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Awareness: श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेत्र रोग विभाग ने ग्लूकोमा से बचाव का दिया संदेश

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विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अवसर पर रविवार को वाॅकथाॅन का किया आयोजन

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डाॅक्टरांे, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल छात्र-छात्राओं एवम् स्टाफ ने बढ़चढ़ कर की भागीदारी

देहरादुून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवम् श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेत्र विभाग के द्वारा 8 मार्च रविवार को विश्व ग्लूकोमा सप्ताह (8 से 14 मार्च ) के अवसर पर जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेत्र रोग विभाग ने वॉकाथॉन का आयोजन किया । इस कार्यक्रम में डाॅक्टरों, मेडिकल छात्र-छात्राओं एवं अस्पताल के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और ग्लूकोमा से बचाव का संदेश दिया। वाॅकथाॅन के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियों में लिखे सलेग्नों के माध्यम से जनजागरूकता की अलख जगाई। उन्होनें हाथों मंें ली तख्तियों में लिखे संदशों समय समय पर नेत्र जाॅच करवाएं, काला मोतिया से आॅखों को बचाएं। नियमित जाॅच का लें संकल्प, ग्लूकोमा से बचाव होगा सरल विकल्प, धूंधला दिखे या दर्द हो जाए, तुरंत नेत्र चिकित्सक से जाॅच कराएं के माध्यम से आमजन को ग्लूकोमा के स्याह पक्ष से अवगत कराया।
रविवार सुबह रैली श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ से शुरू होकर लाल पुल पहुंची वहां से यू टर्न लेकर वापिस श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल परिसर में आकर सम्पन्न हुई। इस अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं ग्लूकोमा विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका गुप्ता ने बताया कि ग्लूकोमा “दृष्टि का मौन चोर” है, जो प्रारंभिक अवस्था में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ता है। इसलिए नियमित नेत्र जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंट्राऑक्यूलर प्रेशर (आंखों के दबाव) की जांच, ऑप्टिक नर्व का परीक्षण तथा विजुअल फील्ड जांच जैसे सरल परीक्षणों के माध्यम से रोग का प्रारंभिक अवस्था में पता लगाया जा सकता है और स्थायी दृष्टि हानि से बचाव संभव है।
नेत्र रोग विभाग आधुनिक जांच सुविधाओं एवं नवीनतम उपचार विकल्पों से सुसज्जित है। अस्पताल द्वारा 9 मार्च से 14 मार्च तक निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लेजर उपचार तथा चयनित सर्जरी भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किसी भी रूप में स्टेरॉयड का उपयोग, आंख में गंभीर चोट या परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रखने वाले लोगों से नियमित नेत्र जांच कराने की अपील की गई है। इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डॉ अबिन पाल, डॉ पुनीत ओहरी, डॉ राजीव आजाद, डॉ तनुज भाटिया, डॉ ललित वार्ष्णेय, डॉ संजय साधू आदि उपस्थित रहे

 

वन विकास निगम कर्मचारी संगठन के चुनाव सम्पन्न: प्रेम सिंह चौहान बने प्रांतीय अध्यक्ष

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सुनील कुमार पुंडीर महामंत्री निर्वाचित, पूरी कार्यकारिणी सर्वसम्मति से चुनी गई

देहरादून। उत्तराखण्ड वन विकास निगम कर्मचारी संगठन के प्रांतीय चुनाव रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो गए। चुनाव प्रक्रिया मुख्य चुनाव अधिकारी सूर्य प्रकाश राणाकोटि की देखरेख में सम्पन्न हुई, जबकि चुनाव अधिकारी के रूप में नन्द लाल जोशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चुनाव के दौरान राज्य निगम कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और अनुशासित तरीके से सम्पन्न कराई गई। इस चुनाव की खास बात यह रही कि संगठन की पूरी कार्यकारिणी सर्वसम्मति से निर्विरोध चुनी गई, जिससे कर्मचारियों के बीच संगठन के प्रति विश्वास और एकजुटता स्पष्ट दिखाई दी।

घोषित परिणाम के अनुसार प्रेम सिंह चौहान को उत्तराखण्ड वन विकास निगम कर्मचारी संगठन का प्रांतीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया, जबकि सुनील कुमार पुंडीर को प्रांतीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

इसके अलावा बुद्धि सिंह राणा वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने हैं। उपाध्यक्ष पद पर महेन्द्र सिंह गेडा, ललित चन्द जोशी, ध्यान सिंह अधिकारी और रणजीत सिंह रावत निर्वाचित हुए। संगठन के कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी श्याम सिंह तोमर को दी गई है।

