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30 मई तक राशन कार्ड की ई-केवाईसी अनिवार्य:  “मेरा ई-केवाईसी” ऐप से घर बैठे पूरी करें प्रक्रिया

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देहरादून ।  राज्य सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। सभी यूनिट धारकों को 30 मई तक हर हाल में अपनी ई-केवाईसी पूर्ण कराने को कहा गया है, ताकि भविष्य में राशन प्राप्ति में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सरकार द्वारा नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर के माध्यम से “मेरा ई-केवाईसी” ऐप तैयार किया गया है। इस ऐप की मदद से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असहाय राशन कार्ड धारक घर बैठे ही अपनी ई-केवाईसी आसानी से पूरी कर सकते हैं। ऐप में आधार संख्या, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी और फेस रिकॉग्निशन के जरिए सरल प्रक्रिया अपनाई गई है।

आंकड़ों के अनुसार, सफेद राशन कार्ड धारकों में 72 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। कुल 9,58,624 धारकों में से 6,91,086 लाभार्थियों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं, पीले राशन कार्ड धारकों में अब तक 40 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरी हुई है। कुल 5,03,316 में से 1,98,241 धारकों ने अपनी ई-केवाईसी कराई है।

जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि “मेरा ई-केवाईसी” ऐप के माध्यम से छूटे हुए लाभार्थी भी आसानी से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विशेष रूप से जो लोग राशन की दुकान तक पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह ऐप काफी उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने सभी राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण कर लें, ताकि उन्हें सरकारी खाद्यान्न का लाभ निरंतर मिलता रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

मसूरी की लाइफलाइन बनेगा आधुनिक सेतु: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य के दिए निर्देश

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देहरादून-मसूरी मार्ग पर नए डबल लेन पुल का शिलान्यास, 12.17 करोड़ से होगा निर्माण

देहरादून।
देहरादून-मसूरी मोटर मार्ग पर यातायात सुविधा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को शिव मंदिर के निकट क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नए स्थायी डबल लेन पुल निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। लगभग 12 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा।

इस अवसर पर मंत्री ने सेतु निर्माण को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून-मसूरी मार्ग पर्यटन और स्थानीय आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा यह पुल मसूरी की लाइफलाइन के रूप में कार्य करता है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

*आपदा में क्षतिग्रस्त हुआ था पुराना पुल*
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में आई आपदा के दौरान इस स्थान का पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद आवागमन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक रूप से वैली ब्रिज का निर्माण किया गया, जो वर्तमान में संचालित है।

*60 मीटर स्पान का होगा आधुनिक पुल*
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि राज्य योजना के अंतर्गत देहरादूनदृमसूरी राज्य मार्ग संख्या-1 के किमी 18 पर 60 मीटर स्पान का डबल लेन स्टील बॉक्स सेतु बनाया जाएगा। परियोजना में पाइल फाउंडेशन, आरसीसी एबटमेंट, स्टील गर्डर संरचना, 7.50 मीटर चौड़ा टू-लेन कैरिजवे, दोनों ओर 3-3 मीटर फुटपाथ, रेलिंग और क्रैश बैरियर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल होंगी।

परियोजना की कुल लागत 12.17 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है और निर्माण कार्य 21 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

*जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग रहे मौजूद*
शिलान्यास कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, रजत अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ज्योति कोटिया, सुन्दर सिंह कोठाल, वंदना बिष्ट, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

