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पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की भेंट : 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस के लिए किया आमंत्रित 

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पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की भेंट : 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस के लिए किया आमंत्रित

देहरादून । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शनिवार को लोक भवन में पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर 13 से 15 दिसंबर तक देहरादून में आयोजित होने वाली 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस के लिए आमंत्रित किया।

राज्यपाल ने कहा कि पब्लिक रिलेशंस भारत की आत्मा, उसकी सांस्कृतिक मूल्यों और जन-भावनाओं को समझने तथा उन्हें सही रूप में अभिव्यक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत @ 2047 के संकल्प को साकार करने में जन संपर्क की सहभागिता अनिवार्य है, क्योंकि बिना प्रभावी कम्युनिकेशन के विकास की गति मजबूत नहीं हो सकती।
राज्यपाल ने आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी तथा अन्य अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग को पब्लिक रिलेशंस क्षेत्र के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकें तभी सार्थक हैं जब उनका उपयोग भारतीय संस्कृति और समाज की जड़ों से जुड़कर किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जन संपर्क केवल संदेश पहुँचाने तक सीमित न रहे, बल्कि मार्गदर्शन और नेतृत्व देने की भूमिका भी निभाए। सोशल मीडिया के प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि सकारात्मक, तथ्यपूर्ण और जनहितकारी संचार ही समाज को दिशा दे सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अधिवेशन का ब्रोशर भेंट करते हुए संस्था की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस वर्ष अधिवेशन का मुख्य विषय “विकसित भारत @ 2047 में जनसंपर्क की भूमिका” निर्धारित किया गया है।
सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष को ध्यान में रखते हुए अधिवेशन में राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, सचिव अनिल सती, कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट, सदस्य संजय भार्गव, वैभव गोयल उपस्थित थे।

CM धामी ने बागेश्वर में की उच्च स्तरीय बैठक: स्वर्ण पदक विजेता को किया सम्मानित 

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बागेश्वर दौरे में मुख्यमंत्री ने की विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा, ताइक्वांडो खिलाड़ियों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों—लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि एवं उद्यान—की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

इस दौरान बैठक में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी प्रदेश का गौरव बढ़ाते हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ निरंतर सुचारू रहें और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बागेश्वर में पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक धरोहर और कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने साहसिक पर्यटन के नए स्थलों की पहचान करने और विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने बताया कि जनपद में प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और हेली सेवाओं के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

समाज कल्याण विभाग को जागरूकता शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पेंशन राशि प्रत्येक माह की 05 तारीख को नियमित समय पर खातों में भेजी जा रही है।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि प्राथमिक विद्यालय कपकोट अब राज्य के उत्कृष्ट विद्यालयों में शामिल है और रिवर्स पलायन देखने को मिला है, विद्यालय के उन्नयन की प्रक्रिया प्रगति पर है।

सीएम धामी ने कहा कि बागेश्वर को हर्बल जिला बनाने की दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में हर्बल उत्पादों की वैश्विक मांग को देखते हुए जनपद में व्यापक संभावनाएँ हैं। सीएम धामी ने सभी अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान, लंबित प्रकरणों का निस्तारण और लगातार जनसेवा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी कार्य लंबित न रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इस दौरान कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास, दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्यक्ष एवं शिव सिंह बिष्ट, तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कुम्भ मेला हमारी महान धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का है महापर्व : सीएम धामी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेला में उत्तराखंड की देवडोलियों तथा लोक देवताओं के प्रतीकों एवं चल विग्रहों के स्नान और शोभा यात्रा की भव्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेला हमारी महान धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महापर्व है। हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में राज्य की देवडोलियों के दिव्य स्नान एवं भव्य शोभायात्रा के आयोजन के माध्यम से देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक वैभव और समुद्ध लोक परंपरा के साक्षी बनने का सौभाग्य अर्जित कर सकेंगे। मुख्यमंत्री धामी से इस संबंध में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर कुम्भ मेला में देवडोलियों की शोभायात्रा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने का आग्रह किया था। प्रतिनिधिमंडल में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षमणी व्यास सहित अन्य पदाधिकारी सम्मिलित थे।

उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को मिली नई उड़ान: धामी सरकार की बडी पहल, अब गढ़वाल मंडल भी जुडा हवाई सेवाओं से

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नई उड़ान, नई उम्मीदेंः देहरादून से टिहरी-श्रीनगर-गौचर अब हवाई मार्ग से जुड़े

हेली सेवा ने जीता यात्रियों का दिल, समय और सुरक्षा दोनों में फायदेमंद

देहरादून
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का पहाड़ों पर एयर कनेक्टिविटी का संकल्प अब तेजी से धरातल पर उतर रहा है। कुमांऊ मंडल के बाद अब गढ़वाल मंडल में भी हावाई सेवाओं का अध्याय शुरू हो गया है। शनिवार को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से गढ़वाल मंडल के प्रमुख शहर देहरादून, टिहरी, श्रीनगर और गौचर के लिए हवाई सेवा की शुरुआत हुई। इन नए रूटों के शुरू होने से पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह का माहौल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) के तहत नई 6-सीटर हेली सेवा की शुरुआत की गई है, जो गढ़वाल मंडल के प्रमुख शहरों को सीधे राजधानी से जोड़ने का काम करेगी। नई हेली सेवा देहरादून से नई टिहरी के कोटी कॉलोनी हेलीपैड, श्रीनगर और गोचर के लिए प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित करेगी। इससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी तथा इन क्षेत्रों में आवागमन और सुविधाजनक होगा। राज्य सरकार का कहना है कि इन सेवाओं से न केवल पहाड़ी इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

सुबह की पहली हेली सेवा 10.15 बजे जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से टिहरी, श्रीनगर और गौचर के लिए उड़ान भरेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह हेली सेवा 11 बजे सीधे देहरादून के लिए वापसी करेगी। इसी क्रम को ध्यान में रखते हुए दूसरी उड़ान दोपहर 2.30 बजे जॉली ग्रांट से संचालित होगी, जो टिहरी, श्रीनगर और गौचर के लिए ही निर्धारित रूट का पालन करेगी।

जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से टिहरी का किराया ₹2000 प्रति यात्री निर्धारित किया गया है। टिहरी से आगे श्रीनगर तक का किराया ₹1000 प्रति व्यक्ति रखा गया है, जबकि श्रीनगर से गोचर तक यात्रा करने पर भी यात्रियों को ₹1000 प्रति व्यक्ति का किराया देना होगा। हेली सेवा के पहले दिन देहरादून से गोचर के लिए रवाना हुई पहली फ्लाइट में 03 यात्री सवार थे। वहीं दोपहर की फ्लाइट में 05 यात्रियों ने देहरादून से टिहरी और गोचर का सफर तय किया।

यात्रा कर रहे यात्रियों ने बताया कि इस हेली सेवा से न केवल सफर आसान हुआ है, बल्कि इससे पर्यटन को बढ़ावा, स्थानीय लोगों के लिए तेज़ आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है। देहरादून से गोपेश्वर की ओर यात्रा कर रहे विकास चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रीजनल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई हेली सेवा वाकई काबिले तारीफ है। इससे हम कम समय में यात्रा कर पा रहे हैं और इमरजेंसी के वक्त भी हेली सेवा बड़ी मददगार साबित होगी।’’

इससे पूर्व में मुख्यमंत्री की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत दून नैनीताल, बागेश्वर और हल्द्वानी से चंपावत, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, अल्मोड़ा जैसे प्रमुख शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है। यह हेली सेवा केवल एक हवाई सफर नहीं बल्कि पहाड़ की कठिनाइयों को सरल व सुगम बनाने का संकल्प है।

जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

“वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ में 300 बौद्धिक दिव्यांगजनों को डीएम, सीडीओ ने किया प्रेरित

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डीएम संग अर्ली मॉर्निंग वॉक बढा गई बौद्धिक दिव्यांगजन का हौसला

 

