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 पौड़ी में महिला उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई: अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दिए विभागीय तबादलों और जांच के आदेश

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योजनाओं की ग्राउंड लेवल पर हो मॉनिटरिंग; पात्र महिलाओं को मिले सरकारी लाभ : कुसुम कंडवाल

*पौड़ी में महिला आयोग की जनसुनवाई में 18 मामलों पर हुई कार्रवाई; महिला प्रधानाचार्य के जबरन उत्पीड़न पर खंड शिक्षा अधिकारी के ट्रांसफर के आदेश*

*​शराब पीकर अभद्र व्यवहार करने वाले नर्सिंग अधिकारी पर गिरी गाज; अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्टीकरण और स्थानांतरण के दिए निर्देश*

​पौड़ी गढ़वाल। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के दूसरे दिन आज जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास भवन सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। इस विशेष सत्र के दौरान कुल 18 गंभीर प्रकरणों पर विस्तार से सुनवाई की गई,जिसमें से 13 लिखित प्रार्थना पत्र व 5 टेलीफोनिक शिकायतों को सुना गया।

जिनमें से कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को आगामी कार्रवाई हेतु आयोग में समन के माध्यम से सूचीबद्ध किया गया और कुछ मामलों को त्वरित प्रशासनिक समाधान हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

जनसुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की एक महिला प्रधानाचार्य द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न और वेतन बाधित करने के आरोपों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष ने जिलाधिकारी स्तर पर जाँच कमेटी गठित करने और आरोपी अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए। इसी क्रम में, यमकेश्वर क्षेत्र से प्राप्त फोटो वायरल करने की शिकायत और पुलिस की शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष ने उपस्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी को दोषियों के विरुद्ध अविलंब मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए। वहीं, सीएचसी पाबो में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी द्वारा सहकर्मी रोहित रावत पर शराब पीकर अभद्र व्यवहार और सोशल मीडिया पर बदतमीजी करने की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल स्पष्टीकरण व स्थानांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, 53 वर्षीय पीड़िता मंजू देवी का ई-श्रम कार्ड न बनने की समस्या का मौके पर ही समाधान कराते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि अप्रैल 2025 से अब तक 540 पंजीकृत मामलों में से 460 का सफल निस्तारण किया जा चुका है।

अंत में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों में ICC कमेटी का नियमित गठन अनिवार्य है। उन्होंने संवेदनशील भाव से कहा कि महिलाएं कार्यस्थल और घर की दोहरी जिम्मेदारी निभाती हैं, अतः उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जनसुनवाई के इस अवसर पर परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विवेक उपाध्याय, संयुक मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पौड़ी जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रंजीत नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी तुषार बोरा, विधि अधिकारी महिला आयोग दयाराम सिंह, कमल किशोर रावत, सुषमा रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, प्रोबेशन अधिकारी अरविंद कुमार, निजी सचिव अध्यक्ष, महिला आयोग आधार वर्मा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता, सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

सूबे के शत-प्रतिशत प्राथमिक विद्यालयों में बनेंगे बालिका शौचालय: डाॅ. धन सिंह रावत

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शौचालय विहीन 141 विद्यालयों को 5.34 करोड़ आवंटित

