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प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा ग्रहण किया गया SSP देहरादून का पदभार:  लॉ एंड ऑर्डर और यातायात सुधार पर रहेगा जोर 

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महिला सुरक्षा, लॉ एण्ड आर्डर तथा यातायात सुधार की दिशा में और अधिक ठोस प्रयासों को बताया अपनी प्रार्थमिकता

पुलिसकर्मियों के मनोबल को ऊंचा रखते हुए कार्यक्षमता को बढाने पर रहेगा फोकस

सामजिक सौहार्द बिगाडने का प्रयास करने वालों के विरूद्ध जीरो टालरेंस का दिया संदेश, होगी सख्त वैधानिक कार्यवाही

देहरादून: आज प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून का कार्यभार ग्रहण किया गया। कार्यभार ग्रहण करने के उपरान्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अपनी प्रार्थमिकताओं के सम्बन्ध में अवगत कराया। महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था की स्थिती को और अधिक बेहतर करना तथा यातायात सुधार की दिशा में और अधिक महत्वपूर्ण कार्य किये जाने को अपनी प्रार्थमिकता बताते हुए महोदय द्वारा अवगत कराया कि इस दिशा में और अधिक ठोस प्रयास किये जायेंगे, साथ ही पुलिस बल के मनोबल को ऊंचा रखते हुए उनकी कार्यक्षमता को बढाने की दिशा में प्रयास किये जायेेगे। इस दौरान महोदय द्वारा सामप्रदायिक सौहार्द तथा धार्मिक सामंजस्य को बिगाडने का प्रयास करने वालो को स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे अराजक तत्वों के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

सनसनी: राजधानी में एक बार फिर गोलीकांड से फैली दहशत, झारखंड के गैंगेस्टर का सरेआम कत्ल

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सिल्वर सिटी मॉल में हिस्ट्रीशीटर विक्रम को मारी गोली

 

देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ रही अपराधीक घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 48 घण्टे के अंदर दून में हत्या की दूसरी खौफनाक वारदात घटित हुई है। आज सुबह लगभग सवा दस बजे
बदमाशों ने व्यस्तम राजपुर रोड पर स्थित सिल्वर सिटी माल में जिम से निकल रहे हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की हत्या कर दी गयी।

सिल्वर सिटी मॉल की सीढ़ियों में हत्यारों ने विक्रम शर्मा को मौत के घाट उतारा और भाग गए। दो बदमाश भागते हुए सीसीटीवी की कैद हुए हैं। घटनास्थल से एसएसपी आवास की दूरी कुछ सौ मीटर ही है।
विक्रम शर्मा झारखंड का एक गैंगेस्टर था। उस पर हत्या के 20 मामले सहित कुल 50 मुकदमे दर्ज थे।

विक्रम शर्मा देहरादून में प्रॉपर्टी का काम‌ करता था। 2017 में विक्रम‌ शर्मा को देहरादून से गिरफ्तार किया था। 2021 में जमानत पर रिहा होने के बाद दून में प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू किया। विक्रम पर झारखंड में कई मुकदमे दर्ज हैं। दून पुलिस ने झारखंड पुलिस से भी सम्पर्क साधा है।

 

विक्रम की हत्या ने दून की कानून व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। ऋषिकेश,विकासनगर,पलटन बाजार,तिब्बती मार्केट और अब सिल्वर सिटी मॉल में सुबह के समय बदमाशों ने गैंगेस्टर विक्रम शर्मा को मार दिया।

लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग डॉ हरक सिंह रावत के अथक प्रयासों का परिणाम” – गोदियाल

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लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट से मिली स्वीकृति पर उत्तराखंड कांग्रेस ने स्वागत किया है, लेकिन इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा श्रेय लेने की कोशिशों को सिरे से खारिज किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट कहा कि लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग के लिए वास्तविक और ठोस प्रयास पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत द्वारा किए गए थे। उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर निरंतर पैरवी की, संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया और इस मार्ग को जनहित का विषय बनाकर आगे बढ़ाया।

गोदियाल ने कहा कि जब से कोटद्वार की विधायक ऋतु खंडूरी बनी हैं, तब से यह मामला और अधिक विवादों तथा पेचीदगियों में उलझा। भाजपा सरकार की नीतिगत असमंजस और कमजोर पैरवी के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मिली स्वीकृति स्थानीय जनता के संघर्ष और डॉ. हरक सिंह रावत के सतत प्रयासों का परिणाम है। भाजपा आज राजनीतिक लाभ लेने के लिए श्रेय की राजनीति कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि यदि समय रहते गंभीर पैरवी होती तो यह मार्ग वर्षों पहले बन चुका होता।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विकास कार्यों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन भाजपा का इतिहास रहा है कि वह तैयार योजनाओं पर फीता काटकर श्रेय लेने का प्रयास करती है।

कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करती है कि लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग जनता की मांग और संघर्ष का परिणाम है — न कि भाजपा सरकार की कोई नई उपलब्धि।

गरिमा मेहरा दसौनी
उत्तराखंड कांग्रेस

सीएम धामी ने उत्तराखंड की ख्यातिप्राप्त बॉडी बिल्डर प्रतिभा थपलियाल को किया सम्मानित

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प्रतिभा थपलियाल बॉडीबिल्डिंग क्षेत्र में महिला विश्व चैंपियनशिप एवं एशिया चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली महिला बॉडीबिल्डर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की बेटी एवं अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल को बॉडीबिल्डिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं गमला भेंट कर सम्मान प्रदान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभा थपलियाल की उपलब्धियों को उत्तराखंड की मातृशक्ति के गौरव तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की सफलता से प्रदेश, विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली बेटियों को खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। मातृशक्ति अब खेलों के साथ-साथ अन्य विविध क्षेत्रों में भी अपने कैरियर की संभावनाएं तलाश रही हैं, जो प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि मातृप्रधान रही है तथा पहाड़ की महिलाएं कृषि, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की धुरी रही हैं। समय-समय पर उत्तराखंड की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा, खेल और सुशासन के क्षेत्र में देश-दुनिया का मार्गदर्शन किया है। हमें अपनी मातृशक्ति पर गर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी प्रतिभाशाली महिलाएं जो विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर रही हैं, उन्हें राजकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि वे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकें।

 

बड़ी खबर: बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: 20 आईपीएस/पीपीएस अधिकारियों के तबादले

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परमेंद्र डोबाल बने देहरादून के नए SSP

देहरादून, उधम सिंह नगर पुलिस कप्तान व कोटद्वार एएसपी कोटद्वार पर कानून व्यवस्था बिगड़ने पर किया स्थानांतरित।  उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: 20 आईपीएस/पीपीएस अधिकारियों के तबादले।

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने देहरादून , उधम सिंह नगर व कोटद्वार सहित विभिन्न जिलों में सरकार की फजीहत करने वाली कानून व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) एवं प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं।
जारी सूची के अनुसार कई जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। कुछ अधिकारियों को जनपदों से मुख्यालय एवं विशेष शाखाओं में स्थानांतरित किया गया है, जबकि कुछ को महत्वपूर्ण जनपदों की कमान सौंपी गई है।सूची में शामिल प्रमुख बदलावों में हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंहनगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, रुद्रप्रयाग पौड़ी के कोटद्वार सहित अन्य जनपदों के पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

Sports Activity: उत्तरांचल विश्वविद्यालय में अंतर विश्वविद्यालय वाॅलीबाॅल टूर्नामेंट का शुभारम्भ

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अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाड़ी ललित कुमार ने किया उद्घाटन

देहरादून 13 फरवरी। उत्तरांचल विश्वविद्यालय में आज दो दिवसीयअंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी ललित कुमार उद्घाटन समारोह सुशीला देवी मेमोरियल अंतर विश्वविद्यालय वाॅलीबाॅल टूर्नामेंट का शुभारम्भ हआ। भारत की वाॅलीबाॅल टीम का नेतृत्व कर चुके और लम्बे समय तक उसका अंग रहे ख्यातिप्राप्त अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी ललित कुमार उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे। इस टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए विभिन्न प्रदेशों के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की पुरूष व महिला वर्ग की टीमें पहुँची।


विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जोशी जी ने पुष्पगुच्छ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व कप्तान की गरीमामयी उपस्थिति ने खिलाड़ियों के उत्साह में अभूतपूर्व इजाफा किया। उन्होंने इस प्रतियोगिता में भागीदारी करने वाली टीमों का गर्मजोशी से उत्साहवर्धन किया।
श्रखंलाबद्ध अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके ललित कुमार ने अपने सम्बोधन में खिलाड़ियों को वाॅलीबाॅल के गुर बताये उन्होंने कहा कि खेल में सफलता के लिए उच्चस्तरीय फिटनेस की जरूरत होती है। खिलाड़ी का सर्वाधिक प्रिय स्थान खेल का मैदान होता है। जीत हार से ज्यादा स्वच्छ प्रतिस्पर्धा एवं खेल भावना महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि हमेशा पर्याप्त वार्मिंगअप के बाद ही मैदान में उतरे और खेल के साथ-साथ अपने शरीर का भी ध्यान रखें।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो0 राजेश बहुगुणा, विश्वविद्यालय स्पोटर्स कमेटी के हेड प्रो0 शरद पाण्डेय, खेल प्रशिक्षक शिवा मलिक, डा0 निकुंज यादव, डा0 प्रियांश कौशिक, अजय सिंह रावत, सुनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

