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जनता के सवालों से बचते रहे  PM: हाईवे का लोकार्पण, लेकिन उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दों पर चुप्पी”:- गोदियाल

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आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों और जनता से जुड़े सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज किया।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बीते रोज कांग्रेस द्वारा 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा गया था, जो सीधे-सीधे उत्तराखंड की जनता और प्रदेश की व्यवस्था से जुड़े सवाल थे। दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री ने इन सवालों को “चिमटे से भी नहीं छुआ”।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के गौरवशाली सैन्य परंपरा का जिक्र तो किया, लेकिन सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ योजना ने सेना में भर्ती होने का सपना संजोय युवाओं के आकांक्षाओं को चकनाचूर कर दिया।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में बढ़ते महिला अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि उत्तराखंड आज महिला अपराध के मामलों में शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है, और चिंताजनक बात यह है कि इन मामलों में सत्तारूढ़ दल के लोगों की संलिप्तता के आरोप सामने आ रहे हैं।

अंकिता भंडारी हत्या कांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि जांच किस स्थिति में है।

इसके अलावा प्रदेश में सामने आए भर्ती घोटालों पर भी प्रधानमंत्री ने कोई टिप्पणी नहीं की, जो युवाओं के भविष्य से सीधा जुड़ा विषय है।

दिल्ली-देहरादून हाईवे के लोकार्पण पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह परियोजना यदि “भाग्य रेखा” है, तो सरकार यह स्पष्ट करे कि इससे उत्तराखंड को वास्तविक लाभ क्या मिलेगा। क्या उत्तराखंड को स्थाई राजधानी मिल जाएगी? भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए लोकायुक्त की नियुक्ति होगी?एक सख्त भू कानून मिलेगा?

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि दिल्ली से देहरादून की यात्रा 2.5 घंटे में पूरी होने की सुविधा ने स्थानीय निवासियों में असमंजस की स्थिति है । बढ़ते यातायात और संभावित दबाव को लेकर गंभीर चिंताएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से आग्रह किया कि वे निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए स्पष्ट ट्रैफिक एडवाइजरी और ठोस मोबिलिटी प्लान जारी करें, ताकि इन चिंताओं को समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने इसे एक सक्रिय और जनहित में उठाया जाने वाला आवश्यक कदम बताया।

प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि देहरादून शहर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह हाईवे आने वाले समय में गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकता है। देहरादून की आंतरिक सड़कें न तो पर्याप्त चौड़ी हैं, न ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम इतना सशक्त है और न ही शहर की भार अधिग्रहण क्षमता इतनी अधिक है कि वह अचानक बढ़ने वाले यातायात के दबाव को संभाल सके।

दिल्ली और हरियाणा से आने वाले पर्यटकों को मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार जाने के लिए देहरादून से होकर गुजरना पड़ेगा, जिससे शहर एक “बॉटलनेक” या “चोक पॉइंट” बन सकता है। ऐसे में राज्य सरकार की क्या तैयारी है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं को जबरन मानव श्रृंखला बनाने के लिए तपती धूप में घंटों खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि विभिन्न कॉलेजों—मेडिकल, इंजीनियरिंग संस्थानों—के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों, महिला मंगल दलों और फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिकों तक को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने संस्थानों से लोगों को रोड शो में भेजें।

उन्होंने कहा कि 12 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला में शामिल अधिकांश लोग स्वतःस्फूर्त नहीं थे, बल्कि उन्हें दबाव बनाकर लाया गया। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का ग्राफ गिर रहा है और भाजपा के मंत्री, विधायक, पार्षद, जिला व ब्लॉक अध्यक्ष सहित संगठनात्मक पदाधिकारी भी स्वाभाविक रूप से भीड़ जुटाने में असफल साबित हो रहे हैं।

इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मंच पर नजर न आना भी कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में उन पर लगे गंभीर आरोपों के चलते भाजपा नेतृत्व उनसे दूरी बनाता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसकी झलक प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में भी देखने को मिली।