वहीं सौरभ पाण्डे उप महामंत्री, सुरेन्द्र कुमार और सुन्द राम जिन्टा संयुक्त मंत्री चुने गए हैं। संगठन मंत्री पद पर विवेक नैथानी और बीर सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठन की गतिविधियों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से मीडिया तक पहुंचाने के लिए कीरत सिंह नेगी, बिरेन्द्र सिंह रावत, राकेश ध्यानी और दीपक सिंह को मीडिया प्रभारी बनाया गया है।

नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष प्रेम सिंह चौहान ने कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाते हुए उनके समाधान के लिए प्रबंधन और सरकार से लगातार संवाद किया जाएगा।
वहीं महामंत्री सुनील कुमार पुंडीर ने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और संगठन कर्मचारियों के अधिकारों तथा समस्याओं के समाधान के लिए मजबूती से कार्य करता रहेगा।

चुनाव अधिकारियों ने भी पूरी प्रक्रिया के शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक सम्पन्न होने पर संतोष व्यक्त किया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और सभी ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।

सीएम धामी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित 

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प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी 38 महिलाएं हुई सम्मानित

महिला दिवस इस नयी थीम के आधार पर मनाया गया: मुख्यमंत्री और महिला सशक्तिकरण मंत्री ने किया सम्मानित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वरिष्ठ मातृशक्ति का सम्मान “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति, जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली राज्यभर से 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान हो रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है। उन्होंने कहा महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है। महिलाएं, मां के रूप में अपने जीवन के प्रत्येक सुख को त्यागकर अपने बच्चों को आगे बढ़ाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ महिलाएं, परिवारों के साथ संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की रक्षक भी हैं।उन्होंने कहा उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान और भी अधिक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण है। हमारे प्रदेश की महिलाएं परिवार को संभालने के साथ खेत-खलिहानों को संवारती हैं। राज्य की महिलाएं कठिन परिस्थिति में भी मजबूती से आगे बढ़ती हैं। उत्तराखंड की माताओं ने अपने त्याग, परिश्रम और अदम्य साहस से इस राज्य को आगे बढ़ाया है। पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ नागरिकों, वृद्ध माताओं की सेवा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार, महिलाओं-विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेकों कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है।
राज्य सरकार, वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ राज्य के विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा दे रही है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की हर वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का पूरा अवसर मिल सके।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली महिलाएं समाज के लिए भी प्रेरणादाई होती हैं। उन्होंने कहा जो व्यक्ति सक्रिय रहेगा वही जीवंत भी रहेगा। सक्रियता जीवन को संपन्न बनती है। उन्होंने कहा महिला सशक्तिकरण की शुरूआत स्वयं अपने घर से शुरू होकर समाज और देश में जाएगी। महिलाएं हमेशा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करती है। महिला शक्ति ही वह शक्ति है जो परिवार के साथ समाज और देश का भी निर्माण करती हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आज जिन वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और समाज के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन समाज की अमूल्य धरोहर है।

सचिव श्री चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की मुख्य थीम “Give to Gain निर्धारित की गई है। इस थीम के अनुरूप ऐसे वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जो 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद भी सक्रिय, आत्मनिर्भर और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वरिष्ठ महिलाओं के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिनिधिक बनाने के लिए प्रत्येक जनपद से निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग एवं उच्च आय वर्ग से एक-एक महिला का चयन किया गया है। इसके लिए जनपद स्तर पर समिति का गठन करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चयन सुनिश्चित किया गया है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और परिश्रम से समाज को नई दिशा दी है। वरिष्ठ महिलाओं का यह सम्मान उनके संघर्ष, अनुभव और समाज के प्रति समर्पण को नमन करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है और मातृशक्ति के सहयोग से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सम्मानित की गई सभी महिलाएं 60 वर्ष से अधिक आयु की हैं, लेकिन उन्होंने शारीरिक और मानसिक रूप से थकने या कार्य से विरत होने के बजाय समाज सेवा का मार्ग चुना है। उन्होंने कहा कि ये सभी महिलाएं प्रदेश की महिलाओं के लिए सच्चे अर्थों में प्रेरणा और सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल हैं।

मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिलाओं से संवाद का अवसर भी मिला। उनके संघर्ष, जीवटता और आत्मविश्वास से भरी जीवन कहानियों से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश की मातृशक्ति ने बिना किसी दिखावे के जमीनी स्तर पर स्वयं का और अन्य महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण किया है।

कार्यक्रम में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

महिला अपराधों के प्रति गंभीर दून पुलिस: क्लेमेंटाउन क्षेत्र में युवती पर जानलेवा हमले के आरोपी अभियुक्त को किया गिरफ्तार

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युवती के किसी अन्य युवक के संपर्क में होने की बात को लेकर दोनों के बीच हुआ था विवाद*

*विवाद के दौरान घायल दोनों युवक- युवती को पुलिस द्वारा घटना के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती*

*अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू को उसके कमरे से किया बरामद*

दिनांक 07-03-26 को वादी श्री वादी श्री कृष्ण चंद्र वर्मा पुत्र स्व दयाराम निवासी 24 आदर्श विहार रायपुर रोड, थाना- रायपुर, देहरादून उम्र-55 वर्ष द्वारा थाना क्लेमेंटाउन में लिखित तहरीर दी की एक निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले युवक उदय पुत्र महेश नि0 जागृति विहार, मेरठ, उ0प्र0, जो M.CA प्रथम वर्ष का छात्र है, के द्वारा उनकी पुत्री को जान से मारने की नियत से उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिसमे उनकी पुत्री को गंभीर चोटें आई, जिसका उपचार दून अस्पताल में चल रहा है एवं उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। वादी द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर थाना क्लेमेंटाउन पर तत्काल मु0अ0सं0- 20/2026 धारा 109(1) बीएनएस बनाम उदय सिंह का अभियोग पंजीकृत किया गया।

प्रकरण की गम्भीरता/सवेंदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा घटना में शामिल अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए, जिस पर क्लेमेंटाउन पुलिस द्वारा दिनांक 07-03-26 को घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त उदय सिंह उर्फ़ विशु पुत्र महेश कुमार निवासी 103/2 जागृति विहार, थाना मेडिकल, जनपद मेरठ, उ0प्र0 हाल पता – ओगल भट्टा, थाना क्लेमेन्टाउन, देहरादून, उम्र -21 वर्ष को दून अस्पताल परिसर से गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशान देही पर उसके ओगल भट्टा स्थित कमरे से घटना में प्रयुक्त चाकू को बरामद किया गया।

*पूछताछ का विवरण :-*

पूछताछ में अभियुक्त उदय सिंह उर्फ़ विशु द्वारा बताया गया कि वह क्लेमें टाउन स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में एमसीए प्रथम वर्ष का छात्र है, तथा कृष्णा विहार ओगल भट्टा में अपने तीन अन्य दोस्तो के साथ कमरा किराये पर लेकर रह रहा है। उक्त युवती से उसकी मुलाकात सितम्बर 2025 में अपने शिक्षण संस्थान में हुई थी, जिसके बाद से ही दोनो लगातार एक दूसरे के संपर्क में थे। अभियुक्त उक्त युवती से शादी करना चाहता था, परंतु इस बीच उसे उक्त युवती के किसी अन्य युवक के संपर्क में होने की जानकारी मिली, इस बात को लेकर दिनाँक 07/03/2026 उन दोनों के मध्य विवाद हो गया, जहां आवेश में आकर युवक द्वारा युवती पर चाकू से हमला कर दिया।

*नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त :-*

उदय सिंह उर्फ विशु पुत्र महेश कुमार निवासी 103/2 जागृति विहार, थाना मेडिकल, मेरठ, उत्तर प्रदेश

*बरामदगी :-*

घटना में प्रयुक्त चाकू

 

‘द टिहरी लेक फेस्टिवल’ के जरिये उत्तराखंड ने दिया पर्यावरण और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने का संदेश: राज्यपाल

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टिहरी फेस्टिवल ने साबित की उत्तराखंड की क्षमताः राज्यपाल

टिहरी गढ़वाल।। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने रविवार को टिहरी लेक फेस्टिवल में मुख्य अतिथि के रुप में प्रतिभाग किया। ‘ द टिहरी लेक फेस्टिवल’ के तीसरे दिन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बतौर पहुंचे राज्यपाल ने आयोजन की खुलकर सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि कर्या पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति और साहसिक खेल के बडे़ संदेश देने की सराहना करते हुए कहा कि टिहरी लेक फेस्टिवल ने अपने संस्मरणों से खींची महिला सशक्तिकरण की तस्वीर।

