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बड़ी खबर: उत्तराखंड में खनन विभाग ने रचा इतिहास, 1217 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व हुआ प्राप्त

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धामी सरकार ने बदली तस्वीर: खनन विभाग ने मारी लंबी छलांग, राजस्व पहुंचा 1200 करोड़ के पार

 

देहरादून। खनन विभाग, उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2025 -26 में राजस्व प्राप्ति में रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि हासिल की है। विभाग को निर्धारित लक्ष्य 950 करोड़ के सापेक्ष 1130 करोड़ (ट्रेजरी) के साथ-साथ जिला खनिज फाउंडेशन न्यास से 80 करोड़ और एनएमईटी से 7 करोड़ सहित कुल 1217 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उत्तराखण्ड के निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राजस्व अर्जन के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विभाग ने 950 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इसमें ट्रेजरी में 1130 करोड़ रुपये, जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में 80 करोड़ रुपये और एसएमईटी से 7 करोड़ रुपये की आय शामिल है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने 875 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1041 करोड़ रुपये अर्जित कर रिकॉर्ड बनाया था। लगातार दो वर्षों की इस उपलब्धि ने विभाग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
निदेशक राजपाल लेघा के कुशल नेतृत्व में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता दी गई। खनिज नीति के सरलीकरण, खनन पट्टों के पारदर्शी आवंटन और अवैध खनन पर कड़ी निगरानी ने राजस्व वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशेष रूप से माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम) और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन इस सफलता का मुख्य आधार रहा। एमडीटीएसएस के तहत राज्य के चार मैदानी जिलों में 45 आधुनिक ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं, जिनमें एएनपीआर कैमरा, आरएफआईडी टैग और अन्य हाईटेक उपकरण लगाए गए हैं।
इसके अलावा मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम, ई-रवन्ना पोर्टल, मोबाइल एप, वीटीएस इंटीग्रेशन और वेइब्रिज मैनेजमेंट जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगी है।
ई-रवन्ना प्रपत्रों में सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज लागू करने से फर्जीवाड़े की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इन नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के लिए विभाग को 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड (गोल्ड) से सम्मानित किया गया। साथ ही, भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा माइनर मिनरल रिफॉर्म्स में ‘सी’ श्रेणी के राज्यों में द्वितीय स्थान मिलने पर 100 करोड़ रुपये तथा स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त हुई है।
निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में खनन विभाग की यह उपलब्धि न केवल उत्तराखण्ड के राजस्व को नई ऊंचाइयों तक ले गई है, बल्कि सुशासन और पारदर्शिता का एक मजबूत उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

राजस्व का अहम स्रोत बन रहा खनन:  धामी सरकार की पारदर्शी नीति लगी मुहर:- भट्ट

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खनन माफिया पर लगाम और नये मानकों पर सख्ती से खनन राजस्व रिकॉर्ड रिकार्ड स्तर पर

धामी सरकार ने माफियाओं के चुंगल से निकालकर राज्य की अर्थिकी का प्रमुख स्रोत बनाया खनन

देहरादून। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने खनन क्षेत्र मे राजस्व वृद्धि को उत्साहजनक और राज्य हित मे सुखद बताते हुए कहा कि धामी सरकार की स्पष्ट और पारदर्शी नीति का ही परिणाम है कि माफियाओं के चुंगल से मुक्त करवाकर खनन आज राज्य की अर्थिकी का स्रोत बन गया है।

भट्ट ने सीएम पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि सीएम के
दूरदर्शी नेतृत्व और सुदृढ़ नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड का खनन विभाग राजस्व प्राप्ति के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 950 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कुल 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि
वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने 875 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1041 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर अपनी कार्यक्षमता सिद्ध की थी। प्रदेश में खनन राजस्व की यह निरंतर वृद्धि मुख्यमंत्री धामी की पारदर्शी, जवाबदेह और सुधारोन्मुखी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। वर्ष 2012-13 में मात्र 110 करोड़ रुपये से शुरू हुआ यह सफर अब 2025-26 में 1217 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो राज्य की पारदर्शी नीति को इंगित करता है।

भट्ट ने खनन नीति को सराहनीय बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज नीति एवं नियमावली का सरलीकरण किया गया, जिससे वैध खनन को बढ़ावा मिला और अवैध खनन, परिवहन व भंडारण पर प्रभावी रोक लगी। पारदर्शी व्यवस्था के तहत खनन पट्टों का आवंटन किया गया, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी। सीएम धामी की पहल पर तकनीकी नवाचारों को भी प्राथमिकता दी गई।

