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विधानसभा का विशेष सत्र 28 अप्रैल को होगा आयोजित:  नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर होगी चर्चा

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28 अप्रैल को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र, धामी सरकार लेगी बड़ा फैसला!

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र 28 अप्रैल को पूर्वाह्न 11 बजे से आहूत किया जाएगा। विधासनसभा सचिवालय की ओर से विशेष सत्र आहूत किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
माना जा रहा है कि इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होगी। सत्र में कोई अन्य विधायी कार्य प्रस्तावित नहीं है।

 

चारधाम यात्रा को लेकर भ्रामक वीडियो प्रसारित करी तो होगी FIR दर्ज 

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रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा के संबंध में भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन वीडियो/सामग्री प्रसारित करने पर थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही, ऐसे अन्य 4-5 संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मामले की जांच प्रचलित है। साथ ही, ऐसे अन्य 4–5 संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) के तहत लिया जाएगा।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दर्दनाक हादसा: टिहरी के चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरी मैक्स, 8 की मौत

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सीएम धामी ने जताया हादसे पर शोक: त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

टिहरी। उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल के चंबा क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर नैल के समीप एक मैक्स वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के वक्त वाहन में करीब 10 लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट के अनुसार इस हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और State Disaster Response Force (SDRF) की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अब तक दो घायलों को खाई से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें उत्तम कुमार (लगभग 30 वर्ष) को हल्की चोटें आई हैं। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल भी मौके के लिए रवाना होकर जायजा लिया। प्रशासन द्वारा बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन ऋषिकेश से घनसाली की ओर जा रहा था। वाहन में सवार सभी लोग घनसाली क्षेत्र के चांजी, ठेला और चकरेडा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जो हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को तत्काल और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी न रहने दी जाए। साथ ही उन्होंने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।

 

 भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट खुले श्रद्धालुओं के लिए: आस्था और उल्लास से गूंजा पावन धाम

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सीएम धामी सहित हजारों श्रद्धालु बने इस क्षण के साक्षी

चमोली: भगवान श्री बदरीनाथ के कपाट गुरुवार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा बदरीनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल एवं अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने हेतु हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।

 

कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति द्वारा संचालित विशाल भंडारे की सराहना की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

नाबालिग युवती को बहला फुसलाकर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

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दून पुलिस कप्तान के निर्देशन में महिला एवं बाल अपराधों के विरूद्ध दून पुलिस का आपरेशन प्रहार जारी

वादी निवासी प्रेम नगर द्वारा थाना प्रेम नगर पर एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया कि उनकी नाबालिक पुत्री घर से बिना बताए कही चली गई है। जिसे खोजने का काफी प्रयास किया गया लेकिन वो कहीं नहीं मिली। प्रार्थना पत्र के आधार पर *थाना प्रेम नगर पर मु0अ0स0 – 77/2026, धारा- 137(2) बीएनएस* का अभियोग पंजीकृत किया गया।
वर्तमान में सम्पूर्ण जनपद में प्रचलित आपरेशन प्रहार के अन्तर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सघन चैकिंग/सत्यापन अभियान चलाते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
इसी क्रम मे प्रकरण की संवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा नाबालिग की बरामदगी हेतु थाना प्रेमनगर पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये। जिसके अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा नाबालिग के घर तथा उसके आस-पास आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई। साथ ही नाबालिग के रिश्तेदारों तथा जान पहचान वाले लोगो जानकारी के दौरान नाबालिग को गोविंदा नाम के एक व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई। प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा सुरागरसी पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। साथ ही इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की सहायता से अभियुक्त की लोकेशन अलीगढ उत्तर प्रदेश में होने के समबन्ध में जानकारी मिली। जिस पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक: 21-04-25 को दबिश देते हुए अभियुक्त गोविंदा को अलीगढ उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से नाबालिग को बरामद किया गया, नाबालिग द्वारा अपने बयान में बताया गया कि अभियुक्त गोविंदा उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले आया था तथा अभियुक्त द्वारा नाबालिग के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया गया। नाबालिग के बयानों के आधार पर अभियोग में धारा 64 बीएनएस तथा 3/ 4 पोक्सो अधिनियम की बढ़ोतरी की गई।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:* गोविंदा पुत्र विजयपाल निवासी ग्राम महगोरा थाना बिसावा जनपद अलीगढ़ उम्र 19 वर्ष

*पुलिस टीम: -*
1- म0अ0उ0नि0 शोभा मेहता
2- कां0 रोबिन सिंह

श्रद्धालुओं को महिला समूहों के हाथों से परोसे जा रहे पारंपरिक व्यंजन: श्रद्धालुओं को भा रहा पहाड़ी स्वाद

