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देहरादून के द सिटी जंक्शन मॉल में फिल्म “अजेय” की विशेष स्क्रीनिंग उत्साहपूर्वक हुई संपन्न

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देहरादून के द सिटी जंक्शन मॉल में फिल्म “अजेय” की विशेष स्क्रीनिंग उत्साहपूर्वक हुई संपन्न

देहरादून। ” सवाल” सामाजिक संस्था के तत्वावधान में माइक्रोसिनेप्लेक्स सिनेमा, द सिटी जंक्शन मॉल, आईएसबीटी, देहरादून में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित प्रेरणादायक फिल्म “अजेय” की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई।
कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल, संस्कृति एवं कला परिषद की अध्यक्षा मधु भट्ट, पुष्पा बर्थवाल, कंचन गुनसोला, आशा पैनुली, महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष भावना डोभाल ,स्वामी एस. चंद्र, प्रदेश प्रवक्ता महिला मोर्चा जानकी नौटियाल, डॉ. स्वाति, पूर्व प्रदेश मंत्री ऋषभ रावत, प्रीति शुक्ला, राष्ट्रीय सेविका समिति से शारदा त्रिपाठी, तथा फिल्म के लेखक शांतनु गुप्ता सहित अनेक सम्मानित अतिथिगण उपस्थित रहे।


फिल्म के लेखक शांतनु गुप्ता ने अपने संबोधन में फिल्म की पृष्ठभूमि, लेखन प्रक्रिया एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “अजेय” एक व्यक्तित्व की जीवनी मात्र नहीं, बल्कि संकल्प, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की प्रेरक यात्रा का चित्रण है। उन्होंने बताया कि फिल्म का उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक सोच और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करना है।
यह फिल्म संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी है, जो समाज को दृढ़ निश्चय और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देती है।
कुसुम कंडवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसी फिल्में महिलाओं एवं युवाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होती हैं।
मधु भट्ट ने कहा कि संस्कृति और मूल्यों पर आधारित इस प्रकार की प्रस्तुतियां समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करती हैं और राष्ट्रहित की भावना को सुदृढ़ करती हैं।
संस्था की अध्यक्ष लक्ष्मी बिष्ट ‘मधु’ ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी समाजोन्मुखी एवं प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी।
कार्यक्रम गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

लक्ष्मी बिष्ट ‘मधु’
अध्यक्ष, सवाल सामाजिक संस्था
देहरादून
📞 9412153007

पौड़ी में सीएम धामी की पहल:  जनसहभागिता से आकार लेगा भविष्य का बजट

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सीएम धामी के आगमन से पौड़ी में दिखा उत्साह, विकास और बजट पर हुआ सीधा संवाद

सीएम धामी ने जनपद मुख्यालय में बजट पूर्व किया संवाद: संवाद, सहयोग, सुझाव और सहभागिता उत्तराखंड की ताकत

*जनसहभागिता से तैयार होगा जनता का बजट, रांसी में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में व्यापक मंथन*

*पर्वतीय विकास, रोजगार और आधारभूत संरचना पर केंद्रित रहा बजट पूर्व संवाद*

*समावेशी, पारदर्शी और दूरदर्शी बजट की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल*

*मुख्यमंत्री के पौड़ी दौरे से विकास को मिली नई दिशा, जनअपेक्षाओं पर हुआ सीधा संवाद

पौड़ी गढ़वाल: जनपद पौड़ी के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोर शोर से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधियों, कृषकों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला समूहों, पर्यटन व्यवसायियों, मत्स्य पालकों, कृषि वैज्ञानिकों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने सहभागिता करते हुए आगामी बजट के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा जनहितकारी बजट तैयार करना है, जो प्रदेश की जमीनी आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विशेषताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण का रोडमैप है, जिसमें प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

 

