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DM के निर्देश पर अवैध गैस कारोबार पर बड़ी कार्रवाई: 32 सिलेंडर, 4 गैस रिफिलिंग उपकरण जब्त

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327 सिलेंडरों से लदा वाहन कब्जे में, मुकदमा दर्ज

निरंजनपुर सब्जी मंडी के समीप सिद्ध पीठ प्राचीन मंदिर के निकट बंद पेट्रोल पंप के कमरे में की जा रही थी गैस रिफिलिंग

पेट्रोल पंप पर 327 गैस सिलेंडर लदा वाहन UP17BT0390 लिया कब्जे में;

गैस सिलेंडर की कालाबाजारी अवैध रिफिलिंग पर रात्रि 12:00 बजे से सुबह 4:00 तक चली जिला प्रशासन क्यूआरटी की छापेमारी

देहरादून। जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं रिफिलिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम द्वारा रात्रि में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया गया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार निरंजनपुर सब्जी मंडी के समीप स्थित सिद्ध पीठ प्राचीन मंदिर के निकट एक बंद पड़े पेट्रोल पंप के कमरे में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही थी। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए क्यूआरटी टीम ने देर रात्रि लगभग 12:00 बजे से प्रातः 4:00 बजे तक सघन छापेमारी अभियान चलाया।
छापेमारी के दौरान मौके से कुल 27 घरेलू, 4 छोटे तथा 1 व्यावसायिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त मौके पर एक वाहन संख्या UP17BT0390, जिसमें 327 गैस सिलेंडर लदे हुए थे, को भी कब्जे में लिया गया। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
वाहन स्वामी से दूरभाष पर संपर्क करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त वाहन लोनी बोटलिंग गैस प्लांट से लगभग 360 सिलेंडर लेकर निकला था।

अवैध रूप से महंगे दामों पर बेचने के उद्देश्य से रिफिलिंग किया जा रहा था।
प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग कर उन्हें ऊंचे दामों पर बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। यह गतिविधि न केवल आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती है। उक्त प्रकरण में थाना पटेल नगर में संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश हैं कि जनपद में गैस की कालाबाजारी एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस प्रकार की कार्रवाइयां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

देश की जनता को झूठ परोसने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल ने किया भाजपा पर किया तीखा प्रहार

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देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा देश को झूठ परोसे जाने, भ्रम की स्थिति और विभाजनकारी नीतियों के लिए आढ़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि प्रधानमंत्री ने “राष्ट्र के नाम संदेश” जैसे गंभीर और गरिमामयी मंच का उपयोग विपक्ष को कोसने के लिए किया? यह परंपराओं का अपमान और देश के संसाधनों का दुरुपयोग है, जिसकी कांग्रेस पार्टी कड़ी निंदा करती है।
गोदियाल ने कहा कि अब तक राष्ट्र के नाम संदेश का उपयोग आपातकालीन स्थितियों या बड़े राष्ट्रीय निर्णयों की घोषणा के लिए किया जाता रहा है, लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री ने इसे राजनीतिक मंच में बदल दिया है। यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।

उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग बिना सोचे-समझे अपनी पार्टी की हर नीति का समर्थन करते हैं तब भी जब वे नीतियां देशहित के खिलाफ हों—वे राष्ट्रहित के साथ नहीं खड़े हैं। आज भाजपा एक ऐसा वातावरण बना रही है, जहां पार्टी हित को राष्ट्रहित से ऊपर रखा जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।