बौद्धिक दिव्यांग समाज के अभिन्न अंग; उनके हितो की रक्षा; सुलभ वातावरण मुहैया कराना हमारा परम दायित्वः डीएम

बौद्धिक दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में जोड़ना है लक्ष्य; सरकार; प्रशासन निरंतर प्रयासरत्

देहरादून। विश्व दिव्यांग सप्ताह के अवसर पर रफेल होम संस्था द्वारा दिव्यांगजनों के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने हेतु एक जागरूकता ‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’  का आयोजन किया गया।‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ का शुभारंभ जिलाधिकारी  सविन बंसल एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने दून लाइब्रेरी चौक से गुब्बारे उड़ाकर किया। इस आयोजन में लगभग 300 बौद्धिक दिव्यांगजन, बच्चे शामिल हुए।
जिलाधिकारी सविन बसंल  एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने स्वयं बच्चों के साथ ‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ में पैदल चलते हुए दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित किया। जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा समाज में समावेशन और समान अवसर सुनिश्चित किए जाने के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ दून लाइब्रेरी चौक से प्रारम्भ होकर विकास भवन चौक, एस्लेहॉल  से होते हुए  पुनः लाइब्रेरी चौक लौटकर सम्पन्न हुई। मार्ग में प्रतिभागियों ने दिव्यांगजन अधिकार, समावेशी शिक्षा, सुलभता (Accessibility) तथा सामाजिक जागरूकता संबंधी संदेशों के साथ समाज को संवेदनशील बनाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके अधिकारों की रक्षा, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना तथा उनके लिए सुलभ वातावरण तैयार करना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रफेल होम संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में जोड़ना उद्देश्य है, तथा इस क्षेत्र में जो संस्थाएं कार्य कर रही हैं उनका प्रयास सराहनीय है। मा0 मुख्यमंत्री की भी प्राथमिकता है कि ऐसी आबादी को मुख्यधारा से जोड़ना है।  दिव्यांग जनों का उत्साहवर्धन करने हेतु ब्राइटलैंड स्कूल के लगभग 50 छात्राओं द्वारा स्लोगन के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि एवं समाजसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। ‘‘वॉक फॉर डिस्एबिलिटी’’ के समापन पर प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रफेल होम प्रियालाल, प्रधानाध्यापक सुरभि, मेघा सहित ब्राइटलैंड स्कूल के शिक्षकों एवं छात्र/छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया ।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

सांसद डा. नरेश बंसल के सौजन्य से आयोजित सासंद खेल महोत्सव के दूसरे चरण का आगाज

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आज दिनांक 06 दिसंबर, 2025 को जिला देहरादून के मिनी स्टेडियम शंकरपुर, सहसपुर में युवा शक्ति का उत्सव ‘‘सांसद खेल महोत्सव’’ के अंतर्गत राज्य सभा सांसद श्री नरेश बंसल जी के सौजन्य से खेल, शिक्षा एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रतियोगिता के आयोजित की गई।

प्रतियोगिता का शुभारम्भ मा0 कैबिनेट मंत्री कृषि, सैन्य कल्याण व ग्राम्य विकास श्री गणेश जोशी जी एवं मा0 विधायक सहसपुर श्री सहदेव सिंह पुण्डीर जी एवं श्री सिद्धार्थ बंसल जी द्वारा किया गया। इस खेल महोत्सव में कबड्डी, वाॅलीबाॅल, एथिलिटिक्स, 100 व 400 मी0, खो-खो व पारम्परिक खेल पिट्ठू में लगभग 450 खिलाडियों ने प्रतिभाग किया। उद्घाटन समारोह के अवसर पर मा. मंत्री जी, मा. विधायक जी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रतियोगिता हेतु शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

इस अवसर पर मा. मंत्री गणेश जोशी जी ने कहा कि खेल व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होनें सासंद नरेश बंसल को इसके लिए बधाई दी। उन्होने कहा कि खेल भावना से ओत-प्रोत होकर युवा अपने जीवन में अनुशासन और टीम भावना को अपनाएं। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं का स्वस्थ और फिट रहना आवश्यक है, क्योंकि खेल ही राष्ट्रनिर्माण की नींव रखते हैं।

