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जिला प्रशासन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट: सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास हेतु 880 स्मार्ट टीवी होगी वास्तविकता

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मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरकारी विद्यालयों में डिजिटल एजुकेशन की दिशा में जिला प्रशासन के कदम तेज,880 एलईडी टीवी का स्टॉक हुआ तैयार

निजी स्कूलों की भांति अब हर कक्षा में एलईडी स्क्रीन अपने सरकारी विद्या के मंदिर; जिला प्रशासन का दस्ता प्री डिस्पैच निरीक्षण हेतु एसीईआर फैक्टरी पांडूचेरी को हुआ रवाना

बिड डाक्यूमेंट विशिष्टताएं, विश्लेषण; प्री बिड मीटींग पर महीनों मेहनत पश्चात सफल हुुआ प्रोजेक्ट

सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा लिए मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में स्मार्ट टीवी गुणवत्ता सुनश्चित करेगी प्री-डिस्पेच इन्सपैक्शन टीम

देहरादून दिनांक 21 फरवरी 2026, (सूवि), मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन, देहरादून द्वारा विद्यालयी शिक्षा को आधुनिक, तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनपद के सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से कुल 880 स्मार्ट टीवी क्रय किए गए हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल, इंटरएक्टिव एवं दृश्य-आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जिले के अपने सरकारी विद्यालय भी निजी विद्वालयों की भांति आधुनिक शिक्षा से जुड़ेगें। जिला प्रशासन द्वारा जिले में पिछले ढेड वर्ष से सरकारी विद्यालयों को प्रोजेक्ट ‘‘उत्कर्ष’’ के तहत सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है। सभी विद्यालयों को फर्नीचरयुक्त कर दिया है तथा विद्यालयों में खेल अवस्थापना सुविधा, शौचालय, विद्युत, पेयजल, मंकीनेट, लाईब्रेरी आदि समुचित व्यवस्थाएं की गई है।
जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशानुसार क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (पीडीआई) कराया जाएगा। इसके अंतर्गत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी स्वयं कंपनी के विनिर्माण स्थल पर जाकर उपकरणों का भौतिक निरीक्षण करेंगे।
इस क्रम में संबंधित अधिकारीगण कंपनी के प्रतिष्ठान, पांडिचेरी में स्मार्ट टीवी की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रावधानों तथा निर्धारित विनिर्देशों के अनुरूपता की विस्तृत जांच करेंगे। निरीक्षण में संतोषजनक पाए जाने के पश्चात ही सामग्री को जनपद में भेजने की अनुमति प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालयों को उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण प्राप्त हों और सार्वजनिक धन का उपयोग पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ किया जाए। जिला प्रशासन के इस प्रयासों से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल सामग्री से सीखने का अवसर मिलेगा, शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक, प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनेगी, शिक्षकों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाने में सुविधा होगी, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालय भी तकनीकी रूप से सशक्त होंगे, जिला प्रशासन, देहरादून शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। स्मार्ट क्लास परियोजना से जनपद के हजारों विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ प्राप्त होगा तथा भविष्य की डिजिटल शिक्षा प्रणाली के लिए मजबूत आधार तैयार होगा। उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (पीडीआई) कराया जाएगा। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी कंपनी के विनिर्माण स्थल, पांडिचेरी में जाकर स्मार्ट टीवी की तकनीकी मानकों एवं विनिर्देशों के अनुरूपता की जांच करेंगे। निरीक्षण के उपरांत संतोषजनक पाए जाने पर ही सामग्री जनपद में भेजी जाएगी। इस पहल से सरकारी विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं आधुनिक बनेगी तथा विद्यार्थियों को उन्नत शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

 

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर ऑफिस में हमला

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देहरादून। ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक प्रशासनिक बैठक अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। अशासकीय विद्यालय से जुड़े एक मुद्दे पर पहुंचे प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच शुरू हुई तीखी बहस ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हमला कर दिया गया, जिससे उनके चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आईं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अशासकीय विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कुछ प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर निदेशालय पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने बताया कि रायपुर ब्लॉक के अस्थल प्राथमिक विद्यालय के नाम परिवर्तन का मामला विवाद की जड़ बना। उनका कहना है कि नाम परिवर्तन का प्रस्ताव शासन स्तर पर पहले ही भेजा जा चुका है।

