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जनता दरबार में 163 शिकायतें दर्ज:  अधिकांश का मौके पर निस्तारण

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देवपुरम कॉलोनी के निकासी मार्ग पर अवैध निर्माण से सीवर बाधित, प्रशासन ने तत्काल तलब की रिपोर्ट

गीतांजलि एनक्लेव में लापरवाही पर सख्ती, विभागों को अधूरे कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश

संवेदनशील पहलः आर्थिक संकट के बीच इल्मा व मंजू की बेटियों की पढ़ाई को नंदा सुनंदा से मिलेगा सहारा

*पुत्र की बेरुखी, घर दिलाने के बाद भी बेदखल बुजुर्ग मां-बाप, भरण पोषण अधिनियम में वाद दर्ज*

*महिला उत्पीड़न मामले में प्रशासन सख्त, पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश,

*देहरादून ।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा की अध्यक्षता में जनसुनवाई/जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, मारपीट, अतिक्रमण, स्कूल फीस माफी, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 163 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

देवपुरम कॉलोनी के निवासियों ने सीवर लाइन के निकासी मार्ग पर अवैध निर्माण के कारण कार्य बाधित होने और बरसात में जलभराव की समस्या की शिकायत की। इस पर तहसीलदार को तत्काल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं गीतांजली एन्क्लेव के लोगों ने नाली निर्माण, गैस पाइपलाइन बिछाने के बाद गड्ढों के भरान, बिजली के पोल शिफ्टिंग और फुटपाथ निर्माण के अधूरे कार्यों से हो रही परेशानी रखी, जिस पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

भववंतपुर निवासी विधवा मंजू ममगाई ने बेटी की फीस माफी की गुहार लगाई, जिस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच कर ‘नंदा सुनंदा योजना’ के अंतर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। गांधी रोड निवासी इल्मा ने पति के लिवर ट्रांसप्लांट के कारण आर्थिक संकट बताते हुए बेटियों की फीस माफी की मांग की, जिस पर भी सहायता हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

ऋषिकेश निवासी दीपक बढ़ाई ने उत्तराखंड कोऑपरेटिव बैंक पर वित्तीय अनियमितता के झूठे आरोप लगाकर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। इस पर ओसी कलेक्ट्रेट और बैंक प्रबंधन को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। टिहरी बांध विस्थापित रायवाला निवासी शंकर दयाल ने असामाजिक तत्वों द्वारा पंचायत की सार्वजनिक सुविधाओं पर अतिक्रमण व पूर्व में किए गए कार्यो को ध्वस्त करने की शिकायत पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए।

घरेलू हिंसा के एक मामले में पूजा देवी ने पति व ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया। इस पर सीओ विकासनगर को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

एक अन्य मामले में 70 वर्षीय बुजुर्ग सावित्री प्रसाद डिमरी ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र को बंजारावाला में घर खरीद कर दिया था। उनके पुत्र ने वंजरावाला स्थित अपना घर बेचने के साथ उनसे भी धोखे से 20 लाख ठगे है। बेटे और बहू ने साजिश करके उन्हें राजेश्वरी विहार स्थित घर से भी बेदखल कर दिया है। अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कराते हुए मामले का विधिवत निस्तारण के निर्देश दिए।

इसके अलावा स्वयं सहायता समूह की कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर ने बैंक खाते से संबंधित अनियमितता, सैनिक मिंटू रावत ने जमीन विक्रय के नाम पर धोखाधड़ी तथा शकुन्तला देवी ने भूमि फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई। संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई में भूमि पैमाइश, खाता पृथक्करण, अवैध औद्योगिक गतिविधियों और नदी किनारे सुरक्षा कार्यों से जुड़े प्रकरण भी सामने आए, जिन पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है और सभी अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

जनता दरबार में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

DM Action: सब रजिस्टार कार्यालय विकासनगर में डीएम औचक निरीक्षण:  पुराने विलेख पत्र रजिस्टर जब्त

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औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय में मिले 2018, 2024, 2025 तक के मूल विलेख पत्र; विक्रय हेतु प्रतिबंधित भूमि की भी पाई रजिस्ट्री

*47 ए स्टांप चोरी के भी मिले मामले; सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पाई गई अनियमितताओं पर जिला प्रशासन द्वारा शासन को प्रेषित की जाएगी विस्तृत रिपोर्ट*

*पूर्ववर्ती तैनात सब रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान की भी सभी संदिग्ध गतिविधियों की होगी जांच*

*सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में डीएम की औचक निरीक्षण, गंभीर अनियमितताएं हुई उजागर ।*

देहरादून ।, जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में औचक निरीक्षण किया। डीएम की छापेमारी के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

जिलाधिकारी द्वारा आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, विकासनगर में औचक निरीक्षण/छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
औचक निरीक्षण के दौरान वर्ष 2018, 2024 एवं 2025 तक के मूल विलेख पत्र (Original Deed Registers) कार्यालय में संदिग्ध स्थिति में पाए गए, जिन्हें तत्काल कब्जे में लेते हुए जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि विक्रय हेतु प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्री किए जाने के मामले भी पाए गए हैं, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसके अतिरिक्त, जांच में धारा 47-ए के अंतर्गत स्टांप शुल्क की चोरी से संबंधित 47 प्रकरण भी चिन्हित किए गए हैं। यह वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला है, जिस पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही तथा प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन जैसी अन्य अनियमितताएं भी पाई गईं। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच करते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को प्रेषित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्तमान एवं पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान हुई समस्त गतिविधियों की गहन जांच की जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, डीजीसी नितिन वशिष्ठ, तहसीलदार विकास नगर विवेक राजौरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

CBDC  के जरिए अनुदान वितरण की शुरुआत:  पॉलीहाउस योजना में डिजिटल क्रांति

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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने लॉन्च की डिजिटल सब्सिडी प्रणाली

*देहरादून।
प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के अंतर्गत केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के माध्यम से अनुदान वितरण प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के खातों में प्रतीकात्मक रूप से डिजिटल भुगतान कर नई प्रणाली की शुरुआत की।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग ने नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस स्थापना योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की है।

उन्होंने जानकारी दी कि किसान “अपुणि सरकार” पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करेंगे। आवेदन की जांच और स्थल सत्यापन के बाद पात्र किसानों को सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे। पॉलीहाउस निर्माण पूर्ण होने और सत्यापन तक वाउचर की राशि ‘लॉक्ड स्टेटस’ में रहेगी, जबकि सत्यापन के उपरांत संबंधित फर्म या कंपनी के खाते में भुगतान किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने बताया कि 50 से 100 वर्गमीटर आकार के छोटे पॉलीहाउस के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के लिए 304.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिसे तीन किस्तों में सीबीडीसी वाउचर के माध्यम से वितरित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 25 फर्मों एवं कंपनियों का पंजीकरण किया गया है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी पंजीकृत फर्म के माध्यम से पॉलीहाउस का निर्माण करा सकते हैं। डिजिटल वॉलेट के जरिए सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से पहुंचेगी।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं का भुगतान भी सीबीडीसी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए, ताकि पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि ब्लॉक स्तर तक व्यापक प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं से जोड़ा जाए।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगी।

इस अवसर पर सचिव कृषि डा0 एसएन पांडेय, निदेशक उद्यान सुंदर लाल सेमवाल, आईटीडीए के निदेशक आलोक कुमार पाण्डेय, आरबीआई से अरविन्द कुमार, यूनियन बैंक के अर्चना शुक्ला, प्रांजल वाजपेयी, नाबार्ड के डीजीएम अभिनव कापड़ी, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डा0 रतन कुमार, महेन्द्र पाल, नरेन्द्र यादव, कैप निदेशक नृपेन्द्र चौहान सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण एवं किसान उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

DM ने स्वंय सहायता समूहों के उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश 

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महिला स्वयं सहायता को समूहों को उपलब्ध कराया जाएगा आनलाईन बाजार; गूगल मैप्स पर पंजीकरण के डीएम ने दिए निर्देश