कहा, मार्च तक लक्ष्य पूरा करें अधिकारी, निष्क्रिय टाॅयलेट भी हों चालू

देहरादून, 10 मार्च 2026
सूबे के शत प्रतिशत प्राथमिक विद्यालयों में बालिका शौचालय बनाये जाएंगे ताकि यहां पढ़ने वाली बेटियों को शौचालय की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। प्रदेश में शौचालय विहीन रह गये 141 प्राथमिक विद्यालयों में सुरक्षित टाॅयलेट को राज्य सरकार ने 5.34 करोड़ की धनराशि आवंटित कर दी है। विभागीय अधिकारियों को इन विद्यालयों में मार्च माह तक शत-प्रतिशत बालिका शौचालय के निर्माण का लक्ष्य दिया गया है, साथ ही जिन विद्यालयों में शौचालय निष्क्रिय पड़े हैं उन्हें शीघ्र चालू करने को कहा गया है।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार स्कूलों में छात्र-छात्राओं को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में फर्नीचर, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए घर से बाहर सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था सबसे बड़ी आवश्यकता होती है, इसलिए सरकार इस दिशा में विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। डाॅ. रावत ने कहा कि प्रदेश के 11 जनपदों के 141 राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बालिका शौचालय विहिन रह गये हैं। इन विद्यालयों में युद्ध स्तर पर बालिका शौचालयों का निर्माण किया जायेगा। जिसमें रूदप्रयाग व बागेश्वर जनपद में 7-7, पिथौरागढ़ व ऊधमसिंह नगर 6-6, नैनीताल 25, देहरादून 16, उत्तराकशी 10, चम्पावत 5, अल्मोड़ा 4, पौड़ी 2 जबकि टिहरी में सर्वाधिक 53 विद्यालयों में बालिका शौचालय बनाये जायेंगे। जिसके लिये 5 करोड़ 34 लाख 39 हजार की धनराशि आवंटित कर दी गई है। जिसमें रूद्रप्रयाग व बागेश्वर जनपद के लिये 26.53-26.53 लाख की धनराशि आवंटित की गई है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ व ऊधमसिंह नगर के लिये 22.74-22.74 लाख, नैनीताल 94.75 लाख, देहरादून 60.64 लाख, उत्तरकाशी 37.90लाख, चम्पावत 18.95 लाख, अल्मोड़ा 15.16लाख पौड़ी 7.58 लाख तथा टिहरी जनपद को 2 करोड़ 87 हजार की धनराशि जारी कर दी गई है।

डॉ. रावत ने सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मार्च माह के भीतर शौचालय निर्माण कार्य पूरा किया जाए और इसकी प्रगति रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) इसकी जिम्मेदारी के लिए उत्तरदायी होंगे।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि यू-डायस के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में 1640 बालक एवं बालिका शौचालय वर्तमान में निष्क्रिय पड़े हैं। इनमें 1560 प्राथमिक विद्यालयों में और 80 माध्यमिक विद्यालयों में हैं। उन्होंने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी निष्क्रिय शौचालयों को आगामी 31 मार्च तक चालू कर छात्र-छात्राओं के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय विद्यालयी शिक्षा मंत्री।

 

डॉ. ‘निशंक’ ने किया खिलाड़ियों का सम्मान: स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय में भव्य सम्मान समारोह हुआ आयोजित

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स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय एवं हिमालयीय आयुर्वेदिक (पी.जी.) मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में महादेव क्रिकेट टूर्नामेंट घुडदौड़स्यू–4, 2026 (पिनानी) के विजेता एवं उपविजेता टीमों के सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति डॉ. राजेश नैथानी ने स्वागत वक्तव्य देते हुए सभी अतिथियों, खिलाड़ियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को एक सार्थक मंच प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम का आयोजन पिनानी गांव में हाल ही में सम्पन्न हुए क्रिकेट टूर्नामेंट के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें 27 से अधिक टीमों ने भाग लिया था। पूरे टूर्नामेंट के दौरान क्षेत्र में खेल के प्रति उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला। एक ओर युवा खिलाड़ी मैदान में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह रहे थे, वहीं दूसरी ओर महिला मंगल दलों द्वारा पारंपरिक चौंफला नृत्य और लोकगीतों की प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।

उल्लेखनीय है कि पिनानी में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए पिनानी की टीम ने खिताब अपने नाम किया। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में विजेता तथा उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। विजेता टीम को 11,000 रुपये, प्रथम उपविजेता टीम को 7,500 तथा द्वितीय उपविजेता टीम को 5000 रुपये की धनराशि के साथ सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को स्मरण करते हुए कहा कि जहाँ आज मैदान है, वहाँ उन्होंने स्वयं हल चलाया है। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति, जुनून और सकारात्मक विचारों के बल पर मनुष्य किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। खेल भावना व्यक्ति के भीतर पुरुषार्थ और अनुशासन को विकसित करती है।

स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप भारद्वाज ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिनानी जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में टीमों का एकत्रित होना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए हमें गर्व की अनुभूति हो रही है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में अमेरिका के प्रसिद्ध उद्योगपति एवं साहित्यकार श्री इंद्रजीत शर्मा ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन को देखकर उन्हें अपना बचपन याद आ गया, जब वे भी ट्रॉफी और मेडल जीतकर घर लौटते थे।

अंत में विश्वविद्यालय के सचिव श्री बालकृष्ण चमोली ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, खिलाड़ियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री सचिदानंद शर्मा, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. राकेश सुन्दियाल, कुलसचिव अरविंद अरोरा, संयुक्त निदेशक डॉ. प्रदीप कोठियाल, प्राचार्य डॉक्टर नीरज श्रीवास्तव प्रशासनिक अधिकारी डॉ निशांत राय जैन सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएँ एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

