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प्रशिक्षण से मिलती है चुनौतियों को अवसर मे बदलने की सीख: सीएम धामी

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भाजपा दीनदयाल उपाध्याय मंडल मे प्रशिक्षण महा अभियान कार्यशाला

प्रशिक्षण से होगा, संगठन से राष्ट्र निर्माण लक्ष्य प्राप्ति को कार्यकर्ता निर्माण : अमरपाल

प्रशिक्षित कार्यकर्ता वोट के साथ अर्जित करता है जनता का विश्वास : भट्ट

देहरादून 17 फरवरी। भाजपा के प्रशिक्षण महाभियान मे इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्टी के इस प्रशिक्षण को कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, नए उत्साह और नवीन परिवर्तन के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि एकमात्र पार्टी है जिनके कार्यक्रम निर्बाध गति से चलते रहते हैं। समय-समय पर संगठन मे नवीनता के लिए इस तरह के प्रशिक्षण आयोजित होते हैं। इस सबके चलते ही आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनकर स्थापित हुई है। इस अभियान से हमें और बेहतर स्पष्ट होगा कि किस तरह हमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच कर उसको विकास में सहभागी बनाना है। यह प्रशिक्षण हम सब कार्यकर्ताओं को सिखाएगा कि कैसे चुनौतियों को अवसर में बदल जाता है और कैसे जन सेवा के क्षेत्र में हमें संवेदनशीलता और समर्पण की वृद्धि करनी है।

 

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बार-बार देश और प्रदेश की जनता का पीएम मोदी के नेतृत्व में हमें मौका देना बताता है कि वह झूठ, भ्रम, अफवाह और खोखले वादों पर विश्वास नहीं करती है। प्रदेश की जनता भी आज बेहद समझदार है और उसकी निर्णय की क्षमता अद्भुत है। वह काम पर विश्वास करती है और सकारात्मक बदलाव से प्रभावित होती है। सबके सहयोग से सभी कार्य सही हो रहे हैं, लिहाजा हमें सिर्फ इस पर विचार करना है कि कैसे उसे ठीक तरह से लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर ही आंकड़ा रखते हुए कहा विगत 25 वर्षों में कुल मिलाकर 42 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। जिसमें से 28 हजार नौकरियां विगत 4 वर्षों में नकल निरोधक कानून के संरक्षण में दी गई। उन्होंने कहा भाजपा केवल चुनावी नहीं समाज के मार्गदर्शन की भूमिका में भी काम करती है। लिहाजा ऐसे प्रशिक्षण से तैयार कार्यकर्ता, ऐसा संगठन का निर्माण करते हैं जो वोट के साथ जनता का विश्वास भी अर्जित करते हैं।

क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रभारी अमरपाल मौर्य ने स्पष्ट किया कि संगठन से राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य प्राप्ति हेतु कार्यकर्ताओं का निर्माण इससे होगा। इस मौके पर सीएम धामी ने प्रशिक्षण की जरूरत पर बल देते हुए कहा, आज जनता झूठ, भ्रम, अफवाह, खोखले वादों पर विश्वास नहीं करती है, जिसका परिणाम है केंद्र और राज्य में भाजपा का चुनाव। वहीं प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, यह प्रशिक्षण ऐसे कार्यकर्ताओं का निर्माण करता है जो वोट से अधिक जनता का विश्वास भी अर्जित करते हैं।

रेसकोर्स में स्थित एक सार्वजनिक स्थल पर हुई कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पार्टी प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के क्रम में आज प्रदेश प्रशिक्षण योजना बैठक संपन्न हुई। चार सत्रों में आयोजित इस बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए अभियान के क्षेत्रीय प्रभारी श्री अमरपाल ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान, कार्यकर्ता निर्माण से संगठन निर्माण और संगठन निर्माण से राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को साकार करने के लक्ष्य से किया जाता है। अपने वैचारिक अधिष्ठान पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के बताए सिद्धांतों पर आगे बढ़ते हुए पार्टी, समय-समय पर अपने कार्यकर्ताओं के निर्माण और उन्नयन की दृष्टि से प्रशिक्षण देती है। उन्होंने कहा जिस तरह सीखने की कोई उम्र नहीं होती उसी तरह संगठन को मजबूत करने, उसके प्रभाव को बढ़ाने और नए-नए विचारों को आत्मसार करने की दृष्टि ही ये प्रशिक्षण होता है। आज प्रधानमंत्री मोदी सबका साथ, सबका विश्वास और सबका विकास के जिस मूल मंत्र के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं हम पार्टी को भी अंदरूनी तौर इसी तरह बेहतर नागरिक और समाज निर्माण की दृष्टि से काम करते हैं।

