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पौड़ी गढ़वाल: DM स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पत्रकार स्थायी समिति की बैठक का आयोजन

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आगामी मार्च माह में पत्रकार सम्मेलन आयोजित कराने के निर्देश

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकार स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी मार्च माह में समस्त विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में पत्रकार सम्मेलन आयोजित कराया जाए, ताकि विभागीय कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रभावी रूप से साझा की जा सके।

बुधवार को आयोजित बैठक में जिला सूचना अधिकारी/सदस्य सचिव योगेश पोखरियाल ने सभी पत्रकारों का स्वागत करते हुए पूर्व में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन की आख्या प्रस्तुत की।

बैठक में अवगत कराया गया कि गढ़वाल पत्रकार परिषद हेतु सर्किट हाउस क्षेत्र में पूर्व में भूमि आवंटित की गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि उप जिलाधिकारी के माध्यम से संबंधित भूमि का अभिलेखीय परीक्षण कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि किसके नाम दर्ज है, जिससे आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण की जा सके।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी मार्च माह में जनपद स्तर पर एक व्यापक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिसमें समस्त विभागीय अधिकारी अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों तथा उपलब्धियों की अद्यतन एवं प्रामाणिक जानकारी मीडिया के माध्यम से आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है।

बैठक के दौरान समाचार पत्रों के बिल सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में पत्रकारों द्वारा अनुरोध किया गया कि दर सत्यापन की औपचारिकता को सरल बनाया जाए। इस पर जिलाधिकारी ने जिला सूचना अधिकारी को निर्देशित किया कि बिलों के दर सत्यापन से जुड़े सभी तकनीकी बिंदुओं का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए अवगत कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया से जुड़े कुछ व्यक्तियों द्वारा पत्रकारिता के नाम पर की जा रही गतिविधियों तथा अप्राधिकृत पत्रकारों की पहचान का विषय भी उठाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध जाए। साथ ही पत्रकारों के चिन्हीकरण के संबंध में सूचना निदेशालय से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने के सुझाव भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वरोजगार एवं प्रेरणादायी कार्य करने वाले लोगों को सामने लाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पत्रकारों से ऐसे प्रयासों को प्रमुखता देने तथा संवेदनशील मामलों की जानकारी सीधे प्रशासन को देने का आह्वान किया।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, अपर जिलाधिकारी/प्रेस मजिस्ट्रेट अनिल सिंह गर्ब्याल, पत्रकार सदस्य त्रिभुवन उनियाल, गीता बिष्ट एवं कुलदीप बिष्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया सम्मानित 

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उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डर श्रीमती प्रतिभा थपलियाल ने आज यमुना कॉलोनी, देहरादून स्थित शासकीय आवास पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार की विधायक श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर श्रीमती खण्डूडी भूषण ने बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए उन्हें शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया।

श्रीमती प्रतिभा थपलियाल ने वर्ष 2023 में आयोजित राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक तथा एशियाई प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त 9 फरवरी 2026 को तेलंगाना के करीमनगर में आयोजित राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने पुनः प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है।

इस अवसर पर श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि श्रीमती प्रतिभा थपलियाल की उपलब्धियाँ महिला सशक्तीकरण का सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा आशा व्यक्त की कि उनकी सफलता से प्रदेश की अधिकाधिक बेटियाँ खेल एवं फिटनेस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगी।

विश्व एवं एशियाई स्तर पर पदक जीतकर श्रीमती थपलियाल ने उत्तराखंड की बेटियों की शक्ति और प्रतिभा को वैश्विक मंच पर स्थापित किया है।

इस अवसर पर श्री भूपेश थपलियाल व वरिष्ठ भाजपा नेता श्री रविंद्र जुगरान भी उपस्थित रहे।

UPES ने पर्यावरणीय शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु राष्ट्रीय पहल का किया नेतृत्व 

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हेस्को और नैक नेतृत्व के साथ मिलकर भविष्य-उन्मुख पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क का सह-निर्माण

