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Japan PM Resignation: प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा का इस्तीफ़ा? सत्तारूढ़ दल में सियासी भूचाल; जानें वजह…

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Japan PM Resignation
लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष पद से इशिबा शिगेरू का इस्तीफ़ा

टोक्यो (जापान): जापान की राजनीति रविवार को बड़े उलटफेर की गवाह बनी. प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में पदभार संभाला था, ने अचानक लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर दी. यह फैसला उन्होंने ऐसे समय लिया है (Japan PM Resignation) जब उनकी पार्टी लगातार चुनावी हार और आंतरिक कलह से जूझ रही है.

सोशल मीडिया पर दी जानकारी
इशिबा ने अपने इस्तीफ़े की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की. उन्होंने लिखा – “आज मैंने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने का निर्णय लिया है”. इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि वे एलडीपी (Liberal Democratic Party) की आने वाली विशेष नेतृत्व प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगे. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री का यह कदम पार्टी में बढ़ते अंदरूनी असंतोष और गुटबाज़ी को थामने की कोशिश है. पार्टी के कई धड़े लगातार मांग कर रहे थे कि इशिबा चुनावी हार की ज़िम्मेदारी लें और पद छोड़ें. पिछले कुछ महीनों में एलडीपी पर फंडिंग स्कैंडल्स और नीतिगत मुद्दों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए. यही वजह रही कि पार्टी के अंदरूनी दबाव ने प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देने पर मजबूर कर दिया.

चुनावी हार बनी वजह
इशिबा के नेतृत्व में एलडीपी और उसके सहयोगी कोमेटो को पहले निचले सदन और फिर जुलाई में हुए ऊपरी सदन के चुनावों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. दोनों सदनों में गठबंधन अपनी बहुमत खो बैठा, जो जापानी राजनीति के इतिहास में एक ऐतिहासिक हार मानी जा रही है. इस नतीजे के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराज़गी खुलकर सामने आई. लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए माना जा रहा था कि पार्टी जल्द ही नेतृत्व परिवर्तन का ऐलान करेगी.

अमेरिकी टैरिफ़ समझौते का ज़िक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिगेरू इशिबा ने कहा कि हाल ही में अमेरिका के साथ टैरिफ़ उपायों पर एक अहम समझौता हुआ है. उनके मुताबिक, यह मसला लंबे समय से अटका हुआ था और इसके सुलझ जाने के बाद अब उन्हें लगा कि पार्टी और देश को नई दिशा देने के लिए नए नेतृत्व की ज़रूरत है. उन्होंने एलडीपी महासचिव मोरियामा हीरोशी को आदेश दिया है कि पार्टी के नियमों के अनुसार जल्द से जल्द नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाए.

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सुधार और महंगाई से जूझने के वादे
प्रधानमंत्री बनने के बाद शिगेरू इशिबा ने महंगाई पर काबू पाने और पार्टी को सुधारने का वादा किया था. लेकिन उनके कार्यकाल में न तो महंगाई काबू में आई और न ही पार्टी के भीतर गुटबाज़ी कम हुई. उल्टा, दक्षिणपंथी धड़ों का दबाव और चुनावी पराजय ने उनकी साख को और कमजोर कर दिया. इस्तीफ़े से ठीक एक दिन पहले इशिबा ने पूर्व प्रधानमंत्री सुगा योशिहिदे और कृषि मंत्री कोइज़ुमी शिंजिरो से मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने इशिबा से साफ कहा कि पार्टी एकजुटता सबसे अहम है और उन्हें चुनाव से पहले ही पद छोड़ देना चाहिए, ताकि और ज्यादा भ्रम की स्थिति न बने. यही सलाह आखिरकार उनके इस्तीफ़े की बड़ी वजह बनी.

अब आगे क्या?
इशिबा के इस्तीफ़े के बाद अब एलडीपी के भीतर नए अध्यक्ष को चुनने की कवायद शुरू होगी. पार्टी के कई वरिष्ठ चेहरे पहले से ही दावेदारी जता चुके हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी के लिए यह नेतृत्व परिवर्तन बेहद अहम साबित होगा, क्योंकि उसे जनता का भरोसा दोबारा हासिल करना है. प्रधानमंत्री इशिबा शिगेरू का अचानक इस्तीफ़ा जापान की राजनीति में बड़ा मोड़ माना जा रहा है. एक तरफ पार्टी को चुनावी हार का ग़म है, तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार और आंतरिक कलह से निकलने की चुनौती भी. अब देखना होगा कि एलडीपी नया चेहरा सामने लाकर क्या जनता और सहयोगियों का विश्वास दोबारा जीत पाएगी या नहीं.