उन्होंने अभियान की संरचना को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में 6 अलग अलग तरह से प्रशिक्षण दिए जाएंगे। जिसमें भाजपा संगठन, मोर्चा, प्रकोष्ठ एवं विभाग, जनप्रतिनिधि, मीडिया सोशल मीडिया, नव प्रवेशी, अन्य वर्ग जैसे कार्यालय सचिव, सहायक, जनसंपर्क अधिकारी, व्यक्तिगत सहायक आदि के ग्रुप में संचालित किया जाएगा। प्रशिक्षण के तहत मुख्यत जो विषय होंगे उसमें संगठन का वैचारिक अधिष्ठान जिसके अंतर्गत एकात्म मानव वाद दर्शन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जानकारी साझा की जाएगी। इसी तरह संगठन का इतिहास और विकास यात्रा, कार्यपद्धति, कार्य विस्तार, देश के समक्ष चुनौतियां, स्थाई कार्यक्रम जैसे बूथ प्रबंधन, मन की बात आदि विषयों पर बात की जाएगी।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह प्रशिक्षण हम सभी कार्यकर्ताओं के सामाजिक कार्यक्षेत्र की कुशलता और विस्तार के लिए बहुत आवश्यक है। जिसमें आने वाले दिनों में संगठन की रीति नीति, विचार और सिद्धांत के साथ कार्यपद्धति को बारीकी से समझने और दोहराने का अवसर मिलेगा। समय समय पर संचालित होने वाली यह वृहद प्रशिक्षण श्रृंखला ही भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी और श्रेष्ठ पार्टी बनाती है। विगत वर्षों में कुछ समस्याओं की वजह से यह थोड़ा सा विलंब हुई है। यह सौभाग्य और नया सीखने का सुनहरा अवसर है, जिसका लाभ उठाते हुए, हम सबको इसे समाज के उत्थान में आगे बढ़ाना है। हम सबको आत्मसार करना चाहिए कि भाजपा एक राजनैतिक संगठन है जो सामाजिक सरकारों के लिए काम करता है। लिहाजा हम ऐसे प्रशिक्षण से योग्य, क्षमतावान, संवेदनशील और जागरूक कार्यकर्ता का निर्माण करते हैं जो जनता के वोट से अधिक, उसका विश्वास हासिल करने के लक्ष्य पर काम करता है।

इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार ने अभियान की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 24 फरवरी को कुमाऊं मंडल की प्रशिक्षण कार्यशाला और 26 फरवरी को गढ़वाल मंडल की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसी तरह 26 फरवरी को कुमाऊं और 28 फरवरी को गढ़वाल में जिला कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसके उपरांत 7 से 14 अप्रैल के मध्य, मंडल प्रशिक्षण वर्ग संपन्न किए जाएंगे। प्रशिक्षण को लेकर उन्होंने बताया कि बूथ स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण 2 सत्रों में 4 घंटे का होगा, जिसमें बूथ अध्यक्ष, पालक, समिति एवं अन्य महत्वपूर्ण पार्टी पदाधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद मंडल स्तर का प्रशिक्षण सात सत्रों में 24 घंटे का होगा जिसमें शक्ति केंद्र, बूथ अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी संबंधित क्षेत्र से जुड़े हुए प्रदेश पदाधिकारी शामिल होंगे। जिले स्तर पर 11 सत्रों में प्रशिक्षण 2 दिन तक चलेगा, जिसमें रात्रि प्रवास आवश्यक होगा, इसी क्रम में प्रदेश प्रशिक्षण 15 सत्र के साथ तीन दिन का होगा जिसमें दो रात्रि प्रवास अनिवार्य होंगे।

इस दौरान उन्होंने शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए सभी से सामाजिक समरसता, पर्यावरण, स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य बोध जैसे पंच परिवर्तन को भी स्थाई रूप से जीवनचर्या में शामिल करने का आवाहन किया।

इस कार्ययोजना बैठक में अभियान के प्रदेश संयोजक प्रदेश महामंत्री श्री कुंदन परिहार, प्रदेश महामंत्री श्री तरुण बंसल श्रीमती दीप्ति रावत, अभियान सह संयोजक प्रदेश मंत्री श्रीमती नेहा जोशी, श्री रमेश चौहान, विधायक श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्रीमती आशा नौटियाल, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट, प्रदेश कार्यालय सचिव श्री जगमोहन रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान, श्री कस्तूभानंद जोशी, श्री पुष्कर काला, श्री आदित्य चौहान, श्री सतीश लखेड़ा, विनय गोयल ,राजेंद्र नेगी, श्रीमती हनी पाठक, श्रीमती कमलेश रमन, कुंवर जपेंद्र समेत प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, सह प्रभारी, अभियान की जिला टोली के सदस्य शामिल हुए।

मनवीर सिंह चौहान
प्रदेश मीडिया प्रभारी
भाजपा, उत्तराखंड

SSP दून के कुशल नेतृत्व में दून पुलिस ने सुलझाई गुमशुदा व्यक्ति की हत्या की गुत्थी

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घटना में शामिल 01 अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

अन्य अभियुक्तों के साथ गुमशुदा के शव को ठिकाने लगाने अपनी टैक्सी से ले गया था गिरफ्तार अभियुक्त