मा. विधायक सहदेव पुंडीर जी ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल प्रतियोगिता भर नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भीतर नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और खेल कौशल को निखारने का अवसर है। उन्होंने फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके परिणामस्वरूप भारतीय खिलाड़ी आज एशियाई, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक खेलों में बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं और सफलता अर्जित कर रहे हैं।

प्रतियोगिता संयोजक के रूप में परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री विक्रम सिंह , युवा कल्याण विभाग देहरादून के जिला युवा कल्याण अधिकारी श्री प्रमोद चन्द्र पाण्डेय, जिला खेल विभाग निधि बिंजोला, खण्ड विकास अधिकारी श्रीमती मुन्नी शाह, खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री कुन्दन सिंह, सहसपुर एवं समस्त क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

द्वारा निजी सचिव
डा. नरेश बंसल जी
मानिनीय भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सासंद राज्य सभा

CM धामी की दूरदर्शी हरित नीति को साकार करता MDDA का सिटी फॉरेस्ट पार्क बना देहरादून की नई पहचान

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सैलानियों को भा रहा सिटी फॉरेस्ट पार्क, पर्यटकों ने की एमडीडीए द्वारा दी जा रही सुविधाओं की तारीफ

पार्क की हर दिन बढ़ती जा रही है लोकप्रियता, बड़ी संख्या में प्रतिदिन पहुंच रहें है लोग, पार्क से सहस्त्रधारा क्षेत्र में बढ़ी पर्यटन की संभावनाएँ- बंशीधर तिवारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और हरित-शहरीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम सिटी फॉरेस्ट पार्क आज देहरादून की नई जीवनधारा बन चुका है। उद्घाटन के बाद से ही यह पार्क न केवल स्थानीय निवासियों की पहली पसंद बनकर उभरा है, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाले सैलानियों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पर्यटकों से भरपूर इस पार्क ने शहर को एक नई ऊर्जा, नई पहचान और प्रकृति से जुड़ने का स्वच्छ वातावरण प्रदान किया है। एमडीडीए द्वारा विकसित यह पार्क आधुनिक हरित अवसंरचना और प्राकृतिक सौंदर्य का दुर्लभ संगम प्रस्तुत करता है।

सिटी फॉरेस्ट पार्क में लगातार बढ़ रही आवाजाही
आज सुबह उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी सिटी फारेस्ट पार्क के निरीक्षण पर पहुंचे। जहां उन्होंने एमडीडीए द्वारा दी जा रही तमाम सुविधाओं का निरीक्षण किया व पार्क में हो रहे कार्यों को लेकर अधिकारियों से फीड बैक लिया। इस दौरान उन्होंने पार्क भ्रमण के लिए आये लगभग 1 हजार से अधिक स्कूली बच्चों, छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों तथा विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी विस्तार से बातचीत की। और पार्क को लेकर फीडबैक लेने के साथ ही एमडीडीए द्वारा दी जा रही सुविधाओं को लेकर भी बातचीत की। इस दौरान सभी ने एक स्वर में एमडीडीए द्वारा विकसित सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और पार्क के प्राकृतिक माहौल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री धामी की दूरदृष्टि का साकार रूप
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि सहस्त्रधारा रोड स्थित सिटी फॉरेस्ट पार्क, जो लगभग 12.45 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है, देहरादून की नई पहचान बन रहा है। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे आधुनिक हरित विकास, पर्यावरण संरक्षण और शहरी स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पार्क प्रकृति, योग, आयुर्वेद, फिटनेस, बच्चों के खेल, पर्यटन और शांत वातावरण इन सभी का अनूठा मिश्रण है। यहां आते ही शहर का शोर पीछे छूट जाता है और एक प्राकृतिक वन जैसी अनुभूति मिलती है, जो देहरादून जैसे तेजी से विकसित होते शहर के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा सिटी फॉरेस्ट पार्क के शुभारंभ के बाद से हर दिन बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुंच रहे हैं। स्थानीय परिवारों के साथ-साथ राज्य के अलग-अलग जिलों से आए सैलानी भी यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं का अनुभव लेने आ रहे हैं। खास बात यह है कि पार्क बच्चों की पहली पंसद बन चुका है। प्रतिदिन माता-पिता के साथ ही जनपद व अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में स्कूलों के बच्चे और छात्र-छात्रायें यहां एजुकेशन व पर्यावरण टूर के लिए पहुंच रहे हैं। सभी पार्क में एक नए तरह का शिक्षाप्रद वातावरण पाकर बेहद उत्साहित दिखाई देते हैं। प्राकृतिक रास्तों पर टहलना, ट्री हाउस में खेलना और खुले वातावरण में सीखना बच्चों को अत्यंत पसंद आ रहा है।