उन्होंने कहा कि ‘द टिहरी लेक फेस्टिवल’ के जरिये पर्यावरण, बारामासी पर्यटन, संस्कृति और साहसिक खेल से जुडे़ बडे़ संदेश देश-दुनिया तक पहुंचे हैं।इसने न सिर्फ टिहरी‌ बल्कि पूरे उत्तराखंड की क्षमता को साबित किया है।

उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि चार दिन में 15 से अधिक प्रतियोगिताएं और उनमें साढे़ तीन हजार प्रतिभागियों की उपस्थिति उत्साहित करने वाली है।

पहली बार आयोजन का दायरा बढ़ने और इसमें विभिन्न विषयों के समावेश को उन्होंने खास तौर पर रेखांकित किया।

चार संस्मरणों से महिला शक्ति का बखानअंतराष्ट्रीय महिला दिवस के आलोक में राज्यपाल ने अपने संबोधन के एक बडे़ हिस्से को महिलाओं पर केंद्रित किया।

उन्होने कहा-पहाड़ की बेटियों के लक्ष्य बहुत ऊंचे हैं।वह बेहद मजबूत और दृढ़ इच्छा शक्ति वाली हैं।

उन्होंने चार संस्मरणों के जरिये दिलचस्प ढंग से महिला शक्ति का बखान किया।

संस्मरण-01राज्यपाल ने पहला संस्मरण एनसीसी कैडेट से संबंधित साझा किया।

उन्होंने बताया-देहरादून के एक कार्यक्रम में नौवीं कक्षा की एनसीसी कैडेट से जब उन्होंने उसका लक्ष्य पूछा, तो उसने कहा-वह चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनेगी।

संस्मरण-02टेक्निकल यूनिवर्सिटी में एआई आधारित काॅम्पिटशन की प्रतिभागी बेटी से मुलाकात का राज्यपाल ने जिक्र किया और कहा कि उस बेटी ने मुझसे कहा-आई लव टेक्नाॅलाजी।

उन्होंने कहा कि साफ संकेत है-हमारी बेटियां तकनीक की अहमियत समझ रही हैं।

संस्मरण-03राज्यपाल ने अपने पहले विजिट का भी जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि वह अपने पहले विजिट में एक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मिले थे, जो नौ तरह का पहाड़ी लूण बनाती हैं।यह लूण न्यूयार्क और लंदन में भी बिकता है।

संस्मरण-04राज्यपाल ने अल्मोड़ा की मशरूम उत्पादक महिला की भी चर्चा की और बताया कि वह 25 हजार रूपये महीना कमाती थी।मैने छह महीने में एक लाख कमाने की अपेक्षा की, जो उसने पूरी कर दी।अब उससे एक करोड़ सालाना कमाई की अपेक्षा है।

“जल, जंगल, जमीन,टिहरी सारे विषयों को छुआ राज्यपाल ने जल, जंगल, जमीन से लेकर टिहरी के इतिहास और यहां से जुड़ी तमाम बातों को अपने भाषण का हिस्सा बनाया।

उन्होंने पहाड़ के खाद्य पदार्थों, व्यंजनों, श्री अन्न को भी अपने भाषण की विषय वस्तु बनाया।

हिमालयन ओ टू और छुंई बाथ की खास चर्चाराज्यपाल गुरमीत सिंह ने आयोजन के साथ हिमालयन ओ टू जोड़े जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का इससे बड़ा कोई संदेश नहीं हो सकता।

छुंईं बाथ जैसे कार्यक्रम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें हुई चर्चाओं को किताब रूप में संकलित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने हिमालयी सरोकारों के लिए विधायक किशोर उपाध्याय की भी तारीफ की।

पीएम की सोच को आगे बढ़ा रहा उत्तराखंडराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संदेश दिया है कि उत्तराखंड में सिर्फ चार धाम से संबंधित यात्रा ही नहीं है, बल्कि बारह महीने की संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि इस पर अमल करते हुए उत्तराखंड शीतकालीन, ग्रामीण, सांस्कृतिक आदि पर्यटन को आगे बढ़ाने की कोशिशों में जुटा है।

विजेताओं को पुरस्कार बांटे, नाट्य प्रस्तुति सराहीराज्यपाल ने पेंटिंग,मास्टर शेफ, ग्रुप फैशन शो, मिस्टर एवं मिसेज टिहरी आदि प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।

इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से उन्हें पहाड़ी वाद्य यंत्र रणसिंगा से संबंधित स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सुर गंगा संगीत कला मंच की ओर से नाट्य प्रस्तुति दी गई,जिसकी राज्यपाल ने सराहना की।

हेलीपैड पर हुआ राज्यपाल का जोरदार स्वागत इससे पहले यहां पहुंचने पर हेलीपैड पर राज्यपाल का विधायक किशोर उपाध्याय,जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण,डीएम नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल,भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वागत किया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में सफल आयोजन के लिए डीएम नितिका खंडेलवाल और सीडीओ वरुणा अग्रवाल की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने टिहरी को ‘ग्लोबल हब’ बना दिया।

कार्यक्रम में दायित्वधारी राज्य मंत्री विनोद उनियाल, गीता रावत, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन, नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत व चंबा की अध्यक्ष शोभनी धनोला आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

दून में ऐतिहासिक श्री झण्डा साहिब का भव्य आरोहण:  आस्था का महासागर श्री झण्डे जी पर झुके लाखों शीश

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श्री गुरु राम राय जी महाराज व श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जयकारों से गूंजी द्रोणनगरी

श्री दरबार साहिब में शाम 4 बजकर 12 मिनट पर हुआ श्री झण्डे जी का आरोहण

देहरादून। “झण्डा चढ़या चढ़या ए देरादून, संगतां मनाले खुशियां, खुशियां नाल मनाईये जन्मदिन सद्गुरु दा, देखो-देखो गुरां दा झण्डा चढ़या” जैसे ही यह श्रद्धा से भरे स्वर दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में गूंजे, पूरा वातावरण गुरु भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर हो उठा। रविवार को लाखों श्रद्धालुओं और दूनवासियों की पावन उपस्थिति में श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक श्री झण्डा साहिब का भव्य आरोहण हुआ।


जैसे ही श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के संदेश पर आरोहण की प्रक्रिया आरंभ हुई, पूरी द्रोणनगरी श्री गुरु महाराज जी के जयकारों से गूंज उठी। ठीक शाम 4 बजकर 12 मिनट पर 94 फीट ऊंचे पवित्र श्री झण्डे जी का आरोहण पूर्ण हुआ। इस दिव्य क्षण का साक्षी बनते ही संगतों ने “जय श्री गुरु राम राय जी महाराज” और जय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के गगनभेदी जयकारे लगाए और ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूम उठे। इसी के साथ देहरादून की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर श्री झण्डे जी मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया।
आस्था के महाकुंभ में उमड़ा जनसैलाब
रविवार को सूर्योदय से पहले ही श्री दरबार साहिब परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश-विदेश से आई संगतों ने श्रद्धा और भक्ति भाव से श्री झण्डे जी के समक्ष शीश नवाया और श्री गुरु महाराज जी के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना। पूरे परिसर में तिल रखने तक की जगह नहीं थी। हर कोई गुरु महाराज की कृपा पाने और श्री झण्डा साहिब के समक्ष मत्था टेकने को आतुर दिखाई दिया।
दूध, घी, शहद और गंगाजल से हुआ पवित्र स्नान
सुबह 7 बजे से विशेष पूजा-अर्चना आरंभ हुई। 8ः30 बजे श्रद्धालुओं ने पवित्र ध्वज दंड श्री झण्डे जी को उतारा और विधि-विधान से पूजा की। संगतों ने अत्यंत श्रद्धा के साथ दूध, घी, शहद, गंगाजल और पंचगव्य से पवित्र ध्वज का अभिषेक किया। इसके बाद 94 फीट ऊंचे श्री झण्डे जी पर पहले सादे और शनील के गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान एक विशेष परंपरा निभाई जाती है। पूरी प्रक्रिया में श्री झण्डे जी को एक क्षण के लिए भी जमीन पर नहीं रखा जाता, बल्कि संगतें अपने हाथों पर उसे थामे रहती हैं।
दर्शनी गिलाफ चढ़ते ही उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
दोपहर करीब 1ः30 बजे जैसे ही दर्शनी गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई, संगतों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। हजारों श्रद्धालु उस पवित्र गिलाफ को स्पर्श कर पुण्य अर्जित करने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और गुरु महिमा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
गुरु की कृपा से जगमगाई द्रोणनगरी
नए मखमली वस्त्र और सुनहरे गोटों से सुसज्जित श्री झण्डा साहिब का आरोहण होते ही पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु लकड़ी की कैंचियों को थामकर पवित्र ध्वज को ऊंचाई तक पहुंचाने में सहभागी बने। यह दृश्य श्रद्धा, समर्पण और गुरु प्रेम की अनुपम मिसाल बना रहा।