सरकार जनता के द्वारः न्याय पंचायत दसऊ में CDO ने सुनी जन समस्याएं, 735 से अधिक लाभार्थियों को मिला लाभ

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सरकार जनता के द्वारः न्याय पंचायत दसऊ में सीडीओ ने सुनी जन समस्याएं, 735 से अधिक लाभार्थियों को मिला लाभ
निस्तारण की मिसालः शिविर में प्राप्त 45 शिकायतों में से अधिकांश मौके पर समाधान

दसऊ बहुउद्देशीय शिविरः 735 से अधिक लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

*शिविर में बड़ी सौगातः किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर 03 पावर वीडर, 01 ब्रसकटर व 01 चेक कटर वितरण*

*त्वरित सेवा, 08 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 07 आयुष्मान व 18 आधार कार्ड मौके पर अद्यतन,*

*नशामुक्त भारत का संकल्प: सीडीओ ने शिविर में मादक पदार्थों से दूर रहने की दिलाई गई शपथ*

*क्वानू बस दुर्घटना में साहसिक बचाव कार्य करने वाले 14 फर्स्ट रिस्पॉन्डर सम्मानित, राज्य सरकार से पुरस्कार की संस्तुति*

*मुख्यमंत्री का संकल्पः प्रदेश के दूरस्थ गांवों की प्रत्येक समस्या का मौके पर समाधान*

*देहरादून। ” जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को विकासखंड चकराता के दूरस्थ न्याय पंचायत दसऊ में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के माध्यम से 735 से अधिक लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया। शिविर में नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सभी उपस्थितजनों को मादक पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।

शिविर में कृषि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान पर किसान जगतराम शर्मा, हरपाल सिंह तथा कपिल लाल को पावर वीडर, किसान गजेन्द्र नौटियाल को ब्रश कटर तथा किसान जयपाल सिंह को चेक कटर मशीन वितरित की गई।

बाल विकास विभाग द्वारा 03 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 लाभार्थियों को किशोरी किट प्रदान की गई।

शिविर के दौरान 18 व्यक्तियों के आधार कार्ड का अद्यतन किया गया तथा 08 दिव्यांग प्रमाण-पत्र भी मौके पर ही निर्गत किए गए। इन सभी दिव्यांगजनों को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से पेंशन भी स्वीकृत की गई।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने विगत दिनों ग्राम क्वानू में हिमाचल परिवहन की बस दुर्घटना में 28 घायलों को बचाने में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 14 स्थानीय लोगों को परिवहन विभाग की राहगीर योजना के अंतर्गत प्रशस्ति-पत्र, प्रतीक-चिह्न एवं हेलमेट प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही, राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक को पाँच-पाँच हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किए जाने की संस्तुति भी की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।

शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से प्राप्त 45 समस्याओं में से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया तथा शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान हेतु संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। शिविर में सडक, पेयजल और सिंचाई की समस्याएं सबसे अधिक रही।

क्षेत्रवासियों ने दसऊ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण, आयुर्वेदिक चिकित्सालय क्वानू में चिकित्सक एवं एम्बुलेंस की तैनाती, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गबेला में अंग्रेज़ी अध्यापक की नियुक्ति, दसऊ में क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत, बुरायला–जगथान में क्षतिग्रस्त गूल (सिंचाई नहर) के सुधार, मतारछानी डाडूवा में पेड़ों के बीच से गुजर रही विद्युत लाइन को स्थानांतरित करने तथा गौना में आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की मांग रखी। इस पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, जगथान–बुरायला मोटर मार्ग के लिए अधिग्रहित कृषि भूमि का पाँच वर्षों से मुआवजा न मिलने, दसऊ मुख्य मार्ग से मातखंड तक सड़क के डामरीकरण, थारनाथार से जगनाथ–बुरायला मोटर मार्ग पर चुराणी डांडा में क्षतिग्रस्त दीवार के कारण खेतों को हो रहे नुकसान तथा सहिया–क्वानू मोटर मार्ग के किलोमीटर 28 पर पुस्ता क्षतिग्रस्त होने से खेतों, मार्ग और छानियों में हो रहे कटाव संबंधी शिकायतें भी दर्ज कराई गईं। इस पर उपजिलाधिकारी को जांच कर सभी शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस दौरान ग्रामीणों की सभी समस्याओ को सुनते हुए मौके पर समाधान किया गया।

