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बजट 2026- 27: शब्दों की भूल भुलैया में उलझा कर राज्यवासियों को छल रही है धामी सरकार – गणेश गोदियाल

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आज उत्तराखंड की राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदयाल ने चौतरफा हमला बोला है।गोदियाल ने कहा कि
1.11 लाख करोड़ का बजट मात्र आंकड़ों का भ्रम है।
भाजपा सरकार बजट के आकार को उपलब्धि बता रही है, जबकि सच्चाई यह है कि
बजट का बड़ा हिस्सा कर्ज लेकर बनाया गया है।
पिछले कुछ वर्षों में गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड का कर्ज 90 हजार करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है।
अगर कर्ज बढ़ता जाए और रोजगार न बने तो बड़ा बजट नहीं, बड़ी आर्थिक चिंता कहलाता है।
गोदियाल ने कहा कि बजट का आकार बड़ा दिखाना आसान है, लेकिन सवाल यह है कि आम आदमी की जेब में क्या गया?”
गोदियाल ने कहा कि यह बजट “दिशाहीन और दृष्टिहीन” बजट है।
यह बजट उत्तराखंड के युवाओं, किसानों और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं को हल करने के बजाय सिर्फ घोषणाओं का पुलिंदा है। पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए हैं लेकिन ज़मीन पर परिणाम शून्य हैं।
राज्य सरकार का बजट बेरोज़गारी पर पूरी तरह मौन है।
उत्तराखंड में बेरोज़गारी दर देश में सबसे अधिक राज्यों में गिनी जा रही है।
लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं
भर्ती परीक्षाएँ लगातार घोटालों में फँस रही हैं
लेकिन इस बजट में रोज़गार सृजन की कोई ठोस योजना नहीं है।
भर्ती घोटालों पर चुप्पी
यूकेएसएसएससी, पेपर लीक और कई भर्ती घोटालों ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया।
सरकार को चाहिए था कि वह बजट में पारदर्शी भर्ती तंत्र और युवाओं के लिए विशेष पैकेज लाती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।
गोदियाल ने कहा कि पलायन रोकने की कोई नीति नहीं
पहाड़ खाली हो रहे हैं। हजारों गांवों में ताले लगे हैं।
लेकिन इस बजट में रोज़गार आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था पर कोई ठोस योजना नहीं दिखाई देती।
गोदियाल ने किसानों के लिहाज से भी बजट को निराशाजनक बताया।उन्होंने कहा कि
उत्तराखंड का किसान महंगे बीज, खाद और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है।
लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर स्पष्ट नीति नहीं है।
कृषि आधारित उद्योगों की कोई ठोस योजना नहीं
यह बजट किसानों को राहत देने में असफल है।
गोदियाल ने राज्य की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर भी सरकार को घेरा।उन्होंने कहा कि कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे,
महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
लेकिन बजट में महिला सुरक्षा के लिए मजबूत ढांचा या विशेष योजना का अभाव है।
राज्य का कर्ज़ बढ़ता जा रहा है
भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य का कर्ज़ लगातार बढ़ा है।
सरकार विकास के नाम पर कर्ज़ ले रही है लेकिन जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा।
गोदियाल ने इसे सिर्फ चुनावी बजट करार दिया।उन्होंने कहा कि
यह बजट उत्तराखंड के भविष्य का रोडमैप नहीं बल्कि चुनावी वर्ष को ध्यान में रखकर तैयार किया गया घोषणापत्र जैसा बजट है।
गोदियाल के अनुसार भाजपा सरकार का यह बजट उत्तराखंड के युवाओं, किसानों और महिलाओं की उम्मीदों के साथ न्याय नहीं करता। यह बजट सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी और घोषणाओं का पुलिंदा है, ज़मीन पर बदलाव की कोई स्पष्ट नीति इसमें दिखाई नहीं देती।
उत्तराखंड को विज़न चाहिए, भाजपा सिर्फ विज्ञापन दे रही है।
भर्ती घोटालों से युवाओं का भविष्य बर्बाद और बजट में रोजगार पर सन्नाटा।
पहाड़ खाली हो रहे हैं और सरकार बजट में अपनी पीठ थपथपा रही है।

गरिमा मेहरा दसौनी

  धामी सरकार का ₹1.11लाख करोड़ का बजट संतुलित वित्तीय प्रबंधन को है दर्शाता: राज्य के विकास को देगा नई गति

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धामी सरकार ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट: महिला सशक्तीकरण और विकास योजनाओं पर दिया जोर

महिलाओं की योजनाओं और ग्रामीण-शहरी विकास के लिए बढ़ाया गया बजट

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 11.41 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने इसे “संतुलन बजट” बताते हुए कहा कि सरकार संकल्प से सिद्धि की दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।