प्रदेश अध्यक्ष ने अंत में कहा कि कांग्रेस ने एक जिम्मेदार मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभाते हुए जनता के मुद्दों को उठाया ।
प्रधानमंत्री जी का नैतिक दायित्व था उन मुद्दों पर बात करना क्योंकि 2017 से लेकर अब तक पिछले 9 सालों में वह सिर्फ उत्तराखंड की जनता को सब्जबाग दिखाने का काम कर रहे हैं।

गरिमा मेहरा दसौनी

SSP दून के कुशल नेतृत्व व अचूक रणनीति का असर: PM मोदी का भ्रमण कार्यक्रम सकुशल  सम्पन्न

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प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों तथा अन्य राज्यों से हज़ारों की संख्या में देहरादून पहुंचे थे लोग

*12 किमी लंबी मानव श्रंखला में हज़ारों लोगों द्वारा किया गया था प्रतिभाग*

*कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा/ यातायात व्यवस्था हेतु बनाई गई अचूक रणनीति का धरातल पर दिखा असर,*

*04 हज़ार से अधिक छोटे व बड़े वाहनों के कार्यक्रम हेतु जनपद में आने के उपरांत भी मुख्य मार्गो पर यातायात के दबाव व जाम की स्थिति नहीं हुई उत्पन्न*

एसएसपी देहरादून की अद्धितीय नेतृत्व क्षमता व अचूक रणनीति का असर एक बार फिर देखने को मिला, जिसमें दून पुलिस ने मा० प्रधानमंत्री भारत सरकार के भ्रमण कार्यक्रम को सकुशल रूप से सम्पन्न कराया गया।

देहरादून – दिल्ली एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के अवसर पर देहरादून में आयोजित माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार के कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु विभिन्न जनपदों तथा राज्यो से 1000 के लगभग बसों तथा 3000 से अधिक अन्य छोटे बड़े चौपहिया वाहनो से लगभग 75 हज़ार व्यक्ति देहरादून पहुँचे थे, इतनी बड़ी संख्या में लोगों तथा उन्हें लेकर जनपद में आने वाले वाहनों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाना तथा कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत उन्हें सकुशल एवं व्यवस्थित रूप से गंतव्य को रवाना करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे एसएसपी दून के नेतृत्व में दून पुलिस द्वारा पूर्ण कार्य कुशलता के साथ सम्पादित किया गया।

मा० प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा/ यातायात व्यवस्था हेतु बनाई गई कुशल रणनीति का परिणाम धरातल पर दिखाई दिया, जिसमे कार्यक्रम के दौरान बनाई गई 12 किमी लंबी मानव श्रृंखला में हज़ारों की संख्या में लोगो के प्रतिभाग करने तथा उससे कही अधिक संख्या में लोगो के मा० प्रधानमंत्री जी की जनसभा में पहुँचने के उपरांत भी मुख्य मार्गो पर न तो यातायात के दबाव का असर देखने को मिला और न ही कही जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे पर बने एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की बात ही निराली

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खास तोहफाः खूबसूरत गलियारा, हर किसी को प्यारा

 

यूं तो पूरा दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे ही शानदार है, लेकिन इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर अपनी तमाम खूबियों के कारण ध्यान खींचता है। यह एक ऐसा गलियारा है, जो हर किसी को प्यारा है। बेरोक-टोक घूमते वन्य जीवों की लिए यहां सुरक्षा की ऐसी गारंटी बुनी गई है, जो आश्वस्त करती है। दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे से गुजरते हर एक यात्री के लिए भी इस कॉरिडोर को निहारना सुखद अहसास करने जैसा है।

*तीन जोन में बंटा है वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर*
-दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर बनाए गए एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को भारतीय वन्य जीव संस्थान ने तीन जोन में बांटा है। इसमे गणेशपुर, मोहंड और आसारोडी देहरादून तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है। एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की कुल लंबाई 12 किलोमीटर है।