स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता व विपणन पर जोर

देहरादून । जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज कालसी क्षेत्रान्तर्गत विकास महिला हरिपुर सीएलएफ कोल्ड प्रेस्ड ऑयल यूनिट, कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर, अमृत सरोवर (धोईरा) एवं कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वंय सहायता समूहों द्वारा उत्पादन किये जा रहे उत्पाद की उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता के साथ ही  महिलाओं की आजीविका से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।  उन्होंने निर्देश दिए कि समूहों द्वारा संचालित इकाइयों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने हेतु उन्हें गूगल मैप्स पर एनरोल कराया जाए, जिससे उत्पादों की पहुंच व्यापक स्तर पर सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने  कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर का भ्रमण कर औद्योगिक एवं स्वरोजगार गतिविधियों की प्रगति का आकलन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कालसी ग्रोथ सेंटर की पानी की किल्लत निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। हरिपुर कालसी में विकास महिला हरिपुर सीएलएफ के तेल उत्पाद कोल्डप्रेस होने के साथ ही स्वास्थ्य वर्धक है। वहीं कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर एप्पल जैम, चटनी, अदरक कैंडी के उप्पाद तैयार किए जाते है। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादन हेतु उचित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अमृत सरोवर (धोईरा) का निरीक्षण कर रखरखाव, जल संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मत्स्य विभाग को निर्देशित किया कि  स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, सरोवर के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के साथ ही तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह सरोवर मनरेगा के तहत निर्मित है और लगभग 07 माह पूर्व महिला समूह को हस्तांतरित किया गया है, जहां प्राकृतिक तरीके से मत्स्य पालन किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं एवं इकाइयों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए तथा स्थानीय लोगों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए प्रयास तेज किए जाएं। निरीक्षण के दौरान निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सम्बन्धित अधिकारी कार्मिक एवं स्वयंसहायता समूह के सदस्य उपस्थित रहे।
कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण, पशुपालन व्यवस्थाओं का निरीक्षण
जिलाधिकारी सविन बसंल ने कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण कर दुग्ध उत्पादन, पशुपालन व्यवस्थाओं एवं स्थानीय रोजगार की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने परिसर में पौध रोपण भी किया।  उन्होंने पशुओं के बाड़ों का निरीक्षण कर उपचार सुविधाओं की जानकारी ली। परिसर में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन का अवलोकन करते हुए उन्होंने मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन हेतु किए गए आवेदन पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को समन्वय करने के निर्देश दिए। पशु प्रजनन फार्म कालसी उत्कृष्टता केंद्र के रूप में पहचान वर्ष 1962 में स्थापित पशु प्रजनन फार्म, कालसी एक महत्वपूर्ण सरकारी केंद्र है, जहां रेड सिंधी एवं जर्सी नस्ल की गायों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। यह केंद्र उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड के अंतर्गत संचालित है तथा भ्रूण प्रत्यारोपण  (Embryo Transfer) तकनीक के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यहां शुद्ध नस्ल के सांडों का उत्पादन एवं वितरण कर स्थानीय पशुधन की नस्ल सुधार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही वर्ष 2010 से संचालित चारा बैंक किसानों को राहत सामग्री एवं विशेष पशु आहार उपलब्ध करा रहा है। निरीक्षण के दौरान निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, डॉ अजय असवाल सहित सम्बन्धित अधिकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

 

हरिद्वार एवं देहरादून के दो अत्यंत संवेदनशील मामलों पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान 

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बच्चों के अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा सर्वोपरि : डॉ गीता खन्ना

देहरादून। उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने हरिद्वार एवं देहरादून में सामने आए दो अत्यंत संवेदनशील मामलों पर गंभीर संज्ञान लिया है और संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से विस्तृत आख्या (रिपोर्ट) तलब की है।

पहला मामला हरिद्वार जनपद के खानपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म से संबंधित है, जिसमें पुलिस की कथित लापरवाही भी प्रकाश में आई है। आयोग ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीर मानते हुए निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम सहित सभी प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अनुरूप त्वरित एवं संवेदनशील तरीके से की जाए। आयोग ने घटना की पूरी समय-रेखा, आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई, संबंधित पुलिस कर्मियों पर की गई विभागीय कार्यवाही तथा पीड़िता एवं उसके परिवार की सुरक्षा संबंधी उठाए गए कदमों की जानकारी 7 दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि पीड़ित बालिका को मनोवैज्ञानिक परामर्श, समुचित चिकित्सीय उपचार, ट्रॉमा सपोर्ट, विधिक सहायता एवं प्रभावी पुनर्वास की सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।

दूसरा मामला देहरादून के राजपुर क्षेत्र में एक छात्रावास में रह रहे 17 वर्षीय किशोर (मूल निवासी झारखंड) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु से संबंधित है। किशोर एनडीए परीक्षा की तैयारी हेतु देहरादून आया था। आयोग ने इस घटना को भी गंभीरता से लेते हुए मृत्यु के कारणों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ, तथा अन्य बच्चों की सुरक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी 3 दिवस के भीतर मांगी है।

डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि दोनों ही मामलों में बच्चों के अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी प्रकरणों में किशोर न्याय अधिनियम, POCSO अधिनियम एवं पीड़ित प्रतिकर योजनाओं के प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।