बजट भाषण की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान बदरीविशाल और बाबा केदार को नमन किया तथा उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही उत्तराखंड राज्य का गठन संभव हुआ।
सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए प्रावधान
बजट में अनुसूचित जातियों के लिए 2400 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजातियों के लिए 746.75 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 98 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा अटल आयुष्मान योजना के लिए 600 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 298.45 करोड़ रुपये तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास के लिए 25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। परिवहन निगम की बसों में महिलाओं की निशुल्क यात्रा सुविधा के लिए 42 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष जोर
महिलाओं के सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। नन्दा गौरा योजना के लिए 220 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 47.78 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के लिए 25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के लिए 13.44 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए 15 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि के लिए 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं। महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये, ईजा-बोई शगुन योजना के लिए 122 करोड़ रुपये तथा चंपावत में महिला खेल महाविद्यालय निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सरकार ने महिलाओं से संबंधित योजनाओं के बजट में भी वृद्धि की है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह राशि 16,961.32 करोड़ रुपये थी, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 19,692.02 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग के लिए 4,252.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों के लिए 195 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बागेश्वर जिला चिकित्सालय सहित डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और नैनीताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी कई योजनाओं पर कार्य जारी है।

विभागवार प्रमुख बजट प्रावधान
माध्यमिक शिक्षा विभाग – 542.84 करोड़ रुपये
उच्च शिक्षा विभाग – 146.30 करोड़ रुपये
तकनीकी शिक्षा विभाग – 98.50 करोड़ रुपये
खेल विभाग – 69.94 करोड़ रुपये
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण – 195.46 करोड़ रुपये
पेयजल विभाग – 1827.91 करोड़ रुपये
आवास विभाग – 291 करोड़ रुपये
शहरी विकास विभाग – 1401.85 करोड़ रुपये
ग्रामीण विकास विभाग – 1642.20 करोड़ रुपये
ऊर्जा विभाग – 1609.43 करोड़ रुपये
लोक निर्माण विभाग – 2501.91 करोड़ रुपये

सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में पहली बार समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई, सख्त नकलरोधी कानून बनाया गया और मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया। इसके अलावा शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देकर पर्यटन को नया आयाम दिया गया तथा सरकारी भूमि से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास, सामाजिक कल्याण और जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

 

उत्तरांचल विश्वविद्यालय एलूमनाई टॉक सीरीज- 2026: पूर्व छात्राओं को समर्पित, नैनीताल हाई कोर्ट की अधिवक्ता  पहुंची

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देहरादून, 9 मार्च।
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज, देहरादून में आज कॉलेज की पूर्व छात्रा एवं नैनीताल हाईकोर्ट की अधिवक्ता स्निग्धा तिवारी को एलुमनाई टॉक सीरीज़ 2026 में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया।


ज्ञात हो कि स्निग्धा तिवारी एसिड अटैक सर्वाइवर से संबंधित गुलनाज खान बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य मामले में अधिवक्ता रहीं। इस मामले में माननीय नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा सर्वाधिक 38 लाख रुपये के मुआवजे का आदेश पारित किया गया, जो पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण नज़ीर बना।
कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की महिला सेल द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सार्थक बनाने के उद्देश्य से किया गया। वार्ता का विषय था —
“अधिकार से वास्तविकता तक: महिलाओं के न्याय के अधिकार में कानूनी अंतर पाटना”।
अपने संबोधन में स्निग्धा तिवारी ने कानूनी सुरक्षा के बावजूद महिलाओं, विशेषकर एसिड अटैक सर्वाइवर को न्याय तक पहुंचने में आने वाली चुनौतियों पर जागरूकता बढ़ाई। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनी ढांचे, पीड़ितों को न्याय दिलाने में आने वाली कठिनाइयों तथा कानून और सहायता तंत्र के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने वास्तविक जीवन के अनुभवों और कानूनी समझ के माध्यम से यह भी बताया कि एसिड सर्वाइवर के लिए सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने में सहानुभूति, कानूनी जागरूकता और संस्थागत सहयोग कितना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत में प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश बहुगुणा, महिला सेल की अध्यक्ष प्रोफेसर भुवनेश्वरी तथा प्रियदर्शिनी तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अगर आप चाहें तो मैं इसे थोड़ा और पत्रकारिता स्टाइल में छोटा और ज्यादा प्रभावशाली भी बना सकता हूँ, जैसा अखबारों में छपता है।

 

‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के तहत दून में जनसुनवाई के साथ दूरस्थ महिलाओं को न्याय दिलाने की  शुरुआत