घटना के समय रायपुर क्षेत्र से विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौके पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वे ही प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ निदेशालय पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और कथित तौर पर कुछ लोगों ने निदेशक के साथ हाथापाई कर दी। परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और हंगामा होता रहा।

घायल निदेशक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आरोपियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

घटना के बाद शिक्षा विभाग में रोष का माहौल है। अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों ने इस प्रकार की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

सीएम धामी ने किया कुंभ मेला- 2027 की तैयारियों के लिए 234.55 करोड़ लागत से 34 महत्वपूर्ण कार्यों का किया  शिलान्यास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले वन कुंभ मेला हरिद्वार के दिव्य एवं भव्य आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए 234.55 करोड़ की लागत से 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का शिलान्यास किया गया। कुंभ मेला नियंत्रण भवन में शनिवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप कुंभ मेला-2027 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के साथ-साथ हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन विकास को सुदृढ़ करने में यह अवस्थापना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

शिलान्यास किए गए कार्यों का विवरण :
1. घाट निर्माण एवं सिंचाई अवसंरचना (सिंचाई विभाग) कुल 07 कार्य — लागत: रु. 70.54 करोड़
अपर गंगा नहर के दाएं एवं बाएं तट पर विभिन्न स्थानों पर घाटों का निर्माण एवं पुनर्विकास।
90 मीटर स्पान का कम्पोजिट स्टील गर्डर द्वि-लेन सेतु निर्माण।
03 अस्थायी पुलों की स्थापना,मरम्मत एवं रख-रखाव।
2. सड़क एवं परिवहन अवसंरचना (लोक निर्माण विभाग) कुल 12 कार्य — लागत: रु. 127.23 करोड़
बहादराबाद–सिडकुल चार लेन मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण।
राष्ट्रीय राजमार्ग-334 (दिल्ली–हरिद्वार–देहरादून) का चौड़ीकरण।
नगर क्षेत्र में बीसी (बिटुमिनस कंक्रीट) द्वारा नवीनीकरण, फुटपाथ निर्माण एवं सौंदर्यीकरण।
प्रशासनिक रोड कॉरिडोर का विकास।
3. पेयजल एवं जल आपूर्ति अवसंरचना (जल संस्थान) कुल 09 कार्य — लागत: रु. 18.11 करोड़
पंपिंग जलापूर्ति योजनाओं का पुनर्गठन।
1500 केएल क्षमता का ओवरहेड टैंक एवं ट्यूबवेल निर्माण।
10 मीटर व्यास के 05 आरसीसी इन्फिल्ट्रेशन कुओं का निर्माण।
4. श्रद्धालु सुविधाएँ एवं सहायक अवसंरचना कुल 06 कार्य — लागत: रु. 18.67 करोड़
चंडी देवी एवं मनसा देवी मंदिर मार्ग पर तीर्थयात्रियों हेतु सुविधाओं का विकास।
बैरक एवं औषधि भंडारण कक्ष का निर्माण।
मेला नियंत्रण भवन का नवीनीकरण एवं अतिरिक्त बैरकों का निर्माण।

जनजाति समागम -2026: सीमांत क्षेत्रों के निवासी होते हैं देश की सीमा के प्रहरी- सीएम धामी

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जनजाति समुदाय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध- सीएम धामी

चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जनपद चमोली के बिरही (बेडूबगड़) में नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति की ओर से आयोजित तीन दिवसीय जनजाति समागम 2026 के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति घाटी भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास एवं अन्य भूमि संबंधी मामलों का निस्तारण किये जाने, बेडूबगड़ भोटिया पड़ाव में सामुदायिक भवन का निर्माण, स्व. गौरा देवी जी की प्रतिमा एवं पार्क निर्माण किये जाने, बैरासकुंड मंदिर का सौंदर्यीकरण किये जाने, बेडूबगड़ पड़ाव की भूमि को सुरक्षित करने के लिए कार्य किये जाने की घोषणा की।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन हमारी जनजातीय परंपराएं, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। जनजातीय समाज ने सदियों से अपनी परंपराओं और प्रकृति संरक्षण की भावना को पहचान दिलाने का काम किया है। हमारे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के सजग प्रहरी भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, एकलव्य आदर्श विद्यालय समेत जनजातीय समाज के लिए कई कल्याकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे जनजातीय समाज की आजीविका में सुधार हुआ है। समाज के अन्तिम पंक्ति में खडे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है।


