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सुदूर अंचलों में सुशासन की दस्तक, जन जन के द्वार पहुंच रही सरकार

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डागुरा न्याय पंचायत के गांव माख्टी में बहुउद्देशीय शिविर, ग्रामीणों को मिली राहत*

*प्रशासन गांव की ओर, माख्टी में एसडीएम डॉ0 हर्षिता सिंह ने सुनी जन समस्याएं*

*गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर जोर, एसडीएम ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश*

*माख्टी बहुउद्देशीय शिविरः 354 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ, 38 शिकायतों का निस्तारण*

*देहरादून।
सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सरकार की विशेष पहल “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत लग रहे बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीणों के लिए अत्यंत सार्थक सिद्ध हो रहे है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाएं और सेवाएं सीधे आमजन तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की पहल पर संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत शनिवार को देहरादून जिला प्रशासन ने कालसी ब्लॉक के दूरस्थ न्याय पंचायत डागुरा के गांव माख्टी में बहुउद्देशीय शिविर लगाया। शिविर में 354 ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। वहीं उपजिलाधिकारी डॉ हर्षिता सिंह ने बहुउद्देशीय शिविर में जन सुनवाई करते हुए मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया।

शिविर के दौरान स्थानीय नागरिकों द्वारा सड़क, पेयजल, शिक्षा, विद्युत, राजस्व आदि से जुड़ी 38 शिकायतें उप जिलाधिकारी डॉ. हर्षिता के समक्ष प्रस्तुत की गईं। प्राप्त शिकायतों में सड़कों को लेकर लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई की 12 शिकायतें सर्वाधिक रही। इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग की 08, पेयजल की 05, सिंचाई विभाग 03, शिक्षा, विद्युत व पशुविभाग की 2-2 और कृषि, वन, पूर्ति व ग्राम्य विकास विभाग से संबधित 1-1 शिकायत शामिल थी।

उप जिलाधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब को कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने विभागीय स्टालों का निरीक्षण भी किया।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 101 तथा आयुर्वेदिक में 62 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। शिविर में 05 मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और 10 किशोरी किट का वितरण भी किया गया। कृषि विभाग द्वारा 35 कृषकों को कृषि उपकरण तथा पशुपालन विभाग द्वारा 50 पशुपालकों को पशु औषधियाँ वितरित की गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा 14 सामाजिक पेंशन स्वीकृत कर ऑनलाइन की गईं। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 20 राशन कार्डों की ई-केवाईसी तथा 08 राशन कार्डों में यूनिट वृद्धि की गई। पंचायती राज विभाग द्वारा जन्म, मृत्यु, यूसीसी, पेंशन व परिवार रजिस्टर संशोधन के 51 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 09 खाता-खतौनी, आय एवं स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त ग्राम्य विकास 18, डेयरी 13, सहकारिता 06, विद्युत 02, श्रम 25, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा 05, कौशल विकास एवं सेवायोजन 08 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में ज्येष्ठ उप प्रमुख मीरा राठौर, तहसीलदार प्रदीप नेगी, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह, सहायक विकास अधिकारी धर्मपाल सिंह तेजवान एवं अन्य विभागीय अधिकारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व बडी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

अच्छी पहल: शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में जिला प्रशासन की बड़ी छलांग, भी  सरकारी स्कूलों को मिली डिजिटल रफ्तार

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मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में डिजिटल शिक्षा की दिशा में जिला प्रशासन की ऐतिहासिक पहल

लार्ज स्केल पर दून के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 3.67 करोड़ से 884 स्मार्ट टीवी की स्थापना; वर्क आर्डर हुआ जारी

डीएम का शिक्षा मॉडल हर कक्षा में अब स्मार्ट तकनीक; सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति की शुरुआत

निजी व सरकारी विद्यालयों के मध्य डिजिटल अंतर की खाई पाटने को डीएम ने जिला खनन न्यास से दिए 3.67 करोड़

