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भारतीय सेना की 418 माउंटेन ब्रिगेड की टुकड़ी व ट्रस्ट के सेवादारों ने हेमकुंट साहिब ट्रेक मार्ग से बर्फ हटाना किया शुरू 

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भारतीय सेना की 418 माउंटेन ब्रिगेड की टुकड़ी व ट्रस्ट के सेवादारों ने अरदास के बाद गोविंदघाट से घंगरिया के लिए रवाना होकर हेमकुंट साहिब ट्रेक मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया

गोविंदघाट (चमोली, उत्तराखंड): गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के सेवादारों के साथ भारतीय सेना की 9(1) माउंटेन ब्रिगेड 418 इंडिपेंडेंट फील्ड कंपनी की एक टुकड़ी, जो एक सूबेदार के नेतृत्व में है, आज अरदास के बाद गोविंदघाट से घंगरिया के लिए रवाना हो गई।
इस संयुक्त टीम को श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह द्वारा विदाई दी गई।
लगभग एक सप्ताह पहले एक रेकी टीम ने इस मार्ग का सर्वेक्षण किया था। सर्वेक्षण के दौरान श्री हेमकुंट साहिब और अटलकोटी ग्लेशियर क्षेत्र में 8 फीट से अधिक बर्फ जमी हुई पाई गई। अब यह टीम घंगरिया में रहते हुए रोजाना ऊपर की ओर हेमकुंट साहिब की तरफ बढ़ते हुए भारी बर्फ को काटकर ट्रेक मार्ग को साफ करेगी।
जवानों और सेवादारों के निरंतर प्रयासों से आशा की जा रही है कि अगले तीन सप्ताह के अंदर पूरा मार्ग साफ हो जाएगा और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित बन जाएगा। इससे शनिवार, 23 मई 2026 को श्री हेमकुंट साहिब के पवित्र कपाट खोलने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
प्रथम जत्थे (तीर्थयात्रियों के पहले समूह) को बुधवार, 20 मई 2026 को ऋषिकेश से रवाना किया जाना प्रस्तावित है।
श्री हेमकुंट साहिब गढ़वाल हिमालय में लगभग 4,632 मीटर (15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित एक अत्यंत पवित्र सिख तीर्थस्थल है। यह सात बर्फ से ढके पर्वत शिखरों से घिरा हुआ है और इसके पास क्रिस्टल-क्लियर ग्लेशियर झील (हेमकुंड या लोकपाल झील) है, जो इस स्थान को अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करती है। हिमालय की ऊंची चोटियों, शांत झील और अल्पाइन घास के मैदानों के बीच स्थित यह गुरुद्वारा आध्यात्मिक शांति और प्रकृति की अद्भुत सुंदरता का अनुपम संगम है।
सिख परंपरा में इसका विशेष महत्व है क्योंकि यह दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पूर्व जन्म में तपस्या स्थल के रूप में जाना जाता है और दसम ग्रंथ में इसका उल्लेख है। यह स्थल न केवल सिखों के लिए बल्कि सभी श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ध्यान और आध्यात्मिक जागरण का केंद्र है।
प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने ट्रस्ट की और से भारतीय सेना का हेमकुंट साहिब यात्रा को हर वर्ष सुरक्षित और सफल बनाने के लिए निरंतर समर्थन और निःस्वार्थ सेवा के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया । ट्रस्ट सभी सेवादारों के इस पवित्र कार्य के प्रति समर्पण के लिए भी धन्यवाद देता है।

“ऑपरेशन प्रहार‘‘ के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलता: फर्जी दस्तावेजों में रह रही 1 बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार

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अवैध रूप से भारत में रह रही 01 बांग्लादेशी महिला को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

*अभियुक्ता फर्जी भारतीय दस्तावेजों बनाकर अवैध रूप से रह रही थी भारत में

*एसएसपी देहरादून के निर्देशो पर अवैध रूप से देहरादून में रह रहे व्यक्तियों की तलाश हेतु लगातार चलाया जा रहा है अभियान*