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ऋषिकेश यात्रा ट्रांजिट कैंप में पहाड़ी स्वाद का संगम, यात्रियों को मिल रहा खास अनुभव*

सीएम धामी की पहल, डीएम सविन बंसल की निगरानी, यात्रियों के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं

*देहरादून ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत ऋषिकेश नगर निगम द्वारा ट्रांजिट कैंप में यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन एवं निगरानी में संचालित इन व्यवस्थाओं के तहत स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन परोसे जा रहे हैं, जो चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित कर रहे हैं।

ट्रांजिट कैंप में उड़द की दाल के पकोड़े, कापली भात, तिल की चटनी, जंगोरे की खीर और मंडवे की रोटी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर यात्री न केवल उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं, बल्कि उन्हें यात्रा के दौरान पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध हो रहा है। इन व्यंजनों का स्वाद चखने के बाद श्रद्धालु उत्साह के साथ अपनी आगे की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं।

उपासना जन सेवा स्वायत्त सहकारिता संगठन से जुड़ी 12 समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे इन व्यंजनों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। महिला समूहों की यह पहल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

बिहार से आए यात्री अरुण कुमार ने बताया कि इन पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति और स्वाद का अनूठा अनुभव मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ये व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी हैं।

वहीं, गणपति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनीता बंसल ने कहा कि नगर निगम द्वारा ट्रांजिट कैंप में स्टॉल लगाने का अवसर मिलने से महिलाओं को अपनी आजीविका मजबूत करने का मंच मिला है। उन्होंने धामी सरकार और जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल जहां एक ओर यात्रियों को सुविधाएं प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन रही है। ट्रांजिट कैंप में विश्राम के दौरान श्रद्धालु स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेते हुए अपनी यात्रा को और भी यादगार बना रहे हैं।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

जिला प्रशासन द्वारा बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष अभियान किए गए संचालित 

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देहरादून :  जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी, देहरादून के नेतृत्व में महिला कल्याण विभाग, उत्तराखंड द्वारा जनपद में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासनगर क्षेत्र के ग्राम छरबा स्थित मदरसा तथा देहरादून के रेसकोर्स क्षेत्र अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र चंदन नगर में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1098 के महत्व एवं उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही बाल श्रम, बाल विवाह, बच्चों के प्रति लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पोक्सो एक्ट), गुड टच-बैड टच, बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) तथा किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) की भूमिका एवं कार्यप्रणाली से भी बच्चों को अवगत कराया गया।
जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम छरबा में कुल 55 एवं रेसकोर्स क्षेत्र में 25 बच्चों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं सहायता प्राप्त करने के तरीकों के संबंध में सरल एवं संवादात्मक माध्यम से जानकारी प्रदान की गई।
छरबा में सुपरवाइजर रक्षा द्वारा बताया गया कि बच्चों एवं महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम तथा उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
जिला प्रोबेशन अधिकारी, देहरादून ने अवगत कराया कि जनपद में बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही बाल संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में छरबा क्षेत्र से चाइल्ड हेल्पलाइन देहरादून की ओर से सुपरवाइजर रक्षा रावत, स्मृति एवं प्रदीप उपस्थित रहे, जबकि रेसकोर्स क्षेत्र में सुपरवाइजर सरिता रानी, हिमांशु (वर्कर), सविता गोगिया एवं रजनीश ने सहभागिता की।
जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि किसी भी बच्चे के साथ हो रहे शोषण, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देकर सहयोग प्रदान करें।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

 

पहलगाम हमले पर लिखी पुस्तक ‘पहलगाम’- जब समय थम गया: संयुक्त निदेशक केएस चौहान ने सीएम धामी को की भेंट 

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संयुक्त निदेशक केएस चौहान ने सीएम धामी को भेंट की अपनी पुस्तक ‘पहलगाम’- जब समय थम गया: चौहान ने अपने अनुभवों को पुस्तक की दी शक्ल

पहलगाम में पर्यटकों पर बर्बर हमले की पहली बरसी पर बुधवार को ‘पहलगाम … जब समय थम गया’ पुस्तक जनता के बीच आ गई । पुस्तक के लेखक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में संयुक्त निदेशक केएस चौहान हैं। जो घटना के दिन सपरिवार पहलगाम में मौजूद थे, चौहान ने अपने अनुभवों को पुस्तक की शक्ल दी है।