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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने देहरादून में सुनी 25 फरियादें; घरेलू हिंसा से लेकर लैंड फ्रॉड के मामलों पर कड़ा रुख

*महिला कल्याणकारी योजनाओं की ग्राउंड लेवल पर करें मॉनिटरिंग, अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश*

देहरादून, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष पर महिला सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने हेतु राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के अंतर्गत आज उत्तराखंड में इस विशेष मुहिम की शुरुआत राजधानी से की गई। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देहरादून जनपद के जिलाधिकारी कार्यालय परिसर स्थित कोषागार सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया।

राज्य महिला ​आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की एवं सदस्य विमला नैथानी की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में कुल 25 फरियादियों ने अपनी समस्याओं को आयोग के सम्मुख रखा।

जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, आर्थिक सहायता, संपत्ति विवाद और लैंड फ्रॉड जैसे कई गंभीर मामले सामने आए। अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया, जबकि कुछ जटिल प्रकरणों को आगामी कार्रवाई हेतु प्रस्तावित करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

इस जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा के दो मामलों में महिला आयोग के अध्यक्ष द्वारा गंभीरता दिखाते हुए उन्हें सुलझाने का प्रयास किया गया तथा दोनों परिवारों को समझाते हुए से कुशलता के साथ रहने की सलाह दी गई तथा एक माह बाद उन्हें पुनः आयोग के सम्मुख उपस्थित होने के निर्देश दिए है।

वही अपर सारथी विहार देहरादून से एक व्यक्ति द्वारा आयोग की अध्यक्ष से उनकी 93 वर्षीय माता की पेंशन निकालने के लिए बैंक कर्मचारियों को घर न आने की शिकायत की गई, उन्होंने कहा कि 93 वर्षीय बुजुर्ग अस्वस्थ माताजी को हर माह बैंक नहीं ला सकते हैं, उन्होंने बताया कि पूर्व मे बैंक के कर्मचारी घर आया करते थे। अध्यक्ष कुसुम कंडवाल द्वारा बैंक मेनेजर से वार्ता कर वृद्धा की समस्या के निस्तारण के आदेश दिए गए।

वही एक मामले में पीड़िता द्वारा बताया गया कि उनकी शादी को 7 साल हो गए हैं पति द्वारा उनकी तबीयत खराब होने पर तुरंत उनके मायके छोड़ दिया जाता है देखभाल नहीं की जाती है नहीं अच्छा खान-पान दिया जाता है, इस पर आयोग की अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए पीड़िता के पति को ₹5000/- प्रति माह व्यक्तिगत खर्च के लिए देने के निर्देश दिए है।

जनसुनवाई के दौरान एक पीड़िता ने फरियाद लगाते हुए बताया कि उसके एक मुकदमे में उसकी आरोप पत्र की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई जबकि वह पिछले डेढ़ साल से उसके लिए परेशान घूम रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसएचओ नेहरू कॉलोनी को तत्काल निर्देश दिए कि पीड़िता को उक्त मुकदमे के आरोप पत्र की प्रति अविलंब उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय में अनावश्यक विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक पीड़िता द्वारा पर फरियाद लगाते हुए बताया गया कि उनकी बेटी पिछले कई दिनों से लापता है जिसकी गुमशुद की दर्ज कराई गई है परंतु अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है जिसके लिए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सीओ रीना राठौर को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए उनकी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढ कर सकुशल वापस लाने के निर्देश दिए हैं।

इस जनसुनवाई का एक विशेष पहलू यह रहा कि महिलाओं के साथ-साथ पत्नी से प्रताड़ित कुछ पुरुषों ने भी आयोग के सामने उपस्थित होकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मदद की गुहार लगाई। अध्यक्ष ने इन मामलों को भी पूरी संवेदनशीलता से सुना और पारिवारिक सामंजस्य एवं उचित परामर्श के निर्देश दिए।
​अध्यक्ष कुसुम कंडवाल का कहना है कि जो महिला दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं या पीड़िताएं अपनी पहुंच आयोग के मुख्यालय देहरादून तक नहीं बना सकती उनके लिए महिला आयोग द्वारा महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठी पीड़िता को भी समयबद्ध और सुलभ न्याय प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उत्तराखंड सरकार द्वारा महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, ग्राउंड स्तर पर उनकी मॉनिटरिंग की जाए ताकि पात्र महिलाओं को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।

​अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आगामी जनसुनवाई कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि वे स्वयं प्रदेश के 5 जनपदों में उपस्थित रहकर जनसुनवाई की कमान संभालेंगी, ​10 मार्च को जनपद पौड़ी गढ़वाल, 11 मार्च को जनपद हरिद्वार, ​12 मार्च को जनपद चंपावत, ​13 मार्च को जनपद उधम सिंह नगर सहित ​प्रदेश के अन्य जनपदों में आयोग की उपाध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहकर जनसुनवाई करते हुए शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करेंगे।