*यूं निकली वन भूमि से कॉरिडोर की राह*
-दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट का आखिरी 20 किलोमीटर का भाग उत्तर प्रदेश के शिवालिक वन प्रभाग और उत्तराखंड के राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व व देहरादून वन प्रभाग के घने वन क्षेत्रों से होकर गुजरता है। राष्ट्रीय राजमार्ग-72 ए में गणेशपुर से देहरादून तक इस प्रोजेक्ट में उत्तराखंड की 9.6224 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के हिस्से वाली 47.7054 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करनी पड़ी है। इसके लिए दोनों राज्यों में वर्ष 2019-20 में डीपीआर तैयार की गई थी। उत्तर प्रदेश में वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति 20 जुलाई 2021 को प्राप्त हुई, जबकि उत्तराखंड के लिए यह स्वीकृति 27 अप्रैल 2022 को प्रदान की गई ।

*खूबियों की झलक, एक नहीं, कई सारे लाभ*
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-कॉरिडोर के निर्माण से वन्यजीवों का आवागमन अधिक सुरक्षित व सुगम हो गया है। वन्य जीवों की दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति न्यून हो गई है । लगातार निरीक्षण में देखा गया है कि हाथी समेत नीलगाय, सांभर, लैपर्ड, जंगली सुअर और अन्य वन्य जीव इस कॉरिडोर का सहजता से उपयोग कर रहे हैं।
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-पहली बार विस्तृत भाग में नदी व वन क्षेत्र से एलिवेटेड मार्ग का निर्माण किया गया है। इस वजह से इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने के दौरान किसी भी प्रकार का मानव विस्थापन नहीं हुआ है।
03
-कॉरिडोर निर्माण से वन्य जीवों के विचरण का दायरा बढ़ने से उत्तम गुणवत्ता का वन्य जीव जीन पूल तैयार हो सकेगा।
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-पूर्व में स्थानीय लोगों द्वारा बंदरों को भोजन खिलाने की प्रवृत्ति से दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। वर्तमान में इस समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
05
-वन्य जीवों के सुरक्षित आवागमन की सुविधा के लिए ध्वनि व वायु प्रदूषण को न्यून किया गया है।
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-अगले 20 वर्षों में 2 .44 मिलियन टन कार्बन डाईआक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। यह लगभग 65 लाख वृक्षों के समान है। लगभग 19 प्रतिशत ईंधन की बचत होगी। (स्रोत-सीएसआईआर-आईआईपी)

 

पीएम मोदी के स्वागत में उत्तराखंड तैयार: 12 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर मोदी का भव्य स्वागत-अभिनंदन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंडवासियों ने किया अपने लोकप्रिय प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत

*पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया*

*हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब, पीएम मोदी की दीवानगी में उत्तराखंड हुआ ‘नमोमय’

*दिल्ली – देहरादून एक्सप्रेस वे की विशेषताएं*

शामिल राज्य – दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड

कुल लंबाई – 213 किलोमीटर

लागत – 11,963 करोड़

12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाफ कॉरिडोर

200 मीटर लंबे 2 एलिफिटेंट अंडरपास, 6 एनिमल पास

370 मीटर लंबी सुरंग डाटकाली के पास

6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर

2 आरओबी, 10 पुल, 7 इंटरचार्ज

2.5 घंटे में होगा दिल्ली का सफर

20 किलोमीटर वन क्षेत्र शामिल है एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट में

19 प्रतिशत ईंधन की बचत होने का अनुमान

1.95 लाख पेड़ लगाए गए हैं प्रतिपूरक वृक्षारोपण कार्य के लिए

33,840 पेड़ों का कटान बचा आधुनिक तकनीकी के प्रयोग से

देवभूमि में PM मोदी का भव्य स्वागत: 12 किमी लंबे रोड शो में बड़ी संख्या में उमड़े लोग

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, देवभूमि से मिलती है ऊर्जा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के अवसर पर देहरादून पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना से की, जहां उन्होंने देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

 