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Russia Ukraine War: रूस का यूक्रेन पर सबसे बड़ा हमला, दागे 800 ड्रोन मिसाइल; 3 लोगों की मौत

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Russia Ukraine War
रुस ने यूक्रेन पर दागी 800 से ज्यादा ड्रोन मिसाइल

कीव (यूक्रेन): रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में रविवार को वह नज़ारा देखने को मिला, जिसने पूरे यूरोप को दहला दिया. रूस ने अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला करते हुए 800 से अधिक ड्रोन और 13 मिसाइलें दागीं. इनमें से कई यूक्रेन (Ukraine) की राजधानी कीव पर बरसे, जहां पहली बार सरकार की इमारत (Russia Ukraine war) भी निशाना बनी. इस हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए.

11 घंटे तक बजते रहे सायरन
शनिवार रात से रविवार सुबह तक कीव समेत कई इलाकों में लगातार 11 घंटे एयर-रेड सायरन बजते रहे. लोग बंकरों और सुरक्षित ठिकानों में छिपने को मजबूर हुए. हालांकि यूक्रेनी वायुसेना (Ukraine war casualties) ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें मार गिराईं, लेकिन 54 ड्रोन और 9 मिसाइलें अलग-अलग जगहों पर जाकर गिरीं और बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा गईं.

कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स बिल्डिंग बनी निशाना
सबसे गंभीर हमला कीव की कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स बिल्डिंग पर हुआ, जहां कई मंत्रालय स्थित हैं. हमले में बिल्डिंग की ऊपरी मंज़िलों और छत पर आग लग गई. दमकलकर्मी घंटों तक आग बुझाने में जुटे रहे. यूक्रेन के प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंक ने इसे विशाल हमला बताते हुए कहा कि रूस ने पहली बार सरकारी ढांचे को सीधे तौर पर निशाना बनाया है. राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बताया कि हमले में आवासीय इमारतें भी ढह गईं, जिनमें लोग फंस गए. एक मकान में चौथी से आठवीं मंज़िल के बीच का हिस्सा पूरी तरह गिर गया.

Russia Ukraine War

जंग को लंबा करने की साजिश
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने इस हमले को घिनौना अपराध करार दिया और कहा कि यह रूस (Russia) की सोची-समझी चाल है ताकि शांति वार्ता आगे न बढ़ पाए. उन्होंने कहा कि दुनिया चाहे तो इन हत्याओं को रुकवा सकती है. बस राजनीतिक इच्छाशक्ति चाहिए. उन्होंने पश्चिमी (Russia attacks Ukraine’s govt building) देशों से वादा निभाने और यूक्रेन की एयर डिफेंस (Kyiv drone strikes) को मजबूत करने की अपील की. ज़ेलेंस्की ने पेरिस और वॉशिंगटन की पिछली बैठकों का हवाला देते हुए कहा कि अगर रूस वार्ता से इनकार करता है तो उस पर और सख्त प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए.

Russia Ukraine War

पुतिन पहले ही कह चुके ये बात
इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने कहा था कि अगर पश्चिमी देश यूक्रेन में शांति सेना भेजते हैं तो उन्हें रूस के लिए वैध निशाना माना जाएगा. उनके बयान के अगले ही दिन यह बड़ा हमला हुआ, जिसने तनाव और बढ़ा दिया है. रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए ढाई साल से ज़्यादा हो गया है. लगातार हो रहे हमलों ने दोनों देशों को बुरी तरह झकझोर दिया है. रविवार का यह हमला अब तक का सबसे बड़ा बताया जा रहा है, जिसने सरकारी दफ्तर से लेकर आम लोगों के घर तक सबको निशाना बनाया.


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Himachal Monsoon Disaster 2025: हिमाचल में बरसात का कहर, अब तक 360 लोगों की मौत, जानें कितना हुआ नुकसान?

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Himachal Monsoon Disaster 2025
हिमाचल प्रदेश में इस साल कहर बना मानसून (सांकेतिक तस्वीर)

शिमला: हिमाचल प्रदेश इस बार मानसून की मार से कराह रहा है. लगातार बारिश और उससे जुड़ी आपदाओं ने लोगों की ज़िंदगी मुश्किल बना दी है. ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 360 लोगों की जान जा चुकी है और राज्य का आम जनजीवन (Himachal Monsoon Disaster 2025) पूरी तरह प्रभावित है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के मुताबिक, 1,087 सड़कें अभी भी बंद हैं. 2,838 बिजली की लाइनें और 509 पानी की सप्लाई स्कीमें भी प्रभावित हैं. यानी गांव से लेकर शहर तक लोग परेशान हैं.