*अभियुक्त की निशानदेही पर गुमशुदा व्यक्ति के शव को पुलिस द्वारा श्यामपुर क्षेत्र में चिडियापुर के जंगल से किया बरामद*

*गुमशुदा की तलाश के दौरान उसके कुछ अन्य साथियों के भी अपने घरों से गायब होने की पुलिस को मिली थी जानकारी*

*गुमशुदा के साथियों के सम्बन्ध में जानकारी करने पर गुमशुदा व्यक्ति के गायब होने की रात्री में उन सभी का टैक्सी के माध्यम से एक साथ जाना आया था प्रकाश में*

*पुलिस द्वारा अथक प्रयासों से संदिग्ध टैक्सी चालक की तलाश कर खोली घटना से जुडी सभी परतें*

*शराब पीने के दौरान हुए विवाद में गलती से सर पर बेसबाल का बैट लगने से हुई थी गुमशुदा व्यक्ति की मृत्यु*

दिनांक 11 फरवरी 2026 को श्री संतराम धीमान निवासी शास्त्री नगर, बसंत विहार द्वारा थाने पर सूचना दी की उनका पुत्र दिगंबर धीमान उम्र 28 वर्ष दिनांक 09 फरवरी 26 को घर से बिना बताए कहीं चला गया, जिसको उनके द्वारा काफी तलाश किया गया लेकिन उसके सम्बन्ध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई। प्राप्त सूचना पर तत्काल थाना बसंत विहार पर गुमशुदगी क्रमांक- 07/26 में गुमशुदा दिगंबर धीमान की गुमशुदगी दर्ज की पंजीकृत की गई।

गुमशुदगी की जांच के दौरान प्रकाश में आया कि गुमशुदा दिगंबर धीमान के विरुद्ध थाना बसंत विहार पर मु०अ०सँ०: 93/21, धारा 363/ 376 आईपीसी व 5(ट)/6 पॉक्सो अधिनियम का अभियोग पंजीकृत है। गुमशुदा के पिता संतराम से पूछताछ में उनके द्वारा बताया कि गुमशुदा उपरोक्त दिनांक 09 फरवरी 26 को उक्त मुकदमे में कोर्ट में तारीख पर आया था तथा कोर्ट में अगली तिथि मिलने पर उसके द्वारा अपने पिता को घर जाने के लिए कहते हुए कुछ समय पश्चात घर आने की बात कही गई थी, जो उसके बाद घर वापस नहीं आया।

गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस टीम को जानकारी मिली कि दिगम्बर धीमान दिनांक: 09-02-26 से अपने घर नहीं आया, पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा दिगम्बर के मोबाइल नम्बर की सीडीआर का विशलेषण करते हुए सभी सम्भावित स्थानों पर उसकी तलाश व लोगो से पूछताछ की जा रही थी। जाचं के दौरान ज्ञात हुआ कि गुमशुदा दिगम्बर के कुछ अन्य साथी, जो अक्सर उसके साथ बैठकर नशा करते थे, वो भी दिगम्बर की गुमशुदगी के बाद से ही अपने घरों से गायब चल रहे हैं।

सन्देह के आधार पर पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा की तलाश के साथ-साथ उसके साथियों के सम्बन्ध में भी जानकारी एकत्रित करने हेतु मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। साथ ही सुरागरसी- पतारसी करते हुए गुमशुदा के साथियों के परिजनो व आस-पास रहने वाले लोगों से पूछताछ की गई तो दिनांक: 09-02-26 की रात्रि में गुमशुदा के साथियों का उनमें से एक हेमन्त सेमवाल के रेसकोर्स सी-ब्लाक स्थित कमरे से टैक्सी के माध्यम से साथ में जाने की जानकारी पुलिस टीम को प्राप्त हुई, जिस पर आस-पास व आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से पुलिस टीम द्वारा उक्त संदिग्ध टैक्सी के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर आज दिनांक: 17-02-26 को उक्त संदिग्ध टैक्सी को तलाश कर उसके चालक राजनन्दन पुत्र मनमोहन ठाकुर निवासी: न्यू पटेलनगर देहरादून को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गयी तो उसके द्वारा बताया गया कि दिनांक: 09-02-26 की रात्री में हेमन्त सेमवाल व उसके अन्य साथी उसकी टैक्सी स्विफ्ट डिजायर संख्या: यू0के0-07-टीबी-3478 के माध्यम से एक व्यक्ति के शव को कम्बल में लपेटकर ले गये थे, जिसे उनके द्वारा चिडियापुर के जंगलों में ले जाकर रेत में दबा दिया और उसकी टैक्सी से वापस देहरादून आ गये। रास्ते में उक्त व्यक्तियों द्वारा उसे बताया कि शराब के नशे में हुए विवाद में उनके द्वारा बेसबाल के बैट से गलती से मृतक के सर पर चोट मार दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