देहरादून, 18 फरवरी 2026:  यूपीईएस ने हेस्को के सहयोग से पर्यावरणीय शिक्षा पर एक राष्ट्रीय स्तर की एक्सपर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया। जिसमें अकादमिक लीडर्स, सस्टेनेबिलिटी एक्सपर्ट्स और पॉलिसीमेकर्स एक मंच पर जुटे, ताकि भारतीय हायर एजुकेशन में सस्टेनेबिलिटी को प्रभावी ढंग से समाहित करने के लिए एक मजबूत, व्यावहारिक और लागू करने योग्य “करिकुलम फ्रेमवर्क” तैयार किया जा सके। यह वर्कशॉप पारंपरिक सेमिनार की बजाय एक हाई-इम्पैक्ट, आउटकम-ओरिएंटेड “बिल्ड रूम” के रूप में आयोजित की गई।  इसका उद्देश्य पर्यावरणीय शिक्षा को केवल अवेयरनेस तक सीमित रखने के बजाय एक प्रैक्टिकल,  इंटर-डिसिप्लिनरी कॉम्पिटेंसी के रूप में पुनर्परिभाषित करना था। डिलिबरेशन का फोकस टेक्स्टबुक-अवेयरनेस से आगे बढ़कर भारत की इकोलॉजिकल रियलिटीज़ और डेवलपमेंट प्रायोरिटीज़ में निहित, मेज़रबल स्टूडेंट कॉम्पिटेंसीज़ को सक्षम बनाने पर रहा।

इन चर्चाओं के केंद्र में एक राष्ट्रीय इम्पेरेटिव रहा। जैसे-जैसे भारत ग्रोथ, क्लाइमेट रेज़िलिएंस और सस्टेनेबिलिटी ट्रांज़िशन्स की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हायर एजुकेशन को विद्यार्थियों को इकोलॉजी और इकॉनमी के बीच संतुलन साधने के लिए तैयार करना होगा। प्रतिभागियों ने नेचर-लेड, एक्सपीरिएंशियल और लोकली-एंकरड करिकुलम का समर्थन किया, जो लर्नर्स को एयर, वॉटर, सॉयल, फॉरेस्ट्स और इकोसिस्टम्स से रियल प्रॉब्लम-सॉल्विंग, फील्ड इमर्शन और कम्युनिटी-लिंक्ड लर्निंग के माध्यम से जोड़ता है । जिसे रीजनल एनवायरनमेंटल रियलिटीज़ के अनुरूप ढाला जा सके।

प्रोग्राम की शुरुआत सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र की सबसे विश्वसनीय आवाज़ों में से एक-हेस्को के फाउंडर डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के इनॉग्यूरल एड्रेस से हुई। इसके बाद यूपीईएस के वाइस-चांसलर डॉ. सुनील राय ने वेलकम और इंस्टिट्यूशनल ओवरव्यू प्रस्तुत किया। चीफ गेस्ट डॉ. अनिल डी. सहस्रबुधे चेयरमैन, नैक ने की नोट एड्रेस दिया, जिसमें उन्होंने वर्कशॉप की रिकमेंडेशन्स का नेशनल क्वॉलिटी फ्रेमवर्क्स और करिकुला के ब्रॉडर ट्रांसफॉर्मेशन के साथ अलाइनमेंट रेखांकित किया। वर्कशॉप में एजुकेशन और सस्टेनेबिलिटी लीडरशिप का मजबूत प्रतिनिधित्व रहा, जिनमें डॉ. राजेन्द्र शेंडे, फाउंडर डायरेक्टर, टेरे फाउंडेशनय;  डॉ. धरम बुद्धि, वाइस-चांसलर, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी : प्रो. बिनीशा पयट्टाती, एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर, एम.आर.ए.आई और आई.आई.डब्ल्यू.एम;  डॉ. संजय जसोला, वाइस-चांसलर, डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी ; प्रो. नवीन कुमार नवानी, डीन-बायो साइंसेज़, आई.आई.टी रुड़की;  प्रो. डॉ हिमांशु अरोड़ा, वाइस-चांसलर, सुभारती यूनिवर्सिटी; डॉ. शालिनी भल्ला, मैनेजिंग डायरेक्टर, आई.सी.सी.ई ; श्री कमल आहूजा, प्रिंसिपल, द दून स्कूल;   डॉ.  मनोज पांडा, डायरेक्टर,  डब्ल्यू.आई.टी; प्रो. महावीर रावत, डायरेक्टर, श्री देव सुमन; सुश्री विधूशी निशांक, डायरेक्टर लेखक गाँव और डॉ. सुनीत नैथानी, असिस्टेंट प्रोफेसर, दून यूनिवर्सिटी शामिल रहे।