मौत का आंकड़ा डराने वाला
इस साल बारिश से जुड़ी घटनाओं (भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़, डूबना, बिजली गिरना आदि) में अब तक 197 लोगों की मौत हुई है. वहीं, सड़क हादसों में 163 लोग जान गंवा चुके हैं. कुल मिलाकर मानसून शुरू होने के बाद से अब तक 360 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा 47 लोग अभी भी लापता हैं और 426 लोग घायल हुए हैं.

Himachal Flood and Landslide News
पहाड़ों में बारिश के कारण नदियां ऊफान पर (सांकेतिक तस्वीर)

किस ज़िले में कितनी तबाही?
आइए, एक नज़र जिलेवार डालते हैं. मंडी में सबसे ज़्यादा 36 मौतें, कांगड़ा में 31, कुल्लू में 20, चंबा में 21,शिमला में 21मौतें हुईं. भूस्खलन से 37, बादल फटने से 17 और डूबने से 33 लोगों की जान गई है. अब तक का अनुमान है कि इस आपदा से करीब 4,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान (Himachal Pradesh Rain Havoc) हुआ है. खेती-बाड़ी, बागवानी और पशुपालन को भी गहरा झटका लगा है. कुल मिलाकर, इस साल का मानसून हिमाचल के लिए सबसे भारी साबित हो रहा है. लोगों की ज़िंदगी, खेती और बुनियादी ढांचा, तीनों पर इसका गहरा असर दिख रहा है

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा एयरफोर्स
बरसात के बीच हिमाचल का मशहूर मणिमहेश यात्रा मार्ग भी बंद हो गया था. यहां फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना ने मोर्चा संभाला. एयरफोर्स के चिनूक हेलीकॉप्टर से 50 श्रद्धालुओं को सुरक्षित चंबा लाया गया. छोटे हेलीकॉप्टर से 35 बीमार और बुजुर्ग लोगों को (Himachal Flood and Landslide News) भी एयरलिफ्ट किया गया. एमआई-17 हेलीकॉप्टर को भी किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है. राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार हर संभव कोशिश कर रही है कि किसी की जान न जाए और सभी श्रद्धालुओं व पर्यटकों को सुरक्षित उनके घर भेजा जाए.


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Homemade Grow Bag: फेंके नहीं पुराने कपड़े, बनाएं ग्रो बैग और सजाएं छत-बालकनी; जानें स्टेप्स

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how to make grow bag
पुराने कपड़ों से बनेंगे ये ग्रो बैग्स

Homemade Grow Bag: अक्सर आपने देखा हो गया कि आपकी अलमारी में कई ऐसे कपड़े हैं जो न तो यूज़ होते हैं न हीं कूड़े में जाते हैं. अब सवाल उठता है कि बेवजह ये कपड़े अलमारी की जगह घेरे हुए हैं, जो अब बेहद पुराने हो चुके हैं. अगर आप इन्हें फेंकने का सोच रहे हैं तो रूकिए…हम आपको एक ऐसी ट्रिक बताते हैं, जिसे जानने के बाद आप ये गलती कभी नहीं करेंगे. जी हां…इन्हीं कपड़ों से आप घर में बग़ीचा बनाने के लिए बढ़िया ग्रो बैग (how to make grow bag) तैयार कर सकते हैं. न सिर्फ़ खर्चा कम होगा, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा है. हल्की-मोटी सिलाई की अगर समझ हो तो काम 30-60 मिनट में हो सकता है और एक टिकाऊ, पोर्टेबल बैग जो टमाटर, मिर्च, हर्ब्स या फूलों के लिए बिल्कुल सही होगा.

अनिता भट्ट से जानते हैं उन आसान तरीकों को जिससे आप पुरानी चीज़ों (grow bag from old clothes) का इस्तेमाल कर उसे रियूज कर सकते हैं. जैसे पुराने कपड़ों से एक ग्रो बैग तैयार करना. आइए, विस्तार से जानते हैं कि इसके लिए किन चीज़ों की ज़रूर रह है और बनाने के स्टेप्स को समझते हैं.

