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UPES में ‘1000 विमेन –1000 ड्रीम्स’ पहल शुरू: 1000 महिलाओं को पूर्णतः शुल्क-मुक्त ऑनलाइन MBA स्कॉलरशिप

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सशस्त्र बलों की महिलाओं, पत्नियों व बेटियों के लिए 300 स्कॉलरशिप: टेक और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम की महिलाओं के लिए 250 स्कॉलरशिप आरक्षित

नई दिल्ली, 5 मार्च 2026। देहरादून स्थित बहुविषयक विश्वविद्यालय यूपीईएस ने आज ‘1,000 विमेन – 1,000 ड्रीम्स’ नाम से महिलाओं के लिए विशेष स्कॉलरशिप पहल की घोषणा की। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 को उद्देश्यपूर्ण तरीके से मनाते हुए, इस पहल के तहत यूपीईएस देशभर की योग्य महिलाओं को अपने ऑनलाइन एमबीए कार्यक्रम के लिए 1,000 पूर्ण ट्यूशन फीस माफी (फ्रीशिप) प्रदान करेगा। यह पहल तीन लक्षित समूहों पर केंद्रित है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुँच महिलाओं के करियर और नेतृत्व क्षमता को मजबूत कर सकती है।

ये 1,000 स्कॉलरशिप तीन प्राथमिक समूहों में विभाजित की गई हैं, जो महिला सशक्तिकरण के अलग-अलग आयामों को दर्शाती हैं। यूपीईएस ने सशस्त्र बलों से जुड़े परिवारों की महिलाओं के लिए 300 स्कॉलरशिप आरक्षित की हैं—जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना की सेवा में कार्यरत महिलाओं के लिए प्रत्येक बल से 100-100 स्कॉलरशिप, साथ ही सेवा में कार्यरत या सेवानिवृत्त कर्मियों की पत्नियों और बेटियों के लिए स्कॉलरशिप शामिल हैं। यूपीईएस टेक और स्टार्ट-अप क्षेत्र में कार्यरत या स्टार्ट-अप स्थापित कर रही महिलाओं के लिए 250 स्कॉलरशिप भी देगा—यह वह क्षेत्र है जहाँ वैश्विक स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व अब भी कम है। शेष 450 स्कॉलरशिप भारतभर की महिलाओं के लिए खुली रहेंगी, जिनमें पात्र यूपीईएस की महिला स्टाफ और कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। इसमें किसी क्षेत्र या पृष्ठभूमि की बाध्यता नहीं होगी—जो भी प्रेरित महिला एक कठोर, लचीले ऑनलाइन एमबीए के माध्यम से अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहती है, वह आवेदन कर सकती है।

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, डॉ. सुनील राय, वाइस-चांसलर, यूपीईएस ने कहा, “हर महिला को नेतृत्व तक पहुँच बनाने वाले संसाधन मिलना चाहिए। ‘1,000 विमेन – 1,000 ड्रीम्स’ के जरिए हम महत्वाकांक्षा के रास्ते में लागत को बाधा नहीं रहने दे रहे हैं—चाहे वह महत्वाकांक्षा देशसेवा से जुड़ी हो, टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप जैसे उच्च-विकास क्षेत्रों में निर्माण करने की हो, या फिर अपने करियर में अगले कदम की दृढ़ इच्छा से प्रेरित हो। यह पहल प्रतिभा को ठोस अवसर के साथ समर्थन देने का हमारा तरीका है—ताकि किसी महिला का भविष्य उसकी परिस्थितियों से नहीं, उसकी क्षमता से तय हो। हमें उम्मीद है कि इस पहल से अधिक महिलाएँ आत्मविश्वास, विश्वसनीयता और प्रबंधन क्षमता हासिल करेंगी—टीमों का नेतृत्व करेंगी, नए उद्यम खड़े करेंगी और ऐसे निर्णय लेंगी जो वास्तविक परिणामों को आकार देते हैं।”

