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किसानों को सौगात: सीएम धामी की स्वीकृति के क्रम में गन्ना की मूल्य वृद्धि का शासनादेश हुआ जारी

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जारी आदेश के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना की अगेती प्रजाति हेतु रू. 405 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति हेतु रू. 395 प्रति कुंतल राज्य परामर्शित मूल्य निर्धारित

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखण्ड गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य बढाने की स्वीकृति के अनुपालन में शासन के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग अनुभाग के द्वारा शासनादेश निर्गत कर दिया गया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश की समस्त चीनी मिलों द्वारा क्रय किये जाने वाले गन्ने की अगेती प्रजातियों हेतु रू. 405 प्रति कुन्तल (मिल गेट पर) तथा सामान्य प्रजातियों हेतु रू. 395 प्रति कुन्तल (मिल गेट पर) का राज्य परामर्शित मूल्य निर्धारित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि गत पेराई सत्र में राज्य में गन्ना की अगेती प्रजाति का राज्य परामर्शित मूल्य रू. 375 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य रू. 365 प्रति कुंतल निर्धारित था। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के गन्ना किसानों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेने के साथ ही पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना का मूल्य बढाए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के अपनी प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा था कि गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का उचित सम्मान सुनिश्चित करना तथा उन्हें सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराना राज्य सरकार का दायित्व है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की असुविधा न हो और भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना का बढ़ा हुआ मूल्य न केवल गन्ना किसानों को राहत देगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा तथा गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन देने में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग श्री रणवीर सिंह चौहान ने गन्ना का राज्य परामर्शित मूल्य बढाए जाने के संबंध में शासनादेश जारी करते हुए कहा है कि चीनी मिलों के बाह्य क्रय केन्द्रों से गन्ने का परिवहन मिल तक कराये जाने के मद में होने वाली कटौती रू. 11 प्रति कुन्तल निर्धारित की जाएगी। पेराई सत्र 2025-26 हेतु उपरोक्तानुसार निर्धारित गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य राज्य की समस्त चीनी मिलों द्वारा देय होगा। पेराई सत्र 2025-26 हेतु निर्धारित उक्त दरों के अनुसार ही प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा किसानों को भुगतान कराया जायेगा तथा भुगतान की सूचना मासिक रूप से शासन को उपलब्ध करायी जाएगी।

CM धामी के निरीक्षण ने बदली ISBT की तस्वीर, आईएसबीटी की व्यवस्था हुई चकाचक

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साफ सुथरी व्यवस्था से राहत, यात्रियों और दुकानदारों ने की खुलकर सराहना

देहरादून
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा देहरादून आईएसबीटी के औचक निरीक्षण के बाद बस अड्डे की व्यवस्थाओं में काफी सुधार देखने को मिला है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद आईएसबीटी बस अड्डें में सफाई व्यवस्था, यात्री सुविधा, टिकट काउंटर और बसों के रूट संचालन और सुरक्षा प्रबंधन की बदली तस्वीर सामने आई है। बस अड्डे पर कई व्यवस्थाएँ बेहतर हुई हैं और यात्रियों को सहुलियत मिल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में आईएसबीटी का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने बस स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और सफाई व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश दिए दिए। जिसके मद्देनजर बस स्टैंड परिसर में सफाई व्यवस्था बेहतर हुई। वहीं यात्री सूचना बोर्ड और अनाउंसमेंट सिस्टम को ठीक कराया गया है। पेयजल और शौचालय के बाहर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था के साथ यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से सभी सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील कर दिए गए है। बस अड्डे में तैनात सिक्योरिटी गार्ड नियमित रूप से प्लेटफार्म में चेकिंग करते नजर आ रहे हैं। बस स्टैंड के अंदर पार्किंग व्यवस्था को सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने लगी है।

आईएसबीटी में बसों और सफाई कर्मचारियों की भी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद सुविधा और व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव यात्रियों को महसूस हो रहा है। आईएसबीटी को सुविधाजनक बनाने के एिल यहां पर बड़े-बड़े साइन बोर्ड, प्लेटफार्म में लगे पत्थरों का पुनर्निर्माण और परिसर में रोड निर्माण हेतु टेंडर जारी कर दिए हैं। आगामी दिनों में नये प्लेटफार्म की सुविधा भी यात्रियों को मिल सकेगी।

आईएसबीटी के स्थानीय दुकानदार सचिन रतूड़ी ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया है तब से यहां की सफाई व्यवस्था से लेकर यात्री सुविधाएं बेहतर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को यहां स्वच्छ पेयजल से लेकर शौचालय में साफ सफाई की उचित व्यवस्था मिल रही है। बस स्टेशन में आगरा से आए यात्री मोहित बघेल ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड का नाम धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। वैसे ही यहां की व्यवस्थाएं भी चाक चौबंद नजर आ रही है। बस स्टेशन में भोजन, पेयजल, शौचालय एवं एटीएम की प्रॉपर सुविधा है।

आईएसबीटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर केशवानंद गुवाडी ने कहा कि मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के बाद बस स्टेशन के अंदर परिसर की रोड का टेंडर हो चुका है। मुख्यमंत्री की स्वच्छ और शुभ यात्रा का संकल्प आईएसबीटी की बदलती तस्वीर में स्पष्ट झलक रहा है।

जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

आरोप: धराली आपदा को लेकर सरकार के दावे खोखले, जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार के दावे- कांग्रेस

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विगत दिवस उत्तराखण्ड़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व अध्यक्ष एवं सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा के सयुक्त नेतृत्व में उत्तराखण्ड कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने धराली जा कर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया और पाया कि धराली को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। जिसको लेकर आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व अध्यक्ष, सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा ने संयुक्त रुप से प्रेस वार्ता को सम्बांेधित कर धराली का आंखों देखा हाल विस्तृत तौर से सांझा किया।
गोदियाल ने कहा कि सरकार द्वारा मृत लोगों की संख्या जो बताई जा रही है वह विरोधाभासी है। आपदा प्रबंधन विभाग ने धराली आपदा को लेकर 67 लोगों को मृत या गुमशूदा बताया सरकार में दायित्वधारी मंत्री कर्नल कोठियाल ने 147 के मलवे में दबे होने का बयान दिया और अब राज्य सरकार की ओर से जो सफाई आई है उसमें 52 लोग गायब या मृत बताए जा रहे है। गोदियाल ने कहा कि सरकार इस विरोधाभास को दूर करे और प्रदेश की जनता विपक्ष और मीडिया के समक्ष सच लाए, क्योकि आपदा राहत और बचाव ये कोई मजाक या राजनीति करने के मुद्दे नही ब्लकि मानवीय आधार है।
गोदियाल ने बताया कि उत्तराखण्ड कांग्रेस की फैक्ट फाईडिंग टीम (प्रतिनिधि मण्डल ) ने पाया कि आपदा को चार माह बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार द्वारा ना तो धराली में पुनर्वासए पुनर्निर्माणए राहत , विस्थापन इत्यादि जन जीवन को पटरी पर लाने के लिए कोई कारगर कदम नही उठाया गया है, किसी भी क्षेत्र में कोई पहल नही कि गई है।
गोदियाल ने कहा कि सरकार के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।
धराली की वास्तविक स्थिति बेहद भयावह है स्थानिय आपदा प्रभावितों के अनुसार 250 नाली नाप की जमीन सम्पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। धराली में 112 आवासीय मकान व लगभग 70 होटलदृरिसॉर्टदृहोमस्टे प्रभावित हुए हैंए जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार धराली में केवल कुछ ही लोगों को मुआवजा दिया गया है।
प्रत्यक्ष दर्शीयों के अनुसार स्थानीय लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हैंए शवों को निकालने तक के उचित प्रयास नहीं किए गए। राहत कार्य शून्य है। किसी तरह कि कोई गतिविधि नही देखी गई। कोई फोर्स नही, कोई प्रशासनिक इकाई नही, कोई सुध लेने वाला नही ।
गोदियाल ने कहा कि धराली में आपदा पीडित एक महिला ने मानसिक दबाव में आत्महत्या कर ली है। बाजार पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। वहां होने वाले उत्पाद सेब राजमा आलू की देश और दुनिया में डिमांड है लेकिन बाजार के आभाव में उनके उत्पादों का वीपणन नही हो पा रहा है। उनके अनुसार 112 लोगों को 05 -05 लाख की सहायता की गई है। लेकिन उसमें भी 38 लोगों को यह की कर छोड दिया गया है कि आपके मकान पूरी तरह से नष्ट नही हुए है। जबकि सच्चाई यह है कि जो मकान वहा खडे भी है वो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए है और उनकी निचली मंजिल मलवे में दब गई है। सरकारी सहायता के आभाव में मजदूर लगा कर वो लोग स्वयं अपने खर्चे पर मलवे को हटाने का काम करवाने को मजबूर है।
सीमांत क्षेत्र होने के बावजूद सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण इलाका आज पूरी तरह से उपेक्षित किया जा रहा है।
सरकार की घोर लापरवाही देखी जा रही है। सरकारी मदद के अभाव में आपदा पीडित खुद अपने खर्च पर अपना सामान मलबे से निकालने को मजबूर हो रहे है।
आज भी लोगों को सरकार की सहायता नहीं मिल रही। विपक्ष के वहां पहुंचने और कही विपक्ष वहां की बदहाली लाइव न दिखा दे इस डर से धराली में जैमर लगा कर नेटवर्क बाधित कर दिया गया।
प्रशासन गायब और जनता अपनी जरूरतों के लिए खुद संघर्ष करने को मजबूर हो रही है। मुखबा के ग्रामीणों की पीड़ा इतनी गहरी है कि उन्होंने पूरे पंचायत चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया । वह मुखबा जहां आपदा से कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्घाम तापोंश् योजना की घोषणा की थी। यह बहिष्कार भाजपा सरकार से उनकी नाराज़गी का सबसे बड़ा प्रमाण है।
पर्यटन की रीढ़ टूट चुकी है ग्रामीणों ने बताया कि व्यवसायिक भवनों का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। स्वच्छ पीने का पानी नही है। वहा के स्थानिय लोग 2013 की केदारनाथ आपदा का उदाहरण देते हुए वर्तमान राज्य सरकार से उसी तरह के पूर्नवास पूर्ननिर्माण और विस्थापन की अपेक्षा कर रहे है।उनका कहना था कि केदारनाथ देवीय आपदा के दौरान जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और भीषण आपदा आई थी हजारों लोग काल कल्वित हुए थेए तब कांग्रेस की सरकार ने नुकसान के श्स्वदृआंकलन ध् स्व-निर्धारणश् की व्यवस्था बनाई थी जिसमें व्यवसाईयों ने राज्य सरकार को एफिडेविट बना कर दिया कि उनका कितना नुकसान हुआ है इस आधार पर सरकार ने मुआवजा तय किया था।
केदार दैवीय आपदा का मॉडल यहां क्यों नहीं अपनाया जा सकताघ् जबकि धराली में तो मृतको की संख्या और प्रभावितों की संख्या केदारनाथ आपदा की तुलना में कम है।
गेदियाल ने राज्य सरकार को कटघरे में खडा करते हुए पूछा कि अगर केदारनाथ में मालिकों के स्वदृआंकलन को स्वीकार कर मुआवजा दिया गया थाए तो धराली में यह व्यवस्था क्यों लागू नहीं की जा सकती ?
सरकार के पास आपदा प्रबंधन के तहत ऐसा कोई नियम नहीं है तो फिर नियम बनाया जा सकता है। स्पष्ट है सरकार अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ रही है।
गेदियाल ने कहा कि कांग्रेस राज्य सरकार से मांग करती है कि धराली के सम्पूर्ण पुनर्वास का विशेष पैकेज घोषित किया जाए। यदि धराली सुरक्षित नही है तो विस्थापन किया जाए और यदि सुरक्षित है तो फिर धराली का मूल स्वरुप लौटाया जाए। न्यूनतम मुआवजा 50 लाख किया जाए। आवासीय पुनर्वास के साथदृसाथ व्यावसायिक पुनर्वास अनिवार्य पुनर्निर्माण की ठोस योजना बनाई जाए। केदानाथ आपदा की तर्ज पर स्थानिय आपदा पीडितो द्वारा स्वदृआंकलन मॉडल लागू कर तत्काल भुगतान किया जाए। लापता लोगों की खोज के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान की जाएए व्यवस्थित विस्थापन किया जाए शिक्षाए स्वास्थ्यए सड़क और संचारकृसब कुछ ठप है उसे ठीक किया जाए।
श्घाम तापोंश् योजना की घोषणा की याद दिलाते हुए कांग्रेस ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री द्वारा मुखबा से की गई बड़ी घोषणाएँ आज सिर्फ कागज़ों मेंए धरातल पर शून्य। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस के प्रतिनिधि मण्डल ने जो वहॉ की स्थति का आकलन किया है उसकी विस्तृत रिर्पाेट लेकर उत्तराखण्ड कांग्रेस शीघ्र महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर राहत कार्याे में प्रगति का निवेदन करेगी।
पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि बहुत दुख की बात है कि मै 08 अगस्त 2025 को धराली में आई हुइ आपदा को स्वयं देखने पहुचा था परन्तु ठीक चार महिने बाद भी स्थतियां जस की तस है। सेब के कास्तकारों को मुआवजा नही मिला है। स्थानीय लोगों के पास आजीविका के कोई साधन नही है उन्हे अपना और अपने परिवार का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि धराली की आवाज़ को अनसुना न करें।माहरा ने कहा कि गायब लोगों की यदि मिलने की सम्भावना नही है तो उन्हे मृत घोषित किया जाए ताकि उनके परिजनों को राहत राशि मिल सके।
सरकार के झूठे दावे और जमीन पर शून्य काम अब और बर्दाश्त नहीं। करन माहरा ने कहा कि जिस 1200 करोड के आपदा राहत पैकेज कि घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने की थी आजतक एक भी पैसा केन्द्र से अवमुक्त नही हुआ है और राज्य सरकार उसके लिए कोई प्रयास तक नही कर रही है।
कांग्रेस हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और तब तक संघर्ष करेगी जब तक
धराली दोबारा अपने पैरों पर खड़ा न हो जाए। प्रेसवार्ता के दौरान गरिमा मेहरा दसौनी मौजूद रही।