महिला आरक्षण को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर प्रहार करते हुए गोदियाल ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही संसद के दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुका है और संविधान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जो बिल सदन में गिरा, वह परिसीमन संशोधन विधेयक था, न कि महिला आरक्षण बिल। इसके बावजूद भाजपा देशभर में भ्रामक प्रचार कर रही है और जनता को गुमराह कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री प्रेस वार्ताओं के जरिए एक झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, मानो महिला आरक्षण का रास्ता विपक्ष ने रोका हो, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। गोदयाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री धामी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह इतना ही महिला हितेषी हैं तो प्रदेश की तमाम नौकरियों में मेडिकल कॉलेज में लोक सेवा आयोग इत्यादि में महिलाओं के लिए 33% सीट रिजर्व कर दे।
गोदियाल ने कहा कि विपक्ष ने न केवल महिला आरक्षण का समर्थन किया, बल्कि उसे पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना और झूठा प्रचार करना यह दर्शाता है कि भाजपा केवल अपने शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए राजनीति कर रही है, न कि देश के हित में।

अंत में उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए, न कि पार्टी हित। कांग्रेस पार्टी हमेशा संविधान, लोकतंत्र और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी और भाजपा के इस भ्रामक अभियान का सशक्त तरीके से जवाब देती रहेगी।

गरिमा मेहरा दसौनी

महिला आरक्षण का विकल्प रहित संकल्प, भाजपा करेगी साकार: सीएम धामी 

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ विपक्ष का रवैया आधी आबादी के साथ अन्याय: सीएम धामी

महिला अधिकारों की लड़ाई में बाधा को जीत बताना महिला विरोधी मानसिकता

 

देहरादून 19 अप्रैल। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ विपक्ष की वोटिंग को देश की आधी आबादी के खिलाफ अन्याय बताया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास और मंशा हमेशा महिला विरोधी रही है। जो उन्होंने इंडी गठबंधन के साथ मिलकर संसद में किया, उसका जवाब देश जनता वोट के अधिकार से देगी। महिला अधिकारों की लड़ाई में बाधा को जीत बताना, विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिस तरह मातृ शक्ति के सामर्थ्य से यह दशक उत्तराखंड का बन रहा है, ठीक ऐसे ही महिला अधिकार के इस विकल्परहित संकल्प को भाजपा अवश्य साकार करके रहेगी।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार, संसद में “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” के भारतीय दर्शन को आत्मसात करते हुए, संसद- विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को मंजूरी प्रदान करने लिए तीन बिल प्रस्तुत किए गए थे। लेकिन कांग्रेस और पूरा विपक्ष माताओं बहनों के हक को देने में सबसे बड़ी बाधा बने। प्रधानमंत्री ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र पर चलते हुए, आधी आबादी को उनका पूरा हक प्रदान करने का प्रयास किया ताकि मातृशक्ति विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सके।

उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह विधेयक के सदन में गिरने पर कांग्रेस समेत विपक्ष द्वारा जश्न मनाया गया वह बेहद शर्मनाक था। नारी अधिकारियों की लड़ाई में बाधा उत्पन कर, उसे जीत दर्शाने से विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता उजागर हुई है।

उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में हुई चर्चा केवल कुछ विधेयकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह देश की आधी आबादी को नीति-निर्माण में समान भागीदारी देने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। यह अवसर हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता था। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने इस ऐतिहासिक अवसर का भी विरोध किया।

सीएम ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी और देशहित से ऊपर दलगत सोच को रखा। इन दलों का विरोध केवल संसदीय प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे यह स्पष्ट संकेत गया कि महिलाओं के अधिकारों के प्रश्न पर भी वे गंभीर नहीं हैं। 18 अप्रैल को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक का पारित न हो पाना इसी नकारात्मक और बाधक राजनीति का परिणाम है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का सुसंगत दृष्टिकोण रहा है कि महिलाओं को नीति-निर्माण की मुख्यधारा में लाना आवश्यक है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से दशकों से लंबित मांग को पूरा कर यह सिद्ध किया गया कि महिलाओं को अधिकार देना उनका संवैधानिक अधिकार है। 131वां संशोधन विधेयक का उद्देश्य भी अत्यंत स्पष्ट था कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ यथाशीघ्र सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से इसे 2029 के आम चुनावों से लागू करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और समयबद्ध पहल थी। इस विधेयक के माध्यम से जनगणना और परिसीमन के कारण होने वाली संभावित देरी को समाप्त करने का प्रयास किया गया। इसका लक्ष्य यह था कि महिलाओं को उनके अधिकार के लिए अनावश्यक रूप से और प्रतीक्षा न करनी पड़े।

