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नयार वैली फेस्टिवल: पर्यटन, परंपरा और विकास का ऐतिहासिक संगम:- सीएम धामी 

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सीएम धामी ने किया नयार वैली फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन:  एडवेंचर गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर पर्यटन को दी नयी उड़ान

पौड़ी की नयार घाटी से मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा संदेश, पर्यटन, रोजगार और विकास को मिलेगी नयी गति

नयार घाटी महोत्सव बना ऐतिहासिक, पर्यटन और आधारभूत विकास परियोजनाओं से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर

प्राकृतिक सौंदर्य के बीच विकास का संदेश, नयार वैली फेस्टिवल का भव्य आगाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नैयर वैली फेस्टिवल का शुभारंभ किया। जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही नायर घाटी की पर्यटन संस्कृति एवं साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज तथा विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी के आगमन पर महिलाओं द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही नयार घाटी की पर्यटन, संस्कृति एवं साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया तथा मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नयार महोत्सव की आधिकारिक टी-शर्ट का भी अनावरण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की, योगिता की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई तथा बालिका वैष्णवी को नेम प्लेट भेंट की। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों तुलसीदास एवं बीरेन्द्र को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने महिला समूहों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने साइक्लिस्टों तथा एंगलरों से भी संवाद कर उनके साहस और उत्साह की सराहना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज, रिवर्स बंजी सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नयार वैली क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है तथा ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि नयार घाटी सहित जनपद पौड़ी गढ़वाल का यह संपूर्ण क्षेत्र अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साहसिक संभावनाओं के कारण अत्यंत अद्वितीय है। प्रकृति ने इस क्षेत्र को सौंदर्य और रोमांच का अनुपम संगम प्रदान किया है, जिससे यह साहसिक पर्यटन और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आदर्श स्थल बनता है। उन्होंने कहा कि यहां के विकास के लिए सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिससे प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, दूरसंचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड पोखड़ा में रसलवाँण दीवा मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड बीरोंखाल में कालिंका मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर स्थलीय कार्य तथा विकासखंड पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा की गयी मांगों को भी घोषणाओं में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का निर्माण प्रगति पर है, जबकि खोह नदी को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पौड़ी के गड़िया गांव में प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी का निर्माण, कोटद्वार में 11 करोड़ की लागत से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और मालन नदी पर पुल निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज के रूप में संरक्षित किया जा रहा है तथा सतपुली में सिंचाई निरीक्षण भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में खेल सुविधाओं के विस्तार, 50 बेड वाले आधुनिक चिकित्सालय के निर्माण, सीडीएस पार्क में विशाल तिरंगा, विज्ञान संग्रहालय, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, 20 करोड़ की लागत से माउंटेन म्यूजियम एवं तारामंडल जैसी परियोजनाएं भविष्य में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से क्षेत्र का संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास शासन-प्रशासन को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से 17 दिसंबर 2025 से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत प्रशासन के 23 विभागों की टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से लोगों के प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज घर-घर पहुंचाए गए, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यही है कि हर नागरिक को समय पर सुविधाएं मिलें और उसकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान उसके अपने द्वार पर ही सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का समग्र सामाजिक विकास सरकार का प्रमुख लक्ष्य और संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखना, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों का संरक्षण करना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश-विदेश में प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और नयार वैली फेस्टिवल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह एक आयोजन नहीं, बल्कि नयार घाटी की अपार प्राकृतिक सुंदरता, हमारी समृद्ध संस्कृति और साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं का सशक्त परिचय है। इस महोत्सव के माध्यम से पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियाँ युवाओं को नए अवसर प्रदान करेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खोलेंगी।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से नयार घाटी आने वाले समय में देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी और विकास, रोजगार तथा सांस्कृतिक पहचान का नया अध्याय लिखेगी।

विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनपद पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। साथ ही उन्होंने चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए नयार वैली फेस्टिवल को स्थायी रूप से आयोजित किए जाने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, डीएसटीओ राम सलोने, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत, जिलाध्यक्ष कोटद्वार राजगौरव नौटियाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, महिला समूह, युवा एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। यह आयोजन क्षेत्र में पर्यटन, संस्कृति एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

 

सैनिक सम्मेलन: उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को SSP दून ने किया सम्मानित

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने लिया पुलिस कर्मियों का सैनिक सम्मेलन

*सम्मेलन में पुलिस कर्मियों की समस्याओ की ली जानकारी, समस्याओ के त्वरित निस्तारण के उपस्थित अधिकारियों को दिये निर्देश

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 29 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित*श

आज दिनांक 26-02-2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा पुलिस लाइन देहरादून में पुलिस कर्मियों का सैनिक सम्मेलन लिया गया, सम्मेलन के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा उपस्थित पुलिस कर्मियों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेते हुए उपस्थित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिये गये। गोष्ठी के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 29 पुलिस अधि0/कर्म0 को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही भविष्य में भी इसी प्रकार अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करने के लिये प्रेरित किया।

*सम्मानित किये गये पुलिस कर्मियों का विवरण निम्नवत है -*
1- निरीक्षक राकेश शाह, SIS शाखा
2- उ0नि0 संदीप चौहान, कोतवाली डालनवाला
3- उ0नि0 विनय मित्तल, कोतवाली डोईवाला
4- कानि0 161 विनित कुमार, कोतवाली ऋषिकेश
5- उ0नि0 आशीष कुमार, कोतवाली पटेलनगर
6- उ0नि0 विक्रम नेगी, थाना रानीपोखरी
7- उ0नि0 सुमेर सिंह, थाना सेलाकुई
8- कानि0 370 श्रीकान्त ध्यानी, थाना नेहरू कॉलोनी
9- का0 श्रीकांत मालिक, थाना प्रेमनगर
10- हे0का0 416 नवीन कुमार, कोतवाली कैंट
11- अ0उ0नि0 रामनिवास, कोतवाली रायवाला
12- कानि0 प्रेम पंवार, थाना रायपुर
13- अ0उ0नि0 अरविन्द0 कुमार, कोतवाली सहसपुर
14- का0 198 त्रेपन सिंह, थाना कालसी
15- हे0का0 333 ना0पु0 जितेन्द्र कुमार, थाना बसंत विहार
16- उ0नि0 अर्जुन गुसाई, थाना राजपुर
17- का0 आशीष ( एसओजी )
18-कानि0 932 महेश पुरी, कोतवाली नगर
19- कानि0 857 बृजपाल, कोतवाली विकासनगर
20- म0कां0 1195 आस्था देशवाल, थाना क्लेमेंटाउन
21- आरक्षी 30 स0पु0 रीनू कुमार, दूरसंचार
22- का0 विपिन, एसओजी
23- का0 1130 पंकज, एसओजी
24- कां0 हरीश कुमार, जल पुलिस
25- उ0नि0 नवीन चन्द्र जुराल SIS
26- उ0नि0 कृपाल सिंह (एण्टी हयूूमन ट्रैफिकिंग यूनिट)
27- का0 203 गौरव (सीपीयू)
28- म0का0 राधिका, यातायात
29- हो0गा0 1274 नीरज चौहान, यातायात

 

उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा टौंस-यमुना घाटी के ऐतिहासिक लोक पर्व ‘मरोज’ का भव्य आयोजन

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देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आज उत्तराखंड के लोकप्रिय टौंस एवं यमुना घाटी के ऐतिहासिक एवं पारंपरिक लोक पर्व का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यमुना घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, वेशभूषा, रीति-रिवाजों और लोकगीतों की विशेष प्रस्तुति दी गई। इससे जनसमूह को क्षेत्र की गौरवशाली परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिला

हिमालयी अंचल की सुदूरवर्ती टौंस एवं यमुना घाटी की समृद्ध लोक परंपराओं को सहेजते हुए बुधवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून के तत्वावधान में ऐतिहासिक एवं पारंपरिक लोक पर्व ‘मरोज’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब के महामंत्री योगेश सेमवाल एवं लोक कलाकार व लोक विधाओं के पुरोधा नंदलाल भारती ने संयुक्त रूप से किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक दल द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें टौंस और यमुना घाटी की पारंपरिक झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। लोक नृत्य और लोक गीतों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे सभागार में पर्व जैसा उत्साह व्याप्त रहा।

लोक पर्व ‘मरोज’ के महत्व पर विचार

मुख्य अतिथि विधायक मुन्ना सिंह चौहान सहित अन्य अतिथियों ने अपने संबोधन में माघ मरोज पर्व की ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक परंपराओं को जीवंत रखने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि हिमालयी अंचल की संस्कृति हमारी पहचान है, जिसे संरक्षित और संवर्धित करना हम सभी का दायित्व है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुन्ना सिंह चौहान, विधायक विकासनगर ने कहा कि आज उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा टौंस एवं यमुना घाटी के ऐतिहासिक और पारंपरिक लोक पर्व का आयोजन वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि यह गरिमामय आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि टौंस और यमुना घाटी केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि वे हमारी पहचान, हमारी आस्था और हमारी सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। यहां की लोक परंपराएं, वेशभूषा, रीति-रिवाज, मेले और त्योहार हमारी विरासत की अमूल्य धरोहर हैं और इन्हें संजोकर रखना हम सबका दायित्व है।

उन्होंने कहा कि आज जब आधुनिकता और पाश्चात्य प्रभाव के कारण युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से दूर होती जा रही है, ऐसे में इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन उन्हें अपनी मिट्टी, अपनी बोली और अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। हमारी लोकसंस्कृति में निहित सादगी, सामूहिकता और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना हमें विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने की शक्ति भी है। उत्तरांचल प्रेस क्लब ने सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि मीडिया समाज की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अति विशिष्ट अतिथि विधायक राजपुर खजान दास ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मरोज’ जैसे लोक पर्व हमारी सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उत्तराखंड विशेषकर जौनसार-बावर, टौंस और यमुना घाटी क्षेत्र में यह पर्व परंपरागत रूप से आपसी मेल-मिलाप और भाईचारे के साथ मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि गांवों में लोग घर-घर जाकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं, जिससे सामाजिक संबंध और अधिक मजबूत होते हैं। यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामूहिक जीवन मूल्यों को जीवित रखने का माध्यम है।

उन्होंने उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा ऐसे सांस्कृतिक आयोजन के लिए सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब सदैव सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। लोक पर्वों के आयोजन का उद्देश्य अपनी परंपराओं को जीवित रखना और समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीताराम गौड़, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक केएस चौहान, सीआईएमएस कॉलेज के चेयरमैन ललित जोशी के साथ ही प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाईं, संयुक्त मंत्री मीना नेगी, शिवेश शर्मा, संप्रेक्षक विजय जोशी, कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन लखेड़ा, मनबर सिंह रावत, हिमांशु जोशी, ओम प्रकाश जोशी, रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल के साथ ही अनेक पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।

(योगेश सेमवाल)
महामंत्री

 

सहकारी मेलों में वितरित किया गया 21 करोड़ का ऋणः डाॅ. धन सिंह रावत

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1000 से अधिक किसानों व स्वयं सहायता समूहों ने उठाया योजना का लाभ

*कहा, 500 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों ने मेलों में बेचे अपने उत्पाद*

