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महिला आरक्षण लागू करने में देरी बर्दाश्त नहीं :  विधानसभा घेराव में महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन

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देहरादून। 33% महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग को लेकर उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस ने आज प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में विधानसभा घेराव कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की मांग को बुलंद किया


कार्यक्रम के तहत महिला कांग्रेस की पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति हिम पैलेस, नेहरू कॉलोनी में एकत्रित हुईं, जहां से विधानसभा की ओर एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया।
मार्च के दौरान “महिला आरक्षण लागू करो”, “आधी आबादी को पूरा हक दो” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
विधानसभा से कुछ दूरी पहले ही पुलिस प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोक दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई तथा बैरिकेडिंग पार करने को लेकर हल्की झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस द्वारा कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
इस मौके पर चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत भी पहुंचे और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि
“महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने में देरी लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है। सरकार को तुरंत महिला आरक्षण लागू करना चाहिए।”
प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा—
“संसद द्वारा वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के बावजूद आज तक 33% महिला आरक्षण लागू नहीं किया जाना सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जनगणना और परिसीमन के नाम पर महिलाओं के अधिकार को लगातार टाला जा रहा है, जिसे महिला कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। जब तक महिलाओं को उनका हक नहीं मिलेगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश और देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी हैं और उन्हें दबाया नहीं जा सकता। महिला कांग्रेस हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की वरिष्ठ नेता जया कर्नाटक, पुष्पा पवार, अंशुल त्यागी, आशा रावत, सुशीला शर्मा, अंजू मिश्रा, शशि शाह, अनीता सकलानी, शोभा बडोनी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा ललित भद्री, बबलू पंवार, शहीद जमाल, आलोक मेहता, नरेश सकलानी, बंटू, गौरव रावत, नितिन उनियाल, अनुज, अनुराग कंसवाल, अभिमन्यु, साहिल शेख, प्रियांशु गौड़, सूरज सहित युवा कांग्रेस के साथियों एवं बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही, जिससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला।
अंत में महिला कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही महिला आरक्षण लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।
सादर
ज्योति रौतेला
प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड महिला कांग्रेस

 

 उच्च शिक्षा में बालिकाओं का ड्राॅप आउट 12 फीसदी घटा: मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत

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नारी शक्ति को निर्णय मंचों पर मिले भरपूर अवसरः डाॅ. धन सिंह रावत

विधानसभा के विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण पर रखें अपने विचार

 

छात्र संघ चुनावों में छात्राओं को दिया जायेगा 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व

देहरादून, 28 अप्रैल 2026

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर राज्य विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र ‘नारी सम्मान–लोकतंत्र में अधिकार’ के दौरान कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि नारी शक्ति को निर्णय मंचों पर पर्याप्त अवसर मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी, यह अधिनियम महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के हकों को कुचल डाला।

डॉ रावत ने कहा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये गए प्रयासों ने हमेशा सकारात्मक परिणाम सामने लाये। उन्होंने राज्य में महिला सशक्तिकरण को लेकर किये गये प्रयासों को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने सहकारिता से लेकर शिक्षा क्षेत्र तक महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की, इसका परिणाम यह है कि सहकारी समितियों के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि 33 फीसदी प्रतिनिधित्व देने से सहकारी समितियों के चुनाव में कुल 6486 निर्वाचित संचालकों में लगभग 39% यानी 2517 महिलाएं विजेता बनीं, जबकि 668 समितियों में से 281 की कमान महिलाओं के हाथों में है।

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए डाॅ. रावत ने बताया कि राज्य में बालिकाओं को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और ड्रेस उपलब्ध कराई जा रही हैं। सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूर्ण किया जा चुका है। प्रदेश में 39 कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास संचालित हैं, जहां निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा, परिवहन, परामर्श एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि उच्च शिक्षा में बालिकाओं का ड्रॉपआउट 12% कम हुआ है और सकल नामांकन अनुपात (GER) 48% तक पहुंच गया है।

डाॅ. रावत ने बताया कि विद्या ज्योति छात्रवृत्ति और गौरा देवी कन्या धन योजना के माध्यम से बालिकाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। साथ ही, तीन विश्वविद्यालयों में महिला कुलपतियों की नियुक्ति कर महिला नेतृत्व को बढ़ावा दिया गया है।

उन्होंने घोषणा की कि शीघ्र ही छात्र संघ चुनावों में छात्राओं को 50% प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को अवसर दिया जाए, तो वे नेतृत्व में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं। राज्य सरकार का संकल्प है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से आधी आबादी को उनका उचित अधिकार मिले।

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा एंव सहकारिता मंत्री।

 

सीएम धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र को किया संबोधित

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर न हो किसी भी प्रकार की राजनीति