गरिमा मेहरा दसौनी

बड़ी खबर: धामी सरकार ने उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकारों को दी बड़ी सौगात: 4 वरिष्ठ पत्रकारों को मिलेगी पेंशन

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राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप पत्रकारों के कल्याण से जुड़े मामलों पर विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्यरत: बंशीधर तिवारी

उत्तराखंड में 17 पत्रकारों / आश्रितों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता

देहरादून। उत्तराखंड में धामी सरकार द्वारा पत्रकारों के हित में बड़ा कदम उठाया गया है। आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में पत्रकार कल्याण कोष (कॉरपस फंड) तथा मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पत्रकारों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया।

समिति द्वारा पत्रकार कल्याण कोष से पन्द्रह दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की संस्तुति की गई है। इसके साथ ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे दो पत्रकारों को चिकित्सा उपचार हेतु 5-5 लाख रुपये की सहायता देने का प्रस्ताव भी अनुमोदित किया गया।

बैठक में समिति ने मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत चार वरिष्ठ पत्रकारों को प्रतिमाह 8,000 रुपये की सम्मान पेंशन दिए जाने की भी संस्तुति की।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप पत्रकारों के कल्याण से जुड़े मामलों पर विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में पत्रकारों और उनके आश्रितों को संभव हर सहायता देने का प्रयास जारी है, जिसके लिए नियमित रूप से समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