*गिरफ्तार अभियुक्ता 01 माह पूर्व अवैध रूप से बार्डर क्रॉस कर आई थी भारत*

*भारत मे अवैध रूप से रहने के लिए पश्चिम बंगाल से बनाया थे फर्जी दस्तावेज*

*खुद को भारतीय नागरिक दिखाने के लिए अभियुक्ता ने बनाया था फर्जी आधार कार्ड,*

*गिरफ्तार अभियुक्ता के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से भारत में रहने पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा किया दर्ज*

*फर्जी दस्तावेज बनाने में अभियुक्ता की सहायता करने वाले भी है पुलिस के रडार पर*

*कोतवाली ऋषिकेश*

बाहरी व संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश हेतु सम्पूर्ण राज्य में चलाये जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन चेकिंग व सत्यापन अभियान चलाते हुए क्षेत्र में निवास कर रहें संदिग्ध व्यक्तियों के विरूद्व प्रभावी कार्रवाही करने के निर्देश दिये गये है।

उक्त निर्देशो के क्रम में दिनांक 15.04.2026 को स्थानीय अभिसूचना इकाई, देहरादून से प्राप्त गोपनीय एवं विश्वसनीय सूचना पर एक बांग्लादेशी नागरिक के अवैध रूप से भारत में निवास करने की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर एसएसपी देहरादून द्वारा संयुक्त पुलिस टीमे गठित कर अवैध रूप से निवास कर रहे बांग्लादेशी नागरिक की तलाश हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। गठित टीमो द्वारा सघन चेकिंग के दौरान नटराज चौक क्षेत्र में डग रोड स्थित गेट नंबर-03 के पास संदिग्ध महिला को चिन्हित कर नियमानुसार पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।

*पूछताछ का विवरण*
पूछताछ में महिला द्वारा अपना नाम रीना उर्फ रीता, निवासी जिला सरियातपुर, ढाका (बांग्लादेश) बताया गया। विस्तृत पूछताछ में महिला द्वारा बताया गया कि वह लगभग एक माह पूर्व एक व्यक्ति रिपोन के माध्यम से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर यहां रह रही थी। उक्त व्यक्ति ने उसे सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर भारत में रोजगार दिलाने का प्रलोभन दिया था, तथा दिनांक 13.04.2026 का दिल्ली से ऋषिकेश का बस टिकट दिया गया था। बंग्लादेशी महिला से पूछताछ में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि अभियुक्ता द्वारा पश्चिम बंगाल में फर्जी कागजात तैयार कर आधार कार्ड बनवाया गया है, जिसका उपयोग उसके द्वारा भारत में अपनी पहचान छुपाने हेतु किया जा रहा था।
अभियुक्ता द्वारा भारत में अवैध प्रवेश, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग एवं संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता होने पर अभियुक्ता को गिरफ्तार करते हुए उसके विरुद्ध कोतवाली ऋषिकेश पर मु0अ0स0-143/26 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस, पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 3 तथा विदेशी/आव्रजन अधिनियम 2025 की धारा 14 के अंतर्गत कोतवाली ऋषिकेश में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

*नाम/पता गिरफ्तार अभियुक्ता-*
नाम रीना उर्फ़ रीता पत्नी जुलहस पिता रियाज, निवासी गाँव-चोर्दुपुरिया शाकीमाली मातवर कांदी थाना-जजीरा, जिला सरियातपुर ढाका डिवीज़न बांग्लादेश उम्र 24 वर्ष

*बरामदगी*
1-बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र
2-भारतीय आधार कार्ड ( फर्जी)
3-बांग्लादेश नागरिकता प्रमाण पत्र की छायाप्रति
4- 01 मोबाइल फोन

*संयुक्त पुलिस टीम*
1- स्थानीय अभिसूचना इकाई देहरादून
2- कोतवाली ऋषिकेश

 

