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DM ने पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत लाभार्थी बच्चों से किया संवाद: बाल संरक्षण योजनाओं की की समीक्षा

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राजकीय शिशु सदन केदारपुरम, की दिवंगत संविदा कार्मिक की पुत्री को 25 हजार आर्थिक सहायता

 

नारी निकेतन में निवासरत् मानसिक दिव्यांग बच्चे, महिला, किशोरियों के उपचार में स्टॉफ केयरटेकर रखने हेतु जिला योजना से मौके पर बजट की स्वीकृति; नर्स स्टॉफ व्यवस्था करने को सीएमओ को निर्देश

*देहरादून ।* जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, देहरादून में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (डीसीडब्ल्यूपीसी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में बाल संरक्षण एवं कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न मानवीय एवं संवेदनशील पहलें की गईं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सभी संस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नारी निकेतन में निवासरत मानसिकरूप दिव्यांग बच्चे महिलाओं किशोरियों के उपचार हेतु मानसिक चिकित्सालय में आ रही स्टॉप की कमी पर जिलाधिकारी ने मानसिक चिकित्सालय को केयर टेकर पद हेतु मजदूरी मद में जिला योजना से स्वीकृति मौके पर ही प्रदान की गई तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को नर्स पद पर अपने स्तर से व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

*पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत लाभार्थी बच्चों से संवाद*

जिलाधिकारी सविन बसंल ने पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना के लाभार्थी बच्चों के साथ संवाद/वार्ता कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान बच्चों के साथ आए अभिभावकों से भी बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थी बच्चों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

*राजकीय शिशु सदन केदारपुरम, की दिवंगत संविदा कार्मिक की पुत्री को आर्थिक सहायता प्रदान*

जिलाधिकारी ने एक संवेदनशील पहल के अधीक्षिका, राजकीय शिशु सदन केदारपुरम, देहरादून में कार्यरत संविदा कार्मिक स्वर्गीय श्रीमती सुनिता सिंह के निधन के पश्चात उनकी पुत्री को शिक्षा एवं आर्थिक सहयोग हेतु धनराशि रू0 25,000 का चेक प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन सदैव जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा है और इस प्रकार की सहायता आगे भी प्राथमिकता के आधार पर दी जाती रहेगी।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद देहरादून में महिला कल्याण विभाग/किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अन्तर्गत कुल 19 राजकीय/स्वैच्छिक बालगृह संचालित है। उक्त बालगृहों में वर्तमान में कुल 275 बालक/बालिकाएं निवासरत है। राजकीय दिव्यांग बालिका गृह, आदर्श नगर जौलीग्रान्ट देहरादून व राजकीय खुला आश्रय गृह साधु राम इण्टर कॉलेज देहरादून का पंजीकरण कराया गया। जिलाधिकारी ने चाईल्ड हेल्पलाईन 1098 व बाल कल्याण समिति देहरादून के कार्यों की समीक्षा करते हुए जानकारी ली जिस पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अवगत कराया गया कि जनपद में विगत अक्टूबर 2023 से अतिथि तक कुल 2041 प्रकरण (विगत त्रैमास में 208 प्रकरण) तथा बाल कल्याण समिति देहरादून के समक्ष विगत त्रैमास में 221 प्रकरण प्राप्त हुए हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, अध्यक्ष/सदस्यबाल कल्याण समिति श्रीमती नमिता मंमगाई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी केकेअग्रवाल, जिला कमांडेंट होमगार्ड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, चाईल्ड हेल्प लाईन 1098, बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इन्टेन्सिव केयर सेन्टर, साधुराम इण्टर कॉलेज राजा रोड देहरादून, आसरा ट्रस्ट, खुला आश्रय गृह सरफिना ट्रस्ट, समर्पण सोसाईटी व समस्त बालगृहों के कार्मिक उपस्थित थे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

 

Action: ऋषिकेश में MDDA का सख्त एक्शन,  अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान

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सलान गांव से निर्मल बाग तक 10 से अधिक निर्माण सील, प्राधिकरण ने साफ किया-बिना नक्शा पास निर्माण बर्दाश्त नहीं