टैक्सी ड्राइवर की निशानदेही पर पुलिस द्वारा गुमशुदा दिगम्बर धीमान के शव को चिडियापुर के जंगल से बरामद किया गया तथा मृतक के शव को छिपाने में संलिप्तता पाये जाने पर टैक्सी चालक अभियुक्त राजनन्दन को गिरफ्तार करते हुए टैक्सी स्विफ्ट डिजायर संख्या: यू0के0-07- टीबी-3478 को कब्जे में लिया गया। घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की तलाश हेतु अलग-अलग टीमें गठित कर सम्भावित स्थानों पर रवाना की गई हैं। जल्द ही घटना में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जायेगा।

*नाम/पता गिरफ्तार अभियुक्त

राजनन्दन पुत्र मनमोहन ठाकुर निवासी- न्यू पटेलनगर, देहरादून

*बरामदगी:-*

टैक्सी स्विफ्ट डिजायर संख्या: यू0के0-07-टीबी-3478

 

सीएम धामी ने “मातृ संस्कार समागम” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग: मातृशक्तियों का किया अभिनंदन

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सीएम धामी ने मातृशक्ति का किया अभिनंदन कहा मातृशक्ति राष्ट्र निर्माण की धुरी

सीएम धामी ने सात महिलाओं को दिया ‘सप्त मातृ शक्ति सम्मान’

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में विश्वमांगल्य सभा के तत्वावधान में आयोजित ‘मातृ संस्कार समागम’ में मातृशक्ति का अभिनंदन किया। इस अवसर पर कम धामी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति सम्मान प्रकट कर।सीएम धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता का स्थान सर्वोच्च एवं सर्वप्रथम है। मातृशक्ति परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण की वास्तविक धुरी है।

मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व संघर्ष, अनुशासन और संस्कारों की नींव पर खड़ा है। साधारण परिवार में पले-बढ़े होने के कारण उन्होंने सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखना और उन्हें साकार करने का संकल्प ही अपने व्यक्तित्व की असली ताकत बनाया।

 

उन्होंने कहा कि साधारण जीवन शैली में ने उन्हें जमीन से जुड़े रहने की सीख दी संयम और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना ने उन्हें उनके विचारों और निर्णय को आकार दिया उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जीवन में ऊंचा पद दिया प्रतिष्ठा नहीं बल्कि मजबूत चरित्र और स्पष्ट उद्देश्य ही महान व्यक्ति को महान बनाता है

सीएम धामी ने कहा कि माता द्वारा दिए गए संस्कार व्यक्ति के चरित्र और विचारों की आधारशिला होते हैं। प्रभु राम, भगवान कृष्ण और छत्रपति शिवाजी के जीवन में भी माताओं की भूमिका निर्णायक रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती व्यस्तता के कारण परिवारों के बीच संवाद कम हुआ है और संयुक्त परिवारों का स्वरूप कमजोर पड़ा है। ऐसे समय में ‘कुटुंब प्रबोधन’ की अवधारणा अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि परिवार ही बच्चों की पहली पाठशाला होता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने और मातृशक्ति की भूमिका को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।
कम धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता का स्थान सर्वोच्च है मात्र शक्ति को परिवार की दूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है और यदि परिवार सशक्त होगा तो समाज और राष्ट्र भी सशक्त होंगे होंगे उन्होंने विश्व मंगल है सभा द्वारा मात्र शक्ति और पारिवारिक मूल्य को रेखांकित करने के निरंतर प्रयासों की सहारा ना की तथा सभी कार्यकर्ताओं और जुड़ी हुई महिला मात्र शक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गीता धामी ने कहा कि सेवा मानव जीवन का मूल संस्कार है और परिवार ही सेवा, समर्पण और संवेदना की पहली पाठशाला है। उन्होंने कहा कि मां समाज निर्माण की आधारशिला है, जो बच्चों में संस्कार, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का विकास करती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एकल परिवारों के बढ़ने और व्यस्त जीवनशैली के कारण पारिवारिक संवाद कम हुआ है। ऐसे में परिवारों को सेवा और संस्कार की परंपरा को आगे बढ़ाना होगा, ताकि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार हो सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सप्त मातृ शक्ति सम्मान’ के तहत ममता राणा, ममता रावत, शैला ब्रिजनाथ, साध्वी कमलेश भारती, राजरानी अग्रवाल, मंजू टम्टा और कविता मलासी को सम्मानित किया।

इस दौरान कार्यक्रम में विश्वमांगल्य सभा के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई महिलाएं उपस्थित रहीं।

गुजरात में आयोजित सहकारिता मंथन में नवाचारी योजनाओं की दी जानकारी

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सहकारिता के जरिये ग्रामीण विकास पर अहम फोकसः डाॅ. धन सिंह

*मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना व मिलेश मिशन की जमकर हुई सराहना*