श्री चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर पुस्तक की प्रति उन्हें भेंट की। उन्होंने बताया कि पुस्तक में पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को घटना वाले दिन के माहौल और तमाम सारी बातों को शामिल किया गया। इसके अंत में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया गया है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहलगाम में एक वर्ष पूर्व घटित आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया था। उन्होंने पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जिस तरह दुनिया को अपना दम दिखाया, वह ऐतिहासिक है।

 

87वीं अंतरराज्यीय जूनियर एवं युवा राष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता- 2026 का हुआ भव्य समापन

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड :- रेखा आर्या

देहरादून, 22 अप्रैल।* उत्तराखंड टेबल टेनिस संघ द्वारा आयोजित 87वीं अंतरराज्यीय जूनियर एवं युवा राष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता 2026 का समापन समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ। समापन अवसर पर प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही अन्य सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ भी दिया जा रहा है।

उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आने वाले समय में बड़े खेल आयोजन देश में प्रस्तावित हैं। राष्ट्रमंडल खेल और वर्ष 2036 के ओलंपिक के मद्देनज़र युवाओं को अभी से तैयारी में जुट जाना चाहिए, ताकि वे इन मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

मंत्री ने कहा कि अगले वर्ष प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों से पहले विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं उत्तराखंड में आयोजित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं का अनुभव मिलेगा और वे अधिक संख्या में चयनित हो सकेंगे।

समारोह में खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए विजेताओं को सम्मानित किया गया। आयोजन की सफलता में संघ के पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही।

समापन अवसर पर मंत्री ने कहा कि राज्य में खेल सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है और आने वाले समय में उत्तराखंड खेलों के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

इस अवसर पर कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन के महासचिव एमपी सिंह, अध्यक्ष मेघा अहलावत, यतिन टिप्पणिस, राजू दुग्गल, चेतन गुरुंग, प्रिंस वेपोन, केके शर्मा आदि उपस्थित रहे।

शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव माणा बना आत्मनिर्भरता की मिसाल

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मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा: स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का श्रद्धालुओं से किया आह्वान

चारधाम यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा पहुंचकर क्षेत्र का भ्रमण किया तथा वहां आए श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुखद एवं प्लास्टिक मुक्त हरित यात्रा बनाने की अपील करते हुए सभी से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री के आगमन पर माणा गांव की महिलाओं ने पारंपरिक मांगलगीत गाकर एवं स्थानीय उत्पाद भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस आत्मीय स्वागत के लिए ग्रामीण महिलाओं का आभार व्यक्त किया और उनकी परंपराओं एवं संस्कृति की सराहना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गांव की शत-प्रतिशत “लखपति दीदियों” से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को गुणवत्तापूर्ण बताते हुए कहा कि ये उत्पाद न केवल स्थानीय आजीविका को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों की खरीद कर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के विकास को नई दिशा मिली है और जो गांव पहले “अंतिम गांव” कहे जाते थे, उन्हें अब “प्रथम गांव” की संज्ञा देकर उनके समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत उत्तराखंड के सीमांत गांवों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे इन क्षेत्रों में रोजगार, पर्यटन और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। माणा गांव सहित अन्य सीमांत क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्य प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से सीमांत गांव विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

ग्राम पंचायत माणा, विकासखण्ड ज्योतिर्मठ, जनपद चमोली, आज स्वयं सहायता समूहों और “लखपति दीदी” पहल के माध्यम से एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। यहां कुल 12 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 82 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ग्राम में एक ग्राम संगठन “घुंघटी महिला ग्राम संगठन” तथा एक क्लस्टर स्तरीय संगठन “योगबंदी क्लस्टर स्तरीय संगठन” कार्यरत है और विशेष बात यह है कि यहां सभी 82 महिलाएं “लखपति दीदी” के रूप में स्थापित हो चुकी हैं, जिससे माणा उत्तराखंड का प्रथम शत-प्रतिशत लखपति दीदी गांव बन गया है।

ग्राम की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पारंपरिक एवं गैर-कृषि कार्यों को बढ़ावा देते हुए आजीविका संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे ऊनी वस्त्र, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट उत्पाद, फर्नीचर, टोकरी निर्माण, दाल, कालीन, पापड़, मसाले तथा भोजनालय संचालन जैसे विविध कार्यों में संलग्न हैं और इन उत्पादों का विपणन कर अपनी आय में निरंतर वृद्धि कर रही हैं। इसके अतिरिक्त कृषि, पशुपालन, डेयरी, होमस्टे, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से भी महिलाएं स्वरोजगार के अवसर विकसित कर रही हैं। स्थानीय उत्पादों को सरस मॉल एवं विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने में सहायता मिल रही है और वे “लखपति दीदी” योजना से लाभान्वित हो रही हैं।