जिला प्रशासन ने 5 करोड़ सीएसआर फंड से जिले के सभी विद्यालय किये फर्नीचर युक्त

देहरादून,। मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की विशेष पहल एवं उनके व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद देहरादून के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट उत्कर्ष अन्तर्गत डिजिटल एवं उन्नत शिक्षण सुविधाओं के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम उठाया गया है। विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा-कक्षों को स्मार्ट शिक्षण प्रणाली से सुसज्जित किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल करते हुए जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था लागू कर दी है। कुल 3.67 करोड़ रुपये की लागत से 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रत्येक कक्षा को डिजिटल शिक्षण प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।
जिले के सरकारी स्कूलों को डिजिटल रफ्तार मिलने जा रही है जिला प्रशासन की इस पहल को सरकारी विद्यालयों में शिक्षा में बड़ी पहल के तहत देखा जा रहा है। जिलाधिकारी के विशेष निर्देशन में संचालित इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, इंटरएक्टिव एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है। स्मार्ट टीवी के माध्यम से अब कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं डिजिटल पाठ्यसामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और रोचक बनेगी। यह पहल न केवल सरकारी स्कूलों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा वातावरण प्रदान कर डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
इस योजना के अंतर्गत जिले के 06 विकास खंडों में संचालित कुल 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा-कक्षों हेतु कुल 884 स्मार्ट टीवी क्रय किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यालय में डिजिटल शिक्षण सुविधा समान रूप से उपलब्ध हो तथा ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों के मध्य डिजिटल अंतर को न्यूनतम किया जा सके। स्मार्ट टीवी की स्थापना से विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनेगी। इसके माध्यम से दिक्षा पोर्टल, पीएमई विद्या, ई-सामग्री, शैक्षिक वीडियो, वर्चुअल कक्षाएं तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग संभव होगा। इससे विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, सहभागिता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है।
जिला प्रशासन द्वारा कक्षा-कक्षों के आकार एवं छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट टीवी दो आकारों में क्रय किए जा रहे जिनमें 43 इंच छोटे एवं मध्यम आकार के कक्षों हेतु तथा 55 इंच बड़े आकार के कक्षों हेतु स्मार्ट टीवी क्रय किये जा रहे हैं। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना हेतु कुल ₹3,67,00,000/- (रुपये तीन करोड़ सड़सठ लाख मात्र) की धनराशि स्वीकृत की गई है। उक्त धनराशि का प्रावधान जिला खनन निधि देहरादून से किया गया है। इससे पूर्व जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को 5 करोड़ सीएसआर फंड से फर्नीचरयुक्त किया जा चुका है।
स्मार्ट टीवी का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के अंतर्गत किया गया है। निविदा प्रक्रिया में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 12 फर्मों द्वारा प्रतिभाग किया गया। निविदाओं के परीक्षण एवं चयन हेतु मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक टेंडर समिति का गठन किया गया, जिसमें एनआईसी, कोषागार तथा अन्य संबंधित विभागों के तकनीकी एवं वित्तीय विशेषज्ञों को सम्मिलित किया गया। समिति द्वारा प्राप्त निविदाओं का नियमानुसार विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन किए जाने के उपरांत पात्र एवं न्यूनतम दर वाली फर्म का चयन कर कार्यादेश निर्गत कर दिया गया है। आपूर्ति एवं स्थापना संपूर्ण क्रय प्रक्रिया जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रणाली द्वारा पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक ढंग से संपन्न की कार्यादेश निर्गत कर दिया गया है। आपूर्ति एवं स्थापना कार्य शीघ्र प्रारंभ करते हुए निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का सशक्त प्रयास है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे जनपद में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। जनपद प्रशासन द्वारा स्मार्ट टीवी की आपूर्ति एवं स्थापना कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र ही डिजिटल शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत देहरादून में आयोजित हुआ वाहन दुर्घटना क्रैश इन्वेस्टिगेशन पर वैज्ञानिक प्रशिक्षण

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देहरादून | 07 फरवरी 2026

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा आज देहरादून में वाहन दुर्घटना क्रैश इन्वेस्टिगेशन (Vehicle Accident Crash Investigation) विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं अत्यंत उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय जिलाधिकारी, देहरादून (अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति) द्वारा की गई, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी (वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन विभाग) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में माननीय विधायक कैंट, सुश्री सविता कपूर जी, अपर परिवहन आयुक्त श्री सनत कुमार सिंह जी, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव कुमार मेहरा जी सहित परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, शिक्षा, नगर निगम, एमडीडीए, वन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, जिला सूचना अधिकारी एवं सड़क सुरक्षा लीड एजेंसी के अधिकारीगण सम्मिलित हुए।

सड़क दुर्घटनाएँ – कोविड से भी अधिक गंभीर चुनौती

अपने अध्यक्षीय संबोधन में माननीय जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि आज सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या कोविड महामारी के दौरान हुई मौतों की तुलना में कहीं अधिक है, जो एक गंभीर सामाजिक चेतावनी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निकाय, प्रशासन सहित सभी विभागों, हितधारकों एवं स्वयं सड़क उपयोगकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने वैज्ञानिक दुर्घटना जांच, डेटा-आधारित निर्णय और विभागीय समन्वय को सड़क सुरक्षा का आधार बताया
ओवरस्पीडिंग और हेलमेट उपयोग पर विशेष जोर

मुख्य अतिथि माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी ने कहा कि उत्तराखंड में जनसंख्या के साथ-साथ वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे यातायात दबाव और जाम की स्थिति बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि ओवरस्पीडिंग सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रही है।