डिलिबरेशन्स का प्रमुख फोकस पर्यावरणीय शिक्षा को सभी प्रोग्राम्स में एक कोर, एप्लिकेशन-ड्रिवन डिसिप्लिन के रूप में स्थापित करने पर रहा-जहाँ रीजन-स्पेसिफिक लर्निंग पाथवेज़ भारत की इकोलॉजिकल डाइवर्सिटी को रिफ्लेक्ट करें। हिमालयन फ्रैजिलिटी से लेकर अर्बन एयर पॉल्यूशन और वॉटर स्कैरसिटी तक: एक मुख्य थीम इंस्टिट्यूशनलाइज़िंग सोल्यूशन-ओरिएंटेड स्किल्स रही, ताकि स्टूडेंट्स लोकल इश्यूज़ की आइडेंटिफिकेशन कर सकें, कॉन्टेक्स्ट-रिलिवेंट इंटरवेंशन्स डिज़ाइन कर सकें और इम्पैक्ट को मेज़र कर सकें। जिससे सस्टेनेबिलिटी गवर्नेंस, इंडस्ट्री,  एंटरप्रेन्योरशिप और कम्युनिटी लीडरशिप में एक एसेंशियल प्रोफेशनल कैपेबिलिटी बन सके।

वर्कशॉप में डॉ. सुनील राय, वाइस-चांसलर, यूपीईएस ने कहा “इंस्टीट्यूशन प्रैक्टिस, रिसर्च और कंट्रीब्यूशन के जरिए सस्टेनेबिलिटी चैलेंजेज़ को सक्रिय रूप से एड्रेस कर रहा है। यह अगले तीन वर्षों में अपनी सोलर एनर्जी प्रोडक्शन को 18ः से बढ़ाकर 30ः करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही अवॉइडिंग वेस्ट की कल्चर को प्रोमोट करता है। लगभग 30-35ः रिसर्चर्स एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी पर काम कर रहे हैं, जिनमें प्लास्टिक-टू-फ्यूल कन्वर्ज़न, ई.वी लाइफ एन्हांसमेंट, ग्रीन फ्यूल और ग्रिड ऑप्टिमाइज़ेशन जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। हेस्को के साथ कोलैबोरेशन में और हिल में डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के गाइडेंस के तहत, इंस्टिट्यूशन एनवायरनमेंटल एजुकेशन और क्लाइमेट चेंज के कारण ग्लेशियर मेल्टिंग जैसी अर्जेंट इश्यूज़ पर काम करने के लिए कमिटेड है।”

डॉ. अनिल डी. सहस्रबुद्धे, चेयरमैन,  नैक ने एजुकेशन में बैलेंस्ड, नेचर-अलाइनड अप्रोच की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा ” चैलेंजस जगह-जगह अलग होती हैं, इसलिए सोल्यूशन्स भी लोकल रियलिटीज़ में रूटेड होने चाहिए। जब हम किसी रीजन की कंडीशन्स को समझते हैं, लोकली रिलिवेंट, इनोवेटिव रिस्पॉन्सेज़ डेवलप करते हैं, और उन्हें पॉलिसी में एम्बेड करते हैं, तो इम्पैक्ट कहीं ज्यादा मीनिंगफुल और लास्टिंग होता है।”