बैठक में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनके तहत:

​आर्थिक सहायता: समिति ने पत्रकार कल्याण कोष से 15 दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने की संस्तुति की है।
​चिकित्सा उपचार: इसके अतिरिक्त, गंभीर बीमारी से ग्रस्त दो पत्रकारों को उनके चिकित्सा उपचार के लिए भी ₹5-5 लाख की सहायता स्वीकृत करने की संस्तुति की गई है।
​कुल 17 मामलों में (15 दिवंगत पत्रकारों के आश्रित और 2 गंभीर रूप से बीमार पत्रकार) ₹5-5 लाख की सहायता राशि स्वीकृत करने की संस्तुति की गई है।
​पत्रकार सम्मान पेंशन: समिति ने मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत चार वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8 हजार प्रतिमाह की दर से पेंशन दिए जाने की भी संस्तुति की है।

बैठक में संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ वित्त अधिकारी शशि सिंह तथा समिति सदस्य लक्ष्मण सिंह नेगी, गिरीश तिवारी, अमित शर्मा और शशि शर्मा उपस्थित रहे।

डीएम के सख्त निर्देश: आशारोड़ी-झाझरा व रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोर के कार्य में लाई जाए तेजी

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आशारोड़ी-झाझरा व रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोरः जिला प्रशासन ने तेज की कार्रवाई,

परियोजना को गति देने डीएम ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में तेजी लाने के दिए आदेश

प्रोजेक्ट तेजी पर फोकस, NHAI व PWD एलिवेटेड रोड की समीक्षा में डीएम के सख्त निर्देश

नगर निगम व एमडीडीए को प्रस्तावित भूमि रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश जारी

प्रस्तावित देहरादून-हरिद्वार एक्सप्रेसवे सुधार और अतिक्रमण हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें-डीएम

देहरादून । राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने एवं सुगम कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में एलिवेटेड परियोजना और एनएच-7 पर आशारोड़ी-झाझरा परियोजना की समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना मा0 मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। जिलाधिकारी ने परियोजना में प्रस्तावित नगर निगम एवं एमडीडीए को अपनी-अपनी भूमि का रिकार्ड शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। एलिवेटेड कॉरिडोर सर्वेक्षण समिति को विभागवार प्रभावित भूमि का पूरा विवरण तैयार करने को कहा। लोनिवि और राजस्व अधिकारियों मौके पर तैनात रहते हुए परियोजना के लिए चिन्हित सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बसे लोगों का निर्धारित प्रारूप में पूरा ब्यौरा तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित भूमि का विभागवार रिकार्ड तैयार करने के बाद धारा-11 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना का शीघ्र प्रकाशन किया जाए और पुनर्वास और पुर्नस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

एनएच-7 आशारोड़ी-झाझरा परियोजना में ईस्ट होप टाउन और आरकेडिया ग्रान्ट में ग्रामीणों के अवरोध और वन विभाग की भूमि अवस्थित निर्माण का प्रतिकर भुगतान न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसडीएम सदर और विकास नगर के साथ मौका मुआयना कर समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाए। देहरादून-हरिद्वार रोड पर सड़क सुधारीकरण कार्य और अवैध अतिक्रमण व कब्जों को हटाने के लिए संबंधित एसडीएम से समन्वय करते हुए पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान लोनिवि ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एलिवेटेड परियोजना पर अब तक किए गए कार्याे की जानकारी दी। बताया कि एलिवेटेड परियोजना का अलाइनमेंट तैयार कर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज दिया गया है। स्वीकृत होने पर आगे की कार्रवाई की जानी है। रिस्पना नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 10.365 किमी है। रिस्पना परियोजना में कुल 49.04 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 42.89 है0 सरकारी भूमि, 4.01 है0 निजी भूमि, 2.1 है0 वन भूमि शामिल है। इसमें 1022 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं। वहीं, बिंदाल कॉरिडोर की लंबाई 14.264 किमी है। बिंदाल कॉरिडोर में कुल 55.90 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 31.07 है0 सरकारी भूमि, 15.67 है0 निजी भूमि, 2.22 है0 वन भूमि और 6.92 रक्षा संपदा की भूमि शामिल है। इसमें 1656 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं।

बैठक में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए सदर हरिगिरि, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता, एसई लोनिवि ओपी सिंह आदि उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

MDDA Big Action: एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान लगातार जारी

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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों के खिलाफ चलाया जा रहा सख्त अभियान लगातार जारी है। राजधानी के विकास को व्यवस्थित, सुरक्षित और नियमानुसार बनाए रखने के उद्देश्य से एमडीडीए रोजाना विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और कार्रवाई कर रहा है। अवैध कॉलोनाइज़र और नियमों को दरकिनार कर भूमि का दुरुपयोग कर रहे व्यक्तियों पर कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध और असंगठित विकास न बढ़ सके। एमडीडीए का यह अभियान न केवल शहर के सुनियोजित विकास को दिशा दे रहा है, बल्कि आम नागरिकों के हितों और सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रहा है।

विकासनगर, शिमला बाईपास सहित कई क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विकसित नगर, शिमला बाईपास और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की टीम ने आज भी कार्रवाई जारी रखी। होरोवाला रोड, छरबा, देहरादून में मदन सिंह नेगी द्वारा लगभग 04-05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग का ध्वस्तीकरण किया गया। टीम में अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइज़र तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।

