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DDA प्रथम पग फाउंडेशन कोर्स-2 के कैडेट्स ने POP में दिखाया दमखम

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युवाओं को मोटिवेट करने के उद्देश्य से एनडीए की तर्ज पर आयोजित की गई पासिंग आउट परेड

12 गर्ल्स समेत कुल 106 कैडेट्स ने की कदमताल, अंतिम पग पार करने के बाद दोहराया संकल्प

देहरादून। सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा का सपना देखने वाले दून डिफेंस एकेडमी के होनहार युवाओं के लिए शनिवार का दिन यादगार रहा। एकेडमी में एनडीए की तर्ज पर पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया, जिसमें 12 गर्ल्स समेत कुल 106 कैडेट्स ने हिस्सा लिया। अंतिम पग पार करने के बाद उन्होंने मेहनत व अनुशासन के साथ देश सेवा करने का अपना संकल्प दोहराया।


सहस्त्रधारा रोड स्थित एकेडमी के त्रिशक्ति कैंपस में शनिवार को प्रथम पग, फाउंडेशन कोर्स-2 के कैडेट्स की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। डिफेंस कोचिंग कर रहे यह सभी युवा अब 12वीं की परीक्षा देंगे। जल, वायु, थल और अग्नि हाउस के बैनर तले उन्होंने ड्रिल स्क्वायर पर शानदार परेड की। बतौर मुख्य अतिथि ले. ज. गंभीर सिंह नेगी (सेनि) ने परेड की सलामी ली।


रिव्यूइंग ऑफिसर ले.ज. गंभीर सिंह नेगी (सेनि) ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज इस परेड ग्राउंड पर आपके कदमों की गूंज केवल अभ्यास की नहीं, बल्कि आपके संकल्प की आवाज़ है। इस समय की पढ़ाई, मेहनत, अभ्यास और अनुशासन आपके सुरक्षित व सफल भविष्य की गारंटी बनेगा। सेना की परंपरा हमें सिखाती है कि वर्दी पहनना गर्व है, और उसे निभाना उससे भी बड़ी ज़िम्मेदारी। आज आप साबित कर चुके हैं कि अनुशासन, मेहनत और टीम भावना क्या होती है।


दून डिफेंस एकेडमी के निदेशक संदीप गुप्ता ने कहा कि एनडीए की तर्ज पर इस परेड को आयोजित करने का उद्देश्य कैडेट्स को मोटिवेट करना है। उन्होंने बताया कि कोर्स वन के कई कैडेट्स एनडीए व नेवी ज्वाइन कर चुके हैं। अब कोर्स फोर के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही, एकेडमी ने कक्षा छह से 12 तक के लिए इंटिग्रेटेड रेजिडेंशियल प्रोग्राम की भी शुरूआत की है, जिसके तहत स्कूलिंग के साथ-साथ एनडीए, मर्चेंट नेवी, सीपीएल, जेईई और क्रिकेट की कोचिंग करवाई जाएगी।
इस अवसर पर सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के पूर्व प्रिंसिपल ब्रिगेडियर विनोद पसबोला (सेनि), डीडीए की डिप्टी डायरेक्टर दिव्या असवाल गुप्ता, एकलव्य गुप्ता समेत एकेडमी की सभी फैकल्टी व स्टाफ मौजूद रहा।

सीएम धामी ने की कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा: अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा निर्देश

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सीएम धामी ने सचिव पीडब्ल्यूडी को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की नियुक्ति के दिए निर्देश

कुंभ मेले से संबंधित सभी तैयारियां अक्टूबर माह तक हो पूरी : सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुम्भ मेला-2027, हरिद्वार की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित सभी तैयारियों को अक्टूबर माह तक पूरा किया जाए। साथ ही कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण कार्य तय समय के अंदर पूरे हों। सभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य/फाइल लंबित न रहे। किसी भी कार्य को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है की कुंभ मेले का भव्य दिव्य और सफल आयोजन हो।