Homemade grow bags
पुराने जींस से तैयार ग्रो बैग्स पर लगे पौधे (सांकेतिक तस्वीर)

इन चीज़ें ग्रो बैग बनाने में करेंगे मदद
जैसे पुरानी जीन्स, डेनिम, कैनवास, बेडशीट (कम से कम 18×18 इंच के 4 टुकड़े या आवश्यकता के मुताबिक) हो. सुई और मजबूत धागा या सिवाय मशीन. कैंची, पिन, रूलर/मेज़र टेप. अगर चाहें तो हॉम-ग्रेड कपड़े-हैंडल (2 टुकड़े). ड्रीनेज के लिए छोटे छेद काटने का उपकरण या ठोकने की नोक.

आसान स्टेप्स में समझते हैं कैसे तैयार करें

1. सबसे पहले बैग बनाने के लिए कपड़े के टुकड़े काट लें. सामने और पीछे का हिस्सा लगभग 18×18 इंच का रखें. साइड के लिए चार टुकड़े काट लें. अगर आपको बड़ा या छोटा बैग चाहिए तो साइज बदल सकते हैं. सिलाई करने के लिए हर तरफ 1 से 1.5 इंच का मार्जिन ज़रूर छोड़ें.

2. अब सारे टुकड़ों को पिन से पकड़ लें ताकि सिलते समय कपड़ा हिले नहीं. नीचे का हिस्सा अच्छे से मैच करें. फिर सीधी सिलाई करके दो साइड और एक बॉटम जोड़ दें. नीचे का हिस्सा मज़बूत रखें. बैग को स्थिरता देने के लिए कोनों में ‘बॉक्सिंग’ भी कर सकते हैं, इससे बैग गोल या बॉक्स शेप में आ जाएगा.

3. सिलाई पूरी होने के बाद बैग को उल्टा कर दें ताकि बाहर से साफ-सुथरा दिखे और सारी सिलाई अंदर चली जाए. ऊपर का किनारा 1–2 इंच मोड़कर डबल सिलाई करें. इससे बैग मज़बूत बनेगा और जल्दी फटेगा नहीं.

4. बैग उठाने के लिए दोनों तरफ हैंडल सिल दें. हैंडल लगाते समय क्रॉस-सिलाई करें ताकि खिंचने पर टूटे नहीं. बैग के नीचे छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि पानी आसानी से निकल जाए. अगर आप ज्यादा पानी रोकना चाहते हैं तो अंदर प्लास्टिक की लाइनिंग लगा सकते हैं, लेकिन नीचे छेद ज़रूर रखें.


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Drinks For Glowing Skin
ये हेल्दी ड्रिंक्स लाएंगे आपके चेहरे पर चमक

Skin Care Tips: भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का ख़्याल रखना भूल जाते हैं. ऐसे में धीरे-धीरे उनके शरीर पर इसका असर दिखने लगता है. अगर आपको भी ऐसा लगता है कि जिंदगी की हापा थापी (drinks for glowing skin) में आपकी स्किन की चमक धीमी पड़ने लगती है. हेल्थ कॉन्शियस लोग कई ऐसी हेल्दी ड्रिंक का सेवन करते हैं, जो उन्हें फूर्तीला बनाता है. आइए, जानते हैं उन ख़ास ड्रिंक्स के बारे में…

नारियल पानी देगा ताजगी और नमी
नारियल पानी न केवल प्यास बुझाने के लिए बल्कि स्किन को हेल्दी बनाने के लिए भी जाना जाता है. इसमें मौजूद मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखते हैं. इससे चेहरे (best natural drinks for skin glow) की ड्रायनेस कम होती है और झुर्रियों व फाइन लाइन्स की समस्या घटती है। रोज़ाना नारियल पानी पीने वालों के चेहरे पर एक अलग ही चमक देखने को मिलती है.

एलोवेरा-आंवला जूस के गजब फायदे
एलोवेरा जूस का नाम आते ही लोग सबसे पहले स्किनकेयर से इसे जोड़ते हैं. इसके जूस से त्वचा पर नेचुरल निखार आता है और स्किन लंबे समय तक हाइड्रेट रहती है. इसमें मौजूद गुण कोलेजन को बढ़ाकर त्वचा को टाइट और जवां बनाते हैं. वहीं, आंवला जूस (amla juice for glowing face) शरीर को डिटॉक्स करता है और स्किन से मुंहासे व दाग-धब्बे हटाने में मदद करता है. विटामिन C से भरपूर आंवला जूस स्किन की रंगत को निखारने के साथ एंटी-एजिंग प्रॉपर्टीज भी देता है.

