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भाजपा को बदनाम करने के लिए कांग्रेस राजनैतिक साजिश में जुटी : भट्ट

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चम्पावत घटना पर शर्मनाक रवैए के लिए कांग्रेस माफी मांगे: भट्ट

 

देहरादून 7 मई। भाजपा ने चम्पावत की घटना को लेकर कांग्रेस पर राजनैतिक दुर्भावना से झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, जिस तरह बिना किसी जांच और सबूत के इस संवेदनशील घटना में पार्टी कार्यकर्ता को मुजरिम साबित करने की कोशिश की गई वह शर्मनाक है। इस घटना और इससे पूर्व अरविंद पांडेय प्रकरण में जिस तरह गोदियाल ने तत्काल झूठ फैलाने और हंगामा करने का प्रयास किया, उससे उनकी राजनैतिक महत्वाकांक्षा के षडयंत्र की बू आती है। वहीं उन्होंने कांग्रेस नेताओं को अपने इस कृत्य के लिए प्रदेश की जनता से सार्वजनिक माफी मांगने को कहा है।

अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने आक्रोश जताया कि सिर्फ और सिर्फ राजनैतिक लाभ के लिए कांग्रेस नेताओं ने इस घटना के माध्यम से भाजपा को टारगेट करने की साजिश की गई। जबकि आज पुलिस की शुरुआती जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से स्पष्ट हो गया है कि तथाकथित पार्टी कार्यकर्ता का घटना से कोई लेना देना नहीं था और उसे बदला लेने के लिए फंसाया गया था। अब यह बात शीशे की तरह साफ हो गई है कि किस तरह कांग्रेस पार्टी आपराधिक घटनाओं में राजनैतिक साजिश के तहत भाजपा को बदनाम करने की कोशिश में लगी है।

उन्होंने कहा कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि कांग्रेस राजनैतिक लाभ के लिए किसी निर्दोष के जीवन को दांव पर लगा सकती है, बस उसका संबंध भाजपा से होना चाहिए। उन्हें न तो किसी मातृ शक्ति की छवि खराब होने की चिंता है और न ही देवभूमि की।

वहीं उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस नेताओं को अपने शर्मनाक और षड्यंत्रकारी रुख के लिए सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। अन्यथा महिला अधिकारों की अपराधी कांग्रेस पार्टी को प्रदेश की जनता अपनी बहिन बेटियां के चरित्र से खेलने की कोशिश के लिए कभी माफ नहीं करने वाली है। यही रवैया रहा तो कांग्रेस का चुनावों में जीतना तो दूर, सामाजिक भागेदारी करना भी मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में जिस तरह कल सबसे पहले गणेश गोदियाल ने वीडियो जारी किया। आज कांग्रेस ने हंगामा काटा, कहीं इस षड्यंत्र के पीछे कांग्रेस भी तो नहीं है। क्योंकि इससे पहले अरविंद पांडे वाले मामले में भी गणेश गोदियाल ने जरूरत से ज्यादा तेजी दिखाई। राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा के कारण गोदियाल इस निम्न स्तर पर उतर आये, विश्वास नहीं होता।

मनवीर सिंह चौहान
प्रदेश मीडिया प्रभारी
भाजपा, उत्तराखंड

 

यमकेश्वर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ और सीएम धामी:  साझा की विकास की दृष्टि

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शिव मंदिर में पूजन और पैतृक गाँव में महायज्ञ

बिथ्याणी महाविद्यालय में AI बॉट से रूबरू हुए मुख्यमंत्री योगी और धामी,ओपन जिम में व्यायाम कर दिया फिटनेस का संदेश

*पैतृक गाँव में महायज्ञ और बिथ्याणी महाविद्यालय में विकास का संकल्प लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