MDDA Big Action: धौरण रोड स्थित अवैध रूप से निर्मित एवं संचालित “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल किया सील

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बिना मानचित्र स्वीकृति या निर्धारित मानकों का पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण करना पूरी तरह अवैध – बंशीधर तिवारी

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने धौरण रोड पर अवैध रूप से निर्मित एवं संचालित “हेल्पिंग हेल्थ” नामक हॉस्पिटल पर सीलिंग की कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार कुश ऐरन द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के उक्त निर्माण किया गया था। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में भी संबंधित को नियमों के अनुरूप निर्माण करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब और वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई। सीलिंग की इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता एवं सुपरवाइजर सहित प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही।

इसके अतिरिक्त उपाध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में आज एमडीडीए की प्रवर्तन टीम द्वारा पछवादून क्षेत्र के विकासनगर के विभिन्न सेक्टरों में संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान क्षेत्र में हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की मौके पर जांच की गई और निर्माणकर्ताओं से मानचित्र स्वीकृति सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जिन निर्माणकर्ताओं द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए या संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, उन्हें चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति या निर्धारित मानकों का पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में प्राधिकरण नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा। उन्होंने आम जनता और निर्माणकर्ताओं से अपील की कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में जनसुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। इसलिए एमडीडीए द्वारा लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिन निर्माण स्थलों पर मानचित्र स्वीकृति या अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए जाते हैं, उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि विकासनगर सहित पछवादून क्षेत्र में किए गए निरीक्षण में कुछ निर्माणों को चिन्हित किया गया है, जिनके विरुद्ध जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ऐतिहासिक नगर परिक्रमा में दूनवासियों ने गुरु की संगत का किया जोरदार स्वागत: 25,000 संगतें शामिल हुई शामिल 

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पुष्प वर्षा के साथ नगर परिक्रमा में गूंजे श्री गुरु राम राय जी महाराज के जयकारे

श्री गुरु महाराज जी की प्यारी संगतों के साथ नगर परिक्रमा में शामिल हुए दूनवासी

देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज देहरादून के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में मंगलवार को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा निकली। पच्चीस हज़ार से अधिक संगतें नगर परिक्रमा में शामिल हुईं। श्री दरबार साहिब से सुबह 7ः30 बजे नगर परिक्रमा शुरू हुई। जहां-जहां से नगर परिक्रमा निकली दूनवासियों ने तहेदिल से संगतों का पुष्पवर्षा के साथ जोरदार स्वागत किया। नगर परिक्रमा के दौरान रास्ते भर दूनवासी श्री गुरु राम राय जी महाराज व श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जयकारे लगाते रहे। सिद्धयोगी श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस (श्री झण्डे जी आरोहण के तीसरे दिन) के तीसरे दिन आयोजित होने वाली ऐतिहासिक नगर परिक्रमा का स्वागत करने के लिए दूनवासी साल भर प्रतीक्षा करते हैं। नगर परिक्रमा के रूट पर हर जगह संगत का ज़ोरदार स्वागत किया गया। भजन कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं को श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने आशीर्वाद दिया। दूनवासियों ने ऐतिहासिक नगर परिक्रमा के रूट पर जगह जगह लंगर व खान-पान की समुचित व्यवस्था सहित आर्कषक स्वागत व्यवस्था की।
श्री दरबार साहिब परिसर से सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर ऐतिहासिक नगर परिक्रमा शुरू हुई। नगर परिक्रमा कांवली रोड होते हुए श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बिंदाल पहुंची। यहां संगत को चने, मुरमुरे व गुड़ का प्रसाद वितरित किया गया। यहां से नगर परिक्रमा तिलक रोड, टैगोर विला, घण्टाघर पर पहुंची। नगर परिक्रमा के घण्टाघर पहुंचने पर कुछ समय के लिए मानो सबकुछ थम सा गया। ढोल की थाप पर दूनवासियों ने पूरे स्नेहपूर्वक बाहें फैलाकर गुरु संगत का पुष्पवर्षा के साथ जोरदार स्वागत किया। संगत श्री गुरु राम राय जी महाराज के जयकारे लगाती व दून के श्रद्धालु उन पर फूलों की बारिश कर देते। इस नज़ारे का साक्षी बनने के लिए हजारों की तादाद में श्ऱद्धालु घण्टाघर व आसपास के क्षेत्र में डटे रहे।
फूल बरसांदी जांवा राह तेरे फुल बरसांदी जांवा……., किवंे करां, किवें करा तेरी सेवा मालका किवें करां…..जे बाबा मैं खुद ही आंवा, जे बाबा मैं खुद ही आंवा मैं किस्मद दा माडा मालका किवंे करां… जैसे गुरु भक्ति के भजनों से नगर परिक्रमां मंे संगत रमी रही।
नगर परिक्रमा ने घण्टाघर से पल्टन बाजार होते हुए लक्खीबाग पुलिस चैकी के सामने से होते हुए रीठा मण्डी में प्रवेश किया, यहां से नगर परिक्रमा में शामिल संगतें व दूनवासी श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बाॅम्बे बाग पहुंचे, यहां पर संगतों को गन्ने का प्रसाद बांटा गया। नगर परिक्रमा में 25 हजार से अधिक संगत शामिल रहीं। इसके बाद नगर परिक्रमा में शामिल संगतें समाधि स्थल श्रीमहंत साहिबान पर माथा टेकेने क लिए पहुंची। दोपहर 11ः45 बजे नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब पहुंचकर सम्पन्न हुई। स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा नगर परिक्रमा के सम्पूर्ण रूट के दौरान शहर भर में भव्य स्वागत, लंगर व जलपान की व्यवस्था की गई। नगर परिक्रमा के दौरान शहर के कई गणमान्य व्यक्तियों, विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के विधायकों, पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर संगत का स्वागत किया। श्री दरबार साहिब मंे अपराह्न 5 बजे मसंदों व संगत की विदाई हुई। शाम 6 बजे खुशी का प्रसाद वितरित किया गया।