गुजरात/देहरादून, 17 फरवरी 2026
गुजरात में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित सहकारिता मंत्रियों के मंथन बैठक में मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, मिलेट्स मिशन योजना तथा दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना की जमकर सराहना की गई। साथ ही इन योजनाओं को माॅडल के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनाये जाने पर भी विचार किया गया, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के तहत किसानों की आय में वृद्धि, पशुधन अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण आजीविका सहित पोषण योजनाओं को प्रोत्साहन मिल सके।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में सहकारिता मंत्रियों की उच्चस्तरीय मंथन बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों की मंथन किया गया। इस महामंथन में राज्य सरकार द्वारा सरकारिता के क्षेत्र में संचालित विभिन्न नवाचारी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। जिसमें दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना तथा मिलेट्स मिशन योजना शामिल है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप राज्य में इन परिवर्तनकारी योजनाओं को लागू किया गया है। जिनका मकसद ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण व सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है। साथ ही किसानों की आय में वृद्धि, पशुधन अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण आजीविका, मिलेट उत्पादन व पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देना है। डाॅ. रावत ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों, काश्तकारों, युवाओं व महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया जाता है। अभी तक इस योजना के तहत 11 लाख 71 हजार 810 किसानों व 6597 लाभार्थियों को 7284.76 करोड़ ऋण वितरित किया गया। इसी प्रकार राज्य में ग्रामीण महिलाओं के श्रमभार में कमी व पशुधन के लिये किफायती व उच्च गुणवत्ता वाले साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना संचालित की जा रही है। जिसके तहत एमपैक्स के माध्यम से अब तक 28605 लाभार्थियों को रियायती दर पर साइलेज उपलब्ध कराया गया है। इससे एमपैक्स को करीब रू. 161.07 लाख का लाभ हुआ है। राज्य में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से मिलेट की खेती एवं खरीद को बढ़ावा देने के लिये मिलेट मिशन योजना शुरू की गई। जिसके तहत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज खरीजा जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 7457 कृषकों से बढ़कर 11153 कृषकों से 53860 कुंतल मिलेट्ख खरीदा गया। जिसका किसानों को त्वरित भुगतान किया गया।

डाॅ. रावत ने बताया कि मंथन बैठक में प्रदेश की तीनों नवाचारी योजनाओं को जमकर सराहा गया और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इन योजनओं को माॅडल के तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की बात कही। डाॅ. रावत ने बैठक में रूद्रप्रयाग, बागेश्वर व चम्पावत जनपद में जिला सहकारी बैंकों के संचालन को लेेकर लाइसेंस प्रदान किये जाने की मांग भी रखी।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता) कृष्ण पाल गुर्जर एवं मुरलीधर मोहोल सहित देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री गण उपस्थित रहे।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय सहकारिता मंत्री।

जन-जन के द्वार पहुँची सरकारः सुदूरवर्ती गांव लाखामंडल में प्रशासन ने सुनीं जन समस्याएं

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लाखमंडल बहुउद्देशीय शिविरः 1844 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

*शिविर में त्वरित कार्यवाहीः 30 प्रमाण पत्र, 48 राशन कार्ड यूनिट वृद्धि व 18 सामाजिक पेंशन स्वीकृत*

*705 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,*

*शिविर में दर्ज 37 में से अधिकांश शिकायतें मौके पर निस्तारित,*

*देहरादून ।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत मंगलवार को लाखामंडल (विकासखंड चकराता) में संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता सिंह की अध्यक्षता में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में उत्तराखण्ड सरकार की जनजाति सलाहकार परिषद के दायित्वधारी मंत्री गीताराम गौड़ भी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के माध्यम से 1844 से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता सिंह ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस अभियान के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शिविरों के जरिए सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही, शिविरों में आवश्यक प्रमाण पत्र भी मौके पर ही निर्गत किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को तहसील एवं जिला मुख्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

न्याय पंचायत काण्डोई-बोन्दूर के अंतर्गत ग्राम लाखामंडल में आयोजित शिविर में कुल 37 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का निस्तारण स्थल पर ही कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास, सिंचाई एवं राजस्व विभाग से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं। प्राप्त शिकायतों में ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित 06 शिकायतें सर्वाधिक रहीं। स्वास्थ्य विभाग की 05 शिकायतें प्राप्त हुईं। पीएमजीएसवाई, राजस्व एवं सिंचाई विभाग से संबंधित 03-03 शिकायतें दर्ज की गईं। शिक्षा, पशुपालन, कृषि एवं उद्यान विभाग से संबंधित 02-02 तथा अन्य विभागों से 01-01 शिकायत प्राप्त हुई।

बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 705, होम्योपैथिक में 121 तथा आयुर्वेदिक में 94 लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने 112 एवं उद्यान विभाग ने 07 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया। डेयरी विभाग ने 42 तथा पशुपालन विभाग द्वारा 342 पशुपालकों को पशुओं की निःशुल्क दवा वितरित की गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन संबंधित 45 प्रकरणों का निस्तारण करते 18 लोगों की पेंशन स्वीकृत की गई। पंचायती राज विभाग द्वारा 87 किसान पेंशन, परिवार रजिस्टर की नकल जारी की गई। पूर्ति विभाग द्वारा 48 राशन कार्ड यूनिट वृद्धि एवं 05 ईकेवाईसी कराई गई। बाल विकास द्वारा 34 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट एवं स्टेशनरी बाउल वितरित की गई। विद्युत विभाग द्वारा 36, सेवायोजन 125, श्रम विभाग 07 लोगों को लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में जनजाति सलाहकार परिषद में दायित्वधारी मंत्री गीताराम गौड, संयुक्त मजिस्ट्रेट डा.हर्षिता सिंह, तहसीलदार प्रदीप नेगी, खण्ड विकास अधिकारी राकेश बिष्ट अन्य विभागीय अधिकारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान सहित बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

DM Action: 15 वर्षों से अतिक्रमित भूमि पर कब्जा दिलाए जाने पर दंपति ने जिला प्रशासन का जताया आभार

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जमीन कब्जे के जंगलराज पर जिला प्रशासन का न्याय का प्रहार; टिहरी बांध परियोजना अन्तर्गत विस्थापित परिवार को आवासीय भूखंड पर दिलाया कब्जा

निम्न मध्यम वर्ग के पीड़ित विस्थापित पहाड़ी दम्पति की भूमि पर कब्जा कर किया जा रहा था अवैध निर्माण; जिला प्रशासन ने दिलाया हक

मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन के भू-माफियाओं पर एक्शन जारी

भूमि प्रकरणों पर न्याय की आस जगाते जिला प्रशासन के कड़े फैसले; पात्रों को भूमि पर दिलाया कब्जा

देहरादून दिनांक 17 फरवरी 2026 (सूवि), जिला प्रशासन की तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही के फलस्वरूप ग्राम अटक फार्म, परगना पछवादून, तहसील विकासनगर में 15 वर्षों से आवंटित भूमि पर विधिवत कब्जा दिलाया गया। कब्जा प्राप्त होने के उपरांत लाभार्थी महिला ने अपने भाई के साथ जिलाधिकारी देहरादून का आभार व्यक्त किया।
प्रकरण अटकफार्म, सेलाकुई, विकासनगर स्थित टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टिहरी बांध परियोजना) के अंतर्गत विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखण्डों से संबंधित है। शिकायतकर्ता सुमेरचंद एवं अन्य को आवंटित आवासीय भूखण्ड संख्या-29 पर अवैध कब्जे की शिकायत प्राप्त होने पर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की गई। जमीन कब्जे के जंगलराज पर जिला प्रशासन का न्याय का प्रहार करते हुए टिहरी बांध परियोजना अन्तर्गत विस्थापित परिवार को आवासीय भूख्ंाड पर कब्जा दिला दिया है। जहां निम्न मध्यम वर्ग के पीड़ित विस्थापित पहाड़ी दम्पति की आवासीय भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया जा रहा था। जिला प्रशासन ने विस्थािपत दम्पति को उनका हक दिलाते हुए वर्षों से अतिक्रमित भूमि पर कब्जा दिला दिया है। जिस पर दम्पति जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करने पंहुची।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी द्वारा संयुक्त जांच टीम गठित की गई। जांच टीम में तहसील विकासनगर के सर्वे लेखपाल, सर्व कानूनगो, राजस्व उपनिरीक्षक (पुनर्वास), राजस्व निरीक्षक (पुनर्वास) तथा सहायक अभियंता (पुनर्वास) सम्मिलित रहे।
टीम द्वारा पुनर्वास स्थल अटकफार्म में स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान भूखण्ड संख्या-15, 16, 17, 27, 28 एवं 29 का टिहरी बांध परियोजना द्वारा स्वीकृत नक्शों एवं राजस्व अभिलेखों से मिलान किया गया। मिलान उपरांत पाया गया कि उक्त आवंटित भूखण्ड खसरा संख्या 301, 302 एवं 303 के भाग हैं, जिन्हें टिहरी बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास हेतु क्रय किया गया था।
संयुक्त जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि स्वर्गीय कुन्दन लाल जोशी के वारिसान द्वारा उक्त भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर गन्ने की खेती की जा रही थी। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अवैध कब्जा तत्काल हटवाने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन की निगरानी में खसरा संख्या 301, 302 एवं 303 से अवैध कब्जा हटवाकर आवंटित भूखण्ड संख्या-29 सहित संबंधित भूखण्डों पर विधिसम्मत रूप से शिकायतकर्ता सुमेरचन्द्र एवं अन्य लाभार्थियों को कब्जा दिलाया गया।
भूमि पर वैध अधिकार प्राप्त होने उपरांत लाभार्थी दंपति ने जिलाधिकारी से मुलाकता कर मा0 मुख्यमंत्री एंव जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित समस्या का समाधान प्रशासन की सक्रिय पहल से संभव हो सका। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा हेतु प्रशासन पूर्णतः प्रतिबद्ध है भूमि कब्जाने व भू-माफियाओं के विरूद्ध जिला प्रशासन के सख्त कार्यवाही जारी रहेगी।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