*सूचना/पौड़ी/07 मई 2026:*
उत्तराखंड की पावन भूमि यमकेश्वर आज दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मिलन और विकास कार्यों की साक्षी बनी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से यमकेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। उन्होंने महादेव से देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की। यमकेश्वर आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गाँव पंचूर पहुँचे। यहाँ उन्होंने श्री विष्णु महायज्ञ में प्रतिभाग किया और परिवार व ग्रामीणों के साथ आध्यात्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर समिति का आभार जताते हुए कहा कि तीन वर्ष पूर्व जहाँ केवल श्रद्धा का भाव था, आज वहाँ भव्य मंदिर खड़ा है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा जीवन में प्रगति के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण का होना अनिवार्य है। अच्छा सोचने से परिणाम सुखद होते हैं, और इस सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए ईश्वर की भक्ति और आध्यात्मिकता ही सबसे सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व की सराहना करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बरसी का उल्लेख किया। उन्होंने क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए बिथ्याणी महाविद्यालय को ‘आदर्श कॉलेज’ के रूप में विकसित करने और क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और खेल सुविधाएं देने हेतु संकल्पबद्ध है, जिसके क्रम में इस महाविद्यालय को हाईटेक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी पहुँचने पर छात्राओं ने पारंपरिक भव्यता के साथ दोनों मुख्यमंत्रियों का भावपूर्ण अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अतिथियों ने महाविद्यालय की नई एआई आधारित वेबसाइट का डिजिटल उद्घाटन किया, जिसकी कार्यप्रणाली के बारे में त्रिलोक चंद्र शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल तकनीक का अनूठा उदाहरण तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं एआई बॉट से संवाद कर महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली व परिणामों की समीक्षा की, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने छात्र संख्या और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय के नए भवन व सेमिनार हॉल का उद्घाटन और ‘विकसित भारत एक संकल्प’ पुस्तक का विमोचन भी गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।

युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करने के लिए महाविद्यालय परिसर में ओपन जिम का शिलान्यास किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं जिम उपकरणों पर व्यायाम कर स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता का संदेश दिया। प्रस्तावित स्टेडियम के लिए चिन्हित भूमि के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही यह जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ आनंद उनियाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी, गिरीश गुणवंत, उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ योगेश कुमार शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल सहित अन्य अधिकारी, महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं, छात्र छात्राएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

 

उच्च शिक्षा विभाग में उत्तर-पुस्तिकाओं का होगा डिजिटल मूल्यांकनः डाॅ. धन सिंह रावत

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ऑन-स्क्रीन मार्किंग से परीक्षाओं के मूल्यांकन में आयेगी पारदर्शिता

कहा, डिजिटल मूल्यांकन से समय पर घोषित होंगे परीक्षा परिणाम

देहरादून, 07 मई 2026
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में अब उत्तर-पुस्तिकाओं का ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) किया जायेगा। जिससे परीक्षा मूल्यांकन अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित होगा। ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो सकेंगे, जिसका सीधा लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। शासन स्तर से विश्वविद्यालयों में ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से लागू करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली में अहम सुधार कर उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। अब विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के तहत जांची जायेगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित हो सकेगी और भौतिक परिवहन के खर्चे में कमी के साथ ही समय पर परीक्षा परिणाम घोषित हो सकेंगे। विभागीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालयों में पारम्परिक व भौतिक मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी, पुनमूल्यांकन में देरी व उत्तर पुस्तिकाओं के समिति संरक्षण जैसी समस्याएं को देखते हुये यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य विश्वविद्यालयों को ऑनस्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से परीक्षाओं का मूल्यांकन को शासन स्तर से निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

डाॅ. रावत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों पर परीक्षा कार्यों का दबाव बढ़ा है, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से अब आपसी समन्वय की पूरी प्रक्रिया आॅटोमेटेड होगी, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम हो जायेगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के डिजिटलीकरण से शिक्षकों की भागीदारी और बढ़ जायेगी और वह अपने-अपने शिक्षण संस्थानों से ही मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय परिसरों में नियमित पढ़ाई व्यवस्था बाधित नहीं होगी। इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल रिकाॅर्ड भी सुरक्षित रहेगा, जिससे भविष्य में छात्रों के पुनर्मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का भी समाधान आसानी से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं व्यवहारिक बनाने को विश्वविद्यालयों को आवश्यक तकनीकी संसाधन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं ताकि नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय उच्च शिक्षा मंत्री।

 

MDDA का बड़ा एक्शन: अवैध निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान, पटेलनगर–देहराखास में दो निर्माण सील

