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सीएम धामी ने नगला तराई में पारंपरिक एवं सांस्कृतिक गरिमा से मनाया होली का पर्व: होलियारों संग खूब झूमे 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निजी आवास, नगला तराई (खटीमा ) में होली पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने सपरिवार उपस्थित होल्यारों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए सभी को अबीर-गुलाल लगाया।

आयोजित होली मिलन समारोह में विभिन्न समुदायों की महिलाओं द्वारा हिंदी, कुमाऊंनी, थारू एवं बंगाली लोक परंपराओं पर आधारित होली गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। विविध सांस्कृतिक रंगों से सजे इस आयोजन में पारंपरिक लोकधुनों पर मुख्यमंत्री श्री धामी भी होल्यारों के साथ झूमते नजर आए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और अधिक उल्लासपूर्ण एवं आत्मीय हो उठा।

समारोह में स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। यह आयोजन प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता में एकता तथा सामाजिक सहभागिता की भावना का जीवंत उदाहरण बना।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और पारस्परिक सहयोग की भावना को सुदृढ़ बनाए रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा राज्यमंत्री फरजाना बेगम, अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, दान सिंह रावत, सतीश भट्ट, जीवन धामी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

हल्द्वानी में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का हुआ शुभारंभ 

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हल्द्वानी। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल के हल्द्वानी भ्रमण के दौरान रामपुर रोड स्थित पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।


इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक अस्पताल के उद्घाटन का नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय, संघर्ष और सेवा की प्रेरक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पीएसपी मल्टी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का शुभारंभ समाज के प्रति समर्पित एक ऐसे परिवार की कहानी को दर्शाता है, जिसने अपने जीवन मूल्यों को कर्म के माध्यम से साकार किया है।

मुख्यमंत्री ने संस्थान के संस्थापक, जनपद बागेश्वर के गागरी गोल गांव से निकलकर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले श्री जगदीश सिंह पिमोली को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक साधारण ग्रामीण परिवेश से प्रारंभ हुई उनकी यात्रा आज स्वास्थ्य सेवा के इस आधुनिक केंद्र तक पहुँची है, जो हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। श्री पिमोली का संघर्ष, परिश्रम और संकल्प आज उनकी सफलता की सच्ची मिसाल है। दूरस्थ गांव से आकर उन्होंने पहले व्यापार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और अब चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश कर मानव सेवा के इस पवित्र कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 250 बेड का यह आधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है। यह संस्थान भविष्य में चिकित्सा उत्कृष्टता के मानचित्र पर उत्तराखंड को और अधिक सशक्त बनाएगा।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हमारी बेटियों के जीवन के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही थी। बेटियों को इस गंभीर रोग से सुरक्षित करने के संकल्प के साथ यह राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सुलभ और प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में आयुष्मान उत्तराखंड योजना के अंतर्गत 61 लाख से अधिक नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। निःशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र की बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। ये सभी प्रयास प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने होली गायन कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया तथा सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, नवीन लाल वर्मा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक जगदीश पिमोली एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने होली गायन कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया तथा सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, नवीन लाल वर्मा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक जगदीश पिमोली एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

 

UPES में 4th इंटरनेशनल यंग रिसर्चर्स कॉन्क्लेव (IYRC)- 2026 का सफल समापन

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IYRC 2026 में युवा शोधार्थी, फैकल्टी और इंडस्ट्री एक मंच पर आए, रिसर्च-आधारित सहयोग और इंटरडिसिप्लिनरी संवाद को मिला नया आयाम

देहरादून, 28 फरवरी 2026। यूपीईएस ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिवीजन तथा CIDRI (सेंटर फॉर इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च एंड इनोवेशन) के सहयोग से 4वें इंटरनेशनल यंग रिसर्चर्स कॉन्क्लेव (IYRC) 2026 का सफल समापन किया। यह कॉन्क्लेव 26 से 28 फरवरी 2026 तक देहरादून स्थित यूपीईएस कैंपस में आयोजित किया गया। कॉन्क्लेव ने विज्ञान, शिक्षा और प्रोफेशनल दुनिया के विविध क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों को एक साझा मंच पर जोड़ा, जहाँ उन्होंने विचार साझा किए, रिसर्च प्रस्तुत की और नवाचार को वास्तविक दुनिया के प्रभाव में बदलने की संभावनाओं पर चर्चा की।