अध्यक्ष ने जोर दिया कि प्रशासन और पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों की शिकायतों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

इस जनसुनवाई के दौरान आयोग की सदस्य विमला नैथानी, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, उपजिलाधिकारी न्यायिक कुमकुम जोशी, उपजिलाधिकारी सदर हरी गिरी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, सहायक निदेशक / जिला सूचना अधिकारी बद्री चंद, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता स्वाति शर्मा एवं प्रियंका बिष्ट, पुलिस विभाग से पुलिस क्षेत्रअधिकारी रीना राठौर, महिला एवं बाल कल्याण विभाग से प्रोफेशन अधिकारी मीना बिष्ट एवं शिखा कंडवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, सहित शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

डीएम जनदर्शन: असहाय सरिता को रायफल फंड से आर्थिक सहायता, दिव्यांग पुत्र को प्रतिमाह मिलेंगे 4000 रुपए 

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फीस जमा न होने पर स्कूल ने किया परीक्षा से बाधित; डीएम ने प्रोजेक्ट नंदा-सुंनदा से दी विदुषी की फीस

लाचार शमशाद को रायफल फंड से आर्थिक सहायता; वृद्धावस्था पेंशन मौके पर ही स्वीकृत

वर्ष 2017 से खेतों में पड़ा मलबा; क्षतिग्रस्त नहर की 5 लाख अवशेष राशि; डीएम ने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से मौके पर लिखवाई निस्तारण तिथि

विधवा अरूणा का 34 हजार का पेयजल बिल सटलमेंट; डीएम ने दी रायफल फंड से भुगतान की स्वीकृति

बेटे की बढती गुंडई हार्ट पेंशेंट लाचार पिता पंहुचे डीएम द्वार; डीएम कोर्ट में गुंडा एक्ट में दर्ज हुआ वाद

पुत्रवधु द्वारा प्रताड़ित बुजुर्ग दम्पति; डीएम ने दर्ज कराया भरणपोषण एक्ट वाद; फैसला जल्द

मा0 मुख्यमंत्री के जन सेवा के संकल्प से प्रेरित डीएम जन दर्शन; त्वरित न्याय; प्रभावी एक्शन; फरियादियों का उमड़ता सैलाब; मौके पर ही निस्तारण

देहरादून । जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। आज आयोजित जनता दर्शन में कुल 170 शिकायतें प्राप्त हुईं।


जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन में आने वाले व्यथित, असहाय, बुजुर्ग, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
जनता दर्शन में बंजारावाला निवासी कल्पना ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्री विदुषी, जो फाईलफोर्ट पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा है, आर्थिक तंगी के कारण स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाई है, जिसके चलते विद्यालय प्रबंधन उसे परीक्षा में बैठने से रोक रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर छात्रा को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा योजना के अंतर्गत उसकी स्कूल फीस जमा कराने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जवाहर कॉलोनी, बल्लूपुर निवासी शमशाद ने बताया कि वर्ष 2023 में एक दुर्घटना में उनका पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था और उनका उपचार चल रहा है। आय का कोई साधन न होने के कारण उन्होंने आर्थिक सहायता की मांग की। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत करने तथा प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
तहसील चकराता के ग्राम कांडोई निवासी अनिल कुमार ने अवगत कराया कि वर्ष 2017 में पीएमजीएसवाई कालसी द्वारा लाखामण्डल से नाडा मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था, जिससे उनकी कृषि भूमि और नहर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि नहर निर्माण हेतु शेष रू0 5.04 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से प्रकरण का संज्ञान लेते हुए समाधान प्रस्तुत करने को कहा। अधिकारियों द्वारा 12 मार्च तक समस्या के निस्तारण का लिखित आश्वासन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
खुड़बुड़ा निवासी सरिता गोयल ने भी अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। उनका पुत्र दिव्यांग है, जिसका उपचार कराने में वे असमर्थ हैं तथा उनके पति भी बीमार हैं। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को सरिता के दिव्यांग पुत्र को स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत रू0 4000 प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि परिवार को आर्थिक संबल मिल सके और बच्चे का उपचार सुचारू रूप से हो सके।
जनता दर्शन में गढ़ीकैंट डाकरा निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग ने भी अपनी समस्या रखते हुए बताया कि वे हृदय रोग से पीड़ित हैं और हाल ही में उनका ऑपरेशन हुआ है। उन्होंने शिकायत की कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण आए दिन घर में हुड़दंग करता है और उन्हें परेशान करता है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रकरण में गुंडा एक्ट के अंतर्गत वाद दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार धर्मपुर निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। मामले में उनके भरण-पोषण के लिए वाद दर्ज किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का निष्पक्ष, संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजीव नगर निवासी व्यथित विधवा अरूणा ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनके पति की वर्ष 2008 में मृत्यु हो गई तथा मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन करती है। उनका पेयजल का बिल रू0 34395 प्राप्त हुआ है जिसका भुगतान करने में असमर्थ है, जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को बिल सटलमेंट करने के निर्देश दिए तथा सटलमेंट धनराशि का भुगतान जिला प्रशासन के रायफल फंड से करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