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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश—बिना अनुमति निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, एमडीडीए के एक्शन से अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दो प्रमुख स्थानों पर सीलिंग अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने पटेल नगर सहारनपुर रोड और देहराखास क्षेत्र में नियमों के विपरीत बनाए जा रहे निर्माणों को चिन्हित कर उन्हें सील कर दिया। प्राधिकरण ने यह साफ संदेश गया है कि बिना स्वीकृति के निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसी क्रम में पटेल नगर सहारनपुर रोड पर मनी गर्ग द्वारा कराए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया। इसी तरह देहराखास क्षेत्र में विपिन कुमार वर्मा द्वारा किए जा रहे अवैध आवासीय निर्माण को भी सील कर दिया गया। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे और आवश्यक अनुमति के किए जा रहे थे, जो प्राधिकरण के नियमों का सीधा उल्लंघन है। जिस पर संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुये सीलिंग के ओदश पारित किये गये कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता निशान्त कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा और सुपरवाइजर की टीम मौजूद रही। एमडीडीए की इस कार्रवाई को शहर में बढ़ते अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

*अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा – बंशीधर तिवारी*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और अनुमति के किए जा रहे निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए गंभीर चुनौती भी हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। तिवारी ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस अभियान को और तेज किया जाएगा।

*भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी – मोहन सिंह बर्निया*
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ प्राधिकरण का अभियान लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी और बिना अनुमति निर्माण करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। शहर के सुनियोजित विकास, ट्रैफिक प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई बेहद आवश्यक है।

लाॅ काॅलेज देहरादून में देखने का मिली उच्च कोटि की मीडिएशन स्कील

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लाॅ काॅलेज देहरादून, में इंट्राम्यूरल मीडिएशन कम्पीटिशन के चौथे संस्करण का आयोजन

दिनांक 6 मई। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लाॅ काॅलेज देहरादून में आज इंट्राम्यूरल मीडिएशन कम्पीटिशन के चौथे संस्करण के अंतिम मुकाबलें का आयोजन किया गया। तीन दिन चली इस प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में कुल 18 टीमों ने प्रतिभागिता की। विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो0 राजेश बहुगुणा एवं लाॅ काॅलेज देहरादून के हेड प्रो0 राधेश्याम झा इस अवसर पर बतौर निर्णायक उपस्थित थे।


प्रतियोगिता को अंतिम मुकाबला अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता पर आधारित था। विषय था युद्ध के मध्य दो देशों की वार्ता और मध्यस्थों की अहम भूमिका। अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे छात्रों ने अपने मांग पत्र, रूचि एवं वरियताओं को पूरजोर तरीकें से रखा। मध्यस्थता करा रहे छात्रों ने एक स्वस्थ मध्यस्थता के नियमों का पालन करते हुए वार्ता को सुलह के अंजाम तक पहुँचाया।
प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रो0 राजेश बहुगुणा ने भारतीय विधि व्यवसाय में मध्यस्थता के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में वादकारी न्यायालयों की थका देने वाली तकनीकी प्रक्रियाओं से आम जन मानस ऊब चुका है तथा वह त्वरित न्याय हेतु वैकल्पिक विवाद निपटान की व्यवस्था को अपनाना चाहता है, ऐसे में विधि महाविद्यालयों द्वारा इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के आयोजन भावी विधि व्यवसायियों के लिए कैरियर निर्माण के नये आयामों का निर्माण करने में सहायक होंगे। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं एवं आयोजकों को प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं दी।
कड़े मुकाबलें के बाद निर्णायकों ने विधि शर्मा एवं खुशी खंतवाल की टीम को विजयी घोषित किया जबकि जिवेश शुक्ला एवं सयंम तोमर की टीम द्वितीय स्थान पर रही। बेस्ट मध्यस्थ के रूप में लक्ष्य सरल एवं बेस्ट मुवक्किल के रूप में दीपिका को चुना गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से वत्सल चैधरी, अशोक डोभाल, ईशा शर्मा, प्रियदर्शनी तिवारी, पूर्णिमा त्यागी, श्रृषि रंजन, प्रतिष्ठा, मान्यता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

ड्रग्स सप्लाई चेन तोड़ने को एजेंसियां एकजुट: “सख्त कार्रवाई के निर्देश”

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देवभूमि को नशामुक्त बनाने का संकल्प, जिला प्रशासन ने कसी कमर,

ड्रग्स के खिलाफ चौकसीः मेडिकल स्टोर और संदिग्ध इलाकों पर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

हर शिक्षण संस्थान में एंटी ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने पर जोर