मुख्यमंत्री ने सचिव, पीडब्ल्यूडी को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट किया जाए। साथ ही कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी घाटो का सौंदर्यकरण और आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी के साथ ही अन्य सभी घाटों में भी स्नान की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। सभी प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी , एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो। उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। इसकी मेलाधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों ,संत समाज, संस्थाओं, समितियां एवं स्थानीय लोगों से परस्पर्म समन्वय किया जाए। साथ ही उनके सुझावों के अनुरूप मेले की तैयारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण की खिलाफ अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य प्रदेशों से भी परस्पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा मेले से संबंधित सभी विकास कार्य कागजों के साथ धरातल में भी दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आवास व टेंट सिटी की तैयारी समय से पूरी करने एवं मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है। जो भी श्रद्धालु राज्य में आए वह अच्छा अनुभव यहां से लेकर जाएं।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक श्रीमती रेनू बिष्ट, विधायक श्रीमती अनुपमा रावत, विधायक रवि बहादुर, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन की सख्ताई पर शिमला बाईपास पर सड़क निर्माण शुरू: सड़क सुधारीकरण कार्य युद्धस्तर पर शुरू

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जनमन की सुरक्षा सर्वोपरि; सड़क खोद छोड़ी तो विधिक एक्शन तय

जिला प्रशासन की सख्ती पर सड़क सुधारीकरण कार्य युद्धस्तर पर शुरू

देहरादून । शिमला बायपास रोड पर सड़क खुदाई के कारण आमजन को हो रही असुविधा एवं यातायात बाधित होने की शिकायतों पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शिमला बायपास मार्ग पर की गई खुदाई उत्तराखंड पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा की गई है, जिसके कारण सड़क की सतह क्षतिग्रस्त हो गई है और आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है। स्थानीय नागरिकों द्वारा धूल, गड्ढों एवं जाम की समस्या की शिकायत भी की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड को त्वरित रूप से रोड रेस्टोरेशन (सड़क पुनर्स्थापन) कार्य प्रारंभ करने हेतु दिए गए निर्देशों के अनुपालन में निर्माण खंड द्वारा सड़क पुनर्स्थापन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को चेताया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की सड़क खुदाई के पश्चात निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से रेस्टोरेशन कार्य पूर्ण किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इससे पूर्व विगत दिवस जिला प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए सड़क खुदाई निर्माण कार्यों की समस्त अनुमतियां निरस्त कर दी गई है। बिना अनुमति के सड़क खुदाई करने सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों की सुविधा सुरक्षा के दृष्टिगत सार्वजनिक मार्गों की स्थिति पर सत्त निगरानी रखी जा रही है।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

जन-जन की उम्मीद बनता जिला प्रशासन का जनता दर्शनः न्याय से लेकर एक्शन तक

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नेशनल पैरा ओलंपिक खिलाड़ी की भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास; ऑन द स्पॉट डीएम ने एसडीएम को अग्रिम आदेश तक यथा स्थिति बनाए रखने के दिए निर्देश

*कोटरा संतूर निवासी भूतपूर्व सैनिक राजेश कुमार को दिलाया भूमि कब्जा; डीएम ने थाने से हटवाई निराधार प्राथमिकी*

*बुजुर्ग को बेटे-बहू से जान का खतरा, डीएम ने फास्ट ट्रैक सुनवाई के लिए तहसील से मामला जिला कार्यालय मंगवाया,*

*सेवानिवृत्त शिक्षक की बीमार विधवा को नहीं मिला चिकित्सा प्रतिपूर्ति, शिक्षा अधिकारी से तलब की तत्काल आख्या,*

*सिंचाई नहर पर कब्जा बना किसानों की मुसीबत, अधिशासी अभियंता को दो दिवस में समाधान करने के निर्देश*

*मा0 मुख्यमंत्री के संकल्प से प्रेरित जिला प्रशासन; जन सुनवाई में समाधान से लेकर प्रवर्तन एक्शन तक*

*जनसुनवाई में गूंजा पीड़ितों का दर्द, जिलाधिकारी ने दिलाया न्याय व सुरक्षा का भरोसा,*