टेक और स्टार्ट-अप क्षेत्र के लिए विशेष आरक्षण पर यूपीईएस ने कहा कि तकनीक और उद्यमिता वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं, फिर भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व—कार्यबल भागीदारी और ग्रोथ कैपिटल तक पहुँच—दोनों में कम बना हुआ है। इस समूह के लिए विशेष स्कॉलरशिप देकर विश्वविद्यालय महिलाओं की रणनीतिक, वित्तीय और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करना चाहता है, ताकि वे वरिष्ठ भूमिकाओं तक पहुँच सकें और उच्च-प्रभाव वाले उद्यम विकसित कर सकें।

यह पहल महिला सशक्तिकरण और सशस्त्र बल समुदाय के समर्थन के प्रति यूपीईएस की व्यापक प्रतिबद्धता को भी आगे बढ़ाती है। वर्षों से यूपीईएस ने औपचारिक सहयोगों के माध्यम से रक्षा परिवारों के लिए समर्पित शैक्षणिक मार्ग विकसित किए हैं, और यह पहल भारत की रक्षा सेवाओं के भीतर और उनके साथ जुड़े परिवारों की महिलाओं के लिए नेतृत्व तक पहुँच का एक महिला-केंद्रित मार्ग जोड़ती है। विश्वविद्यालय ने इस पहल को प्रोजेक्ट शक्ति के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण प्रयासों के अगले अध्याय के रूप में भी प्रस्तुत किया—जिसे 2020 में ‘ईयर ऑफ वूमेन एम्पावरमेंट’ के रूप में शुरू किया गया था—और अन्य महिला-केंद्रित पहलों तथा यूएन सतत विकास लक्ष्य 5 (जेंडर इक्वैलिटी) से जुड़े सामुदायिक साझेदारियों के साथ आगे बढ़ाया गया।

For more information, please visit: www.upes.ac.in.
About UPES:
Established through the UPES Act, 2003, of the State Legislature of Uttarakhand, UPES is a top-ranked, UGC-recognised, private university. As per the National Institutional Ranking Framework (NIRF) 2025, the Ministry of Education, Government of India, UPES has been ranked 45 among universities, with a rank of 18 in Law, 36 in Management, and a rank of 43 in Engineering. As per the Times Higher Education (THE) World University Rankings 2026, UPES now stands in the 501-600 band globally and 5th in India, improving from 7th in 2025. Notably, in Research Quality, UPES jumped 57 positions in just one year to be ranked 299 globally. In addition to this, the university has been ranked the No.1 private university in academic reputation in India by the QS World University Rankings 2025. It is among the top 2% of universities in the world.
UPES has received 5 stars on Employability (placements) by the globally acclaimed QS Rating. The university has had 100% placements over the last five years. 50+ faculty members from UPES feature among the world’s top 2% researchers as per the Stanford University list.
UPES offers graduate and postgraduate programs through its seven schools: School of Advanced Engineering, School of Computer Science, School of Design, School of Law, School of Business, School of Health Sciences & Technology, and School of Liberal Studies and Media. The UPES family includes 19100+ students, 1,500+ faculty and staff members, and a thriving community of 40000+ alumni that work across sectors in marquee brands like EY, KPMG, Bain and Co., McKinsey & Company, Capgemini, Google, Microsoft, Oracle, Nestle, ITC, Adani Power, ONGC, GMR, TCS, Wipro, Infosys, Amazon, Flipkart, Accenture, Deloitte and more.

 

उत्तराखंड जीएसडीपी में उछाल, प्रति व्यक्ति आय में सुधार : आर. मीनाक्षी सुंदरम

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उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने गुरुवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹3,81,889 करोड़ रहा, जो वर्ष 2021-22 में 2.54 लाख करोड़ रुपए थी। 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में डेढ़ गुना से ज्यादा का उछाल आया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 194670 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2,73,921 हो गई। प्रमुख सचिव ने बताया कि इस वर्ष यह सर्वेक्षण नेशनल कांउसिल ऑफ एप्लाइड इकोनाॅमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के साथ मिलकर तैयार किया गया है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि उत्तराखंड में वर्ष 2024-25 में ग्रोथ रेट 7.23 प्रतिशत रहा है। मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स वर्ष 2021-22 में 9.7 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट वर्ष 2021-22 में 60.1 प्रतिशत था, वर्ष 2024-25 में 64.4 प्रतिशत है तथा यह रोजगार के क्षेत्र में 4.3 प्रतिशत की बढोत्तरी को दर्शाता है। उन्होंने बताया ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स वर्ष 2001 में 0.247, वर्ष 2017 में 0.684, वर्ष 2021-22 में 0.718 जो अब बढ़कर वर्ष 2024-25 में 0.722 हो गया है।

