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Action : मृत्यु प्रमाण पत्र प्रकरण में लापरवाही, DM ने डीपीआरओ का रोका वेतन तो जारी हुए प्रमाण पत्र

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इठारना में आयोजित बहुउ‌द्देशीय शिविर प्राप्त शिकायत पर प्रदत्त निर्देशों का अनुपालन करने पर हुई थी कार्रवाई

प्रमाण पत्र जारी होने के उपरान्त ही जिला प्रशासन ने दी वेतन आहरण की संस्तुति

देहरादून, दिनांक 11 फरवरी 2026 (सूवि) जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिले के विकास खंड डोईवाला ग्राम इठारना, तहसील ऋषिकेश में 01.12.2025 को आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में प्राप्त शिकायतों के क्रम में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत गौहरी माफी निवासी प्रदीप सिंह पुत्र स्व० भगत सिंह द्वारा अपने पिताजी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने तथा बलबीर सिंह रावत पुत्र स्व० चन्दन सिंह द्वारा अपनी माता स्व० जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न किए जाने संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी।

प्रकरण में में उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश के पत्र 18.12.2025 के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश निर्गत किए गए थे। तत्पश्चात कार्यालय 29.12.2025 द्वारा सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकासखंड डोईवाला को निर्देशित किया गया कि प्रकरण पर तीन दिवस के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराएं।

इसके बावजूद पंचायतराज स्तर पर समयबद्ध कार्यवाही न किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी को प्राप्त हुई। शिकायतकर्ताओं के प्रार्थना पत्रों पर अपेक्षित कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण के निस्तारण तक जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिसके फलस्वरुप जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है।

वेतन रोकने की कार्रवाई के तत्पश्चात संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत गौहरी माफी द्वारा प्रदीप सिंह के पिता स्व० भगत सिंह तथा बलबीर सिंह रावत की माता स्व० जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र 08.02.2026 को जारी कर दिया गया है। प्रकरण के निस्तारण उपरांत जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर लगी रोक हटाए जाने के संबंध में पत्रावली उच्च स्तर पर प्रस्तुत की गई है। जिला प्रशासन के सख्त निर्देश हैं कि जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर क्षम्य नही होगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि समयबद्ध एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की हिलाहवाली स्वीकार्य नहीं होगी ।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

धौलास भूमि प्रकरण मामले में अनियमित बिक्री पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन:  पैमाइश के साथ जांच शुरू

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सीएम के निर्देश पर डीएम का त्वरित एक्शन, धौलास में संयुक्त टीम ने की विस्तृत पैमाइश

*ट्रस्ट को शैक्षणिक उद्देश्य से मिली थी भूमि, अब शर्तो के पालन की होगी जांच-एडीएम*

*20 एकड़ जमीन का बड़ा सौदा, पहले 15 को बिक्री, फिर सैकड़ों में बंटी जमीन, प्रशासन करेगा गहन पडताल*

*भूमि प्रकरण में कानून का डंडा, पैमाइश रिपोर्ट के बाद जमींदारी एक्ट में होगी सख्त कार्रवाई*

*बिना मानचित्र स्वीकृति के धौलास भूमि पर अवैध प्लाटिंग, एमडीडीए पहले ही कर चुका ध्वस्त,*

*देहरादून ।
हरियावाला, धौलास स्थित शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कृषि भूमि के कथित अनियमित विक्रय के मामले में माननीय मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप जिला प्रशासन ने गंभीर संज्ञान लेते हुए व्यापक कार्रवाई प्रारंभ की है। माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित एक्शन लेते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा के नेतृत्व में प्रशासन की संयुक्त टीम का गठन किया और ग्राम धौलास में संबंधित भूमि का स्थलीय निरीक्षण एवं पैमाइश कराई गई।

अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा ने कहा कि शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट को पूर्व में शैक्षणिक प्रयोजनों हेतु भूमि आवंटित की गई थी। वर्तमान में यह जांच की जा रही है कि आवंटन के समय निर्धारित शर्तों एवं उद्देश्यों का अनुपालन किया गया है अथवा नहीं तथा भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है। इस संबंध में तहसील प्रशासन, वन विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विस्तृत पैमाइश एवं जांच की कार्रवाई की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि ट्रस्ट द्वारा लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि का विक्रय 15 व्यक्तियों को बड़े भूखंडों के रूप में किया गया। तत्पश्चात इन व्यक्तियों द्वारा उक्त भूमि को 70-80 अन्य व्यक्तियों को छोटे-छोटे भूखंडों में विक्रय किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट को पूर्व में भूमि विक्रय की अनुमति इस शर्त पर प्रदान की गई थी कि संबंधित भूमि का स्वरूप कृषि भूमि ही रहेगा तथा उसे अकृषि घोषित कर विक्रय नहीं किया जाएगा।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कराई गई पैमाइश की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत प्रकरण में जम्मीदारी एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने हरियावाला स्थित धौलास गांव में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध पूर्व में सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध बाउंड्री, आंतरिक मार्गों तथा अन्य संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है। यह कार्रवाई बिना मानचित्र स्वीकृति के की जा रही अवैध प्लाटिंग, आंतरिक सड़कों एवं बाउंड्री चिन्हांकन को हटाने के उद्देश्य से की गई। एमडीडीए द्वारा धौलास क्षेत्र में विधिवत नोटिस बोर्ड भी चस्पा कर आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अवैध प्लाटिंग में निवेश न करें तथा भूमि क्रय करने से पूर्व एमडीडीए से आवश्यक जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अन्यथा उत्पन्न परिस्थितियों के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं उत्तरदायी होगा।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित तहसील प्रशासन के राजस्व उप निरीक्षक एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

जन-जन के द्वार पहुँची सरकारः दूरस्थ गांव काण्डोई भरम में संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सुनी जन समस्याएं

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गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर जोर, संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

*काण्डोई भरम बहुउद्देशीय शिविरः 969 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ, 39 शिकायतों का निस्तारण*

*669 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,*

*मा. मुख्यमंत्री का संकल्प, ज़मीनी अमलः काण्डोई भरम जनसेवा शिविर से जनता को मिली राहत*

*देहरादून 11 फरवरी,2026 (सू.वि),*
माननीय मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर” अभियान के अंतर्गत बुधवार को विकासखंड चकराता के दूरस्थ क्षेत्र राजकीय इंटर कॉलेज काण्डोई भरम में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता सिंह ने क्षेत्रीय जनता की समस्याएँ सुनीं तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से 969 लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया।

शिविर के दौरान स्थानीय नागरिकों ने सड़क, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, विद्युत, राजस्व आदि से जुड़ी 39 जनशिकायतें संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता के समक्ष प्रस्तुत कीं। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग से संबंधित 9 शिकायतें सर्वाधिक रहीं। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग की 6, लोक निर्माण विभाग की 5, स्वास्थ्य विभाग की 4, विद्युत, पेयजल एवं ग्राम्य विकास की 2-2 तथा पीएमजीएसवाई, पर्यटन, लघु सिंचाई, समाज कल्याण वन, कृषि एवं पशुपालन से संबंधित 1-1 शिकायतें प्राप्त हुईं।

उपजिलाधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उपजिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी विभागीय अधिकारी शिकायतों के निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने विभागीय स्टालों का निरीक्षण भी किया।

शिविर में विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 561 तथा आयुर्वेदिक में 108 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। शिविर में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और किशोरी किट का वितरण भी किया गया। कृषि विभाग द्वारा 57, उद्यान विभाग द्वारा 55 कृषकों को कृषि उपकरण तथा पशुपालन विभाग द्वारा 66 पशुपालकों को पशु औषधियाँ वितरित की गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 28 सामाजिक पेंशन स्वीकृत कर ऑनलाइन की गईं। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 20 राशन कार्डों की ई-केवाईसी तथा राशन कार्डों में यूनिट वृद्धि की गई। राजस्व विभाग द्वारा 15 खाता-खतौनी, आय एवं स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त ग्राम्य विकास 15, डेयरी 06, विद्युत 05, श्रम विभाग 10, वन विभाग 12, एनआरएलएम 05, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा 02, कौशल विकास एवं सेवायोजन 05 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में तहसीलदार प्रदीप नेगी, खंड विकास अधिकारी राकेश बिष्ट, सहायक विकास अधिकारी एन नौटियाल एवं अन्य विभागीय अधिकारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व बडी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