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने तकनीकी आपत्तियों और प्रक्रियात्मक बहानों के माध्यम से इस प्रक्रिया को बाधित किया। झूठे तर्कों और भ्रम फैलाकर उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक विवाद का रूप देने का प्रयास किया। परिसीमन को लेकर विपक्ष द्वारा जो आशंकाएं व्यक्त की गईं, वे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। जबकि परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है, जिसका उद्देश्य जनसंख्या के अनुरूप संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित व्यवस्था में सभी राज्यों के लिए समान अनुपात में सीटों की वृद्धि का प्रावधान था। इससे किसी भी राज्य, विशेषकर दक्षिण भारत, के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

उन्होंने समाजवादी पार्टी द्वारा धर्म आधारित आरक्षण की मांग को न केवल असंवैधानिक बल्कि यह मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मांगें केवल तुष्टिकरण की राजनीति को दर्शाती हैं और यह संवैधानिक मूल्यों के विपरीत हैं।

सीएम ने महिला अधिकारों के मुद्दों पर कांग्रेस का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अत्यंत खराब बताया। कहा कि दशकों तक महिला आरक्षण विधेयक को लंबित रखना उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। शाह बानो प्रकरण में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के विरुद्ध खड़ा होना और तीन तलाक समाप्त करने के प्रयासों का विरोध करना भी उसी मानसिकता को दर्शाता है। यह दिखाता है कि महिलाओं के अधिकारों के प्रश्न पर उनका रुख समय-समय पर विरोध का रहा है।

यही नहीं, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय निर्णयों और विधेयकों का भी हमेशा विरोध किया है। इनमें तीन तलाक उन्मूलन कानून, नागरिकता संशोधन अधिनियम, अनुच्छेद 370 से संबंधित निर्णय और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक निर्णयों पर भी इन दलों द्वारा बार-बार प्रश्न उठाए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनका विरोध प्रायः नीतिगत कम और राजनीतिक अधिक होता है।
जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की भागीदारी राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य शर्त है। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विषय को राष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखें। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अधिकार देना किसी प्रकार का उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक और संवैधानिक अधिकार है। यह दृष्टिकोण सरकार की नीतियों और निर्णयों में निरंतर परिलक्षित होता रहा है। साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने भी स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने तथ्यों के आधार पर यह भरोसा भी दिलाया कि दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और संतुलन बना रहेगा।
“एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” का सिद्धांत लोकतंत्र की आधारशिला है। इन्हीं विधेयकों के माध्यम से इस सिद्धांत को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश की महिलाएं पंचायत से लेकर विभिन्न स्तरों पर नेतृत्व कर रही हैं और अपनी क्षमता का सफल प्रदर्शन कर रही हैं। वे निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें अब रोका नहीं जा सकता।

उन्होंने उत्तराखंड के परिपेक्ष कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण सहित यहाँ के पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन में मातृ शक्ति का योगदान अतुलनीय है। पूरे तन्त्र को चलाने में वो धुरी की तरह हैं।अगर यह संविधान संशोधन विधेयक पारित हो जाता तो मातृ शक्ति को राजनीतिक रूप से सशक्त और नीति निर्माण में उनकी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित होती। ऐसे समय में उनके संवैधानिक अधिकारों को टालना केवल विधायी देरी नहीं, बल्कि सामाजिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करना है। यह देश की आधी आबादी के साथ अन्याय के समान है और इसका व्यापक प्रभाव लोकतांत्रिक ढांचे पर पड़ता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और संतुलित प्रतिनिधित्व के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह विषय किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश के भविष्य, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मजबूती से जुड़ा हुआ है।