शैक्षणिक संस्थानों में चल रही शोध गतिविधियों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से तैयार यह मंच, IYRC 2026 के माध्यम से अकादमिक जगत और इंडस्ट्री के बीच सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा। साथ हीए इस कॉन्क्लेव ने छात्रों और युवा शोधार्थियों को रिसर्च-आधारित करियर विकल्पों की दिशा में प्रेरित करने का अवसर भी दिया। कॉन्क्लेव में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्र, पीएच.डी. एवं रिसर्च स्कॉलर्स, फैकल्टी व अकादमिक सदस्य, एजुकेटर्स और रिसर्चर्सए इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स व प्रैक्टिशनर्स, एंटरप्रेन्योर्स व कॉरपोरेट ग्रुप्स के साथ-साथ फंडिंग एजेंसियों और पॉलिसी बॉडीज़ के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की।
तीन दिनों के दौरान प्रतिभागियों ने हेल्थकेयर और एआई, एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज़, डिजाइन और क्रिएटिविटी, एनर्जी और एनवायरनमेंट तथा जनरल मैनेजमेंट और लॉ जैसे प्रमुख विषयों पर संवाद किया। यह चर्चा वर्तमान और उभरती चुनौतियों के समाधान में इंटरडिसिप्लिनरी सोच की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। कॉन्क्लेव के दौरान संस्थानों के बीच सहयोग के अवसरोंए इंडस्ट्री-अकादमिक पार्टनरशिप को मजबूत करने और संभावित फंडिंग चैनल्स से जुड़ाव जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआए ताकि नवाचारी रिसर्च व आरएंडडी पहलों को आगे बढ़ाया जा सके।
उद्घाटन सत्र में IYRC 2026 एब्स्ट्रैक्ट बुक का डिजिटल रिलीज़ किया गया, जो कॉन्क्लेव के अकादमिक संकलन का औपचारिक शुभारंभ रहा। चीफ गेस्ट एड्रेस डॉ. सीमा विनायक, डायरेक्टर, DIA -COE, IIT रुड़की द्वारा दिया गया। कॉन्क्लेव में प्लेनरी टॉक्स भी आयोजित हुईं, जिनमें डॉ. अमित शर्मा, ग्रुप लीडर, ICGEB , नई दिल्ली तथा डॉ. विवेक पोलशेट्टीवार, प्रोफेसर, TIFR मुंबई ने संबोधित किया।
कॉन्क्लेव के सफल समापन पर यूपीईएस के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय ने कहा, ” यूपीईएस में हमारा मानना है कि रिसर्च केवल प्रकाशन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, उसे उपयोग सहयोग और सामाजिक प्रासंगिकता के दायरे में आगे बढ़ना चाहिए। IYRC 2026 इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए युवा शोधार्थियों, फैकल्टी, इंडस्ट्री और संस्थानों को एक साझा संवाद में जोड़ता है। यह देखकर उत्साहजनक है कि प्रतिभागियों में इतनी ऊर्जा, जिज्ञासा और इंटरडिसिप्लिनरी सोच दिखाई दी, जो भविष्य के समाधान गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

IYRC -2026 का संयुक्त आयोजन यूपीईएस R &D और CIDRI द्वारा किया गया। आयोजन नेतृत्व में कन्वीनर्स प्रो . अश्विनी नांगिया और प्रो. डी.के. अवस्थी, को-कन्वीनर्स प्रो. एस.एम. तौसीफ और प्रो. पंकज कुमार तथा कॉन्फ्रेंस सेक्रेटरीज़ प्रो. आशीष माथुर और डॉ. अरपिट थॉमस शामिल रहे। इस संस्करण के माध्यम से यूपीईएस युवा शोधार्थियों के लिए एक ऐसा मजबूत मंच तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ता रहा, जहाँ वे जुड़ें, सहयोग करें और विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन आधारित प्रगति में योगदान दें।