दूनवासियों के प्रेम, स्नेह और सद्भावना से संगतें हुईं भाव-विभोर: श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, देहरादून के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि ऐतिहासिक नगर परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतें देहरादून पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि दूनवासियों ने अतिथि देवो भवः की परंपरा को प्रेम, स्नेह और सद्भावना के साथ निभाते हुए इस वर्ष भी संगतों का हृदय से स्वागत किया। इस आत्मीयता और अपनत्व से संगतें अत्यंत भाव-विभोर हुईं और उन्होंने दूनवासियों के प्रति गहरा आभार और
कृतज्ञता व्यक्त की है। श्री महाराज जी ने कहा कि हर वर्ष दूनवासियों द्वारा जिस प्रेम, सम्मान और आत्मीयता के साथ संगतों का स्वागत किया जाता है, उसी स्नेह को पाने के लिए संगतें हर साल बड़ी संख्या में देहरादून पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सद्भावना का प्रतीक भी है। उन्होंने श्री झण्डे जी मेले के सफल आयोजन तथा गुरु की संगत को दिए गए स्नेह, सम्मान और सेवा-भाव के लिए समस्त दूनवासियों के प्रति हृदय से आभार व धन्यवाद प्रकट किया। साथ ही मेले के सफल आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन, मीडियाकर्मियों तथा सभी नगरवासियों का विशेष धन्यवाद दिया। अपने संदेश में श्रीमहंत जी ने कहा कि श्री गुरु राम राय जी महाराज का आशीर्वाद, कृपा और प्रेम आप सभी पर सदैव बना रहे।
अन्य राज्यों से आई अधिकांश संगतें वापिस लौटीं
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज में खुशी का प्रसाद वितरित होने के बाद मंगलवार को अन्य राज्यों से आई अधिकांश संगतें अपने ग्रह जनपदों के लिए लौट गईं।
गुरु के रंग में रंगी रहीं संगत
लाई-लाई-लाई-लाई-लाई बाबे ने फुलां दी बरखा लाई………….,आज दी घड़ी बाबा जी रोज़-रोज़ आवे…………., मेला खुशियां दां आंदा है हर साल मेला खुशियां दा…………. फुल बरसांदी जांवा राह तेरे फुल बरसांदी जांवा, फड लै मेरियां बांवा दातया फुल बरसांदी जांवा…………., हर इक दी ओ सुणदां, ऐसे दाता मेहर लगाई, जिन्नी करई ओनी थोडी मेरे साहिब दी बढ़याई ऐ-मेरे साहिब दी वढेआई ए …………., फुल बरसे फुल बरसे सारे राह बाबा जी तेरे फुल बरसे……. जैसे भजनों पर संगतों ने जमकर नृत्य किया। नगर परिक्रमा के दौरान पूरे हर्ष-उल्लास व उमंग के साथ संगत गुरु के रंग मंे रंगी दिखी। इस दौरान संगतों में भारी उत्साह देखा गया। ढोल की थाप पर संगतों ने नृत्य किया व श्री गुरु महाराज जी के सिमरन में भेंटें गाई।