 

Action: ऋषिकेश में अवैध बहुमंजिला निर्माण पर MDDA की बड़ी कार्रवाई, मनीराम मार्ग का भवन सील

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स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं हो रहा था निर्माण, शिकायत के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर रोका काम

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ऋषिकेश में एक बहुमंजिला भवन को सील कर दिया। मनीराम मार्ग स्थित गली नंबर-10 में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण पर यह कार्रवाई की गई। प्राधिकरण को निर्माण की शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल भवन को सील कर दिया।

जानकारी के अनुसार सरला अग्रवाल और रेनू गोयल द्वारा मनीराम मार्ग क्षेत्र में बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण को इस निर्माण के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन निर्माण न तो स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप था और न ही इसके लिए प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति ली गई थी। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद एमडीडीए की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया और निर्माण कार्य पूरी तरह से रोक दिया गया। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान भवन परिसर को बंद कर दिया गया और किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगा दी गई। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि शहर में बिना अनुमति के हो रहे निर्माण न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करते हैं, बल्कि इससे यातायात, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।

प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी बिना स्वीकृति या मानचित्र से अलग निर्माण की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। प्राधिकरण का मानना है कि शहर के संतुलित और नियोजित विकास के लिए निर्माण नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। टीम ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद निर्माण स्थल को सील किया और संबंधित दस्तावेजी कार्रवाई भी पूरी की। प्राधिकरण का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर के सुव्यवस्थित विकास और सुरक्षित शहरी ढांचे के लिए निर्माण नियमों का पालन अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र के बहुमंजिला भवनों का निर्माण गंभीर उल्लंघन है और प्राधिकरण इस पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। ऋषिकेश में की गई सीलिंग कार्रवाई इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। ऋषिकेश के मनीराम मार्ग में बिना अनुमति बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा था, जिस पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण टीमें लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रही हैं और जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी निर्माण से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य लें।

 

आस्था: श्री दरबार साहिब एवं श्री झण्डा साहिब में चला दर्शनों व मनौतियों का क्रम

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श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों को दिए दर्शन व आशीर्वाद

श्री गुरु राम राय जी महाराज, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के लगे जयकारे