 

बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर गरजे सीएम धामी: लगाई फटकार

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घोषणाओं के कार्यों से सम्बंधित के शिलापट्ट न लगाने पर जिलाधिकारी होंगे जिम्मेदार

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के बिना तैयारी के उपस्थित होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इस प्रकार की बैठकों में बिना पूरी तैयारी के आना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में सभी अधिकारी पूर्ण तैयारी और तथ्यात्मक जानकारी के साथ ही बैठक में उपस्थित हों।

मुख्यमंत्री ने विभागों एवं अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय और संवाद की कमी पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई मामलों में विभागीय तालमेल के अभाव के कारण विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हो रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं की एक बार पुनः गहन समीक्षा करने के कड़े निर्देश दिए।धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय हैं और जनता से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने निर्देश दिए कि किस विभाग में कितने प्रतिशत घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं और कितनी लंबित हैं, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए।मुख्यमंत्री ने सभी लंबित घोषणाओं के संबंध में 15 जून तक शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन कार्यों के शासनादेश जारी हो चुके हैं, उन पर तत्काल कार्य प्रारंभ सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि कई स्थानों पर घोषणाओं के अनुरूप कार्य प्रारंभ होने के बावजूद शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित कार्यस्थलों पर शिलापट्ट लगाना सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित जिलाधिकारी इसकी जिम्मेदारी तय करेंगे।मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जो विषय जिला स्तर पर हल हो सकते हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रखना उचित नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस स्तर पर कार्य लंबित है, उसी स्तर पर उसका तत्काल समाधान किया जाए।मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों को निर्देश दिए कि 15 जून से पहले सभी लंबित घोषणाओं की पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाए और प्रत्येक कार्य की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की जाए।इसके उपरांत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जनपद के विधानसभा क्षेत्र सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर एवं जागेश्वर से संबंधित विभिन्न विकास घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से किए गए सभी वादों और घोषणाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाए तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं पर शासनादेश जारी हो चुके हैं, उनके कार्यों में तेजी लाई जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।समीक्षा के दौरान विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर की कुल 90 घोषणाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इनमें बड़ी संख्या में घोषणाओं पर शासनादेश जारी किए जा चुके हैं तथा अनेक कार्यों पर तेजी से कार्यवाही चल रही है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पेयजल, सिंचाई, चिकित्सा-स्वास्थ्य, विद्यालयी शिक्षा, ऊर्जा, कृषि एवं कृषक कल्याण सहित विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित मामलों में शीघ्र प्रगति लाने के निर्देश दिए। विधानसभा क्षेत्र सल्ट की कुल 69 घोषणाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अनेक घोषणाओं पर शासनादेश जारी कर कार्य प्रारंभ किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने धर्मस्व, ग्राम्य विकास, चिकित्सा-स्वास्थ्य, पर्यटन, लोक निर्माण, शिक्षा एवं शहरी विकास से जुड़े लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।विधानसभा क्षेत्र रानीखेत की कुल 33 घोषणाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, पर्यटन, सिंचाई, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाएं स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपूर्ण एवं लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

वहीं विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर की कुल 48 घोषणाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन, पेयजल, युवा कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, आवास और धार्मिक महत्व की योजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जागेश्वर क्षेत्र धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां की विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जाए।मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ प्रदेश के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा का उद्देश्य यही है कि आम जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिले और उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करे।बैठक में कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधायक सल्ट, रानीखेत एवं जागेश्वर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव तथा संबंधित जिलों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

आयुक्त गढ़वाल ने केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की की व्यापक समीक्षा: अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

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स्वच्छता, सुरक्षा एवं पारदर्शिता पर विशेष जोर, भ्रामक खबरों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश तय

आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय तथा आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप द्वारा आज रुद्रप्रयाग पहुंचकर केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में यात्रा व्यवस्था नोडल अधिकारियों, संबंधित विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ जिला कार्यालय सभागार रुद्रप्रयाग में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गढ़वाल आयुक्त द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने गढ़वाल आयुक्त महोदय को अब तक की यात्रा संचालन स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं। 31 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 11 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेली सेवाओं का उपयोग किया है। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा घोड़ा-खच्चर एवं डंडी-कंडी के माध्यम से यात्रा की गई है। उन्होंने बताया कि यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, सभी अस्पताल पूर्णतः क्रियाशील हैं तथा म्यूल टास्क फोर्स तैनात है। 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण एवं बीमा किया गया है। निर्धारित मानकों के उल्लंघन पर ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा रही है तथा अतिक्रमण वाले डेरे हटाए गए हैं। पशु चिकित्सालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रेंडम चेकिंग भी कराई जा रही है। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था की गई है तथा गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड पर महिला एवं पुरुषों के लिए चेंजिंग रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त विद्युत, पेयजल, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट एवं शटल सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर द्वारा यात्रा रूट प्लान, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग एवं आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। गढ़वाल आयुक्त ने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, कार्मिकों की पर्याप्त तैनाती, सफाई सामग्री एवं पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से शौचालयों की रेंडम चेकिंग कराने के निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा से संबंधित भ्रामक खबरों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागों को तत्काल अपना पक्ष जारी करने के निर्देश दिए, ताकि अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। हेली सेवाओं में टिकटों का निर्धारित दरों पर ही विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि यदि मनमाने तरीके से टिकट बिक्री या वसूली की शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोनप्रयाग में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ नियंत्रण हेतु विशेष प्लान लागू करने के निर्देश भी दिए गए। धाम क्षेत्र में फायर ऑडिट कराने तथा सभी आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनप्रतिनिधियों से भी लिए सुझाव: आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर केदारनाथ धाम यात्रा के सुगम संचालन के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने यात्रा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए तुना-बौंठा मोटर मार्ग के डामरीकरण, तुंगनाथ-चोपता में पार्किंग निर्माण, शौचालय व्यवस्था तथा प्रमुख मंदिर मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने की मांग रखी। जिलाधिकारी द्वारा एक सप्ताह में साइन बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया गया।
जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर आयुक्त द्वारा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि उन्होंने ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया है, जिसमें अधिकांश स्थानों पर मार्ग की स्थिति संतोषजनक पाई गई है तथा आवश्यक स्थलों पर सुधार हेतु निर्देश जारी किए गए हैं।
18 किलोमीटर पैदल मार्ग पर शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने हेतु हर समय सफाई कर्मियों एवं पर्यावरण मित्रों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। केदारनाथ धाम में अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद हेतु ₹5 लाख की धनराशि पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग को आवंटित की गई है।
सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 4:00 बजे तक यात्रा मार्ग पर यात्री वाहनों एवं पैदल आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल आवश्यक सामग्री के परिवहन को अनुमति दी जाएगी तथा उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि पुलिस एवं सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वे सोनप्रयाग एवं गौरीकुंड का स्थलीय निरीक्षण करेंगे तथा यात्रियों से संवाद स्थापित करेंगे। मौसम अनुकूल होने पर केदारनाथ धाम तक पैदल निरीक्षण भी प्रस्तावित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मौसम की प्रतिकूलता के कारण हेली सेवाओं में आ रही बाधाओं का संज्ञान लेते हुए हेली कंपनियों को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि यात्रा मार्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो आवश्यकतानुसार यात्रा को रोका जा सकता है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को परिस्थिति के अनुसार 2-3 घंटे के लिए यात्रा रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आज भी यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सुरक्षित एवं सुगम यात्रा संचालन सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं।
बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, अगस्तमुनि ब्लॉक प्रमुख भुवनेश्वरी देवी, जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन कांडपाल, नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता एनएच ओंकार पांडे, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, सुलभ इंटरनेशनल से धनंजय पाठक, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, अधिशासी अभियंता डीडीएमए राजविंद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Action: ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का बड़ा एक्शन: बहुमंजिला इमारत सील, अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप

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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम ऋषिकेश के निर्देशों पर हरिद्वार रोड स्थित एक बहुमंजिला अवैध निर्माण को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है और प्राधिकरण ने साफ संकेत दे दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

एमडीडीए द्वारा 4 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऋषिकेश क्षेत्र में हरिद्वार रोड पर पेट्रोल पंप के निकट रिया अरोड़ा और गोपाल सती द्वारा किए जा रहे बहुमंजिला अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।कार्रवाई एसडीएम ऋषिकेश के आदेशों के अनुपालन में की गई, जिसमें प्रशासन और प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। इस दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, तहसीलदार संदीप नेगी, अवर अभियंता पूनम और अमित भारद्वाज के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई। एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले भी कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन नियमों की अनदेखी जारी रहने पर अंततः सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी।