 

पुलिस आरक्षी भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को एसएसपी देहरादून नए सौंपे नियुक्ति पत्र

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पुलिस परिवार में आगमन पर सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की करी कामना*

*अधाराभूत प्रशिक्षण का महत्व समझाते हुए आगामी ट्रेनिंग के दौरान सिखलाई जा रही बातों को पूर्ण मनोयोग से ग्रहण करने के लिये किया प्रेरित*

आज दिनांक: 10-03-26 को पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस आरक्षी ना0पु0/पीएसी सीधी भर्ती 2025 में चयनित नागरिक पुलिस के 417 सफल अभ्यर्थियों को उनके नियुक्ति पत्र प्रदान किये गए। कार्यक्रम के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को सम्बोधित करते हुए एसएसपी दून द्वारा बताया गया कि वर्तमान परिदृश्य में पुलिस के समक्ष कई नई चुनौतिया उभरी है। उक्त चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपटते हुए आम जन के मध्य पुलिस की छवि को और बेहतर बनाने के लिये एक पुलिस कर्मी का शारिरिक तथा मानसिक रूप से सुदृढ होना नितान्त आवश्यक है, जिसमें पुलिस प्रशिक्षण की एक महत्वपूर्ण भूमिका है।

अत: सभी चयनित अभ्यर्थी पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सिखाई जा रही बातों को पूर्ण लगन एवं मनोयोग के साथ ग्रहण करे तथा भविष्य में कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान उक्त सिखलाई का अनुसरण करें। अंत मे एसएसपी देहरादून सभी चयनित अभ्यर्थियों को पुलिस परिवार में आगमन पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी : सीएम धामी

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सीएम धामी ने भराड़ीसैंण में अग्निवीर कैडेट्स से किया संवाद

गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने सहजता से उत्तर दिया।

संवाद के दौरान शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक पुत्र होने के कारण आपने सैनिकों के जीवन और गतिविधियों को नजदीक से देखा है, क्या आपका मन सेना में जाने का नहीं हुआ? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की अपेक्षा अत्यंत सम्माननीय माना जाता है। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन को भी एक सैनिक के जीवन की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने पिताजी के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। जिस प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ हमारे सैनिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, उसी भावना से वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता की सेवा करने का प्रयास करते हैं।
हिमांशु रौतेला ने प्रश्न किया कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते आप अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय होता है तो उसकी जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में प्रदेश के सभी लोग उनका परिवार हैं और सभी गांव उनके अपने गांव हैं।

ओ.पी. कण्डारी ने पूछा कि जब हम अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी कर वापस आएंगे, उसके बाद सरकार हमारे रोजगार के लिए क्या व्यवस्था कर रही है? मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार द्वारा भी अनेक क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आपकी पहचान “धाकड़ धामी” के रूप में क्यों बनी? मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के साथ सदैव सौम्य होना चाहिए। हालांकि राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर और साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है तथा दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने जन अपेक्षाओं और प्रदेशहित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

अमन सेमवाल ने पूछा कि आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कान का क्या राज है? मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखण्ड देश में अग्रणी स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास को नई गति देने के लिए पूरे संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड की विशेषता है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवाएं दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है और भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम सेना के रूप में स्थापित हुई है। सेना में निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं और स्मृतियां संजोई जाएंगी। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं।

इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), पूर्व सैनिकगण तथा अग्निवीर उपस्थित थे।

 

स्वर्गीय दिवाकर भट्ट का संघर्षशील व्यक्तित्व उत्तराखंड की जनराजनीति की सशक्त पहचान: सीएम धामी 