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत सलान गांव और निर्मल बाग इलाके में किए जा रहे अवैध बहुमंजिला भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल और एसडीएम ऋषिकेश के निर्देशों के बाद प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर एक के बाद एक निर्माणों को सील किया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।

*सलान गांव में पहली बड़ी कार्रवाई*
अभियान की शुरुआत सलान गांव भगवंतपुर से हुई, जहां करन गुप्ता द्वारा बिना अनुमति के बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है और इस पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

*निर्मल बाग बना कार्रवाई का केंद्र*
इसके बाद टीम ने निर्मल बाग ब्लॉक-बी लेन नंबर 10 में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। यहां एक ही इलाके में कई अवैध निर्माण चिन्हित किए गए थे। अजय चौहान, रवि गुप्ता, विजय रावत और प्रवीन रमन समेत कई लोगों द्वारा किए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों को सील किया गया। प्राधिकरण की टीम ने सगुन शर्मा, विजय नायर, अमन नायर, विवेक नायर और अजय नायर के निर्माणाधीन भवनों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार इन सभी निर्माणों में मानचित्र स्वीकृति और निर्माण मानकों का उल्लंघन पाया गया।

*प्रवर्तन टीम और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई*
पूरी कार्रवाई एमडीडीए की गठित प्रवर्तन टीम द्वारा की गई, जिसमें सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुरजीत सिंह, अवर अभियंता मनीष डिमरी, अमित भारद्वाज, प्रवेश नौटियाल, हर्षित मौठानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके अलावा सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और अवर अभियंता सचिन कुमार की निगरानी में सलान गांव की कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।

*अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस*
एमडीडीए का यह अभियान साफ संकेत देता है कि प्राधिकरण अब अवैध निर्माणों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है। तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच अनियोजित निर्माण न सिर्फ शहर की सूरत बिगाड़ते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना मानकों के बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहर की व्यवस्थित विकास योजना को लागू करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

*लगातार जारी रहेगा अभियान*
एमडीडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों में अवैध निर्माण की शिकायतें मिलेंगी, वहां तत्काल निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमति जरूर लें।

*शहर के विकास और सुरक्षा का सवाल*
देहरादून और ऋषिकेश जैसे शहर तेजी से विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में अनियंत्रित निर्माण न केवल ट्रैफिक, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ाते हैं, बल्कि आपदा के समय जोखिम भी कई गुना बढ़ा देते हैं। एमडीडीए का यह अभियान इसी चुनौती से निपटने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर प्रवर्तन टीम को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जो लोग बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला भवन बना रहे हैं, उनके खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जिन निर्माणों में मानकों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उन्हें चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ क्षेत्र में निगरानी कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

केन्द्रीय रेल मंत्री से मिले कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत एवं सांसद अनिल बलूनी:  GNTI मैदान का होगा कायाकल्प

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श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में बनेगा रेन बसेरा

दिल्ली में मुलाकात के दौरान गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी रहे मौजूद

दिल्ली/देहरादून, 29 अप्रैल 2026
सूबे के कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टचार मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी मौजूद थे। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने केन्द्रीय रेल मंत्री के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने श्रीनगर में ऐतिहासिक जीएनटीआई मैदान के पुनर्निर्माण, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में रेन बसेरा बनाने तथा रेल परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्या को रखा। साथ ही डाॅ. रावत ने केन्द्रीय मंत्री को चार धाम यात्रा पर आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।

कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान आज उन्होंने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के साथ केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण कार्यों एवं परियोजना का काम शीघ्र पूरा करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष कई अहम मुद्दों को रखा। डाॅ. रावत ने बताया कि रेल परियोजना की निर्माणाधीन टनल से श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग के ऊपर की ओर स्थित टीचर्स काॅलोनी में कई लोगों के निजी व व्यावसायिक भवन क्षतिग्रस्त हुई है, जिससे प्रभावित परिवार बेघर हो गये हैं साथ ही आर्थिक कठिनाईयों से भी जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी पौड़ी के स्तर पर गठित समिति की सर्वे व मूल्यांकन रिपोर्ट के तहत प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के लिये समय-समय पर रेल विकास निगम को कहा गया लेकिन अभी तक उन्हें मुआवजा की राशि नहीं दी गई। इसके अतिरिक्त काण्डई गांव के 9 परिवारों के पूर्णतः क्षतिग्रस्त भवनों का विषय भी केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखा गया। डाॅ. रावत ने सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा राशि देने का अग्रह केन्द्रीय मंत्री से किया। जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने शीघ्र प्रभावितों को मुआवजा देने की बात कही।
मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने रेलवे परियोजना से क्षतिग्रस्त जी.एन.टी.आई मैदान के सौन्दर्यीकरण एवं राजकीय मेडिकल काॅलेज श्रीनगर में तिमारदारों की सुविधा हेतु रेन बसेरा के निर्माण रेल विकास निगम की ओर से कराने का प्रस्ताव केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखा। जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया। इस अवसर पर डा. रावत ने केन्द्रीय रेल मंत्री को चार धाम यात्रा पर आने का भी आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा एंव सहकारिता मंत्री।

 

व्हाट्सएप ग्रुप का विवाद बना खूनी खेल: “जान से मार डालेंगे” की धमकी,   चाकू-लाठी से युवकों को किया लहूलुहान

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दून पुलिस ने मात्र 48 घंटे में 5 खूंखार अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
सहसपुर/देहरादून, — एक छोटा सा व्हाट्सएप विवाद इतना खतरनाक बन गया कि युवकों ने जान से मारने की नीयत से चाकू और लाठियों से हमला बोल दिया। शीतला नदी पुल पर हुई इस बर्बर घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। लेकिन दून पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत आग की तरह बरसते हुए मात्र दो दिनों में सभी पांचों दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया।
26 अप्रैल की शाम का वो भयानक वाकया…
मनीष कुमार अपने दोस्तों के साथ कार से विकासनगर से देहरादून लौट रहा था। लांघा रोड शीतला नदी पुल के पास अचानक मनजीत सिंह और उसके गुंडे साथियों ने कार रोक ली। फिर शुरू हुई जानलेवा मारपीट। लाठियां बरसीं, चाकू चला। राहुल के सिर के पीछे गहरा चाकू का वार, मनीष की जांघ फट गई, दीपक सिंह के पेट पर गंभीर चोटें। खून से लथपथ तीनों युवक वहीं गिर पड़े।
पीड़ित के भाई दीपक कुमार ने कोतवाली सहसपुर में तहरीर दी तो पुलिस हरकत में आ गई।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर कोतवाली सहसपुर की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों और गुप्त सूचनाओं के सहारे अभियुक्तों को ट्रैक किया। 28 अप्रैल को सहसपुर बाजार के पास सघन चेकिंग के दौरान सभी 5 अभियुक्तों को एक साथ दबोच लिया गया।
गिरफ्तार खूंखार युवक:
1. मनजीत सिंह (36 वर्ष) — हर्बटपुर, विकासनगर (मुख्य आरोपी)
2. पीयूष (19 वर्ष) — पातिलियो, पौंटा साहिब (HP)
3. विकास उर्फ विक्की (21 वर्ष) — अमरकोट, पौंटा साहिब (HP)
4. सूरज (19 वर्ष) — वाल्मिकी बस्ती, पौंटा साहिब (HP)
5. अर्जून सिंह (19 वर्ष) — गोमतीपुर ग्रांट, हरिद्वार
सूरज की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया।
खुलासा: दोस्ती कैसे बनी दुश्मनी?
पूछताछ में अभियुक्तों ने कबूल किया — सभी पहले एक ही व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य थे। पिछले महीने छोटी सी बात पर गाली-गलौज और धमकी भरे ऑडियो-वीडियो वायरल हो गए। ग्रुप दो गुटों में बंट गया। फिर 26 अप्रैल को मनीष की कार की सूचना मिलते ही बदला लेने का मौका हाथ आ गया और उन्होंने जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस का सख्त संदेश:
“व्हाट्सएप पर गाली-धमकी देना अब महंगा पड़ेगा। ऑपरेशन प्रहार के तहत ऐसे हर अपराधी को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।”
पीड़ितों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और अगर कोई और आरोपी बचा है तो उसे भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है।