शिक्षा, मनोरंजन और प्रकृति का संगम
आज पार्क में बच्चों की असाधारण भीड़ रही। स्कूलों से आए छात्र प्राकृतिक पगडंडियों पर घूमे, बांस के बने गज़ेबो में बैठे, ट्री हाउस और बच्चों के भूलभुलैया क्षेत्र (डं्रम) में खूब खेलते दिखे। शिक्षकों ने बताया कि देहरादून में बच्चों के लिए इतना सुरक्षित और विशाल प्राकृतिक ओपन स्पेस मिलना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

वन जैसी शांति, शहर जैसी सुविधा
इस पार्क का विकास इस तरह किया गया है कि प्राकृतिक ढलान, पेड़-पौधों का आवरण, मौसमी नाले और मिट्टी की बनावट को यथावत रखा जा सके। इस कारण यहां का हर कोना जंगल जैसा सौम्य और शांत अनुभव प्रदान करता है।

पार्क की मुख्य विशेषताएँ–
1.2 किमी वन-वॉक फिटनेस ट्रेल
3.5 मीटर चौड़ा प्राकृतिक परिधि मार्ग
आधुनिक साइकिल ट्रैक
प्राकृतिक ढलानों में बना डं्रम (बच्चों की भूलभुलैया)
झूला पुल, ध्यान एवं योग स्थल
एक्यूपंक्चर ज़ोन
रंग-बिरंगे फूलों की क्यारियाँ
खुले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु ओपन एयर थिएटर
आकर्षक ट्री हाउस, बांस गज़ेबो
स्केटिंग रिंक, पठन क्षेत्र, पेबल वॉक, कैफेटेरिया
जैव विविधता को समर्पित वेटलैंड रिस्टोरेशन ज़ोन

इन सुविधाओं के कारण यह पार्क स्वस्थ जीवनशैली, मनोरंजन, शिक्षा और पर्यटन चारों को एक साथ समाहित करता है।

देहरादून का सबसे बड़ा आधुनिक हरित ढांचा
एमडीडीए ने लगभग 40.07 करोड़ रुपये की लागत से इस पार्क को आधुनिक हरित अवसंरचना का उत्कृष्ट मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा है। पार्क का प्रवेश द्वार महासू देवता मंदिर की शैली में तैयार किया गया है, जो सांस्कृतिक सौंदर्य को आधुनिकता के साथ जोड़ता है। सुव्यवस्थित पार्किंग, टिकट घर, सूचना केंद्र, स्वच्छ शौचालय, पेयजल फव्वारे, आरामदायक बेंच, मुख्य पथ, जल पौधों वाला एक्वाटिक एरिया, परिदृश्य-आधारित वॉकवे और पूरे क्षेत्र में सफाई के उचित प्रबंध ये सब एमडीडीए की गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली को दर्शाते हैं।

सैकड़ो की संख्या में प्रतिदिन पहुंच रहे पर्यटक व स्थानीय लोग
उद्घाटन के बाद से रोजाना बड़ी संख्या में लोग पार्क में सैर, जॉगिंग, योग, फोटोग्राफी और पारिवारिक समय बिताने के लिए आ रहे हैं। बुजुर्गों के लिए सुरक्षित बैठने की व्यवस्था, महिलाओं के लिए फिटनेस ट्रैक और बच्चों के लिए सुरक्षित ओपन-प्ले एरिया इसे परिवारों का सबसे पसंदीदा गंतव्य बना रहा है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा
सिटी फॉरेस्ट पार्क से सहस्त्रधारा क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएँ और बढ़ी हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों, कैफे, छोटे व्यवसायों, गाइडों और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। एमडीडीए का मानना है कि यह पार्क आने वाले समय में देहरादून की पर्यटन-छवि को नई ऊंचाई देगा।