एमएसएमई की संख्या 79394 पहुंची
प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की कुल संख्या 59798 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 79394 हो गई है। उन्होंने एमएसएमई के अंतर्गत रोजगार पाने वालों की संख्या वर्ष 2022 में 343922 थी जो वर्ष 2025 में बढ़कर 456605 हो गई है। राज्य में वर्ष 2021-22 तक लार्ज इंडस्ट्री की संख्या 107 थी जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 128 हो गई हैं। इसके साथ राज्य में वर्ष 2017 तक स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2021-22 में 702 थी तथा वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1750 हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई वर्ष 2021-22 में 50393 किमी थी, जो 2024-25 में बढ़कर 51278 किमी हो गई है। राज्य में 2022 तक 2 हेलीपोर्ट थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 7 हो गए। हेलीपेड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 थी जो वर्ष 2024-25 में 118 हो गई है। उन्होंने बताया कि प्राइमरी विद्यालयों में ड्राॅपआउट का अनुपात वर्ष 2021-22 में 1.64 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 1.41 प्रतिशत हो गया है, जबकि सेकेंडरी विद्यालयों में यह अनुपात वर्ष 2021-22 में 7.65 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 4.59 प्रतिशत हो गया है।

शिक्षण संस्थानों की संख्या भी बढ़ी
प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य में शासकीय एवं अशासकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या वर्ष 2021-22 में 124 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 139 हो गई है। इसके साथ इजीनियरिंग कॉलेज गवर्नमेंट एवं प्राइवेट की संख्या वर्ष 2021-22 में 20 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 52 हो गई है। उन्होंने बताया राज्य में 2021-22 में कुल 5157 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन होता था, जो 2024-25 में यह उत्पादन बढ़कर 16500 मिलियन यूनिट हो गया है। जबकि कंजम्पशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी (विद्युत खपत) में बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2022 में बिजली की खपत 12518 मिलियन यूनिट थी, जो 2024-25 में बढ़कर 17192 मिलियन यूनिट हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि सोलर इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन के क्षेत्र में राज्य में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। वर्ष 2021-22 में सौर ऊर्जा के माध्यम से 439 मेगावाट उत्पादन होता था, जो 2025 में बढ़कर 1027 मेगावाट हो गया है। उन्होंने बताया राज्य में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) वर्ष 2021-22 में 22 था, जो 2024-25 में घटकर 20 पर आ गया है। इसके साथ मातृ मृत्यु दर वर्ष 2021-22 में 103 थी, जो 2024-25 में घटकर 91 पर आ गया है। इसके साथ ही राज्य में लाइफ एक्सपेर्टेंसी की उम्र 71.7 साल से बढ़कर 73 साल हो गई है।

घरों में शौचालय की सुविधा अब शत प्रतिशत
प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में 97 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा थी जो अब शत प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में धान और गेहूं उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई। राइस एवं व्हीट प्रोडक्शन वर्ष 2021-22 में 28.23 कुंतल प्रति हेक्टेयर था जो अब बढ़कर 32.47 कुंतल प्रति हेक्टेयर पहुंच गया है। उन्होंने बताया वर्ष 2021-22 में औषधिया एंड एरोमैटिक प्लांट का एरिया कुल 900 हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर पहुंच गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में वर्ष 2021-22 में 8225 होटल/अदर स्टे थे जो 2024-25 में बढ़कर 10509 हो गए है। वहीं राज्य में 2021- 22 में 3935 होमस्टे थे, जिनकी संख्या 2024-25 में बढ़कर 6161 पहुंच गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि एसडीजी इंडेक्स में वर्ष 2021-22 में राज्य ने चैथा स्थान प्राप्त किया था, वहीं वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड एसडीजी इंडेक्स की रेंक में प्रथम स्थान पर रहा। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की जीएसडीपी 8.2 प्रतिशत अनुमानित है।