” आश्रय गृह सरफिना ट्रस्ट में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर आयोजित हुआ जागरूकता शिविर”

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*देहरादून ।
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में बुधवार को जिला बाल संरक्षण इकाई देहरादून/जिला प्रोबेशन कार्यालय देहरादून, महिला कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा आश्रय गृह सरफिना ट्रस्ट, क्लेमेंट टाउन, देहरादून के परिसर में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य लोहिया नगर, ओगल भट्टा, प्रेम नगर, कावली रोड, पटेल नगर, चंदन नगर और मोहब्बेवाला बस्तियों में निवासरत महिलाओं को विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों के प्रति जागरूक करना था।

शिविर में महिलाओं को महिला कल्याण विभाग की योजनाओं, पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति, स्पॉन्सरशिप योजना, अनाथ प्रमाण पत्र, चाइल्ड हेल्पलाइन, गुड टच-बैड टच, बाल कल्याण समिति तथा किशोर न्याय बोर्ड के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बच्चों को पॉक्सो एक्ट से संबंधित शैक्षिक वीडियो भी दिखाई गई।

इस जागरूकता शिविर में लगभग 300 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में वार्ड 78, सुभाष नगर, देहरादून के पूर्व प्रधान और पार्षद अभिषेक परमार, सामाजिक कार्यकर्ता सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

जिला बाल संरक्षण इकाई देहरादून की ओर से रश्मि बिष्ट, सम्पूर्णा भट्ट, यशोदा पंवार (संरक्षण अधिकारी), आशा कण्डारी (विधि सह परिवीक्षा अधिकारी) तथा सरफिना ट्रस्ट, क्लेमेंट टाउन, देहरादून के पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने किया।

मीना बिष्ट ने बताया कि समय-समय पर महिलाओं और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों के संबंध में जन जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 5304 मरीजों ने उठाया लाभ

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दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज श्री महंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव 10 फरवरी) के उपलक्ष्य में कैंप में मिली निःशुल्क सुविधाएं

दो हज़ार से अधिक मरीजों ने करवाई निःशुल्क एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड व लैब जाॅचें

गरीब मरीजों के लिए की गई इस पुनीत पहल के पर मरीजों ने जताया श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल प्रबन्धन का आभार

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल का निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर बना गरीबों के लिए संजीवनी

देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन एवं पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव 10 फरवरी) के पावन अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून द्वारा आयोजित विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर हजारों जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आया। इस सेवा दिवस पर कुल 5304 मरीजों ने सामान्य एवं सुपरस्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का निःशुल्क लाभ उठाया। शिविर में उत्तराखण्ड सहित सहारनपुर, बिजनौर, धामपुर, पोंटा साहिब जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में गरीब व असहाय मरीज पहुंचे। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल का निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ने गरीबों के लिए संजीवनी का काम किया।



मंगलवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल परिसर में आयोजित शिविर के अंतर्गत एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और सभी प्रकार की लैब जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। विशेष बात यह रही कि दो हजार से अधिक मरीजों ने महंगी जांच सुविधाओं का लाभ बिना किसी शुल्क के प्राप्त किया, जो आमतौर पर गरीब परिवारों की पहुंच से बाहर होती हैं। चिकित्सकों से परामर्श के पश्चात मरीजों को तीन दिनों की दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की गईं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिली। इस शिविर में आए मरीजों को जनरल चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ सभी सुपरस्पेशलिटी सेवाएं भी पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध करवाईं गईं। यह उत्तराखण्ड में इस प्रकार का पहला ऐसा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर हुआ जिसमें एमआरआई, सीटी स्कैन, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी जैसे महंगी जाॅंचें और प्रोसीजर भी पूर्णंतः निःशुल्क किए गए।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 10 फरवरी को सेवा दिवस के रूप में श्रद्धा, सेवा और समर्पण भाव से मनाया गया। सुबह 8 बजे से पंजीकरण शुरू हुआ और 9 बजे से ही भारी संख्या में अस्पताल पहुंचने शुरू हो गए थे। शिविर दोपहर 3 बजे तक चला, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पूरी निष्ठा के साथ मरीजों का परीक्षण और उपचार किया।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का स्पष्ट संकल्प है कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं बिना भेदभाव के पहुंचें। यही संकल्प इस विशाल निःशुल्क शिविर में साकार होता नजर आया। शिविर में पंजीकृत मरीजों के ऑपरेशन और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाएं भी पूर्णतः निःशुल्क संपन्न कराई गईं।
शिविर में उपचार पाकर लौटे मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुनीत पहल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा आयोजित यह सेवा दिवस केवल एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की जीवंत मिसाल है। यह आयोजन यह संदेश देता है कि जब चिकित्सा सेवा को व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा भाव से जोड़ा जाए, तो समाज के सबसे कमजोर वर्ग का जीवन भी स्वस्थ और सम्मानजनक बनाया जा सकता है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में 16 फरवरी को विशाल ‘राजभवन घेराव’ की तैयारीयों को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

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अखिल भारतीय कांग्रेस के आह्रवान पर दिनांक 16 फरवरी 2026 को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित विशाल ’’राजभवन घेराव’’ कार्यक्रम की तैयारी हेतु उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में वरिष्ठ कांग्रेसजनों की बैठक प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन, 21 राजपुर रोड़, देहरादून में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने राजभवन घेराव की अपार सफलता हेतु अपने-अपने सुझाव दिये तथा अभी तक की गई तैयारियों के बारे में अवगत कराया।

उपरोक्त जानकारी देते हुए निवर्तमान मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर उत्तराखंड राज्य के जनहित के मुद्दों को लेकर दिनांक 16 फरवरी 2026 को कांग्रेस पार्टी द्वारा विशाल राजभवन घेराव का आयोजन किया गया है, जिसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण, विधायक, पूर्व विधायक, एआईसीसी, पीसीसी सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, अनुषांगिक संगठन, विभाग एवं प्रकोष्ठ के पदाधिकारी एवं राज्यभर से हजारों की संख्या में आये कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि राजभवन घेराव कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार में राज्य की ध्वस्त पडी कानून व्यवस्था, महिलाओं पर बढते अत्याचार, बेरोजगारी, जंगली जानवरों के लगातार हो रहे हमलों जैसे समसामयिक मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने का काम करेगी। इसी की तैयारी के मद्देनजर आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने पार्टी के वरिष्ठ नेतागणों से चर्चा की तथा पार्टी के नेतागणों के साथ परेड ग्राउंड स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर पार्टी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों, महिला विरोधी नीतियों, युवा विरोधी नीतियों, ध्वस्त पडी कानून व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के लगातार हो रहे हमलों से आम जनता आजिज आ चुकी है तथा इस निकम्मी सरकार से छुटकारा चाहती है। उन्होंने कहा कि राजधानी देहरादून में दिन दहाडे पुलिस की नाक के नीचे महिला का गला काटा जा रहा है तथा व्यापारी को दिन दहाड़े गोली मारी जा रही है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से 16 फरवरी को होने वाले राजभवन घेराव कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भागीदारी करने का आह्रवान किया।
बैठक में प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, निवर्तमान मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, प्रदेश महामत्री राजेन्द्र शाह, अभिनव थापर, महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी, प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, राजेश चमोली, लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य संजय शर्मा, अमरजीत सिंह, प्रीतम आर्य, प्रशान्त खंडूरी, सुनित सिंह राठौर, मोहन काला, अनिल नेगी आदि अनेक कंाग्रेस नेता उपस्थित थे।
राजीव महर्षि
मीडिया विभाग
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटीऐ

देहरादून हत्याकांड: तिब्बती मार्केट में गैस एजेंसी कारोबारी की सरेआम गोली मारकर की हत्या: मृतक की पत्नी ने लगाए आरोप

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मृतक का अपने पारिवारिक व्यवसाय और पैसों के लेनदेन को लेकर चल रहा था विवाद

देहरादून। राजधानी देहरादून में आज तिब्बती मार्केट क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना ने शहर में सनसनी फैल गई। अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति को निशाना बनाते हुए गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे तत्काल दून अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा, निवासी इंदिरा नगर, थाना बसंत विहार, देहरादून के रूप में हुई है। वह जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी का मालिक है और शहर के व्यवसायिक वर्ग में उनकी पहचान है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। कुछ ही देर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और घटनास्थल से अहम सुराग एकत्र किए गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूटी पर सवार दो अज्ञात हमलावरों ने अचानक फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भाग निकले। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि मृतक का अपने पारिवारिक व्यवसाय और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि खतरे की आशंका को देखते हुए उनकी माता ने पहले ही अपने बेटे को जान का खतरा बताते हुए उच्च न्यायालय से सुरक्षा प्राप्त की थी। इस पहलू को भी पुलिस गंभीरता से जांच के दायरे में लेकर चल रही है।

MDDA Action: प्राधिकरण क्षेत्र में 25 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्तीकरण एवं अवैध निर्माण के विरुद्ध की सख्त कार्रवाई

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उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की आम जनता से अपील, अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें, भूखंड खरीदने से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की अवश्य करें जांच

नियोजित विकास की दिशा में प्रतिबद्ध मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध व्यापक और निरंतर अभियान संचालित किया जा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास, आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा तथा आमजन के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दिनांक 11 फरवरी 2026 को विभिन्न स्थानों पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की प्रभावी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उत्तराखंड शहरी एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के प्रावधानों तथा पूर्व में जारी नोटिसों के अनुपालन में की गई।

*रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई में लगभग 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त*
प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों एवं क्षेत्रीय निरीक्षण के उपरांत यह पाया गया कि जावेद, डेविड एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई, देहरादून में लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक अनुमति के अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार पूर्व में नोटिस जारी कर कार्य तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों की अवहेलना किए जाने पर प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की गई सड़कों, प्लॉटों के सीमांकन, मिट्टी समतलीकरण एवं अन्य संरचनात्मक गतिविधियों का ध्वस्तीकरण किया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता श्री शशांक सक्सेना, अवर अभियंता श्री सिद्धार्थ सेमवाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्रवाई विधिसम्मत एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

*ढकरानी, हरबर्टपुर में 10–15 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर सख्त कदम*
इसी क्रम में पांवटा रोड स्थित ढकरानी हॉस्पिटल के पीछे, हरबर्टपुर, देहरादून क्षेत्र में अतुल विकास एवं त्यागी द्वारा लगभग 10 से 15 बीघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। स्थलीय निरीक्षण में अवैध विकास की पुष्टि होने पर संबंधित पक्षों को विधिक नोटिस निर्गत किए गए थे। नोटिस के बावजूद अवैध गतिविधियां जारी रहने पर प्राधिकरण की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध मार्ग निर्माण, प्लॉटों के चिन्हांकन एवं अन्य विकास कार्यों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के अधिकारीगण, तकनीकी कार्मिक एवं पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्रवाई सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संपन्न की जा सकी।

*सेवला कला में अवैध निर्माण पर सीलिंग*
चन्द्र परिसर, सेवला कला, देहरादून में नितिन चौहान द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किए जाने की पुष्टि होने पर संयुक्त सचिव श्री गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में उक्त भवन पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इस दौरान सहायक अभियंता श्री विजय सिंह रावत, अवर अभियंता श्री अभिजीत सिंह थलवाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही पूर्ण करते हुए परिसर को अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया है।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण सुनियोजित एवं संतुलित विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण न केवल शहरी व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि आमजन की गाढ़ी कमाई को भी जोखिम में डालते हैं। प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र एवं वैधानिक अनुमति के किए जा रहे निर्माणों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भूखंड खरीदने से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की जांच अवश्य करें तथा अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें। नियोजित विकास ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी क्षेत्रीय अभियंताओं को नियमित निरीक्षण एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अधिनियम के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी तथा कार्रवाई का व्यय भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा।

*प्राधिकरण की अपील*
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण आमजन को पुनः सूचित करता है कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग अथवा निर्माण पूर्णतः अवैध है। नागरिकों से अपेक्षा है कि किसी भी संपत्ति क्रय-विक्रय से पूर्व उसकी स्वीकृति एवं वैधानिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं पारदर्शी विकास सुनिश्चित करने हेतु यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

सीएम धामी ने ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखंड’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग : प्रतिभाशाली बेटियों को प्रदान की छात्रवृत्ति

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सीएम धामी ने ‘शी फॉर स्टेम’ कार्यक्रम के माध्यम से  प्रदेश की 20 प्रतिभाशाली बेटियों को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति की प्रदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला (प्रेमनगर, देहरादून) में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ विषयक कार्यशाला में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस’ के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा कार्यशाला में उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने ‘शी फॉर स्टेम’ विशिष्ट कार्यक्रम के माध्यम प्रदेश की 20 प्रतिभाशाली बेटियों को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि शी फॉर स्टेम के तहत हर जनपद में पांच छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी |इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि स्टेम हेतु स्टार्टअप आरंभ करने के लिए में छात्राओं को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे | महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों में स्वयं सहायता समूहो को जोड़ा जाएगा |

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के माध्यम से होनहार बेटियों को STEM अर्थात साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स के क्षेत्रों में शिक्षा एवं करियर के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने तथा महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए इन-मोबी, विज्ञानशाला इंटरनेशनल, यूकॉस्ट तथा उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सहित सभी आयोजकों को साधुवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस दूरदर्शी पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय इतिहास साक्षी है कि नारी शक्ति केवल सामाजिक या पारिवारिक जीवन तक सीमित नहीं रही, बल्कि विज्ञान, दर्शन, खगोलशास्त्र एवं चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी रही है। वैदिक काल में गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषियां दार्शनिक विमर्श में अग्रणी थीं, जबकि लीलावती ने गणित के क्षेत्र में विश्व को दिशा प्रदान की। उन्होंने उल्लेख किया कि चरक-संहिता और सुश्रुत-संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों के विकास में भी स्त्रियों के योगदान के प्रमाण मिलते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड में विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्पित है। राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की गई है तथा टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं विकास के अनुरूप सुदृढ़ इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। राज्य में साइंस एवं इनोवेशन सेंटर्स, लैब्स ऑन व्हील्स, जीएसआई डैशबोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र और स्टेम लैब्स के माध्यम से विश्वस्तरीय अवसंरचना तैयार की जा रही है। एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और प्री-इनक्यूबेशन लैब की स्थापना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो शीघ्र पूर्ण होकर राज्य को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान देगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साइंस सिटी उत्तराखंड को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बेटियाँ बिना किसी बाधा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें और देश-प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।
इस दौरान कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव रंजीत सिन्हा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

प्रदेश के एक दर्जन प्राथमिक विद्यालयों का होगा पुनर्निर्माणः डाॅ. धन सिंह रावत

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विद्यालय भवनों के मरम्मत व निर्माण कार्य को 568 लाख की धनराशि मंजूर

*विभागीय अधिकारियों को निर्देश, नियत समय पर पूर्ण हो निर्माण कार्य*

देहरादून, 10 फरवरी, 2026
प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जायेगा। इन विद्यालयों के भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है साथ ही उक्त निर्माण कार्यों के लिये कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। शीघ्र ही इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचनात्मक कार्यों से लेकर शिक्षकों की तैनाती कर उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मुहैया हो सके। इसी कड़ी में सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून व चमोली में जर्जर व क्षतिग्रस्त हो चुके 16 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण को रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है। जिसमें रूद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली, सल्या में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिये 32-32 लाख स्वीकृत किये हैं जबकि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल में पुनर्निर्माण के लिये 40.30 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई में भवन पुनर्निमाण के लिये 39 लाख, गैला में कक्षा-कक्ष व प्राधानाध्यापक कक्ष के निर्माण को 20.47 लाख जबकि मल्ला वल्थी के लिये 20.30 लाख की धनराशि मंजूर की गई है। टिहरी जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिये 34.86, सौन्दकोटी मल्ली 37.36, मंजूरीडागर 39.94 तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के पुनर्निर्माण के लिये 29.59 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार जनपद चमोली में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण को 77.11 लाख जबकि देहरादून जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के भवन पुनर्निर्माण को 33.05 लाख तथा प्राथमिक विद्यालय बापूनगर जाखन के पुनर्निर्माण को 36.87 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ इन विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिये ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ ही पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। डा. रावत ने बताया कि इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा मंत्री।