वर्कशॉप का समापन इस कंसेंसस के साथ हुआ कि पर्यावरणीय शिक्षा को एक नेशनल कैपेबिलिटी के रूप में विकसित करना आवश्यक है-जो ऐसे सिटिज़न्स और प्रोफेशनल्स को गढ़े, जो डेवलपमेंट के साथ इकोलॉजिकल इंटेग्रिटी का संतुलन बना सकें। अपनी इंस्टिट्यूशनल डायरेक्शन और लीडरशिप को आगे बढ़ाते हुए, यूपीईएस ने कैंपस प्रैक्टिसेज़, रिसर्च प्रायोरिटीज़ और रीजन-लिंक्ड पार्टनरशिप्स के माध्यम से इस इनिशिएटिव को आगे ले जाने की कमिटमेंट दोहराए-जिसमें हेस्को के साथ कंटिन्यूड कोलैबोरेशन भी शामिल है, खासकर हिमालयन कंसर्न्स जैसे क्लाइमेट चेंज के कारण ग्लेशियर मेल्टिंग पर फोकस्ड लेंस के साथ।

For more information, please visit: www.upes.ac.in.

About UPES:
Established through the UPES Act, 2003, of the State Legislature of Uttarakhand, UPES is a top-ranked, UGC-recognised, private university. As per the National Institutional Ranking Framework (NIRF) 2025, the Ministry of Education, Government of India, UPES has been ranked 45 among universities, with a rank of 18 in Law, 36 in Management, and a rank of 43 in Engineering. As per the Times Higher Education (THE) World University Rankings 2026, UPES now stands in the 501-600 band globally and 5th in India, improving from 7th in 2025. Notably, in Research Quality, UPES jumped 57 positions in just one year to be ranked 299 globally. In addition to this, the university has been ranked the No.1 private university in academic reputation in India by the QS World University Rankings 2025. It is among the top 2% of universities in the world.
UPES has also been accredited by NAAC with a grade ‘A’ and has received 5 stars on Employability (placements) by the globally acclaimed QS Rating. The university has had 100% placements over the last five years. 50+ faculty members from UPES feature among the world’s top 2% researchers as per the Stanford University list.
UPES offers graduate and postgraduate programs through its seven schools: School of Advanced Engineering, School of Computer Science, School of Design, School of Law, School of Business, School of Health Sciences & Technology, and School of Liberal Studies and Media. The UPES family includes 19100+ students, 1,500+ faculty and staff members, and a thriving community of 40000+ alumni that work across sectors in marquee brands like EY, KPMG, Bain and Co., McKinsey & Company, Capgemini, Google, Microsoft, Oracle, Nestle, ITC, Adani Power, ONGC, GMR, TCS, Wipro, Infosys, Amazon, Flipkart, Accenture, Deloitte and more.

प्रशासन का बड़ा एक्शन: CHC रायपुर में जन औषधि केंद्र और मेडिकल स्टोर दोनों के लाइसेंस निरस्त

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CHC रायपुर में एक ही व्यक्ति विशेष का जन औषधि केंद्र व बगल में ही मेडिकल स्टोर दोनों के लाइसेंस निरस्त

अनियमितता की शिकायत पर डीएम ने संयुक्त मजिस्ट्रेट से करवाई जांच; दवा माफियाओं पर जिला प्रशासन का वार
जन औषधि केन्द्र को निष्क्रिय कर बगल के ही मेडिकल स्टोर से ही मंहगी दवा को लेने को जनमानस को किया विवश; स्टॉक पंजिका एवं इन्वेंट्री का रख-रखाव मिला अव्यवस्थित

जन औषधि केंद्र में दवाओं की उपलब्धता दर्शाता पीएमबीआई के आधिकारिक सॉफ्टवेयर का उपयोग नही हुआ वर्षों से

उपकरणों की क्रियाशीलता के सम्बन्ध में गलत घोषणा; किरायानामा अनुबन्ध समाप्त

प्रशासन ने एक नहीं, दोनो स्टोर किए निरस्त

निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए विवश थे आमजन; जिला प्रशासन की कार्रवाई सखते में दवा माफिया