नशे के खिलाफ सामूहिक मुहिम, स्कूलों, पंचायतों और संगठनों के जरिए चलेगा अभियान- एडीएम

देहरादून में जल्द बनेगा बाल पुर्नवास केंद्र, प्रक्रिया तेज

जिला प्रशासन की पहल लाई रंग, रायवाला में 30 बेडड नशा मुक्ति केंद्र से 06 मरीज स्वस्थ, 14 का उपचार जारी

देहरादून। जिले में नशीली दवाओं व अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और नशे के बढ़ते प्रचलन को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जन-जागरूकता से लेकर कानूनी कार्रवाई तक के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मादक पदार्थों की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शिक्षण संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान निरंतर और बहुआयामी रूप से जारी रहे।

अपर जिलाधिकारी ने विद्यालयों के आसपास और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने और हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोर्टल तथा जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन 9625777399 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। ताकि नशे की समस्या से जूझ रहे लोग समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।

युवाओं में केमिकल नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह समाज के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। जिसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि विभाग सहित सभी एजेंसियों को एकजुट होकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में औचक निरीक्षण के साथ संदिग्ध मामलों की रैंडम सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए, जिससे समय रहते नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही नशामुक्ति केंद्रों के नियमित निरीक्षण और उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी को भी अनिवार्य बताया। साथ ही जनपद में बाल पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया।

बैठक में विभागीय एजेंसियों द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में 84 पंजीकृत और 2 अपंजीकृत नशामुक्ति केंद्र थे। भौतिक सत्यापन में 23 केंद्र बंद पाए गए, जबकि 15 केंद्रों में अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाए गए ड्रग्स टेस्टिंग अभियान के तहत 711 संदिग्ध छात्रों के सैंपल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी अनिवार्य कर दिया गया है और बिना फार्मासिस्ट के दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस विभाग ने बताया कि मानस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वहीं, रायावाला स्थित 30 बैडेड नशामुक्ति केंद्र से 6 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 14 का उपचार जारी है।

बैठक में एसडीएम सदर कुमकुम जोशी, सीओ पुलिस जगदीश पंत, जिला आबकारी अधिकारी वीके जोशी, एसीएमओ डा0 दिनेश चौहान, अपर समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूडी, सीईओ वीके ढ़ौडियाल, आसरा ट्रस्ट से सुप्रिया सहि समिति के अन्य सदस्य एवं वर्चुअल माध्यम से तहसीलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

DM Action: भूमिगत विद्युत परियोजनाओं पर प्रशासन का कडा रूख, पुराने कार्य पहले पूरा करें, फिर नए को मंजूरी

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डीएम का सख्त निर्देशः संसाधन बढ़ाकर मानकों के साथ जल्द पूरे हो पुराने कार्य

खुदाई के बाद सड़क तुरंत दुरूस्त करें, ब्लैकटॉप में न हो देरी-डीएम

*सुरक्षा में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, खुदाई स्थलों पर बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड जरूरी- डीएम*

*परियोजना समन्वय समिति की अहम बैठक, पिटकुल व यूपीसीएल के 13 प्रस्तावों पर निर्णय*

*देहरादून 06 मई,2026 (सू.वि)*
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें पिटकुल और यूपीसीएल द्वारा विद्युत लाइनों को भूमिगत करने से संबंधित 13 प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में चल रहे कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया, साथ ही नए कार्य हेतु सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व अनुमति के आधार पर सड़कों पर चल रहे कार्यों को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त संसाधन और डबल शिफ्ट में दिन-रात कार्य कर जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले से चल रहे कार्यों के पूरा होने के बाद ही नए प्रस्तावों को अनुमति दी जाएगी। जिन स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां थर्ड पार्टी निरीक्षण के बाद लोक निर्माण विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कर सड़कों का पुनः ब्लैकटॉप सुनिश्चित किया जाए।

*यूपीसीएल के लॉट-1 में तीन कार्य प्रगति पर, दो नए प्रस्ताव*
यूपीसीएल के लॉट-1 के अंतर्गत पांच कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें से तीन कार्य प्रगति पर हैं। इनमें रायपुर कर्जन रोड (सुशील टॉवर से एमडीडीए कॉलोनी), कैनाल रोड (लोटस तिराहा से साकेत कॉलोनी) तथा मॉडर्न कॉलोनी से धर्मपुर चौक-आराघर सबस्टेशन-लक्ष्मी चौक तक केबल भूमिगत करने का कार्य शामिल है। वहीं, मॉडर्न कॉलोनी से परेड ग्राउंड तथा परेड ग्राउंड सब स्टेशन से रायपुर रोड कैनाल ब्रिज तक दो नए कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