*अवैध निर्माण पर लगातार सख्ती*
एमडीडीए इन दिनों देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर सख्त अभियान चला रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना स्वीकृति के निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अन्य अवैध निर्माणकर्ताओं में भी डर का माहौल है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि विकास कार्यों में नियमों का पालन अनिवार्य है और उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

*एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही होने चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। तिवारी ने आम जनता से अपील की कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।

*एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माण की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई होगी। बर्निया ने कहा कि आमजन भी अवैध निर्माण की सूचना प्राधिकरण को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 

सतपुली में युवक की मौत पर भड़के कांग्रेसी: थानाध्यक्ष को हटाने की मांग पर अड़े

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कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का सतपुली थाने में प्रदर्श

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही एफआईआर दर्ज करने और परिजनों को मुआवजा देने की उठाई मांग
सतपुली। नगर के निकटवर्ती रैतपुर गांव के युवक की मौत के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार सुबह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में थाना सतपुली में एकत्र हुए कांग्रेसियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक धरना देकर आरोपी थानाध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
धरनास्थल पर हुई सभा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि युवक से थाने में मारपीट की गई। उसकी माता के सामने गाली गलौज से युवक इतना आहत हुआ कि उसे जीवनलीला समाप्त करनी पड़ी। पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के तत्काल बाद मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी राज्य सरकार से की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि पीएम रिपोर्ट में युवक द्वारा वीडियो में दिखाई गई चोटों का संज्ञान नहीं लिया जाता है तो कांग्रेस इस मामले में बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने शनिवार से ही सतपुली में डेरा डाले जांच अधिकारी एएसपी कोटद्वार मनोज ठाकुर से वार्ता कर जांच में सभी तथ्यों का संज्ञान लेकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजपाल बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख पोखड़ा संजय गुसाईं, जिला पंचायत सदस्य पूनम कैंत्यूरा, रघुवीर बिष्ट, कविंद्र इष्टवाल, सुंदरलाल मुयाल, सूरज प्रसाद कांति, विनोद दनोशी, जयदीप नेगी, अमित राज सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने
मृतक के परिजनों से की मुलाकात
सतपुली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने रविवार को रैतपुर गांव पहुंचकर मृतक युवक के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन मृतक की मां-बहनों को दिया। वहीं मामले की जांच कर रहे एएसपी कोटद्वार मनोज ठाकुर ने शनिवार से ही सतपुली में डेरा डाला हुआ है। घटनास्थल भिताड़ा पुल पर भी गए और विभिन्न तथ्यों का संज्ञान लिया। कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। इससे पहले पुल पर लगाए गए फंदे पर लटक कर जान देने वाले युवक पंकज की रविवार को गमगीन माहौल में रैतपुर स्थित पैतृक घाट पर अंत्येष्टि की गई। इस दौरान शासन-प्रशासन, पुलिस या किसी राजनीतिक दल का नुमाइंदा मौजूद नहीं था। महज 30-35 ग्रामीणों की मौजूदगी में युवक की अंत्येष्टि की गई।

 

प्रशासन अलर्ट, जनपदों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश: सोमवार और मंगलवार को भी आरेंज अलर्ट

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सचिव आपदा प्रबंधन ने लिया स्थिति का जायजा

 

देहरादून। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट एवं रविवार को राज्य के विभिन्न जनपदों में आए आंधी-तूफान और बारिश के बाद सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों के साथ बैठक कर स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में जनपदों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा सोमवार एवं मंगलवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसके मद्देनजर सभी जनपदों को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी जनपदों को निर्देश दिए कि मौसम से संबंधित सभी अलर्ट एवं सूचनाएं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से तत्काल आमजन तक पहुंचाई जाएं, ताकि समय रहते लोग सतर्क हो सकें।

उन्होंने बताया कि मौसम विभाग द्वारा दिनांक 04 मई, 2026 को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर एवं चम्पावत जनपदों के लिए तथा दिनांक 05 मई, 2026 को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस अवधि के दौरान आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, तेज वर्षा तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाधित सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि कुछ जनपदों में सड़कों के बाधित होने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिन्हें अधिकांशतः खोल दिया गया है तथा शेष मार्गों को भी जल्द से जल्द सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विशेष निर्देश दिए कि हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन पूरी तरह मौसम की स्थिति के अनुरूप ही किया जाए। प्रतिकूल मौसम की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न लेते हुए उड़ानों का संचालन स्थगित रखा जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने सभी जनपदों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए, आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, जिससे किसी भी संभावित आपदा के प्रभाव को कम किया जा सके।