“देशवासियों पर सदैव बनी रहे श्री गुरु राम राय जी महाराज की कृपा”
श्री झण्डे जी के आरोहण के बाद श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने देश व प्रदेशवासियों और संगतों को श्री झण्डा जी महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह मेला प्रेम, सद्भावना, भाईचारे, उल्लास और अमन-चैन का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि श्री झण्डे जी के समक्ष शीश नवाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, इसी कारण देश-विदेश से संगतें हर वर्ष इस पावन बेला की प्रतीक्षा करती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि श्री गुरु राम राय जी महाराज की असीम कृपा देश व प्रदेशवासियों और संगतों पर सदैव बनी रहे।

बाज के दर्शन को माना गया दिव्य दर्शन
श्री झण्डे जी आरोहण के बाद एक बाज ने श्री झण्डे जी की परिक्रमा की। श्रद्धालु इसे हर वर्ष की तरह श्री गुरु राम राय जी महाराज की सूक्ष्म दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं। इस अद्भुत दृश्य ने संगतों की श्रद्धा को और भी गहरा कर दिया और पूरा परिसर भक्ति के उल्लास से झूम उठा।

एलईडी स्क्रीनों और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण
मेले के दिव्य दृश्य को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए इस बार 5 बड़ी एलईडी स्क्रीनों लगाई गईं। साथ ही फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से भी श्री झण्डे जी आरोहण का सीधा प्रसारण किया गया। ड्रोन कैमरों से की गई भव्य कवरेज श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।

देश-विदेश से पहुंची संगतें
उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से संगतें यहां पहुंचीं। विदेशों से आई संगतों ने भी इस दिव्य अवसर पर श्री झण्डे जी के दर्शन कर श्री गुरु महाराज जी की महिमा का गुणगान किया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए ढोल की थाप पर झूमते नजर आए।

पवित्र सरोवर में लगाई आस्था की डुबकी
श्रद्धालुओं ने श्री दरबार साहिब स्थित पवित्र सरोवर में स्नान कर श्री गुरु महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

पुलिस, प्रशासन और मीडिया का जताया आभार
श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति ने मेले के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए पुलिस, प्रशासन, मीडिया और दूनवासियों का आभार व्यक्त किया। समिति के मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों की ओर से सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेलां के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपाने निकली कार्यकर्ता

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उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेलां के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड आगमन के अवसर पर प्रदेश से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर ज्ञापन देने का प्रयास
देहरादून/ ऋषिकेश- उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेलां के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड आगमन के अवसर पर प्रदेश से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर ज्ञापन देने का प्रयास किया।
ज्योति रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था, प्रदेश की बेटी अंकिता भण्डारी हत्याकांड में अब तक पूर्ण न्याय न मिलना, प्रदेश में लगातार बढ़ते अपराध, महिलाओं की असुरक्षा, बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोज़गारी तथा आम जनता से जुड़े अन्य गंभीर मुद्दों को लेकर गृहमंत्री को ज्ञापन दिया जाना था। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने की खबरों को लेकर भी निष्पक्ष जांच और उनके इस्तीफे की मांग ज्ञापन में शामिल थी।


