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“वसुधैव कुटुंबकम् हमारी सनातन परंपरा की है आत्मा ” : मंत्री सुबोध उनियाल

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नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 14 बीघा, ढालवाला में सकल हिंदू समाज द्वारा आयोजित “हिंदू सम्मेलन” में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्याओं में स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी ने कहा कि हिंदू और हिंदुत्व ने विश्व को “वसुधैव कुटुंबकम्” का सार्वभौमिक संदेश दिया है। यह विचारधारा मानवता को सत्य, अहिंसा, करुणा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाती है। हिंदुत्व केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की ऐसी समग्र पद्धति है जो प्रकृति, संस्कृति और समरसता के साथ संतुलन स्थापित करना सिखाती है।

उन्होंने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन का ध्येय वाक्य “वसुधैव कुटुंबकम्” अर्थात “One Earth, One Family, One Future” भारत की सनातन विचारधारा की वैश्विक प्रासंगिकता को दर्शाता है और विश्वबंधुत्व के संदेश को सशक्त करता है।

मंत्री श्री उनियाल ने सभी नागरिकों से सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

 

देहरादून में 30वें ‘दिव्य कला मेला’ का राज्यपाल ने किया शुभारंभ

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“भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में दिव्यांगजन होंगे निर्णायक शक्ति” — राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह

– चालू वर्ष के बजट में दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए 375 करोड़ का प्रावधान है- राज्य मंत्री श्री बी एल वर्मा

– भारत सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए

– देहरादून में लगे दिव्य कला मेला में 16 राज्यों से 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी कर रहे प्रतिभाग

– देशभर के दिव्यांग कारीगर हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने जैसे उत्पाद लेकर पहुंचे दिव्य कला मेला

रविवार को देहरादून के रेंजर्स मैदान में 30वें ‘दिव्य कला मेला’ का भव्य उद्घाटन हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से नि) श्री गुरमीत सिंह ने कहा- “दिव्य कला मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेरणा और उत्साह का एक सशक्त मंच है, जो भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में दिव्यांगजनों की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है।” उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शित रचनात्मकता केवल कला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवंत अभिव्यक्ति है।

उत्तराखंड के राज्यपाल ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचारों को दिव्यांगजनों के लिए नए अवसरों का सेतु बताते हुए कहा कि तकनीक किसी में भेदभाव नहीं करती। उन्होंने आह्वान किया कि मेले में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाया जाए, ताकि दिव्य प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके। उनके अनुसार, संकल्प और सामर्थ्य के बल पर दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त आधार तैयार किया है। उन्होंने जानकारी दी कि चालू वर्ष के बजट में Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India के माध्यम से सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए ₹375 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में सांसद, टिहरी, माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि दिव्य कला मेला जैसे आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक माध्यम हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे राष्ट्रीय आयोजन उत्तराखंड जैसे राज्यों को नई पहचान और ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से पैरालंपिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।

कार्यक्रम में विधायक खजान दास ने आयोजन को दिव्यांगजनों के सम्मान और अवसर का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक श्री प्रदीप ए. ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि यह मेला दिव्यांग उद्यमियों को बाजार, वित्त और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का समग्र प्रयास है। उन्होंने बताया कि मेले में सहायक उपकरणों हेतु पंजीकरण, विभिन्न संस्थाओं की जानकारी और रोजगार मेलों के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

देहरादून में आयोजित यह 30वां ‘दिव्य कला मेला’ देशभर में आयोजित मेलों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब तक 29 स्थानों पर आयोजित मेलों में लगभग 2362 प्रतिभागियों ने भाग लिया है और 23 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया है। सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए हैं, जो आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रोजगार मेलों में अब तक लगभग 3131 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 1007 को शॉर्टलिस्ट किया गया और 313 से अधिक को रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए।

इस नौ दिवसीय दिव्य कला मेले में लगभग 90 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी भाग ले रहे हैं। हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने और उपहार सामग्री सहित विविध उत्पाद यहां उपलब्ध हैं। 26 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा, जबकि 1 मार्च 2026 को ‘दिव्य कला शक्ति’ नामक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें दिव्यांग कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

21 फरवरी से 1 मार्च तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित इस मेले में प्रवेश निःशुल्क है। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेल गतिविधियां और सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण सुविधाएं इसे एक समावेशी, प्रेरक और सशक्त मंच बनाती हैं—जहां कला के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई कहानी लिखी जा रही है।

प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों पर हो रहे हमलों पर कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला: कहा लोकतांत्रिक व्यवस्था हुई ध्वस्त

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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने वन विभाग के आशारोड़ी रेंज कार्यालय में वन विकास निगम के कर्मचारियों एवं ननूरखेड़ा में भाजपा विधायक उमेश शर्मा की अगुवाई में प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हुए जानलेवा हमले पर बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा शासन में जिस प्रकार सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों व कर्मचारियों पर सरकार प्रायोजित हमले हो रहे हैं उससे प्रदेश की कानून व्यवस्था ही नहीं अपतिु लोकतांत्रिक व्यवस्था भी ध्वस्त होती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में भू-माफिया, शराब माफिया और खनन माफिया हाबी हो चुके हैं तथा इन सभी को धामी सरकार का पूरा संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में माफियाओं, असामाजिक तत्वों तथा अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है। राज्य की राजधानी देहरादून में सरेआम पुलिस की नाक के नीचे हत्यायें हो रही हैं तथा भाजपा विधायक के नेतृत्व में अपराधी तत्व और गैगस्टर सरकारी कार्यालयों में पहुंचकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मारपीट कर रहे हैं यह राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
प्रदेश कांग्र्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने देहरादून में आशारोडी में वन विभाग के कर्मियों तथा प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक पर भाजपा विधायक के नेतृत्व में हुए हमले को अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए कहा कि सत्तारूढ दल के विधायक के नेतृत्व में जिस प्रकार शिक्षा विभाग के अधिकारी पर हमला हुआ है उसे किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनसेवा में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर इस प्रकार की हिंसक घटनाएँ किसी भी लोकतांत्रिक समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय का नाम परिवर्तित किया जाना किसी अधिकारी के हाथ में नहीं है यह निर्णय सरकार के स्तर पर लिया जाता है। सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी कानून के दायरे में रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। उन पर हमला न केवल व्यक्तियों की सुरक्षा पर आघात है, बल्कि शासन व्यवस्था, प्रशासनिक मनोबल और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा प्रहार है। ऐसी घटनाएँ समाज में भय और अराजकता का वातावरण ही उत्पन्न करती हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने इन घटनाओं की कड़ी भर्त्सना करते हुए राज्य की धामी सरकार से मांग की है कि इन दोनों घटनाओं के दोषियों की तत्काल पहचान कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी, ठोस और दीर्घकालिक व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि विभिन्न विभागों के सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर बढ़ते हमले अत्यंत चिंताजनक, दुर्भाग्यपूर्ण और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरे का संकेत हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करने के अनेक संवैधानिक और शांतिपूर्ण माध्यम उपलब्ध हैं, लेकिन हिंसा और धमकी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कानून और नियमों के दायरे में ही करते हैं। सत्ताधारी दल के विधायक के नेतृत्व में की गई ऐसी घटनाएँ सरकारी अधिकारियो के प्रशासनिक मनोबल को कमजोर करती हैं और समाज में गलत संदेश देती हैं। श्री गणेश गोदियाल ने इन दोनों प्रकरणों पर दोशियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने एवं अधिकारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग की है।
मीडिया विभाग
उत्तराखंड प्रदेश कंाग्रेस कमेटी

सीएम धामी ने संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रदान की छात्रवृत्ति

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मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षा स्वाध्याय केन्द्र एवं ई-संस्कृत संभाषण शिविर का वर्चुअल किया शुभांरभ

सीएम धामी ने उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के त्रैमासिक पत्र संस्कृत वार्ता का किया विमोचन

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने‌आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने गार्गी बालिका संस्कृत छात्रवृत्ति, डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति भी विद्यार्थियों को प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षा स्वाध्याय केन्द्र एवं ई-संस्कृत संभाषण शिविर का वर्चुअल शुभारंभ और उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के त्रैमासिक पत्र संस्कृत वार्ता का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान ऊँचे पर्वतों और ऐतिहासिक मंदिरों से ही नहीं, बल्कि ज्ञान और आस्था की भाषा देववाणी संस्कृत से भी है। वेदों से लेकर उपनिषदों तक, रामायण से लेकर महाभारत तक, आयुर्वेद से लेकर खगोलशास्त्र तक, गणित से लेकर दर्शनशास्त्र तक हमारे ज्ञान की जड़ें संस्कृत में ही निहित हैं।

 

संस्कृत हमारे अतीत की स्मृति मात्र नहीं, बल्कि हमारे भविष्य की संभावना भी है। संस्कृत की सबसे बड़ी विशेषता इसका वैज्ञानिक व्याकरण है। पाणिनि द्वारा रचित अष्टाध्यायी आज भी विश्व के भाषाविदों के लिए आश्चर्य का विषय है। आज विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में संस्कृत की वैज्ञानिकता पर विभिन्न प्रकार के शोध किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में संस्कृत को आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने के विशेष प्रयास किए गए हैं। संस्कृत साहित्य को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

एआई के माध्यम से संस्कृत ग्रंथों को नए स्वरूप में सबके सामने रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से संस्कृत अध्ययन और शोध का केंद्र रही है। राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सभी जनपदों में आदर्श संस्कृत ग्रामों की स्थापना की गई है। उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्रदान किया गया है। राज्य में पहली बार ‘गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना’ की शुरुआत की गई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के माध्यम से अखिल भारतीय शोध सम्मेलन, अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन, अखिल भारतीय वेद सम्मेलन, अखिल भारतीय संस्कृत कवि सम्मेलन, संस्कृत शिक्षक कौशल विकास कार्यशाला और संस्कृत छात्र प्रतियोगिता जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्कृत विद्यार्थियों के लिए सरकारी सहायता, शोध कार्यों में सहयोग एवं रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर इसे नई पीढ़ी में लोकप्रिय बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

 

संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किये हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में सुविधाओं को बढ़ाया गया है। प्रत्येक जनपद में एक-एक संस्कृत ग्राम बनाये गये हैं। संस्कृत को बढ़ावा देने के अलग स्टिम बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।

 

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, खजान दास, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय, निदेशक संस्कृत शिक्षा कंचन देवराड़ी मौजूद थे।

 

यह मात्र एक सम्मेलन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की एकता और आत्मगौरव का है महापर्व: सीएम धामी

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सीएम धामी ने देहरादून में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में किया प्रतिभाग

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बालावाला देहरादून में विराट हिन्दू सम्मेलन में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक सम्मेलन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की चेतना, एकता और आत्मगौरव का महापर्व भी है। हिंदू समाज आज न केवल जागृत और समर्पित है बल्कि अपने धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र के प्राचीन वैभव को पुनः लौटाने के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ संगठित भी हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष में पूरे देश में इस प्रकार के विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि वे विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन से जुड़े हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्षों में देश के सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित कर राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन के हृदय में सशक्त रूप से स्थापित करने का कार्य भी किया है। शिक्षा, कृषि, ग्राम विकास, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान, सेवा कार्य, कला और विज्ञान ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ संघ के स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से योगदान न दिया हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। यहां भाषा, संस्कृति, जाति और क्षेत्र के आधार पर अनेकों भिन्नताएँ हैं। लेकिन इन सबके बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा भेदभाव से ऊपर उठकर भारत की एकात्मता को मजबूत किया है और जन-जन में एक भारत – श्रेष्ठ भारत की भावना जगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में भाषाएं अलग हो सकती है, परंपराएँ भिन्न हो सकती हैं, पूजा- पद्धतियां और जीवन शैली अलग हो सकती है, परंतु मूल सत्य और मानवीय मूल्य एक ही रहते हैं। इसी भावना का व्यापक स्वरूप ही हिंदुत्व है । जो भारत को अपनी मातृभूमि और पितृभूमि मानता है, इसकी संस्कृति, परंपरा, जीवनशैली और मूल्यों का आदर करता है, उसकी पूजा-पद्धति चाहे कोई भी हो, पर उसकी आत्मा हिंदू है। हिंदुत्व हमें सिखाता है कि हम सब एक हैं, हमारी विविधताएँ ही हमारी शक्ति हैं, और हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाये रखने लिए निरंतर कार्य कर रही है। सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून के साथ ही ऑपरेशन कालनेमी के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। देश में सबसे पहले यूसीसी लागू कर सभी को समान अधिकार देना हो, मदरसा बोर्ड को खत्म कर सभी संप्रदायों के बच्चों के लिए राज्य में समान शिक्षा व्यवस्था की नींव डालनी हो या फिर राज्य में “हिन्दू स्टडी सेंटर बनाकर सनातन हिंदू संस्कृति के विभिन्न विषयों में शोध करने वाले युवाओं की सहायता करनी हो, हर क्षेत्र में कार्य किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, पार्षद प्रशांत खरोला, ब्रहम्चारी केशर स्वरूप, ललित बुड़ाकोटी, सुभाष बड़थ्वाल, गोपाल सिंह एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

 

SSP देहरादून के निर्देशों पर सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार जारी दून पुलिस का अभियान

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दून पुलिस की वाहन सेवा का लाभ लेकर फिर थाने पहुँची शराबियों की बारात

सड़क किनारे खुलेआम शराब पीने वाले शराबियों को दून पुलिस ने सिखाया कानून का पाठ

सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वाले 21 व्यक्तियों को पुलिस द्वारा लाया गया थाने

सभी के विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई करते हुए वसूला 5250/- रुपये का जुर्माना, दी सख्त हिदायत

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने तथा हुड़दंग करने वालों तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध दून पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के दौरान आज दिनांक 21-02-2026 की रात्रि में प्रेमनगर पुलिस द्वारा प्रेमनगर बाजार, नन्दा की चौकी, सुधोवाला, झझरा , विधोली तथा पौंधा में सार्वजनिक स्थानों पर सडक किनारे खुले में अथवा गाड़ियों में शराब पीने व पिलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्व चैकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर खुले में शराब पी रहे कुल 21 व्यक्तियो को पुलिस द्वारा वाहन में बैठाकर थाने पर लाया गया व पूछताछ के पश्चात उन्हें भविष्य के लिए सख्त हिदायत देकर सभी 21 व्यक्तियों के पुलिस अधिनियम के अन्तर्गत चालानी कार्यवाही कर कुल 5,250/- रू0 का जुर्माना वसूला गया।

 

दून विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस उत्साह के साथ मनाया गया: उत्तराखंड की लोक संस्कृति की दिखी झलक

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आज दून विश्वविद्यालय के रंगमंच एवं लोक कला प्रदर्शन विभाग की तरफसी अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस बहुत खुशी व उमंग का साथ मनाई।


गढवाली अर कुमौनी छात्रों न बहुतै बढ़िया कविता, गीतू अर भाषण का माध्यम सी सबकु मन खुश करी,अर यनु संदेश दिनी कि हमुतै अपणी भाषा जरूर बोल्नी चैन्दी यन करण सी हमारी संस्कृति बच्ची राली।
हमारा जल जंगल ज़मीन बच्ची राली। आज कु कार्यक्रम न सबुतै भावुक कर दिनी।
ये मौका पर रंगमंच विभाग का अध्यापक डॉ अजीत पंवार अर डॉ कैलाश कंडवाल न सब्यो तै अपणी भाषा कु सम्मान अर आदर करण की प्रेरणा दिनी।

ये मौका पर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ सुरेखा डंगवाल न बोली कि हमारी लोकभाषा हमारी संस्कृति की जननी छः।यान्की रक्षा करण तथा यीतै बढौण की खातिर हम सब्यो तै अगाड़ी औण पडलु ।साथ ही हमतै अपणी मातृभाषा सी प्यार करण चैदू।
साथ ही निदेशक, आइक्यूएसी तथा प्रो एच सी पुरोहित न भी अपणा विचार व्यक्त करेन अर बोली कि मातृभाषा का संरक्षण का खातिर ठोस कदम उठौण पडला। उन छात्रों तै अपणी भाषा तै रोज अपणौण क बोली। कार्यक्रम का समापन का दौरान सब्यो न संकल्प लिनी कि हम अपणी भाषा तै बचौण का खातिर प्रयासरत रौला। और
अपणी भाषा मा बात करला।
कार्यक्रम मजी राजेश भारद्वाज, ज्योत्सना, सरिता भट्ट, सरिता बहुगुणा,अन्जेश, वैशाली नेगी का साथ साथ कयी छात्रों न भाग लिनी ।
रंगमंच एवं लोक प्रदर्शन कला विभाग
दून विश्वविद्यालय देहरादून

राष्ट्र की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी: मेडिकल छात्र भी राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण भागीदार : सीडीएस जनरल अनिल चौहान