 

Action: होमस्टे नहीं,  होटल बन गए अमीरों के ठिकाने, 17 अवैध होमस्टे का पंजीकरण रद्द, पर्यटन वेबसाइट से हटाए जाएंगे

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होटल रूप में शहरी धनाडय अमीरों के होमस्टे पर चला डीएम का डंडा, 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त; पर्यटन वेबसाइट से विलोपित की प्रक्रिया शुरू

जिला प्रशासन का ऑपरेशन सफाई; प्रथम चरण में 17 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरस्त; आगे और भी कार्रवाई गतिमान

होमस्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन व लाउड डीेजे; गैर कानूनी गतिविधि के अड्डे बन रहे होमस्टे

आमजन की जान का खतरा कतई बर्दाश्त नही; कानून से ऊपर कोई नहीं, कर्रवाई होगी कड़ीः डीएम

महज 07 दिनों में मजिस्टेªट की 05 टीमें बनाकर जिला प्रशासन ने निकाल बाहर किया अव्यवस्था का छिपा कारक

पंजीकरण होमस्टे के चल रहे होटल; बिना अग्निशमन उपकरण व फूड लाईसेंस के संचालन पर कार्रवाई

निर्धारित प्रक्रिया पालन किए बिना ठहरा रहे पर्यटक, उपद्रवी; लीज पर चल रहे होमस्टे

कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग; होमस्टे होटल में ठहर शहर में मचा रहे हुड़दंग, नशे की हालत में ओवर स्पीड, पिस्टल तमचों से कर रहे फायरिंग

देहरादून दिनांक 29 अप्रैल 2026 (सूवि) जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रथम चरण में 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी विलोपित किया जाएगा।
जिले में होटल रूप में शहरी धनाडय अमीरों के होमस्टे पर डीएम ने कार्रवाई का डंडा चला दिया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने प्रथम चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त करते हुए पर्यटन वेबसाइट से विलोपित की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सफाई शुरू करते हुए प्रथम चरण में 17 अवैध होमस्टे का पंजीकरण कर दिया है तथा आगे भी कार्रवाई गतिमान रहेगी। विगत कई माह से शहर में बढती आपराधिक घटना नशे एवं ओवर स्पीड में वाहन चलाना अदि घटनाएं बढी है। जिसका एक बडे़ कारण में से एक होमस्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन आदि निकल कर सामने आए है, जहां लाउड डीेजे नशे गैर कानूनी गतिविधि के अड्डे बन रहे होमस्टे में उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के ठहरने से आमजन की जान का खतरा बना हुआ है वहीं जिला प्रशासन इस हरकत को कतई बर्दाश्त न करते हुए सख्त प्रभावी एक्शन का मन बना चुका है। होमस्टे होटल में निर्धारित प्रक्रिया पालन किए बिना पर्यटक एवं उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहराए जा रहे है। होमस्टे भी लीज पर संचालित हो रहे है जो जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे है। उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा शहर में हुड़दंग मचाने तथा नशे की हालत में ओवर स्पीड, पिस्टल तमचों से फायरिंग की घटनाएं भी सामने आ रही है। जिलाधिकारी ने महज 07 दिनों में मजिस्टेªट की 05 टीमें बनाकर इस भारी अव्यवस्था के छिपे कारक को बाहर निकाल दिया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, किंतु निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया, जिससे अव्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सहसपुर एवं रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच हेतु क्षेत्रवार समितियों का गठन किया गया। समितियों द्वारा निरीक्षण उपरांत 17 होमस्टे ऐसे पाए गए जो उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई, जिसे स्वीकार करते हुए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई। अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई। होमस्टे का उपयोग बारात घर एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया तथा इकाइयों को लीज/किराये पर संचालित किया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराई गई। कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए। निरीक्षण के दौरान निरंजनपुर स्थित एक होमस्टे में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना नियमानुसार उपलब्ध नहीं कराई गई तथा अग्निशमन उपकरण की वैधता समाप्त पाई गई। बल्लूपुर क्षेत्र में पंजीकरण से अधिक कमरों का संचालन किया जाना पाया गया। कुछ होमस्टे में स्वामी के स्थान पर अन्य व्यक्तियों द्वारा व्यावसायिक रूप से संचालन किया जा रहा था। मसूरी क्षेत्र में एक होमस्टे का स्वामित्व विक्रय किया जाना तथा अन्य का नवीनीकरण न कराया जाना पाया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में संचालित सभी होमस्टे संचालक नियमावली का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। भविष्य में भी इस प्रकार की जांच अभियान जारी रहेगा तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