उन्होंने इस संवाद में शामिल होकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव देने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि समाज के प्रत्येक वर्ग जैसे पर्यटन व्यवसायियों, व्यापारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और उद्यमियों की अपेक्षाएं और आवश्यकताएं बजट में समुचित रूप से परिलक्षित हों। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान अनेक व्यावहारिक और दूरदर्शी सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के निर्माण का रोडमैप होता है। उन्होंने कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और जनोन्मुखी बनाने का संकल्प लिया है। सीमांत क्षेत्रों सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर संवाद कर सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और व्यापार, उद्योग, पर्यटन, कृषि एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में होमस्टे, स्वरोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिला है। सरकार का लक्ष्य किसानों को उद्यमी के रूप में विकसित करना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट पूर्व संवाद के दौरान प्राप्त सभी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट और नीतिगत निर्णयों में यथासंभव शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट प्रस्तुत करना है, जो आकार में व्यापक, प्रभाव में ठोस और पूरी तरह जनहित पर केंद्रित हो, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता से तैयार होने वाला यह बजट राज्य की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करते हुए समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संवाद के दौरान ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अनुदान में वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ़ करने, सीवर लाइन एवं शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने, बंजर भूमि के उत्पादक उपयोग तथा ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट संचालन जैसे सुझाव प्राप्त हुए। शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निकायों के संसाधन बढ़ाने, सोलर सिटी की अवधारणा को बढ़ावा देने, पार्किंग व सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया गया।

कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में पर्वतीय कृषि को प्रोत्साहन, बागवानी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु प्रभावी उपाय, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज एवं क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने के सुझाव सामने आए। कृषकों के तकनीकी प्रशिक्षण, जिला स्तर पर प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना तथा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

उद्योग एवं एमएसएमई क्षेत्र में पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग स्थापना हेतु पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान, मशीनरी पर विशेष छूट, सेवा क्षेत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा तथा स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन की मांग रखी गई। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से सीधे जोड़ने, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें और पलायन रुके, इस पर भी सुझाव दिए गए।

महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने तथा स्थानीय सेवाओं में महिलाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई। गौशालाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने, जैविक खाद उत्पादन को प्रोत्साहन देने तथा मत्स्य पालन के लिए आधुनिक तकनीकों एवं बायोफ्लॉक टैंकों को बढ़ावा देने के सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।

पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे के लिए रियायती ऋण सुविधा, हैली सेवा का विस्तार, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, संस्कृत ग्रामों एवं सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित करने, नेचर एवं एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता बताई गई।

ऊर्जा क्षेत्र में ऊर्जा नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने, कृषि एवं उद्योग आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहन देने हेतु कर एवं शुल्क में राहत तथा ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के सुझाव भी प्राप्त हुए।

बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि जनसहभागिता के आधार पर तैयार होने वाला बजट ही प्रदेश के समग्र विकास की नींव बनेगा। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, कृषि, लघु उद्योग एवं आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आगामी बजट जनअपेक्षाओं के अनुरूप होगा और पौड़ी सहित पूरे प्रदेश के संतुलित विकास को नई दिशा देगा।

वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सभी होमस्टे संचालकों, एमएसएमई उद्यमियों, लखपति दीदियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संवाद का उद्देश्य आगामी बजट को जनभावनाओं, स्थानीय आवश्यकताओं और विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप दिशा देना है, ताकि वित्तीय संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करते हुए अधिकतम जनकल्याण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य में आधारभूत संरचना, पर्यटन, कनेक्टिविटी, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक प्रगति हो रही है, जिससे विकास की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक रुपया पारदर्शिता के साथ सही व्यक्ति तक पहुंचे और उसका अधिकतम जनहित में उपयोग हो। बजट पूर्व संवाद इसी सहभागी सोच का महत्वपूर्ण माध्यम है। आप सभी से अपेक्षा है कि अपने संक्षिप्त, व्यवहारिक एवं दूरदर्शी सुझाव प्रस्तुत कर आगामी बजट को और अधिक जनोन्मुखी, प्रभावी एवं विकासोन्मुख बनाने में सक्रिय योगदान दें।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी जनप्रतिनिधियों, हितधारकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद से जनता की सहभागिता और विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझाव प्रदेश के संतुलित, समावेशी एवं सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होंगे।

बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कृषि, उद्योग, व्यापार, पंचायत, शहरी विकास आदि से जुड़े 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। जिला पंचायत पौड़ी की अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर नगर निगम श्रीनगर आरती भंडारी, ऋषिकेश शंभू पासवान, कोटद्वार शैलेन्द्र रावत, रुड़की अनीता देवी अग्रवाल, नगर पालिकाध्यक्ष पौड़ी हिमानी नेगी, आयुक्त गढ़वाल/सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे, पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र सिंह रावत, आयुक्त ग्राम विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहिला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अपर ज़िलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषक, उद्यमी, जनप्रतिनिधि तथा हितधारक मौजूद रहे।
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*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*2047