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श्रीनगर स्थित मेडिकल कॉलेज में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के आगमन पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत तथा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के साथ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में एमबीबीएस एवं पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

अपने संबोधन में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक जागरूक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नागरिक खतरों की पहचान कर उन्हें संबंधित तंत्र तक पहुंचाते हैं, राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करते हैं तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने मेडिकल छात्रों को समाज का स्वास्थ्य रक्षक बताते हुए कहा कि आपदा, महामारी एवं आपात परिस्थितियों में उनकी भूमिका सीधे राष्ट्रसेवा से जुड़ी होती है। इस प्रकार वे भी राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्रीय सुरक्षा का स्वरूप अत्यंत जटिल हो गया है तथा खतरे पारंपरिक सैन्य सीमाओं से आगे बढ़कर साइबर, आर्थिक, तकनीकी एवं जैविक क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुके हैं। तेज तकनीकी प्रगति के इस दौर में संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण के तहत प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

सीडीएस ने राष्ट्र-राज्य की अवधारणा को भूमि, जनसमूह, विचारधारा एवं संस्थाओं पर आधारित बताते हुए कहा कि वैश्वीकरण एवं तकनीकी परिवर्तन के कारण सुरक्षा की पारंपरिक धारणाओं में बदलाव आया है। उन्होंने वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन के प्राकृतिक चयन सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि जो परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को ढालता है, वही आगे बढ़ता है।

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्रवाई प्रतिशोध की भावना से नहीं, बल्कि आतंकी ढांचों को लक्षित कर नई सामान्य स्थिति स्थापित करने की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम था। उन्होंने कहा कि जागरूक और सशक्त नागरिक ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मेडिकल कॉलेज में आगमन पर सीडीएस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से छात्र-छात्राओं को नई प्रेरणा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस के अनेक छात्र सेना में सेवाएं देने के इच्छुक रहते हैं, ऐसे में सीडीएस का संवाद उनके लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने सीडीएस का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी गरिमामयी उपस्थिति से संस्थान गौरवान्वित है और छात्रों को राष्ट्र सेवा की दिशा में प्रेरणा मिली है।

कार्यक्रम के उपरांत सीडीएस ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया तथा फोटोग्राफ भी लिए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी अनुपमा चौहान का भी स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपा हटवाल द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित एमबीबीएस छात्राओं इशिता, शिखा एवं शीतल ने कहा कि सीडीएस का संबोधन अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और चिकित्सा सेवा के मध्य संबंध को जिस स्पष्टता से प्रस्तुत किया गया, उससे उन्हें अपने दायित्व का गहन बोध हुआ तथा राष्ट्र सेवा के प्रति उनका संकल्प और सुदृढ़ हुआ।

कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज की समस्त फैकल्टी, अधिकारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

MDDA का कड़ा संदेश : जाखन और सिनोला में अवैध निर्माण सील, विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई

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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को जाखन और सिनोला क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में सख्त कार्रवाई की गई। नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित कर संबंधित भवनों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र, स्वीकृति से अधिक अथवा भवन उपविधियों के विपरीत किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए नियमानुसार कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

*जाखन में बहुमंजिला अवैध निर्माण पर सीलिंग*
प्रथम प्रकरण जाखन, राजपुर रोड क्षेत्र से संबंधित है। यहां कपिल कुमार थापा द्वारा बहुमंजिला भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों और निरीक्षण आख्या के आधार पर प्रवर्तन टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते हुए अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था। संबंधित व्यक्ति को पूर्व में नोटिस जारी कर निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, निर्माण गतिविधियां जारी रखी गईं। निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने नियमानुसार उक्त स्थल पर सीलिंग की कार्रवाई की।

*सिनोला में तृतीय तल पर अवैध निर्माण पकड़ा गया*
दूसरा मामला सिनोला सप्लाई रोड, देहरादून से संबंधित है। यहां एक पूर्व निर्मित भवन के तृतीय तल पर बिना स्वीकृति अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था। मौके पर प्रवर्तन टीम द्वारा जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में चेतावनी एवं नोटिस जारी किए गए थे, किंतु निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया। नियमों की निरंतर अनदेखी को देखते हुए संबंधित परिसर को विधिक प्रक्रिया पूर्ण कर सील कर दिया गया।

*अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई*
उक्त दोनों मामलों में कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान का संचालन सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम द्वारा किया गया।टीम ने मौके पर पहुंचकर विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से सीलिंग की कार्रवाई सुनिश्चित की। आवश्यकतानुसार स्थानीय प्रशासन का सहयोग भी लिया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इससे यातायात दबाव बढ़ता है, जल निकासी प्रणाली बाधित होती है तथा अग्नि सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अनियोजित बहुमंजिला निर्माण से क्षेत्र की आधारभूत संरचना पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए एमडीडीए द्वारा ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाई गई है।

*नागरिकों से अपील*
एमडीडीए ने सभी भवन स्वामियों, निर्माणकर्ताओं एवं नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। साथ ही स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कार्य करें। नियमों के विपरीत पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।

*शहर के सुनियोजित विकास के प्रति प्रतिबद्धता*
प्राधिकरण ने दोहराया है कि देहरादून के संतुलित, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित विकास के लिए भवन नियमों का पालन अनिवार्य है। अवैध निर्माणों पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी और जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे। एमडीडीए ने कहा है कि नियमों का पालन ही सुरक्षित और व्यवस्थित शहर की आधारशिला है, और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर का सुनियोजित विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए भवन उपविधियों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि बिना स्वीकृत मानचित्र या स्वीकृति से अधिक निर्माण करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। श्री तिवारी ने नागरिकों से अपील की कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। नोटिस के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर सीलिंग सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भवन स्वामियों से प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

 

स्वच्छ देहरादून, सशक्त महिलाएंः नगर निगम की पहल से बदली तस्वीर

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घर-घर कूड़ा शुल्क संग्रहण से 63 लाख की उपलब्धि:  महिलाओं की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी

*देहरादून निगम के 100 में से 57 वार्डो में महिला समूह को सौंपी गई कमान*

*समयबद्व शुल्क संग्रहण से बढ़ा राजस्व, व्यवस्था में आया सुधार- आयुक्त नमामि बंसल*

*देहरादून ।
राजधानी देहरादून में स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में एक अभिनव पहल ने सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है। नगर निगम देहरादून द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से संचालित घर-घर कूड़ा संग्रहण शुल्क अभियान ने न केवल सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

नगर निगम ने शहर के 100 वार्डों में से 57 वार्डों में कूड़ा शुल्क संग्रहण की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी है। इन समूहों द्वारा त्रैमासिक (प्रत्येक तीन माह) आधार पर घर-घर जाकर निर्धारित शुल्क का संग्रहण किया जा रहा है। अभियान के प्रारंभिक चरण में ही जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के दौरान 63 लाख रुपये से अधिक की राजस्व प्राप्ति दर्ज की गई है।

इस पहल की विशेषता यह है कि कुल प्राप्त मुनाफे का 25 प्रतिशत भाग सीधे संबंधित महिला समूहों को प्रदान किया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत मिला है तथा वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शी और व्यवस्थित है, बल्कि इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली में भी सुधार आया है।

महिला समूहों द्वारा शुल्क संग्रहण के साथ-साथ नागरिकों से फीडबैक भी लिया जा रहा है, जिससे सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाया जा रहा है। इस समन्वित प्रयास से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

वार्ड संख्या 64, नेहरूग्राम की समूह सदस्य सीमा बिष्ट ने इस पहल के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं नगर निगम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनके जैसी अनेक महिलाओं को रोजगार का सशक्त अवसर प्राप्त हुआ है।

नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से संबद्ध महिला समूहों को कूड़ा उठान शुल्क संग्रहण का दायित्व सौंपा गया है। समूहों द्वारा निर्धारित समय में प्रभावी शुल्क संग्रहण कर निगम को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे राजस्व में वृद्धि के साथ कार्य प्रणाली में भी सुधार हुआ है।

सहायक नगर आयुक्त राजवीर सिंह चौहान ने जानकारी दी कि त्रैमासिक प्रणाली के तहत तीन माह का शुल्क एकमुश्त संग्रहित किया जा रहा है। अब तक 63 लाख रुपये की प्राप्ति हो चुकी है, जिसमें से 25 प्रतिशत राशि महिला समूहों को प्रदान की जाएगी।

यह अभिनव मॉडल स्वच्छता, पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। इस पहल ने न केवल देहरादून को अधिक स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने में योगदान दिया है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त आधार भी प्रदान किया है।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।