 

देहरादून में दिशा समिति की बैठक: सांसद ने दिए गुणवत्ता और समन्वय के निर्देश

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  • जल जीवन मिशन पर फोकस, गुणवत्ता से समझौता नहीं, शिकायतों का हो त्वरित समाधान,

*आंगनबाडी केंद्रों में पोषण आहार की गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें- सासंद*

*जाम और प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए सख्ती, नगर में अवैध खडे वाहनों पर होगी कार्रवाई*

*सांसद ने सराहा विभागों का कार्य, बेहतर समन्वय से योजनाएं पूर्ण करने के निर्देश।*

*देहरादून 29 अप्रैल, 2026(सू.वि.),*
मा० सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह ने राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्र पोषित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, डेयरी, खाद्य, उरेडा, नगर निगम और दूरसंचार विभागों की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।

सांसद ने जनपद में योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभागों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न योजनाओं के बीच कन्वर्जेंस कर जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर पोषण किट उपलब्ध कराने तथा स्कूल परिसरों में उपलब्ध भूमि पर आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराने पर जोर दिया।

दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सांसद ने आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पारंपरिक दाई कार्य जानने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण देने की भी आवश्यकता जताई, ताकि आपात स्थिति में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।

जल जीवन मिशन को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधूरे कार्यों को शीघ्र गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि इस योजना की समयसीमा अब दिसंबर 2028 तक बढ़ाई गई है।

सांसद ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को बैंकों से सरल शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित करने तथा नेटवर्क व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खाद्यान्न एवं गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

नगर क्षेत्र की समस्याओं पर उन्होंने सड़कों एवं पुलों पर अनावश्यक खड़े वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या से निजात मिल सके।

बैठक में जल जीवन मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, पीएम पोषण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्मार्ट सिटी, दूरसंचार, पीएम स्वरोजगार, बाल विकास, सामाजिक सहायता, पीएम कृषि सिंचाई योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों एवं समिति सदस्यों ने भी विकास कार्यों से संबंधित समस्याएं उठाईं।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत 409 में से 401 ग्राम पंचायतों की जीपीडीपी तैयार हो चुकी है, जबकि परिसीमन के बाद 8 नई ग्राम पंचायतों में कार्य प्रगति पर है। पीएम कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 780 में से 724 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 52 कार्य प्रगति पर हैं। नमामि गंगे के तहत ऋषिकेश के सपेरा बस्ती और लक्कड़घाट में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण योजनाओं के तहत 374 बच्चों को सुरक्षा प्रदान की गई है, जबकि टेक-होम राशन एवं कुक्ड फूड योजना के माध्यम से 87,323 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। जनपद में 150 आंगनबाड़ी भवनों का आधुनिकीकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 1,29,450 लक्ष्यों के सापेक्ष 1,29,449 घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में लोकसभा सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ), विधायक कैंट सरिता कपूर, मेयर नगर निमग ऋषिकेश शंभू पासवान, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, ब्लाक प्रमुख डोईवाला गौरव सिंह, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, दिशा समिति के सदस्य रविन्द्र सिंह कटारिया, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल एवं अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी,
देहरादून।

 

उत्तराखंड वन विकास निगम का राज्य जयंती समारोह:  डिजिटल नवाचार एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों का गौरवशाली उत्सव