मंगलवार को होगी ऐतिहासिक नगर परिक्रमा, संगतों ने पूरी की तैयारी
देहरादून। देहरादून। रविवार को श्री झण्डे जी के आरोहण के बाद सोमवार को भी दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में संगतों की भारी चहल-पहल रही। देश-विदेश से आई संगतों के साथ सोमवार को भारी संख्या में देहरादून नगरवासियों ने भी श्री झण्डे जी पर शीश नवाया। संगतों ने श्री झण्डा साहिब एवं श्री दरबार साहिब में मत्था टेककर अपनी मनोकामनाएं मांगी। अल सुबह से ही दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के दर्शनों के लिए संगतें कतारों में खड़ी रहीं। श्री महाराज जी ने संगतों को दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया
सोमवार को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गुरु महिमा तथा गुरु भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गुरु की शरण में आकर ही मनुष्य को सच्चे मार्ग का ज्ञान प्राप्त होता है। गुरु की वाणी अमृत के समान है, जो मानव जीवन को पवित्र और सफल बनाती है। उन्होंने कहा कि भक्ति, सेवा और सत्कर्म ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु का स्मरण करता है, उस पर सद्गुरु की असीम कृपा बरसती है और उसका जीवन सुख-शांति व आध्यात्मिक आनंद से भर जाता है। श्री महाराज जी ने संगतों को गुरु भक्ति, प्रेम, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि गुरु की कृपा से ही मनुष्य जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में 10 मार्च मंगलवार को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा होगी। परंपरा के अनुसार श्री झण्डे जी के आरोहण के तीसरे दिन नगर परिक्रमा के लिए संगतें पहुंचती हैं। नगर परिक्रमा देहरादून के नगरवासियों के लिए भी ऐतिहासिक क्षण होता है, जब देश-विदेश की संगत उनके बीच होती है। हर साल यह मनमोहक दृश्य होता है जब श्री गुरु राम राय जी महाराज द्वारा बसाए गए देहरादून नगर के बीचों-बीच से गुरु की संगत गुजरती है और दूनवासी पलक-पावड़े बिछाकर पुष्प वर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत करते हैं।
मंगलवार को होगी ऐतिहासिक नगर परिक्रमा
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज श्री झण्डा महोत्सव-2025 के मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने जानकारी दी कि परंपरानुसार श्री झण्डे जी आरोहण के तीसरे दिन नगर परिक्रमा का आयोजन किया जाता है। नगर परिक्रमा में श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में संगतें दून नगर की परिक्रमा करती हैं। मंगलवार सुबह 7ः30 बजे श्री दरबार साहिब परिसर से नगर परिक्रमा आरंभ होगी। नगर परिक्रमा में 25 हजार से अधिक संगतंे शामिल होंगी। नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब से प्रारम्भ होकर सहारनपुर चैक, कांवली रोड होते हुए श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बिंदाल पहुंचेगी। यहां संगत को चने, मुरमुरे व गुड़ का प्रसाद वितरित किया जाएगा। यहां से तिलक रोड, टैगोर-विला, घण्टाघर व घण्टाघर से पल्टन बाजार होते हुए लक्खीबाग पुलिस चैकी से रीठा मण्डी, श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बाॅम्बे बाग पहुंचेगी। श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में गन्ने के प्रसाद बांटा जाएगा। इसके बाद ब्रहमलीन श्रीमहंत साहिबान के समाधि स्थल पर मत्था टेकेने के बाद सहारनपुर चैक होते हुए दोपहर 12ः00 बजे नगर परिक्रमा श्री दरबार साहिब वापिस पहुंचकर सम्पन्न होगी।
गुरु महिमा के भजनों व कीर्तन की रही धूम
सोमवार सुबह से ही श्री दरबार साहिब परिसर में गुरु महिमा एवं श्री गुरु राम राय जी महाराज के भजनों-कीर्तनों की धूम रही। भक्ति और श्रद्धा से सराबोर वातावरण में संगतों ने गुरु महिमा का गुणगान किया और पूरा परिसर भक्ति रस में डूबा नजर आया। “गुरु बिन घोर अंधेरा, गुरु से ही उजियारा”, “सतगुरु तेरी महिमा अपरम्पार”, तथा “मेरे सतगुरु दाता मेहर कर दाता” जैसे भजनों के साथ-साथ श्री गुरु राम राय जी महाराज की महिमा का बखान करते अनेक भजन गूंजते रहे। संगतों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भजनों का आनंद लिया, जिससे पूरा श्री दरबार साहिब परिसर भक्तिमय माहौल से महिमामयी हो उठा।
श्री दरबार साहिब के अन्दर व बाहर लगे लंगर
श्री दरबार साहिब के अन्दर व बाहर संगतों की सेवा में लंगर लगाए गए हैं। बाहरी व दून के श्रद्धालु लंगर छक रहे हैं। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डाॅक्टरों, नर्सिंग व पैरामैडिकल स्टाफ की टीम चिकित्सकीय सेवा के लिए श्री दरबार साहिब मंे उपलब्ध है। संगतें व दूनवासी श्री झण्डे जी मेले के आयोजन का भरपूर लुत्फ उठा रहें हैं।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एवम् श्री महाकाल
सेवा समिति ने लगाया स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एवम् श्री महाकाल सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में संगतों ने बढ़चढ़ कर रक्तदान किया। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 200 यूनिट रक्तदान हुआ। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में पुरुषों के साथ साथ महिलाओं ने भी बढ़चढ़ कर भागीदारी की।

 

महिला एवं बाल अपराधों के प्रति संवेदनशील दून पुलिस:  Operation Smile के तहत दून पुलिस की कार्यवाही जारी

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सेलाकुई क्षेत्र से गुमशुदा युवती को पुलिस ने सकुशल बरामद कर किया परिजनों के सुपुर्द

दून पुलिस की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए परिजनों ने किया आभार व्यक्त

 

दिनांक 08/03/2026 को सेलाकुई निवासी एक व्यक्ति द्वारा अपनी 23 वर्षीय पुत्री के घर से बिना बताए चले जाने के संबंध में थाना सेलाकुई पर प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसके आधार पर थाना सेलाकुई पर तत्काल गुमशुदगी पंजीकृत की गई।

घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत गुमशुदा की तलाश हेतु एसएसपी देहरादून द्वारा दिये गए निर्देशों पर तत्काल थाना सेलाकुई पर टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा गुमशुदा युवती के घर तथा उसके आसपास आने जाने वाले मार्गो पर लगे सीसीटीवी कैमरो को चैक किया गया तथा युवती के दोस्तों व अन्य परिचितों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी एकत्रित की गई। पुलिस द्वारा की गयी त्वरित कार्यवाही व अथक प्रयासों से पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