About UPES:
Established through the UPES Act, 2003, of the State Legislature of Uttarakhand, UPES is a top-ranked, UGC-recognised, private university. As per the National Institutional Ranking Framework (NIRF) 2025, the Ministry of Education, Government of India, UPES has been ranked 45 among universities, with a rank of 18 in Law, 36 in Management, and a rank of 43 in Engineering. As per the Times Higher Education (THE) World University Rankings 2026, UPES now stands in the 501-600 band globally and 5th in India, improving from 7th in 2025. Notably, in Research Quality, UPES jumped 57 positions in just one year to be ranked 299 globally. In addition to this, the university has been ranked the No.1 private university in academic reputation in India by the QS World University Rankings 2026. It is among the top 2% of universities in the world.
UPES has received 5 stars on Employability (placements) by the globally acclaimed QS Rating. The university has had 100% placements over the last five years. 50+ faculty members from UPES feature among the world’s top 2% researchers as per the Stanford University list.
UPES offers graduate and postgraduate programs through its seven schools: School of Advanced Engineering, School of Computer Science, School of Design, School of Law, School of Business, School of Health Sciences & Technology, and School of Liberal Studies and Humanities. The UPES family includes 19100+ students, 1,500+ faculty and staff members, and a thriving community of 40000+ alumni that work across sectors in marquee brands like EY, KPMG, Bain and Co., McKinsey & Company, Capgemini, Google, Microsoft, Oracle, Nestle, ITC, Adani Power, ONGC, GMR, TCS, Wipro, Infosys, Amazon, Flipkart, Accenture, Deloitte and more.

अच्छी पहल: उत्तराखंड के ग्रामीण बाजारों को नई दिशा देगा सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर

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सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर पहल से उत्तराखण्ड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सशक्त विस्तार

*देहरादून।
उत्तराखण्ड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक संगठित बाजार व्यवस्था पहुंचाने के उद्देश्य से सीएससी उत्तराखंड द्वारा “सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर” के माध्यम से एक महत्वपूर्ण एवं समावेशी पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल के अंतर्गत राज्य के निर्माताओं, वितरकों, एमएसएमई इकाइयों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बाजारों में विस्तार हेतु एक सुदृढ़ एवं संरचित मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।

सीएससी नेटवर्क के माध्यम से देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा सहित राज्य के अन्य पर्वतीय एवं दुर्गम जनपदों में उत्पादों की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। यह नेटवर्क प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी सक्रिय है, जिससे उत्पादकों एवं ब्रांड्स को एक विश्वसनीय, पारदर्शी तथा संगठित वितरण प्रणाली उपलब्ध होगी।

सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर के अंतर्गत उपभोक्ता एफएमसीजी उत्पाद, डेयरी एवं कृषि उत्पाद, ऑर्गेनिक वस्तुएं, स्थानीय उत्तराखंडी ब्रांड्स तथा एसएचजी एवं एफपीओ द्वारा निर्मित उत्पादों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इससे महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध होगा, वहीं किसान उत्पादक संगठनों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा।

यह पहल जहां एक ओर उद्योगों को ग्रामीण बाजारों में विस्तार का अवसर प्रदान करेगी, वहीं दूसरी ओर एसएचजी, एफपीओ एवं स्थानीय उद्यमियों के माध्यम से स्वरोजगार, आय संवर्धन तथा सामुदायिक आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति प्रदान करेगी।

इस संबंध में सीएससी उत्तराखण्ड के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर दीपक चौहान ने बताया कि यह पहल राज्य के व्यवसायों, स्वयं सहायता समूहों एवं किसान उत्पादक संगठनों को बिना भारी निवेश के एक सशक्त वितरण नेटवर्क से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सीएससी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता में वृद्धि होगी, स्थानीय उत्पादों को स्थायी बाजार प्राप्त होगा तथा प्रदेश की समग्र अर्थव्यवस्था को व्यापक मजबूती मिलेगी।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

सरकार आपके द्वारः सांसद आदर्श ग्राम हरियावाला में सांसद नरेश बंसल ने सुनी जन समस्याएं

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शिविर में त्वरित सेवाः 05 आधार कार्ड अपडेट, 07 आयुष्मान कार्ड, 05 लोगों की पेंशन मौके पर स्वीकृत

*प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की नई दिशा, रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफार्म से सशक्त भारत की ओर बढ़ते कदम- सांसद*

*विकसित भारत-गांरटी मिशन, सशक्त गांव, सुरक्षित रोजगार,*

*शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ, 159 स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क औषधि वितरण*