मुख्यमंत्री ने कहा जनजाति समाज के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने हेतु प्राइमरी से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। प्रदेश में 16 स्थानों में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं। जनजाति समुदाय की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक वर्ष जनजातीय महोत्सव एवं खेल महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। टिम्मरसैंण महादेव के सौंदर्यकरण और पहुंच मार्ग के लिए 26 करोड़, हीरामणि मंदिर के लिए 75 लाख और मलारी गांव के सामुदायिक स्थल के लिए 34 लाख की राशि जारी की चुकी है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन में जनसहभागिता को अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन ही उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं। ये आयोजन न केवल समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल जड़ों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय ने सदियों से अपनी परंपराओं, लोकज्ञान और प्रकृति-संरक्षण की भावना से हमारी सभ्यता को मजबूती प्रदान की है। विशेषकर सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले हमारे जनजातीय भाई-बहनों का जीवन हमेशा से संघर्ष, अनुशासन और सामूहिकता की अनुपम मिसाल रहा है। आज आवश्यकता है कि हमारी इस महान जनजातीय परंपरा के पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय उत्पादों और प्राकृतिक संसाधनों को सहेजा जाए, जिससे ये ज्ञान हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय भी आदरणीय प्रधानमंत्री जी की सकारात्मक सोच का प्रतीक है। देशभर में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित किए गए हैं। पूरे देश के लिए ये गर्व की बात है कि आज संथाल आदि वासियों की बेटी आदरणीय द्रौपदी मूर्मू जी देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं।

जो ये दिखाता है कि जनजातीय समुदाय अब देश का नेतृत्व करने में भी सक्षम है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री जी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए बजट को 3 गुना बढ़ाकर ये सुनिश्चित किया है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं का लाभ इस समुदाय के प्रत्येक परिवार तक पहुँचे ये सभी ऐतिहासिक परिवर्तन केवल डबल इंजन वाली केन्द्र व राज्य सरकार में ही संभव हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा माणा को देश के अंतिम गांव की जगह देश के प्रथम गांव की संज्ञा दी, और उनके इसी विचार और मार्गदर्शन से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार भी उत्तराखंड के जनजातीय समूदाय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश के 128 जनजातीयगांवों को चिन्हित किया है। जहाँ अब बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ -साथ रोज़गार, बेहतर शिक्षा औरस्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।साथ ही, राज्य में कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में संचालित एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को निशुल्क शिक्षा और आवास की सुविधा मिल रही है। वहीं, देहरादून के चकराता और बाजपुर में नए आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्यभी तेजी से जारी है। वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य में जनजातीय वर्ग के जो शिक्षित बेरोजगार युवा हैं।

उन्हें तकनीकी शिक्षा सेजोड़ने के लिए तीन आई.टी.आई. संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे वे कौशल प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें । इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है और उन्हें हर माह छात्रृत्ति भी दी जा रही है।

उन्होंने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है तथा जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है। वहीं, जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य मेंप्रतिवर्ष जनजाति महोत्सव एवं खेल महोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा हमारा प्रयास है कि देवभूमि में पलायन रुके और हमारे युवाओं को अपने ही गाँव में रोजगार के अवसर मिलें, इसी दिशा में होम स्टे योजना एक मजबूत माध्यम बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जनपद में 800 से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनसे 4 हजार से अधिक स्थानीय लोग स्वरोजगार से जुड़ चुके हैं। वहीं, उत्तराखंड की जनजातीय संस्कृति अपने आप में पर्यटन का एक बड़ा आकर्षण है। इसालिए होम स्टे के साथ-साथ साहसिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के जरिए न कवल आजीविका के नए अवसर सृजित कर रहे हैं, बल्कि अपनी समृद्ध परंपराओंऔर संस्कृति को भी वैश्विक पहचान दिला रहे हैं।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, भाजपा जिला अध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली दौलत सिंह बिष्ट,पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, नीति माणा जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश परमार मौजूद थे।

SSP देहरादून उतरे ग्राउंड जीरो पर: पलटन बाजार का किया पैदल भ्रमण,  पुलिस व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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SSP देहरादून उतरे ग्राउंड जीरो पर: पलटन बाजार का किया पैदल भ्रमण,  पुलिस व्यवस्थाओं का लिया जायजा

*मुख्य बाजारों/ चौराहों व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने के दिये निर्देश*

*शाम के समय सभी थाना क्षेत्रों में मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित रूप से पैदल गस्त करने के दिए निर्देश*