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ: वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि रहे उपस्थित

डिजिटल प्लेटफॉर्म “Himkaashth” का शुभारंभ: महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन एवं निगम की उपलब्धियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन

देहरादून, दिनांक: 29 अप्रैल 2026

उत्तराखंड वन विकास निगम के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज माननीय मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में राज्य जयंती समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर माननीय वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सांसद (राज्यसभा) श्री नवीन बंसल, विधायक कैंट श्रीमती सविता कपूर, विधायक लालकुआँ श्री मोहन बिष्ट, विधायक कपकोट श्री सुरेश गढ़िया तथा विधायक रानीखेत श्री प्रमोद नैनवाल भी उपस्थित रहे।

इसके उपरांत समारोह में अपर मुख्य सचिव (वन) श्री आर. के. सुधांशु तथा उत्तराखंड वन विकास निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती नीना ग्रेवाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) उत्तराखंड श्री रंजन मिश्रा, प्रमुख वन संरक्षक श्री कपिल लाल, वन सचिव श्री सी. रविशंकर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

इस अवसर पर निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं विभिन्न उच्च पदों से सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी सहभागिता की। साथ ही निगम के स्टेकहोल्डर्स, क्रेता (Buyers) तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी एवं कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान निगम द्वारा प्रकाशित महत्वपूर्ण पुस्तकों, “उपवनिज खनन वन भूमि हस्तांतरण मार्गदर्शिका” एवं “उत्तराखंड वन विकास निगम हस्तपुस्तिका”, का विमोचन किया गया। साथ ही निगम की उपलब्धियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म “Himkaashth” का शुभारंभ किया गया, जिससे ई-ऑक्शन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुलभ एवं प्रभावी बनाया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम ने विगत 25 वर्षों में राज्य के वन संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने निगम द्वारा अपनाई गई डिजिटल तकनीकों एवं पारदर्शी नीलामी प्रणाली की सराहना करते हुए इसे एक आदर्श मॉडल बताया।

माननीय मुख्यमंत्री जी ने सरखानु क्षेत्र में मधुमक्खी पालन (मधुपालन) एवं शहद उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया तथा कुमाऊँ क्षेत्र में उत्तराखंड वन विकास निगम के कार्यालय भवन की स्थापना की घोषणा की।

माननीय वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि निगम ने वन प्रबंधन, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं तथा भविष्य में कृषि वानिकी एवं इको-टूरिज्म को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव (वन) श्री आर. के. सुधांशु ने निगम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक एवं पारदर्शी व्यवस्थाओं के माध्यम से निगम ने सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

प्रबंध निदेशक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार निगम ने विगत 25 वर्षों में निरंतर प्रगति करते हुए एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर संस्था के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। लॉगिंग कार्यों में जहाँ प्रारंभिक वर्षों में औसतन 1–1.25 लाख घनमीटर उत्पादन होता था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर लगभग 2.5 लाख घनमीटर प्रतिवर्ष तक पहुँच गया है। पिछले तीन वर्षों में लॉगिंग उत्पादन क्रमशः 2.649 लाख घनमीटर (2023-24), 2.457 लाख घनमीटर (2024-25) एवं 1.98 लाख घनमीटर (2025-26) रहा है।

खनन कार्यों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2001 में जहाँ खनन की मात्रा 24.74 लाख घनमीटर थी, वहीं वर्ष 2026 में यह बढ़कर लगभग 84 लाख घनमीटर हो गई है।
निगम द्वारा राजस्व अर्जन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले तीन वर्षों में निगम का लाभ क्रमशः ₹112 करोड़ (2022-23), ₹163 करोड़ (2023-24) एवं ₹167 करोड़ (2024-25) रहा है। वर्ष 2024-25 में लकड़ी (प्रकाष्ठ) से लगभग ₹627 करोड़ तथा खनन से ₹158 करोड़ का व्यवसाय किया गया। निगम द्वारा ई-ऑक्शन प्रणाली, UVMS तथा KMS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यों को पूर्णतः पारदर्शी एवं दक्ष बनाया गया है।