“नारी शक्ति वंदन अधिनियम” : सशक्त भारत की ओर ऐतिहासिक कदम; माला राज्य लक्ष्मी शाह

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महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में आज का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक स्वर्णिम एवं युगांतकारी अध्याय के रूप में सदैव अंकित रहेगा। यह केवल एक विधायी उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को समान अवसर, सम्मान और निर्णायक भागीदारी प्रदान करने का सशक्त संकल्प है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी, संवेदनशील एवं दृढ़ नेतृत्व के प्रति हार्दिक आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया जाता है। उनके नेतृत्व में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीय महिलाओं के सपनों, संघर्षों और उम्मीद को नई दिशा देने वाला एक व्यापक सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तन का माध्यम है। इसके माध्यम से महिलाओं की भागीदारी पंचायत से लेकर संसद तक और अधिक सुदृढ़, संगठित एवं प्रभावशाली होगी, जिससे लोकतंत्र की जड़ों को मजबूती मिलेगी।
देवभूमि उत्तराखंड की पावन भूमि, जो वीरांगनाओं और मातृशक्ति के अद्वितीय योगदान के लिए जानी जाती है, जिसमें स्वतंत्र भारत की पहली महिला सांसद राजमाता कमलेंदु मति शाह चाहे वह रानी कर्णावती, तिलू रौतेली, गौरा देवी या पर्वतारोही बचेंद्री पाल जैसी प्रेरणास्रोत विभूतियाँ हों—इन सभी ने समाज में महिलाओं की भूमिका को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं।
इस ऐतिहासिक क्षण के हम सभी आज साक्षी बनते हुए गौरवान्वित है।

उत्तराखंड की महिलाएं सदियों से विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी अद्वितीय साहस, त्याग, श्रम और समर्पण का परिचय देती रही हैं। उन्होंने न केवल अपने परिवारों को सशक्त बनाया है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे वास्तव में समाज की आत्मा और विकास की आधारशिला हैं।
आज भारत की बेटियां अंतरिक्ष, विज्ञान, रक्षा, खेल, शिक्षा, उद्यमिता और स्टार्टअप जैसे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। यह नए भारत की आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और सशक्त नारी शक्ति का जीवंत प्रमाण है।
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के माध्यम से महिलाओं को राजनीति एवं शासन व्यवस्था में अधिक अवसर प्राप्त होंगे, जिससे वे नीति निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। यह अधिनियम न केवल अधिकार प्रदान करेगा, बल्कि महिलाओं को नेतृत्व, सम्मान और नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

विशेष उल्लेखनीय है कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” किसी एक दल या वर्ग विशेष की महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सभी वर्गों, समुदायों एवं पृष्ठ भूमियों से आने वाली महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करता है। यह समावेशी दृष्टिकोण ही इस अधिनियम की वास्तविक शक्ति है, जो प्रत्येक महिला को सशक्त बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करेगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय “सशक्त नारी, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह पहल देश को अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील राष्ट्र बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अंततः, इस ऐतिहासिक पहल के लिए हम पुनः आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए हमें पूर्ण विश्वास है कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को एवं कानून अधिनियम को और अधिक सशक्त एवं संतुलित बनाएगा तथा देश को नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर करेगा।

रजनीश कौंसवाल
(जनसंपर्क अधिकारी)
मा. सांसद टिहरी गढ़वाल
9759297780,

चारधाम यात्रा 2026: पंजीकरण हेतु ट्राजिट कैम्प ऋषिकेश में 30 पंजीकरण कांउटर सहित 30 मोबाईल टीमें तैनात

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यात्रा ट्रांजिस्ट कैंम्प में इंटीग्रेटेड कंट्रोलरूम 24×7 सक्रिय रखने तथा यात्रियों को निःशुल्क चाय-नाश्ता, भोजन की व्यवस्था बनाने को डीएम ने दिए निर्देश

सफाई कार्यों हेतु नगर निगम ऋषिकेश को जिला योजना से मौके पर ही 50 लाख स्वीकृत; पेयजल निगम की कार्य अनुमति निरस्त 19 से पहले रोड रिस्टोर करने के निर्देश

टं्राजिस्ट कैम्प ऋषिकेश एवं हरबर्टटपुर में 24×7 मेडिकल टीम रहेगी तैनात;

सभी यात्रा पड़ाव बेरियर पर पेयजल; मोबाईल शौचालय टैंट आदि व्यवस्थाएं बनाने के दिए निर्देश

देहरादून दिनांक 15 अपै्रल 2026 (सूवि), उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की शुरूआत 19 अपै्रल 2026 को अक्षय तृतीया के दिन हो रही है। जिले में यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ट्रांजिस्ट कैम्प ऋषिकेश में संबधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की । इसके उपरांत जिलाधिकारी ने चारधाम यात्रा ट्रांजिस्ट कैंप में पंजीकरण कक्ष एवं समुचित परिसर का निरीक्षण करते हुए व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को पंजीकरण काउंटर एवं मोबाइल टीम सक्रिय करने के निर्देश। चारधामयात्रा ट्रांजिट कैंप में 24 काउंटर तथा आईएसबीटी पर 6 पंजीकरण काउंटर लगाए हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि पंजीकरण हेतु 30 मोबाईल टीम में लगाई गई है जिनमें 25 टीमें दिन में तथा 5 टीम रात्रि से प्रातः तड़के तक होटल, सराय धर्मशाला में ठहरे लोगों का पंजीकरण करेंगी। धर्मशाला, आश्रम, सरायों में 7100 बैड चिन्हित है।
जिलाधिकारी निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप में बड़ी स्क्रीन लगाई जाए जिसमें होटल धर्मशाला के संपर्क नंबर के साथ ही पर्याप्त बैड की डिटेल आदि समुचित विवरण की जानकारी चलाई जाए साथ ही फ्लेक्सी के माध्यम से भी सूचनाओं चस्पा की जाए जिससे यात्रियों को परेशानी न हो।उन्होंने निर्देश दिए की ट्रांजिस्ट कैंम्प में इंटीग्रेटेड कंट्रोलरूम 24×7 सक्रिय किया जाए जिसमें सभी विभागों के कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाए। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग का अलग से कंट्रोलरूम रहेगा। डीएम ने निर्देश दिए की चारधाम ट्रांजिस्ट कैम्प में यात्री सहायता केंद्र अलग से संचालित किया जाए। जल संस्थान को निर्देश दिए कि जनपद क्षेत्रान्तर्गत यात्रा के सभी पड़ावों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ट्राजिस्ट कैम्प ऋषिकेश एवं हरबर्टपुर में 24×7 मेडिकल टीमें तैनात की जाए। जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अवगत कराया कि ऋषिकेश एवं हरबर्टपुर यात्रा पड़ाव के लिए 06 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। जिनमें 03 टीमें ऋषिकेश तथा 03 टीमें हरबर्टपुर में तैनात रहेगी।

यात्रियों को निःशुल्क चाय-नाश्ता, भोजन की व्यवस्था बनाने को डीएम ने दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रियों हेतु ट्रांजिस्ट कैम्प पर निशुल्क चाय नाश्ता एवं एवं खान की व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही इस कार्य में स्वैच्छिक रूप से कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूह एवं अन्य संस्थाओं की भी सहयोग प्राप्त कर लिया जाए।

पेयजल निगम की कार्य अनुमति निरस्त 19 अपै्रल से पहले रोड रिस्टोर करने के निर्देश
पेयजल लाइन बिछाने हेतु उत्तराखंड पेयजल निगम 17 अपै्रल 2026 तक कार्य अनुमति प्रदान की गई थी किन्तु निर्धारित तिथि तक पेयजल लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण किया जाना था। उक्त कार्य निर्धारित कार्य अनुमति में पूर्ण नहीं किया गया जिस पर जिलाधिकारी ने यात्रा सीजन तक सभी अनुमति निरस्त करते हुए खोदी गई सड़कों को तत्काल ठीक करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पीडल्यूडी, एनएच, एनएचआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट को समयबद्ध ठीक करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