हरित-पर्यटन पहचान का प्रमुख स्तंभ होगा पार्क – बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि बच्चों की भारी उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह पार्क नई पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बनेगा। उन्होंने कहा, “यह पार्क बच्चों की मुस्कान, युवाओं की ऊर्जा और परिवारों की खुशी को प्रकृति के बीच जोड़ने वाला एक जीवंत केंद्र बनेगा। आने वाले समय में यह देहरादून का धड़कता दिल और राज्य की हरित-पर्यटन पहचान का प्रमुख स्तंभ होगा।”

पार्क देहरादून की हरित धरोहर है- मोहन सिंह बर्निया
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क केवल एक पार्क नहीं, बल्कि राजधानी का हरित भविष्य है। यहाँ प्रकृति, स्वास्थ्य, योग, आयुर्वेद, बच्चों का खेल, पर्यटन और आधुनिक शहरी सौंदर्य सभी एक साथ मौजूद हैं। आने वाले वर्षों में यह पार्क देहरादून की पहचान और गौरव बनेगा।

DM के फैसलों से बैकफुट पर आया एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि०: तहसील में जमा कराया 8.92 लाख धनराशि का चेक

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09 वर्षीय बालिका की विधवा माँ सुप्रिया को प्रताड़ित कर रही बीमा कंपनी एचडीएफसी आरगो का जिला प्रशासन ने किया इलाज:

ऋण बीमा धोखाधड़ी ; जिला प्रशासन का त्वरित एक्शन; बीमा कंपनी के सर पर आन पड़ी कुर्की की तलवार:

जिला प्रशासन का कड़ा रुख; निडर फैसलों से असहाय; प्रताड़ित महिला बुजुर्ग, बच्चों को मिल रहा न्याय

प्रताड़ित 09 वर्षीय मासूम बेटी की व्यथित विधवा माँ सुप्रिया; एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० को जिला प्रशासन ने थमाया था फरमान

05 दिन में ऋण माफी नही तो सम्पति कुर्क, निलाम; नतीजन कंपनी द्वारा जिला प्रशासन के नाम धनराशि कराई जमा

देहरादून । एचडीएफसी आर्गो इंश्योरेंस लिमिटेड जिला प्रशासन के नाम 8,92000 का चेक जमा कराया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त रुख से जहां उपभोक्ताओं से ऋण बीमा धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां बैक फुट पर है। वहीं जिला प्रशासन के कड़े और निडर फैसलों से असहाय प्रताड़ित महिला, बुजुर्ग, बच्चों को न्यायमिल रहा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नव वर्षीय बालिका की विधवा मां सुप्रिया को प्रताड़ित करने वाली बीमा कंपनी एचडीएफसी आरगो का इलाज कर दिया, बीमा कंपनी के सिर पर कुर्की की तलवार लटक रही है।

विगत दिवस फरियादी सुप्रिया नौटियाल पत्नी स्व० प्रदीप रतूड़ी द्वारा एक जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष 15 नवम्बर 2025 गुहार लगाई कि उनके पति प्रदीप रतूड़ी द्वारा वाहन कय किये जाने हेतु प्रबन्धक, एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० से मु० 8,11,709/- का ऋण लिया गया था। सम्बंधित बैंक के द्वारा बताया गया कि लोन के पश्चात् बीमा एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो आईआरडीए के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी ऋण को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है तथा एचडीएफसी अरगो जीआईसी लि० से पॉलिसी संख्या सीआई 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नं० आरआर-सीआई 24-14680891 के माध्यम से बीमा कराया गया था। बीमा सम्बंधी दस्तावेज कभी भी डाक या कुरियर के माध्यम से भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराये गये थे। उनके पति की मृत्यु के पश्चात् सुप्रियाय द्वारा बैंक से अपने पति द्वारा लिए गये लोन मु0 8,11,709/- को चुकाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है तथा लोन न चुकाने की स्थिति में वाहन को उठा लेने की धमकी दी जा रही है, जिसके लिए सुप्रिया द्वारा सम्बंधित इंश्योरेंस कम्पनी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया गया।