देहरादून दिनांक 18 फरवरी 2026 विगत माह 04.12.2025 को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में जन औषधि केंद्र पर दवाओं की उपलब्धता न होने तथा केंद्र संचालक द्वारा निकट ही एक निजी मेडिकल स्टोर संचालित किए जाने का उल्लेख किया गया था।

प्राप्त शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार एवं वरिष्ठ औषधि निरीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से मौके पर जांच की गई। जांच में अनियमितताएं पाई गई, जिनमें जन औषधि केंद्र संचालक बलवीर सिंह रावत द्वारा सीएचसी परिसर के भीतर जन औषधि केंद्र एवं लगभग 25 मीटर की दूरी पर मै० रावत मेडिकोज नाम से निजी मेडिकल स्टोर का संचालन किया जाना, जिससे हितों का टकराव की स्थिति उत्पन्न होना पाया गया।
जन औषधि केंद्र में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु पीएमबीआई के आधिकारिक सॉफ्टवेयर का उपयोग न किया जाना तथा बिलिंग कार्य मैनुअल रूप से किया जाना। दवाओं की मांग एवं आपूर्ति प्रक्रिया को नियमानुसार पोर्टल के माध्यम से संचालित न कर अनौपचारिक रूप से व्हाट्सएप के माध्यम से किया जाना। दवाओं की कमी के संबंध में नियमानुसार प्रयास न किए जाने से मरीजों को सस्ती दवाओं के स्थान पर बाहर स्थित निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए विवश होना पड़ा, जिससे निजी लाभ की स्थिति परिलक्षित हुई। स्टॉक पंजिका एवं इन्वेंट्री का रख-रखाव व्यवस्थित न पाया जाना। लाइसेंस निर्गमन / नवीनीकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों में विसंगतियां, जिनमें एक ही रेफ्रिजरेटर बिल का उपयोग, एसी की कार्यशील स्थिति संबंधी गलत घोषणा तथा किरायानामा की अवधि समाप्त होने के बाद अद्यतन अनुबंध अपलोड न किया जाना शामिल है। अनियमितताओं के आधार पर वरिष्ठ औषधि निरीक्षक द्वारा जनहित में बलवीर सिंह रावत को निर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र एवं निकटवर्ती मै० रावत मेडिकोज के औषधि विक्रय लाइसेंस निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई है। जिला प्रशासन जनहित में सस्ती एवं सुलभ दवा उपलब्ध कराने के प्रति प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

 

माता की मृत्यु उपरान्त वर्षों से उत्तरजीवी प्रमाण पत्र को भटक रही थी तान्या पहुंची डीएम द्वार: तत्काल मिला न्याय

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डीएम के संज्ञान में आया मामला तो उसी दिन जारी हुआ 04 वर्षों से लम्बित उत्तरजीवी प्रमाण पत्र;

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की तत्परता जनहित में व त्वरित एक्शन से जनमानस में बढा सरकार प्रशासन पर विश्वास

नगर निगम की संपत्ति रजिस्टर में दर्ज होगा तान्या का नाम;

देहरादून दिनांक 18 फरवरी 2026, (सूवि), माता के निधन के उपरांत विगत चार वर्षों से उत्तरजीवी प्रमाण पत्र हेतु विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा रही सुश्री तान्या सिंघल को जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से राहत मिली है।
खुड़बुड़ा निवासी तान्या सिंघल ने जिलाधिकारी  को प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर अवगत कराया कि उनकी माता का निधन दिसंबर 2022 में हो गया था। नगर निगम के संपत्ति रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने हेतु उन्हें उत्तरजीवी प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से परेशान थीं और विभिन्न स्तरों पर प्रयास करने के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा था।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल तहसीलदार सदर को मामले की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्त अभिलेखों का परीक्षण किया गया तथा आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर उसी दिवस 29 जनवरी को ही  तान्या सिंघल को उत्तरजीवी प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया गया। प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरांत तान्या सिंघल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर आभार व्यक्त किया और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता एवं तत्परता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नागरिकों से संबंधित प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं के प्रकरणों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