*देहरादून ।
जन जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत मा0 सांसद श्री नरेश बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को सहसपुर ब्लाक स्थित सांसद आदर्श ग्राम हरियावाला कलां में वृहद बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से वीबी-जी रामजी योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई , ताकि अधिक से अधिक नागरिक योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। इस दौरान सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

मा0 सांसद ने शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से 357 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। शिविर में 02 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 लाभार्थियों को किशोरी किट प्रदान की गई। शिविर के दौरान 05 व्यक्तियों के आधार कार्ड का अद्यतन तथा 07 लोगों को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड जारी किए गए।

मा0 सांसद ने ग्राम पंचायत हरियावाला कलां में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम बनाने के लिए विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इस योजना के अंतर्गत गांव में 75 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए है। इसमें पुस्ता निर्माण, नई बस्ती में तालाब की चारदीवारी, गांधी मूर्ति पर टिन शेड, हाई मास्क सोलर टावर, मिलन केंद्र की चारदीवारी, आंगनवाडी भवन निर्माण, कृषि भूमि कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार, पशुवाडे, उरेडा से 10 सोलर स्ट्रीट लाइट, कृषि एवं औद्यानिक यंत्र वितरण, पॉली हाउस, सब्जी उत्पादन, मुर्गी बाडा, ओपन जिम आदि विकास कार्य शामिल है।

मा0 सांसद ने कहा कि जनता का हित सर्वाेपरि है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर मौके पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

मा० सांसद ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ की नीति के साथ देश के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इसका नाम परिवर्तित कर “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” कर दिया गया है। योजना से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण नियमों में भी संशोधन किए गए हैं। पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत 100 कार्यदिवस निर्धारित थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 125 कार्यदिवस कर दिया गया है। फसलों की बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराया जाएगा। इससे किसानों को कृषि कार्य हेतु पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध होंगे। साथ ही 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की सुदृढ़ एवं अनिवार्य व्यवस्था की गई है। योजना में अनियमितताओं को रोकने के लिए भी ठोस प्रावधान किए गए हैं। अब ग्राम में किए जाने वाले कार्यों का चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में किया जाएगा, जिससे ग्राम की आवश्यकताओं के अनुरूप परिसंपत्तियों का निर्माण हो सके और ग्राम का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।

मा0 सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा VB—G RAM G योजना को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित में निरंतर सकारात्मक एवं प्रभावी कार्य कर रही है।

सहसपुर विधायक श्री सहदेव सिंह पुंडीर ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम के माध्यम से पात्र नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम रूप से पहुँचाया जा रहा है तथा जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने हरियावाला कलां में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित करने के लिए मा0 सांसद का आभार व्यक्त किया।

शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 14 समस्याएं प्रस्तुत की गई, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शिविर में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मौजूद न होने पर मा0 सांसद ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए उनका स्पष्टीकरण भी तलब किया। साथ ही उन्होंने गांव में हाई टेंशन लाइन शिफ्ट करने हेतु शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। गांव को जोड़ने वाली सडक के दोनों ओर बरसात के कारण पटरियों का कटान होने से वाहन क्रासिंग में हो रही समस्या पर लोक निर्माण विभाग को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। मोक्ष धाम की भूमि पर कब्जें की शिकायत पर सांसद ने एसडीएम को निर्देशित किया कि कहीं पर भी अवैध अतिक्रमण पाया जाता है तो उस पर त्वरित कारवाई सुनिश्चित की जाए।

बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक पद्धति से 93 तथा आयुर्वेदिक पद्धति से 66 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। शिविर में 05 आधार कार्ड एवं 07 आयुष्मान कार्ड मौके पर निर्गत किए गए। कृषि विभाग ने 25 तथा उद्यान विभाग ने 15 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं प्रधानमंत्री किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग ने 05 पात्र व्यक्तियों की पेंशन स्वीकृत की। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 08 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त बाल विकास विभाग ने 16, डेयरी 06, सहकारिता 05, उरेडा 15, सेवायोजन 10, पशु चिकित्सा 10, विद्युत 02 तथा श्रम विभाग ने 06 लाभार्थियों को योजनाओं से आच्छादित किया। सेवायोजन विभाग द्वारा 06 युवाओं को करियर परामर्श प्रदान किया गया।