उन्होंने दोपहिया वाहन पर चालक एवं पीछे बैठने वाले (पिलियन) दोनों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग तथा यातायात नियमों के सख्त पालन पर विशेष बल दिया।

अतिक्रमण और मोबाइल फोन – बढ़ते खतरे

माननीय विधायक कैंट, सुश्री सविता कपूर जी ने अपने संबोधन में कहा कि घरों के सामने किया गया अनधिकृत अतिक्रमण, सड़क पर निजी सामान रखना एवं गलत स्थानों पर वाहन खड़ा करना यातायात अव्यवस्था और दुर्घटनाओं का कारण बनता है।
उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के दुरुपयोग को अत्यंत खतरनाक बताते हुए नागरिकों से जिम्मेदार आचरण अपनाने की अपील की।

वैज्ञानिक दुर्घटना जांच ही स्थायी समाधान

अपर परिवहन आयुक्त श्री सनत कुमार सिंह जी ने कहा कि दुर्घटनाओं की जांच का उद्देश्य केवल दोष निर्धारण नहीं, बल्कि दुर्घटना के वास्तविक कारकों की पहचान कर उनका समाधान करना है।
उन्होंने बताया कि किसी भी दुर्घटना में मानव त्रुटि, वाहन इंजीनियरिंग अथवा सड़क इंजीनियरिंग — कोई एक या सभी कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।
जब तक प्रत्येक दुर्घटना की गहन एवं वैज्ञानिक जांच कर मजबूत डेटाबेस विकसित नहीं किया जाएगा, तब तक दुर्घटनाओं और जनहानि पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है।
उन्होंने प्रत्येक जनपद में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया

*देहरादून जनपद — सड़क सुरक्षा में सुधार एवं सकारात्मक रुझान (iRAD डेटा आधारित)

Integrated Road Accident Database (iRAD) पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जनपद देहरादून में वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 (दिसंबर तक) सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार एवं सकारात्मक परिवर्तन दर्ज किया गया है।

दुर्घटनाओं में कमी
• वर्ष 2024 में कुल सड़क दुर्घटनाएँ: 511
• वर्ष 2025 में कुल सड़क दुर्घटनाएँ: 450
• कुल कमी: 61 दुर्घटनाएँ
• प्रतिशत कमी: –11.94%

यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि देहरादून में प्रवर्तन, निगरानी एवं जनजागरूकता अभियानों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

घायलों की संख्या में कमी
• वर्ष 2024 में घायल: 431
• वर्ष 2025 में घायल: 407
• कुल कमी: 24 घायल
• प्रतिशत कमी: –5.57%

दुर्घटनाओं की गंभीरता में कमी यह संकेत देती है कि स्पीड कंट्रोल, हेलमेट/सीट बेल्ट अनुपालन एवं त्वरित आपात प्रतिक्रिया में सुधार हुआ है।

मृतकों की संख्या — सतर्कता की आवश्यकता
• वर्ष 2024 में मृतक: 209
• वर्ष 2025 में मृतक: 229
• वृद्धि: +20
• प्रतिशत वृद्धि: +9.57%

यह दर्शाता है कि यद्यपि कुल दुर्घटनाएँ कम हुई हैं, परंतु कुछ दुर्घटनाएँ अब भी अत्यधिक गंभीर प्रकृति की हैं, जिनमें ओवरस्पीडिंग, हेलमेट/सीट बेल्ट न पहनना एवं देर से चिकित्सा सहायता जैसे कारक प्रभावी हो सकते हैं।

समग्र विश्लेषण (Official Narrative Line)

“जनपद देहरादून में वर्ष 2025 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं एवं घायलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो प्रवर्तन, यातायात प्रबंधन, जनजागरूकता एवं विभागीय समन्वय के सकारात्मक परिणामों को दर्शाती है।
हालाँकि, मृतकों की संख्या में वृद्धि यह संकेत देती है कि गंभीर दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु ओवरस्पीडिंग नियंत्रण, हेलमेट/सीट बेल्ट अनुपालन और त्वरित आपात प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।”

• *“देहरादून में सड़क दुर्घटनाओं में 11.94% की कमी, घायलों की संख्या भी घटी — प्रवर्तन और जागरूकता के सकारात्मक परिणाम”*

iRAD डेटा से सामने आए चिंताजनक तथ्य

कार्यक्रम में Integrated Road Accident Database (iRAD) के माध्यम से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में उत्तराखंड में कुल 1846 सड़क दुर्घटनाएँ, 1242 मृतक एवं 2056 घायल दर्ज किए गए।
यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में समन्वित, वैज्ञानिक एवं निरंतर प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। 