ऋषिकुल, हरिद्वार में श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को दिया जाएगा विश्वस्तरीय स्वरूप : सीएम धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर ऋषिकुल, हरिद्वार में श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में संस्थान को भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल आस्था और अध्यात्म की भूमि नहीं, बल्कि ऋषियों, ज्ञान और वैज्ञानिक चिंतन की भी भूमि रही है। ऋषिकुल, हरिद्वार में इस महत्वपूर्ण संस्थान को नई पहचान देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए। कुंभ शुरू होने से पहले यह कार्य पूर्ण किया जाए। पर्यटन विभाग इसमें नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव श्री आर.के.सुधांशु को निर्देश दिये कि इस संस्थान के कार्यों की नियमित प्रगति के लिए संबंधित विभागीय सचिवों के साथ पाक्षिक बैठकें की जाएं। इसमें विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के सभी जनपदों की लोक कला पर आधारित गतिविधियां भी इसमें शामिल की जाएं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान में वैदिक गणित, वेदों में निहित विज्ञान, उपनिषदों का दर्शन, भारतीय तर्कशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान तथा जीवन मूल्यों पर आधारित शोध और अध्ययन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य, दशमलव प्रणाली, बीजगणित और त्रिकोणमिति जैसे महत्वपूर्ण गणितीय सिद्धांत दिए हैं। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर जैसे महान विद्वानों के योगदान को शोध और शिक्षा से जोड़ा जाए। बैठक में संस्थान में खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारत में धातु विज्ञान, जल प्रबंधन, जैविक खेती और मौसम आधारित कृषि ज्ञान अत्यंत विकसित था, जिसे आधुनिक अनुसंधान से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में वेदों और उपनिषदों में वर्णित नैतिक शिक्षा, अनुशासन, कर्तव्यबोध और मानवीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है। यह संस्थान शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण का भी केंद्र बने। उन्होंने कहा कि संस्थान में डिजिटल पांडुलिपि संरक्षण केंद्र, आधुनिक पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं, संगोष्ठी केंद्र, ई-लर्निंग सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाए।

बैठक के दौरान संस्थान में भारतीय विद्या शाखाओं के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्यटन, आयुर्वेद ज्योतिष और योग शिक्षा के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि ज्ञान, योग, ध्यान और भारतीय अध्यात्म की समृद्ध परंपराओं को संस्थान में वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित किया जायेगा। जिसमें शैक्षणिक क्षेत्र के श्रुति केन्द्र में वेद, उपनिषद और शास्त्रीय ज्ञान की परंपरा, दर्शन केन्द्र में भारतीय दर्शन और चेतना के गहन विचार, आयु केन्द्र में आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य विज्ञान के माध्यम से जीवन का संतुलन, विज्ञान केन्द्र में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और पारंपरिक विज्ञान की विरासत और कला केन्द्र में भारतीय कला, संस्कृति एवं सौन्दर्य परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में विकसित किया जायेगा।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के.सुधांशु, डाॅ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव श्री धीराज गर्ब्याल, श्री दीपक कुमार,डाॅ. आर. राजेश कुमार, श्रीमती रंजना राजगुरू, उपाध्यक्ष हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण श्रीमती सोनिका, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित मौजूद थे।

 

सीएम धामी एवं खेल मंत्री ने लांच की उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की जर्सी

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आइस रिंक जीर्णोद्धार का 1 साल पूरा होने पर भव्य कार्यक्रम आयोजित: सीएम धामी हुए शामिल

खेल सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया हिमाद्री आइस रिंक: खेल मंत्री रेखा आर्या

देहरादून। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आइस रिंक के जीर्णोद्धार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आइस हॉकी मैच सहित विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की आइस हॉकी टीम की नई जर्सी और आइस स्पोर्ट्स से संबंधित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अवसंरचना के विकास से उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि एक वर्ष पूर्व शुरू किया गया “आइस ब्रेकिंग मूवमेंट” आज पूरी तरह सफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि यह आइस रिंक अब केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के सपनों को साकार करने का मजबूत मंच बन चुका है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पिछले एक वर्ष में हजारों बच्चों ने यहाँ आकर आइस स्पोर्ट्स को सीखा और अपने करियर की नई दिशा तय की है। प्रदेश के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। खेल मंत्री ने कहा कि यह आइस रिंक, जो कभी उपेक्षा का शिकार था, आज प्रदेश की खेल शक्ति का प्रतीक बन गया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के समर्पण और सरकार की खेलोन्मुख नीतियों को दिया।

इस अवसर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।

 

उपलब्धि: SGRR के छात्र दिगम्बर ने मिक्स मार्शल आर्ट में इंडोनेशिया के अंगा को पराजित कर मेडल जीता

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विश्व मंच पर चमका एसजीआरआर का सितारा दिगम्बर की एमएमए में खिताबी जीत