उन्होंने कहा कि ई-रवन्ना प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे फर्जीवाड़े और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इन सभी प्रयासों के चलते अवैध खनन पर लगाम लगी है और राजस्व में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में किए गए इन नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में MDTSS और ई-खन्ना सिक्योरिटी पेपर परियोजनाओं को प्रतिष्ठित स्कोच अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, खान मंत्रालय भारत सरकार द्वारा खनन मे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखण्ड को ‘सी’ श्रेणी के राज्यों में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जिसके तहत 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। साथ ही State Mining Readiness Index में बेहतर प्रदर्शन के लिए भी 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई।

भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पारदर्शिता, तकनीकी सशक्तिकरण और कठोर प्रवर्तन के समन्वय ने उत्तराखण्ड के खनन क्षेत्र को नई दिशा दी है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और सुशासन का मॉडल स्थापित हो रहा है।

मनवीर सिंह चौहान
प्रदेश मीडिया प्रभारी
भाजपा उत्तराखंड

दून पुलिस की अच्छी पहल: 70 लाख सबसे अधिक के 415  मोबाइलों को लौटाकर बिखेरी चेहरों पर मुस्कान

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साइबर सेल देहरादून की टीम द्वारा देहरादून के अलग-अलग स्थानों से गुम हुए 70 लाख 45 हजार रू0 से अधिक मूल्य के 415 मोबाइल फोनों को किया रिकवर।

*पुलिस कार्यालय देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा रिकवर मोबाइल फोनों को उनके स्वामियों के किया सुपुर्द*

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा जनपद मे खोये हुए मोबाइलों की बरामदगी हेतु साइबर क्राइम सैल देहरादून को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं।

उक्त निर्देशों के क्रम में साइबर क्राइम सेल देहरादून की टीम द्वारा खोये गये मोबाइल फोनों की बरामदगी हेतु कडी़ मेहनत व लगन से कार्य करते हुये सर्विलांस के माध्यम से उत्तराखण्ड एवं बाहरी राज्यों से जनपद देहरादून के अलग-अलग स्थानों पर खोये हुए रू0 70,45,000/- (रु0 सत्तर लाख पैंतालिस हजार) मूल्य के कुल- 415 मोबाईल फोन बरामद किये गये।

आज दिनांक- 04/04/2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने साइबर क्राइम सेल देहरादून द्वारा रिकवर किये गये मोबाइल फोनों को उनके स्वामियों के सुपुर्द किया गया। अपने खोये हुए मोबाईल फोनों को वापस पाकर उनके स्वामियों द्वारा दून पुलिस की प्रशंसा करते हुये आभार प्रकट किया गया।

*बरामदगी:* 415 स्मार्ट मोबाईल फोन *(कीमत – रु0 70 लाख 45 हजार)*

*नोट:* मोबाइलों की रिकवरी हेतु जनपद पुलिस द्वारा स्थापित किये गये साइबर क्राइम सेल एवं थानों द्वारा CEIR पोर्टल पर पुलिस के पास जो भी सूचनाएं प्राप्त होती हैं, पुलिस द्वारा उन पर तत्परता से कार्यवाही करते हुए मोबाइलों की जल्द से जल्द बरामदगी के प्रयास किये जाते हैं। पूर्व में भी साइबर क्राइम सैल देहरादून द्वारा लाखों रुपये मूल्य के मोबाइल फोनों को बरामद कर उनके स्वामियों के सुपुर्द किया जा चुका है।

*पुलिस टीम:-*

1- श्री अंकित कण्डारी, पुलिस उपाधीक्षक स्पेशल ऑपरेशन्स,
2- निरीक्षक गिरीश चन्द्र शर्मा, प्रभारी साइबर क्राइम सैल
3- म0उ0नि0 निर्मल भट्ट: साइबर क्राइम सेल
4- हे0का0 भरत सिंह रावत:
5- म0का0 रचना निराला
6- कानि0 सूरज रावत
7- हे0का0 किरन कुमार एसओजी
8- कां0 प्रकाश राज: सीओ आप्स कार्यालय
9- जनपद के थानों में नियुक्त CEIR पोर्टल पर नियुक्त कर्मी