जेपीआरआई विशेषज्ञ द्वारा क्रैश इन्वेस्टिगेशन प्रशिक्षण

इस अवसर पर कार्यक्रम के दूसरे सत्र में JPRI Pvt. Ltd. (Jaya Padmanabhan Research India Pvt. Ltd.) के विशेषज्ञ श्री सुमित ढुल द्वारा वाहन दुर्घटनाओं की क्रैश इन्वेस्टिगेशन विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने वाहन दुर्घटनाओं की वैज्ञानिक पद्धति से जाँच करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सभी स्टेकहोल्डर विभागों से इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने दुर्घटनाओं के प्रत्येक पहलू की गहन जाँच की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा लीड एजेंसी से श्री नरेश संगल द्वारा विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न कार्यों एवं प्रयासों के संबंध में प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया गया।
साथ ही जिला सड़क सुरक्षा समिति की भूमिका एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया, जिससे विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों की स्पष्ट समझ प्राप्त है।

कार्यक्रम के अंत में संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव कुमार मेहरा जी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने माननीय मुख्य अतिथि, अध्यक्ष महोदय, माननीय विधायक, सभी विभागों के अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिवहन विभाग भविष्य में भी सड़क सुरक्षा, वैज्ञानिक दुर्घटना जांच, प्रशिक्षण एवं जनजागरूकता के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

आरटीओ प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा, देहरादून — वक्तव्य

“राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
आज सड़क दुर्घटनाएँ केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक दुर्घटना के पीछे एक परिवार, एक भविष्य और एक जीवन जुड़ा होता है।

देहरादून जैसे तेजी से विकसित होते शहर में यातायात दबाव, अव्यवस्थित पार्किंग, ओवरस्पीडिंग तथा यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण बन रहे हैं। ऐसे में केवल प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दुर्घटना जांच, डेटा-आधारित विश्लेषण और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

परिवहन विभाग, उत्तराखंड ने इस अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि वैज्ञानिक जांच, विभागीय समन्वय, डेटा-आधारित नीति एवं जनभागीदारी के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाते हुए उत्तराखंड को सुरक्षित, स्वच्छ एवं जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था वाला राज्य बनाया जाएगा।

अल्ट्रा टेल रन विजेता नायक कलम सिंह बिष्ट पहुंचे प्रेस क्लब: पत्रकारों को किया संबोधित

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देहरादून : उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून के तत्वावधान में शनिवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब सभागार में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें हाल में ओमान में आयोजित अल्ट्रा टेल रन के विश्व विजेता नायक कलम सिंह (सेनि) ने अपने अनुभव साझा किए। आपको बता दें कि 11 से 13 दिसंबर तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 68 देशों के 4500 प्रतिभागी शामिल हुए थे, जिनमें कलम सिंह बिष्ट पहले स्थान पर रहे। बतौर कलम सिंह उन्होंने 120 किमी की यह अल्ट्रा टेल रन 18 घंटे, 18 मिनट में यह रेस पूरी की। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय इवेंट था, जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने इसका श्रेय अपने पिता स्व. जय सिंह बिष्ट और माता श्रीमती कमला देवी को दिया। गरीबी और संसाधनों के अभाव के बीच मेहनत कर वह फौज में भर्ती हुए। जिसके बाद वह नायक पद से सेवानिवृत्त हुए। उस समय भी वह मैराथन समेत अन्य प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते थे। उन्होंने कई जगह मेडल भी जीते हैं, लेकिन नौकरी के साथ वह इस पर ज्यादा फोकस नहीं कर पाए। हालांकि, इसके बाद उन्होंने अल्ट्रा टेल रन में कई जगह मेडल जीते हैं। उन्होंने बताया कि दौड़ में सबसे कठिन अल्ट्रा टेल होती है, जो पहाड़ी रास्तों यानी कि ऊबड़ खाबड़ रास्तों पर होती है। यह 42 किमी से अधिक और पहाड़ी रूट पर होती है। नायक कलम सिंह बिष्ट ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तराखंड में चमोली जिले के देवाल स्थित मुंदोली के रहने वाले हैं। बचपन में पहाड़ी रास्तों पर दौड़ने और फौज में कठिन परिश्रम और अनुशासित होने का ही उन्हें फायदा मिला है। उन्होंने बताया कि करीब तीन साल पहले उन्होंने मुंदोली रेडिस क्लब का गठन किया। जिसके माध्यम से वह उत्तराखंड के युवाओं को एथलेटिक्स के लिए तैयार करते हैं। इसके लिए वह गांव गांव में एक सप्ताह का शिविर लगाकर बच्चों का चयन करते हैं। इस समय करीब 370 युवा उनसे जुड़े हैं। इनमें 20 से 25 खिलाड़ी आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मेडल जीतने को तैयार हैं जबकि 2 से 3 खिलाड़ी इंटरनेशनल लेवल के लिए तैयार हैं। इसके पीछे उनका मकसद युवकों को नशे और मोबाइल की लत से दूर रखना भी है। इस दौरान कई पत्रकारों ने नायक कलम सिंह बिष्ट से सवाल भी किए, जिनका बिष्ट ने बड़ी सरलता से उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। इस मौके पर प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, महामंत्री योगेश सेमवाल आदि शामिल रहे।