Action: आईआईएफएल बैंक की मनमानी पर डीएम का सख्त एक्शन,  सम्पति नीलाम, शाखा पर तालबन्दी तय

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बीमित ऋण 14.61 लाख क्लेम प्राप्त करने उपरान्त भी वसूली को आतुर था बैंक ; जिला प्रशासन ने बैंक से ही करा दी शेष 2 लाख की वसूली

पति की मृत्यु ज्योति पर टूटा दुखों का पहाड़; विधवा संग 2 मासूम बेटियों को बैंक ने किया प्रताड़ित; डीएम का चला हंटर; लाईन पर आया बैंक

महिलाओं, बुजुर्गाें; बच्चों व असहायों के शोषण, अन्याय बदसुलुकी के विरूद्ध एक्शन में जिला प्रशासन

DM के निर्देश पर SDM न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने बैंक से की 2 लाख राजस्व वसूली

जिला प्रशासन का सख्त एक्शन बीमित ऋण का क्लेम लेने के बाद भी विधवा को प्रताड़ित करने वाले IIFL बैंक आया लाइन पर

देहरादून दिनांक 17 फरवरी 2026 (सूवि), मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन महिला, बुजुर्ग बच्चों, असहायों के शोषण पर निरंतर कड़ा एक्शन ले रहा है। जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष बैंक से बीमित ऋण धनराशि उपरान्त महिला को बैंक द्वारा वसूली लिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया जिस पर जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी ने सम्बन्धित बैंक से वसूली कर शेष ऋण धनराशि का भुगतान करते हुए पीड़ित का न्याय दिलाया।
नवाबगढ़ निवासी विधवा ज्योति ने जिलाधिकारी के समक्ष गुहार लगाई कि कि उनके पति दान सिंह ने वर्ष 2021 में आईआईएफएल बैंक से होम लोन लिया गया था, जिसका बीमा भी कराया गया था। अगस्त 2023 में उनके पति की हृदय गति रुकने से आकस्मिक मृत्यु हो गई। पति द्वारा जीवित रहते हुए ऋण की किस्तों के रूप में धनराशि रू0 2,71,278 जमा कराए गए थे तथा पति की मृत्यु के उपरांत विधवा ज्योति द्वारा धनराशि 39,470 की अतिरिक्त किस्त भी जमा की गई।
शिकायत के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी बजाज फाइनेंस द्वारा बैंक को बीमित ऋण की धनराशि रू0 14,61,375 का भुगतान किए जाने के बावजूद बैंक द्वारा भूमि के मूल अभिलेख वापस नहीं किए गए। इतना ही नहीं, बैंक के वसूली एजेंटों द्वारा विधवा ज्योति एवं उनकी दो मासूम पुत्रियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है तथा वसूली हेतु दबाव और दुर्व्यवहार किया गया, जिससे परिवार भय एवं तनाव की स्थिति में आ गया।
जिलाधिकारी ने प्रकरण की गंभीरता पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि बीमित ऋण की राशि प्राप्त होने के बावजूद बैंक द्वारा शेष धनराशि के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर शेष धनराशि रू0 2 लाख की वसूली राजस्व वसूली की भांति कराते हुए जिला प्रशासन की टीम ने बैंक से संबंधित देयता का निस्तारण कराया। साथ ही बैंक को तत्काल नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने एवं भूमि के मूल अभिलेख ज्योति को सुपुर्द करने के कड़े निर्देश दिए गए। निर्देशों का अनुपालन न करने की दशा में संबंधित शाखा पर तालाबंदी, संपत्ति कुर्की एवं अन्य कठोर विधिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी बैंक, वित्तीय संस्था या वसूली एजेंट द्वारा आमजन, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं असहाय परिवारों के साथ किसी प्रकार की अभद्रता, दबाव या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में जिला प्रशासन कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। जिला प्रशासन का यह एक्शन न केवल जनमानस के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशीलता एवं जवाबदेही को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि जनपद में किसी भी प्रकार के आर्थिक शोषण, अन्याय या मनमानी के विरुद्ध प्रशासन दृढ़तापूर्वक खड़ा है।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

कांग्रेस रैली में भाड़े की भीड़ बातकर, भाजपा ने एक बार फिर किया उत्तराखंड की देवतुल्य जनता का अपमान – गरिमा

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उत्तराखंड भाजपा द्वारा कांग्रेस के राजभवन कूच में शामिल हजारों लोगों को “भाड़े की भीड़” कहना केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता का अपमान है, इस पर उत्तराखंड कांग्रेस की नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है।
दसौनी ने कहा कि बीते रोज़ राजभवन कूच
में शामिल लोग कोई किराए के लोग नहीं थे
वे इस प्रदेश के मतदाता थे, जागरूक नागरिक थे, अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाली जनता थे।