*अपील :- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा आमजनमानस से अपील की गयी कि कम मूल्य के लालच में किसी भी अनजान व्यक्ति से बिना वैध बिल व उसकी वैधानिक पहचान पत्र लिए कोई मोबाईल फोन न खरीदें।*

“ऑपेरशन प्रहार“ के तहत SSP दून के निर्देशों पर दून पुलिस द्वारा लगातार की जा रही वृहद स्तर पर कार्यवाही जारी

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अपराधियों पर वार करता “ऑपेरशन प्रहार

*कार्यवाही के दौरान जनपद के नगर तथा देहात क्षेत्र में पुलिस टीमों द्वारा वृहद स्तर पर चलाया गया चैकिंग अभियान*

*04 संदिग्धों को लिया हिरासत में, देर रात्रि में घूम रहे 700 से अधिक लोगो से मौके पर की पूछताछ, 96 लोगो के 81 पुलिस एक्ट में किये चालान*

*सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग कर रहे 03 व्यक्तियों तथा चोरी की फिराक में घूम रहे 01 अभियुक्त को अवैध खुखरी के साथ किया गिरफ्तार*

*अवैध शराब की तस्करी में लिप्त 03 तस्करों को गिरफ्तार कर बरामद की अवैध शराब*

*शराब पीकर वाहन चलाने वाले 16 वाहन चालकों को गिरफ्तार कर वाहनों को किया सीज*

*यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर 140 वाहन चालकों के एमवी एक्ट में चालान कर वसूला 73500/- ₹ का जुर्माना*

*24 वाहन चालकों के मां0 न्यायालय के चालान कर यातायात नियमों के उल्लंघन पर 46 वाहनों को किया सीज*

*पीजी/हॉस्टल/किरायेदारों की चौकिंग के दौरान छात्रों/किरायेदारों का सत्यापन न कराने वाले 22 प्रतिष्ठान स्वामियों के 83 पुलिस एक्ट में चालान कर किया 02 लाख 20 हजार रू0 का जुर्माना*

मा० मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों पर अपराधियों के विरूद्ध सम्पूर्ण राज्य में चलाये जा रहे अभियान *“ऑपेरशन प्रहार”* के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए है, जिसके अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में दून पुलिस द्वारा लगातार सघन चौकिंग अभियान चलाते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में दिनांकरू 03/04-04-26 की रात्रि एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर जनपद के नगर तथा देहात क्षेत्र में पुलिस टीमों द्वारा सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 04 संदिग्धों को 172 बीएनएसएस में हिरासत में लिया गया तथा सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास कर रहे 03 व्यक्तियों को तथा चोरी की फिराक मंे घूम रहे 01 व्यक्ति को अवैध खुखरी के साथ 170 बीएनएसएस में गिरफ्तार किया गया।

शराब पीकर वाहन चलाने वाले 16 वाहन चालकों को अलग- अलग थाना क्षेत्रों से गिरफ्तार कर संबंधित वाहनों को सीज किया गया। इस दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर 140 वाहन चालकों के एमवी एक्ट में चालान कर 73500/- ₹ का जुर्माना वसूला गया तथा 24 वाहन चालकों के मां0 न्यायालय के चालान कर यातायात नियमों के उल्लंघन पर 46 वाहनों को सीज किया गया।

चेकिंग के दौरान देर रात्रि तक घूम रहे 700 से अधिक लोगो से पुलिस द्वारा मौके पर की पूछताछ की गयी, जिनमे से 96 व्यक्तियों के 81 पुलिस एक्ट में चालान कर 24000/- ₹ का जुर्माना वसूला गया। पीजी/हॉस्टल की चैकिंग के दौरान छात्रों/किरायेदारों का सत्यापन न कराने वाले 22 प्रतिष्ठान स्वामियों के 83 पुलिस एक्ट में चालान कर 02 लाख 20 हजार रू0 का जुर्माना किया गया,

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-*

01- आशीष बिष्ट, पुत्र मोहन सिंह निवासी डुण्डा, कोतवाली उत्तरकाशी, हाल: चटकारा होटल खैरी खुर्द रायवाला उम्र 25 वर्ष
*(50 पव्वे अंग्रेजी शराब के साथ)*

02- गुडिया उर्फ बडकी पत्नी रणजीत निवासी चूना भट्टा रायपुर,
*(62 पव्वे देसी शराब के साथ)*