प्रशासन गांव की ओरः सीएम धामी के संकल्प से दूरदराज तक सहज और सुगम बनी जनसेवाएं

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देहरादून प्रशासन का दूरस्थ उद्पाल्टा में बहुउद्देशीय शिविर, ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ”*

*शिविर में ही समाधान, जन्म, मृत्यु व यूसीसी के 28 प्रमाण पत्र मौके पर जारी,*

*उद्पाल्टा बहुउद्देशीय शिविरः 447 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ, 39 शिकायतों का निस्तारण*

*जन जन की सरकार, उद्पाल्टा बहुउद्देशीय शिविर में एडीएम ने सुनी जन समस्याएं*

*गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर जोर, एडीएम ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश*

*देहरादून।
दूरदराज़ ग्रामीण इलाकों में सरकार द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” स्थानीय लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। इन बहुउद्देशीय शिविरों के जरिए विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में मिल रही हैं और उन्हें काफी सहुलियत व राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की पहल पर संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत बुधवार को देहरादून जिला प्रशासन ने कालसी ब्लॉक के दूरस्थ न्याय पंचायत उद्पाल्टा में बहुउद्देशीय शिविर लगाया। शिविर में 447 ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। वहीं अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा ने बहुउद्देशीय शिविर में जन सुनवाई करते हुए मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया।

शिविर के दौरान स्थानीय नागरिकों द्वारा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल, कृषि, राजस्व आदि से जुड़ी 39 शिकायतें अपर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गईं। प्राप्त शिकायतों में शिक्षा और लघु सिंचाई की 12 शिकायतें सर्वाधिक रही। इसके अतिरिक्त सड़क व राजस्व से जुड़ी 10, पेयजल व कृषि की 06, स्वास्थ्य, पर्यटन, श्रम व वन विभाग से जुडी 08 और दूर संचार, विद्युत से संबंधित 1-1 शिकायत शामिल थी।

अपर जिलाधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब को कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने विभागीय स्टालों का निरीक्षण भी किया।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 77 तथा आयुर्वेदिक में 114 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। कृषि विभाग द्वारा 73 तथा उद्यान विभाग द्वारा 05 किसानों को कृषि उपकरण, बीज, दवा का वितरण किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा 05 पशुपालकों को पशु औषधियाँ वितरित की गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 19 सामाजिक पेंशन स्वीकृत कर ऑनलाइन की गईं। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 24 राशन कार्डों की ई-केवाईसी व राशन कार्डों में यूनिट वृद्धि की गई। पंचायती राज विभाग द्वारा जन्म, मृत्यु, यूसीसी, पेंशन व परिवार रजिस्टर संशोधन के 33 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 08 खाता-खतौनी, आय एवं स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त ग्राम्य विकास 15, सहकारिता 10, सिचांई 02, श्रम 35, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा 15, कौशल विकास एवं सेवायोजन द्वारा 06 लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में ब्लाक प्रमुख सावित्री चौहान, जिला पंचायत सदस्य रेखा नेगी, उप जिलाधिकारी प्रेम लाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज नौडियाल, तहसीलदार सुशीला कोटीयाल, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह, सहायक खंड विकास अधिकारी प्रकाश चन्द भेतवाल, सहायक विकास अधिकारी धर्मपाल सिंह तेजवान एवं अन्य विभागीय अधिकारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

Action: अवैध निर्माण पर MDDA की सख्त कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन सील