“Himkaashth” प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के क्रेता ऑनलाइन नीलामी में भाग लेकर लकड़ी क्रय कर सकते हैं।
निगम द्वारा कृषि वानिकी, जड़ी-बूटी एवं वन उत्पादों के विपणन, इको-टूरिज्म तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन के माध्यम से राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

 

फिर बदलेगा मौसम का मिजाज:  48 घंटे में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

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देहरादून समेत पहाड़ी जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, प्रशासन सतर्क

*देहरादून ।
प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के भीतर राज्य के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

मौसम विभाग ने विशेष रूप से देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जनपदों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान ओलावृष्टि और तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

अचानक बदलते मौसम को देखते हुए किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। साथ ही वाहन चालकों को बारिश और तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम निदेशक सी.एस. तोमर ने बताया कि आगामी 24 से 48 घंटों में प्रदेशभर में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार 5 मई तक कुछ जनपदों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

जिला सूचना अधिकारी,
देहरादून।

 

SGRRU जेनिथ -2026: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में सजी सुरों की शाम, विशाल मिश्रा के गीतों पर झूमे युवा

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विशाल मिश्रा ने श्री दरबार साहिब में श्री महाराज जी से लिया आशीर्वाद

विशाल मिश्रा के गीतों पर झूमे युवा, आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि

‘जेनिथ 2026’ में रोमांटिक गीतों और लव सॉन्ग्स ने युवाओं को बनाया दिवाना

हाईवोल्टेज साउंड और दूधिया रोशनी के बीच युवाओं ने उठाया जमकर लुत्फ

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में मंगलवार को आयोजित ‘जेनिथ 2026’ का अंतिम दिन पूरी तरह संगीत और रोमांटिक गीतों की प्रस्तुतियों के नाम रहा, जहां प्रसिद्ध बालीवुड गायक मिशाल मिश्रा कॉन्सर्ट ने माहौल को यादगार बना दिया. विशाल मिश्रा ने कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व श्री दरबार साहिब में माथा टेका और श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन पूजनीय श्री महंत देवेन्द्र दास जी महाराज से आशीर्वाद लिया. श्री दरबार साहिब की परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया गया


कार्यक्रम के दौरान भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई, जिससे आयोजन में भावनात्मक रंग भी जुड़ गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि आशा भोसले जैसी महान विभूतियों ने अपने सुरों से देश की आत्मा को स्वर दिया है, उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।”
मंगलवार को पथरी बाग स्थित एसजीआरआर विश्वविद्यालय के हेलीपैड ग्राउंड पर हाई वोल्टेज साउंड और शानदार लाइटिंग के बीच विशाल मिश्रा के सुप्रसिद्ध बॉलीवुड गीतों की गूंज ने हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। दो दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव के अंतिम दिन लव सॉन्ग्स की खास धूम रही, जिसने खासकर युवा वर्ग में जबरदस्त उत्साह भर दिया। हज़ारों की संख्या में उपस्थित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विशाल मिश्रा कॉन्सर्ट का भरपूर लुत्फ उठाया।
बालीवुड गायक विशाल मिश्रा के सुरों से सजी स्टार नाइट में रोमांस का ऐसा जादू छाया कि पूरा माहौल रोमांटिक हो उठा। अपनी भावपूर्ण आवाज और दिल को छू लेने वाली प्रस्तुति के लिए मशहूर विशाल मिश्रा ने स्टेज पर एक के बाद एक कई शानदार परफॉर्मेंस देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “पहले भी मैं”, “कैसे हुआ”, “जानिये”, “तेरी हो गईयां”, “दिल झूम”, “जिआल ए मिस्किन”, “चल तेरे इश्क में”, “मांझा” और “क्या बताऊं तुझे” जैसे सुपरहिट लव सॉन्ग्स की प्रस्तुति ने खासतौर पर युवाओं और कपल्स के दिलों में अलग ही उत्साह भर दिया। जेनजी जनरेशन की भावनाओं, उनके प्यार के अंदाज और आधुनिक रिश्तों की नजाकत को बखूबी दर्शाते हुए विशाल मिश्रा ने अपनी गायकी से हर दिल को जोड़ दिया। उनकी हर प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे और मोबाइल फ्लैशलाइट्स के बीच बना रोमांटिक माहौल देर रात तक यादगार बना रहा।
इस अवसर पर एसजीआरआरयू के कुलपति डॉ के प्रतापन, कुलसचिव डॉ लोकेश गम्भीर, जैनिथ आयोजन समिति के सभी कमेटियों के पदाधिकारी सहित सभी संकायों के संकायाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ एवम् हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने
आशा ताई को सुरों से दी श्रद्धांजलि
आशा भोसले को समर्पित भावपूर्ण श्रद्धांजलि ने श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय हैलीपैड ग्रांउड के माहौल को गहराई से भावुक कर दिया। कार्यक्रम के दूसरे दिन भी स्टेज स्क्रीन पर उनके अमर गीतों की प्रस्तुति के साथ जैसे ही उनकी सुरीली आवाज गूंजी, पूरा ग्राउंड यादों में डूब गया। दर्शकों ने खामोशी और तालियों के बीच इस महान गायिका को नमन किया, जिनकी आवाज ने दशकों तक प्रेम, विरह और जीवन के हर रंग को स्वर दिया। ‘आशा ताई’ के गीतों ने एक बार फिर यह एहसास कराया कि सच्चा संगीत समय से परे होता है और दिलों में हमेशा जीवित रहता है।