शिविर में सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, खंड विकास अधिकारी मुन्नी शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिप सदस्य कंचन, ग्राम प्रधान रजनी देवी, आशु थापा, कोमल अन्य जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

प्रत्येक जनपद पलायन रोकने तथा स्वरोजगार को बढावा देने हेतु वृहद रणनीति तैयार करें- गर्ब्याल

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ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की गहन समीक्षा

*देहरादून ।
सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट, देहरादून में ग्राम्य विकास सचिव धीराज गर्ब्याल की अध्यक्षता में जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ ग्राम्य विकास कार्यक्रमों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया गया। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति एवं भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई। बैठक में एनआरएलएम, महात्मा गांधी नरेगा, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, ग्रामीण अवस्थापना, मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम, और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी नरेगा, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना आदि केन्द्र तथा राज्य पोषित योजनाओं के साथ ही वाह्य सहायतित योजना-ग्रामोत्थान की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे श्रम, कौशल विकास, और आजीविका के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से योगदान देने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें।

सचिव गर्ब्याल ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लखपति दीदी तैयार करने हेतु रणनीतियाँ बनाने और शत-प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति के लिए निर्देशित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से एनआरएलएम के समूह सदस्यों को तकनीकी समर्थन प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही समूहों के कृषि आधारित उत्पादों के विपणन में नेशनल ऑर्गेनिक प्रोडक्ट (एनओपी) और नेशनल प्रोडक्ट ऑफ ऑर्गेनिक प्रोडक्शन (एनपीओपी) प्रमाणन की प्रक्रिया मे सुधार करने का निर्देश दिया।

बैठक में आरसेटी (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका प्रशिक्षण संस्थान) और डी.डी.यू.जी.के.वाई. (दीन दयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना) के तहत युवाओं के कौशल विकास के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए उन्हें प्रेरित करने के निर्देश दिये गये। सभी मुख्य विकास अधिकारियो अपने जनपदों में इच्छुक युवाओं को चिन्हांकन करने तथा राज्य के अन्दर इन्डस्ट्रीज में अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु रिकल गैप एनालिसिस कराया जाने के निर्देश दिये गये।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की समीक्षा के बाद, सभी जनपदों को स्वरोजगार हेतु इच्छुक युवाओं का अधिकतम चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने बताया कि पलायन को रोकने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना अनिवार्य है। इसके अलावा, विकास खंड स्तर पर वार्षिक लाभार्थियों की सूची तैयार करने की आवश्यकता भी बताई गई, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

राज्य के विकास के लिए ग्रोथ सेंटरों को सशक्त करने और इन्हें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पुनः स्थापित करने के निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सके। बैठक में विभिन्न जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्र में विकास कार्यक्रमों की बेस्ट प्रैक्टिस और सफलता की कहानियाँ प्रस्तुत की। खास तौर पर, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से सामुदायिक संगठनों द्वारा तैयार प्रीमियम उत्पादों के विपणन पर चर्चा की गई, जिसमें सचिव ने इस ब्रांड का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किसानों के उत्पादक समूहों की आय बढ़ाना और उन उत्पादों की गुणवत्ता एवं पैकेजिंग में सुधार करना बताया।

मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना और मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम की समीक्षा उपरांत सभी मुख्य विकास अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए कि 25 मार्च 2026 तक मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना और मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजनाएँ तैयार करें, तथा राज्य को स्वीकृति हेतु प्रेषित करना सुनिश्चित करे।

इस बैठक में अपर सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास श्रीमती अनुराधा पाल, अपर सचिव सुश्री झरना कमठान एवं अन्य उच्च स्तरीय राज्य अधिकारी उपस्थित थे, जो विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

निर्माण साईटों पर सुपर विजन हेतु अनिवार्यता उपस्थित रहे जूनि0 अभियंताः मंत्री सुबोध उनियाल 

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रोड़ कटिंग शर्तों मानकों के उल्लंघन पर विधिक एक्शन तय; मा0 प्रभारी मंत्री ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

 