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गैरसैण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा में देवप्रयाग के पूर्व विधायक स्वर्गीय दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका संघर्षशील व्यक्तित्व और निर्भीक नेतृत्व उत्तराखंड की जनराजनीति की सशक्त पहचान रहा है। उन्होंने कहा कि साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद दिवाकर भट्ट जी ने अपने विचारों, संघर्ष और नेतृत्व से प्रदेश की राजनीति में विशिष्ट स्थान बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति में उन्हें “फील्ड मार्शल” के नाम से जाना जाता था, जो उनके दृढ़ और संघर्षशील नेतृत्व का परिचायक था। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भट्ट जी का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का मार्ग भी है।
मुख्यमंत्री ने उनके जीवनवृत्त का उल्लेख करते हुए कहा कि टिहरी जनपद के बडियारगढ़ क्षेत्र के सुपार गांव में वर्ष 1946 में जन्मे दिवाकर भट्ट जी ने कम उम्र में ही जन आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी। मात्र 19 वर्ष की आयु से ही वे जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलनों में जुट गए थे। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के कठिन दौर में उन्होंने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर आंदोलन को नई ऊर्जा और दिशा दी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 का श्रीयंत्र टापू आंदोलन और खैट पर्वत पर किया गया उनका अनशन राज्य आंदोलन के इतिहास में आज भी याद किया जाता है। ट्रेड यूनियन आंदोलन से अपनी पहचान बनाने वाले दिवाकर भट्ट ने बीएचईएल की नौकरी छोड़कर उत्तराखंड आंदोलन को मजबूत करने का निर्णय लिया और पहाड़ की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय भट्ट ने “घेरा डालो-डेरा डालो” जैसे प्रभावी नारों के माध्यम से जनआंदोलन को नई धार दी। यह नारा केवल एक आह्वान नहीं, बल्कि जनदबाव की प्रभावी रणनीति बन गया, जिसने युवाओं और आम लोगों को आंदोलन से जोड़ने का काम किया।
उन्होंने बताया कि दिवाकर भट्ट जी का राजनीतिक सफर भी पूरी तरह जमीनी स्तर से शुरू हुआ। वर्ष 1983 में वे कीर्तिनगर के ब्लॉक प्रमुख चुने गए और लगभग एक दशक तक इस पद पर रहते हुए जनसेवा का कार्य किया। इसके बाद वे जिला पंचायत सदस्य भी रहे और लगातार जनहित के मुद्दों को उठाते रहे।
राज्य गठन के बाद वर्ष 2007 में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर विधानसभा भेजा। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र और राज्य के मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया। बाद में उन्होंने राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में राजस्व, भू-प्रबंधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा सैनिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण, वन कानूनों में संशोधन, पंचायत परिसीमन, हिल कैडर के क्रियान्वयन और पर्वतीय क्षेत्रों के अधिकारों के मुद्दों पर दिवाकर भट्ट जी हमेशा मजबूती से खड़े रहे। वे उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल रहे और लंबे समय तक संगठन व राज्यहित के मुद्दों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद वे सादगी, स्पष्टवादिता और जनसमर्पण के प्रतीक बने रहे। उन्होंने हमेशा उत्तराखंड के हितों को सर्वोपरि रखा।
उन्होंने कहा कि 25 नवंबर 2025 को उनका निधन प्रदेश के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने सदन की ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा में पुरोला के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजेश जुवांठा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को उत्तराखंड के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि राजेश जुवांठा जी एक युवा, ऊर्जावान और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध जनप्रतिनिधि थे, जिन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में पूरी मजबूती के साथ उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 जुलाई 1977 को जनपद उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में जन्मे राजेश जुवांठा को जनसेवा के संस्कार अपने परिवार से ही प्राप्त हुए थे। उनके पिता स्वर्गीय बर्फिया लाल जुवांठा जी उत्तर प्रदेश सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री रहे, जबकि उनकी माताजी शांति जुवांठा जी विकासनगर नगर पालिका की दो बार अध्यक्ष रहीं।
उन्होंने कहा कि राजेश जुवांठा जी ने इन संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2002 से 2007 तक पुरोला क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में कार्य किया और जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति दी। इसी जनसंपर्क और सक्रियता के बल पर वर्ष 2007 में वे पुरोला विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया। वर्ष 2007-08 में वे प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे, जबकि वर्ष 2008 से 2010 तक अनुसूचित जाति, जनजाति एवं विमुक्त जाति संबंधी समिति में सदस्य के रूप में कार्य करते हुए वंचित वर्गों की आवाज को मजबूत करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय जुवांठा जी अपने सरल, ईमानदार और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे तथा आमजन के प्रति उनकी संवेदनशीलता उन्हें एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि बनाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 दिसंबर 2025 को हृदयगति रुकने से 48 वर्ष की आयु में उनका असमय निधन हो गया।
मुख्यमंत्री ने सदन की ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा में टिहरी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय बलवीर सिंह नेगी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि बलवीर सिंह नेगी का पूरा जीवन जनसेवा, सादगी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी गढ़वाल जनपद के ग्राम थाती में 8 दिसंबर 1947 को जन्मे बलवीर सिंह नेगी जी साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर जनसेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रहे। 1970 के दशक से ही वे टिहरी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे और जीवन के अंतिम समय तक क्षेत्रीय विकास तथा जनहित के मुद्दों के लिए निरंतर प्रयास करते रहे।
उन्होंने बताया कि स्वर्गीय नेगी भिलंगना क्षेत्र से दो बार ब्लॉक प्रमुख रहे और स्थानीय विकास की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही वे जिला पंचायत सदस्य भी रहे और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सक्रिय रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलवीर सिंह नेगी जी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बी.ए. और एल.एल.बी. की शिक्षा प्राप्त की थी। वे पहली बार वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर टिहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2002 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर घनसाली से तथा वर्ष 2007 में कांग्रेस के टिकट पर पुनः विधायक चुने गए।
उन्होंने कहा कि अपनी संगठनात्मक क्षमता और जनसेवा के अनुभव के आधार पर उन्हें गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य करने का अवसर मिला। इसके अलावा वे विधानसभा की विभिन्न समितियों में सदस्य रहते हुए सदन की गरिमा और जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी 2026 को 78 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की