देहरादून, 25 फरवरी 2026
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में आयोजित सहकारिता मेलों में राज्य सरकार द्वारा किसानों, काश्तकारों, युवा उद्यमियों व महिला स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, मछली पालन, फूलों की खेती जैसी अन्य गतिविधियों के लिए 21 करोड़ से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त मेलों में 500 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का विक्रय कर अच्छा मुनाफा कमाया है।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं ग्रामीण आर्थिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में सहकारिता मेलों का आयोजन किया जा रहा है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारिता विभाग के माध्यम से विशेष थीमों पर आधारित इन मेलों का 11 जनपदों में सफल आयोजन किया जा चुका है, जबकि टिहरी जनपद में मेला आयोजित किया गया है। इन मेलों में किसानों, काश्तकारों, कारीगरों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा मेलों में विभागीय योजनाओं का लाभ आम लोगों का पहुंचाया जा रहा है। डाॅ. रावत ने बताया कि मेलों के माध्यम से अब तक 1038 किसानों व 147 महिला स्वयं सहायता समूहों को रुपये 21 करोड़ से अधिक ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया जा चुका है, जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 174 लाख का ब्याज मुक्त ऋण किसानों व महिला स्वयं सहायता समूहों को वितरित किया गया। इसी प्रकार बागेश्वर में 115 लाख, पिथौरागढ़ में 211 लाख, चम्पावत 81, नैनीताल 107 लाख, चमोली 155 लाख, रूद्रप्रयाग 177 लाख, पौड़ी 583 लाख, हरिद्वार 71 लाख, देहरादून 98 लाख तथा उत्तरकाशी जनपद में किसानों व महिला स्वयं सहायता समूहों को 56 लाख का ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया गया है। टिहरी जनपद में आयोजित मेले में अब तक 270 लाख का ऋण वितरित किया जा चुका है। विभाग द्वारा वितरित किये जा रहे ब्याज मुक्त ऋण प्रदेश के किसानों, काश्तकारों, कारीगरों, युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों के कृषि विकास, स्वरोजगार, लघु उद्यम एवं आजीविका संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारी मेलों में महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधा बाजार मिला है। अब तक आयोजित मेलों में 500 से अधिक महिला समूहों ने अपने उत्पादों हस्तशिल्प, स्थानीय खाद्य सामग्री, जैविक उत्पाद सहित पारंपरिक वस्त्रों का विक्रय किया है जिनसे उनको खास मुनाफा हुआ है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारिता मेलों से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है और महिलाएं आत्मनिर्भरता बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता मेले किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं। इन आयोजनों ने सहकारिता के मूल सिद्धांतों सहभागिता, आत्मनिर्भरता और सामूहिक विकास को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से सहकारिता को रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन एवं समावेशी विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसंपर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय सहाकरिता मंत्री

Big Breaking: धामी कैबिनेट में 28 प्रस्तावों पर लगी मुहर, आगामी वित्तीय वर्ष में 1.11 लाख करोड़ का बजट होगा पेश

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.देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 28 प्रस्तावों पर मोहर लगी। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026 -27 के लिए पेश होने वाले बजट पर भी मंत्रिमंडल ने सहमति जताई और पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बजट में 10 फिजी की बढ़ोतरी की गई है।
कैबिनेट बैठक खत्म, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1.11 लाख करोड़ का बजट होगा पेश।

पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस साल बजट में 10 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में इस साल 1.11 लाख करोड रुपए का बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। हालांकि, मंत्रिमंडल ने बजट में संशोधन किए जाने संबंधित निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत कर दिया है।

कैबिनेट बैठक के मुख्य बिंदु 

– आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1.11 लाख करोड़ का बजट होगा पेश। कैबिनेट से मिली मंजूरी, इसमें संशोधन में लिए सीएम धामी को किया गया अधिकृत।

– यूआईआईडीबी के ढांचे में अतिरिक्त 14 नवीन पद ऑन को सृजित किए जाने और पूर्व से सृजित सहायक महाप्रबंधक लेखा/ लेखाकर का पदनाम व ऑफिस बॉय का मानदेय परिवर्तित किए जाने पर मिली मंजूरी।

– मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालय जहां पर नियमित प्रचार नियुक्त हैं को योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