*जनता दर्शन में उमड़ी भीड़ः 1़9़5 फरियादी पहुंचे समाधान की आस में,*

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दरबार का आयोजन कर जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया। जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, आपसी विवाद, आर्थिक सहायता, रोजगार, शिक्षा, एडीए, नगर निगम से संबंधित कुल 195 शिकायतें एवं समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी के समक्ष आयोजित जनसुनवाई में समाज के कमजोर, बुजुर्ग और पीड़ित वर्ग की समस्याएँ स्पष्ट रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित तथा प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्ग के सम्मान एवं सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

अम्बीवाला निवासी नेशनल पैरा ओलंपिक खिलाड़ी विजय चौधरी ने बताया कि उनकी माता कलावती के नाम दर्ज भूमि पर विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद पड़ोसी महिला द्वारा उनकी भूमि पर लगे हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही एसडीएम को निर्देश दिए कि न्यायालय के अग्रिम आदेशों तक भूमि में यथास्थिति बनाए रखी जाए।

भूतपूर्व सैनिक राजेश कुमार ने शिकायत की कि वर्ष 2016 में खरीदी गई उनकी भूमि पर मूल खातेदारों में से एक ने अवैध कब्जा कर रखा है और भ्रामक जानकारी देकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जिलाधिकारी ने मौके पर ही एसडीएम एवं तहसीलदार से रिपोर्ट तलब की। रिपोर्ट में विपक्षी की कार्रवाई को निराधार पाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम विकासनगर को शिकायतकर्ता को भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।

डोईवाला निवासी मीना क्षेत्री ने अपने पुत्र व पुत्रवधू से जान-माल का खतरा बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। मामला तहसील में लंबित होने पर जिलाधिकारी ने इसे तत्काल जिला कार्यालय में स्थानांतरित कर फास्ट ट्रैक सुनवाई कराने के निर्देश दिए।

जौलीग्रांट निवासी बुजुर्ग विधवा लक्ष्मी तोमर ने बताया कि उनके दिवंगत पति शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त थे। उपचार के दौरान दिए गए ₹1.37 लाख के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने शिक्षा अधिकारी से आज ही स्पष्ट आख्या तलब की।
एटनबाग के काश्तकारों ने सिंचाई नहर पर अवैध निर्माण के कारण खेतों की सिंचाई में आ रही कठिनाई से अवगत कराया। इस पर अधिशासी अभियंता को दो दिन के भीतर जांच कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए।

डालनवाला क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा फर्जी जमीन दिखाकर ₹8 लाख की ठगी की शिकायत पर क्षेत्राधिकारी पुलिस को त्वरित व कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग छज्जू राम ने पुत्रवधू द्वारा मारपीट और घर से निकालने के दबाव की शिकायत की, जिस पर क्षेत्राधिकारी पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

हरिपुर कलां निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी निजी भूमि व सरकारी सड़क पर अवैध कब्जे की शिकायत की। जिलाधिकारी ने एसडीएम को जांच कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कारगी चौक, कुंज विहार निवासी ममता नौटियाल ने बताया कि उनकी गली में सीवर लाइन बिछाई गई, लेकिन उनका घर छोड़ दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित संस्था को तत्काल कार्रवाई कर समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए। डोईवाला निवासी दीपा द्वारा कानूनी सलाह एवं मुकदमे में सहायता हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की मांग पर मामला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित किया गया।

जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

MDDA की सख़्त कार्रवाई : अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोज़र, 10 बीघा क्षेत्र में ध्वस्तीकरण कार्यवाही