*यूपीसीएल के लॉट-2 में दो कार्य गतिमान, तीन नए प्रस्ताव*
लॉट-2 के अंतर्गत भी पांच कार्य प्रस्तावित हैं। कांवली रोड (ऊर्जा भवन से सहारनपुर चौक) और सहारनपुर रोड (रेलवे स्टेशन से भंडारी बाग) तक के कार्य प्रगति पर हैं। जबकि इंजीनियर एन्क्लेव से निरंजनपुर मंडी, बल्लूपुर चौक से सनर्जी हॉस्पिटल तथा यमुना कॉलोनी से ओएनजीसी चौक तक नए कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

*यूपीसीएल के लॉट-3 के प्रस्तावों पर आंशिक स्वीकृति*
लॉट-3 के अंतर्गत तीन नए प्रस्ताव रखे गए, जिनमें बद्रीपुर रोड (जोगीवाला चौक से ट्यूलिप फार्म) तक केबल भूमिगत करने के प्रस्ताव को सशर्त स्वीकृति दी गई। वहीं तकनीकी आख्या प्रस्तुत न होने के कारण पिटकुल के प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी।

*मानकों से समझौता नहीं, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई*
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई अधूरी छोड़ने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि में की गई खुदाई का गड्ढा सुबह तक भरना अनिवार्य होगा। साथ ही खुदाई स्थलों पर बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। डीएम ने सभी एजेंसियों को पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में देरी या अव्यवस्था के कारण यदि आमजन को परेशानी हुई, तो संबंधित विभागों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा, बैरिकेडिंग और साइट सुपरविजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, अधीक्षण अभियंता पिटकुल विक्रम गौतम, यूपीसीएल लॉट-1 अधीक्षण अभियंता राहुल जैन, यूपीसीएल लॉट-2 अधीक्षण अभियंता शिक्षा अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता ईडीसी वीके सिंह, अधिशासी अभियंता कैलाश, अरूण कांत सहित समिति के अन्य सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

MDDA का बड़ा एक्शन: ऋषिकेश-कुंआवाला में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, 20 बिघा से अधिक प्लॉटिंग ध्वस्त

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कई बहुमंजिला इमारतें सील

कुंआवाला-हरिद्वार रोड से लेकर ऋषिकेश तक चला अभियान, प्रवर्तन टीम और पुलिस बल के साथ सख्त कार्रवाई

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने कुंआवाला हरिद्वार रोड और रायपुर रोड समेत कई स्थानों पर 20 बिघा से अधिक क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया, जबकि कई बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण की कार्रवाई के तहत किद्दूवाला-तुन्नुवाला क्षेत्र में करीब 7-8 बिघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। वहीं कुंआवाला हरिद्वार रोड के पास लगभग 12 बिघा में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को भी ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा और अवर अभियंता मनीष मेहर सहित टीम मौजूद रही।

*ऋषिकेश में बहुमंजिला इमारतों पर सीलिंग का शिकंजा*
ऋषिकेश क्षेत्र में भी एमडीडीए ने सख्ती दिखाते हुए आमबाग, निर्मल बाग और गंगा विहार कॉलोनी सहित विभिन्न इलाकों में अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की। आमबाग गली नंबर 1 में दो निर्माण, निर्मल बाग ब्लॉक बी और सी में कई इमारतें, तथा गंगा विहार कॉलोनी में व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया। इसके अलावा मनसा देवी क्षेत्र में भी अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य न करें और नियमों का पालन करें।

*1.* संजीव शर्मा, नवीन डोबरीयाल और संजय उपाध्यय द्वारा किद्दूवाला तुन्नुवाला रायपूर रोड में लगभग 7 से 08 बिघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्यवाही करते हुये ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी।

*2.* रौबिन चौहान और प्रतीक जुयाल द्वारा निकट पम्किन रेस्टोरेन्ट कंुआवाला हरिद्वार रोड देहरादून में लगभग 12 बिघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्यवाही करते हुये ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी। उक्त कार्यवाही में सहायक अभि0 प्रमोद मेहरा, अवर अभि0 मनीष मेहर सुपरवाईजर मौके पर मौजूद रहे।