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वृद्ध महिला आश्रमों की महिलाओं के साथ बिताया दिन

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मंत्री रेखा आर्य पहुंची वृद्धा महिला आश्रम: महिलाओं से बोली अम्मा मंत्री नहीं आपकी बेटी मिलने आई है

उनके सुख-दुख और समस्याएं जानी, विभाग को दिए निस्तारित करने के आदेश

*देहरादून, 19 फरवरी।* रोजमर्रा की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यस्तताओं से अलग उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को वृद्धाश्रमों में रह रही माताओं के बीच समय बिताया। उन्होंने डालनवाला स्थित प्रेम धाम और अम्बीवाला स्थित मां गौरी ओल्ड एज होम पहुंचकर वहां रह रही महिलाओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं व जरूरतों को करीब से जाना।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि एक बेटी के रूप में इन माताओं के बीच भावनात्मक एवं अनुरागयुक्त समय व्यतीत करना मेरे लिए अत्यंत अनूठा अनुभव रहा। कई माताएं पारिवारिक उपेक्षा या अन्य कारणों से यहां रहने को विवश हैं। हमारा दायित्व है कि उनके जीवन को सम्मान, सुरक्षा और संबल प्रदान करें।

मुलाकात के दौरान महिलाओं ने बताया कि वृद्धावस्था के कारण उन्हें बार-बार चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन अस्पताल आने-जाने में सहयोग की कमी रहती है। इस पर मंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कुछ महिलाओं ने ग्राम पंचायत स्तर पर ओल्ड एज केयर होम स्थापित करने का सुझाव भी दिया, ताकि गांवों में रहने वाले बुजुर्ग एक स्थान पर एकत्र होकर आपसी संवाद के माध्यम से भावनात्मक संबल प्राप्त कर सकें। इस पर मंत्री ने अधिकारियों से प्रस्ताव का परीक्षण कर व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हम जल्द ही 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र योजना लाएंगे। साथ ही वृद्धाश्रमों में रह रही माताओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अप्रिय स्मृतियों से दूर रहकर सकारात्मक वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकें।

उन्होंने महिलाओं को आगामी महिला दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने महिलाओं से कहा कि उन्हें कार्यक्रम ले जाने के लिए वह एक बस भेजेंगी और वही बस उन्हें छोड़ने भी आएगी।

इस अवसर पर राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी, आरती बलोदी, मीना बिष्ट, आशा कंडारी, सिस्टर अपर्णा, प्रतिभा बहुगुणा जोशी, अनीता बिष्ट, रेखा देवी, उषा देवी, रमेश लाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

*मंत्री के गले लगा कर फूट कर रो पड़ी महिला*
मां गौरी ओल्ड एज होम में जब कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या महिलाओं से उनके परिवार के बारे में बातचीत कर रही थी तो उषा देवी नाम की एक महिला मंत्री के गले लगा कर फूट फूट कर रो पड़ी। उसका कहना था कि उसके बेटे के निधन के बाद वह दुनिया में बिल्कुल अकेली रह गई है और परिवार के दूसरे लोग भी उनका साथ नहीं दे रहे हैं। इस पर कैबिनेट मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि यहां उनके हर सुख दुख का ध्यान रखा जाएगा। वही प्रेम धाम में रह रही पूर्व अध्यापिका बीना एडवर्ड्स से जब कैबिनेट मंत्री ने पूछा कि वह उनसे और क्या उम्मीद करती है, तो बीना का कहना था कि बाकी सारी सुविधाएं तो मिल रही है लेकिन अपनेपन की बात करने वाला कोई नहीं मिलता, इसलिए आप यहां आते रहा करो।

*काश बच्चे बड़े ना होते, छोटे ही रहते*
प्रेम धाम आश्रम में एक महिला से जब मंत्री ने पूछा कि उन्हें अपने अतीत से क्या शिकायत है। तो महिला ने बड़े दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया कि काश उनके बच्चे कभी बड़े ना होते और वह हमेशा छोटे ही रहते। महिला का कहना था कि बड़े होने के बाद बच्चे अपने-अपने परिवारों में व्यस्त हो गए और मां का ख्याल करना उन्होंने छोड़ दिया। इस पर मंत्री ने महिला से कहा कि यहां जितनी भी महिलाएं हैं उन्हें ही अपना परिवार समझिए और कोई समस्या हो तो महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग से कभी भी संपर्क किया जा सकता है।