SSP दून द्वारा शहर के व्यस्ततम मार्गाे/चौराहों का किया स्थलीय निरीक्षण

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यातायात सुधार के साथ- साथ आम जन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध SSP देहरादून

 

यातायात के दबाव को कम करते हुए यातायात के सुगम संचालन हेतु अधीनस्थ अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

*रिस्पना चौक पर यातायात के दबाव को कम करने के लिये सम्बन्धित विभाग से समन्वय स्थापित कर सडक पर बने डिवाइडर को पीछे करने के दिये निर्देश

*आईएसबीटी क्षेत्र में यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिये चौकी के बाहर खडे सीज वाहनों को अन्यत्र शिफ्ट करने हेतु किया निर्देशित*

*सडक पर वाहन खडा कर सवारियों को चढाने/उतारने वाले सवारी वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही के दिये निर्देश*

आज दिनांक – 05/03/2026 को एसएसपी देहरादून द्वारा शहर के व्यस्ततम मार्गाे/ चौराहों का भ्रमण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया गया। भ्रमण के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा रिस्पना चौक, कारगी चौक, आईएसबीटी आदि क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए यातायात व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा उक्त स्थानों पर यातायात के दबाव को कम करते हुए यातायात के सुचारू संचालन हेतु उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए।

रिस्पना चौक के निरीक्षण के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा रिस्पना पुल पर बने ऑटो स्टैण्ड व उसके सामने बने डिवाइडर के कारण रिस्पना चौक पर यातायात का दबाव बढने के दृष्टिगत सम्बन्धित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए उक्त डिवाडर को थोडा पीछे करने हेतु उपस्थित अधिकारियो को निर्देश दिये गये, जिससे चौक पर उक्त मार्ग के चौडा होने से यातायात के दबाव को कम किया जा सके।

आईएसबीटी पर यातायात व्यवस्था का जायजा लेने के दौरान एसएसपी दून द्वारा उपस्थित अधिकारियों को वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खडा करवाने, सडक किनारे नो पार्किंग जोन में खडे वाहनों को क्रेन के माध्यम से टो करने तथा सडक पर सवारी उतरानेे/चढाने वाली बसों/अन्य सवारी वाहनों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। इस दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा चौकी आईएसबीटी के बाहर खडे सीज वाहनों के लिये स्थान चिन्हित कर उक्त वाहनों को शिफ्ट करने के निर्देश दिये गये, जिससे उक्त स्थानों पर वाहनों का सुगमता से आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।

आईएसबीटी चौकी में निरीक्षण के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा अपनी समस्याओं को लेकर चौकी पर आये शिकायतकर्ताओं से वार्ता कर उनकी समस्याओं के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई तथा आमजन की शिकायतों/समस्याओ के प्रति संवेदनशील रहते हुए उन पर त्वरित कार्यवाही हेतु उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

कारगी चौक के निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्था के बेहतर संचालन हेतु चौक पर बने पुलिस बूथ को थोडा पीछे करने तथा चौक व उसके आस-पास सडक पर अनावश्यक रूप से वाहनों को न खडा होने देने के उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये गये, साथ ही आईएसबीटी व उसके आस-पास के क्षेत्रों में यातायात के दबाव को कम करने के लिये यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले खासकर सडक पर अनावश्यक रूप से वाहन खडा कर यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये गये।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी यातायात, सम्बन्धित क्षेत्रों के थाना प्रभारी व यातायात निरीक्षक मौजूद रहे।

 

दून पुलिस के जवान ने रमज़ान के महीने में अपना रोजा तोडकर निभाया मानवता का कर्तव्य

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मानवता के कर्तव्य पथ सदैव अग्रणीय दून पुलिस

दून हास्पिटल में उपचाराधीन मरीज को आपरेशन हेतु रक्तदान कर किया अपने मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन

एसएसपी आफिस देहरादून मे नियुक्त आरक्षी शाहनवाज़ द्वारा 84 वीं बार किया गया रक्तदान

*इससे पूर्व भी आरक्षी शाहनवाज़ 02 बार अपना रोज़ा तोड़कर रक्तदान करके कर चुका है ज़रूरतमंदो की सहायता*

अपने मानवीय कर्तव्यों के निर्वहन में सदैव अग्रणीय रहने वाली दून पुलिस द्वारा एक बार फिर संकट में फंसे व्यक्ति की सहायता कर अपने मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन किया गया।
आज दिनाँक : 05-03-26 को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि दून हॉस्पिटल में उपचाराधीन एक व्यक्ति को ऑपरेशन हेतु रक्त की नितांत आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून कार्यालय में नियुक्त आरक्षी शाहनवाज अहमद द्वारा अस्पताल पहुंच कर अपना रोज़ा तोड़कर रक्तदान कर उपचाराधीन व्यक्ति की सहायता की गई। आरक्षी शाहनवाज़ इससे पहले भी 02 बार अपना रोज़ा तोड़कर रक्तदान कर ज़रूरतमंदो की सहायता कर चुका है। आरक्षी द्वारा समय पर उपलब्ध कराई गई सहायता के लिये उपचाराधीन व्यक्ति के परिजनों द्वारा उत्तराखंड पुलिस की सदैव सहायता हेतु उपलब्ध रहने की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए दून पुलिस का आभार प्रकट किया गया।
*आरक्षी शाहनवाज अहमद इससे पूर्व भी 83 बार रक्तदान कर चुका है।*

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर परेड ग्राउंड देहरादून में महिला खेल प्रतियोगिता होगी आयोजित

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देहरादून। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित होने वाला महिला एथलेटिक्स एवं फन एक्टिविटी कार्यक्रम सुबह 7 बजे से प्रारंभ होगा। यह आयोजन युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय की इकाई माय भारत देहरादून एवं भारतीय खेल प्राधिकरण (साईं) के सहयोग से किया जा रहा है।इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के लिए तीन आयु वर्ग निर्धारित किए गए हैं—
13 वर्ष तक,
13 से 18 वर्ष,
18 वर्ष से अधिक।
प्रत्येक आयु वर्ग में 100 मीटर, 200 मीटर एवं 400 मीटर दौड़ आयोजित होंगी। इसके साथ ही फन एक्टिविटी के अंतर्गत रस्साकशी प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। सभी स्पर्धाओं में विजेता प्रतिभागियों को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।उपनिदेशक माय भारत देहरादून मोनिका नांदल ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण कराना है।वे mybharat.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
आप सभी महिलाएं ,बालिकाएं अधिक संख्या में पहुंचे ताकि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को खेल, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया जा सके।

 

Action: अवैध निर्माणों पर MDDA की सख्त कार्रवाई, दो व्यवसायिक निर्माण सील

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नियम विरूद्व निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी – बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए गुरुवार को दो स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्रों का उल्लंघन कर किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार मै0 के0एस0 फर्नीचर हाउस, श्रीराम टावर्स, बंजारावाला रोड, निकट वृंदा गार्डन, देहरादून में बिना स्वीकृति के किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को चिन्हित किया गया था। संबंधित निर्माण प्राधिकरण के मानकों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर उक्त परिसर को सील कर दिया।

इसी क्रम में गिरीश चन्द चौधरी द्वारा बैंक कॉलोनी, मोथरोवाला रोड, देहरादून में किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण को बंद करा दिया गया। एमडीडीए द्वारा लगातार ऐसे निर्माणों की निगरानी की जा रही है जो प्राधिकरण के नियमानुसार स्वीकृत नहीं हैं। प्राधिकरण की टीम क्षेत्र में नियमित निरीक्षण कर रही है ताकि अनियमित और अवैध निर्माणों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके और शहर के सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त सचिव गौरव वटवाल के आदेशों के क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। टीम में सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा बर्थवाल और जयदीप राणा सहित सुपरवाइजर तथा पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिनकी उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराया गया।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या भूमि उपयोग परिवर्तन नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र प्राप्त करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और जहां भी बिना स्वीकृति के निर्माण या नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र अवश्य प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, अन्यथा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन टीम नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