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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण की टीम द्वारा नियमित निरीक्षण और शिकायतों के आधार पर चिन्हित स्थलों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ऋषिकेश क्षेत्र में नियमों के विपरीत किए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण या भू-उपयोग परिवर्तन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऋषिकेश में निकट रेलवे स्टेशन, आदर्श नगर क्षेत्र में सिद्धार्थ सिंघल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को चिन्हित कर सील कर दिया गया। यह कार्रवाई सहायक अभियन्ता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियन्ता पूनम सकलानी, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में की गई। एमडीडीए ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शहरों का सुनियोजित विकास और सुरक्षित आधारभूत ढांचा सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। अवैध निर्माण न केवल शहरी सौंदर्य और मास्टर प्लान का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में जनसुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें नियमित रूप से निरीक्षण कर रही हैं और शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विकास कार्य नियमों के अनुरूप ही किए जाएं, ताकि क्षेत्र का संतुलित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित हो सके।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि संबंधित निर्माणकर्ता को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था, किंतु संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। सचिव ने चेतावनी दी कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पाए जाने पर तत्काल विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

श्री गुरु राम राय मेडिकल काॅलेज में उत्तराखण्ड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला का शुभारंभ

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मरीजों को मिलेंगे तेज, सटीक और विश्वस्तरीय जांच परिणाम
देहरादून। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (एसजीआरआरआईएमएण्डएचएस) के जैव रसायन विभाग ने बुधवार, 18 फरवरी 2026 को उत्तराखण्ड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला एवं उत्कृष्टता केन्द्र का शुभारंभ कर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, पटेल नगर स्थित केन्द्रीय जैव रसायन प्रयोगशाला में किया गया। इस अवसर पर ‘‘सिक्स सिग्मा और पूर्ण प्रयोगशाला स्वचालन के लाभ’’ विषय पर निरंतर चिकित्सा शिक्षा सीएमई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के माननीय चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने इस उपलब्धि पर चिकित्सकों एवं टीम को बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं।


बुधवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में प्रयागशाला का उद्घाटन हुआ। इसके बाद श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डाॅ.) के. प्रतापन, एस.जी.आर.आर.आई.एम.एण्ड.एच.एस. के प्राचार्य डाॅ. उत्कर्ष शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अनिल मलिक, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. गौरव रत्ूडी, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. वीरेन्द्र वर्मा, जैव रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. तारिक मसूद, प्रोफेसर डाॅ. राणा उसमानी और प्रयोगशाला प्रभारी डाॅ. अंशुल एम. काला ने रिबन और केक काटकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विशेषज्ञों द्वारा किया गया वैज्ञानिक विचार-विमर्श रहा। मेदांता अस्पताल, लखनऊ की कंसल्टेंट बायोकैमिस्ट्री डॉ. भावना बैस ने मरीज देखभाल में रोबोटिक टोटल लैब ऑटोमेशन के लाभों पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक डायग्नोस्टिक्स में यह तकनीक कार्यक्षमता, सटीकता और जांच रिपोर्ट मिलने के समय में उल्लेखनीय सुधार कर मरीजों को तेज और विश्वसनीय उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इसके बाद डाॅ. तारिक मसूद ने प्रयोगशाला चिकित्सा में सिक्स सिग्मा और गुणवत्ता एवं नैदामिक परिणामों को बेहतर बनाने में इसकी भूमिका पर एक रोचक सत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में इंटरैक्टिब पैनल चर्चा और प्रश्नोत्तर सत्र भी शामिल था, जिससे चिकित्सकों, प्रयोगशाला पेशेवरों और स्वास्थ्य सेवा हितधारकों के बीच सारर्थक ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला।
इस अवसर पर मौजूद विशेषज्ञों ने इसे मरीजों को विश्वस्तरीय जांच सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला से मरीजों को तेज, सटीक और त्रुटिरहित जांच रिपोर्ट उपलब्ध होगी, जिससे गंभीर बीमारियों का समय पर और सही निदान संभव हो सकेगा। यह प्रणाली नमूनों की पूर्ण डिजिटल ट्रैकिंग, मानवीय त्रुटियों में कमी, तेज टर्नअराउंड टाइम और उच्च गुणवत्ता वाले नैदानिक परिणाम सुनिश्चित करती है, जिससे आईसीयू और आपातकालीन मरीजों के उपचार में तेजी आएगी।
विशेषज्ञों ने बताया कि सिक्स सिग्मा आधारित गुणवत्ता प्रणाली जांच में त्रुटियों को न्यूनतम कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है, जिससे मरीजों को सुरक्षित, प्रभावी और बेहतर उपचार मिल सकेगा। यह पहल उत्तराखण्ड में आधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं और मरीज देखभाल की गुणवत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