दिगम्बर और अमिन्दर एसजीआरआर पब्लिक स्कूल के पूर्व छात्र
ऽ उत्तराखण्ड की प्रतिभा को देश दुनिया में दिला रहे पहचान
देहरादून। श्री गुरु राम राय (एसजीआरआर) ग्रुप के पूर्व छात्र दिगम्बर सिंह रावत और अमिन्दर सिंह बिष्ट ने अपनी प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है। हाल ही में नोएडा में आयोजित मिक्स मार्शल आर्ट (एमएमए) प्रतियोगिता में दिगम्बर सिंह रावत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया के खिलाड़ी अंगा को पराजित कर खिताब अपने नाम किया।
मंगलवार को दिगम्बर सिंह रावत और अमिन्दर सिंह बिष्ट ने दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने दोनों खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और दिगम्बर को मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
दिगम्बर और अमिन्दर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, कर्णप्रयाग और आदिबदरी से प्राप्त की है। अब दोनों उच्च शिक्षा के लिए श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने जा रहे हैं।
गौरतलब है कि दिगम्बर सिंह रावत और अमिन्दर सिंह बिष्ट मिक्स मार्शल आर्ट में पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। दिगम्बर ने हालिया प्रतियोगिता में 70 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 10 देशों के 28 खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा में खिताबी जीत दर्ज की।
दिगम्बर की इस उपलब्धि से एसजीआरआर ग्रुप के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। दोनों खिलाड़ी भविष्य में अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (यूएफसी) में खिताब जीतने का सपना संजोए हुए हैं और इसके लिए निरंतर कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

 

उपलब्धि: श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में जटिल हृदय रोग पर हासिल की बड़ी जीत

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टवी तकनीक से बिना हार्ट सर्जरी किए हार्ट पेशेंट को मिला नया जीवन

देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग ने एक बेहद जटिल और हाई-रिस्क हृदय रोगी का आधुनिक टवी (ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन) तकनीक के माध्यम से सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। 59 वर्षीय पुरुष मरीज गंभीर कैल्सिफिक एओर्टिक स्टेनोसिस और बहु-वाल्व जटिलताओं से पीड़ित था। पूर्व में उस पर ओपन-हार्ट सर्जरी का प्रयास किया गया था, लेकिन “पोर्सलीन एओर्टा” जैसी गंभीर स्थिति के कारण सर्जरी को बीच में ही रोकना पड़ा। इस स्थिति में एओर्टा की दीवार में अत्यधिक कैल्सीफिकेशन होने से सर्जरी के दौरान एओर्टा को क्लैम्प करना या उसमें हस्तक्षेप करना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाता है, जिससे स्ट्रोक और अन्य जटिलताओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। मरीज की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे “सर्जिकल टर्नडाउन” श्रेणी में रखा गया, जहां पारंपरिक सर्जरी संभव नहीं थी और ज्।टप् ही एकमात्र सुरक्षित एवं जीवनरक्षक विकल्प बचा था।
श्री महंत इन्दिरेश अस्प्ताल के काडिैयोलाॅजी विभाग के प्रमुख प्रो. डॉ. तनुज भाटिया के नेतृत्व में अनुभवी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। टीम में डॉ. अशोक जयंत (सीटीवीएस कार्डियक सर्जन), डॉ. हरि ओम खंडेलवाल (सीनियर कार्डियक एनेस्थेटिस्ट) सहित डॉ. जयकृत चैधरी, डॉ. मणिक, डॉ. पराग और डॉ. वसु शामिल रहे। इस जटिल प्रक्रिया में उन्नत इमेजिंग तकनीकों, प्रिसीजन-गाइडेड इंटरवेंशन और अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया, जिससे बिना छाती खोले सुरक्षित रूप से नया एओर्टिक वाल्व प्रत्यारोपित किया जा सका।
टवी तकनीक आधुनिक कार्डियोलॉजी में एक क्रांतिकारी उपचार पद्धति मानी जा रही है, जिसमें मरीज की छाती खोलकर बड़ी सर्जरी करने की आवश्यकता नहीं होती। इस प्रक्रिया में कैथेटर के माध्यम से शरीर की रक्त वाहिकाओं के जरिए हृदय तक पहुंचकर खराब वाल्व की जगह नया वाल्व लगाया जाता है। इससे न केवल सर्जरी का जोखिम कम होता है, बल्कि मरीज को कम दर्द, कम समय में रिकवरी और जल्दी सामान्य जीवन में लौटने का अवसर मिलता है।
डाॅ तनुज भाटिया के अनुसार, इस प्रकार के जटिल मामलों का सफल उपचार केवल आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से ही संभव नहीं होता, बल्कि इसके लिए उच्च स्तर की क्लिनिकल विशेषज्ञता, टीमवर्क और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी अत्यंत आवश्यक होता है। यह सफलता न केवल अस्पताल की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र में संरचनात्मक हृदय रोगों के उपचार की बढ़ती क्षमता को भी उजागर करती है।