शेरपुर सेलाकुई में 20 बीघा प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण
बीते दिन बुधवार को प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत शेरपुर सेलाकुई, देहरादून में की जा रही बड़ी अवैध प्लॉटिंग पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई। नवीन गुप्ता व अन्य द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि में की गई अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता नितेश राणा और सुपरवाइज़र मौके पर उपस्थित रहे तथा संपूर्ण कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान- एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों को नियोजित तरीके से विकसित करना है। अवैध प्लॉटिंग और निर्माण न केवल शहर के स्वरूप को बिगाड़ते हैं, बल्कि नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर समस्याएँ भी पैदा करते हैं, जैसे मूलभूत सुविधाओं का अभाव, सड़क, बिजली, सीवर और जलापूर्ति की दिक्कतें। इसलिए प्राधिकरण द्वारा किसी भी प्रकार के अनधिकृत विकास को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चाहे मामला छोटा हो या बड़ा, अवैध गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से सीलिंग और ध्वस्तीकरण हो। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जाएगा।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान- एमडीडीए की टीम लगातार मैदानी स्तर पर निगरानी कर रही है। जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण पाया जा रहा है, वहीं मौके पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। हमारा लक्ष्य क्षेत्र में व्यवस्थित, नियमसम्मत और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना है और इसके लिए कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

लॉ कॉलेज देहरादून के 20वें मूट कोर्ट में गवर्नर की विवेकाधीन शक्तियों पर हुई जोरदार बहस

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प्रतिष्ठा बर्थवाल, योशिता सिंघल, व मिताली नेगी बने लॉ कॉलेज देहरादून के 20वें मूट कोर्ट के विजेता

देहरादून 4 दिसम्बर। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज देहरादून में आज 20वें सुशीला देवी मेमोरियल मूट कोर्ट कम्पीटिशन के अंतिम मुकाबलें का आयोजन किया गया। नैनिताल हाई कोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार जनरल श्री डी0 पी0 गैरोला इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे जबकि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 धर्मबुद्धि बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। अंतिम मुकाबलें के लिए कॉलेज के मूट कोर्ट में एक खण्डपीठ की संरचना की गई जिसकी अध्यक्षता श्री डी0 पी0 गैरोला ने की एवं द्वितीय जज कॉलेज के डीन प्रो0 राजेश बहुगुणा थे। प्रो0 बहुगुणा ने बताया कि 30 दिन तक चली इस प्रतियोगिता में कुल 29 कोर्ट बनाये गये जबकि 38 लोगों ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता के अंतिम मुकाबलें में प्रतिभागियों ने मूट कोर्ट में गठित सर्वोच्च न्यायालय की पीठ के सामने बहस की। मुख्य मुद्दा था कि क्या किसी राज्य का गवर्नर किसी बिल को राष्ट्रपति की संस्तुति के नाम पर अनिश्चित काल के लिए रोक सकता है। सरकार की ओर से बहस कर रहे प्रतिभागियोें ने इसको न्याय संगत बताया वहीं विपक्ष ने इसे संविधानिक नैतिकता और उस कमूल ढ़ाचें पर आघात बताया। कोर्ट में संविधान के 130वें संशोधन की वैधानिकता पर भी बहस हुई। विदित हो कि 130वें संविधान संशोधन के अनुसार यदि किसी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या केन्द्र/राज्य सरकार के मंत्री को गम्भीर अपराध में गिरफ्तार किया जाता है और वे 30 दिनों तक जमानत नही पाते तो उन्हें अपने पद से हटा दिया जाएगा।
अपने सम्बोधन में प्रो0 धर्म बुद्धि ने पिछले 20 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता को कॉलेज की विशेष उपलब्धि बताया उन्होंने कहा कि मूटकोर्ट प्रतियोगिता छात्रों के सर्वांगीण विकास का सर्वोत्तम आधार है।
अपने सम्बोधन में श्री डी0 पी0 गैरोला ने अपने अनुभव साझा करते हुए विधि के छात्रों को वकालत के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि बार काउंन्सिल ऑफ इंडिया द्वारा मूट कोर्ट प्रैक्टिस को विधिक शिक्षा का आवश्यक अंग बनाना एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने छात्रों को आगाह किया कि ए0आई0 के भरोसे न रहकर स्वयं पढ़ने, शोध करने और ड्राफ्टिंग करने का अभ्यास करें। ए0आई0 एक दोधारी तलवार है जो विधिक व्यवसाय के लिए वरदान व घातक दोनों है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से प्रो0 राधेश्याम झा, डा0 ऐश्वर्य सिंह, प्रो0 अनिल दीक्षित, डा0 जितेन्द्र सिंह, डा0 लक्ष्मी प्रिया विंजामूरी, डा0 रमाकान्त त्रिपाठी, हादिया खान, गरिमा चुफाल, ईशा शर्मा, नाव्या, अश्वती गुप्ता, नंदिनी मजूमदार, सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सीएम धामी ने तराई क्षेत्र के लिए की कई घोषणाएं: पंडित राम सुमेर शुक्ल की 47वीं पुण्यतिथि पर रुद्रपुर में किया प्रतिभाग