– उच्च शिक्षा विभाग के तहत स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड की पुस्तकालय योजना को मिली मंजूरी।

– उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली 2010 में किया गया संशोधन।

– शहरी विकास विभाग के तहत प्रदेश के सभी 11 नगर निगमन में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित किए जाने को मिली मंजूरी। संविदा के आधार पर पर्यावरण अभियंताओं की होगी भर्ती।

– सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 को मिली मंजूरी।

– मौन पालन नीति 2026 को मिली मंजूरी।

– मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान- बाल पालाश योजना के तहत 3 से 6 साल उम्र के बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में नवीन सामग्रियों को शामिल किए जाने का निर्णय ले लिया गया।

– मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना में किया गया संशोधन। अंडा, दूध और केला के अलावा अन्य पोषक खाद्य पदार्थ भी कराए जाएंगे उपलब्ध।

– उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का 24वा वार्षिक प्रतिवेदन को सदन का पटल पर रखने को मिली मंजूरी।

– उत्तराखंड राज्य में माल एवं सेवा कर अपीलीय अधिकरण की राज्यपीत को देहरादून में यथावत रखने के साथ ही हल्द्वानी में एक अतिरिक्त राज्य पीठ या सर्किट बेंच की स्थापना को मिली मंजूरी।

– उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक को विधानसभा में पुनर्स्थापित करने को मिली मंजूरी।

– सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो को औद्योगिक विकास से ट्रांसफर कर वित्त विभाग के अंतर्गत गठित करने को मिली मंजूरी।

– विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम के क्रियान्वयन को मिली मंजूरी।

– उत्तराखंड राज्य में उपचारित जल के सुरक्षित पुन उपयोग हेतु नीति 2026 को मिली मंजूरी।

– उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह क और ख के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मिली मंजूरी।

– उत्तराखंड चकबंदी अधिष्ठान के तहत बंदोबस्त अधिकारी, चकबंदी के एक निसंवर्गीय पद के सृजन को मिली मंजूरी।

– उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन (रोजगार विनियम एवं सेवा- शर्त) (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में पुनर्स्थापित किए जाने को मिली मंजूरी।

– समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026 को मिली मंजूरी।

– उत्तराखण्ड स्टोन क्रेशर, स्क्रीनिंग प्लांट, मोबाईल स्टोन क्रेशर, मोबाईल स्क्रीनिंग प्लांट, पल्वराईजर प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट अनुज्ञा (तृतीय संशोधन) नीति 2024 में हॉट मिक्स प्लांट की स्थापना के लिए दूरी के मानकों में संशोधन को मिली मंजूरी।

– उत्तराखण्ड राज्य की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के आदर्श नियम, 2016 के नियम 87 (1) के तहत गठित राज्य स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष को 5000/- प्रति बैठक और गैर सरकारी संगठनो से नामित 02 सदस्यों को 3000/- प्रति बैठक मानदेय दिया जाएगा।

– कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग में लिपिक/ मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के पदों के संरचनात्मक ढांचे में लिपिक/ मिनिस्ट्रीयल सवर्ग का पुर्नगठन किए जाने को मिली मंजूरी।

– देहरादून जिले के विकासनगर, उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर और नैनीताल जिले के मुख्यालय में, यानी कुल 03 अतिरिक्त Fast Track Special Courts की स्थापना और संबंधित फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए पदों के सृजन को मिली मंजूरी।

– नैनीताल हाईकोर्ट के लिए 01 और जिला न्यायालयो के लिए 13, यानी कुल 14 न्यायालय प्रबंधकों (Court Managers) के नए पदों को सृजित किए जाने पर बनी सहमति।

– विश्व बैंक के सहयोग से Strengthening of Public Financial Management for Improved Service Delivery in Uttarakhand के कियान्वयन के लिए स्टीयरिंग कमेटी व प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट का गठन और प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट यूनिट के लिए पदों के सृजन को मिली मंजूरी।

– उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधो का संशोधन) विधेयक 2026 को मिली मंजूरी।

– सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में तदर्थ / अनुबन्ध / संविदा/आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत 04 विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (एल०टी०) विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों के सापेक्ष नियमित नियुक्ति को मंत्रिमंडल की मिली मंजूरी।

वही, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान 32 मुद्दों पर चर्चा की गई है जिसमें से 28 प्रस्ताव पर मुहर लगी है। बैठक के दौरान आगामी विधानसभा बजट सत्र में पेश होने वाले बजट पर भी चर्चा किया गया है। मंत्रिमंडल ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी देते हुए, बजट में संशोधन करने की जरूरत संबंधी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत कर दिया है।

 

DM सविन बंसल के निर्देशन में जिले के दिव्यांग व वरिष्ठजनों को मिला सहारा

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जनपद में आयोजित 09 शिविरों में 3477 जरूरतमंदों को मिले, निःशुल्क सहायक उपकरण

*कालसी सहिया में 657 लाभार्थियों को सहायक उपकरण वितरण के साथ अभियान का सफल समापन*

*देहरादून ।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग, देहरादून द्वारा जनपद स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एडिप योजना एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत किया गया।

राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय (पीजी) सहिया, कालसी में आयोजित सहायक उपकरण वितरण शिविर के समापन अवसर पर 657 सहायक उपकरण निशुल्क वितरित किए गए।

जनपद की छह विकासखंडों, नगर पालिका एवं नगर निगम क्षेत्रों में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 3,447 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें विकासखंड रायपुर में 297, सहसपुर में 693, विकासनगर में 103, डोईवाला में 709, नगर पालिका मसूरी में 241, नगर निगम ऋषिकेश में 433, कालसी सहिया में 657, लाखामंडल में 107 तथा त्यूणी एवं कनासर में 237 दिव्यांग एवं वरिष्ठजनों को बैसाखी, ट्राइसाइकिल, छड़ी, व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, वॉकर, कमोड चेयर, कमर बेल्ट एवं श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए।

जिलाधिकारी सविन बंसल के मार्गदर्शन में संचालित इन शिविरों का उद्देश्य चयनित दिव्यांगजनों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को न केवल सहारा प्रदान करना, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए ये सहायक उपकरण लाभार्थियों के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के साथ ही उनकी गतिशीलता और आत्मविश्वास में वृद्धि करेंगे।

सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

वितरण शिविर में बीडीओ कालसी जगत सिंह, सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय (पीजी) सहिया के प्रबंधक अनिल तोमर, सहायक समाज कल्याण अधिकारी खजान सिंह, डीडीआरसी देहरादून से कपिल पुनिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जनपद में कुल 9 शिविरों का आयोजन किया गया। भारत सरकार की एडिप एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत मात्र 30 दिनों के भीतर पात्र दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को निरूशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए गए। उन्होंने जानकारी दी कि देहरादून स्थित प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र में सप्ताह के सातों दिन सहायक उपकरण वितरित किए जाते हैं। इसके लिए पात्र लाभार्थियों को मासिक आय प्रमाण पत्र के साथ ग्राम प्रधान या पार्षद से प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

जनगणना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी: सभी अधिकारी गंभीरता से निभाए दायित्व- एडीएम

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जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल जनगणना का प्रशिक्षण,

घर-घर सर्वे से नागरिक गणना तक, दो चरणों में संपन्न होगी प्रक्रिया, बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए अलग समय-सारणी

*देहरादून ।
पहली बार पूर्णतः डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही जनगणना-2027 के दृष्टिगत देहरादून जिला प्रशासन ने व्यापक एवं सुव्यवस्थित तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। इसी क्रम में 25 से 27 फरवरी तक आईआरडीटी सभागार, देहरादून में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण में जनगणना संबंधी अधिकारी, चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं सेन्सस क्लर्क प्रतिभाग कर रहे हैं।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना की नई डिजिटल प्रणाली, मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग तथा जनगणना प्रबंधन की प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों द्वारा व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से डिजिटल डेटा संकलन, सूचना प्रविष्टि, डेटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा मानकों, पारदर्शिता तथा समयबद्ध क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