प्रदेश अध्यक्ष रौतेला ने बताया कि महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता गृहमंत्री को लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन देने के लिए जा रही थीं, लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें काफी समय तक रोके रखा गया। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ने कहा कि मौके पर मौजूद किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने ज्ञापन लेने की जहमत तक नहीं उठाई।
प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेलां ने बताया कि जब उन्होंने इस पर नाराजगी व्यक्त की तो वहां भारी पुलिस बल के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिसमें उन्हें चोटें भी आईं। इसके बाद भी बिना ज्ञापन लिए उन्हें और उनकी महिला साथियों को वहां से ऋषिकेश कोतवाली ले जाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए रौतेला ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक संगठनों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा “गृहमंत्री’’ अमित षाह केवल किसी एक राजनीतिक दल के गृहमंत्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के गृहमंत्री हैं। वे जब भी उत्तराखंड आते हैं, तो यहां की जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को सुनने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास करते है। उन्होंने कहा कि जब भी हम जनहित के मुद्दों को लेकर उनसे मिलने का प्रयास करते हैं, हमें रोक दिया जाता है या गिरफ्तार कर लिया जाता है।
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी और आम जनता पर बढ़ती महंगाई का बोझ गंभीर चिंता का विषय है। इसके साथ ही अंकिता भण्डारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान आज तक सार्वजनिक न होना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि जेफरीन एफटीन से संबंधित एप्सटीन फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंहं पुरी का नाम सामने आने के मामले में पारदर्शिता और नैतिक जवाबदेही के लिए निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए तथा जांच पूरी होने तक उनसे इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
प्रदेष अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि भाजपा सरकार के दबाव में प्रषासन काम कर रहा है और महिलाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा महिला कांग्रेस इस तानाषाही रवैये के खिलाफ संघर्श जारी रखेगी और महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने इस घटना की कडी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और ज्ञापन देने का अधिकारी समी को है, लेकिन सरकार के दबाव में पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश और देश से जुड़े इन ज्वलंत मुद्दों पर सरकार द्वारा गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया गया तो उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंढियाल थापा, जिला अध्यक्ष पछुवादून अंशुल त्यागी, जिला अध्यक्ष हरिद्वार अंजू मिश्रा, महासचिव निधि नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष अनीता सकलानी, महासचिव दीपा चौहान, प्रदेश महासचिव नलिनी दीक्षित, सचिव भावना शर्मा, नितिन उनियाल,गौरव रावत युवा कांग्रेस आदि मौजूद रहे।

ज्योति रौतेला
अध्यक्ष

 

प्रत्येक ब्लाॅक में लगाई जायेगी अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे मशीनः डाॅ. धन सिंह रावत

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चिकित्सा ईकाईयों में तैनात किये जायेंगे रेडियोलाॅजिस्ट व एक्स-रे तकनीशियन

डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को दिये निर्देश, छह माह में पूरा करें टारगेट

देहरादून, 07 मार्च 2026
सूबे में चिकित्सा सेवाओं को और अधिक उन्नत बनाने के लिये प्रत्येक विकासखण्ड में अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई जायेगी, ताकि ब्लाॅक स्तर पर आम लोगों को अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे की सुविधा मुहैया कराई जा सके। विभागीय अधिकारियों को छह माह के भीतर ब्लाॅक स्तर पर अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे पहुंचाने का टारगेट दिया गया है। इसके साथ ही चिकित्सा इकाईयों में रेडियोलाॅजिस्ट व एक्स-रे तकनीशियनों की तैनाती के लिये भी अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को लगातार अपग्रेड करने में जुटी है ताकि आम लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थति एवं मरीजों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुये सरकार द्वारा विकासखंड स्तर पर अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत प्रत्येक ब्लाॅक में अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई जायेगी। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को विकासखण्ड स्तर पर उप जिला चिकित्सालय व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे मशीन के लिये प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक ब्लाॅक में अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे मशीनों उपलब्ध कराने के लिये छह माह का टारगेट दिया गया है। डाॅ. रावत ने बताया कि वर्तमान में सभी 95 ब्लाॅक में 84 एक्स-रे मशीन व 47 अल्ट्रासाउण्ड मशीन उपलब्ध हैं। जिसमें अल्मोड़ा व नैनीताल जनपद में 8-8 एक्स-रे मशीन, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग व चम्पावत में 3-3, चमोली, ऊधमसिंह नगर व पिथौरागढ़ 7-7, देहरादून, हरिद्वार व उत्तरकाशी 6-6, पौड़ी 11 तथा टिहरी के विभिन्न विकासखण्डों में 9 एक्स-रे मशीन उपलब्ध हैं। इसी प्रकार अल्मोड़ा व नैनीताल के विभिन्न विकासखण्डों की चिकित्सा इकाईयों में 3-3 अल्ट्रासाउण्ड मशीनें उपलब्ध हैं। जबकि पौड़ी व ऊधमसिंह नगर में 6-6, चमोली, टिहरी व पिथौरागढ़ में 5-5, उत्तरकाशी व देहरादून में 4-4, चम्पावत व रूद्रप्रयाग में 2-2 तथा बागेश्वर व हरिद्वार के विकासखण्डों में 1-1 अल्ट्रासाउण्ड मशीनें उपलब्ध हैं। विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि चमोली जनपद के देवाल, घेस, नंदप्रयाग व थराली, देहरादून में चकराता व कालसी विकासखण्डों में जहां अल्ट्रसाउण्ड व एक्स-रे मशीनें नहीं हैं वहां आवश्यकतानुसार मशीने उपलब्ध कराई जायेगी। इसी प्रकार हरिद्वार जनपद के बहदराबाद, भगवानपुर, खानपुर, लक्सर व नारसन में अल्ट्रासाउण्ड मशीन उपलब्ध कराई जायेगी। पौड़ी के द्वारीखाल, एकेश्वर, कल्जीखाल, नैनीडांडा, पाबौं व रिखणीखाल में अल्ट्रासाउण्ड मशीन जबकि जयहरीखाल, खिर्सू, कोट तथा पोखड़ा में अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे दोनों मशीन उपलब्ध कराई जायेगी। इसी प्रकार अन्य जनपदों के विकासखण्डों में भी अल्ट्रासाउण्ड व एक्स-रे मशीन पहुंचाई जायेगी। डाॅ. रावत ने कहा कि सभी विकासखण्डों के चिकित्सा इकाईयों में रेडियोलाॅजिस्ट व एक्स-रे तकनीशियनों की तैनाती की जायेगी, जिसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय स्वास्थ्य मंत्री।

देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ MDDA का सख्त रुख:  सहस्त्रधारा रोड व एकता विहार में अवैध निर्माण सील

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प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ अपनाई जा रही है जीरो टॉलरेंस की नीति- बंशीधर तिवारी

देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में एक अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए एकता विहार क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे भवन को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना अनुमति निर्माण कार्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

एमडीडीए की टीम द्वारा की गई जांच में पाया गया कि सहस्त्रधारा रोड स्थित एकता विहार, लेन नंबर-16 ए, देहरादून में भवन स्वामी रिमी अरोड़ा द्वारा बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। नियमानुसार प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।

प्राधिकरण द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित भवन स्वामी को नियमानुसार नोटिस जारी किया गया था। हालांकि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब अथवा मानचित्र स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई। इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया।

कार्रवाई के दौरान एमडीडीए की टीम मौके पर मौजूद रही और विधिक प्रक्रिया के तहत सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई। इस दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता विदिता कुमारी तथा संबंधित सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे और पूरी कार्रवाई को नियमानुसार संपन्न कराया। एमडीडीए ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना दंडनीय है। प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकरण ने आम नागरिकों और भवन स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। नियमों का पालन करना शहर के सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि देहरादून सहित प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी निर्माण कार्य नियमानुसार और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जाने वाले निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहर के सुनियोजित विकास, यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एमडीडीए द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना प्राप्त होती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। उपाध्यक्ष ने नागरिकों से अपील की कि वे भवन निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि शहर के सुव्यवस्थित और सुरक्षित विकास के लिए सभी को नियमों का पालन करना आवश्यक है।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान जहां भी बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य पाया जाता है, वहां नियमानुसार नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि सहस्त्रधारा रोड स्थित अवैध निर्माण के मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भवन को सील किया गया है। सचिव ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।

 

दून मेडिकल कॉलेज में होगी आंतों को जोड़ने की अत्याधुनिक कार्यशाला

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रविवार को दून मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ गीता जैन के निर्देशों पर सर्जरी विभाग द्वारा पीजी चिकित्सकों के लिए आंतों को जोड़ने की अत्याधुनिक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में एनिमल मॉडल पर पीजी चिकित्सकों को आंतों को जड़ने की प्रक्रिया का अभ्यास करेंगे। इसके लिए एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी से सहयोग लिया गया है जो कार्यशाला से संबंधित सभी उपकरण एवं सामग्री उपलब्ध करवाएगी। यह दून मेडिकल कॉलेज में अभी तक का ऐसा पहला कार्यशाला होगा । आंतों को जोड़ने की तकनीक एक जटिल सर्जिकल प्रक्रिया होती है जिसमें सभी सर्जनों की दक्षता आवश्यक है। हाल के महीनों में दून हॉस्पिटल में इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर के बनाने के बाद ऐसे ऑपरेशनों की संख्या काफी बढ़ गई है। इस कार्यशाला से चिकित्सकों में निपुणता आएगी जिसका लाभ सभी मरीजों को मिलेगा। साथ में इंटर्न एवं mbbs के छात्रों के लिए नोटिंग एवं सुचरिंग एवं क्विज का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें महंत इंद्रेश एवं देहरादून सर्जिकल सोसाइटी के चिकित्सक भी भाग लेंगे।