इस दौरान पत्रकार वार्ता में पार्टी महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट, देहरादून कैंट विधायक श्रीमती सविता कपूर, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती स्वराज विद्वान, दायित्वधारी श्रीमती मधु भट्ट, श्रीमती विनोद उनियाल, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती कमलेश रमन, श्रीमती हनी पाठक, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री श्रीमती श्रीमती हिमानी वैष्णवी, प्रदेश प्रवक्ता महिला मोर्चा श्रीमती लक्ष्मी अग्रवाल, मोर्चा मीडिया प्रभारी डॉ दिव्या नेगी उपस्थित रही।

डा. दिव्या नेगी
प्रदेश मीडिया प्रभारी
भाजपा महिला मोर्चा

कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष की अनदेखी पर  सरकार पर बोला हमला 

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आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, देहरादून में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल जी की उपस्थिति में प्रदेश कांग्रेस के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण एवं निर्णायक बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल जी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश जिन स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों की बदौलत आज़ाद है, उसी देश में उनकी विचारधारा और मूल्यों को लगातार कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि “आज हम जो खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्तमान सरकार शहीदों के सपनों के भारत को कमजोर करने में लगी हुई है।”
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलती आई है, जबकि आज सत्ता में बैठे लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और देश की मूल भावना को आघात पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के बताए मार्ग पर चलते हुए अन्याय, अत्याचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त आवाज उठाएं तथा देश और प्रदेश को सही दिशा देने के लिए संघर्ष तेज करें।
बैठक में संगठन को मजबूत करने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों के सम्मान की रक्षा करने और उनके अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर प्रकोष्ठ के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। प्रकोष्ठ के महामंत्री अवधेश पन्त ने प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली एवं भविष्य के कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष महोदय से निवेदन किया कि पिछले 10 वर्षों से वर्तमान सरकार द्वारा तिरस्कृत एव स्वतंत्रता आंदोलन की विरोधी रही सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस को अपनी मूल स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को एकत्रित और सम्मानित करना होगा उन्होंने मांग की कि2027 में होने वाले चुनाव के घोषणा पत्र में कांग्रेस स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को प्रमुख स्थान देते हुए उनकी जायज मांगों को पूर्ण करने का भरोसा दिलाए प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री मुरली मनोहर जी द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल जी को चरखा एवं गंगा माई की चुनरी ओढा कर स्वागत किया गया सभा में विशेष रूप से कांग्रेस की प्रखर प्रवक्ता श्रीमती गरिमा महर दसौनी,विधायक एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्य श्री लखपत सिंह बुटोला,उत्तराखंड के जनकवि अतुल शर्मा जी,संरक्षक गोवर्धन प्रसाद शर्मा जी,बागेश्वर के श्री गिरीश चंद्र जोशी जी,राज्य आंदोलनकारी एवं रक्तदान के क्षेत्र में विशेष कार्य हेतु श्री मोहन खत्री जी,ऊर्जावान युवा कांग्रेसी श्री नितिन चंचल जी आदि को चरखा एवं गंगा माई की चुनरी उड़ा कर विशेष सम्मान प्रदान किया गया सभा में मुख्य रूप से कांग्रेस के महामंत्री संजय शर्मा जी मोहन काला जी काशीपुर से सुशील गुड़िया जी नैनीताल हल्द्वानी से श्रीमती शोभा बिष्ट जी अपनी सहयोगियों के साथ अल्मोड़ा से श्री इंद्रलाल आर्य जी बागेश्वर से जिला अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र कुमार पांडे जी हरिद्वार से श्रीगोपाल नारसन जी,सुरेंद्र कुमार सैनी जी,अदनान जी,नवीन शरण निश्चल जी,श्री सुरेंद्र सिंह बुटोला जी,श्री सत्य प्रकाश चौहान जी,श्री सुधीर कौशिक जी,राकेश पंत जी,राकेश डोभाल जी,सुभाष जायसवाल जी ,जयदेव जी एवं समस्त जिलों के पदाधिकारी गण मौजूद रहे