*सादर*

*योगेश सेमवाल, महामंत्री उत्तराचंल प्रेस क्लब देहरादून*

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक सप्ताह का रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुआ भव्य समापन

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देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, देहरादून में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित सांस्कृतिक सप्ताह का आज भव्य समापन हुआ। सप्ताह के अंतिम दिन पाक कला प्रतियोगिता (फूड फेस्ट) का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी रचनात्मकता एवं कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।


प्रतिभागी विद्यार्थियों ने अपने-अपने व्यंजनों की आकर्षक प्रस्तुति एवं सशक्त अभिव्यक्ति के माध्यम से निर्णायकों तथा दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे सप्ताह विश्वविद्यालय परिसर में नृत्य, संगीत, फैशन शो, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, रंगोली तथा फूड फेस्ट जैसी विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसी क्रम में 07 फरवरी को विश्वविद्यालय के पटेल नगर कैंपस के बास्केटबॉल कोर्ट में प्रतियोगिताओं का आयोजन संपन्न हुआ, जिनके परिणाम अंतिम दिन घोषित किए गए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु आयोजकों को अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।


कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता एवं सामाजिक मूल्यों का विकास करते हैं।


विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने कहा कि विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर प्रदान करता है। सांस्कृतिक सप्ताह जैसे आयोजन छात्रों को संगठन, अनुशासन एवं टीमवर्क का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं।
डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. (डॉ.) मालविका सती कांडपाल ने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सांस्कृतिक सप्ताह के अंतर्गत आयोजित सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।
प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में सांस्कृतिक समिति एवं कल्चरल कमेटी के सदस्यों ने समन्वयक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक समिति की चेयरपर्सन डॉ. प्रिया पांडे, चीफ प्रॉक्टर डॉ. गणराजन, विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।i

बड़ी खबर: वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट के हमलावरों को पुलिस ने  लिया हिरासत में 

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राजधानी देहरादून में लगातार अपराधिक मामले बढ़ते जा रहे हैं जिसके चलते लोगों में काफी आक्रोश भी है। कल वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट पर तीन अज्ञात हमलावरों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था जिसकी तहरीर उनके द्वारा पुलिस मैं दी गई और पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए हमलावरों  को हिरासत में लिया गया।

बता दें कि वादी श्री हेम भट्ट स्व० जगदीश चन्द्र भट्ट, निवासी- शान्ति विहार, हरिद्धार बाईपास रोड, देहरादून ने स्कूटी सवार तीन अज्ञात व्यक्तियो द्वारा दिनाँक 06/02/2026 को रेसकोर्स सडक पर मुडते समय उनकी स्कूटी रोककर उनके साथ गाली गलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के संबंध में दी गयी तहरीर के आधार पर मु०अ०सं०- 26/26, धारा 126(2),115(2),352,351(3) BNS का अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसमे पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 07/02/2026 को मुखबिर की सूचना पर घटना में शामिल 02 अभियुक्तो 1- मो० कैफ पुत्र समर अहमद निवासी गांधी रोड, थाना कोतवाली, जनपद देहरादून, उम्र 21 वर्ष तथा 2- मो० ताबिश पुत्र रियाज अहमद निवासी गांधी रोड, थाना कोतवाली, देहरादून, उम्र 20 वर्ष को पूछताछ हेतु हिरासत में लेकर चौकी लाया गया।

पूछताछ मे दोनो अभियुक्तों द्वारा बताया गया की दिनांक 06/02/2026 की शाम को उनके द्वारा समीर निवासी मेहूवाला से इनामुला बिल्डिंग के पास से रेसकोर्स जाने के लिये स्कूटी मे लिफ्ट ली गयी थी तथा रास्ते मे हॉर्न देने पर भी वादी द्वारा उनके वाहन को साई़ड न देने पर रेसकोर्स जाने वाली सडक पर उनके द्वारा वादी के वाहन के आगे अपने वाहन को लगाकर उसे रुकवाया गया। इस बात को लेकर हुए विवाद में उनके बीच मारपीट हो गयी। घटना में प्रकाश में आये अभियुक्त समीर निवासी मेंहुवाला की तलाश की जा रही है। हिरासत में लिए गए अभियुक्तों के विरुद्द अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में लिए गए बड़े फैसले: मानचित्र स्वीकृति प्रणाली पर कड़ा फोकस, कसेगा शिकंजा

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CM धामी के दिशा-निर्देशों में विज़न से विज़िबल डेवलपमेंट की ओर एमडीडीए

*मुख्यमंत्री की घोषणा को जमीन पर उतारने की तैयारी, धर्मपुर चौक मंदिर के पास पार्क और शिव प्रतिमा स्थापना के निर्देश*