*3.* जय राम सेमवाल द्वारा आमबाग गली न0 01 ऋषिकेश में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी ।

*4.* लक्ष्मी भट्ट द्वारा आमबाग गलि न0 01 ऋषिकेश में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी।

*5.* कृष्णा द्वारा गली न0 07 निर्मल बाग ब्लॉक बी ऋषिकेश में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी।

*6.* भानू रावत गली न0 07 निर्मल बाग ब्लॉक सी ऋषिकेश में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सींलिंग की कार्यवाही की गयी।

*7.* मीनीष अग्रवाल द्वारा गली न0 11 निर्मल बाग ब्लॉक सी में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी ।

*8.* संजय चौधरी द्वारा आस्था पथ गंगा विहार कॉलोनी ऋषिकेश में किये जा रहे व्यवसायिक निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी।

*9.* नरेन्द्र , द्वारा मनषा देवी ऋषिकेश में के किये जा रहे अवैध बहुमंजिले व्यवसायिक निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी।

*10.* जय प्रकाश भद्री द्वारा मनषा देवी ऋषिकेश में किये जा रहे अवैध बहुमंजिले व्यवसायिक निर्माण पर कार्यवाही करते हुये निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही की गयी। उक्त कार्यवाही में पाधिकरण सहायक अभि0 अभिषेक भाद्वाज,सुरजीत रावत, विजय रावत व प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

*प्लॉट या भवन को खरीदने से पहले उसकी वैधता अवश्य जांच लें- बंशीधर तिवारी*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों और निगरानी के आधार पर यह विशेष अभियान चलाया गया है। तिवारी ने कहा कि अवैध रूप से जमीन की खरीद-फरोख्त और बिना नक्शा पास कराए निर्माण करना कानूनन अपराध है और इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी प्लॉट या भवन को खरीदने से पहले उसकी वैधता अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

*नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा- मोहन सिंह बर्निया*
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना मिलती है, तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। बर्निया ने बताया कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।

 

SSP ने अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, चारधाम यात्रा तथा वीकेंड पर्यटक सीजन के दृष्टिगत दिये आवश्यक निर्देश

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एसएसपी दून द्वारा जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों/थाना प्रभारियों के साथ की मासिक अपराध गोष्ठी

*वीकेंड के दौरान यातायात के सुचारू संचालन हेतु पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात को विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के दिये निर्देश*

*वीकेंड पर यातायात के अतिरिक्त दबाव के दृष्टिगत आशारोडी से मसूरी तक के रूट को सैक्टरों में किया जायेगा विभाजित*

*”ऑपरेशन प्रहार” के तहत आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के दिये निर्देश*

*अनावश्यक रूप से विवेचनाओं को लम्बित रखने वाले अधिकारियों को दी चेतावनी*

*जघन्य अपराधों में त्वरित कार्यवाही तथा मां० न्यायालय के समक्ष मजबूत पैरवी हेतु सभी अधीनस्थों को किया निर्देशित*

*वांछित/ईनामी अभियुक्तों की धरपकड हेतु टीमें गठित कर प्रभावी कार्यवाही के दिये निर्देश*

*वीकेंड के दौरान यातायात के सुचारू संचालन हेतु कार्यालयों में नियुक्त पुलिस बल को भी ड्यूटी में नियुक्त करने के दिये निर्देश*

*थानों द्वारा की गयी निरोधात्मक कार्यवाही की करी समीक्षा, शिथिलता बरतने वाले थाना प्रभारियों को दी चेतावनी ।*

आज दिनांक: 05-05-2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा पुलिस कार्यालय देहरादून में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों/थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी की गई। गोष्ठी के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा वीकेंड पर्यटक सीजन के दृष्टिगत यातायात के दबाव को कम करने के लिये पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात को विस्तृत कार्य योजना तैयार करते हुए आगामी वीकेंड के दौरान उसे प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिये गये। गोष्ठी के दौरान अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, चार धाम यात्रा तथा वीकेंड पर्यटक सीजन के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा उपस्थित अधिकारियों को निम्न दिशा निर्देश दिये गये।