*पुलिस टीम:-*

1- उ०नि० सुमेर सिंह
2- उ०नि० कृपाल सिंह
2- अ०उ०नि० मनोज सिंह
3- हे०कां० नीरज शुक्ला
4- म०कां० करिश्मा

दून में ऐतिहासिक श्री झण्डा साहिब का भव्य आरोहण:  आस्था का महासागर श्री झण्डे जी पर झुके लाखों शीश

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श्री गुरु राम राय जी महाराज व श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जयकारों से गूंजी द्रोणनगरी

श्री दरबार साहिब में शाम 4 बजकर 12 मिनट पर हुआ श्री झण्डे जी का आरोहण

देहरादून। “झण्डा चढ़या चढ़या ए देरादून, संगतां मनाले खुशियां, खुशियां नाल मनाईये जन्मदिन सद्गुरु दा, देखो-देखो गुरां दा झण्डा चढ़या” जैसे ही यह श्रद्धा से भरे स्वर दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में गूंजे, पूरा वातावरण गुरु भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर हो उठा। रविवार को लाखों श्रद्धालुओं और दूनवासियों की पावन उपस्थिति में श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक श्री झण्डा साहिब का भव्य आरोहण हुआ।


जैसे ही श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के संदेश पर आरोहण की प्रक्रिया आरंभ हुई, पूरी द्रोणनगरी श्री गुरु महाराज जी के जयकारों से गूंज उठी। ठीक शाम 4 बजकर 12 मिनट पर 94 फीट ऊंचे पवित्र श्री झण्डे जी का आरोहण पूर्ण हुआ। इस दिव्य क्षण का साक्षी बनते ही संगतों ने “जय श्री गुरु राम राय जी महाराज” और जय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के गगनभेदी जयकारे लगाए और ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूम उठे। इसी के साथ देहरादून की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर श्री झण्डे जी मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया।
आस्था के महाकुंभ में उमड़ा जनसैलाब
रविवार को सूर्योदय से पहले ही श्री दरबार साहिब परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश-विदेश से आई संगतों ने श्रद्धा और भक्ति भाव से श्री झण्डे जी के समक्ष शीश नवाया और श्री गुरु महाराज जी के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना। पूरे परिसर में तिल रखने तक की जगह नहीं थी। हर कोई गुरु महाराज की कृपा पाने और श्री झण्डा साहिब के समक्ष मत्था टेकने को आतुर दिखाई दिया।
दूध, घी, शहद और गंगाजल से हुआ पवित्र स्नान
सुबह 7 बजे से विशेष पूजा-अर्चना आरंभ हुई। 8ः30 बजे श्रद्धालुओं ने पवित्र ध्वज दंड श्री झण्डे जी को उतारा और विधि-विधान से पूजा की। संगतों ने अत्यंत श्रद्धा के साथ दूध, घी, शहद, गंगाजल और पंचगव्य से पवित्र ध्वज का अभिषेक किया। इसके बाद 94 फीट ऊंचे श्री झण्डे जी पर पहले सादे और शनील के गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान एक विशेष परंपरा निभाई जाती है। पूरी प्रक्रिया में श्री झण्डे जी को एक क्षण के लिए भी जमीन पर नहीं रखा जाता, बल्कि संगतें अपने हाथों पर उसे थामे रहती हैं।
दर्शनी गिलाफ चढ़ते ही उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
दोपहर करीब 1ः30 बजे जैसे ही दर्शनी गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई, संगतों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। हजारों श्रद्धालु उस पवित्र गिलाफ को स्पर्श कर पुण्य अर्जित करने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और गुरु महिमा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
गुरु की कृपा से जगमगाई द्रोणनगरी
नए मखमली वस्त्र और सुनहरे गोटों से सुसज्जित श्री झण्डा साहिब का आरोहण होते ही पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु लकड़ी की कैंचियों को थामकर पवित्र ध्वज को ऊंचाई तक पहुंचाने में सहभागी बने। यह दृश्य श्रद्धा, समर्पण और गुरु प्रेम की अनुपम मिसाल बना रहा।

“देशवासियों पर सदैव बनी रहे श्री गुरु राम राय जी महाराज की कृपा”
श्री झण्डे जी के आरोहण के बाद श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने देश व प्रदेशवासियों और संगतों को श्री झण्डा जी महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह मेला प्रेम, सद्भावना, भाईचारे, उल्लास और अमन-चैन का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि श्री झण्डे जी के समक्ष शीश नवाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, इसी कारण देश-विदेश से संगतें हर वर्ष इस पावन बेला की प्रतीक्षा करती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि श्री गुरु राम राय जी महाराज की असीम कृपा देश व प्रदेशवासियों और संगतों पर सदैव बनी रहे।