आस्था: श्री दरबार साहिब एवं श्री झण्डा साहिब में चला दर्शनों व मनौतियों का क्रम

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श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों को दिए दर्शन व आशीर्वाद

श्री गुरु राम राय जी महाराज, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के लगे जयकारे

मंगलवार को होगी ऐतिहासिक नगर परिक्रमा, संगतों ने पूरी की तैयारी
देहरादून। देहरादून। रविवार को श्री झण्डे जी के आरोहण के बाद सोमवार को भी दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में संगतों की भारी चहल-पहल रही। देश-विदेश से आई संगतों के साथ सोमवार को भारी संख्या में देहरादून नगरवासियों ने भी श्री झण्डे जी पर शीश नवाया। संगतों ने श्री झण्डा साहिब एवं श्री दरबार साहिब में मत्था टेककर अपनी मनोकामनाएं मांगी। अल सुबह से ही दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के दर्शनों के लिए संगतें कतारों में खड़ी रहीं। श्री महाराज जी ने संगतों को दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया
सोमवार को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गुरु महिमा तथा गुरु भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गुरु की शरण में आकर ही मनुष्य को सच्चे मार्ग का ज्ञान प्राप्त होता है। गुरु की वाणी अमृत के समान है, जो मानव जीवन को पवित्र और सफल बनाती है। उन्होंने कहा कि भक्ति, सेवा और सत्कर्म ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु का स्मरण करता है, उस पर सद्गुरु की असीम कृपा बरसती है और उसका जीवन सुख-शांति व आध्यात्मिक आनंद से भर जाता है। श्री महाराज जी ने संगतों को गुरु भक्ति, प्रेम, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि गुरु की कृपा से ही मनुष्य जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में 10 मार्च मंगलवार को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा होगी। परंपरा के अनुसार श्री झण्डे जी के आरोहण के तीसरे दिन नगर परिक्रमा के लिए संगतें पहुंचती हैं। नगर परिक्रमा देहरादून के नगरवासियों के लिए भी ऐतिहासिक क्षण होता है, जब देश-विदेश की संगत उनके बीच होती है। हर साल यह मनमोहक दृश्य होता है जब श्री गुरु राम राय जी महाराज द्वारा बसाए गए देहरादून नगर के बीचों-बीच से गुरु की संगत गुजरती है और दूनवासी पलक-पावड़े बिछाकर पुष्प वर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत करते हैं।
मंगलवार को होगी ऐतिहासिक नगर परिक्रमा
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज श्री झण्डा महोत्सव-2025 के मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने जानकारी दी कि परंपरानुसार श्री झण्डे जी आरोहण के तीसरे दिन नगर परिक्रमा का आयोजन किया जाता है। नगर परिक्रमा में श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में संगतें दून नगर की परिक्रमा करती हैं। मंगलवार सुबह 7ः30 बजे श्री दरबार साहिब परिसर से नगर परिक्रमा आरंभ होगी। नगर परिक्रमा में 25 हजार से अधिक संगतंे शामिल होंगी। नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब से प्रारम्भ होकर सहारनपुर चैक, कांवली रोड होते हुए श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बिंदाल पहुंचेगी। यहां संगत को चने, मुरमुरे व गुड़ का प्रसाद वितरित किया जाएगा। यहां से तिलक रोड, टैगोर-विला, घण्टाघर व घण्टाघर से पल्टन बाजार होते हुए लक्खीबाग पुलिस चैकी से रीठा मण्डी, श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बाॅम्बे बाग पहुंचेगी। श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में गन्ने के प्रसाद बांटा जाएगा। इसके बाद ब्रहमलीन श्रीमहंत साहिबान के समाधि स्थल पर मत्था टेकेने के बाद सहारनपुर चैक होते हुए दोपहर 12ः00 बजे नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब वापिस पहुंचकर सम्पन्न होगी।
गुरु महिमा के भजनों व कीर्तन की रही धूम
सोमवार सुबह से ही श्री दरबार साहिब परिसर में गुरु महिमा एवं श्री गुरु राम राय जी महाराज के भजनों-कीर्तनों की धूम रही। भक्ति और श्रद्धा से सराबोर वातावरण में संगतों ने गुरु महिमा का गुणगान किया और पूरा परिसर भक्ति रस में डूबा नजर आया। “गुरु बिन घोर अंधेरा, गुरु से ही उजियारा”, “सतगुरु तेरी महिमा अपरम्पार”, तथा “मेरे सतगुरु दाता मेहर कर दाता” जैसे भजनों के साथ-साथ श्री गुरु राम राय जी महाराज की महिमा का बखान करते अनेक भजन गूंजते रहे। संगतों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भजनों का आनंद लिया, जिससे पूरा श्री दरबार साहिब परिसर भक्तिमय माहौल से महिमामयी हो उठा।
श्री दरबार साहिब के अन्दर व बाहर लगे लंगर
श्री दरबार साहिब के अन्दर व बाहर संगतों की सेवा में लंगर लगाए गए हैं। बाहरी व दून के श्रद्धालु लंगर छक रहे हैं। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डाॅक्टरों, नर्सिंग व पैरामैडिकल स्टाफ की टीम चिकित्सकीय सेवा के लिए श्री दरबार साहिब मंे उपलब्ध है। संगतें व दूनवासी श्री झण्डे जी मेले के आयोजन का भरपूर लुत्फ उठा रहें हैं।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एवम् श्री महाकाल
सेवा समिति ने लगाया स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एवम् श्री महाकाल सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में संगतों ने बढ़चढ़ कर रक्तदान किया। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 200 यूनिट रक्तदान हुआ। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में पुरुषों के साथ साथ महिलाओं ने भी बढ़चढ़ कर भागीदारी की।