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रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं तराई क्षेत्र के संस्थापक पंडित राम सुमेर शुक्ल की 47वीं पुण्यतिथि पर रुद्रपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रांगण में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम स्वर्गीय पंडित राम सुमेर शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके जीवन परिचय पर आधारित शिलापट्ट का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित राम सुमेर शुक्ल राष्ट्र्भक्ति, त्याग और समर्पण के प्रतीक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश, समाज और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन से ही पंडित जी की राष्ट्र सेवा की भावना अतुलनीय थी। वर्ष 1936 में मात्र 21 वर्ष की आयु में उन्होंने लाहौर अधिवेशन में मोहम्मद अली जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद सिद्धांत का मुखर विरोध कर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। बाद में गांधी जी के आदर्शों से प्रेरित होकर उन्होंने कानून की प्रैक्टिस छोड़ स्वतंत्रता आंदोलन में स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया। अनेक बार जेल जाने और यातनाएँ झेलने के बावजूद उनका साहस कभी नहीं डिगा। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान युवाओं को संगठित कर उन्होंने आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी पंडित शुक्ल ने किसानों, स्वतंत्रता सेनानियों और तराई क्षेत्र के विकास को अपना जीवन लक्ष्य बनाया।
साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऊधमसिंह नगर और रुद्रपुर क्षेत्र में सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रद्धेय पं. राम सुमेर शुक्ल के नाम पर रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी जारी है।

उन्होंने बताया कि रुद्रपुर रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण, नई सिग्नल लाइनें, दो रेल ओवरब्रिज, मास्टर ड्रेनेज प्लान की मंजूरी, महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण, 15 करोड़ की लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट और 17 करोड़ की लागत से एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा कि किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर बन रहा है और पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। गदरपुर और खटीमा में बाईपास, खटीमा व किच्छा में आधुनिक बस अड्डे तथा रुद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना क्षेत्र की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। खुरपिया में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी भी इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे तराई क्षेत्र को पेयजल और सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। साथ ही, हाल ही में गन्ना किसानों के हित में समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का विकल्प रहित संकल्प तराई क्षेत्र को एक आधुनिक, विकसित और समृद्ध क्षेत्र बनाना है। पंडित राम सुमेर शुक्ल का यह स्वप्न सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है और इसे साकार करने के लिए सभी प्रयास जारी रहेंगे।

इस कार्यक्रम संयोजक एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्लू ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत के नेतृत्व में पंडित राम सुमेर शुक्ल ने तराई को बसाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पूर्व विधायक राजेश शुक्ल के आवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने उनकी माताजी से आशीर्वाद लिया और भोजन ग्रहण किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, खातिब मलिक, मंजीत सिंह, उत्तम दत्ता, मुकेश कुमार, गदरपुर नगरपालिका अध्यक्ष मिंटू गुम्बर, सचिन शुक्ला, नगर पंचायत दिनेशपुर की अध्यक्ष मंजीत कौर, पंडित राम सुमेर शुक्ल मेमोरियल फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कांग्रेस मुख्यालय में संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ सम्मेलन में वरिष्ठ कांग्रेसियों का हुआ सम्मान