बाज के दर्शन को माना गया दिव्य दर्शन
श्री झण्डे जी आरोहण के बाद एक बाज ने श्री झण्डे जी की परिक्रमा की। श्रद्धालु इसे हर वर्ष की तरह श्री गुरु राम राय जी महाराज की सूक्ष्म दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं। इस अद्भुत दृश्य ने संगतों की श्रद्धा को और भी गहरा कर दिया और पूरा परिसर भक्ति के उल्लास से झूम उठा।

एलईडी स्क्रीनों और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण
मेले के दिव्य दृश्य को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए इस बार 5 बड़ी एलईडी स्क्रीनों लगाई गईं। साथ ही फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से भी श्री झण्डे जी आरोहण का सीधा प्रसारण किया गया। ड्रोन कैमरों से की गई भव्य कवरेज श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।

देश-विदेश से पहुंची संगतें
उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से संगतें यहां पहुंचीं। विदेशों से आई संगतों ने भी इस दिव्य अवसर पर श्री झण्डे जी के दर्शन कर श्री गुरु महाराज जी की महिमा का गुणगान किया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए ढोल की थाप पर झूमते नजर आए।

पवित्र सरोवर में लगाई आस्था की डुबकी
श्रद्धालुओं ने श्री दरबार साहिब स्थित पवित्र सरोवर में स्नान कर श्री गुरु महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

पुलिस, प्रशासन और मीडिया का जताया आभार
श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति ने मेले के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए पुलिस, प्रशासन, मीडिया और दूनवासियों का आभार व्यक्त किया। समिति के मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों की ओर से सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

दून मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक सर्जिकल कार्यशाला का भव्य आयोजन

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देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज में प्राचार्या प्रो. (डॉ.) गीता जैन के मार्गदर्शन एवं देखरेख में सर्जरी विभाग द्वारा एक दिवसीय अत्याधुनिक सर्जिकल कार्यशाला का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य पीजी चिकित्सकों, इंटर्न एवं एमबीबीएस छात्रों को आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था, जिससे उनकी शल्य चिकित्सा संबंधी दक्षता और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके।
कार्यशाला के दौरान पीजी चिकित्सकों को एनिमल मॉडल पर आंतों को जोड़ने (इंटेस्टाइनल एनास्टोमोसिस) की आधुनिक एवं उन्नत तकनीकों का अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राणी ऊतकों पर किया गया यह अभ्यास वास्तविक मानवीय ऑपरेशन की प्रक्रिया के अत्यंत निकट होता है। इससे युवा चिकित्सकों को ऑपरेशन के दौरान आने वाली जटिलताओं को समझने और उनका समाधान करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। इस प्रकार का प्रशिक्षण चिकित्सा शिक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे चिकित्सकों की सर्जिकल कौशल में उल्लेखनीय सुधार होता है।
कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित वरिष्ठ चिकित्सकों के ज्ञानवर्धक व्याख्यानों से हुई। इस अवसर पर महंत इंद्रेश हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. शर्मा एवं डॉ. प्रदीप सिंघल, सर्जिकल सोसाइटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. आर. के. टम्टा तथा डॉ. शैलेन्द्र तिवारी ने सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, ऑपरेशन के दौरान सावधानियों एवं जटिल परिस्थितियों के प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उनके व्याख्यानों से उपस्थित चिकित्सकों एवं छात्रों को अत्यंत लाभ मिला।
कार्यशाला के अंतर्गत इंटर्न एवं एमबीबीएस के छात्रों को स्यूचरिंग (टांके लगाने) एवं नॉटिंग तकनीक का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने विभिन्न प्रकार के सर्जिकल टांकों एवं गांठों की तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए छात्रों को स्वयं अभ्यास कराया। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का उपयोग इस कार्यशाला की प्रमुख विशेषता रहा।
इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. (डॉ.) गीता जैन ने कहा कि दून मेडिकल कॉलेज में समय-समय पर इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे युवा चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनम्र मित्तल द्वारा किया गया, जबकि अंत में डॉ. राजेंद्र प्रसाद खंडूरी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सफल आयोजन के लिए एमएस Dr RS Bisht एवं डिप्टी एमएस DR NS Bisht ने सर्जरी विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में पीजी चिकित्सकों, इंटर्न, एमबीबीएस छात्रों तथा सर्जरी विभाग के संकाय सदस्यों ने भाग लिया। यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई और इससे उनकी सर्जिकल दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।