इसके बाद प्रधानमंत्री ने देहरादून कैंट स्थित सभा स्थल तक लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। यह रोड शो कई मायनों में खास रहा, क्योंकि बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे लंबा रोड शो है।

रोड शो के दौरान सड़कों के दोनों ओर हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और आमजन मौजूद रहे। “भारत माता की जय” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और हर कोई प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को उत्सुक नजर आया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जनता के इस अपार प्रेम और समर्थन से वे बेहद प्रसन्न और उत्साहित दिखाई दिए।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व स्वागत का जिक्र करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें हमेशा विशेष ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें देश के विकास के लिए और अधिक प्रेरित करता है, और वे इस बार भी उत्तराखंड से नई ऊर्जा लेकर जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रोड शो में उमड़े जन सैलाब और लोगों के प्यार पर आभार जताया । उन्होंने कहा कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता का प्यार देखते हुए वह तेजी से वाहन चलवाकर जनसभा में नहीं पहुंच पाए । लोगों का अभिवादन करने के लिए उनके वाहन को हल्के हल्के चलाया गया और इस कारण जनसभा में पहुंचने में एक घंटे से अधिक का विलंब हो गया। इसके लिए उन्होंने जनसभा में उपस्थित लोगों से क्षमा मांगी ।

यह भव्य रोड शो न केवल इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड की जनता और प्रधानमंत्री के बीच गहरे जुड़ाव को भी प्रदर्शित करता है।

बड़ी खबर: PM मोदी ने उत्तराखंड को दी बड़ी सौगात,  चिर परिचित अंदाज में फिर प्रकट किया उत्तराखंड के प्रति प्रेम

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एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का जबरदस्त लोकल कनेक्ट

*पहाड़ी बोली-भाषा के शब्दों को दी अपने भाषण में जगह*

*मां डाट काली से लेकर पंच बदरी-केदार तक का जिक्र*

*मुख्यमंत्री को बताया-लोकप्रिय, कर्मठ और युवा मुख्यमंत्री*

सिर पर ब्रहमकमल टोपी, भाषण में गढ़वाली-कुमाऊंनी के छोटे-छोटे वाक्य और भावनाओं में उत्तराखंड की बेहतरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ये तीन बातें मंगलवार को एक बार फिर से दिखाई दीं। दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने चिर परिचित अंदाज में एक बार फिर साबित किया कि उत्तराखंड की प्रगति से उनका खास वास्ता है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी बहुत खूबसूरती से लोकल कनेक्ट करते हैं। इसी लिए चाहे वेशभूषा हो, भाषा शैली हो या फिर स्थानीय जगहों के नाम का उल्लेख हो, प्रधानमंत्री हर बात का खास ख्याल करते हैं। ये ही वजह है कि उनके भाषण की शुरूआत में इस बार भी भुला-भुलियों, सयाणा, आमा, बाबा जैसे पहाड़ी बोली-भाषा के शब्दों ने प्रमुखता से स्थान पाया।
एक्सप्रेस वे के निर्माण में मां डाटकाली के आशीर्वाद का प्रधानमंत्री ने खास तौर पर जिक्र किया। ये भी जोड़ा कि देहरादून पर मां डाटकाली की कृपा है। उत्तराखंड से लगे उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में स्थित संतला माता मंदिर का भी उन्होंने स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात से लेकर पंच बदरी, पंच केदार, पंच प्रयाग का भी प्रभावपूर्ण जिक्र कर जबरदस्त लोकल कनेक्ट किया।

*पीएम-सीएम की फिर दिखी मजबूत बांडिंग*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मजबूत बांडिंग एक बार फिर प्रदर्शित हुई। अपने संबोधन में प्रधाानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री के लिए लोकप्रिय, कर्मठ और युवा जैसे शब्दों का प्रयोग किया। जिस वक्त केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जनसभा को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान मोदी-धामी के बीच किसी विषय पर वार्तालाप हुआ। मुख्यमंत्री की बात को गौर से सुनते हुए प्रधानमंत्री दिखाई दिए।

कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, श्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, श्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्य, श्री खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री मदन कौशिक, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री भरत चौधरी, श्री प्रदीप बत्रा सांसद श्री अनिल बलूनी, श्री अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, श्री नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।

महिलाओं को सशक्त नेतृत्व की दिशा देगा “नारी शक्ति वंदन अधिनियम”: रेखा आर्या

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हरिद्वार। हरिद्वार में आयोजित प्रेस वार्ता में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम है, जो महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

सोमवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पार्टी के तमाम पदाधिकारियों के साथ होटल ग्रैंड पार्क में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना।

रेखा आर्या ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने का विचार करीब चार दशक से चर्चा में रहा है। इसके बाद कई बार प्रयास हुए और 2010 में यह विधेयक राज्यसभा से पारित भी हुआ, लेकिन लोकसभा में लंबित रह गया।

मंत्री ने कहा कि वर्षों तक कई राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्र में महिला आरक्षण का जिक्र किया, लेकिन इसे लागू करने के लिए ठोस इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।

रेखा आर्या ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को संसद के विशेष सत्र में प्राथमिकता देकर पारित कराया, जो मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीयत का उदाहरण है।

उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे महिलाएं न केवल नीति निर्माण में भाग लेंगी, बल्कि निर्णय लेने में भी अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

मंत्री ने कहा कि इस कानून से नीतियां अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेंगी, महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी और समाज में उनके प्रति सम्मान बढ़ेगा। साथ ही, यह नई पीढ़ी की बेटियों को नेतृत्व के लिए प्रेरित करेगा।
अंत में रेखा आर्या ने कहा कि अब नारी केवल अपेक्षा करने वाली नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली और समाज को दिशा देने वाली सशक्त शक्ति के रूप में उभरेगी।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रीता चमोली, जिला अध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, नपेंद्र चौधरी, नीतीश वालिया, प्रेम शंकर, डॉक्टर चित्रा, विपिन चौधरी आदि उपस्थित रहे।

PM मोदी के आगमन से पहले तैयारियां चाक चौबंद: सीएम धामी ने गहन अवलोकन करते हुए अधिकारियों को दिए निर्देश 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 14 अप्रैल 2026 को देहरादून में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनज़र गढ़ी कैंट स्थित जसवंत ग्राउंड पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर व्यवस्थाओं की स्थिति का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग सुविधाएं, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और स्वच्छता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन में आने वाले लोगों की सुविधा सर्वोपरि रहे और इसके लिए सभी इंतजाम निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने पर बल देते हुए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु आवश्यक सेवाओं को तत्पर रखने की आवश्यकता भी जताई।

जसवंत ग्राउंड में मंच, दर्शक दीर्घा एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम की गरिमा को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां सुनियोजित और व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता और सौंदर्यीकरण कार्यों को भी प्राथमिकता देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है और इसकी सफलता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, आईजी राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी सविन बंसल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

कांग्रेस ने PM मोदी से दस बिंदुओं पर मांगे सीधे जवाब: कहा  “जनता के सवालों का जवाब दें प्रधानमंत्री मोदी”

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आज उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दस बिंदुओं पर सीधे जवाब मांगा।

गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे गंभीर मामले में भाजपा के दिग्गज नेताओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की बात कही गई थी, लेकिन 3-4 महीने बीत जाने के बावजूद जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है। सीबीआई जांच का आधार अंकिता के माता-पिता की शिकायत को न बनाकर किसी तीसरे व्यक्ति की शिकायत को क्यों बनाया गया?

उन्होंने राज्य में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब पहाड़वासी लगातार वन्य जीवों के आतंक का सामना कर रहे हैं, प्रधानमंत्री बताएं कि राज्य की सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है?