सफाई कार्यों हेतु नगर निगम ऋषिकेश को जिला योजना से मौके पर ही 50 लाख स्वीकृत;

जिलाधिकारी ने नगर निगम ऋषिकेश को निर्देशित किया कि समुचित स्थलों पर सफाई एवं फागिंग व्यवस्था रहे तथा इसे तू पर्याप्त मात्रा में कार्मिक तैनात किए जाए। सफाई व्यवस्था हेतु नगर निगम को जिला योजना से मौके पर 50 लाख धनराशि स्वीकृत करते हुए समुचित सफाई व्यवस्था नगर निगम को करने के निर्देश। साथ ही ट्रांजिट कैंप सफाई कार्यो हेतु अनुबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए, कंपनी अपने कार्मिकों का वेतन भुगतान नहीं कर रही थी जिसे सफाई कार्य बाधित हो रहा था।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान नमित रमोला, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ओमपाल सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी सहित समस्त संबंधी विभागों के आधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

अच्छी पहल: UPES ने सैमसंग हेवी इंडस्ट्रीज़ इंडिया में नेतृत्व के लिए वर्क-इंटीग्रेटेड लर्निंग को बनाया सशक्त 

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देहरादून, 15 अप्रैल 2026: यू.पी.ई.एस. ने सैमसंग हेवी इंडस्ट्रीज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (SHI-I) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है, जिसका उद्देश्य अपने प्रमुख वर्क-इंटीग्रेटेड लर्निंग फॉर लीडरशिप (WILL) पहल के माध्यम से उद्योग-संरेखित शिक्षा को मजबूत करना है। इस सहयोग को एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत औपचारिक रूप दिया गया है, जिसके माध्यम से SHI-I के कर्मचारियों को कार्यरत पेशेवरों के लिए तैयार किए गए संरचित उच्च शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों तक पहुँच मिलेगी।
इस साझेदारी के तहत, यू.पी.ई.एस. अपने WILL प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पावर मैनेजमेंट, ऑयल एंड गैस, लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन, इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट, एआई/एमएल, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में ऑनलाइन डिग्री और सर्टिफिकेशन कार्यक्रम प्रदान करेगा। इन कार्यक्रमों को अकादमिक सख्ती और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग के संयोजन के साथ इस तरह तैयार किया गया है कि पेशेवर अपने कार्य के साथ-साथ अपनी क्षमताओं का विकास कर सकें।
यह सहयोग पार्ट-टाइम पीएच.डी. अवसरों तक भी विस्तारित होगा, जिससे SHI-I के कर्मचारियों को शोध-आधारित सीखने में भाग लेने और उद्योग से जुड़े समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
समझौते के तहत, सैमसंग हेवी इंडस्ट्रीज़ इंडिया के कर्मचारियों को सभी कार्यक्रमों पर 20% शुल्क छूट का लाभ मिलेगा, साथ ही वीकेंड लाइव क्लासेस, रिकॉर्डेड सेशन्स और ऑनलाइन असेसमेंट जैसे लचीले शिक्षण प्रारूप भी उपलब्ध होंगे।
यू.पी.ई.एस. के वाइस चांसलर, डॉ. सुनील राय ने कहा, “सीखने का भविष्य इस बात में निहित है कि वह कार्यस्थल के साथ कितनी सहजता से जुड़ता है। हमारी वर्क-इंटीग्रेटेड लर्निंग पहल के माध्यम से हम ऐसा मॉडल विकसित कर रहे हैं, जिसमें शिक्षा काम से अलग नहीं, बल्कि उसी का हिस्सा बन जाती है। सैमसंग हेवी इंडस्ट्रीज़ इंडिया के साथ यह साझेदारी निरंतर क्षमता निर्माण को सक्षम बनाने और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
सैमसंग हेवी इंडस्ट्रीज़ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री रयान पार्क ने कहा, “तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए निरंतर सीखना अत्यंत आवश्यक है। यू.पी.ई.एस. के साथ हमारा यह सहयोग हमारे कर्मचारियों को उच्च गुणवत्ता वाली संरचित शिक्षा तक पहुँच प्रदान करता है, जिससे वे अपने व्यावसायिक दायित्वों के साथ-साथ अपनी क्षमताओं को भी विकसित कर सकें। यह साझेदारी हमारी दीर्घकालिक प्रतिभा विकास और क्षमता निर्माण की रणनीति के अनुरूप है।”
WILL पहल का उद्देश्य शैक्षणिक सीख और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना है, जिसमें शिक्षा को सीधे कार्यस्थल के भीतर समाहित किया जाता है। WILL के माध्यम से, यू.पी.ई.एस. संगठनों को भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा विकसित करने में सहायता करने का लक्ष्य रखता है, जिसमें निरंतर सीखने, विशेषज्ञता विकास और नेतृत्व क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
यह सहयोग उच्च शिक्षा में लचीले और उद्योग-संरेखित शिक्षण मॉडलों की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है, जो बदलती कार्यबल आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।