स्वास्थ्य विभाग को मिले 168 बॉण्डधारी चिकित्सक: डॉ धन सिंह रावत

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संविदा पर तैनात अधिकांश चिकित्सकों को यात्रा मार्ग पर मिली तैनाती

कहा, दूरस्थ क्षेत्रों व यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और सुदृढ़

देहरादून, 9 मार्च 2026

सूबे के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 168 बॉण्डधारी एमबीबीएस चिकित्सक मिल गए हैं। राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर से पास आउट इन बॉण्डधारी चिकित्सकों को राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों व चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थित चिकित्सा इकाइयों में तैनाती दी गई है। ताकि आम लोगों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में बांड व्यवस्था के तहत श्रीनगर मेडिकल कालेज से पास आउट 168 बॉण्डधारी एमबीबीएस चिकित्सकों को राज्य के विभिन्न जनपदों में तैनाती दे दी गई है। जिसकी सूची स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सौंप दी गई है। डॉ रावत ने बताया कि बांड व्यवस्था के तहत पौड़ी व टिहरी जनपद में 21-21चिकित्सकों को तैनाती दी गई है। इसी प्रकार चमोली व उत्तरकाशी में 20-20, रुद्रप्रयाग में 15, पिथौरागढ़ में 23, अल्मोड़ा में 24 तथा चंपावत व बागेश्वर में जिलों में 12-12 चिकित्सक नियुक्त किए गए हैं।

डॉ रावत ने बताया कि राज्य में संचालित चार धाम यात्रा को दृष्टिगत रखते हुये अधिकांश बॉण्डधारी चिकित्सकों को चारों धामों व यात्रा मार्गों से जुड़े चिकित्सालयों में तैनाती दी गई है ताकि तीर्थयात्रियों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस चिकित्सकों की नियुक्ति अनुबंध की शर्तों के अधीन की गई है। यदि कोई चिकित्सक पद त्याग या गैरहाजिर रहता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसंपर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय स्वास्थ्य मंत्री।