देहरादून। मा0 प्रभारी मंत्री देहरादून सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में रोड कटिंग कार्यों की समीक्षा एवं नए रोड कटिंग कार्यों की अनुमति के संबंध में मंथन सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। मा0 मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देशित किया कि माह अपै्रल तक सभी संचालित निर्माण कार्यों को पूर्ण कर लिया जाए। जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्थाओं/निर्माण एजेंसियों को सशर्त अनुमति जारी करते हुए निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन करवाया जाए तथा मानकों के अनुरूप कार्य न करने वाली एजेंसियों के विरूद्ध भारी अर्थदंड रोपित करते हुए आरसी के माध्यम से वसूली की जाए। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि अनुमति के समय सम्बन्धित एजेंसियों से शर्तों का पालन तथा समयावधि में कार्य पूर्ण करने सम्बन्धी शपथ पत्र ले लिया जाए। मानको का उल्लंघन होने पर मुकदमा दर्ज करते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।


बैठक में मा0 प्रभारी मंत्री ने सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं को अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग आपसी समन्वय एवं इन्टिग्रेटेड प्लान के साथ कार्य करते हुए संचालित विकास कार्यों को जनमानस की सुरक्षा एवं सुविधा के दृष्टिगत निर्धारित मानकों के अन्तर्गत समयबद्ध पूर्ण करें ताकि निर्माण कार्यों के लिए बार-बार सड़क न खोदनी पड़े। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न स्थानों पर गतिमान निर्माण कार्यों की प्रभावी मॉनिटिरिंग की जाए तथा निर्माण स्थल पर सुपरविजन हेतु जूनियर अभियंता अनिवार्यरूप से उपस्थित रहे। रोड खराब होने की शिकायत पर मा0 मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के उपरान्त सड़क को निर्धारित मानक के अनुसार कम्प्रेस किया जाए। साथ ही निर्देशित किया कि जो एजेंसी निर्धारित मानक एवं रोड़ कटिंग की शर्तों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं तो ऐसी एजेंसियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी पैनल्टी लगाई जाए।
मा0 मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं लोनिवि, यूपीसीएल, पिटकुल, जल संस्थान, पेयजल निगम, स्मार्ट सिटी लि0 आदि विभागों को आपसी से अपने-अपने विभागों से सम्बधिन्त योजना तैयार करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि निर्माण कार्यों हेतु बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े।
बैठक में गैल की गैस पाईपलाईन विछाने एवं घरों में गैस पाईपलाईन से कनैक्शन देने की जानकारी लेने पर गैल के प्रतिनिधियों ने बताया कि 65 हजार किमी नेटवर्क पर कार्य हो रहा है। शुरूआती चरण में 38 हजार घरों को कनैक्ट करना है तथा 2500 घरों को कनैक्ट कर लिया गया है। गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर कार्य चल रहा है। इसी प्रकार विद्युत लाईन अंडग्राउंड करने, सीवर, पेयजल आदि कार्य गतिमान हैं, जिस पर मा0 प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन-जिन स्थानों पर कार्य चल रहा है वहां पर अपै्रल तक कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।
ज्ञातब्य है कि वर्तमान में पेयजल एवं सीवर पाइपलाइन-यूयूएसडीए तथा जल निगम भूमिगत विद्युत केबल-यूपीसीएल एडीबी तथा पिटकुल, गैस पाइपलाइन परियोजना-गैल गैस लि0 पेयजल पाइपलाइन-जल संस्थान एवं जल निगम दूरसंचार जिओ-एयरटेल तथा अन्य ऑप्टिकल फाइबर आदि कार्य गतिमान है। बैठक में सामने आया कि विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा नियमित एवं प्रभावी निगरानी का अभाव के साथ ही अनुमति आदेश में उल्लिखित शर्तों बैरिकेडिंग की कमी चेतावनी संकेतक/रिफ्लेक्टर आदि सुरक्षा मानकों का पालन न होने से समस्याएं उत्पन्न हो रही है। वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा शहर में निर्माण कार्यों हेतु पूर्व में जारी सभी अनुमतियां निरस्त कर रखी है।
बैठक में जिलाधिकारी सविन बसंल ने रोड़ कटिंग समीक्षा बैठक में मा0 प्रभारी मंत्री, विधायकगणों द्वारा मार्गदर्शन करने पर आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में रोड़ कटिंग अनुमति एवं अनुमति शर्तों, मानकों का कड़ाई से परिपालन कराया जाएगा।
बैठक में मा0 विधायक राजपुर खजानदास, रायपुर उमेश शर्मा काऊ, देहरादून कैन्ट सविता कपूर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओपी सिंह सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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सीएम धामी ने 256 करोड़ की लागत से बन रहे प्रदेश के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का किया स्थलीय निरीक्षण