 

जनता दरबार में 163 शिकायतें दर्ज:  अधिकांश का मौके पर निस्तारण

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देवपुरम कॉलोनी के निकासी मार्ग पर अवैध निर्माण से सीवर बाधित, प्रशासन ने तत्काल तलब की रिपोर्ट

गीतांजलि एनक्लेव में लापरवाही पर सख्ती, विभागों को अधूरे कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश

संवेदनशील पहलः आर्थिक संकट के बीच इल्मा व मंजू की बेटियों की पढ़ाई को नंदा सुनंदा से मिलेगा सहारा

*पुत्र की बेरुखी, घर दिलाने के बाद भी बेदखल बुजुर्ग मां-बाप, भरण पोषण अधिनियम में वाद दर्ज*

*महिला उत्पीड़न मामले में प्रशासन सख्त, पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश,

*देहरादून ।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा की अध्यक्षता में जनसुनवाई/जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, मारपीट, अतिक्रमण, स्कूल फीस माफी, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 163 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

देवपुरम कॉलोनी के निवासियों ने सीवर लाइन के निकासी मार्ग पर अवैध निर्माण के कारण कार्य बाधित होने और बरसात में जलभराव की समस्या की शिकायत की। इस पर तहसीलदार को तत्काल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं गीतांजली एन्क्लेव के लोगों ने नाली निर्माण, गैस पाइपलाइन बिछाने के बाद गड्ढों के भरान, बिजली के पोल शिफ्टिंग और फुटपाथ निर्माण के अधूरे कार्यों से हो रही परेशानी रखी, जिस पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

भववंतपुर निवासी विधवा मंजू ममगाई ने बेटी की फीस माफी की गुहार लगाई, जिस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच कर ‘नंदा सुनंदा योजना’ के अंतर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। गांधी रोड निवासी इल्मा ने पति के लिवर ट्रांसप्लांट के कारण आर्थिक संकट बताते हुए बेटियों की फीस माफी की मांग की, जिस पर भी सहायता हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

ऋषिकेश निवासी दीपक बढ़ाई ने उत्तराखंड कोऑपरेटिव बैंक पर वित्तीय अनियमितता के झूठे आरोप लगाकर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। इस पर ओसी कलेक्ट्रेट और बैंक प्रबंधन को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। टिहरी बांध विस्थापित रायवाला निवासी शंकर दयाल ने असामाजिक तत्वों द्वारा पंचायत की सार्वजनिक सुविधाओं पर अतिक्रमण व पूर्व में किए गए कार्यो को ध्वस्त करने की शिकायत पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए।

घरेलू हिंसा के एक मामले में पूजा देवी ने पति व ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया। इस पर सीओ विकासनगर को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

एक अन्य मामले में 70 वर्षीय बुजुर्ग सावित्री प्रसाद डिमरी ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र को बंजारावाला में घर खरीद कर दिया था। उनके पुत्र ने वंजरावाला स्थित अपना घर बेचने के साथ उनसे भी धोखे से 20 लाख ठगे है। बेटे और बहू ने साजिश करके उन्हें राजेश्वरी विहार स्थित घर से भी बेदखल कर दिया है। अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कराते हुए मामले का विधिवत निस्तारण के निर्देश दिए।