बहुउद्देशीय शिविर में कुल 735 से अधिक लोगों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 231, होम्योपैथिक विभाग द्वारा 61 तथा आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 42 लोगों की स्वास्थ्य जाँच कर निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं। पशु चिकित्सा विभाग ने 45 पशुपालकों को पशु औषधियाँ उपलब्ध कराईं। राजस्व विभाग द्वारा आय, हैसियत, चरित्र प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री किसान योजना से संबंधित कुल 49 प्रमाण पत्र जारी किए गए। कृषि विभाग द्वारा 53 तथा उद्यान विभाग द्वारा 12 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 20 पात्र लाभार्थियों को वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन स्वीकृत की गई। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 21 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त पंचायतीराज 22, एनआरएलएम के अंतर्गत 14, विद्युत व उरेडा विभाग के 11 तथा डेयरी 08, सहकारिता 08, श्रम विभाग द्वारा 24, पीएनबी यजीबी 06, ग्राम्य विकास 21 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट डा.हर्षिता सिंह, मुख्य चिकत्सा अधिकारी डा एमके शर्मा, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, तहसीलदार प्रदीप नेगी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, खंड विकास अधिकारी राकेश बिष्ट, अन्य विभागीय अधिकारी सहित ग्राम प्रधान शूरवीर सिंह चौहान, मातवर सिंह तोमर, सूर्य प्रताप सिंह चौहान, पदम सिंह चौहान, यादवीर सिंह चौहान, टीकम सिंह, जगत राम, बलबीर सिंह चौहान, मातवार सिंह एवं बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

DM सविन के प्रयासों से: 34 बेटियों की बाधित शिक्षा जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से हुई पुनर्जीवित

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माता-पिता पैरालाईज्ड; कैंसर पीड़ित, पिता के साये से महरूम 34 बेंटियों की बाधित शिक्षा डीएम ने फिर से की पुनर्जीवित

स्कूल से निकालाः 15-15 दिन स्कूल से बाहर खड़े रखना, परीक्षा देने से रोकना जैसे शोचनीय बर्ताव झेल रही 34 नंदा-सुंनदा देवियों की जिला प्रशासन ने भरी फीस

बिन पिता की बेटी; अलाईका रावत, आकृति बडोनी, तनिका, लावण्या, दिव्या, नंदनी, ईशिका शिक्षारूपी पंख से अब पूरे कर सकेंगी अपने सपनो की उड़ान

पैरालाईज्ड पिता की बेटी शिवांगी की उच्च शिक्षा हुई बाधित; जिला प्रशासन ने अभिभावक बन संभाली जिम्मेदारी

कैंसर पीड़ित पिता की बेटी सृष्टि की बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा पुनर्जीवित

जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित कर योग्य बनाना ही ‘‘नंदा-सुनंदा देवियों की असली वंदना

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुंनदा’’ से अब तक 62 लाख से 126 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित

देहरादून दिनांक 13 फरवरी 2026, (सूवि), कलेक्टेªट परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वां संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल ने बाालिकाओं को चैक वितरित किये। 34 बालिकाओं की शिक्षा 9 लाख धनराशि से पुनर्जीवित की गई। अब तक लगभग 62 लाख से अधिक धनराशि से 126 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने कहा कि सभी बालिकाएं नंदा-सुनंदा देवियों के समान है हमने नंदा-सुनंदा देवियों को नही देखा। बालिकारूपी इन देवियों की शिक्षा पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही असली ‘‘नंदा-सुनंदा’’ की स्तुति करना है। उन्होंने बालिकाओं से कहा की अपनी शिक्षा की ललक जीवित रखें। जिलाधिकारी ने बालिकाओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बालिकाएं अपने जीवन में महापुरूषों की बायोग्राफी पढे छात्र जीवन के लिए इससे अधिक आईडल और कुछ नही है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि आप सफल होकर अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बनें।
इस अवसर पर बालिकाओं के परिजनों ने मा0 मुख्यमंत्री एवं जिलाप्रशासन का उनकी खराब आर्थिक स्थिति में बच्चों की शिक्षा पुनर्जीवित रखने के लिए आभार व्यक्त किया। शदब की माता मन्नो ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि स्कूल वालों ने फीस न भरने के कारण होनहार बालिकाओं को 15-15 दिन स्कूल नही आने दिया, परीक्षा से भी वंचित रखने की चेतावनी दी ऐसे में बालिका के भविष्य की चिंता सता रही थी ऐसे में जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिका की शिक्षा पुनर्जीवित हुई। जिया की माता ने कहा कि फीस न भर पाने के कारण बेटी की शिक्षा बीच में ही रोकनी पड़ी पारिवारिक आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिला प्रशासन ने बेटी की शिक्षा जारी रखने में मदद की इसके लिए मा0 मुख्यमंत्री जी एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं खुशी कौर की माता ने कहा कि वह घरों में काम कर बच्चों को शिक्षित कराने में समस्या हो रही थी जिस कारण बच्चों की पढाई छूट रही थी उन्होंने जिला प्रशासन का सहायता हेतु आभार व्यक्त किया। कु0 सृष्टि जिनके पिता कैंसर पीड़ित हैं की बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा पारिवारिक खराब आर्थिक स्थिति के कारण बधित हो रही थी जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से शिक्षा को पुनर्जीवित कर दिया है। खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे बिन पिता की बेटी अलाईना रावत बीएससी नर्सिंगं की शिक्षा पुनर्जीवित, आकृति बडोनी बी-कॉम की शिक्षा जिनके पिता की मृत्यु 2023 में हो गई थी। कु0 तनिका कक्षा 10वीं पिता की मृत्यु होने उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी। कु0 लावण्या पिता की मृत्यु उपरान्त 9वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु के उपरान्त दिव्या की 6वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरांत नंदनी की यूकेजी की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरान्त ईशिका कक्षा 3 की शिक्षा बाधित हो गई थी। इसी प्रकार कु0 शिवांगी जिनके माता निजी चिकित्सालय में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत है की आर्थिक स्थिति खराब है बीएजे एंड एमसी डिजिटल द्वितीय सैमस्टर की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। यूकेजी की शिक्षा ग्रहण कर रही मानवी की पारिवारिक आर्थिक स्थिति खराब है। इन सभी 34 बालिकाओं की शिक्षा नंदा-सुनंदा योजना से पुनर्जीवित की गई।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

धामी विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में MDDA का बड़ा कदम:  किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना प्राथमिकता

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सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने किया आमवाला तरला आवासीय योजना का निरीक्षण, ईडब्ल्यूएस भवनों का किया निरीक्षण, लाभार्थियों से किया सीधा संवाद*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को साकार करने के लिए राज्य सरकार सुनियोजित, किफायती और नागरिक-अनुकूल आवासीय विकास को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में आज आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्राधिकरण की आमवाला तरला आवासीय योजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं।

*ईडब्ल्यूएस भवनों का निरीक्षण, लाभार्थियों से सीधा संवाद*
सचिव आवास ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) भवनों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने आवासों की संरचनात्मक गुणवत्ता, पेयजल, विद्युत, सीवरेज, स्वच्छता एवं आंतरिक सड़कों की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां निवास कर रहे लोगों से वार्ता कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। लाभार्थियों ने योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने पर सरकार का आभार व्यक्त किया। सचिव महोदय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

*निर्माणाधीन अन्य वर्गों के भवनों की प्रगति की समीक्षा*
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण द्वारा निर्माणाधीन एलआईजी, एमआईजी एवं एचआईजी वर्ग के भवनों का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने योजना की प्रगति, बुकिंग स्थिति और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। सचिव महोदय को अवगत कराया गया कि एचआईजी वर्ग के लगभग सभी फ्लैट बुक किए जा चुके हैं। इस उपलब्धि पर सचिव ने प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना की और अन्य वर्गों के फ्लैटों के विक्रय की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर सख्त निर्देश*
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निर्माणदायी संस्था को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, चरणबद्ध समीक्षा और तकनीकी मानकों के अनुपालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आवासीय योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें सुरक्षित वातावरण, हरित क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं और समुचित पार्किंग व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