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लोहाघाट। जनपद चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र स्थित छमनिया में लगभग ₹256 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन करते हुए कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन फुटबॉल ग्राउंड, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक सहित अन्य खेल मैदानों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही खिलाड़ियों हेतु 300 बालिकाओं की क्षमता वाले छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, ऑडिटोरियम एवं गेस्ट हाउस के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि लोहाघाट में स्थापित हो रहा यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ प्रदान करेगा। यहाँ विकसित की जा रही सभी खेल व्यवस्थाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे प्रदेश की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि यहों संस्थान प्रशिक्षण, शिक्षा एवं आवास की समग्र व्यवस्था उपलब्ध कराते हुए विशेष रूप से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्रीसांसद श्री अजय टम्टा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

वसंतोत्सव-2026 : राज्यपाल ने इस वर्ष के लिए चयनित ‘‘भोज पत्र’’ के विशेष पोस्टल कवर का किया विमोचन

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राज्यपाल ने राजभवन में वसंतोत्सव-2026 का किया शुभारंभ

पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों का दिखा गजब का उत्साह, 2314 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, 343 स्टॉल लगाएं

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को लोक भवन परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न पुष्पों की भव्य प्रदर्शनी के साथ ‘वसंतोत्सव-2026’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज तथा प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर उपस्थित थी।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने डाक विभाग द्वारा “भोज पत्र” विषय पर जारी विशेष डाक आवरण का विमोचन किया तथा डाक विभाग, देहरादून द्वारा आयोजित डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक डाक टिकटों का प्रदर्शन किया गया, जिसने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया।
इस वर्ष वसंतोत्सव की थीम “फ्लोरल हीलिंगः नेचर्स पाथ टू वेल बीइंग” रखी गई है। उद्यान विभाग द्वारा फ्लोरल हीलिंग का प्रदर्शन करने हेतु व्यवस्था की गई साथ ही हिमालयी क्षेत्रों में पाये जाने वाले ताजे पुष्पों से तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन और पृथक से स्टॉल लगाया गया। थीम पर आधारित स्टॉल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यह आयोजन केवल पुष्प प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति की उपचारात्मक शक्ति और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य में फूलों एवं हरियाली के महत्व को भी रेखांकित करता है।
वसंतोत्सव के प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (देहरादून) तथा निरामया योगम रिसर्च फाउंडेशन (हरिद्वार) द्वारा रिदमिक योग का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं वुशु एसोसिएशन, उत्तराखण्ड के बच्चों द्वारा वुशु के बेहतरीन करतब की प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल ने पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उनकी चित्रकला की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने वसंतोत्सव में लगी पुष्प प्रदर्शनी एवं विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर प्रदर्शकों से जानकारी भी प्राप्त की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन परिसर में वसंतोत्सव के माध्यम से उत्सव का एक विशेष वातावरण बना है। उन्होंने पुष्प प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ प्रदर्शित फूलों की गुणवत्ता, विविधता और सुगंध प्रकृति के अनुपम सौंदर्य को दर्शाती है। उन्होंने प्रगतिशील किसानों एवं उद्यान विशेषज्ञों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बागवानी और पुष्प उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं तथा इससे आय और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राज्यपाल ने ‘अरोमा क्रांति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा से तैयार सुगंधित उत्पाद वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान बना सकते हैं। उन्होंने फूलों एवं सुगंधित उत्पादों के स्वास्थ्यवर्धक प्रभावों पर किए जा रहे अनुसंधानों की भी सराहना की।