इसके अलावा स्वयं सहायता समूह की कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर ने बैंक खाते से संबंधित अनियमितता, सैनिक मिंटू रावत ने जमीन विक्रय के नाम पर धोखाधड़ी तथा शकुन्तला देवी ने भूमि फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई। संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई में भूमि पैमाइश, खाता पृथक्करण, अवैध औद्योगिक गतिविधियों और नदी किनारे सुरक्षा कार्यों से जुड़े प्रकरण भी सामने आए, जिन पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है और सभी अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

जनता दरबार में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

DM Action: सब रजिस्टार कार्यालय विकासनगर में डीएम औचक निरीक्षण:  पुराने विलेख पत्र रजिस्टर जब्त

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औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय में मिले 2018, 2024, 2025 तक के मूल विलेख पत्र; विक्रय हेतु प्रतिबंधित भूमि की भी पाई रजिस्ट्री

*47 ए स्टांप चोरी के भी मिले मामले; सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पाई गई अनियमितताओं पर जिला प्रशासन द्वारा शासन को प्रेषित की जाएगी विस्तृत रिपोर्ट*

*पूर्ववर्ती तैनात सब रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान की भी सभी संदिग्ध गतिविधियों की होगी जांच*

*सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में डीएम की औचक निरीक्षण, गंभीर अनियमितताएं हुई उजागर ।*

देहरादून ।, जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में औचक निरीक्षण किया। डीएम की छापेमारी के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

जिलाधिकारी द्वारा आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, विकासनगर में औचक निरीक्षण/छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
औचक निरीक्षण के दौरान वर्ष 2018, 2024 एवं 2025 तक के मूल विलेख पत्र (Original Deed Registers) कार्यालय में संदिग्ध स्थिति में पाए गए, जिन्हें तत्काल कब्जे में लेते हुए जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि विक्रय हेतु प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्री किए जाने के मामले भी पाए गए हैं, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसके अतिरिक्त, जांच में धारा 47-ए के अंतर्गत स्टांप शुल्क की चोरी से संबंधित 47 प्रकरण भी चिन्हित किए गए हैं। यह वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला है, जिस पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही तथा प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन जैसी अन्य अनियमितताएं भी पाई गईं। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच करते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को प्रेषित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्तमान एवं पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान हुई समस्त गतिविधियों की गहन जांच की जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, डीजीसी नितिन वशिष्ठ, तहसीलदार विकास नगर विवेक राजौरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

CBDC  के जरिए अनुदान वितरण की शुरुआत:  पॉलीहाउस योजना में डिजिटल क्रांति

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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने लॉन्च की डिजिटल सब्सिडी प्रणाली

*देहरादून।
प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के अंतर्गत केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के माध्यम से अनुदान वितरण प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के खातों में प्रतीकात्मक रूप से डिजिटल भुगतान कर नई प्रणाली की शुरुआत की।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग ने नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस स्थापना योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की है।

उन्होंने जानकारी दी कि किसान “अपुणि सरकार” पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करेंगे। आवेदन की जांच और स्थल सत्यापन के बाद पात्र किसानों को सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे। पॉलीहाउस निर्माण पूर्ण होने और सत्यापन तक वाउचर की राशि ‘लॉक्ड स्टेटस’ में रहेगी, जबकि सत्यापन के उपरांत संबंधित फर्म या कंपनी के खाते में भुगतान किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने बताया कि 50 से 100 वर्गमीटर आकार के छोटे पॉलीहाउस के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के लिए 304.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिसे तीन किस्तों में सीबीडीसी वाउचर के माध्यम से वितरित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 25 फर्मों एवं कंपनियों का पंजीकरण किया गया है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी पंजीकृत फर्म के माध्यम से पॉलीहाउस का निर्माण करा सकते हैं। डिजिटल वॉलेट के जरिए सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से पहुंचेगी।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं का भुगतान भी सीबीडीसी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए, ताकि पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि ब्लॉक स्तर तक व्यापक प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं से जोड़ा जाए।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगी।