*दो चरणों में होगी जनगणना*
जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी। प्रथम चरण 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संचालित होगा, जिसके अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं भवन गणना की जाएगी। इस दौरान कच्चे एवं पक्के मकानों की स्थिति, शौचालय, पेयजल सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विवरण घर-घर जाकर एकत्र किया जाएगा।

द्वितीय चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित होगा, जिसमें नागरिकों की गणना का कार्य संपादित किया जाएगा। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में यह कार्य 11 से 30 सितंबर 2026 के बीच कराया जाएगा।

इसके अतिरिक्त 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था के अंतर्गत परिवार पहली बार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसका सत्यापन प्रगणक द्वारा किया जाएगा।

*मोबाइल एप आधारित होगी पूरी प्रक्रिया*
अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा ने प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। सभी अधिकारी एवं कार्मिक प्रशिक्षण को गंभीरता से लें तथा अपनी शंकाओं का समाधान कर जनगणना कार्य को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करें।

उन्होंने बताया कि इस बार संपूर्ण जनगणना कार्य मोबाइल एप्लिकेशन आधारित होगा। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे। साथ ही, संपूर्ण संचालन, पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन के लिए ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ का उपयोग किया जाएगा।

जनपद की प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित कर प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया गया है, जो जनगणना कार्य के सफल क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभाएगा। वेब मैपिंग एवं क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग कर हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण, सीमाओं का निर्धारण एवं सत्यापन, कार्य की निगरानी तथा आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित की जाएगी।

सभी प्रशिक्षण गतिविधियां वेब पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगी। पहले क्षेत्रीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, तत्पश्चात वे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। मास्टर ट्रेनर द्वारा सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से डिजिटल डेटा संकलन की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है तथा प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर द्वारा जनगणना संबंधी अधिकारी, चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक तथा सेन्सस क्लर्क को डिजिटल डेटा संकलन हेतु सीएमएमएस पोर्टल का तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी देने के साथ उनकी शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला जनगणना अधिकारी /अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप निदेशक (जनगणना) तान्या सेठ, जिला प्रभारी प्रदीप यादव एवं कुलदीप चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

Big Action: एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन को किया सील

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सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर, अवैध व्यावसायिक निर्माण सील

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्राधिकरण क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सख्त अभियान जारी है। एमडीडीए ने नियमों की अनदेखी कर की जा रही प्लाटिंग और व्यावसायिक निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थलों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्यवाही की। प्राधिकरण का कहना है कि मास्टर प्लान के विपरीत किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

*सेलाकुई में 10 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त*
प्राधिकरण की टीम ने शेरपुर क्षेत्र में श्रीराम सेंटेनियल स्कूल के पीछे, नया हाईवे सेलाकुई के निकट लगभग 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। भू-स्वामी श्री प्रवीन विज द्वारा बिना स्वीकृत लेआउट और आवश्यक अनुमति के भूखंडों का विभाजन किया जा रहा था। शिकायतों और निरीक्षण के बाद प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर प्लाटिंग से जुड़े निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था।

*अवैध व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग*
इसी क्षेत्र में सावेज द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को भी सील किया गया। यह निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति और भूमि उपयोग परिवर्तन के किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता सशांक सक्सेना, अवर अभियंता नीतेश राणा, सुपरवाइजर ललित तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक गतिविधियों के नाम पर अनधिकृत निर्माण कतई स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

*ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन पर शिकंजा*
हरिपुर कला, ऋषिकेश में आदिनाथ अखाड़ा के निकट अशोक मित्तल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के बिना किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से निर्माण को सील कर दिया। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता मनीष डिमरी, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल उपस्थित रहे।

*उपाध्यक्ष का सख्त संदेश*
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते कठोर कदम उठाने पड़े। उनका कहना है कि सुनियोजित शहरी विकास और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड या भवन की खरीद से पहले उसकी विधिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।

*नियमित निगरानी और आगे भी अभियान*
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में निरंतर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध निर्माण गतिविधियों की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा ताकि मास्टर प्लान के अनुरूप सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

प्रदेश में जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास हेतु कार्य कर रही सरकार : सीएम धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मालसी, देहरादून स्थ्ति एक होटल में हिन्दुस्तान शिखर समागम-उत्तराखण्ड 2026 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश की जनभावनाओं के हिसाब से राज्य सरकार राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले चार सालों में जनअपेक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने के साथ ही मदरसा बोर्ड को खत्म करने जैसे अभूतपूर्व कदम उठाकर, सनातन की इस पुण्यभूमि को हर तरह से सुरक्षित रखने का प्रयास किया है। सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू करने के साथ ही धार्मिक स्थलों के नाम पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर उत्तराखंड को एक शांतिप्रिय राज्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही थी, जिस पर प्रदेश की देवतुल्य जनता का हमें पूरा समर्थन मिला। 2022 में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया। उत्तराखण्ड देश में यू.सी.सी. लागू करने वाला पहला राज्य बना। मुख्यमंत्री ने 2027 में हरिद्वार में भव्य एवं दिव्य कुंभ का आयोजन किया जायेगा। इस सबंध में वे स्वयं 10 से अधिक बैठक कर चुके हैं। केन्द्र सरकार की ओर से इसके लिए 500 करोड़ की धनराशि भी जारी की जा चुकी है, मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य कर रही है। किसी के साथ भेदभाव की भावना से कार्य नहीं किये जा रहे हैं, लेकिन छद्म तरीकों से देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास करने वालों पर भी सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खनन नीति बनने के बाद से उत्तराखण्ड में पिछले 02 सालों में हर साल 1200 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पहले 400 करोड़ तक रहता था। खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट सुधारों के लिए केन्द्र सरकार ने राज्य को लगातार दो साल विशेष सहायता योजना के तहत 100-100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अनेक महानुभावों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

SSP देहरादून के निर्देशों अलर्ट मोड पर दून पुलिस: सम्पूर्ण जनपद में आकस्मिक रूप से चलाया जा रहा सघन चेकिंग अभियान

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पुलिस की अलग-अलग टीमो द्वारा नगर से देहात तक आने जाने वाले सभी निजी/सार्वजनिक वाहनों की करी जा रही आकस्मिक चैकिंग

*संदिग्ध रूप से घूम रहे व्यक्तियों से पूछताछ कर प्राप्त की जा रही सत्यापन संबंधित जानकारी*

*एसएसपी देहरादून द्वारा सभी थाना प्रभारियों को दिया है सघन चेकिंग अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश*

*आम जन में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने के साथ-साथ सभी थाना क्षेत्रो में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाने के दिए है निर्देश*

एसएसपी देहरादून द्वारा सभी थाना प्रभारियों को आम जन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने तथा सम्पूर्ण जनपद में संदिग्धों की तलाश हेतु सभी थाना क्षेत्रों में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए है, उक्त निर्देशों के अनुपालन में आज दिनांक- 25/02/2026 को जनपद के नगर तथा देहात के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की अलग-अलग टीमो द्वारा सभी सीमावर्ती चैक पोस्टों/आन्तरिक मार्गाे व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर भी आकस्मिक रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के दौरान पुलिस द्वारा जनपद में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों/ वाहनो की चेकिंग के साथ- साथ आंतरिक मार्गो पर भी संदिग्ध व्यक्तियों/ वाहनो की सघन चेकिंग सुनिश्चित की जा रही है, साथ ही संदिग्ध रूप से घूम रहे व्यक्तियों से पूछताछ कर उनके सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है।