उन्होंने भोज पत्र पर आधारित विशेष डाक आवरण के विमोचन को विशेष क्षण बताया और कहा कि भोज पत्र हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह हमारी जड़ों और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा हुआ है, जिसे आज इस विशेष अवसर पर जनसामान्य के साथ साझा किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव में युवाओं, महिलाओं तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी उनकी रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का परिचायक है। उन्होंने शहद, अरोमा उत्पाद एवं मिलेट्स जैसे पारंपरिक उत्पादों को संभावित आर्थिक प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि यदि इन उत्पादों को तकनीक और डिजिटलीकरण से जोड़ा जाए तो नए बाजार और अवसर विकसित किए जा सकते हैं। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से परिवार सहित वसंतोत्सव में सहभागिता करने का आह्वान करते हुए इस आयोजन का लाभ उठाने का आग्रह किया।
वसंतोत्सव के आयोजन में कट फ्लावर(पारंपरिक) प्रतियोगिता में 870 प्रतिभागी, कट फ्लावर (गैर पारंपरिक) श्रेणी में 266 प्रतिभागी, कट फ्लावर (दिव्यांग श्रेणी) में 05 प्रतिभागी, महिला पुष्प उत्पादक 26 प्रतिभागी, पॉटेड प्लांट श्रेणी(प्राइवेट नर्सरी) में 21, लूज फ्लावर श्रेणी में 45, पॉटेड प्लांट(गैर पुष्प) श्रेणी में 25 प्रतिभागी, सब्जी उत्पादन 60, कैक्टस एवं सॉकुलेंट श्रेणी में 19, बोनसाई श्रेणी में 18, टेरारियम श्रेणी में 06, हैंगिंग पॉट्स श्रेणी में 16, सोयल-लेस/हाइड्रोपोनिक्स कल्टीवेशन श्रेणी में 06, पॉट्स फॉर गार्डनिंग 23, ऑन स्पॉट फोटोग्राफी में 50, शहद की श्रेणी में 103, फ्रेश पेटल रंगोली में 17 और पेंटिंग प्रतियोगिता में 738 प्रतिभागियों द्वारा हिस्सा लिया गया है। आज के आयोजन में कुल 15 श्रेणियों की 55 उप श्रेणियों में कुल 2314 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार निर्णायक मण्डल के निर्णय के उपरांत 01 मार्च को प्रदान किए जाएंगे।
वसंतोत्सव में विभिन्न संस्थानों/व्यक्तियों द्वारा कुल 343 स्टॉल लगाए गए हैं। इस दौरान राज्य के विभिन्न राजकीय संस्थानों द्वारा 18 स्टॉल पर अपनी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। जिसमें औद्यानिक यन्त्र, बायोफर्टिलाइजर, जैविक कीटव्याधि नियंत्रक उत्पादन करने वाली विभिन्न फर्मों एवं औद्यानिक गतिविधियों से जुड़े गैर सरकारी संस्थाओं/स्वयं सहायता समूहों/स्थानीय उत्पादक संगठनों द्वारा अपने कार्यक्रमों/उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
आज के कार्यक्रम में प्रदेश के समस्त जनपदों से किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया एवं समस्त जनपदों से विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ ही आमजन द्वारा भी बढ़-चढ़ कर भागीदारी की गयी। वसंतोत्सव में आमजन के खान-पान की सुविधा के लिए विभाग द्वारा गतवर्षों की भांति इस वर्ष भी विभिन्न संस्थाओं द्वारा फूड कोर्ट में मिलेट्स पर आधारित विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए गए थे। इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण एसएन पाण्डेय, अपर सचिव राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, निदेशक उद्यान एसएल सेमवाल सहित उद्यान विभाग के अधिकारी व अन्य लोग उपस्थित थे।

सीएम धामी ने 36वीं वाहिनी आईटीबीपी लोहाघाट पहुंचकर हिमवीरों को दी होली की शुभकामनाएं

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राष्ट्र की सुरक्षा में हिमवीरों का योगदान अतुलनीय : सीएम धामी

लोहाघाट। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहाघाट स्थित 36वीं वाहिनी आईटीबीपी में पहुंचकर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात हिमवीरों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उन्हें उपहार भेंट किए तथा उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा राष्ट्र की सुरक्षा में हिमवीरों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों की विषम भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों में तैनात हमारे वीर जवान देशवासियों की सुरक्षा का सशक्त कवच हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व-त्योहार हमें आपसी प्रेम, सौहार्द, भाईचारे और एकता का संदेश देते हैं। ऐसे पावन अवसर पर अपने परिवारों से दूर रहकर मातृभूमि की रक्षा में समर्पित हिमवीरों का त्याग और बलिदान पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है।