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मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सघन अभियान जारी है। इसी क्रम में देहरादून जनपद के सेलाकुई क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर आज सख़्त कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। यह कार्रवाई एमडीडीए की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई, जिसका उद्देश्य सुनियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण और आमजन के हितों की रक्षा करना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरू भण्डारी एवं अन्य द्वारा जी.डी. गोयंका स्कूल बस स्टॉप के निकट, सेलाकुई देहरादून क्षेत्र में लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं प्राधिकरण की अनुमति के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। मामले की जांच के बाद एमडीडीए द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए गए, परंतु अनियमित गतिविधियाँ जारी रहने पर आज मौके पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल एवं मनीष नौटियाल, सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाए गए आंतरिक मार्ग, बाउंड्री चिन्हांकन एवं अन्य संरचनाओं को हटाया गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कदम उठाए जाएंगे।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्राधिकरण का स्पष्ट निर्देश है कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमानुसार अनुमति के कोई भी विकास कार्य अवैध है। आज की कार्रवाई उसी प्रतिबद्धता का परिणाम है। आम नागरिकों से अपील है कि भूमि क्रय-विक्रय या निर्माण से पूर्व एमडीडीए से विधिवत अनुमति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की शिकायतें मिल रही हैं, वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। हमारा उद्देश्य लोगों को ठगी से बचाना, नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एमडीडीए ने पुनः नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले प्राधिकरण से जानकारी अवश्य लें। प्राधिकरण द्वारा जारी मानचित्र स्वीकृति और अनुमति ही वैध मानी जाएगी।

महिलाएं अपने कार्य को पुरुषों के मुकाबले निभाती है ज्यादा ईमानदारी से : डॉ नेहा चौकसी

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पत्रकारिता का क्षेत्र महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण : हर चुनौती लेने को तैयार रहती है महिलाएं: डॉ मेघा बहुगुणा

देहरादून।
उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से पत्रकारिता और महिला पत्रकारों की सहभागिता पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिला पत्रकारों ने भाग लिय। कार्यक्रम की शुरुवात मुख्य अतिथि वैद्य कुलम आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं पंचकर्मा केंद्र की डायरेक्टर डॉ मेघा बहुगुणा व देवभूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ नेहा चोकसी ने की।

इस दौरान उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्प गुच्छ देकर किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। वह परिवार के साथ अपने काम को भी बखूबी तरीके से कर रही है। आज उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी है।

 

कार्यक्रम के दौरान वैद्य मेघा बहुगुणा ने कहा कि पत्रकारिता बहुत ही चुनौती वाला फील्ड है। इस क्षेत्र में महिलाओं का आना और भी चुनौती वाला हो जाता है। उन्हें अपने परिवार और काम को जारी रखना मुश्किल होता है। महिलाएं हर चुनौती को लेने के लिए तैयार रहती है।

इस अवसर पर डॉ नेहा चोकसी ने कहा कि महिला अपने काम को पुरुषों के मुकाबले ज्यादा ईमानदारी से करती है। अगर महिलाएं पत्रकारिता में आ जाती है तो लोगों का विश्वास ज्यादा बढ़ेगा। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद महिला पत्रकारों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय राणा और संचालन सांस्कृतिक समिति संयोजक मीना नेगी ने किया। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल, संप्रेक्षक विजय जोशी, कार्यकारिणी सदस्य रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल, मनवर रावत,हिमांशु जोशी व प्रेस क्लब महिला सदस्य मौजूद रहे।

लेखक एवं संगीतकार प्रसून जोशी ने सीएम धामी से की भेंट: राज्य में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर हुआ विचार

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आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीएम आवास में केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष, प्रख्यात लेखक, कवि एवं गीतकार श्री प्रसून जोशी ने शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री धामी ने श्री प्रसून जोशी के साहित्य एवं सिनेमा के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान की सराहना की तथा कला, संस्कृति, साहित्य एवं सिनेमा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

इस अवसर पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, लोक संगीत तथा राज्य में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को फिल्म निर्माण एवं शूटिंग के अनुकूल केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा इसके लिए आवश्यक नीतिगत सहयोग एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में श्री प्रसून जोशी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में उत्तराखंड में सिनेमा, साहित्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार हेतु सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।

डॉ. नित्यानंद का पूरा जीवन हिमालय, प्रकृति और राष्ट्र सेवा में रहा समर्पित : सीएम धामी

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सीएम धामी ने सत्तत हिमालयी पर्यावरण पुरस्कार 2025 -26 से जयेंद्र सिंह राणा एवं संजय सत्यवली को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दून विश्वविद्यालय देहरादून में डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सत्तत हिमालयी पर्यावरण पुरस्कार 2025 -26 से जयेंद्र सिंह राणा एवं संजय सत्यवली को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. नित्यानंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र को समर्पित किया। उनकी सोच, हिमालय की शिखरों जैसी ऊँची और उनका सेवा-भाव हिमालय की घाटियों से भी गहरा था। उनका मानना था कि हिमालय की रक्षा करना, भारतीय सभ्यता और राष्ट्र के भविष्य के लिए भी आवश्यक है।