इस अवसर पर सचिव कृषि डा0 एसएन पांडेय, निदेशक उद्यान सुंदर लाल सेमवाल, आईटीडीए के निदेशक आलोक कुमार पाण्डेय, आरबीआई से अरविन्द कुमार, यूनियन बैंक के अर्चना शुक्ला, प्रांजल वाजपेयी, नाबार्ड के डीजीएम अभिनव कापड़ी, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डा0 रतन कुमार, महेन्द्र पाल, नरेन्द्र यादव, कैप निदेशक नृपेन्द्र चौहान सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण एवं किसान उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

DM ने स्वंय सहायता समूहों के उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश 

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महिला स्वयं सहायता को समूहों को उपलब्ध कराया जाएगा आनलाईन बाजार; गूगल मैप्स पर पंजीकरण के डीएम ने दिए निर्देश

स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता व विपणन पर जोर

देहरादून । जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज कालसी क्षेत्रान्तर्गत विकास महिला हरिपुर सीएलएफ कोल्ड प्रेस्ड ऑयल यूनिट, कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर, अमृत सरोवर (धोईरा) एवं कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वंय सहायता समूहों द्वारा उत्पादन किये जा रहे उत्पाद की उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता के साथ ही  महिलाओं की आजीविका से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।  उन्होंने निर्देश दिए कि समूहों द्वारा संचालित इकाइयों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने हेतु उन्हें गूगल मैप्स पर एनरोल कराया जाए, जिससे उत्पादों की पहुंच व्यापक स्तर पर सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने  कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर का भ्रमण कर औद्योगिक एवं स्वरोजगार गतिविधियों की प्रगति का आकलन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कालसी ग्रोथ सेंटर की पानी की किल्लत निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। हरिपुर कालसी में विकास महिला हरिपुर सीएलएफ के तेल उत्पाद कोल्डप्रेस होने के साथ ही स्वास्थ्य वर्धक है। वहीं कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर एप्पल जैम, चटनी, अदरक कैंडी के उप्पाद तैयार किए जाते है। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादन हेतु उचित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अमृत सरोवर (धोईरा) का निरीक्षण कर रखरखाव, जल संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मत्स्य विभाग को निर्देशित किया कि  स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, सरोवर के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के साथ ही तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह सरोवर मनरेगा के तहत निर्मित है और लगभग 07 माह पूर्व महिला समूह को हस्तांतरित किया गया है, जहां प्राकृतिक तरीके से मत्स्य पालन किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं एवं इकाइयों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए तथा स्थानीय लोगों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए प्रयास तेज किए जाएं। निरीक्षण के दौरान निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक एवं स्वयंसहायता समूह के सदस्य उपस्थित रहे।
कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण, पशुपालन व्यवस्थाओं का निरीक्षण
जिलाधिकारी सविन बसंल ने कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण कर दुग्ध उत्पादन, पशुपालन व्यवस्थाओं एवं स्थानीय रोजगार की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने परिसर में पौध रोपण भी किया।  उन्होंने पशुओं के बाड़ों का निरीक्षण कर उपचार सुविधाओं की जानकारी ली। परिसर में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन का अवलोकन करते हुए उन्होंने मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन हेतु किए गए आवेदन पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को समन्वय करने के निर्देश दिए। पशु प्रजनन फार्म कालसी उत्कृष्टता केंद्र के रूप में पहचान वर्ष 1962 में स्थापित पशु प्रजनन फार्म, कालसी एक महत्वपूर्ण सरकारी केंद्र है, जहां रेड सिंधी एवं जर्सी नस्ल की गायों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। यह केंद्र उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड के अंतर्गत संचालित है तथा भ्रूण प्रत्यारोपण  (Embryo Transfer) तकनीक के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यहां शुद्ध नस्ल के सांडों का उत्पादन एवं वितरण कर स्थानीय पशुधन की नस्ल सुधार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही वर्ष 2010 से संचालित चारा बैंक किसानों को राहत सामग्री एवं विशेष पशु आहार उपलब्ध करा रहा है। निरीक्षण के दौरान निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, डॉ अजय असवाल सहित सम्बन्धित अधिकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।