03- बाली पाल पुत्र जगन्नाथ पाल निवासी कृष्णा नगर कालोनी आईडीपीएल
*(32 टेट्रा पैक देसी शराब के साथ)*

*170 बीएनएस में गिरफ्तार व्यक्तियों का विवरण -*

1- गोपाल यादव उर्फ मट्ठा पुत्र गिरधारी लाल निवासी: 35 सेवक आश्रम रोड डालनवाला देहरादून उम्र 34 वर्ष

2- साहिल पुत्र बशीर मलिक निवासी डूंगा, प्रेमनगर

3- तुषार सिंह पत्रु हरीश कुमार, निकट पेास्ट आफिस बिधोली प्रेमनगर

CDO के निर्देश: पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता की पहल, 15 जून तक होगा लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन

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जवाबदेही तयः शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी व ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी की निगरानी में होगा सत्यापन

*15 जून तक हर हाल में पूरा हो सत्यापन, सीडीओ का सख्त निर्देश*

*देहरादून 04 अप्रैल,2026 (सू.वि),*
समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जनपद में सभी पेंशन प्राप्तकर्ताओं का समयबद्ध सत्यापन कर अपात्र एवं मृत पेंशनरों को सूची से हटाया जाए।

विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन तथा 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों हेतु पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित सभी व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे और किसी भी अपात्र को भुगतान न हो।

मुख्य विकास अधिकारी ने सत्यापन कार्य हेतु शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। अधिकारियों को अपने अधीनस्थ पटवारी/लेखपाल तथा ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के माध्यम से सत्यापन कार्य पूर्ण कराने के निर्देश जारी किए गए है। सत्यापन के दौरान यदि कोई पेंशनर मृत पाया जाता है तो उसकी मृत्यु तिथि तथा अपात्र पाए जाने पर उसका कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।

सीडीओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सत्यापन कार्य पूर्ण कर उसकी रिपोर्ट 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से संबंधित सहायक समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं। इसके पश्चात जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

देहरादून जनपद में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, 0-18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग पेंशन के 1,121 तथा किसान पेंशन के 672 लाभार्थी शामिल हैं। इसी प्रकार, महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत विधवा पेंशन के 32,011 तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी सम्मिलित हैं।

पेंशनरों की ग्रामवार एवं वार्डवार सूची विभागीय वेबसाइट ssp.uk.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही आवश्यक जानकारी के लिए विभाग के नामित कम्प्यूटर ऑपरेटर के मोबाइल नंबर 7906905177 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता न बरती जाए। समयबद्ध सत्यापन से जहां अपात्र लाभार्थियों को बाहर किया जाएगा, वहीं पात्र पेंशनरों को समय पर और सुचारू रूप से पेंशन का लाभ मिल सकेगा।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

PM मोदी के प्रस्तावित देहरादून भ्रमण को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां तेज: डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

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आशारोडी से गढ़ीकैंट तक डीएम का ग्राउंड जीरो निरीक्षण, हर व्यवस्था की बारीकी से जांच

साफ सुथरे और व्यवस्थित मार्ग के लिए प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए कड़े निर्देश

*समयबद्व तैयारियों पर डीएम का जोर, कार्यक्रम स्थल पर डीएम ने परखी हर व्यवस्था*

*देहरादून ।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित देहरादून भ्रमण एवं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ आशारोड़ी से गढ़ीकैंट स्थित महेन्द्र ग्राउंड तक सड़क मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

 

 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को दृष्टिगत रखते हुए सड़क मार्ग पर सभी आवश्यक सुधार कार्य तत्काल पूर्ण किए जाएं। उन्होंने क्षतिग्रस्त डिवाइडरों की मरम्मत, पैचवर्क, दीवारों के रंगरोगन तथा चौक-चौराहों पर सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए। साथ ही सड़क किनारे फैले मलवे की सफाई कर पूरे मार्ग को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने को कहा। सड़क किनारे क्षतिग्रस्त होर्डिग्स को भी ठीक कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि पूरे मार्ग पर चाक-चौबंद सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने गढ़ीकैंट स्थित महेन्द्र ग्राउंड में मुख्य कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य पंडाल, आमजन के बैठने की व्यवस्था, वाहनों की पार्किंग, पेयजल, सूक्ष्म जलपान एवं मोबाइल शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर सुगम आवागमन के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, एनएचआई की प्रबंधक शालू चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: डोईवाला व विकासनगर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 09 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त