 

सूबे में नकलविहीन होंगी बोर्ड परीक्षाएंः डाॅ. धन सिंह रावत

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संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश

*कहा, 21 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं*

देहरादून, 19 फरवरी 2026
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल (10वीं) व इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षाएं आगामी 21 फरवरी से शुरू होगी। इस बार प्रदेश भर में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी कराने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही संवेदनशील व अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को भी कहा गया है।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि आगामी 21 फरवरी से शुरू होने वाली उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि 10वीं व 12वीं कक्षाओं की परिषदीय परीक्षाएं निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है, जिसमें विभागीय अधिकारियों, जिला प्रशासन व पुलिस विभाग को आपसी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के लिहाज से संवेदनशील एवं अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त व्यवस्था करने, विशेष उड़नदस्तों की तैनाती तथा लगातार निगरानी करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं। परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा-144 के नियमों का पालन, अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक तथा प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आपूर्ति, संग्रहण व गोपनियता सुनिश्चित करने को केन्द्र व्यवस्थापकों, निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। डाॅ. रावत ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में इस बार लगभग 2 लाख 15 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे, इसके लिये प्रदेशभर में 1261 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं, जिसमें 156 संवेदनशील जबकि 6 अति संवेदनशील केन्द्र हैं।

डॉ. रावत ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बिना किसी तनाव के आत्मविश्वास व सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को प्रोत्साहित करें ताकि बच्चे परीक्षा हाॅल में अच्छे से परीक्षाएं दे सके।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी एवं मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा मंत्री।

प्रश्नकाल से मुख्यमंत्री की दूरी क्यों? लोकतांत्रिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्न -गोदियाल

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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आगामी विधानसभा सत्र (9 मार्च से 13 मार्च) को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। 9 मार्च (सोमवार) को राज्यपाल का अभिभाषण प्रस्तावित है। परंपरागत रूप से सोमवार का दिन मुख्यमंत्री के प्रश्नकाल के लिए निर्धारित माना जाता रहा है, किंतु यह अत्यंत खेदजनक है कि मुख्यमंत्री धामी ने अपने लगभग पाँच वर्षों के कार्यकाल में एक भी सोमवार के प्रश्नकाल का प्रत्यक्ष रूप से सामना नहीं किया है।

गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह, वित्त, राजस्व, ऊर्जा, शहरी विकास, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, परिवहन, उद्योग, श्रम, सूचना प्रौद्योगिकी, आबकारी, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, MSME जैसे अनेक महत्वपूर्ण विभाग हैं। ऐसे में प्रश्नकाल से लगातार अनुपस्थिति लोकतांत्रिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रश्नकाल केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को सरकार तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। सदन में पूछे गए प्रश्नों के माध्यम से ही सरकार की नीतियों, निर्णयों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। यदि मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित होकर उत्तर नहीं देते, तो यह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
गोदियाल ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है, ताकि प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध, चरमराई कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, भर्ती घोटालों और वित्तीय कुप्रबंधन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर समुचित चर्चा हो सके। वर्तमान सत्र की अवधि इन गंभीर विषयों पर व्यापक बहस के लिए अपर्याप्त प्रतीत होती है।

प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि विधानसभा बहस और संवाद का मंच है, न कि औपचारिकताओं की पूर्ति का स्थल। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे स्वयं प्रश्नकाल में उपस्थित होकर जनप्रतिनिधियों के प्रश्नों का उत्तर दें और लोकतंत्र की मर्यादा का सम्मान करें।

प्रदेश कांग्रेस की प्रमुख मांगें:

1. मुख्यमंत्री नियमित रूप से प्रश्नकाल में उपस्थित होकर सीधे उत्तर दें।

2. लंबित एवं महत्वपूर्ण जनहित के प्रश्नों पर सदन में विस्तृत चर्चा सुनिश्चित की जाए।

3. विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए ताकि सभी ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर बहस हो सके।

4. प्रश्नकाल की गरिमा और परंपरा को सुदृढ़ किया जाए।

अंत में गणेश गोदियाल ने कहा कि यह विषय किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की परंपरा का है। यदि सरकार संवाद से दूर भागेगी, तो जनता के मन में अविश्वास की भावना बढ़ेगी। कांग्रेस पार्टी सदन के भीतर और बाहर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।