गोदियाल ने प्रधानमंत्री के 2017 के उस बयान की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि “पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी उत्तराखंड के काम आएगी।” उन्होंने सवाल किया कि राज्य के युवाओं के लिए सरकार ने अब तक कौन-कौन सी प्रभावी योजनाएं लागू की हैं, जबकि हकीकत यह है कि नशाखोरी बढ़ रही है और युवाओं का भविष्य खतरे में है,
उन्होंने भर्ती घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उत्तराखंड अब इन मामलों के लिए बदनाम होता जा रहा है।

साथ ही, उपनल कर्मचारियों को लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के बावजूद राज्य सरकार उनके नियमितीकरण से बचने के बहाने खोज रही है।

शिक्षा के मुद्दे पर गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 886 स्कूल बंद हो चुके हैं, जो चिंताजनक है।

वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में 55 नई शराब की दुकानों के खुलने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या सरकार के पास राजस्व बढ़ाने के लिए सिर्फ खनन और शराब ही विकल्प रह गए हैं?

कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड महिला अपराध में नंबर वन राज्य बन गया है , राज्य में महिलाएं, बच्चे, पत्रकार, पूर्व सैनिक—कोई भी सुरक्षित नहीं है। दिनदहाड़े हत्याएं और अपराध हो रहे हैं और सत्ताधारी दल के लोगों पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।

गोदियाल ने घरेलू गैस की कालाबाजारी और बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के मद्देनजर होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराना जरूरी है, अन्यथा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा।

अंत में गोदियाल ने कहा, “मैं केवल एक पोस्टमैन हूं। ये सवाल मेरे नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जनता के हैं। कांग्रेस पार्टी मुख्य विपक्षी दल होने के नाते अपना दायित्व निभा रही है और जनता की आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंचा रही है।”

प्रेस वार्ता का संचालन मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने किया।
प्रेस वार्ता में प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्षा ज्योति रौतेला, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी प्रवक्ता राजेश चमोली एवं अभिनव थापर मौजूद रहे।

गरिमा मेहरा दसौनी

PM मोदी के देहरादून भ्रमण को लेकर तैयारियां पूरी: जिला प्रशासन अलर्ट मोड में

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जोनल मजिस्ट्रेट संग डीएम की अहम बैठक, सर्तकता एवं समन्वय पर जोर

*प्रोटोकॉल के अनुसार रहे व्यवस्था, सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य -डीएम*

*देहरादून ।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून भ्रमण एवं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को अंतिम समय तक सतर्क एवं समन्वित रहने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी जोनल अधिकारी अपने अधीन सेक्टर एवं नोडल अधिकारियों को दायित्वों के प्रति भली-भांति ब्रीफ करें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी एक बार पुनः स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं को तत्काल पूर्ण कराएं।

लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, पेयजल सहित सभी संबंधित विभागों को मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करते हुए सेफ्टी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल पर मुख्य मंच की व्यवस्थाओं को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए। डाइस प्लान, एनएचएआई के माध्यम से एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण, एंकरिंग, साउंड सिस्टम, एलईडी तथा मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुरूप सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य मंच के निकट ग्रीन रूम में इंटरनेट, फैक्स लाइन एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

पंडाल में अतिथियों के बैठने की समुचित व्यवस्था, जलपान, वाहन पार्किंग, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को उच्चतम स्तर पर रखते हुए एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम दिवस पर सभी अधिकारी समय से अपने ड्यूटी प्वाइंट पर उपस्थित रहें। आशारोड़ी से गढ़ीकैंट तक प्रस्तावित भ्रमण मार्ग पर स्वागत कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा, सुगमता एवं शांति व्यवस्थाए सुनिश्चित की जाए। जोलीग्रांट एयरपोर्ट एवं जीटीसी हेलीपैड की व्यवस्थाओं को भी सुचारू रखने को कहा गया।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री द्वारा 14 अप्रैल को सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के गणेशपुर से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण प्रस्तावित है। इस अवसर पर देहरादून में भी विभिन्न स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने पूरे मार्ग को 13 जोनों में विभाजित कर जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसपी लोक जीत सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर हरिगिरि, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम योगेश मेहरा, विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े जोनल अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।