*मुख्य बाजारों व फुटपाथों पर अस्थाई अतिक्रमण को हटाने हेतु नगर निगम के साथ संयुक्त रूप से अभियान चलाने के दिये निर्देश*

*मुख्य बाजार/ फुटपाथों पर बेतरतीब रूप से वाहन खड़ा कर लोगो का आवागमन बाधित करने वालो के विरुद्ध कार्यवाही के दिये निर्देश*

आज दिनांक 20/02/2026 को एसएसपी देहरादून द्वारा घंटा घर, पलटन बाजार व आसपास का क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर पुलिस/ यातायात व्यवस्था का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा उपस्थित अधिकारियों को शहर के सभी चौराहों, मुख्य बाजारों तथा भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा सभी क्षेत्राधिकारियों/ थाना प्रभारियों/ चौकी प्रभारियों को पीक ऑवर्स के दौरान अपने-अपने सर्किल/थाना क्षेत्र के मुख्य चौराहों/ बाजारों/ भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर स्वयं उपस्थित/भ्रमणशील रहकर पुलिस व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए गए।

इस दौरान सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे सभी अपने-अपने थाना क्षेत्र में मुख्य बाजारों/ भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर शाम के समय नियमित रूप से पैदल गस्त कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

इसके अतिरिक्त मुख्य बाजारों/मार्गो/ फुटपाथों पर अतिक्रमण करने वालो के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु नगर निगम की टीम के साथ समन्वय स्थापित करने तथा अभियान चलाते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए साथ ही बाज़ारो व मुख्य मार्गो पर बेतरतीब रूप से वाहनों को खड़ा कर लोगों का आवागमन बाधित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी चालानी कार्रवाई के निर्देश दिये गये।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक यातायात, क्षेत्राधिकारी नगर/यातायात व अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।

मसूरी में अतिरिक्त गोल्फकार्ट संचालन का रास्ता हुआ साफ: जिला प्रशासन आरईसी फांडेशन के मध्य इसी माह MOU

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आधुनिकता की नई छलांग;गोल्फकार्टयुक्त मसूरी; रिक्शा चालकों की आय में वृद्धि, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों व पर्यटकों को आधुनिक आवागमन सुविधा

डीएम ने आरईसी फांउडेशन एमडी एवं अपर सचिव भारत सरकार को इसी माह एमओयू के लिए किया आग्रह

विधायक मसूरी एवं रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में होगा एमओयू आदान-प्रदान

डीएम के प्रयासों से मसूरी में 40 अतिरिक्त गोल्फकार्ट संचालन की तैयारी पूर्ण

देहरादून। जिला प्रशासन के सत्त प्रयासों के परिणामस्वरूप पर्यटन नगरी मसूरी को शीघ्र ही 40 अतिरिक्त गोल्फकार्ट की सुविधा प्राप्त होने जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा इस महत्वपूर्ण पहल के लिए सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। इस संबंध में आरईसी (रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कार्पोरेशन लि0) , भारत सरकार के सहयोग से गोल्फकार्ट उपलब्ध कराए जाएंगे। जिलाधिकारी सविन बंसल के आग्रह पर आरईसी के प्रबंध निदेशक एवं अपर सचिव, भारत सरकार इसी माह देहरादून आगमन कर जिला प्रशासन के साथ औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे। एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम मा० मंत्री/स्थानीय विधायक मसूरी तथा रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न होगा। इस दौरान जिला प्रशासन एवं आरईसी के प्रतिनिधियों के बीच एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया जाएगा।
जिलाधिकारी बंसल ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन उपलब्ध कराना तथा पारंपरिक रिक्शा चालकों को बेहतर आय के अवसर प्रदान करना है। मसूरी में अतिरिक्त गोल्फकार्ट संचालित होने से माल रोड एवं कैमलबैक रोड पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। प्रदूषण-मुक्त परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रिक्शा चालकों की आर्थिकी में वृद्धि होगी। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं पर्यटकों को आरामदायक आवागमन सुविधा मिलेगी। पर्यटन अनुभव अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनेगा।
जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल मसूरी को स्वच्छ, सुगम और आधुनिक पर्यटन नगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को गोल्फकार्ट संचालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएँ, मार्ग निर्धारण, पार्किंग स्थल, चार्जिंग व्यवस्था, सुरक्षा मानक एवं संचालन प्रणाली-समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों एवं पर्यटक हितधारकों से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल जनहित एवं सत्त पर्यटन विकास के उद्देश्य से की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा गोल्फकार्ट के लिए आरईसी फांडेशन लि0 (आरईसी) के अधिकारियों से चर्चा कर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सीएसआर फंड से धनराशि की मांग की जिस पर आरईसी से 3.36 करोड़ धनराशि सीएसआर फंड से दी जा रही है। जिला प्रशासन का मसूरी में गोल्फकार्ट संचालन कराना अपने आप में बेहतरीन प्रयास जिससे मसूरी में जाम से निजात तो मिलेगा ही साथ ही मसूरी वासियों एवं पर्यटकों को आधुनिक सुविधा तथा स्थानीय रिक्शा चालकों को रोजगाार मिलेगा।
जिला प्रशासन के प्रयासों से दिसम्बर 2024 को मसूरी को सुगम सुविधा एवं जाम से निजात दिलाने हेतु गोल्फकार्ट का शुभारम्भ किया गया था स्थानीय रिक्शा चालकों को गोल्फ कार्ट चलाने हेतु सम्बन्धित कम्पनी के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। मसूरी में प्रथम चरण में 4 गोल्फ कार्ट चलाए गए थे, वर्तमान में जिनकी संख्या 14 है। इन 40 नए गोल्फकार्ट आने से अब इनकी संख्या 54 हो जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर मसूरी माल रोड में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए माल रोड पर वाहनों का आवागमन पर रोक लगाते हुए, स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की आवागमन हेतु सुगम सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट चलाने की जिला प्रशासन ने योजना है, जो की मसूरी में यातायात प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