 

DM सविन बंसल का बड़ा एक्शन: राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन आपूर्तिकर्ता सेंट्रल गोदाम रुड़की में छापेमारी

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राज्य के नोनीहालों एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर डीएम देहरादून का एक्शन; रुड़की पहुंच सेंट्रल गोदाम पर की छापेमारी

आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति हो रही सामग्री की खराब गुणवत्ता की मिल रही थी शिकायत

गोदाम में निरीक्षण के दौरान मिले बाल श्रमिक; डीएम ने गौदम स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के दिए निर्देश

खजूर एवं केले के चिप्स पर मैन्युफैक्चर एवं एक्सपायरी तिथि पाई गई संदिग्ध

गढ़वाल एवं कुमाऊँ में आंगनबाड़ी केंद्र पर सप्लाई होने वाले अंडा एवं सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध

कई सामग्री पर मैन्युफैक्चर एवं एक्सपायरी तिथि का नहीं मिला उल्लेख

पैकेट पर छपी हुई मैन्युफैक्चर एवं एक्सपायर तिथि के स्थान पर मिली स्टैंप वाली तिथि

गोदाम का संचालन मानक के अनुरूप नहीं; गोदाम में टेंपरेचर मेंटेन कि नहीं है कोई सुविधा

दिसंबर व जनवरी के अंडे एवं अन्य खाद्य सामग्री मार्च माह में हो रही है वितरित

रजिस्टर नहीं मिले अद्यतन; सामग्री आपूर्ति करता द्वारा निर्गत गुणवत्ता सर्टिफिकेट नहीं

आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन आपूर्ति हेतु डिस्पैच हो रहे वाहनों को रूकवाकर डीएम ने करवाई सेंपलिंग; टिहरी उत्तरकाशी एवं डोईवाला सामग्री लेकर निकलने वाले थे वाहन

अंडों की गुणवत्ता भी संदिग्ध

गृहमंत्री भारत सरकार के कार्यक्रम की समीक्षा से लौटते हुए देहरादून जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूर्ति कर रहे भगवानपुर स्थित गौदाम का औचक निरीक्षण

आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति हो रही सामग्री की गुणवत्ता परीक्षण करवाना आवश्यक;

देहरादून सहित गढ़वाल एवं कुमाऊँ में आंगनबाड़ी केंद्र पर सप्लाई होने वाले अंडो की गुणवत्ता परीक्षण हेतु सैंपल लिए गए

गोदाम का संचालन मानक अनुसार करने के निर्देश; सामग्री आपूर्तिकर्ता से निर्गत गुणवत्ता सर्टिफिकेट मांगे गए हैं

आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन आपूर्ति हेतु डिस्पैच हो रहे वाहनों को रूकवाकर डीएम ने करवाई सेंपलिंग; टिहरी उत्तरकाशी एवं डोईवाला सामग्री लेकर निकलने वाले थे वाहन

देहरादून, दिनांक 05 मार्च 2026,। , मा0 गृहमंत्री भारत सरकार के देहरादून/हरिद्वार में प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की समीक्षा के उपरान्त लौटते हुए जिलाधिकारी सविन बसंल ने तहसील भगवानपुर स्थित सेन्ट्रल गोदाम का औचक निरीक्षण किया। लम्बे समय से विभिन्न माध्यमों से प्राप्त इनपुटस कि जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में आपूर्ति की जा रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत परीक्षण आवश्यक है।