बीमित ऋण होने के बाद भी 09 वर्षीय मासूम बेटी की विधवा मॉ सुप्रिया को किया प्रताड़ित करने पर वाले एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० की डीएम ने 8.11 लाख की आरसी काटते हुए फरमान सुनाया है कि 05 दिन में ऋण माफी करें नही तो सम्पति कुर्क कर निलाम की जाएगी। जिलाधिकारी की चेतावनी और सख्त रूप से एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० ने 892000 का चेक तहसील सदर के नाम जमा कर दिया है।

इस प्रकार उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने वाले अन्य बैंक एवं इंश्योरेंस कंपनियां भी डीएम के रडार पर हैं जिनके द्वारा बीमित ऋण होने के उपरान्त भी जनमानस को प्रताड़ित किया जा रहा है। ऋण बीमा धोखाधड़ी मामला डीएम तक पंहुच रहे हैं जिनका अंजाम सर्वव्यापी, सम्पति कुर्क; नीलामी; शाखा पर लगेगा ताला ऐसे की प्रकरणों पर कई मामालों में बैंक इंश्योरंश कम्पनियों की कुर्की हो चुकी है।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

हर्बल और जड़ी बूटी सेक्टर में नवाचार व मार्केटिंग को बढ़ावा दिए जाने के सीएम धामी ने दिए निर्देश

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की बैठक में हर्बल सेक्टर में नवाचार , वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उपलब्ध औषधीय उत्पादों के संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जड़ी-बूटी और एरोमा सेक्टर में अग्रणी दो राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञ टीम भेजी जाएगी, जिससे उत्तराखंड में भी इन नवाचारों को लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि हर्बल क्षेत्र के टर्नओवर बढ़ाने के लिए अनुसंधान, नवाचार, उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग पर एकजुट होकर काम किया जाए।

उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक हर्बल संपदा का केंद्र है और राज्य में हर्बल इकोनॉमी को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे किसानों को अधिक लाभ, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और महिलाओं को आर्थिकी से जोड़ने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने हर्बल उत्पादों की वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और प्रशिक्षण के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय से सहयोग लेने के निर्देश भी दिए।

सीएम धामी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में भालू और अन्य जंगली जानवरों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहां कृषि और वन विभाग की संयुक्त टीमें भेजी जाएं, जो लोगों को सुरक्षा और फसल संरक्षण संबंधी जानकारी प्रदान करें।

बैठक में जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने अनुसंधान, दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण, उत्पादन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी, समिति के उपाध्यक्ष भुवन विक्रम डबराल, बलवीर घुनियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, वंदना, अनुराधा पाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Big Breaking : CM धामी के प्रयासों से कुमाऊं को मिली एक और बड़ी रेल सेवा की सौगात

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सीएम धामी ने जताया प्रधानमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों के तहत कुमाऊं मंडल को एक और बड़ी रेल सेवा की सौगात मिली है । इस ट्रेन की जल्द विधिवत घोषणा की जाएगी ।

टनकपुर से तख्त श्री नांदेड़ साहिब तक नई रेल सेवा शुरू – उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग पूर्ण

देवभूमि उत्तराखंड और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टनकपुर (उत्तराखंड) से तख्त श्री नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) तक नई रेल सेवा की शुरुआत को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से अब देश के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक नांदेड़ साहिब की यात्रा उत्तराखंड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वूपर्ण निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उत्तराखंड के सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से चलने वाली इस रेल सेवा से तराई क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह रेल संपर्क सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रव्यापी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा।

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयासरत है। नई रेल सुविधा उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करेगी।