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कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अनुसूचित विभाग के द्वारा संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओ सम्मेलन का आयोजन किया गया सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर अनुसूचित विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रभारी प्रशासन गुरदीप सप्पल रहे, अनुसूचित विभाग प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न एवं संविधान की पुस्तक भेट की। सम्मेलन का संचालन वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह ने किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा की आज क्यों ज़रूरत पद रही है की हम संविधान को बचाने के बात कर रहे हैं २६ नवंबर को संविधान दिवस को भी संविधान बचाओ दिवस के रूप में मनाया गया क्यूंकि आज जितने भी संवैधानिक संस्थाएं हैं उनका निष्पक्ष होना अति आवश्यक है, चुनाव के दौर में ही ४०० पार का नारा लगाने वाली भाजपा की मंशा राहुल गांधी अंक चुके थे तभी उन्होंने हर मंचों से जनता को समझाने की कोशिश की और खुशी इस बात की है कि बुद्धिजीवी वर्ग ने इस बात को समझा और ४०० पार के नारे को पूरा नहीं होने दिया,उन्होंने कहा कि आज़ादी के वक्त विदेशी लोग इस बात से आशंकित थे कि भारत के लोग एक साथ सौहार्द से नहीं रह सकते पर ये संविधान की ही ताक़त है जिसकी वजह से हमारा देश एकता और अखंडता के रूप में और मज़बूत होता जा रहा है पर सत्य में बैठे लोग इस संविधान को कमजोर करने में लगे हैं जब ये ४०० पार का नारा पूरा नहीं हो पाया तो अब वो संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर अब अपने एजेंडे को पूरा करने की साज़िश कर रही है, इसलिए ये आवश्यक है की आज हम सब मिलकर इस असंवैधानिक ताकतों के ख़िलाफ़ लड़े और धन्यवाद दिया दलित समाज को जिसने सदैव कांग्रेस का साथ दिया और वादा किया की उनके हित का ख्याल रखने के ज़िम्मेदारी हमारी है, उन्होंने कहा की इतिहास इसलिए लिखा जाता है जिससे हम भूत की गलतियों से सीख कर एक सुंदर भविष्य का निर्माण करे, जो पुरानी रूढ़िवादी रीतियाँ नीतियाँ हैं उन्हें ख़त्म करके आगे समानता की बात करनी है, हमे सबको समान भाव से देखना है, उन्होंने कहा की ज़िंदा रहने के लिए ख़ून आवश्यक है और जब किसी को ख़ून की ज़रूरत पड़ती है तो जाती नहीं देखी जाती सिर्फ़ मानवता को देखा जाता है, अगर देश में समानता लानी है तो कांग्रेस को मजबूत करना है अगर मानवता को आगे बढ़ाना है तो कांग्रेस को मजबूत करना है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग राजेंद्र पाल गौतम जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की अंबेडकर होना आसान नहीं है पढ़ने गए स्कूल से बाहर बैठा दिया उनके शिक्षक ने उनसे जाति पूछ कर भेद भाव किया बाल मन के बाबा साहब ने घर आकर अपनी माँ से पूछा की क्यों हमे पढ़ने का अधिकार नहीं माँ ने कहा की क्यूंकि हम उनसे छोटी जाति में आते हैं अंबेडकर जी में पूछा कहाँ लिखा है ये की माँ ने कहा की किसी किताब में लिखा है बाबा साहेब में कहा की माँ किताब में तो ग़लत भी लिखा हो सकता है मैं एक ऐसी किताब लिखूँगा जिसमे सबको समान अधिकार होगा जिसमे असमानता नहीं होगी और वो किताब है भारत का संविधान इसलिए हम उन्हें याद करते हैं की जिसे पढ़ने से बाहर बिठाया उसने ३२ डिग्री हासिल की है देश का संविधान लिख दिया है चार चार पीएचडी की और एक भी डिग्री फेक नहीं थी अंबेडकर जी ने कह की शिक्षा शेरनी का दूध होता है जो इसे जितना पीता है उतना दहाड़ता है और उन्होंने ये भी कहा की आपके पैरों में जूते ना हो पर हाथ में किताब जरूर होनी चाहिए, उन्होंने उस संकल्प स्थल का भी जिक्र किया जहाँ पर जब विदेश से लौटकर आए और उन्होंने जब भेद भाव देखा तो उसी जगह पर बैठकर अपने समाज और शोषित लोगों को न्याय और सामने का अधिकार दिलाने का संकल्प लिया।
कांग्रेस पार्टी वचन बद्ध है की आप सबके साथ सदैव खड़ी रहेगीहोता उन्होंने बचपन से जो अपमान सहन किया सिर्फ जाति को लेकर उसके बाद भी उन्होंने ३२
अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रभारी प्रशासन सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सप्पल जी ने कहा की समानता की बात गौतम बुद्ध से प्रारंभ हुई फिर कबीर जी गुरुनानक देव जी सबने समानता की बात कही व्यक्ति को समान अधिकार की बात कही और उसको अमली जामा पहनाने का कार्य बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने किया जब उन्होंने देश को संविधान देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि स्व जवाहर लाल नेहरू ने कराची सम्मेलन में जिसकी वो अध्यक्षता कर रहे थे सर्वप्रथम ये बात रखी की इस देश में हर व्यक्ति को समान अधिकार मिलेगा तभी देश आगे बढ़ेगा, उन्होंने कहा की आज ज़रूरत है की हम सब मिलकर सत्ता में बैठे लोगो की साजिशों को जानता के समक्ष ले जाये, आज अगर किसी व्यक्ति को शिक्षा मिल पा रही है तो वो कॉन्हफ़ेस्टकी देन है आज वो वर्ग जो शोषित था अगर उचित सम्मान और स्थान पा सका है समाज में तो वो कांग्रेस पार्टी की दें है कांग्रेस पार्टी ने सस्ती शिक्षा के साथ साथ रिजर्वेशन तक देने का कार्य किया क्यूंकि कांग्रेस की विचारधारा है की पढ़ेगा भारत तभी आगे बढ़ेगा भारतपर सत्ता में बैठे लोगों ने आज शिक्षा को व्यवसाये बना दिया है, हमे कांग्रेस को लाना है सत्ता में इसलिए नहीं की किसी को मुखमंत्री बनना है या मंत्री बनना है बल्कि इसलिए क्यूंकि आज प्रदेश को को देश को बचाने की ज़रूरत है, आज लोकतंत्र को बचाने की ज़रूरत है संविधान को बचाने की ज़रूरत है ।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत ने कहा कि मलिन बस्तियों के लोगों के साथ सरकार छलावा कर रही है हम मालिकाना अधिकार ५०० लोगों को बाट कर गए थे उसके बाद हमारी सत्ता नहीं आई, और हम आदेश भी निकालकर आये थी मालिकाना हक कि पर्यावरण मित्रों का मानदेय कांग्रेस ने बढ़ाया आज तक वो गाड़ी वही रुकी हुई है। संविदा कर्मचारियों पर अत्याचार कर रही है सरकार संविदा कर्मचारियों को हटाने का कार्य किया जा रहा है हरीश रावत ने कहा की कांग्रेस की योजनाओं को जो हमने सरकार में रहते बनाए और जिनका क्रियांवन किया उन सबको जनता के बीच में लेकर जाना होगा, उन्होंने कहा कि दलित समाज की समस्याओं को सिर्फ वो समाज ही क्यों उठाये हम सबकी ये जिम्मेदारी बनती है कि हम इस बात का बेड़ा उठाये,उन्होंने कहा की हमे लोकतंत्र की हत्या के ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी है और ये सुनिश्चित करना है की किसी का भी वोट ना काटे और किसी का फर्जी वोट भी ना बने।
चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि आज ज़रूरत है कि हर वर्ग का व्यक्ति अपनी सहभागिता दे और ऐसी तानाशाह सरकार को उखाड़ फेके क्यूंकि आज अगर संविधान को बचाना है लोकतंत्र को बचाना है तो कांग्रेस को लाना है उन्होंने वहाँ बैठे लोगों से निवेदन किया कि हर व्यक्ति अपने बूथ पर सक्रिय रहे क्यूंकि भाजपा वोट चोरी के साथ साथ सरकार भी चुराती है।
प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग मदन लाल ने धन्यवाद प्रेषित किया और आह्वाहन किया कि समाज के हर व्यक्ति को कांग्रेस को मजबूती प्रदान करनी है क्यूंकि कांग्रेस पार्टी सदैव हमारे साथ खड़ी रही है और हमारे हितों को साधने का कार्य किया है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा विधायक विक्रम नेगी, रवि बहादुर, संसद प्रत्याशी वीरेंद्र रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, राजेंद्र शाह, नवीन जोशी, अनुसूचित जाति विभाग समन्वयक सी पी सिंह, राजेंद्र भंडारी,महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी, प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह मोहन काला शीशपाल बिष्ट अभिनव थापर अनुसूचित विभाग जिला अध्यक्ष करण घाघट, बागेश्वर सिंह, मीना, सूरज सैलानी, सुनील आर्य, मोहन लाल बुराटा, अमित तलवार आकाश चेरियल, सुरेंद्र सिंग असवाल, मुकेश नेगी,उमेश टम्टा इंद्रपाल सतीश दूबे मुरारी लाल खड़वाल डिंपल सिंह सुनीता प्रकाश संदीप कुमार पटवाल दिनेश कौशल विजय चौहान सोनिया आनंद रावत देवेंद्र सिंह सुनील जायसवाल राजकुमार जयसवाल अमीचंद सोनकर मुकेश सोनकर एनएसयू आई से हिमांशु रावत सिद्धार्थ अग्रवाल शुभम चौहान तेजस्वी राणा आदि उपस्थित रहे।
डॉ प्रतिमा सिंह
वरिष्ठ प्रवक्ता

