देहरादून जिस दून बासमती के लिए जाना जाता था उसकी सुगंध और उसकी फसल अब जिला प्रशासन की पहल से दून में अलग पहचान से पहचानी जाएगी.

देहरादून जिला परियोजना प्रबंधक रीप कैलाश भट्ट ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह द्वारा दून बासमती को पुनर्जीवित करने की पहल वाकई में किसानों व समूह की महिलाओं के लिए लाभदायक साबित हुई है। उन्होंने बताया कि किसानों के द्वारा ही दून बासमती का मूल्य 65 रुपए किलो भी तय किया गया था। जिससे किसानों को भी अपनी फसल का सही दाम मिल सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में दून बासमती विलुप्त हो रही प्रजाति को पुनर्जीवित करने के संकल्प से इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है। दून बासमती को पुनः परंपरागत तरीके से पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कार्य योजना बनाई गई। उन्होंने बताया कि सबसे पहले हमारे द्वारा परंपरागत तरीके से खेती करने वाले किसानों को चयनित किया गया। साथ ही इन सभी किसानों को क्लाइमेट चेंज के अनुसार प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि दून बासमती की फसल के बाद चयनित किसानों को कृषि विभाग द्वारा सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। जिससे की दून बासमती धान को सर्टिफाइड किया जा सके।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

मंत्री हरक सिंह रावत द्वारा सिख समुदाय को लेकर की गई टिप्पणी पर माफी मांगने के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी

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विषय: उत्तराखंड एक शांतिप्रिय प्रदेश के रूप में जाना जाता है, कुछ लोग अनर्गल मुद्दों को बढ़ावा देकर प्रदेश में आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं।

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के निवास के बाहर हुए प्रदर्शन की उत्तराखंड का सिख प्रबुद्ध समाज कड़ी निंदा करता है। प्रशासन को इस मामले में सख्ती से निपटना चाहिए और भविष्य में भी प्रदेश में शांति भंग करने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर विधिक कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर चल रही फोटो, वीडियो और पोस्टों पर की जा रही टिप्पणियों से साफ समझ आता है कि आपसी भाईचारे और समाज को बांटने की राजनीति कौन कर रहा है और हरक सिंह रावत द्वारा सार्वजनिक रूप से खेद और क्षमा प्रकट करने के बावजूद इस प्रकरण से राजनीतिक लाभ कौन लेना चाहता है। सभी को समझना चाहिए कि “सिखों के नाम पर उत्तराखंड में ओछी और स्वार्थी राजनीति की जा रही है” हरक सिंह रावत के निवास पर हुई इस घटना को सिख समाज से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, यह विशुद्ध रूप से प्रायोजित प्रदर्शन प्रतीत होता है।

उत्तराखंड में सिख समाज ने हमेशा आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया है और आगे भी उसी पर चलने का संकल्प निभाता रहेगा।

अमरजीत सिंह
9412050777

सीएम धामी ने  “मेरी योजना पुस्तक पर विचार गोष्ठी एवं मेरी योजना उत्तराखंड पोर्टल का किया शुभारंभ

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यह पुस्तकें लाभार्थियों को योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान करने के साथ आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज व पात्रता संबंधी जानकारी भी करेगी प्रदान :  मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तकों पर विचार गोष्ठी में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मेरी योजना पोर्टल उत्तराखण्ड (myscheme.gov.in) का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना मार्गदर्शिका पुस्तक के “मेरी योजना”, “मेरी योजना- राज्य सरकार” तथा “मेरी योजना – केंद्र सरकार” तीनों संस्करणों के माध्यम से राज्य का प्रत्येक नागरिक केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है और उनका लाभ उठा सकता है। जिस उद्देश्य से इन पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया है, उस दिशा में हमारे प्रयास सार्थक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही उसका लाभ राज्य के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना है।

सीएम धामी ने कहा कि यह पुस्तकें लाभार्थियों को योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान करने के साथ – साथ आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज व पात्रता संबंधी जानकारी भी प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में एक नई कार्य संस्कृति की स्थापना करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकेंद्रित नीतियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आज जनता से जुड़ी योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाया जाता है।

राज्य सरकार भी सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न पेंशन योजनाओं की धनराशि लोगों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति के खाते में आ जाए, इसकी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। जहां एक ओर राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं,

वहीं, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं। ’हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही है।

‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहल के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के कार्य किये जा रहे हैं।