गरिमा मेहरा दसौनी

सीएम धामी ने की घोषणा: चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का सेना के माध्यम से किया जाएगा संचालन

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सीएम धामी ने चिन्यालीसौड़ में आयोजित जन-जन की सरकार,जन -जन के द्वार कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के तहत अब तक 600 से अधिक शिविर किए गए आयोजित: सीएम धामी

शिविरों में पाँच लाख से अधिक लोगों ने किया प्रतिभाग: 40 हजार से ज्यादा लोगों को मिला सेवाओं का लाभ- सीएम धामी

उत्तरकाशी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विकास खंड परिसर चिन्यालीसौड़ में आयोजित जन-जन की सरकार,जन -जन के द्वार कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उसके बाद ग्रामीणों की समस्याओं एवं शिकायतें सुनीं। तथा मौके पर ही अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकांश समस्याओं का निस्तारण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत अब तक 600 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में पाँच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 40 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से आमजन को राहत मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुलभ एवं पारदर्शी बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हैली सेवा के विस्तार के लिए सरकार ने अहम निर्णय लिए है। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ एवं गौचर हवाई पट्टी से हैली सेवा शुरू होगी। दोनों हवाई पट्टी सेना के माध्यम से संचालित करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। सरकार ने यात्रा की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। ताकि यात्री,श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा शुरू कराने में समन्वयक है जबकि असली यात्रा शुरू कराने में स्थानीय हितधारक, तीर्थ पुरोहित, होटल,टैक्सी, मैक्सी स्थानीय लोग है। मुख्यमंत्री ने कहा की पूरी दुनिया में सनातन का उद्घोष हो रहा है। मा. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा एवं प्रधानमंत्री ने जो विकसित भारत का संकल्प लिया है उसमें उत्तराखंड भी अपना महत्वपूर्ण रूप से योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए कहा कि सरकार ने तय किया है कि हमारी बहनों द्वारा उत्पादित उत्पादों की देश ही नही बल्कि दुनिया में पहचान मिल सके जिसके लिए निरंतर काम किया जा रहा है। कहा कि महिलाओं द्वारा जो भी उत्पाद बनाये जा रहे है उसकी देश और दुनिया में मांग बड़ी है। इस दिशा मेंi राज्य सरकार ने अब तक दो लाख से अधिक लखपति दीदियों को सशक्त किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की मांग पर सीएचसी चिन्यालीसौड़ एवं महाविद्यालय का उच्चीकरण को सीएम घोषणा में सम्मिलित करने का आश्वसन दिया।

मुख्य सचिव ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जन-जन की सरकार,जन जन के द्वार अभियान चलाया गया है। जिसमें 5 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया तथा 40 हजार से अधिक नागरिकों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए। ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं के निस्तारण के लिए संयुक्त टीमें गठित कर समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। जिनका निस्तारण नही किया जा सका उन्हें ऑनलाइन कर नियमित रूप से फॉलोअप करते हुए उनका निस्तारण किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद वर्धन,यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल,दर्जाधारी राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल, प्रताप पंवार,गीताराम गौड़, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनवीर चौहान,प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ. स्वराज विद्वान,ब्लाक प्रमुख रणबीर सिंह महंत, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण,जिला पंचायत सदस्य दीपेंद्र कोहली, वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम डोभाल,अतोल सिंह रावत,शैलेन्द्र कोहली, विजय बड़ोनी, पूनम रमोला,लक्ष्मण सिंह,शीशपाल रमोला समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय,सीडीओ जय भारत सिंह,एडीएम मुक्ता मिश्र सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

चारधाम यात्राः ‘अतिथि देवो भवः’ के भाव से होगा श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत, देहरादून प्रशासन की व्यापक तैयारियां शुरू

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श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वाेपरि, धनाभाव नहीं बनेगा बाधा, विभाग बताए जरूरत, जिला प्रशासन करेगा गेप फंडिंग-डीएम*

ऋषिकेश में 30, विकासनगर में 20 काउंटर पर 24 घंटे रजिस्ट्रेशन सुविधा, मोबाइल टीमें भी रहेगी तैनात,

*होटल, धर्मशाला व आश्रमों के दूरभाष सहित कंट्रोल रूम व हेल्पलाइन नंबर होंगे सार्वजनिक, श्रद्धालुओं को मिलेगी सुलभ और समग्र सूचना,*