मा० मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल द्वारा आज तहसील भगवानपुर अन्तर्गत माढी चौक अवस्थित राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों को राशन एवं पोषण सामग्री आपूर्तिकर्ता सेंट्रल गोदाम का औचक निरीक्षण किया। विभिन्न माध्यमों से आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जा रही सामग्री की गुणवत्ता के संबंध में प्राप्त इनपुटस , जिनका मा0 मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेेकर सभी जिलाधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे।
निरीक्षण में खजूर एवं केले व अंडे के सैम्पल लिए गए। सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त अग्रेतर कार्यवाही की जाएगी। गोदाम का संचालन खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण एवं तापमान (टेंपरेचर) नियंत्रण की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को राशन आपूर्ति हेतु डिस्पैच किए जा रहे वाहनों को मौके पर रुकवाकर सैंपलिंग कराई गई। टिहरी, उत्तरकाशी एवं डोईवाला के लिए सामग्री लेकर रवाना होने वाले वाहनों की जांच कर खाद्य सामग्री के नमूने परीक्षण हेतु सुरक्षित कराए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य के नौनिहालों एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता संबंधी किसी भी शिकायत की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
छापेमारी के दौरान उप जिलाधिकारी सदर हरि गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सुरेंद्रदेव, कानूनगो भगवानपुर संजय कुमार, श्रम विभाग से अनिल पुरोहित सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगत के साथ दी लंगर सेवा

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श्री दरबार साहिब में संगतों के पहुंचने का क्रम हुआ तेज़

सजने लगा श्री दरबार साहिब रौनकों में लगे चार चांद

शुक्रवार को संगतें कंधों पर नए ध्वज दण्ड को लेकर एसजीआरआर बाम्बे बाग से श्री दरबार साहिब लेकर आएंगी
देहरादून। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में प्रसिद्ध श्री झण्डे जी मेला की तैयारियों के साथ ही श्री दरबार साहिब परिसर में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। गुरुवार को दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों के साथ लंगर सेवा दी। होली पर्व के उपरांत श्री दरबार साहिब की रौनक और भी बढ़ गई है। देश-विदेश से आने वाली संगतों के आगमन से श्री दरबार साहिब परिसर भक्ति भाव से सराबोर होता जा रहा है। संगतों की बढ़ती संख्या के साथ ही मेले की चहल-पहल तेज हो गई है और पूरा वातावरण “श्री गुरु राम राय जी महाराज की जय जयकार” के जयकारों से गुंजायमान होने लगा है।


श्री दरबार साहिब परिसर इन दिनों विशेष रूप से सजाया जा रहा है। मेला बाजार में दुकानों की साज-सज्जा को लेकर दुकानदारों के चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा है। मेले में लगने वाले विभिन्न आकर्षक झूले भी कारीगरों द्वारा अंतिम रूप से तैयार कर लिए गए हैं। कुल मिलाकर श्री झण्डे जी मेले की रौनकों में चार चांद लगने लगे हैं और पूरा परिसर भक्ति, उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर दिखाई दे रहा है।
देश के विभिन्न हिस्सों से, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान से श्रद्धालु गुरुवार देर शाम तक श्री दरबार साहिब पहुंचते रहे। मेला प्रबंधन समिति का अनुमान है कि पवित्र श्री झण्डे जी (पवित्र ध्वज दण्ड) के आध्यात्मिक दर्शन के लिए लाखों की संख्या में संगत व श्रद्धालु श्री दरबार साहिब पहुंचेंगे। यह ऐतिहासिक और आस्था का महापर्व 26 मार्च 2026 को रामनवमी के पावन अवसर पर सम्पन्न होगा।
गुरुवार को नियमित दैनिक पूजा-अर्चना के उपरांत दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने संगतों को दर्शन दिए। इस अवसर पर श्री महाराज जी ने अपने संदेश में सभी राज्यवासियों एवं देशवासियों को श्री झण्डे जी मेले की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए मेले की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने पर बल दिया।
श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति द्वारा मेला तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्री दरबार साहिब के लंगर हॉल में संगतों के लिए लंगर प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। इस समय संगतों की सेवा के लिए तीन बड़े लंगर निरंतर चल रहे हैं, जहां दूर-दराज से आने वाली संगतों को प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा है।
श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति के मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने जानकारी देते हुए बताया कि मेला आयोजन स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से 42 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम शुक्रवार से मेला अस्पताल में उपलब्ध रहेगी। अस्पताल की ओर से श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दवाइयों की व्यवस्था भी की गई है। मेला स्थल पर चिकित्सा सुविधा को सुदृढ़ रखने के लिए दो एम्बुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी।
इसके अतिरिक्त मेला स्थल पर अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से 25 फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं। श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति की ओर से 35 वर्दीधारी सुरक्षा गार्ड तथा लगभग 500 संगत स्वयंसेवक मेला व्यवस्था, अनुशासन व्यवस्था और संचालन कार्यों के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ सेवारत रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसी क्रम में शुक्रवार दिनांक 6 मार्च 2026 को एक अत्यंत पावन और भावनात्मक धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, बॉम्बे बाग से संगतें नए ध्वज दण्ड को अपने कंधों पर उठाकर श्री दरबार साहिब लेकर जाएंगी। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपरा को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
इस पावन क्षण के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से संगतें पहले ही श्री दरबार साहिब पहुंच चुकी हैं। श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज की अगुवाई में शुक्रवार सुबह 7ः30 बजे संगतें एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बॉम्बे बाग से नए ध्वज दण्ड को लेकर प्रस्थान करेंगी।
संगतें पवित्र ध्वज दण्ड को अपने कंधों पर उठाए टीएचडीसी चौक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, पटेल नगर के सामने से होते हुए लाल पुल चौक पहुंचेंगी और वहां से मातावाला बाग मार्ग से होते हुए अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ ध्वज दण्ड को श्री दरबार साहिब में पहुंचाएंगी। इस दौरान पूरा मार्ग “ श्री गुरु राम राय जी महाराज की जय जयकार” के जयकारों से गूंज उठेगा और संगतों की भक्ति-भावना का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।