सीएम धामी ने कहा कि डॉ. नित्यानंद ने विज्ञान को अध्यात्म से शोध को लोक-जीवन से और चिंतन को राष्ट्रहित से जोड़ने का कार्य किया। वह समाज के प्रत्येक वर्ग में राष्ट्रभाव और सामाजिक चेतना का संचार करते रहे। उन्होंने गांवों के सशक्तिकरण के लिए भी आजीवन कार्य किया। वे प्रतिवर्ष अपनी आय से लगभग 40 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान किया करते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1991 में उत्तरकाशी और 1999 में चमोली की आपदा के बाद डॉ. नित्यानंद ने बिना किसी विलंब के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जो आज भी श्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने मनेरी गाँव को अपना केंद्र बनाकर वहाँ 400 से अधिक भूकंप रोधी मकानों के निर्माण का कार्य भी कराया। उन्होंने उस क्षेत्र के 50 से अधिक गाँवों को मॉडल गाँवों के रूप में विकसित करने का कार्य भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा डॉ. नित्यानंद ने ‘उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता समिति’ का गठन कर उन्होंने सेवा को संस्थागत स्वरूप दिया, जो आज भी देशभर में आपदाओं के समय मानवता की सेवा का सबसे बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने कहा देहरादून में संचालित डॉ. नित्यानंद हिमालय शोध एवं अध्ययन केंद्र उनके विचारों को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह केंद्र हिमालयी अध्ययन, सतत विकास, आपदा प्रबंधन और नीति-निर्माण के क्षेत्र में नई दिशा दे रहा है।
सीएम धामी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान जैसे विभिन्न माध्यम से हिमालय के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है। राज्य में प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के माध्यम से अब तक हिमालयी क्षेत्र में 72 टन कार्बन उत्सर्जन को कम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों चलाए जा रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए सौर ऊर्जा सहित अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के नौले, धारे एवं वर्षा आधारित नदियों जैसे परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA) का गठन किया है।
सीएम धामी ने सभी से आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी जीवन के प्रत्येक प्रमुख अवसर पर जैसे जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ या कोई अन्य स्मरणीय दिन पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल भी करें। जिससे हम सभी देवभूमि में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे पाएंगे।

इस अवसर पर आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ दिनेश, आर.एस.एस प्रान्त प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, विधायक विनोद चमोली, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक बृजभूषण गैरोला, डॉ. कमलेश कुमार, उत्तरांचल उत्थान परिषद के संरक्षक प्रेम बड़ाकोटी, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, रविदेवानंद, एवं अन्य लोग मौजूद थे।

दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल: Best Author under 25 की category में दून के 17 वर्षीय तथागत आनन्द श्रीवास्तव को मिला अवार्ड

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यह award उन्हें उनकी नवीनतम पुस्तक ‘Oriental Wisdom’ के लिये दिया गया

दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का 14वां संस्करण 6 फ़रवरी 2026 से शुरू हो गया। इस साहित्यिक महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता के कर कमलों से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) जनपथ, नई दिल्ली, के एम्फीथिएटर में किया गया। ये आयोजन अगले 3 दिनों तक चलेगा, जिसमें साहित्य, संस्कृति और विचारों पर खुली बातचीत होगी। इस साल फेस्टिवल का थीम ‘साहित्य, संस्कृति और समृद्धि’ रखा गया है. कार्यक्रम में नीति-निर्माता, लेखक, राजनयिक और कई सांस्कृतिक हस्तियां भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के awards की भी घोषणा की गयी। 12 अलग-अलग categories में पुरस्कार दिये गये। Best Author under 25 की category में देहरादून के 17 वर्षीय लेखक तथागत आनन्द श्रीवास्तव को विजेता घोषित किया गया।
यह award उन्हें उनकी नवीनतम पुस्तक ‘Oriental Wisdom’ के लिये दिया गया।
Oriental Wisdom पूर्वी एशिया के 4 देशों सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैण्ड, तथा इंडोनेशिया की यात्रा का एक मनोरंजक वृत्तांत है। यह पुस्तक अपने release के पहले दो सप्ताह तक Amazon के hot new releases की बिक्री सूची में लगातार पहले नंबर पर बनी रही थी।