*डीएम के निर्देश, यात्री सुविधा केंद्र हो सुसज्जित, शटल सेवा के साथ होल्डिंग एरिया में रहे सभी आधुनिक सुविधाएं,*

*चारधाम यात्रा में मेडिकल सुविधाओं पर फोकस, टेस्टिंग किट और एंबुलेंस सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की होगी तैनाती*

*वाहनों की फिटनेस अनिवार्य, ग्रीन कार्ड के साथ परिवहन विभाग करेगा यात्रा वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था,*

*यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सख्त, डीएम ने 15 अप्रैल तक समस्त व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के दिए आदेश*

*यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी, डीएम ने दिए नोडल व सेक्टर अधिकारी तैनात करने के निर्देश*

*प्रशासन की प्रतिबद्वताः श्रद्वालुओं के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा-डीएम*

*मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाने में जुटा जिला प्रशासन।*

*देहरादून ।
मा0 मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में चारधाम यात्रा-2026 को सरल, सुगम, व्यवस्थित एवं सुरक्षित रूप से संचालित करने हेतु देहरादून जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार में यात्रा से संबंधित समस्त विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति हमारी सेवा भावना का अवसर है। ताकि उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की आतिथ्य परंपरा का सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं में धनाभाव के कारण किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। यदि किसी विभाग को अतिरिक्त बजट की आवश्यकता हो तो वह तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें, जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को 15 अप्रैल तक यात्रा से संबंधित समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में ऋषिकेश एवं विकासनगर क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग, यात्रियों की ठहरने की क्षमता, पंजीकरण व्यवस्था, सड़क, पेयजल, परिवहन, भोजन, शौचालय एवं स्वच्छता सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। सड़कों पर डायवर्जन स्थलों एवं कियोस्क प्वाइंट्स पर सुगम यातायात संचालन तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। होटल, धर्मशाला, गुरुद्वारा एवं ट्रांजिट कैंपों में श्रद्धालुओं के भोजन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई एवं रात्रि विश्राम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

जिलाधिकारी ने यात्रा व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी हेतु नोडल एवं सेक्टर अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए। पुलिस विभाग को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, होमगार्ड, पीआरडी एवं वालंटियर तैनात करने को कहा, जिससे यात्रियों को सुरक्षा एवं मार्गदर्शन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पंजीकरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऋषिकेश में 30 तथा विकासनगर में 20 पंजीकरण काउंटर स्थापित किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने इन काउंटरों पर प्रशिक्षित ऑपरेटर, पर्याप्त स्टाफ, सुदृढ़ नेटवर्क व्यवस्था एवं 24 घंटे संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मोबाइल पंजीकरण टीमें भी तैनात करने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित सुविधा उपलब्ध हो सके। डीएम ने कहा कि ऑफलाइन पंजीकरण हेतु भी पुख्ता प्रबंध किए जाए। काउंटरों पर क्यू मैनेजमेंट, शेड निर्माण एवं यात्रियों को बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा हेतु होल्डिंग एरिया, पार्किंग स्थल, प्रमुख चौक-चौराहों एवं यात्रा मार्गों पर होटल, धर्मशाला, आश्रमों के दूरभाष नंबर, हेल्पलाइन एवं कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाए। प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं प्रसारित करने की व्यवस्था करें। रात्रि विश्राम हेतु समय से होटल एवं पार्किंग स्थलों का अधिग्रहण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, आईडीपीएल, कटापत्थर, हरबर्टपुर, नया गांव आदि होल्डिंग एरिया में जर्मन हैंगर स्थापित करने के साथ सभी स्थलों पर मेडिकल चेकअप, भोजन, पेयजल, शौचालय एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कहा कि भोजन व्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाए तथा आकस्मिक स्थिति में पूर्ति विभाग का सहयोग लिया जाएगा। फूड पैकेट की पृथक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