*सहस्त्रधारा ट्रेंचिंग ग्राउंड बनेगा आधुनिक पार्क, अवैध प्लॉटिंग पर डिजिटल वार, वेबसाइट पर सार्वजनिक होगी पूरी जानकारी*

देवभूमि उत्तराखंड को सुनियोजित, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप विकसित करने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के क्रम में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अब विज़न को साकार करने के मिशन मोड में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में 07 फरवरी 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि देहरादून–मसूरी शहरी क्षेत्र के भविष्य का रोडमैप तय करने वाली बैठक साबित हुई। यह बैठक उस सोच का प्रतिबिंब रही, जिसमें विकास सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि कानून, पारदर्शिता, सुरक्षा, पर्यावरण और जनहित के संतुलन से जुड़ा हुआ है।

*प्लानिंग से परफॉर्मेंस तक*
बैठक की शुरुआत विगत तीन माह में स्वीकृति हेतु प्रस्तुत आवासीय एवं व्यवसायिक मानचित्रों की सेक्टरवार समीक्षा से हुई। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और नियमानुसार कार्य शीघ्र पूरा हो।

*नियम तोड़ने वालों पर नर्मी नहीं*
बैठक में उन प्रकरणों को लेकर सख्त रुख अपनाया गया, जिनमें मानचित्र शमन अथवा स्वीकृति के बाद भी निर्धारित शुल्क जमा नहीं किया गया। इस विषय पर उपाध्यक्ष ने समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति द्वारा चिन्हित प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई कर यह संदेश साफ किया गया कि नियम सबके लिए समान हैं।

*अवैध निर्माण के खिलाफ मैदान में पूरा तंत्र*
शहर की बेतरतीब होती तस्वीर पर लगाम कसने के लिए एमडीडीए अब सेक्टरवार संयुक्त अभियान चलाएगा। निर्धारित दिन पर समस्त अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई होगी। उपाध्यक्ष ने दो टूक कहा “अवैध निर्माणों पर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी।” आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से एमडीडीए द्वारा अवैध प्लॉटिंग पर की गई कार्रवाई की जानकारी अब प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लोग फर्जी कॉलोनियों के जाल में फंसने से भी बच सकेंगे।

*शहर को मिलेगी नई हरियाली*
सहस्त्रधारा रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को एक आधुनिक पार्क के रूप में विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। दिल्ली विकास प्राधिकरण के पार्कों की तर्ज पर विकसित होने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए एमडीडीए की टीम दिल्ली जाकर अध्ययन करेगी। यह परियोजना शहरी जीवन में हरित विराम (ग्रीन ब्रेक) देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

*मसूरी रोड पर रोशनी, सुरक्षा में बढ़ोतरी*
मुख्य सचिव के निर्देशों के क्रम में मसूरी रोड की वैली साइड पर लाइटिंग कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में यह योजना बेहद अहम साबित होगी। धर्मपुर चौक के समीप मंदिर के पास खाली भूमि पर पार्क निर्माण और भगवान शिव की प्रतिमा स्थापना के निर्देश दिए गए। यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा।

*धूल पर नियंत्रण, हरियाली पर जोर*
सड़कों के किनारे खाली स्थानों पर फुटपाथ निर्माण और व्यापक पौधारोपण कर प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

*आवासीय भविष्य की नींव*
लैंड पूलिंग के तहत खरीदी गई भूमि पर प्लॉटेड आवासीय योजना को मई 2026 तक धरातल पर लाने के निर्देश दिए गए। धौरण क्षेत्र में प्रस्तावित आवासीय योजना सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री के साथ विकसित की जाएगी।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि शहरी विकास नियोजित, सुरक्षित और पारदर्शी हो। एमडीडीए इसी सोच के साथ कार्य कर रहा है। अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हमारी प्राथमिकता है। साथ ही हम ऐसे विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं, जिनसे शहर को बेहतर बुनियादी ढांचा, हरियाली और सुरक्षित यातायात मिल सके। मानचित्र स्वीकृति से लेकर आवासीय योजनाओं तक हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। हमारा उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संतुलित शहरी विकास करना है।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए उपाध्यक्ष के नेतृत्व में प्राधिकरण पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सभी विभागों को समयबद्ध कार्य, गुणवत्ता और नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए हैं। अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

राज्य गीत को ठंडे बस्ते में डालना उत्तराखंड की आत्मा का अपमान : कांग्रेस

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“राज्य-गीत की उपेक्षा से आहत हूँ” – *गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी

आज देहरादून में बल्लीवाला चौक स्थित वैडिंग पॉइंट में कांग्रेस द्वारा “ *उत्तराखंड के राज्य-गीत की वर्षगांठ कार्यक्रम* ” का आयोजन किया गया, जिसका संयोजन कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर ने किया। उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता, लोक चेतना और देवभूमि की आत्मा को स्वर देने वाला राज्य का आधिकारिक गीत “उत्तराखंड देवभूमि–मातृभूमि” आज सरकारी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। यह वही राज्य गीत है, जिसे 6 फरवरी 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत द्वारा राज्य की जनता को समर्पित किया गया था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीते लगभग दस वर्षों से वर्तमान भाजपा सरकार ने इस राज्य गीत को जानबूझकर भुलाने और हाशिये पर डालने का काम किया है।
यह राज्य गीत प्रख्यात गीतकार हेमंत बिष्ट (नैनीताल) के सारगर्भित शब्दों, गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के संगीत निर्देशन एवं स्वर तथा अनुराधा निराला की सशक्त आवाज़ से सुसज्जित है। राज्य गीत के चयन हेतु गठित समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मण सिंह बटरोही थे, जिसमें स्वयं नरेंद्र सिंह नेगी भी सदस्य रहे। यह गीत उत्तराखंड की लोक संस्कृति, आस्था, प्रकृति और परंपराओं का जीवंत दस्तावेज़ है।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर के संयोजन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य गीत को पुनः सार्वजनिक रूप से गाया और बजाया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत , कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में स्वयं गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने की।

इस अवसर पर गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने भावुक होते हुए राज्य गीत की कुछ पंक्तियां गायी और कहा—
“यह गीत मैंने अपने राज्य के लिए बनाया। इसके लिए मैंने सरकार से एक रुपया भी नहीं लिया, क्योंकि यह मेरी मातृभूमि के प्रति सेवा थी। लेकिन जिस प्रकार इस गीत को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, वह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं व्यक्तिगत रूप से राज्य-गीत की उपेक्षा से बहुत आहत हूँ।”

पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत ने कहा—
“राज्य गठन के 15 वर्षों बाद उत्तराखंड को उसकी पहचान देने वाला राज्य गीत मिला था। यह किसी एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरे राज्य की धरोहर है। किंतु संकीर्ण राजनीतिक सोच और श्रेय लेने की होड़ में भाजपा सरकार ने इसे भुला दिया, जो उत्तराखंड की भावना के साथ अन्याय है।”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने कहा—
“राज्य गीत को दबाना दरअसल उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना को दबाने जैसा है। राज्य की अस्मिता से जुड़े हर प्रतीक को वर्तमान सरकार दफन करना चाहती है। इस गीत में किसी दल का महिमा-मंडन नहीं है, फिर राज्य सरकार को इससे क्या आपत्ति है?
क्या उत्तराखंड की पहचान सिर्फ़ चुनावी नारों तक सीमित है?
क्या राज्य की संस्कृति, भाषा और भावनाओं का कोई मूल्य नहीं?
आखिर किस डर या द्वेष के कारण राज्य गीत को सरकारी कार्यक्रमों से गायब कर दिया गया?”

कार्यक्रम के संयोजक कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर ने कहा—
“कांग्रेस यह स्पष्ट करती है कि राज्य गीत किसी दल का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड का है। इसकी अनदेखी देवभूमि की आत्मा के साथ किया गया अपराध है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

कार्यक्रम का संचालन अभिनव थापर ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रवक्ता गरिमा दसौनी जी, सेवादल अध्यक्ष हेमा पुरोहित जी, प्रवक्ता मोहन काला जी, महामंत्री नवीन जोशी जी, युवा कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मोहित मेहता जी, स्वाति नेगी जी, पार्षद अभिषेक तिवारी जी, एडवोकेट नितिन चंचल जी, सूरज छेत्री जी, पार्षद रमेश कुमार मंगु जी, हरि किशन भट्ट जी, संजय शर्मा जी, वीरेन्द्र पोखरियाल जी, आशीष देसाई जी, ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता जी, पिया थापा जी, राजीव चौधरी जी, ट्विंकल अरोड़ा जी, अरुण शर्मा जी, रितेश क्षेत्री जी, पीयूष जोशी जी, सुलेमान अली जी, बब्बन सती जी, वैभव सोनकर जी, डॉ. सोनिया आनंद रावत जी सहित अनेक कांग्रेस नेता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

संवेदना से सशक्तिकरण की ओर-डीएम सविन बंसल की पहल: संरक्षण गृह की संवासिनियो की विशेष एक्सपोजर विजिट

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सपनों को पंखः-मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनी विजिट