सरकार आपके द्वारः न्याय पंचायत रामपुर, भाऊवाला में अपर सचिव व एडीएम ने सुनीं जन समस्याएं

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80 प्रतिशत अनुदान पर 4 लाख के कृषि यंत्रों का वितरण, स्वर्णा जैविक बासमती संगठन हुआ सशक्त

*शिविर में त्वरित सेवाः 05 आधार कार्ड अपडेट, 02 आयुष्मान कार्ड, 13 लोगों की पेंशन मौके पर स्वीकृत*

*शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ, 274 स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क औषधि वितरण*

*110 शिकायतें प्राप्त, अधिकांश का मौके पर समाधान, 567 लोगों को मिला योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ*

*जन जन की सरकार से घर-घर पहुंच रहा योजनाओं का लाभ -विधायक*

*देहरादून।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को सहसपुर विकासखंड की न्याय पंचायत रामपुर, भाऊवाला में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से 567 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। इस अवसर पर सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, दर्जाधारी राज्यमंत्री भूवन विक्रम डबराल, ब्लॉक प्रमुख अर्चना रावत तथा अपर सचिव रूचि मोहन रयाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

शिविर में कृषि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान पर स्वर्णा जैविक बासमती उत्पादक संगठन को 4 लाख रुपये की धनराशि से 02 पावर वीडर, 02 आटा चक्की, 03 चेक कटर, 05 स्प्रे मशीन तथा 01 ब्रश कटर सहित विभिन्न कृषि यंत्र वितरित किए गए। बाल विकास विभाग ने 05 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 लाभार्थियों को किशोरी किट प्रदान की। शिविर के दौरान 05 व्यक्तियों के आधार कार्ड का अद्यतन किया गया तथा 02 लोगों को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड जारी किए गए।

सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम के माध्यम से पात्र नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम रूप से पहुँचाया जा रहा है तथा जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम आमजन के लिए अत्यंत राहतकारी सिद्ध हो रहा है। विधायक ने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों का अनिवार्य रूप से 15 दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास’ के मूल मंत्र के साथ जनहित के कार्यों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर विधायक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ वितरण किया।

शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 110 शिकायतें प्रस्तुत की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। अपर जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों ने अवैध अतिक्रमण, भूमि सीमांकन, खनन, सिंचाई, सड़क, विद्युत एवं पेयजल से संबंधित 110 शिकायतें दर्ज कराईं। ग्राम कांसवाली, बड़ोवाला तथा राजावाला के ग्राम प्रधानों ने ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा हटाने एवं सीमांकन कराने की मांग की। ग्राम बड़ोवाला में लगभग 300 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की शिकायत भी प्रस्तुत की गई। ग्राम राजावाला में क्रेशर वाहनों के ग्राम सभा की सड़क से आवागमन के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने की शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई। ग्राम दुधई में जर्जर विद्युत पोलों से उत्पन्न खतरे के संबंध में विद्युत विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम अब्दुलपुर में सिंचाई हेतु ट्यूबवेल स्थापना तथा आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मांग रखी गई।

बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक पद्धति से 94, होम्योपैथिक से 74 तथा आयुर्वेदिक पद्धति से 106 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 26 प्रमाण पत्र जारी किए गए। कृषि विभाग ने 28 तथा उद्यान विभाग ने 10 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं प्रधानमंत्री किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग ने 13 पात्र व्यक्तियों की पेंशन स्वीकृत की। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 35 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त बाल विकास विभाग ने 16, एनआरएलएम ने 22, सैनिक कल्याण विभाग ने 08 तथा श्रम विभाग ने 07 लाभार्थियों को योजनाओं से आच्छादित किया। सेवायोजन विभाग द्वारा 06 युवाओं को करियर परामर्श प्रदान किया गया।

शिविर में सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, दर्जाधारी राज्यमंत्री भूवन विक्रम डबराल, जिला अध्यक्ष मीता सिंह, उपाध्यक्ष दयानन्द जोशी, जिला महामंत्री यशपाल नेगी, जिला मंत्री प्रमोद सिंह, ब्लाक प्रमुख अर्चना रावत, कनिष्ठ प्रमुख धीरज गुलेरिम, जिप सदस्य हुकुम पाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमिता मेहता, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख रजनीश शर्मा, ग्राम प्रधान पुष्पा चौहान, अंजू शर्मा, कैलाश सिंह, सोनिया रमोला, शिवानी, सुमित्रा नेगी, संदीप, शुभम, ममता, चतर सिंह, नीरज नेगी सहित अपर सचिव रूचि मोहन रयाल, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, तहसीलदार विवेक राजौरी, खंड विकास अधिकारी मुन्नी शाह, सीईओ वीके ़ढौडियाल, सीएओ देवेन्द्र सिंह राणा, डीपीओ जितेन्द्र कुमार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

बिल्डर की धोखाधड़ी पर जिला प्रशासन दर्ज कराया मुकदमा

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जीसएसटी जमा न करने पर हुई थी सम्पति कुर्क; प्रशासन को किया गुमराह; नीलाम फ्लेट 2022 में ही कर दिए थे विक्रय; जिला प्रशासन ने दर्ज कराया मुकदमा

देहरादून दिनांक 20 फरवरी 2026,(सूवि), जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर एवं उसके प्रतिनिधि के विरूद्ध जिला प्रशासन ने थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज कराया है।
ज्ञातब्य है कि जीएसटी जमा न करने पर जिला प्रशासन ने बिल्डर के फ्लैटों को कुर्क कर नीलाम करने की कार्यवाही सम्पादित की गई थी, उन्हें बिल्डर ने पहले ही बेच दिया था । बिल्डर की जालसाजी सामने आने के बाद जिला प्रशासन की तहरीर पर राजपुर थाना पुलिस ने बिल्डर व उसके प्रतिनिधि के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। मैसर्स क्वींसटन रियलिटी प्रोजेक्टस एलएलपी, कैनाल रोड पर जीएसटी देय बकाया चल रहा है। जीएसटी जमा न करने पर तहसीलदार सदर ने 05 जनवरी को बिल्डर के दो फ्लैट कुर्क कर दिए थे।
नीलामी की कार्रवाई संपन्न होने के बाद उच्चतम बोलीदाता के हक में नीलामी छोड़ी गई और सभी औपचारिकताएं, फर्म के प्रतिनिधि की उपस्थिति में पूर्ण की गई। पांच जनवरी को दोनों पलेटों की बोली लगाई गई और उच्चतम बोलीदाता को फ्लैट प्रदान करते हुए 02 फ्लैट 303 व 403 कुर्क करने के बाद उनकी नीलामी सूचना समाचारपत्रों मे प्रकाशित कराई गई। नीलामी की कार्रवाई संपन्न होने के बाद उच्चतम बोलीदाता के हक में नीलामी छोड़ी गईं कार्रवाई संपन्न की गई। समस्त प्रक्रिया के बाद संज्ञान में आया कि मैसर्स क्वींसटन प्रोजेक्ट ने पूर्व में ही दो विक्रयपत्र 27 मई 2022 को पूजा संजय मिश्रा के हक में निष्पादित यह फ्लैट बैंक में बंधक हैं। इस सारे प्रकरण को बिल्डर ने धोखाधड़ी करते हुए तहसीलदार व नीलाम अधिकारी से छिपाया गया था। तथ्यों से अंजान नीलाम अधिकारी व तहसीलदार की ओर से समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद प्रमाणपत्र संपादित व पंजीकृत कराया गया है। इस मामले में राजपुर थाना पुलिस ने कर्मवीर सिंह निवासी गुरु महिमा साई बाबा पार्क, वेस्ट मुंबई, महाराष्ट्र, आशीष राजेंद्र गर्ग निवासी बांद्रा वेस्ट मुंबई महाराष्ट्र, राजपुरोहित विक्रम सिंह निवासी पटेल सोसाइटी गुजरात व उनके स्थानीय प्रतिनिधि अजय काठबंगला कैनाल के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