चिया सीड्स पानी और बेरी स्मूदी है बेस्ट
चिया सीड्स का पानी हेल्दी स्किन के लिए एक शानदार विकल्प है. इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को हेल्दी और दाग-धब्बों से मुक्त (chia seeds water for clear skin) बनाते हैं. वहीं, बेरी स्मूदी टेस्ट के साथ-साथ स्किन को चमकदार बनाने का काम करती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन त्वचा को अंदर से पोषण देकर ग्लो बढ़ाते हैं.

हर दिन एक ड्रिंक से मिलेगा कमाल
अगर आप सप्ताह के सातों दिन इन 5 ड्रिंक्स में से कोई एक पीते हैं, तो आपकी त्वचा धीरे-धीरे हेल्दी, क्लीन और ग्लोइंग नजर आने लगेगी। इन ड्रिंक्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये पूरी तरह प्राकृतिक हैं और इनके कोई नुकसान नहीं होते. यानी, ज्यादा खर्च किए बिना आप अपनी त्वचा को हमेशा (chemical free skin care tips) ताजा और जवां बनाए रख सकते हैं. अब ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर ढेरों पैसे खर्च करने से पहले इन नैचुरल ड्रिंक्स को एक बार जरूर आजमाएं.


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पुतिन-मोदी ने बंद कार में की 45 मिनट मीटिंग

नई दिल्ली/तियानजिन: अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद (US-India tariff tensions) ग्लोबल पॉलिटिक्स में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बदलते समीकरणों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान दौरे के बाद सीधे चीन के तियानजिन पहुंचना और वहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होना कई बड़े संकेत दे रहा है। हालांकि, इस बीच भारत और रूस की दोस्ती का एक अलग ही (Putin Modi Car Diplomacy) नज़ारा दुनिया के सामने आया जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी का न केवल गर्मजोशी से स्वागत किया बल्कि उनके साथ अपनी लग्ज़री Aurus Senat लिमोज़ीन में सफर करने की इच्छा भी जताई. गौरतलब है कि दोनों के बीच हुई बाचीत को लेकर अब अंतरर्राष्ट्रीय मी

पुतिन ने किया 10 मिनट इंतज़ार
सूत्रों के मुताबिक, SCO सम्मेलन स्थल से द्विपक्षीय बैठक स्थल तक जाने के लिए पुतिन ने विशेष तौर पर इंतज़ार किया। लगभग 10 मिनट तक उन्होंने मोदी का इंतज़ार किया ताकि दोनों नेता एक ही कार से साथ यात्रा कर सकें। यह कदम इस बात का प्रतीक माना जा रहा है कि रूस भारत को एक ‘स्पेशल पार्टनर’ की तरह देखता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सोशल मीडिया अकाउंट में साझा की तस्वीर

45 मिनट लंबी कार डिप्लोमेसी
दोनों नेता सम्मेलन स्थल से होटल तक कार में सफर करते रहे और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। दिलचस्प बात यह रही कि होटल पहुंचने के बाद भी वे करीब 45 मिनट तक कार में ही बैठे रहे और चर्चा जारी रखी। राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को केवल एक ‘ट्रैवलिंग मोमेंट’ नहीं बल्कि रिश्तों में गहराई और विश्वास का प्रतीक मान रहे हैं. बैठक में दोनों नेताओं ने आर्थिक, वित्तीय और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इसके अलावा व्यापार, खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, अंतरिक्ष और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर भी गहन चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस का ‘स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ एशिया ही नहीं बल्कि वैश्विक स्थिरता का भी एक अहम स्तंभ है.

यूक्रेन संकट पर चर्चा
दोनों नेताओं ने यूक्रेन मुद्दे पर भी बातचीत की। पीएम मोदी ने हाल ही में उठाए गए शांति पहल की सराहना की और ज़ोर दिया कि अब संघर्ष को रोककर एक टिकाऊ शांति समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। वहीं पुतिन ने भी भारत की भूमिका को ‘संतुलित’ और ‘रचनात्मक’ बताया. इस पूरे घटनाक्रम ने (India Russia bilateral talks) साफ कर दिया है कि भारत और रूस की साझेदारी अब सिर्फ औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह ‘निजी विश्वास और राजनीतिक भरोसे’ की नई मिसाल गढ़ रही है. अमेरिका और पश्चिमी देशों की निगाहें जहां इस रिश्ते पर टिकी हैं, वहीं SCO में दिखा यह नजारा आने वाले समय में वैश्विक राजनीति को नया मोड़ दे सकता है.