 

अवैध निर्माणों पर MDDA ने कसा शिकंजा: सेक्टरवार टीमें सक्रिय, ध्वस्तीकरण व सीलिंग की कार्रवाई जारी

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मेहुवाला माफी में 15 से 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, जाखन और कुठाल गेट क्षेत्र में सीलिंग की कार्रवाई

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ व्यापक अभियान लगातार जारी है। प्राधिकरण ने सेक्टरवार टीमों का गठन कर प्रत्येक दिन निरीक्षण और कार्रवाई सुनिश्चित की है, जिससे शहर के नियोजित विकास को गति मिल सके और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। एमडीडीए के अधिकारियों के निर्देशों के तहत मेहुवाला माफी, राजपुर, जाखन तथा कुठाल गेट डोईवाला क्षेत्रों में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की गई, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।

*जाखन और कुठाल गेट क्षेत्र में सीलिंग की कार्रवाई*
प्राधिकरण द्वारा जाखन जोहड़ी रोड के निकट एसबीआई के पास मनीष कौशल द्वारा निर्मित अवैध बहुमंजिला भवन को सील किया गया। इसके अतिरिक्त, कुठाल गेट क्षेत्र में भी दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। दिलशाद हुसैन द्वारा बेस्ट ग्रीन वैली, मसूरी रोड के निकट किए गए अवैध निर्माण को सील किया गया। वहीं, कुलदीप सलूजा द्वारा कुठाल गेट के समीप किए गए दो अवैध निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन सभी कार्रवाइयों को सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता सचिन कुमार एवं सुपरवाइजर की मौजूदगी में विधिवत अंजाम दिया गया।

*मेहुवाला माफी में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर*
एमडीडीए ने मेहुवाला माफी क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृत मानचित्र के की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। यह प्लॉटिंग सुरेश कुमार एवं अन्य द्वारा दुर्गा विहार कॉलोनी के निकट विकसित की जा रही थी। इस कार्रवाई को सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में अंजाम दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग में संलिप्त लोगों में स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

*अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति- बंशीधर तिवारी*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के संतुलित और सुव्यवस्थित विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही किए जाएं। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा सेक्टरवार टीमों का गठन कर नियमित निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की संरचना को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें और नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।

*अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की सूचना प्राधिकरण को दें- मोहन सिंह बर्निया*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों से सम्बन्धित गतिविधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है और प्रकरणों पर नियमानुसार तत्काल प्रभाव से सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहर का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए आम नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अवैध प्लॉटिंग या निर्माण में शामिल न हों और गतिविधि की सूचना प्राधिकरण को दें।