 

सीएम धामी ने “मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी” जीतने वाली टीम को 5 लाख का चेक देकर किया सम्मानित

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देहरादून जनपद ने जीती पहली मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी: सीएम धामी ने किया सम्मानित

यह दौर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम काल जैसा : रेखा आर्या

*देहरादून, 18 फरवरी। ननूरखेड़ा मिनी स्टेडियम में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के राज्य स्तरीय मुकाबले में देहरादून जनपद की टीम विजेता बनी। विजेता टीम को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने ट्रॉफी एवं 5 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित ननूरखेड़ा मिनी स्टेडियम में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर विजेता टीम को ट्राफी एवं चेक प्रदान किया।

इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड आज देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। प्रदेश में लागू की गई नई खेल नीति के तहत प्रतिभावना खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति एवं सरकारी सेवाओं के अवसर प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जा रहा है। प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बेहतर मंच मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष प्रतियोगिता को नए प्रारूप में आयोजित किया गया, जो न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर होते हुए राज्य स्तर तक पहुंची। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश को नए चैंपियन मिले हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिला है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे युवाओं का मनोबल बढ़ेगा।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा आउट ऑफ टर्न नौकरी और सरकारी सेवाओं में आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण निर्णय पहले ही लिए जा चुके हैं। अब प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं और आधारभूत ढांचा विकसित किया गया है, जिससे देवभूमि उत्तराखंड खेल भूमि के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि बीते 4 साल में प्रदेश सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न नौकरी, सरकारी नौकरियों में 4% रिजर्वेशन, युवा खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने जैसे फैसले लिए हैं। कुल मिलाकर 4 साल का यह समय प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम काल कहा जा सकता है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने आगामी 39वें राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए बड़ी तैयारी का मंच है। साथ ही वर्ष 2030 में भारत में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में संभावित ओलंपिक मेजबानी को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को अभी से तैयारी करनी होगी।

इस दौरान कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल तथा जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल सहित प्रदेश के सभी जनपदों से आए हजारों खिलाड़ी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने श्री खाटू श्याम धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली की की कामना

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बाबा खाटू श्याम आस्था के आराध्य होने के साथ हर टूटे हुए मन को संबल देने वाले “हारे के सहारे” हैं:  सीएम धामी

विकासनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को विकासनगर, देहरादून स्थित श्री खाटू श्याम धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने बाबा खाटू श्याम के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा खाटू श्याम की महिमा अपरंपार है। उन्होंने कहा कि बाबा खाटू श्याम आस्था के आराध्य होने के साथ हर टूटे हुए मन को संबल देने वाले “हारे के सहारे” हैं। जो भी सच्चे मन से बाबा को पुकारता है, बाबा उसकी झोली कृपा से भर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा श्याम के भजन-कीर्तन, प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव और धार्मिक आयोजनों में उमड़ती श्रद्धालुओं की अपार भीड़ इस बात का प्रमाण है कि बाबा हर हृदय में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि यह दिव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

उन्होंने कहा कि बाबा श्याम की कृपा से वे राज्य के मुख्य सेवक के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि जनता के विश्वास और स्नेह को बनाए रखते हुए वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से राज्य की सेवा करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए कौशल के साथ समर्पण भी आवश्यक है। यदि किसी कार्य को समर्पित भाव से किया जाए तो सफलता निश्चित है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में जो कुछ भी होता है, वह भगवान की कृपा से होता है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ धाम से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीरू देवी, श्री कुलदीप कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।