*अधिकारियों को समन्वित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के अधिशासी अभियन्ता श्री सुनील कुमार, अवर अभियन्ता श्री सुनील उप्रेती, मार्केटिंग एक्जिक्यूटिव सुश्री रितिका सिंह तथा निर्माणदायी संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सचिव महोदय ने सभी अधिकारियों को टीम भावना और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि योजना को एक आदर्श आवासीय मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।

*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि* मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आमवाला तरला आवासीय योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित ईडब्ल्यूएस भवनों की गुणवत्ता संतोषजनक है, किंतु निर्माणाधीन कार्यों को भी समयबद्ध और मानकों के अनुरूप पूर्ण करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयसीमा का पूर्ण पालन सुनिश्चित करते हुए इस योजना को राज्य में आदर्श आवासीय विकास मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।

पौड़ी गढ़वाल: डीएम ने खिर्सू में ‘किसान दिवस’ पर सुनीं जनसमस्याएं, कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के निर्देश

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डीएम ने खिर्सू में ‘किसान दिवस’ पर सुनीं फरियादें, निस्तारण के दिए निर्देश

*नर्सरी से लेकर होमस्टे तक, खिर्सू की जमीनी हकीकत परखने उतरीं डीएम स्वाति एस. भदौरिया*

*जिलाधिकारी ने नर्सरी, फॉरेस्ट नर्सरी और ‘बासा’ होमस्टे का किया स्थलीय निरीक्षण*

पौड़ी गढ़वाल। विकासखंड खिर्सू के सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में ‘किसान दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा कृषकों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने स्वयं ग्रामीणों और कृषकों से सीधा संवाद कर उनका फीडबैक लिया और कृषि क्षेत्र में सुधार हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए।

कार्यक्रम में सोलर फेंसिंग, नवाचारी उपकरणों के माध्यम से जंगली जानवरों को भगाने तथा स्वरोजगार और स्थानीय युवाओं हेतु रोजगार सृजन के सुझाव दिए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि व्यावसायिक उत्पादन की जानकारी लेकर इसे जिला योजना में शामिल किया जाएगा। साथ ही सामूहिक घेरबाड़ को प्रोत्साहित करने के लिए इसे भी जिला योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि जंगली जानवरों का आतंक कम हो तथा कृषि उत्पादन उचित रूप से हो।

जिलाधिकारी ने कहा कि न्याय पंचायत प्रभारी नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करें तथा अपने मोबाइल नंबर साझा करें, ताकि नागरिकों की प्रशासन तक उचित पहुंच हो सके। उन्होंने कृषकों से लगातार संवाद पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन औद्योगिक विकास हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को सुझाव दिया कि यदि संबंधित ग्रामसभा अपनी भौगोलिक उपयुक्तता और संसाधनों के अनुसार किसी विशिष्ट उद्योग की स्थापना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से भेजती है, तो प्रशासन उस पर संज्ञान लेते हुए उद्योग स्थापित करवाने की दिशा में हर संभव कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।

कार्यक्रम के दौरान कृषक अर्जुन सिंह ने प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कीवी और सेब की बागवानी हेतु स्प्रिंकलर की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल आवेदन भरवाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ड्रिप सिंचाई के आवेदन लेकर उचित समाधान करने के भी निर्देश दिए। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों, घेरबाड़, वर्मी कंपोस्ट की खरीद, सिंचाई टैंक, स्ट्रीट लाइट और झाड़ी कटान जैसी मांगें रखीं। जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों और डीएफओ को आज ही मामले प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि सभी आवेदनों को आज ही पूर्ण कर एक सप्ताह के भीतर निस्तारण की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो मांगें तत्काल पूरी होने योग्य हैं, उन्हें अविलंब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

किसान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने वन विभाग की नर्सरी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नर्सरी में पौधों की विभिन्न प्रजातियों को डिस्प्ले (प्रदर्शित) करने के निर्देश दिए ताकि आगंतुकों को जानकारी मिल सके। नर्सरी परिसर में जर्जर भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया, ताकि हॉर्टि-टूरिज्म का विकास हो सके। रेंजर नक्षत्र शाह को बंदर पकड़ने और झाड़ी कटान की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने आगामी फायर सीजन हेतु 15 फरवरी से फायरवॉचरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने ‘बासा’ होमस्टे का निरीक्षण भी किया। उन्होंने होमस्टे तक सुगम पहुंच मार्ग (रास्ते) का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पर्यटन विकास अधिकारी और उपजिलाधिकारी को संयुक्त निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा ताकि होमस्टे की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
​इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, तहसीलदार दीपक भंडारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कृषक उपस्थित रहे।

*सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*