DM ने निर्माणाधीन ग्रीन बिल्डिंग पंहुकर कार्यों का किया निरीक्षण: धीमी प्रगति पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को लगाई फटकार

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मुख्यमंत्री व राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ग्रीन बिल्डिंग निर्माण कार्यों में कोताही क्षम्य नहीः डीएम

लेबर चार्ट के अनुसार श्रमिक तैनात कर निर्धारित समयसीमा जून 2026 तक पूर्ण करें निर्माण कार्य

उच्च गुणवत्ता, पर्यावरण अनुकूल तकनीक एवं सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से पालन करें सुनिश्चित

मैन, मटिरियल व थर्ड पार्टी गुणवत्ता की प्रति सप्ताह तलब की रिपोर्ट; पर्ट चार्ट बनाने के निर्देदेहरादून दिनांक 03 दिसम्बर 2025, (सूवि), जिलाधिकारी सविन बंसल ने हरिद्वार रोड स्थित स्मार्ट सिटी लि0 परियोजना अन्तर्गत निर्माणाधीन ग्रीन बिल्डिंग का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने ग्रीन बिल्डिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यों को निर्धारित समयसीमा जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रीन बिल्डिंग मा0 मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेेक्ट पर इसमें किसी भी प्रकार की कोताही क्षम्य नही होगी। उन्होंने निर्माण स्थल पर उपलब्ध समस्त सुविधाओं, सामग्री, श्रमिकों की संख्या एवं कार्य गति का विस्तृत अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने पाया कि कार्य में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अगले 06 माह के भीतर पूरी परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में विभागीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता, पर्यावरण अनुकूल तकनीक एवं सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था सीपीडब्लूडी के अधिकारियों से वर्तमान में कार्यरत श्रमिकों की संख्या पूछने पर बताया कि वर्तमान में 140 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने लेबर चार्ट के बारे में पूछने पर अधिकारियों ने बताया कि 300 लेबर होनी चाहिए जिसपर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने लेबर बढाते हुए 3 शिफ्ट में कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्ट चार्ट (प्रोग्राम इवैल्यएशन एंड रिव्यू टेक्नीक) बनाने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से लेबर प्लान, मटिरियल प्लान, प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मटीरियल टैस्टिंग लैब की जानकारी लेने पर मुख्य अभियंता सीपीडब्लूडी ने बताया कि 90 प्रतिशत् टैस्टिंग साईट पर अवस्थित टैस्टिंग लैब से तथा 10 प्रतिशत् बाहर से कराये जाते है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक सप्ताह थर्ड पार्टी गुणवत्ता रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्यकार्यकारी अधिकारी तीरथपाल सिंह, मुख्य अभियंता सीपीडब्ल्यूडी, स्मार्ट सिटी लि0 कृष्णा चमोला सहित कार्यदायी संस्था सीपीडब्लूडी के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।