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देहरादून। , जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सतत प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में आज डोईवाला एवं विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण करते हुए कुल 09 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए।


जिलाधिकारी के निर्देशन में क्यूआरटी टीम द्वारा जनपद स्थित गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पंपों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता एवं सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल द्वारा आज शहर क्षेत्र में विभिन्न गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बडोवाला स्थित बालाजी रिटेल आउटलेट पेट्रोल पंप का भी जायजा लिया गया।
इस दौरान हीरा गैस एजेंसी से अन्य एजेंसियों पर गैस कनेक्शन ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया के संबंध में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के अधिकारियों से वार्ता की गई। जिला पूर्ति अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की संख्या के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने कहा कि गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इसमें लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शतप्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 20 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 15987 अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 874 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। एलपीजी का घरेलू 30492 तथा व्यवसायिक का 4283 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

सीएम धामी ने केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास मंत्री से भेंट कर राज्य के विभिन्न विषयों पर की विस्तृत चर्चा

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कुंभ-2027 के सफल आयोजन हेतु हरिद्वार में विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने के साथ बुनियादी ढांचे और यातायात सुधार के लिए सहयोग का किया अनुरोध

*हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के लिए ₹325 करोड़ की धनराशि की सहायता का अनुरोध करते हुए आरआरटीएस और मेट्रो विस्तार का दिया प्रस्ताव*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से हरिद्वार शहर में गंगा कॉरिडोर क्षेत्र से संबंधित लगभग ₹325 करोड़ की परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृति का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ-2027 के दृष्टिगत इस परियोजना के अंतर्गत विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण एवं प्रणाली के स्वचालन हेतु भी प्रथम चरण में ₹325 करोड़ की धनराशि शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया, साथ ही द्वितीय चरण के अंतर्गत शेष लगभग ₹425 करोड़ की धनराशि भी अनुमोदित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं ऋषिकेश में आगामी कुंभ-2027 की तैयारियों के संदर्भ में हरिद्वार में घाटों के सौंदर्यीकरण, आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शहरी अवसंरचना के विकास हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय यातायात को सुदृढ़ करने के हेतु रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक विस्तारित करने के साथ ही देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर के विकास का भी अनुरोध किया, ताकि इन शहरों के मध्य आवागमन को सुगम बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी तथा पर्यावरणीय दृष्टि से भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड के प्रमुख तीर्थस्थलों को आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन एवं समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगी।

केन्द्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

 

सीएम धामी ने पुलिस लाइन पहुंचकर प्रशिक्षण ले रहे कांस्टेबलों से मुलाकात कर बढ़ाया हौसला

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को अचानक पुलिस लाइन देहरादून पहुंचे। जहां उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबल को संबोधित किया। उन्होंने युवा कांस्टेबल का उत्साहवर्धन करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने पर जोर दिया।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां अक्सर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक है। उन्होंने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जनता के साथ समन्वय बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पुलिस लाइन देहरादून में प्रशिक्षण दे रहे पुलिस कांस्टेबलों को संबोधित किया। उन्होंने युवा कांस्टेबलों का उत्साहवर्धन करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने पर ट्रैफिक व्यवस्था के सुधार पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक है। उन्होंने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जनता के साथ समन्वय बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कांस्टेबलों को आधुनिक प्रशिक्षण ग्रहण कर जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

 

सीएम धामी ने किया ” दून बुक फेस्टिवल-2026″ का शुभारंभ:  गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का किया विमोचन 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल-2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाये गये स्टॉल का अवलोकन और गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 9 दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सत्रों, संवाद कार्यक्रमों, पुस्तक परिचर्चाओं तथा “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए स्थापित “चिल्ड्रेन पवेलियन” को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि की इस पावन भूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति एवं सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” तथा अन्य पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में साहित्य ग्रामों की स्थापना की जा रही है, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सकेगा तथा उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर उपहार स्वरूप पुस्तकों एवं पौधों को प्रोत्साहित करें, जिससे समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश की साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिन्द मराठी, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक, देवभूमि उत्तराखण्ड युनवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल मौजूद थे।