(अवधेश पंत)
महामंत्री।

सीएम धामी ने नमामि गंगे योजना द्वारा निर्मित श्री अखंड परम धाम गंगा घाट का किया लोकार्पण

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स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज की 71वीं संन्यास जयंती के उपलक्ष्य में सीएम धामी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित श्री अखण्ड परमधाम गंगा घाट के लोकार्पण समारोह एवं स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज की 71वीं संन्यास जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देशभर से पधारे संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक घाट के लोकार्पण का अवसर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। उन्होंने स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज के जीवन को तप, त्याग और साधना का अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके विचारों एवं शिक्षाओं ने समाज को सेवा, करुणा और मानव कल्याण के मार्ग पर अग्रसर किया है।
मुख्यमंत्री ने परमपूज्या साध्वी ऋतम्भरा जी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य समाज को सही दिशा प्रदान करता है और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर एवं महाकाल लोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता लागू करने, धर्मांतरण विरोधी कानून, तथा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत एवं जनसंख्या संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए आध्यात्मिक मूल्यों का सुदृढ़ होना आवश्यक है। उन्होंने सभी से संतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम यात्रा का शुभारभ किया जा रहा है आज मां यमुना एवं मां गंगा के कपाट देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खोले जा रहे है,उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि चार धाम पर आने वाले यात्रियों की यात्रा सुगम, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालित हो,इसके लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है तथा आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं चाक चौबंद की गई है तथा आने वाले सभी तीर्थयात्रियों का चारों धामों के दर्शन सुगमता से कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी बालकानंद जी महाराज, पूज्य बीकानेर स्वामी विशोकानन्द भारती जी महाराज, योग ऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज,साध्वी ऋतंभरा (दीदी मां), पूज्य स्वामी महाराज अविचल दास जी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पूरी महाराज,निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, आचार्य स्वामी ज्योतिर्यानंद गिरी महाराज,पूज्य स्वामी मुनि जी महाराज, महंत ज्ञानदेव सिंह जी महाराज ,चिदानंद मुनि जी महाराज, पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज, स्वामी अनंत देव जी महाराज, पूज्य बाबा निर्मल दास जी महाराज, जितेंद्रानंद सरस्वती महाराज, अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग पूज्य साध्वी निरंजन ज्योति जी, महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी हरिचेतनानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर पूज्य आत्मानंद मुनि जी महाराज, महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयानंद जी महाराज,राष्ट्रीय मंत्री हिंदू परिषद अशोक तिवारी, पंचायतीराज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक जी, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा,मेयर हरिद्वार किरन जैसल,जिला अध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा,प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर,मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार,अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान,एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित देशभर से आए संत महात्मा एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

 

चारधाम यात्रा की हुई विधिवत शुरुआत: श्री गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुले श्रद्धालुओं के लिए

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सीएम धामी ने श्री गंगोत्री धाम पहुंचकर पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की की कामना

उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधिवत खोल दिए गए। इसी के साथ ही प्रदेश की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का भी आधिकारिक शुभारंभ हो गया। मंदिरों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के बीच कपाटोद्घाटन किया गया।


कपाट खुलने से पहले धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से गंगोत्री धाम पहुंची, जहां विशेष अनुष्ठानों के बाद तय समय पर मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनात्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बने।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में पूजा-अर्चना कर राज्य और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा अर्पित की और यात्रा के सफल संचालन का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है और राज्य सरकार इस यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए मार्गों पर बेहतर यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, ठहरने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखने की अपील करते हुए “ग्रीन और क्लीन चारधाम” के संकल्प को सफल बनाने में सहयोग मांगा। प्रशासन और मंदिर समिति के अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही अब प्रदेश में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