1- दिल्ली देहरादून एलीवेटेड रूट के प्रारम्भ होने से वीकेंड के दौरान यातायात पर पडने वाले अतिरिक्त दबाव के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात को आशारोडी से मसूरी तक के रूट को अलग-अलग सैक्टरों में विभाजित करते हुए सैक्टरवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आगामी वीकेंड के दौरान उसे लागू करने, ड्रोन के माध्यम से यातायात व्यवस्था की सतत मानीटरिंग करने तथा जनपद के मुख्य पर्यटक स्थल मसूरी में यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन हेतु अतिरिक्त पुलिस को नियुक्त करने के निर्देश दिये गये। साथ ही मसूरी व उसके आस-पास के क्षेत्र में यातायात के दबाव को कम करने के लिये अतिरिक्त पार्किंग स्थल चिन्हित करने हेतु निर्देशित किया गया।

2- *”ऑपरेशन प्रहार”* के तहत सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में प्रभावी सत्यापन अभियान चलाते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। रात्रि के समय अनावश्यक रूप से घूमने वाले व्यक्तियों को थाने लाकर उनसे आवश्यक पूछताछ की जाये। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाये।

3- सभी प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्रों में घटित जघन्य अपराधों में त्वरित कार्यवाही करते हुए यह सुनिश्चित कर लें कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाये। जघन्य अपराधों में घटना से जुडे सभी साक्ष्यों के त्वरित संकलन के साथ समय से आरोप पत्र मां0 न्यायालय प्रेषित किये जाये। साथ ही अपराधियों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये मां0 न्यायालय में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाये।

4- *”ऑपरेशन प्रहार”* के तहत वांछित/ईनामी अभियुक्तों की धरपकड हेतु सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाने पर विशेष टीम गठित कर प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। अभियुक्तों की तलाश हेतु सर्विलांस व अन्य माध्यमों से सभी सम्भावित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

5- थानावार लम्बित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए अनावश्यक रूप से विवेचनाओं को लम्बित रखने वाले विवेचकों तथा सम्बन्धित प्रभारी का भी उत्तरदायित्व तय करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्याही अमल में लाई जायेगी।

6- निरोधात्मक कार्यवाही के अन्तर्गत शस्त्र अधि0, जुआ अधि0 व अन्य के तहत थानों द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा करते हुए सभी थाना प्रभारियों को आदतन अपराधियों के विरूद्ध अधिक से अधिक निरोधात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। साथ ही निरोधात्मक कार्यवाही में शिथिलता बरतने वाले थाना प्रभारियो को फटकार लगाते हुए कडी कार्यवाही की चेतावनी दी गई।

 

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक एवं अशोभनीय टिप्पणियों का लिया संज्ञान 

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प्रकरण में संज्ञान में आया है कि वीरभद्र, ऋषिकेश निवासी शशि शरण नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी टिप्पणियाँ की गई हैं, जो राजनैतिक रूप से सशक्त हो रही महिलाओं की गरिमा एवं सम्मान के प्रतिकूल हैं तथा सार्वजनिक जीवन में शिष्ट आचरण के मानकों का उल्लंघन करती हैं। साथ ही, उक्त टिप्पणियाँ माननीय प्रधानमंत्री जी की छवि को धूमिल करने का प्रयास भी प्रतीत होती हैं।

उक्त प्रकरण के संबंध में आयोग की अध्यक्ष द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को पत्र प्रेषित कर यह निर्देशित किया गया है कि मामले का विधिसम्मत परीक्षण करते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आयोग की अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त है, किन्तु यह अधिकार मर्यादाओं एवं विधिक सीमाओं के अधीन है। किसी भी प्रकार की अभद्र, अपमानजनक एवं भ्रामक टिप्पणी, जो राजनैतिक रूप से सशक्त हो रही महिलाओं की गरिमा या सार्वजनिक पदों की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाती हो, स्वीकार्य नहीं है। आज महिलाएं विभिन्न पदों पर हैं देश की बेटियां देश का नाम रोशन कर रही हैं ऐसे में इस प्रकार की टिप्पणी बहुत ही निंदनीय है।

इस क्रम में, उन्होंने निर्देशित किया है कि प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा कृत कार्रवाई से आयोग को अवगत कराया जाए । जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

आयोग ने पुनः स्पष्ट किया है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।