सीएम धामी ने सभी से अपील की कि राज्य के स्थानीय उत्पादों और लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में प्रदान किये जाने वाले स्मृति चिन्ह राज्य में निर्मित उत्पादों के ही हों। इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयासों से हमारे कारीगरों, मातृ शक्ति, हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे जब भी किसी कार्यक्रम में जाते हैं या देशभर में महानुभावों से भेंट के दौरान भी उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद ही भेंट करते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से यह एक सराहनीय प्रयास है। एकीकृत पोर्टल के माध्यम से पात्र लोगों को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पायेगा। यह अंत्योदय की भावना का बड़ा उदाहरण है।

सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने कहा कि कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग का मुख्य उद्देश्य योजनाओं और सेवाओं का सरल तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाना है।

मेरी योजना के तीन संस्करणों के माध्यम से राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। योजनाओं के लिए पात्रता और प्रक्रिया पर विशेष फोकस किया गया है।

इस दौरान कार्यक्रम में मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार, सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तरांचल प्रेस क्लब क्रिकेट टूर्नामेंट में दून सुपर किंग व दून चैंपियंस ने शानदार मुकाबले में की जीत दर्ज

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देहरादून, 10 दिसंबर। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह माजिला क्रिकेट टूर्नामेंट में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आज के पहले मुकाबले में दून सुपर किंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दून किंग राइडर को 8 विकेट से परास्त कर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। वही दूसरे मुकाबले में दून चैंपियन ने दून टाइटंस को 55 रनों से पराजित किया।

पहले मुकाबले में दून किंग राइडर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 16.4 ओवर में 10 विकेट खोकर मात्र 87 रन ही बना पाई। दून किंग राइडर में हिमांशु बरमोला ने 18 रन, साकेत पंत ने 17 रन, कप्तान सुनील कुमार ने 11 रन, अभय कैंतुरा 6, मदन सिंह 5, योगेश सेमवाल 4, सुनील नेगी ने 2 रन बनाए। दून किंग राइडर के गैंदबाज साकेत पंत व अभय कैंतुरा ने 1-1 विकेट लिया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए दून सुपर किंग के बल्लेबाजों ने 11.4 ओवर मंे 2 विकेट खोकर 88 रन बनाए और 8 विकेट से शानदार जीत हासिल की। दून सुपर किंग के बल्लेबाज मनीष डंगवाल ने अपनी टीम के लिए 39 रन, सोहन परमार ने 15, मातबर सिंह कण्डारी ने 11 व शैलेन्द्र सेमवाल ने 10 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। वहीं दून सुपर किंग के गेंदबाज कप्तान हर्ष उनियाल न 4 विकेट, मनीष डंगवाल ने 2 विकेट, दीपक पुरोहित, मातबर सिंह कण्डारी व सुरेन्द्र सिंह डसीला ने 1-1 विकेट लिए।

आज के दूसरा मैच में दून चैंपियन बनाम दून टाइटंस के बीच खेला गया। जिसमें दून चैंपियन ने निर्धारित ओवर 20 में 7 विकेट खोकर 158 रनों का विशाल स्कोर बनाकर जीत दर्ज की। वहीं लक्ष्य का पीछा करते दून टाइटंस की टीम ने 17.4 ओवर में 10 विकेट खोकर 103 रन ही बना पाई।

बल्लेबाजी करते हुए दून चैंपियन के बल्लेबाज कप्तान शिवेश शर्मा ने अच्छी पारी का प्रदर्शन करते हुए 42 रन, किशोर रावत 32, योगेश शैली ने 21, मनमोहन शर्मा ने 19, नागेन्द्र नेगी ने 14, मनबर रावत ने 5 व अनिल चन्दोला ने 2 रन बनाए। टीम के गेंदबाज नागेन्द्र नेगी ने 3 विकेट, कप्तान शिवेश शर्मा व मनबर रावत ने 2-2 विकेट, किशोर रावत व संदीप बड़ोला ने 1-1 विकेट लिए।

लक्ष्य का पीछा करते हुए दून टाइटंस के बल्लेबाजों में कप्तान सुमन सेमवाल ने 29 रन, प्रवीन नेगी ने 17, हिमांशु जोशी ने 13, अमित शर्मा ने 9, अरविंद रावत ने 7, राजू पुशोला ने 5, विजय जोशी ने 3 व अजय राणा ने 2 रन बनाए। वहीं गेंदबाज अरविंद रावत व अजय राणा ने 3-3 विकेट लिए, और प्रवीन नेगी ने 1 विकेट लिया।

इस अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब महामंत्री सुरेन्द्र सिंह डसीला, खेल संयोजक अभय सिंह कैंतुरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, संयुक्त मंत्री रश्मि खत्री, कोषाध्यक्ष अनिल चन्दोला, संप्रेक्षक शिवेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मौ. असद, मनवर रावत, संदीप बडोला, रमन जायसवाल, दीपक बड़थ्वाल, किशोर रावत आदि मौजूद रहे।

अभय सिंह कैंतुरा
खेल संयोजक