 

दून पुलिस का नशा तस्करो पर प्रहार, “ऑपरेशन प्रहार” के अन्तर्गत 01 शातिर चरस तस्कर गिरफ्तार

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अभियुक्त के कब्जे से 115 ग्राम अवैध चरस बरामद

*गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व मे भी मादक पदार्थ की तस्करी सहित अन्य अपराधो मे जा चुका है जेल*

मा0मुख्य मंत्री उत्तराखण्ड के ड्रग्स फ्री देवभूमि के विज़न को सार्थक सिद्ध किये जाने के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा वर्तमान मे प्रचलित “ऑपरेशन प्रहार” के अन्तर्गत जनपद के समस्त थाना प्रभारियो को नशे पर प्रभावी अंकुश लगाने व मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले असमाजिक तत्वो के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
निर्देशो के अनुपालन मे कोतवाली डोईवाला पर गठित टीम द्वारा दिनांक 17.04.26 को चेकिंग के दौरान राजीवनगर तिराहा डोईवाला के पास से एक अभियुक्त मौ0 साहिल पुत्र स्व0 रियात अली निवाली ग्राम नियामवाला डोईवाला देहरादून उम्र 28 वर्ष को 115 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली डोईवाला पर *मु0अ0सं0-122/2026 धारा 8/20 NDPS ACT* का अभियोग पंजीकृत किया गया।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त*
मौ0 साहिल पुत्र स्व0 रियात अली निवाली ग्राम नियामवाला डोईवाला देहरादून उम्र 28 वर्ष ।

*आपराधिक इतिहास अभियुक्त साहिल*

01- मु0अ0सं0–306/2025 धारा- 305A/317(2)/3(5) बीएनएस
02- मु0अ0स0- 227/2020 धारा- 8/21/27ए/29/60 एनडीपीएस एक्ट
03- मु0अ0स0 52/2019 धारा 25/4 आर्म्स एक्ट
04- मु0अ0स0- 122/2020 धारा- 8/20 एनडीपीएस एक्ट

*पुलिस टीम*

01 : अ0उ0नि0 वीरेन्द्र सिंह नेगी
02 : हे0का0 अनिल कुमार
03 : का0 सोविन्द्र कुमार

 

स्पर्श हिमालय विश्विद्यालय में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय योग  सम्मेलन का शुभारंभ

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300 से अधिक शोधार्थियों ने लिया भाग

स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के अध्यक्ष,सचिव एवं पूर्व कुलसचिव डॉ माधवी गोस्वामी ने हर्षिका रेखारी को किया सम्मानित

देहरादून। हिमालयीय आयुर्वेदिक पीजी कॉलेज, देहरादून एवं अष्टांग योग स्कूल, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, देहरादून में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय “योग, आयुर्वेद, पारंपरिक ज्ञान परंपरा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से स्वास्थ्य एवं नवाचार” रहा, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सम्मेलन में लगभग 300 शोधार्थियों ने भाग लिया, जिनमें भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी एवं विभिन्न देशों के प्रोफेसर वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार भारद्वाज द्वारा की गई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति ही नहीं, बल्कि एक समग्र जीवन शैली है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाती है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सोमवीर आर्या ने अपने वक्तव्य में कहा कि योग में सैद्धांतिक ज्ञान से अधिक प्रयोगात्मक क्रियाओं का महत्व है। उन्होंने छात्रों को योग के व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित अभ्यास से ही योग के वास्तविक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।

संस्था के सचिव बालकृष्ण चमोली ने कहा कि योग और आयुर्वेद भारत की प्राचीन धरोहर हैं, जो आज वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन विधाओं को केवल प्रचार-प्रसार तक सीमित न रखकर जन-जन तक पहुँचाना आवश्यक है, ताकि समाज का हर वर्ग इससे लाभान्वित हो सके।

सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और योग, आयुर्वेद तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समन्वय पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने बताया कि आधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान 9 वर्षीय बालिका हर्षिका रिखारी ने विभिन्न योग मुद्राओं की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित शोधार्थियों एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने योग और आयुर्वेद से जुड़ी अपनी सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच एक सशक्त संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य पंवार, रूपाली बरमोला, डॉ. कपिल, डॉ. मानस वर्मा एवं अन्य शिक्षकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. नीरज श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. निशांत राय जैन, प्रो. जी.एस. इंदौरिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया।

 

CM धामी ने चारधाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना: निशुल्क स्वास्थ्य शिविर किया स्थलीय निरीक्षण

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सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित यात्रा सरकार का संकल्प- मुख्यमंत्री

*धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने का मुख्यमंत्री ने किया आग्रह*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा-2026 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा – आस्था, साधना और आत्मा को जोड़ने का मार्ग है। यह यात्रा हर कठिनाई को पार करने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो। चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा माँ गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित है, वे स्वयं लगातार यात्रा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य, हर श्रद्धालु को सुरक्षा, सम्मान और दिव्य अनुभव प्रदान कराना है। हर श्रद्धालु देवभूमि में बिताए गए पलों की स्वर्णिम स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में विशेष स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इस पवित्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस वर्ष ग्रीन चारधाम यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में ₹ 12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य गतिमान हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्गों को सुगम बनाया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का भी आवाहन किया।

कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार, यात्रियों की सुविधा, सुगमता और स्वास्थ्य को लेकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने यात्रियों से निवेदन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य जांच करने के बाद ही यात्रा में आए। उन्होंने बताया केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगामी यात्रा की तैयारी कर रहा है। हमारा कर्तव्य है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। उन्होंने बताया इस वर्ष यात्रा मार्ग में सिंगल लेन सड़कों, लैंडस्लाइड जोन, जैसे स्थानों पर शटल सर्विस की शुरुवात की गई है। इसके साथ मूवेबल शटल सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर एल.ई.डी लगाकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर श्री शंभू पासवान, अध्यक्ष हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट श्री नरेंद्रजीत बिंद्रा, श्री भास्करानंद भारद्वाज, श्री जितेंद्र नेगी, श्री अजय सिंह, श्री मनोज ध्यानी, श्री संजय शास्त्री, श्री भोपाल सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।50

 

LPG सिलेंडर कालाबाजारी व अवैध गैस रिफिलिंग पर जिला प्रशासन का जोरदार एक्शन: प्राथमिकी दर्ज

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06 सिलेंडर, इलैक्ट्रानिक कांटा, हैंगिंग वेइंग मशीन जब्त; आवश्वक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही

देहरादून दिनांक 18 अपै्रल 2026 (सूवि), जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सत्त प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है।
जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा निरंतर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में क्यूआरटी को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सुधोवाला चौक से मांडूवाला मार्ग पर आनंदी हाउस के समीप एक मकान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना का संज्ञान लेते हुए क्यूआरटी टीम द्वारा तत्काल मौके पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मौके बरामद सामग्री को पुलिस के सहयोग से कब्जे में ले लिया गया हैं, जिनमें 19 किलोग्राम के 02 गैस सिलेंडर, 14 किलोग्राम के 04 गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 01 हैंगिंग वेटिंग मशीन, 01 बांसुरी (रिफिलिंग उपकरण) जब्त किए गए हैं। मौके पर शिवम पुत्र मुकेश को अवैध रिफिलिंग कार्य करते हुए पाया गया। जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। उक्त प्रकरण में संबंधित के विरुद्ध थाना प्रेमनगर में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं रिफिलिंग जैसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन की टीमें आगे भी जनपद में सत्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही जारी रखेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को सुचारू एवं सुरक्षित रूप से एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
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जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 09 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13913 से अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 1005 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 25861 तथा व्यवसायिक का 4313 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।