गरिमा ने कहा भाजपा ये न भूले कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है।
जनता को “भाड़े का” कह देना भाजपा की मानसिकता और अहंकार को दर्शाता है।

जब भी जनता सवाल पूछती है,
भाजपा उसे बदनाम करने का प्रयास करती है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

सच्चाई यह है कि भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक आचरण पर विचार करना चाहिए।
दूसरे दलों में तोड़फोड़ कर भाड़े पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को शामिल कराना उनकी पुरानी रणनीति रही है
लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता विचार से जुड़ा होता है, किसी सौदे से नहीं।

उत्तराखंड की जनता स्वाभिमानी है।
वह अपमान को याद रखती है।

जनता का अपमान करने वाली सोच को लोकतंत्र में जवाब भी जनता ही देती है
और समय आने पर यह देवभूमि की जनता अपना निर्णय स्पष्ट रूप से सुनाएगी।

गरिमा मेहरा दसौनी

MDDA Action: अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, ऋषिकेश–डोईवाला में ध्वस्तीकरण और सीलिंग

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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऋषिकेश और डोईवाला क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति के की जा रही किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

डोईवाला क्षेत्र में कुडकावाला, निकट क्रेशर प्वाइंट पर विकास उनियाल तौसिप द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण किया गया। मौके पर पहुंची टीम ने अनधिकृत रूप से विकसित किए जा रहे प्लॉटों को ध्वस्त कर दिया और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाती कोहली, दीपक नौटियाल एवं सुपरवाइजर की टीम मौजूद रही।

वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में बनखंडी, लेन नंबर 05, पुराना बस स्टैंड के निकट उर्मिला देवी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिस पर टीम ने तत्काल प्रभाव से निर्माण स्थल को सील कर दिया। इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में विधिवत कार्रवाई संपन्न की गई। प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें और केवल अधिकृत परियोजनाओं में ही निवेश करें। अवैध प्लॉटिंग या निर्माण में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

*अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं- बंशीधर तिवारी*
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियोजन मानकों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कई मामलों में देखा गया है कि बिना स्वीकृति के प्लॉटिंग कर आमजन को गुमराह किया जाता है, जिससे बाद में उन्हें आर्थिक और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण न केवल निर्माण ध्वस्त करेगा, बल्कि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर नजर रखें। उपाध्यक्ष ने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संपत्ति में निवेश से पहले प्राधिकरण से उसकी वैधता की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

*भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र स्वीकृति लेना अनिवार्य- मोहन सिंह बर्निया*
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश और डोईवाला क्षेत्रों में की गई कार्रवाई एक चेतावनी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्राधिकरण की टीमें नियमित रूप से निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, तत्काल ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र स्वीकृति लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।

सीएम धामी हरिद्वार में चौपाल में सुनी जन समस्याएं: कहा सरकार फाइलों में नहीं, मैदान में करेगी काम 

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सीएम धामी ने हरिद्वार में “जन-जन की सरकार,  जन जन के द्वार ” के तहत आयोजित चौपाल में अधिकारियों को दिए निर्देश

सरकार मैदान में, जनता के बीच: ‘मुख्य सेवक’ ने दिखाई जवाबदेही की सख्त कार्यशैली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत आयोजित मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच बैठकर सीधे संवाद किया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अन्य विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव है, उनका निस्तारण मौके पर ही किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्य सेवक की चौपाल” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार जनहित के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सरकार जनता के साथ खड़ी है — हर समय, हर परिस्थिति में।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है। उन्होंने स्वयं को जनता से अलग नहीं, बल्कि उनका सेवक बताते हुए कहा कि जनता की संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्यसेवक की चौपाल” कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का एक जीवंत मंच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए आए हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है, ताकि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार का मूल मंत्र है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनहित सर्वोपरि रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी की आवाज दबाई नहीं जाएगी और कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी। सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत बीते डेढ़ माह में पूरे प्रदेश में लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं | उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सशक्त सेतु है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से योग्य युवाओं को अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए भी निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य के समग्र विकास में भागीदार बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान, कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों के समग्र सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू कर उत्तराखंड ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता, समानता एवं न्याय की भावना को सुदृढ़ करने वाला है। उन्होंने इसे राज्य की जनता के हित में लिया गया दूरदर्शी एवं साहसिक निर्णय बताया।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना के साथ कार्य कर रही है तथा प्रदेश के युवाओं, किसानों और आमजन के कल्याण हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगी।

हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधार अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है तथा कृषि को लाभकारी बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं |

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता के कारण योजनाएं बिना भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार किया गया है और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सुझाव ही सरकार के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। सरकार और जनता यदि साथ मिलकर कार्य करें तो विकास की कोई सीमा नहीं रहती। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के सहयोग और विश्वास से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को अवश्य सिद्ध किया जाएगा।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे |