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सहकारी संघों में तैनात होंगे प्रोफेशनल एमडीः डाॅ. धन सिंह रावत

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बैठक में आधी-अधूरी तैयारियों के साथ पहुंचे अधिकारियों को लगाई फटकार

*निबंधक कार्यालय व सहकारी बाजार के निर्माण शीघ्र शुरू करने के निर्देश*

*कहा, आयोग को शीघ्र भेजें एआर व डीआर के रिक्त पदों पर डीपीसी प्रस्ताव*

देहरादून, 10 फरवरी 2026।  सहकारिता विभाग के अंतर्गत विभिन्न सहकारी संघों के प्रभावी संचालन व पेशेवर प्रबंधन को प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर तैनात किये जायेंगे, ताकि सहकारी संघों को बाजार के अुनरूप प्रतिस्पर्धा के लिये तैयार किया जा सके। दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के साथ ही एआर व डीआर के डीपीसी प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिये। आधी-अधूरी तैयारियों के साथ बैठक में पहुंचे अधिकारियों को विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की सख्त चेतावनी भी दी।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज देहरादून में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने दून सहकारी बाजार, निबंधक कार्यालय के निर्माण कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी पर विभागीय अधिकारियों को जमकार फटकार लगाई। आधी-अधूरी तैयारियों के साथ बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुये उन्होंने इसे घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता बताया। उन्होंने भविष्य में अधिकारियों को भविष्य में पूरी तैयारी के साथ ही बैठक में आने के निर्देश दिये। डाॅ. रावत ने निबंधक सहकारिता को दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने सहकारी संघों यथा उत्तराखंड सहकारी संघ (यूसीएफ), उत्तराखंड सहकारी रेशम संघ, उत्तराखंड राज्य भण्डार निगम एवं उत्तराखंड आवास एवं निर्माण सहकारी संघ में कार्यकुशलता बढ़ाने व उन्हें बाजार की प्रतिस्पर्धी के अनुरूप तैयार करने को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने चारों सहकारी संघों में पेशेवर प्रबंधन के लिये प्रोफेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर तैनात करने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिये। डाॅ. रावत ने बैठक में कृषि समिति रायवाला, एग्लो-इण्डियन सोसायटी, बीएचईएल हरिद्वार गृह निर्माण समिति एवं श्रीनगर में सहकारी विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे व विवाद को शीघ्र सुलझाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने विभाग के अंतर्गत एआर व डीआर की पदोन्नति को डीपीसी प्रस्ताव शीघ्र राज्य लोक सेवा आयोग को भेजने, सहकारी बैंकों में विभिन्न पदों पर आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा को भारत सरकार के उपक्रम आईबीपीएस के माध्यम से कराने, पैक्स समितियों के सचिवों की नियमावली जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने तथा सहकारी संघों में नवीन शुल्क का निर्धारण करते हुये सदस्यता अभियान शुरू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

बैठक में सचिव सहकारिता डाॅ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारिता डाॅ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम.पी. त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल, जिला सहायक निबंधक देहरादून बी.एस. मनराल, सुमन कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय सहकारिता मंत्री।

सीएम धामी ने की उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यों की समीक्षा: अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा नर्देश

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सीएम धामी ने दोनों मंडलों के अधिकारियों को अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण बहुउद्देशीय भवन निर्माण कार्य के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यों की समीक्षा की।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण बहुउद्देशीय भवन/सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा इन भवनों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित भवनों में बैंकट हॉल, गेस्ट हाउस, सभागार, प्रशिक्षण कक्ष, बैठक कक्ष एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को बहुउद्देशीय भवन की डीपीआर शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होने कहा कि ओबीसी बाहुल्य क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
इस दौरान सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओबीसी बाहुल्य क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति की निगरानी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लाभार्थियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर योजनाओं में आवश्यक सुधार किए जाएं, जिससे योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा ओबीसी वर्ग के उत्थान हेतु शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस अवसर पर उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय नेगी, प्रमुख सचिव श्री आरके सुधांशु, सचिव श्री श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव श्री नवनीत पांडे, अपर सचिव श्री संदीप तिवारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर देहरादून में हुआ विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

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*देहरादून ।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री अंकुश पांडेय की अध्यक्षता में एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला देहरादून स्थित एनआईसी सभागार में संपन्न हुई। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के कार्मिकों और स्कूली बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को इंटरनेट के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग, इसके लाभ और बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताते चले कि पूरे देश में प्रति वर्ष फरवरी माह का दूसरा मंगलवार का दिन सुरक्षित इंटरनेट दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पांडेय कहा कि वर्तमान समय में इंटरनेट एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं, ऐसे में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट एक इंटरकनेक्टेड नेटवर्क है, जो सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और संचार को संभव बनाता है। इसका उपयोग ई-मेल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग और अन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान में किया जाता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी इंटरनेट का व्यापक उपयोग होता है।

उन्होंने आगे बताया कि समाज में इंटरनेट के अनेक लाभ हैं, लेकिन असामाजिक तत्व इसके दुरुपयोग से साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी जैसी समस्याएँ पैदा कर रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। श्री पांडेय ने सभी को चेताया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें और मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें। उन्होंने बच्चों और कर्मचारियों से सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का विशेष आह्वान भी किया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य आमजन, विशेषकर बच्चों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना रहा। इस अवसर पर सहायक सूचना विज्ञान अधिकारी दीप्ति चमोली, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा सहित विभागीय कार्मिक और स्कूली छात्र उपस्थित थे।
जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

भू-माफिया द्वारा अतिक्रमण के विरूद्ध जिला प्रशासन का दमदार एक्शन : सरकारी नाले-नौले पर प्लाटिंग की ध्वस्त

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भूमाफियाओं ने बरसाती नाले पर कब्जा कर बना दी 08 मीटर पक्की दीवार; जिला प्रशासन ने की ध्वस्त

जलस्रोतों, नालों, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग एवं भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में जिला प्रशासन का एक्शन तय;

मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग पर जिला प्रशासन के एक्शन जारी

डीएम के निर्देश पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में गल्ज्वाड़ी में बरसाती नाले पर अतिक्रमण ध्वस्त

देहरादून दिनांक 10 फरवरी 2026 (सूवि), जिला प्रशासन को ग्राम गल्ज्वाड़ी, तहसील देहरादून में अवैध प्लाटिंग एवं सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में प्राप्त शिकायत के क्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में आज जिला प्रशासन की टीम द्वारा मौके बरसाती नाले को पाटकर बनाई गई दीवार को ध्वस्त कर दिया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम द्वारा मौके पर की जा रही अवैध प्लाटिंग एवं निर्माण गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए नाले पर निर्मित पक्की सुरक्षा दीवार को ध्वस्त किया गया तथा सरकारी भूमि/बरसाती नाले की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
गढ़ी कैंट घंघोड़ा, निवासियों द्वारा अवगत कराया गया था कि जितेन्द्र मलिक पुत्र ब्रजपाल (मूल निवासी मुजफ्फरनगर, वर्तमान निवासी विजय पार्क, पॉकेट नं. 3, कांवली, देहरादून), जो पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त सिपाही हैं, द्वारा ग्राम गल्जवाड़ी में लगभग 77 बीघा भूमि में अवैध प्लाटिंग की जा रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित व्यक्ति एवं उसके परिजनों के नाम पर भूमि दर्ज कर अवैध रूप से भू-विक्रय किया जा रहा है। साथ ही ग्राम यदुवाला में 18 बीघा सरकारी भूमि तथा ग्राम पंचायत गल्जवाड़ी के मजरे खाबड़वाला स्थित लगभग 80 बीघा जलमग्न भूमि पर कब्जे के प्रयास का भी आरोप लगाया गया।
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में राजस्व विभाग द्वारा स्थलीय एवं अभिलेखीय निरीक्षण किया गया। भू-अभिलेखों के अनुसार खाता खतौनी संख्या 123 के अंतर्गत खसरा संख्या 1164, 1165, 1166, 1167, 1168, 1169, 1179, 1180, 1184, 1185 एवं 931क सहित कुल रकबा संबंधित सहखातेदारों कुनाल सिंह मलिक पुत्र जितेन्द्र मलिक एवं प्रिंस आनंद पुत्र देवेन्द्र आनंद के नाम दर्ज है। इसके अतिरिक्त खाता खतौनी संख्या 65 के अंतर्गत खसरा संख्या 933क रकबा 0.4490 हेक्टेयर भूमि धीरज भाटिया आदि के नाम भूमिधरी के रूप में दर्ज पाई गई।
टीम ने स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि खसरा संख्या 933 एवं 1185 के मध्य खसरा संख्या 962क के रूप में दर्ज बरसाती नाला स्थित है। संबंधित व्यक्तियों द्वारा नाले की लगभग 8 मीटर भूमि पर पक्की सुरक्षा दीवार निर्मित कर बरसाती जल के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित किया गया था। साथ ही खसरा संख्या 1185, 1166 एवं 933 के मध्य दर्ज नाले की मूल प्रकृति में परिवर्तन पाया गया।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि उक्त खसरों में साल के वृक्ष विद्यमान हैं। वृक्ष पातन के साक्ष्य मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। वृक्षों के सूखने अथवा सुखाने के संबंध में वन विभाग द्वारा पृथक जांच की जा रही है। राजस्व निरीक्षण में पाया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा अपनी दर्ज भूमि पर प्लाटिंग का कार्य किया जा रहा था, किंतु बरसाती नाले की भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया गया था, जो पूर्णतः अवैध पाया गया, जिस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने अवगत कराया है कि प्राकृतिक जलस्रोतों, नालों एवं सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग एवं भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

जिला से केंद्र पोषित योजनाओं तक: CDO ने की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा

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80 प्रतिशत से कम खर्च करने वाले विभागों पर सीडीओ सख्त, संबंधित विभागों को तेजी लाने के निर्देश

*सीडीओ के सख्त निर्देशः तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरे हो विकास कार्य,*

*कटापत्थर और कार्लीगाढ़ बनेंगे आदर्श ग्राम, विभागों को समन्वित कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश*

*देहरादून 10 फरवरी, 2026 (सू.वि),*
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं सहित बीस सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों द्वारा किए गए व्यय एवं कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करते हुए अवमुक्त धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी देतके हुए कहा कि कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों में केवल धनराशि हस्तांतरित कर औपचारिकता पूर्ण न की जाए, बल्कि विभाग स्वयं कार्यों का नियमित भौतिक सत्यापन करें तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि जिला योजना के अंतर्गत जिन विभागों द्वारा किसी कारणवश अवमुक्त धनराशि का व्यय नहीं किया जा पा रहा है, वे तत्काल धनराशि का समर्पण करें, जिससे आवश्यकता अनुसार अन्य विभागों को पुनः आवंटन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को पूर्ण न करने वाले विभागों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

समीक्षा के दौरान जिला योजना के अंतर्गत 80 प्रतिशत से कम व्यय करने वाले विभाग एलोपैथिक, लघु उद्योग, वन, लोक निर्माण विभाग, भेषज, उरेडा, उद्यान, रेशम, पर्यटन एवं लघु सिंचाई को निर्देश दिए गए कि विभागीय कार्यों में तीव्रता लाते हुए शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं में भी प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बीस सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूर्ण कर विभागीय प्रगति को ‘ए’ श्रेणी में लाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन विभागों की प्रगति विगत माह की तुलना में कम हुई है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में दो ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाना है, जिनमें विकासखंड विकासनगर के अंतर्गत कटापत्थर तथा रायपुर विकासखंड अंतर्गत कार्लीगढ़ का चयन किया गया है। चयनित ग्रामों को शत-प्रतिशत आच्छादित किए जाने हेतु सभी संबंधित विभागों को समन्वित विभागीय कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी ने जानकारी दी कि जिला योजना के अंतर्गत कुल ₹9948.10 लाख के सापेक्ष अब तक 79.81 प्रतिशत व्यय किया जा चुका है। राज्य सेक्टर में 77.61 प्रतिशत तथा केंद्र पोषित योजनाओं में 91.33 प्रतिशत व्यय की प्रगति दर्ज की गई है।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एमके शर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए विक्रम सिंह पंवार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

Action: जिला प्रशासन के भरण-पोषण आदेश की अवहेलना पर पुत्र की कटी 1.50 लाख की आरसी

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जनदर्शन में आया था 68 वर्षीय बुजुर्ग बीमार पिता को पुत्र द्वारा संपत्ति से बेदखल करने व भरपोषण अधिनियम के तहत् धनराशि न दिए जाने का मामला

डीएम ने पुत्र के विरुद्ध आरसी जारी कर धनराशि दिलाने के दिए निर्देश

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी एवं न्यायालयीय आदेशों की अवमानना नही होगी क्षम्य

देहरादून दिनांक 10 फरवरी 2026 (सूवि), विगत जनता दर्शन कार्यक्रम में 68 वर्षीय बीमार बुजुर्ग पिता अशोक धवन ने जिलाधिकारी सविन बसंल से गुहार लगाई कि उनके पुत्रों द्वारा मारपीटी,गाली गलौच उत्पीड़न किया जा रहा है। उनके पुत्रों द्वारा घर से धक्के मारकर बाहर निकाला जा रहा है एसडीएम कोर्ट से वर्ष 2023 एवं जुलाई 2025 में पारित भरण-पोषण धनराशि न दिए जाने की शिकायत करते हुए घर से न निकाले जाने तथा भरणपोषण दिलाये जाने की मांग की। गंभीर बीमारियों से पीड़ित उक्त वरिष्ठ नागरिक ने आरोप लगाया है कि उन्हें संपत्ति से बेदखल कर दिया गया है तथा एसडीएम न्यायालय द्वारा पारित भरण-पोषण आदेश के बावजूद वर्ष 2023 से उन्हें निर्धारित धनराशि नहीं दी जा रही है।
पीड़ित बुजुर्ग द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में अवगत कराया गया कि आदेश 23.09.2023 को माननीय एसडीएम, देहरादून द्वारा उनके पुत्र नितिन धवन को प्रतिमाह रू0 4,000 भरण-पोषण राशि अदा करने का निर्देश दिया गया था, किंतु आज तक कोई धनराशि प्रदान नहीं की गई। बाद में 05.07.2025 को उपजिलाधिकारी द्वारा उक्त राशि बढ़ाकर रू0 10,000 प्रतिमाह करने का आदेश भी पारित किया गया, साथ ही यह निर्देश भी दिए गए कि प्रार्थी की संपत्ति पर कोई अवैध कब्जा न किया जाए तथा उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो। इसके बावजूद शिकायतकर्ता के अनुसार, उनका पुत्र नितिन धवन (जो लगभग रू 600,000 प्रतिमाह वेतन प्राप्त करता है) भरण-पोषण राशि देने से इंकार करता रहा है। आरोप है कि जब बुजुर्ग पिता ने धनराशि की मांग की, तो उनके साथ गाली-गलौच एवं मारपीट की गई।
जिलाधिकारी बुजुर्ग पिता के आवेदन प्रार्थना पर संज्ञान लेते हुए पुत्र के विरुद्ध बकाया भरण-पोषण धनराशि की वसूली हेतु आरसी 1.50 लाख (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वरिष्ठ नागरिक को न्याय दिलाया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी एवं न्यायालयीय आदेशों की अवमानना क्षम्य नही होगी ऐसा करने पर संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा पीड़ित बुजुर्ग की जान-माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

बुजुर्ग महिला की गुहार पर DM का त्वरित एक्शन: 27 माह का पेयजल बिल सेटल, जिला प्रशासन ने किया भुगतान

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बुजुर्ग हरदीप कौर का 35,000 का पानी बिल 14372 में सेटल; जिला प्रशासन राइफल फंड से जलसंस्थान को किया भुगतान

मा0 मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण का सशक्त माध्यम बना जिला प्रशासन का जनदर्शन

देहरादून।  प्रत्येक सोमवार कलेक्टेªट सभागार में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले जनता दर्शन कार्यक्रम बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के निस्तारण हेतु उपस्थित हो रहे हैं तथा फरियादियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण होने से सरकार तथा जिला प्रशासन की कार्यशैली पर जनमानस का भरोसा बढा है। विगत जनता दर्शन कार्यक्रम में सहस्त्रधारा निवासी बुजुर्ग महिला हरदीप कौर ने अपनी व्यथा सुनाते हुए जिलाधिकारी को बताया कि उनका पेयजल बिल 35,000 आ गया है, जिसे वह भरने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि वह घर में अकेली रहती हैं, आय का कोई स्थायी साधन नहीं है तथा अक्सर बीमार रहती हैं।
बुजुर्ग हरदीप कौर ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने जल कनेक्शन काटने हेतु अनुरोध किया था। इस दौरान कुछ लोग उनके घर आए और रू0 5,000 लेकर चले गए, किंतु कनेक्शन नहीं काटा गया। बाद में जब वह संबंधित कार्यालय पहुंचीं तो जानकारी मिली कि ऐसे किसी कर्मचारी की तैनाती वहां नहीं है। इस प्रकार वह ठगी का भी शिकार हुईं।
बुजुर्ग महिला की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जल संस्थान से रिपोर्ट तलब करते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए। जल संस्थान द्वारा बुजुर्ग का 27 माह के लंबित 35,000 के पेयजल बिल को संशोधित कर 14,372 में सेटल किया गया। जिलाधिकारी ने बुजुर्ग बीमार महिला की खराब आर्थिक स्थिति देखते हुए राइफल फंड से 14,372 की धनराशि का भुगतान करने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा यह राशि चेक के माध्यम से जल संस्थान को उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बुजुर्ग महिला को आर्थिक राहत मिल सके।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि भविष्य में वरिष्ठ नागरिकों के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए तथा ऐसे मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरती जाए।उजिला प्रशासन जरूरतमंद एवं असहाय नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रतिबद्ध है और जनता दर्शन कार्यक्रम आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का सशक्त माध्यम बना हुआ है।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का प्रकटोत्सव सादगी और श्रद्धाभाव से मनाया गया

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फोन कर श्री महाराज जी को प्रकटोत्सव पर दी शुभकामनाएं

स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने श्री दरबार साहिब पहुंचकर श्री महाराज जी से लिया आशीर्वाद और जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं

श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन, गद्दीनशीन श्री महाराज जी को शुभकामनाएं देने देश विदेश से उमड़े श्रद्धालु

संगतों ने श्री झण्डा साहिब पर टेका मत्था व श्री महाराज जी से लिया आशीर्वाद
देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, देहरादून के सज्जादे गद्दी नशीन पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का 26वां प्रकटोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के पावन वातावरण में अत्यंत श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री महाराज जी को फोन कर प्रकटोत्सव की बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने श्री दरबार साहिब पहुंचकर श्री महाराज जी से आशीर्वाद लिया व उन्हें जन्मदिवस (प्रकटोत्सव) की बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं। देश विदेश सहित उत्तराखंड व पड़ोसी राज्यों से श्री दरबार साहिब पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से नतमस्तक होकर पूजनीय श्री महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया व उन्हें जन्मदिवस (प्रकटोत्सव) की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस शुभ और मंगल अवसर पर श्री दरबार साहिब में विशेष पूजा अर्चना आयोजित की गई व श्रद्धालुओं के मध्य प्रेम, सेवा और समर्पण भाव से प्रसाद वितरण किया गया।


गौरतलब है कि आज ही के दिन 10 फरवरी 2000 को ब्रह्मलीन पूजनीय श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज ने पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज को अपना शिष्य स्वीकार किया था तथा उन्होंने गुरु के सानिध्य में दीक्षा ली थी। यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा की दिव्यता और आशीष का सजीव प्रतीक है। तभी से 10 फरवरी को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव) के रूप में भक्ति भाव से मनाया जाता है।


25 जून 2000 को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज, सज्जादानशीन के रूप में दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, देहरादून (श्री दरबार साहिब) में गद्दी नशीन हुए थे, जिसने श्री दरबार साहिब की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर श्री महाराज जी कहा कि सेवाधर्म ही सबसे बड़ा धर्म है। श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने करुणा और विनम्रता के भाव के साथ श्री गुरु राम राय जी महाराज का विशेष सिमरन करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा ही श्री गुरु महाराज जी ने सूक्ष्म उपस्थिति में प्रेरणा दी है। उन्होंने संगतों को गुरु महिमा से भी आत्मसात करवाया और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाला ही गुरु है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दूनवासियों, राज्य व देश की जनता व श्रद्धालुओं से सदैव भरपूर स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
श्री महाराज जी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि समाज को नई व सही दिशा देने के साथ साथ उत्तराखंड के सुदूर व पहाड़ी क्षेत्रों तक गुणवत्तापरक शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए एसजीआरआर मिशन पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ प्रतिबद्ध है। इस मिशन के अन्तर्गत श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल उत्तराखण्ड व निकटवर्ती राज्यों के गांव-गांव तक मानवीय संवेदना के साथ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। वहीं दूसरी ओर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय समाज के हर वर्ग तक उच्च शिक्षा पहुंचाने का निरंतर और सेवा भाव से प्रेरित कार्य कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि समाज के पिछड़े व कमजोर वर्ग के लोगों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए एसजीआरआर मिशन सदैव प्रयासरत रहेगा।
इसके बाद उत्तर भारत में संचालित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूलों के छात्र-छात्राओं व स्टाफ सदस्यों, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल देहरादून के डाॅक्टरों, स्टाफ सदस्यांे सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्तियों, उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित देश-विदेश के कोने-कोने से पहुंचीं संगतों व श्रद्धालुओं ने श्री दरबार साहिब में श्री महाराज जी से आशीर्वाद लिया व उन्हें दीर्घायु होने की श्रद्धापूर्वक शुभकामनाएं दीं। पंजाब व हरियाणा से संगतें रविवार को ही श्री दरबार साहिब पहुंच गई थीं। बधाई देने का क्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ देर शाम तक जारी रहा। इस मौके पर श्रद्धालुओं के लिए मिष्ठान व लंगर की विशेष, सुव्यवस्थित और सेवा भाव से परिपूर्ण व्यवस्था की गई। देहरादून के कई प्रतिष्ठित व गणमान्य व्यक्तियों ने श्री दरबार साहिब पहुंचकर श्री महाराज जी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

बाॅक्स समाचार
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के ब्लड बैंक, श्री महाकाल सेवा समिति एवम् एसजीआरआर पीजी काॅलेज के संयुक्त तत्वावधान में श्री दरबार साहिब परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी लगाया गया। सेवा और मानवता के इस पुनीत कार्य में शिविर में 65 यूनिट रक्तदान हुआ। शिविर को सफल बनाने में श्री महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष रोशन राणा एवम् उनकी टीम, ब्लड बैंक के कोओर्डिनेटर अमित चन्द्र, एसजीआरआर पीजी काॅलेज छात्रसंघ अध्यक्ष बलबीर कुंवर का विशेष, सराहनीय और निस्वार्थ सहयोग रहा।

सीएम धामी ने एकल महिला स्वरोजगार योजना का किया उद्घाटन:  484 महिलाओं को  3 करोड़ 45 लाख किए वितरित

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राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को इस योजना से मिलेगी नई दिशा: सीएम धामी

एकल महिलाओं के लिए वरदान बनेगी स्वरोजगार योजना : रेखा आर्या

देहरादून। मुख्य सेवक सदन में मंगलवार को मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का उद्घाटन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने योजना का शुभारंभ करते हुए प्रथम चरण में जनपद बागेश्वर (42) लाभार्थी देहरादून (191) नैनीताल (75) पौड़ी (66) टिहरी (23) एवं उधम सिंह नगर में (87) के कुल 484 महिलाओं को योजना की पहली किस्त के रूप में 3 करोड़ 45 लाख 34 हजार 500 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में वितरित की। इसके साथ मुख्यमंत्री ने विभाग के कैलेंडर का भी विमोचन किया

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह योजना‌ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और उन्हें सम्मान सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष साहस और आत्मविश्वास को इस योजना से नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना महिला सशक्तिकरण की मिसाल कायम करेगी।


उन्होंने बताया कि शेष जनपदों की महिलाओं को भी शीघ्र सहायता दी जाएगी। योजना के तहत विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, अपराध पीड़ित एवं ट्रांसजेंडर महिलाओं को स्वरोजगार के लिए अधिकतम ₹2 लाख तक की परियोजनाओं पर अनुदान दिया जाएगा, जिससे राज्य की नारी शक्ति को नेतृत्व और आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।

इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह योजना तलाकशुदा, परित्यक्ता, विधवा अथवा अन्य कारणों से एकल हुई महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

मंत्री रेखा आर्या ने लाभार्थी महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि आज महिलाओं को सिर्फ दिखावटी सम्मान नहीं, बल्कि वास्तविक अवसरों की जरूरत है। उन्हें सहारा नहीं बल्कि सशक्तिकरण, उपकार नहीं बल्कि आत्मविश्वास, और सीमाओं में कैद जीवन नहीं बल्कि तरक्की की ऊँची उड़ान भरने के लिए खुला आसमान चाहिए। यह योजना महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊँचाई प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि लाभार्थी महिलाओं से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट महसूस हुआ कि यह योजना जरूरतमंद बहनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और इससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना के तहत बाकी सात जनपद की कुल 540 महिलाओं का चयन हो गया है और उन्हें धनराशि इसी माह के अंत तक वितरित कर दी जाएगी।

कार्यक्रम में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, आरती फलोदी, नीतू फुलेरा, मोहित चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस योजना के तहत जिन महिलाओं को धनराशि दी गई है उन सभी का जीवन बहुत संघर्षमय रहा है। धनराशि वितरण से पहले कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने जब उन महिलाओं से अपने अनुभव बताने को कहा तो कई महिलाएं भावुक हो गई। उनका कहना था कि अपना रोजगार करने के बाद में समाज में सम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी।

 

मुंबई में दृष्टिकोण 2.0 के जरिए UPES ने इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग को बढ़ाया आगे

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वरिष्ठ उद्योग नेताओं के लिए खास मंच पर हुई चर्चा:  AI किस तरह एक्ज़ीक्यूटिव जजमेंट, टैलेंट और एजुकेशन को बदल रहा है

“द कॉन्फ्लुएंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड ह्यूमन इंटेलिजेंस” थीम पर आधारित फोरम में अलग-अलग सेक्टर के सीनियर लीडर्स हुए शामिल

मुंबई 10 फरवरी 2026:  यूपीईएस देहरादून,  जो एक अग्रणी मल्टी-डिसिप्लिनरी और रिसर्च यूनिवर्सिटी है, ने मुंबई में दृष्टिकोण के दूसरे संस्करण का आयोजन किया। यूपीईएस ने दृष्टिकोण को एक लंबे समय के स्ट्रैटेजिक प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू किया है। यह एक इनवाइट-ओनली (निमंत्रण-आधारित),  क्लोज़्ड-डोर लीडरशिप फोरम है। एक ऐसा “थिंकिंग रूम” जहाँ वरिष्ठ इंडस्ट्री लीडर्स और यूपीईएस का अकैडमिक लीडरशिप भविष्य के काम (फ्यूचर ऑफ वर्क), टैलेंट और लर्निंग पर खुलकर बातचीत करते हैं। यह मंच ऐसा माहौल बनाता है जहाँ लोग बेझिझक अपने विचार रखते हैं।  मुश्किल सवालों पर जिम्मेदारी से बात होती है और भविष्य से जुड़े आइडिया इंडस्ट्री और एजुकेशन के बीच बेहतर अलाइनमेंट में बदलते हैं। दृष्टिकोण को जानबूझकर इस तरह क्यूरेट किया जाता है कि बड़ी और प्रतिष्ठित ऑर्गनाइज़ेशन्स से चुनिंदा सीएक्सओए बिज़नेस हेड्स और एक्सपर्ट एक जगह आएँ-स्पीचेज़ के लिए नहीं, बल्कि ईमानदार एक्सचेंज और प्रैक्टिकल इनसाइट के लिए।

दृष्टिकोण 2.0 का फोकस एआई-ड्रिवन दुनिया में लीडरशिप और लर्निंग पर था। “द कॉन्फ्लुएंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड ह्यूमन इंटेलिजेंस” थीम पर आधारित इस फोरम में अलग-अलग सेक्टर के सीनियर लीडर्स शामिल हुए। इनमें सुमित कपूर, पार्टनर रिस्क एडवाइजरी, केपीएमजी इन इंडिया: समीर पितळवाला,  हेड ऑफ गेमिंग – एपीएसी, गूगल क्लाउड: लक्ष्मी देशपांडे, हेड ऑफ एक्सआर इनोवेशन एंड डिज़ाइन, टीसीएस, जी. एस. सेल्विन, एग्ज़ीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, रोल्स-रॉयस इन इंडिया एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, एमटीयू इंडिया: डॉ. निलय रंजन, हेड सीएसआर एंड सस्टेनेबिलिटी, एयर इंडिया: हरजीत खंडूजा, एसवीपी- एचआर, जियो: अज़मीना पोद्दार, मैनेजिंग डायरेक्टर – एक्सपीरियंस डिज़ाइन, जेपीमॉर्गन चेज़: और रवि हेमनानी, वाइस प्रेसिडेंट – एचआर एंड हेड, टैलेंट एंड लर्निंग, नुवोको विस्टास कॉर्प. लिमिटेड शामिल रहे। बातचीत में यह देखा गया कि एआई किस तरह एक्ज़ीक्यूटिव डिसीजन-मेकिंग और ऑर्गनाइज़ेशनल कैपेबिलिटी को प्रभावित कर रहा है, और साथ ही यह भी कि ह्यूमन जजमेंट, एथिक्स, अकाउंटेबिलिटी और कन्सीक्वेन्स की अहमियत हमेशा बनी रहेगी।

सेशन की शुरुआत यूपीईएस के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय के वेलकम एड्रेस से हुई। इसके बाद यूपीईएस के रजिस्ट्रार मि. मनीष मदान और यूपीईएस अलायंसेज़ टीम ने कॉन्टेक्स्ट और सेशन ओवरव्यू रखा और फिर फोरम कोर बोर्डरूम कन्वर्सेशन्स में आगे बढ़ा। इन बातचीतों को प्रो. राजीव नंदवानी, सीनियर डायरेक्टर, यूपीईएस स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंसय प्रो. भास्कर भट्ट, डीनए स्कूल ऑफ डिज़ाइनय और डॉ. पद्मा वेंकट, डीनए स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी ने कन्वीन किया। कार्यक्रम का समापन क्लोज़िंग नोट और ग्रुप फोटोग्राफ के साथ हुआ जिसके बाद डिनर और इन्फॉर्मल डायलॉग हुआ।
इस शाम तीन आपस में जुड़ी बोर्डरूम कन्वर्सेशन्स हुईं।

पहली, एआई एंड एक्ज़ीक्यूटिव जजमेंट, जिसमें यह देखा गया कि एआई किस तरह एक्ज़ीक्यूटिव डिसीज़न्स को शेप कर रहा है और किन जगहों पर लीडरशिप को साफ तौर पर तय करना होगा कि ह्यूमन जजमेंट के लिए क्लियर, नॉन-नेगोशिएबल बाउंड्रीज़ हों, खासकर अकाउंटेबिलिटी, एथिक्स और कॉन्टेक्स्चुअल इंटेलिजेंस के संदर्भ में।

दूसरी, द लर्निंग पैराडाइम एंड एआई-फर्स्ट टैलेंट, जिसमें शिफ्टिंग हायरिंग पैराडाइम्स, करिकुलम डिज़ाइन, स्टूडेंट एंगेजमेंट और इंस्टिट्यूशनल एआई स्टैक-जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चरए इंटेलिजेंस, इंटीग्रेशन और इम्पैक्ट शामिल हैं-पर चर्चा हुई।

तीसरी और अंतिम, इंडस्ट्री-अकाडेमिया कन्वर्जेन्स, इस पर केंद्रित रही कि कोलैबोरेशन मॉडल्स को ट्रांज़ैक्शनल एंगेजमेंट से आगे बढ़कर को-क्रिएशन और फ्यूचर वर्कफोर्स डिज़ाइन के लिए शेयर्ड रिस्पॉन्सिबिलिटी की ओर जाना होगा-ताकि लॉन्ग-टर्म कैपेबिलिटी बिल्डिंग हो सके।

दृष्टिकोण 2.0 से एक साझा संदेश साफ निकला: एआई बहुत तेजी से वर्क को रेशेप करेगा, लेकिन आउटकम्स, अकाउंटेबिलिटी और ह्यूमन जजमेंट को सेंटर में रहना चाहिए। सुमित कपूर, पार्टनर, रिस्क एडवाइजरी, केपीएमजी इन इंडिया ने कहा “एआई फैक्ट-बेस्ड डिसीज़न्स में मदद कर सकता है, लेकिन ह्यूमन्स को अकाउंटेबल रहना होगा। बोर्डरूम में जहाँ हज़ारो समाधान उपलब्ध होते हैं, लीडर्स को टेबल पर इंटेलिजेंट प्रॉब्लम्स लाने होंगे, ताकि एआई की पोटेंशियल अनलॉक हो और आउटकम के संदर्भ में ट्रस्ट की एक लेयर बने। बिज़नेस लीडर्स के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे एंटरप्राइज़ एआई के साथ मीनिंगफुल कन्वर्सेशन्स करें, ताकि उसे सही तरीके से ट्रेन किया जा सके-कम्प्लेक्स इश्यूज़ सॉल्व करने और कैरेक्टर बिल्ड करने के लिएए जो एआई नहीं कर सकता।”

इसी बात को आगे बढ़ाते हुए जी. एस. सेल्विन, एग्ज़ीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, रोल्स-रॉयस इन इंडिया एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, एमटीयू इंडिया ने कहा, एआई स्पीड, वॉल्यूम और कंसिस्टेंसी बढ़ा सकता है, लेकिन डिसीजन-मेकिंग में कॉन्टेक्स्ट, वैल्यूज़ और कन्सीक्वेन्स की जरूरत होती है-इसलिए ह्यूमन-इन-द-लूप नॉन-नेगोशिएबल है।” उन्होंने यह भी कहा, ” एजुकेटर्स प्रोफेशनल्स और इंडस्ट्री लीडर्स के तौर पर हमें स्किल-लेड डेवलपमेंट से शिफ्ट होकर प्रोडक्ट-फोकस्ड थिंकिंग की ओर जाना चाहिए, जो पर्पज़-लेड हो-ताकि बेहतर जजमेंट बने और बड़ा इम्पैक्ट क्रिएट हो।” इसमें जोड़ते हुए, अज़मीना पोद्दार, मैनेजिंग डायरेक्टर – एक्सपीरियंस डिज़ाइन, जेपीमॉर्गन चेज़ ने कहा, श्लूप में इंसानी भूमिका कभी खत्म नहीं होने वाली। अब तक एआई और एजेंटिक सिस्टम्स ने जो भी हासिल किया है और भले ही हम उन्हें बैकएंड ऑपरेशन्स में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हों, फिर भी हम उन्हें क्लाइंट्स के मामले में खासकर फाइनेंशियल सेक्टर में पूरा भरोसा नहीं देते।”

इस मौके पर यूपीईएस के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय ने कहा, ऐसे समय में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी न्यू-एज टेक्नोलॉजीज़ लीडरशिप, टैलेंट और लर्निंग को फंडामेंटली रेशेप कर रही हैं, यूपीईएस में हम इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं कि इसकी पोटेंशियल का इस्तेमाल करके सोसाइटी पर मीनिंगफुल पॉज़िटिव इम्पैक्ट बनाया जाए। हम सिर्फ स्टूडेंट्स को टुडेष्ज़ रोल्स के लिए तैयार नहीं करते, बल्कि फ्यूचर ऑफ वर्क को डिफाइन करने वाली कन्वर्सेशन्स को शेप करने में भी योगदान देना चाहते हैं। दृष्टिकोण के जरिए डाइवर्स लीडर्स को एक साथ लाकर हमारा लक्ष्य है कि हम इंडस्ट्री के साथ क्लोज़ली अलाइन्ड रहें, खासतौर पर टैलेंट ऑफ टुमॉरो को शेप करने के क्रिटिकल पॉइंट्स पर, उनके डेप्लॉयएबिलिटी करिकुलम और ट्रेनिंग पर फोकस के साथ।’

दृष्टिकोण यूपीईएस को एक ऐसे कन्वीनर के रूप में स्थापित करता है जो फ्यूचर-फेसिंग लीडरशिप डायलॉग को आगे बढ़ाता है, जहाँ ट्रस्ट, इनसाइट और शेयर्ड आउटकम्स के आधार पर लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक रिलेशनशिप्स बनते हैं-और एआई एरा में यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री कन्वर्जेन्स मजबूत होता है। दृष्टिकोण को प्रभावशाली बनाता है कि यह रियल पर्सपेक्टिव्स और इंडस्ट्री-एजुकेशन के बीच शार्पर अलाइनमेंट संभव करता हैए जो यूपीईएस के‌”यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो” वाले फोकस से जुड़ा है-ताकि ऐसे लीडर्स तैयार हों जो आगे आने वाले समय को शेप करें।

अधिक जानकारी के लिएए कृपया देखें:

www.upes.ac.in