6 से 9 मार्च तक टिहरी में होगा “हिमालयन O2 – द टिहरी लेक फेस्टिवल”: युवाओं को मिलेगा प्रतिभा दिखाने का मंच

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प्रदेश सरकार उत्तराखंड को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में टिहरी को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से 6 से 9 मार्च के बीच उत्तराखंड पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन टिहरी द्वारा “हिमालयन O2 – द टिहरी लेक फेस्टिवल” का आयोजन किया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि टिहरी झील उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं का केंद्र है। इस फेस्टिवल के माध्यम से प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि “हिमालयन O2 – द टिहरी लेक फेस्टिवल” में विभिन्न सांस्कृतिक, साहसिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागी अपनी कला, कौशल और रचनात्मकता का प्रदर्शन कर सकेंगे। यह आयोजन टिहरी को एक प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रदेशवासियों, युवाओं एवं देशभर के प्रतिभागियों से अपील की कि वे हिमालयन O2 की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कर इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें और टिहरी की सुंदरता के साथ अपनी प्रतिभा को भी विश्व पटल पर प्रस्तुत करें।

 

होली के त्यौहार को हर्षोल्लास से मनाने हेतु दून पुलिस की दुरूस्त सुरक्षा व्यवस्था: चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही दून पुलिस

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रंगो और खुशी के त्योहार को हर्षोल्लास पूर्वक मनाने तथा सकुशल सम्पन्न कराये जाने हेतु एसएसपी दून द्वारा सभी अधीनस्थो को अपने-अपने क्षेत्रों मे सुरक्षा एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने तथा आपसी सौहार्द खराब करने व अराजकता फैलाने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए उन्हें निरूद्ध किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके अनुपालन में दून पुलिस द्वारा जनपद के चप्पे-चप्पे पर पूर्ण मुस्तैदी के साथ तैनात रहते हुए होली के पावन पर्व को सकुशल सम्पन्न कराया गया। पुलिस की तत्परता से किसी भी क्षेत्र मे किसी भी प्रकार के हुडदंग की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई । दून पुलिस कप्तान के निर्देशों में दून पुलिस द्वारा की गई चाक चौबन्द सुरक्षा व्यवस्था की सभी संभ्रान्त व्यक्तियों तथा आमजनमानस द्वारा प्रशंसा करते हुए दून पुलिस का आभार व्यक्त किया गया।


*दून पुलिस परिवार की ओर से सभी देशवासियों को रंगो एवं हर्षोल्लास के त्यौहार होली की हार्दिक शुभकामनाएं।*