सीएम धामी ने टनकपुर में रखी 30‌0 करोड़ की योजनाओं की आधारशिला: क्षेत्रवासियों को दी बड़ी सौगात 

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शारदा रिवर फ्रंट से बदलेगी चम्पावत की तस्वीर :सीएम धामी

चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि :  यहाँ की आध्यात्मिक चेतना जीवन को दिशा देने वाली शक्ति : सीएम धामी

चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत के समग्र विकास हेतु ₹300 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यासित प्रमुख कार्यों में जनपद चम्पावत के अंतर्गत शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण) कार्य ₹10,735 लाख, सिटी ड्रेनेज प्लान (प्रथम चरण) ₹6,649 लाख, नायर–खेरा क्षेत्र में डिजास्टर रेजिलिएन्स हेतु इकोलॉजिकल कॉरिडोर विकास ₹8,523 लाख, टनकपुर स्थित ग्राम पंचायत बस्तिया में टनकपुर–अस्कोट सीसी मार्ग पुनर्निर्माण ₹115 लाख, चम्पावत–खेतीखान मोटर मार्ग (एसएच–64) के अंतर्गत सुयालखर्क–पुनावे मिलान मार्ग का सुधारीकरण ₹320 लाख, माँ पूर्णागिरि घाटी (चूका क्षेत्र) में हेलीपैड निर्माण ₹187 लाख, विकासखंड पाटी में धूनाघाट–बसौट मोटर मार्ग नवनिर्माण ₹83 लाख, लोहाघाट में कामज्यूला–भनार–रैघाड़ी मोटर मार्ग सुधारीकरण ₹666.84 लाख, पाटी विकासखंड अंतर्गत सांगो–घिंघारूकोट–बांस बसवाड़ी मोटर मार्ग पुनर्निर्माण ₹89.36 लाख, टनकपुर के ग्राम बेलखेत में क़वेराला नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य ₹125.96 लाख, तहसील पूर्णागिरि के ग्राम बमनपुरी में हुड्डी नदी से हो रहे भू-कटाव की रोकथाम हेतु सुरक्षा कार्य ₹154.63 लाख, स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट में परीक्षा हॉल निर्माण ₹672.11 लाख, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चम्पावत परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय, चहारदीवारी एवं मिनी स्टेडियम निर्माण ₹2,045.78 लाख, कस्तूरबा गांधी छात्रावास टनकपुर का विस्तारीकरण ₹384.50 लाख तथा जिला कमांडेंट होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन का निर्माण ₹224.71 लाख शामिल हैं।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट (शारदा कॉरिडोर) परियोजना क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का आधार बनेगी और चम्पावत को पर्यटन, आस्था तथा आधुनिक शहरी सुविधाओं के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से शिक्षा, सड़क, पर्यटन, आपदा प्रबंधन, शहरी विकास तथा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाया जाएगा। इससे सीमांत क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है। यहाँ की आध्यात्मिक चेतना जीवन को दिशा देने वाली शक्ति है। माँ शारदा ज्ञान, विद्या और संस्कार की प्रतीक हैं और उनके पावन धाम के घाटों का विकास करना सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि टनकपुर की धरती पर आते ही उन्हें विशेष ऊर्जा का अनुभव होता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विकास और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन से ही उत्तराखण्ड की पहचान मजबूत होगी और चम्पावत आने वाले समय में एक आदर्श, सशक्त एवं आत्मनिर्भर जनपद के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से जनभागीदारी, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति, श्याम पाण्डेय, अध्यक्ष, जिला पंचायत चम्पावत आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, चम्पावत श्रीमती प्रेमा पाण्डेय समेत अन्य विभिन्न अधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।