 

“नारी शक्ति वंदन अधिनियम”: विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि का आधार : सीएम धामी 

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नारीशक्ति के सामर्थ्य के बिना राष्ट्र और समाज की वास्तविक उन्नति की कल्पना असंभव : मुख्यमंत्री धामी

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में गूंजा मातृशक्ति का स्वर; मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों की 11 महिला विभूतियों को किया सम्मानित*श

*पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक गूंजेगी नारी शक्ति की गूंज, नीति लाभार्थी से लेकर के नीति निर्माता बनेगी मातृशक्ति : कुसुम कंडवाल*

देहरादून, 15 अप्रैल। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के तत्वावधान में आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के मुख्य सभागार में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का भव्य एवं गरिमामयी आयोजन किया गया। “पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी” के ध्येय वाक्य के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया।

मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति के सामर्थ्य के बिना राष्ट्र की वास्तविक उन्नति असंभव है। उन्होंने कहा:
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की मातृशक्ति के सम्मान और अधिकार की दिशा में एक युगांतकारी कदम है। यह केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित करने वाला क्रांतिकारी बदलाव है। आज की महिला खेत से लेकर देश की संसद तक नीति निर्धारण करने की क्षमता रखने वाली सशक्त नेतृत्वकर्ता है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह समर्पित है। सरकारी सेवाओं में 30% आरक्षण और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने उत्तराखंड की महिलाओं के गौरव को बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है शिव भी तभी समर्थ हैं जब वे शक्ति से युक्त हों, शक्ति के बिना कोई भी सृजन या सामर्थ्य संभव नहीं हो सकता है, इसलिए नारीशक्ति के सामर्थ्य के बिना राष्ट्र और समाज की वास्तविक उन्नति की कल्पना असंभव है। उन्होंने कहा कि आज की महिला खेत में अन्न उगाने वाली किसान भी है, तो स्टार्टअप खड़ा करने वाली एंटरप्रेन्योर भी है। वो गाँव की पंचायत में विकास की योजनाएँ बनाने वाली जनप्रतिनिधि भी है, तो देश की संसद में नीति निर्धारण करने की क्षमता रखने वाली सशक्त नेतृत्वकर्ता भी है

उन्होंने कहा कि आज तक हमारे देश की आधी आबादी को वो सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसकी वो वास्तव में हक़दार है। परन्तु अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक नए युग का शुभारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में शपथ लेने के बाद “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना”, “प्रधानमंत्री जन-धन योजना”, “मातृत्व वंदना योजना”, “स्वच्छ भारत मिशन” और “लखपति दीदी योजना” जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मातृशक्ति का सम्मान सुनिश्चित करने का काम किया है।

महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है प्रदेश सरकार’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में शिक्षा, रोजगार उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, ’सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम भी किया है। राज्य सरकार ‘‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की पहल के अंतर्गत, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “हाउस ऑफ हिमालयाज’’ नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक लखपति दीदियों की सालाना आय एक लाख से अधिक हो चुकी। प्रदेश सरकार ने जहां एक और महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया वहीं, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए “समान नागरिक संहिता” लागू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र प्रस्तावित है। कई दशकों से लंबित महिला आरक्षण का सपना अब साकार होने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली मातृशक्ति को सम्मानित भी किया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि भारत के भविष्य को दिशा देने वाला परिवर्तनकारी प्रयास है। महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में आरक्षण की व्यवस्था से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार मिलेगा। अब महिलाएं भी हर बड़े फसलों में प्रभावी भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से महिलाओं का सम्मान, अधिकार और विश्वास में बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री जी ने हमेशा महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी है और उनका सशक्तिकरण किया है। उन्होंने कहा महिलाओं की यात्रा केवल अधिकारों की नहीं अपितु आत्म सम्मान, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी तय करने की भी है।

उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के इतिहास में एक युगांतरकारी परिवर्तन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगा और आने वाले समय में महिलाओं के नेतृत्व, आत्मविश्वास और भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने भी अपने विचार रखे, उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक राजनीतिक आरक्षण नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के बौद्धिक नेतृत्व को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में लाने का एक द्वार है। जब एक महिला शिक्षित और सशक्त होती है, तो वह केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरी पीढ़ी और समाज की सोच को बदलती है।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल ने आरक्षण के लिए किए गए लंबे संघर्ष को याद करते हुए एक महत्वपूर्ण संस्मरण साझा किया। उन्होंने कहा:
“आज का यह दिन एक लंबे संघर्ष की जीत का प्रतीक है। मुझे याद है वह समय जब वर्ष 2007-08 में, मैं पांच हजार की संख्या में महिलाओं के साथ दिल्ली गई थी और हमने 33% राजनैतिक आरक्षण की पुरजोर मांग उठाई थी। उस समय देश की नारी शक्ति ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि आज वह सपना साकार हुआ है। आने वाले समय में पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक हमारी मातृशक्ति की गूंज गूंजेगी।

प्रधानमंत्री जी ने महिलाओं को केवल नीति का ‘लाभार्थी’ होने से मुक्त कर उन्हें ‘नीति निर्माता’ बनने तक का ऐतिहासिक मार्ग प्रशस्त किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार, आयोग की अध्यक्ष एवं अन्य अतिथियों द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में मील का पत्थर स्थापित करने वाली निम्नलिखित 11 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
जिनमें श्रीमती माधवी बर्थवाल: पद्मश्री, लोक संस्कृति एवं पारंपरिक कला संरक्षण के क्षेत्र में,
श्रीमती अनुराधा मल्ला: ओनर एवं प्रिंसिपल, ओलंपस हाई स्कूल,
श्रीमती ममता रावत: एम.डी., ज्योमा सॉल्यूशंस (स्टार्टअप एवं उद्यमिता), श्रीमती किरण भट्ट: हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में विशिष्ट योगदान,
श्रीमती पारुल अग्रवाल: कार्यकारी निदेशक BNI एवं कम्युनिटी हेड, श्रीमती प्रिया गुलाटी: निदेशक, बैगिट कंसल्टिंग ग्रुप एवं संस्थापक, तेजस्विनी ट्रस्ट,
श्रीमती दीपा बाछेती: क्लस्टर हेड, बाला जी क्लस्टर, सहसपुर।
एडवोकेट रितु गुजराल: POCSO एवं LGBTQ अधिकारों हेतु समर्पित अधिवक्ता।
डॉ. रामा गोयल: प्रख्यात समाज सेविका।
श्रीमती निधि गोयल: सीएम (CC & LPG सेल्स), IOCL।
डॉ गीता जैन: प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज।

कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती दीप्ति रावत द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, पद्मश्री श्रीमती माधुरी बर्थवाल, भाजपा नेत्री श्रीमती दीप्ति रावत, श्रीमती रूचि भट्ट सहित, राज्यमंत्री मधु भट्ट, राज्य मंत्री चारु ठाकुर, महिला आयोग की सदस्य, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चंद्रेश यादव, निदेशक आईसीडीएस बंशी लाल राणा, सदस्य सचिव महिला आयोग उर्वशी चौहान बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

जंगलों की आग रोकने के लिए वाहनों एवं उपकरणों का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए : मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने वनग्नि रोकथाम हेतु अधिकारियों संग की बैठक: दिए जरूरी दिशा निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में वनाग्नि की रोकथाम को लेकर सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक कर महत्त्वपूर्ण दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि से सम्बन्धित सभी समितियों एवं स्टेकहोल्डर्स के साथ सभी आवश्यक बैठकें जनवरी माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर सभी व्यवस्थाएं, फायर सीजन से पहले सुनिश्चित करवा ली जाएँ। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लगे फायर हाइड्रेंट्स के लिए डेडिकेटेड प्रेशर पाइपलाइन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पेयजल विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने वन विभाग को ड्राइव चला कर सभी प्रकार के वनाग्नि की रोकथाम से सम्बन्धित व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों एवं उपकरणों का रखरखाव सुनिश्चित कर लिया जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी लीसा डिपो में प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वन, मौसम एवं वन सर्वेक्षण संस्थान को फारेस्ट फायर के लिए भी आपदा की तर्ज पर प्रिडिक्शन मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे फारेस्ट फायर की संभावनाओं का पहले से अनुमान लगाया जा सकेगा जिससे जानमाल के नुकसान को रोकने और कम करने में सहायता मिलेगी।

मुख्य सचिव ने जंगलों से पिरूल के निस्तारण और पिरुल ब्रिकेट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाने पर जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पिरुल ब्रिकेट को ईंधन के विकल्प के तौर पर स्थापित करने के लिए प्रदेश में अधिक से अधिक यूनिट लगाए जाने पर ज़ोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि एक ओर वनाग्नि को रोकने में सहायता मिलेगी वहीं दूसरी ओर वैकल्पिक ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक को भी सुधारने में मदद मिलेगी साथ ही इसे कार्बन क्रेडिट से भी जोड़ा जा सकता है।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सीसीएफ सुशांत कुमार पटनायक, डॉ. पराग मधुकर धकाते, सी. रविशंकर, विनोद कुमार सुमन एवं श्री रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

 

देहरादून में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप-2025 का सीएम धामी ने किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने देहरादून में 87वीं इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप-2025 का शुभारंभ किया एवं खिलाड़ियों के साथ टेबल टेनिस खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया।

CM धामी ने संविधान निर्माता एवं ‘भारत रत्न’ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित दी श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का सम्पूर्ण जीवन सामाजिक समरसता, समानता एवं न्याय के आदर्शों की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के विचार एक सशक्त, समावेशी एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण हेतु मार्गदर्शक हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में समरसता एवं समानता को बढ़ावा देने में अपना योगदान दें।

 

कैबिनेट मंत्री आर्या ने डॉ. आंबेडकर को दी श्रद्धांजलि

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देहरादून, 14 अप्रैल।* कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर शासकीय आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया।

इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने भारतीय समाज को समानता, न्याय और अधिकारों की जो दिशा दिखाई, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज में व्याप्त असमानताओं को दूर करने के लिए मिलकर कार्य करें। रेखा आर्या ने कहा कि सरकार भी उनके आदर्शों के अनुरूप समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि सभी लोग बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर एक समरस, न्यायपूर्ण और सशक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।