गोरखा हिमालयन फेस्टिवल के पहले चैप्टर 2026 का भव्य शुभारंभ, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया उद्घाटन

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आज देहरादून के शहीद मेजर दुर्गा मल्ल मैदान में तीन दिवसीय गोरखा हिमालयन फेस्टिवल के पहले चैप्टर 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने हिमालयी राज्यों में गोरखा समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी विविधता, लोकसंस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से है।

कार्यक्रम में गोरखा हिमालयन समिति के संस्थापक आचार्य डॉ. सुशांत महाराज, अध्यक्ष कमला थापा, संरक्षक गोदावरी थापली, सलाहकार राजन शाही उपस्थित रहे, तथा मंच संचालन ज्योति कोटिया और प्रभा शाह ने किया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी एवं संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री नूतन बिष्ट भी मौजूद रहीं।

अपने संबोधन में हरीश रावत ने कहा कि हिमालयी राज्यों में ही कला और संस्कृति का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है। उत्तराखंड के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले ऐसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने देहरादून एवं उत्तराखंड वासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस फेस्टिवल में प्रतिभाग करने का आह्वान किया।

तीन दिवसीय इस महोत्सव में पारंपरिक लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, स्थानीय हस्तशिल्प, व्यंजन एवं विभिन्न सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जो हिमालयी और गोरखा समुदाय की समृद्ध परंपराओं को प्रदर्शित करेंगी।

गोरखा हिमालयन फेस्टिवल 2026 उत्तराखंड की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का उत्सव है, जिसमें प्रदेशवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता अपेक्षित है।

– गरिमा मेहरा दसौनी

 

अच्छी पहल: बिछडों को अपनों से मिलवाकर दून पुलिस ने लौटाई परिवार की खुशियां

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डोईवाला क्षेत्र से गुमशुदा 13 वर्षीय नाबालिक बालक को पुलिस ने हरिद्वार से किया सकुशल बरामद

*परिजनों से नाराज होकर घर से बिना बताये चला गया था 13 वर्षीय नाबालिग*

*नाबालिग को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने किया दून पुलिस का आभार व्यक्त*

*कोतवाली डोईवाला*

दिनांक 18/02/2026 को डोईवाला निवासी एक व्यक्ति द्वारा कोतवाली डोईवाला पर लिखित सूचना दी कि उनका 13 वर्षीय पुत्र घर से बिना बताए कहीं चला गया है, जिसको उनके द्वारा काफी तलाश किया गया परंतु उसके सम्बन्ध में कोई जानकारी नही मिल पाई।

प्रकरण की सवेंदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा कोतवाली डोईवाला पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये, दिये गये निर्देशों के क्रम में पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा के निवास स्थान व आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को चैक करते हुए आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गयी, साथ ही सुरागरसी/ पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। पुलिस टीम द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयासों से पुलिस को गुमशुदा बालक के हरिद्वार में होने की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए बालक को हरिद्वार से सकुशल बरामद किया गया।

बालक से पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि परिजनों द्वारा डांटे जाने से क्षुब्ध होकर वो घर से वृंदावन चला गया था तथा वहां से हरिद्वार आ गया। पुलिस द्वारा नाबालिक बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। बालक को सकुशल वापस पाकर परिजनों द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए दून पुलिस का आभार व्यक्त किया गया।

*पुलिस टीम :-*

1- उ0नि0 नवीन डंगवाल, चौकी प्रभारी जौलीग्रांट
2- हे0कां0 विशाल शर्मा
3- कां0 सचिन राणा
4- कां0 सुनीत चौधरी