*भ्रमण नहीं, मुख्यधारा से जोड़ने का प्रबल माध्यम हैं ऐेसे कार्यक्रम-डीएम सविन*

*सम्मान, विश्वास और सकारात्मक सोच से संरक्षण गृहों में संवरता भविष्य,*

*देहरादून 06 फरवरी,2026 (सू.वि),*
मा0 मुख्यमंत्री की प्रेरणा एवं देहरादून जिला प्रशासन के सतत, संवेदनशील और मानवीय प्रयासों के परिणामस्वरूप देहरादून स्थित राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र (नारी निकेतन) तथा बालिका निकेतन में निवासरत संवासिनियों और बालिकाओं को आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर सशक्त किया जा रहा है।

इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल के मार्गदर्शन एवं उनकी संवेदनशील पहल पर नारी निकेतन की संवासिनियों एवं बालिका निकेतन की बालिकाओं के लिए एक विशेष एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल भ्रमण या मनोरंजन नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक वातावरण से जोड़कर आत्मविश्वास, अपनत्व और सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करना रहा।

नारी निकेतन में निवासरत महिलाओं को क्रॉसरोड मॉल ले जाया गया, जहाँ उन्हें बहुचर्चित देशभक्ति फिल्म ‘बॉर्डर-2’ दिखाई गई। इसके उपरांत स्थानीय रेस्टोरेंट में स्नेहपूर्ण वातावरण में दोपहर का भोजन कराया गया तथा मॉल में स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का एक्सपोजर विजिट कराया गया। इस दौरान संवासिनियों के चेहरों पर झलकती प्रसन्नता, आत्मविश्वास और अपनत्व की अनुभूति इस बात का प्रमाण थी कि वे पुनः समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए उत्साहित हैं। उनके मन-मस्तिष्क में एक नई आशा, नई शुरुआत और बेहतर भविष्य का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।

वहीं बालिका निकेतन की बालिकाओं को सिल्वर सिटी, पेसिफिक मॉल तथा राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन का ऐतिहासिक एवं शैक्षिक भ्रमण कराया गया। सिल्वर सिटी मॉल में बालिकाओं को देशभक्ति फिल्म दिखाई गई। भ्रमण के दौरान बालिकाओं के जलपान, सुरक्षा एवं देखरेख की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस एक्सपोजर विजिट के माध्यम से बालिकाओं ने शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का आनंद लेते हुए व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित किया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संरक्षण गृहों में निवासरत असहाय महिलाओं एवं अनाथ बालिकाओं को सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और सकारात्मक सोच के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि इन महिलाओं और बालिकाओं को सम्मान, स्नेह और सामान्य सामाजिक वातावरण प्राप्त हो, तो उनका पुनर्वास अधिक प्रभावी, स्थायी और सार्थक बन सकता है। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन इसी भावना के साथ भविष्य में भी ऐसे संवेदनशील, मानवीय और प्रेरणादायी प्रयास करता रहेगा।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह एक्सपोजर विजिट न केवल संवासिनियों और बालिकाओं के चेहरों पर मुस्कान लेकर आया, बल्कि उनके सपनों को नई दिशा, नई उड़ान और नया विश्वास भी प्रदान कर गया। जिलाधिकारी के प्रयासों से यह पहल नारी निकेतन की संवासिनियों के मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठा और प्रेरणादायी उदाहरण बनी है। यह पहल टूटे विश्वासों को संजोने, बिखरी ज़िंदगियों को सहारा देने और नई शुरुआत का साहस जगाने की एक सशक्त एवं जीवंत कोशिश है।

इस पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, नारी निकेतन की अधीक्षिका सोनल राणा सहित केंद्र का स्टॉफ उपस्थित रहा, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सौहार्दपूर्ण, सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

DM सविन बंसल के निर्देशन में रायपुर क्षेत्र के विद्यालयों में बाल अधिकारों पर चलाया जागरूकता अभियान

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*देहरादून 06 फरवरी,2026।
जनपद देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण इकाई देहरादून/जिला प्रोबेशन कार्यालय देहरादून, महिला कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा शुक्रवार को रायपुर क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों में बाल अधिकारों एवं कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित एक व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।

यह जागरूकता अभियान राजकीय इण्टर कॉलेज रायपुर देहरादून, राजकीय माध्यमिक विद्यालय रायपुर देहरादून एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर देहरादून में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अभियान के दौरान महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं तथा बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को प्रदान की गई।

कार्यक्रम में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015, पोक्सो अधिनियम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल विवाह प्रतिषेध, बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम, अनाथ प्रमाण पत्र, स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक ग्रहण विनियम 2022, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, विधवा पेंशन योजना तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े गुड टच एवं बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

जागरूकता शिविर में जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, संरक्षण अधिकारी सम्पूर्णा भट्ट, तथा सामाजिक कार्यकर्ता कविता पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं द्वारा बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं उपलब्ध सरकारी सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

उक्त जागरूकता अभियान में राजकीय इण्टर कॉलेज, राजकीय माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर देहरादून के लगभग 230 विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, सशक्त एवं जागरूक बनाना रहा, जिसे प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।