परिवहन विभाग को पर्याप्त संख्या में वाहनों का अधिग्रहण करने, वाहनों की फिटनेस जांच कर ग्रीन कार्ड जारी करने तथा ट्रिप कार्ड जनरेशन की वैकल्पिक (मैनुअल) व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रियों के आवागमन हेतु होल्डिंग एरिया तक शटल सेवा भी संचालित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की टीम, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस एवं टेस्टिंग किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श (हेल्थ एडवाइजरी) जारी करने के निर्देश दिए। चिकित्सा सुविधाओं हेतु आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को यात्रा मार्ग पर डिवाइडर, पैराफिट, प्रकाश व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा के सुदृढ़ प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल संस्थान को पार्किंग, होल्डिंग एरिया, चेकपोस्ट एवं यात्रा मार्गों पर टीटीएसपी, वाटर एटीएम, टैंकर आदि के माध्यम से शुद्ध पेयजल व्यवस्था तथा विद्युत विभाग को सभी प्रमुख स्थलों पर निर्बाध एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में विभागों ने चारधाम यात्रा तैयारियों को लेकर विभागीय की प्रगति से अवगत कराया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसपी जया बलूनी, एडीएम (वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम योगेश मेहरा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पांडेय सहित नगर निगम, लोनिवि, परिवहन, जिला पूर्ति एवं यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून

दून के रेंजर ग्राउंड में 21 फरवरी से 01 मार्च तक ‘‘दिव्य कला मेला’’ का भव्य आयोजन

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दिव्य कला मेला में अंतरराज्यीय प्रतिभाः दिव्यांग कलाकारों की अनोखी प्रदर्शनी

*सृजन और उत्साह का संगमः मेले में दिव्यांग कलाकारों का सांस्कृतिक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र*

*दून के स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी सजाएंगे मेले की रंगीन झलक*

*देहरादून ।
राजधानी देहरादून में भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल हैंडीकैप्ड फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तत्वाधान में दिव्य कला मेला का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 21 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 1 मार्च, 2026 तक रेंजर ग्राउंड, देहरादून में आयोजित होगा।

प्रदेश में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले इस मेले का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सीधे बाजार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। इस अवसर पर 13 जनपदों के दिव्यांगजन भाग लेंगे और वे अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन विभिन्न स्टालों के माध्यम से करेंगे। इसके अलावा, अन्य राज्यों से आने वाले दिव्यांग कलाकार और कारीगर भी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगे।

मुख्य विकास अधिकारी, अभिनव शाह ने बताया कि मेले में केवल उत्पादों की प्रदर्शनी ही नहीं होगी, बल्कि दिव्यांगजनों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मेले में देहरादून के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगे, जिससे उन्हें दिव्यांगजनों द्वारा बनाए गए उत्पादों और उनके कौशल का प्रत्यक्ष अनुभव लेने का अवसर मिलेगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि यह मेला समाज में दिव्यांगजनों की क्षमताओं और योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण कार्य करेगा। इसके माध्यम से न केवल रोजगार और आर्थिक अवसर प्रदान होंगे, बल्कि समाज में समावेशिता और समान अवसरों के प्रति भी संवेदनशीलता बढ़ेगी।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून

 

मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के धनगढ़ी गेट पर सौविनियर सेंटर का किया उद्घाटन

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वनाग्नि सुरक्षा तैयारियों की की समीक्षा

देहरादून।

वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने आज कार्बेट टाइगर रिजर्व के धनगढ़ी गेट पर नव स्थापित सौविनियर सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आगामी ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए वनाग्नि सुरक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की।

 

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री उनियाल ने कार्बेट टाइगर रिजर्व की सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा प्रदेश के लिए प्रेरणादायी है तथा उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण, इको टूरिज्म के संवर्धन तथा स्थानीय रोजगार सृजन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सौविनियर सेंटर के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी।

मंत्री श्री उनियाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाग्नि की रोकथाम हेतु सतर्कता बढ़ाई जाए, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए तथा जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वन, वन्यजीव और पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में विभागीय अधिकारीगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

वन्यजीव संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: सुबोध उनियाल

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आज ढेला रेस्क्यू सेंटर एवं वन्य जीव/पशु चिकित्सालय का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध उपचार सुविधाओं, पुनर्वास व्यवस्थाओं तथा वन्यजीव संरक्षण के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपचाराधीन घायल एवं बीमार वन्यजीवों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा चिकित्सकीय सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, उपकरणों की उपलब्धता एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए रेस्क्यू एवं पुनर्वास प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि स्वस्थ होने के पश्चात वन्यजीवों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में शीघ्र पुनर्स्थापित किया जा सके।

मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन एवं वन्यजीव उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता की पहचान हैं। राज्य सरकार संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।