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र – ‘नारी सम्मान- लोकतंत्र में अधिकार’ को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने सदन के सामने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन बिल को यथाशीघ्र लागू करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हुए सर्वसम्मत संकल्प व्यक्त करने का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य आंदोलनकारियों के साथ ही उत्तराखंड में नारी शक्ति का प्रतीक गौरा देवी, टिंचरी माई, बिशनी देवी शाह, जशूली शौक्याण, कुंती वर्मा, भागीरथी देवी, मंगला देवी, हंसा धनाई, सरला बहन, बेलमती चौहान, सुशीला बहन, कमला पंत जैसी महिलाओं को नमन करने के साथ किया। मुख्यमंत्री ने सदन से अपील करते हुए कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे उपायों का समर्थन करने में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को देवी मानकर उसकी आराधना की जाती है। माँ दुर्गा, माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती के रूप में हम नारी के साहस, समृद्धि और ज्ञान के स्वरूप का वंदन करते हैं। उन्होने कहा कि भारत के इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले से लेकर अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला तक नारी शक्ति के असंख्य प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिलते हैं। नारी शक्ति अब केवल ’’सहभागिता’’ तक सीमित नहीं है, बल्कि ’’नेतृत्व’’ की भूमिका निभा रही है। चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता हो, क्रिकेट का विश्व कप जीतना हो, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से पास-आउट होना हो, या फिर सेना और वायु सेना में अग्रिम पंक्ति के मोर्चों पर काम करना हो, ये सब नारी शक्ति के उदाहरण हैं। इसी तरह उत्तराखंड भी अदम्य साहस की प्रतीक तीलू रौतेली, उत्तराखंड की लक्ष्मी बाई कही जाने वाली रानी जिया रानी और चिपको आंदोलन की अग्रदूत गौरा देवी नारी शक्ति का उदाहरण हैं।

*नारी शक्ति वंदन अधिनियम युगांतकारी कदम*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नारी शक्ति के सामर्थ्य को समझते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए थे। इस ऐतिहासिक अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। ये इन सदनों में केवल मातृशक्ति की संख्या बढ़ाने का प्रयास भर नहीं था, बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक युगांतकारी कदम था। प्रधानमंत्री ने इस विराट संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए समस्त देशवासियों के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों से भी सहयोग और समर्थन का आह्वान किया था। इसी कड़ी में अगले लोकसभा चुनावों तक देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने के उद्देश्य से 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस ऐतिहासिक संकल्प को साकार करने की दिशा में निर्णायक प्रयास किया। परंतु विपक्षी दलों ने मिलकर इस ऐतिहासिक और युग परिवर्तनकारी पहल को संसद में पारित नहीं होने दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकसभा में संख्या बल के कारण जब बिल पारित नहीं हो पाया तो, विपक्षी दल के नेता तालियाँ बजा रहे थे। उस दृश्य को देखकर महाभारत की वो सभा याद आ गई, जिसमें द्रौपदी का अपमान किया गया था।

*विपक्ष कर रहा भ्रम फैलाने का प्रयास*
उन्होंने कहा कि विपक्ष अब महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। जबकि लोकसभा में ही गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर किया था कि परिसीमन के माध्यम से किसी भी राज्य की सीटों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा, इसीलिए सीटें बढ़ाने का प्राविधान बिल में रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार देने के बारे में कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पर जब पहली बार किसी ने सच्चे मन से महिलाओं के हित में कार्य करने का प्रयास किया तो उसे भी नहीं करने दिया। जबकि आदरणीय प्रधानमंत्री लोकसभा में ये स्पष्ट कह चुके थे की यदि ये बिल पास हो जाएगा तो इसका पूरा श्रेय वो विपक्ष को देने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अब देश की मातृशक्ति पूरी तरह से समझ चुकी है कि कौन उनके अधिकारों के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहा है।

*केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित*
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में शपथ लेने के साथ ही नारी सशक्तिकरण को शासन की प्राथमिकता में रखकर कार्य करना प्रारम्भ कर दिया था। यही कारण है कि पिछले 11 वर्षों में जेंडर बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2015 में शुरू हुए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान से पिछले 11 वर्षों में लिंगानुपात और बालिका शिक्षा में उल्लेखनीय परिवर्तन आए हैं। पिछले 11 वर्षों में महिला-पुरुष लिंगानुपात में 12 अंकों की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, माध्यमिक स्तर पर स्कूलों में लड़कियों का कुल नामांकन अनुपात 3 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ा है। इतना ही नहीं, बीते 11 वर्षों में संस्थागत प्रसव 61 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गया है। आज “सुकन्या समृद्धि योजना” के अंतर्गत बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 8.2 प्रतिशत की उच्च ब्याज दर के साथ टैक्स-फ्री बचत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस योजना के तहत अब तक 4 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है।

*तीन तलाक से दिलाई मुक्ति*
वहीं “प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना” के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, “स्वच्छ भारत मिशन” के द्वारा घर-घर शौचालयों का निर्माण कर महिलाओं को गरिमा और सुरक्षा प्रदान की गई है। जिससे खुले में शौच की समस्या से मुक्ति मिली और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सम्मान दोनों की रक्षा हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को इस कुप्रथा से कानूनी संरक्षण प्रदान करने का काम किया है। जबकि पूर्व में सरकारों ने इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट तक बदलने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प का ही परिणाम है कि आज देश के सामान्य घरों की बेटियां रसोई से रायसीना हिल तक का सफर तय कर रही है। राष्ट्रपति आदरणीय द्रौपदी मुर्मू से लेकर ‘’ऑपरेशन सिंदूर’’ में अग्रणी भूमिका निभाने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी इसका उदाहरण हैं।

*उत्तराखंड को मिलता फायदा*
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुछ लोग उत्तराखंड में भी महिला आरक्षण पर वही झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिसीमन के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 105 हो सकती थी, जिसमें से 35 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती थी। इसी तरह सांसदों कि संख्या भी 5 से बढ़कर 7 या 8 हो जाती, इससे हर किसी का फायदा ही था, फिर भी विपक्ष ने बिल पास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि यदि सामान्य घरों से महिलाएं राजनीति में आ जाएंगी तो कुछ दलों की वंशवादी राजनीति की दुकानें बंद हो जाएंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी के पहले मंत्रीमंडल और राजीव गांधी की कैबिनेट में केवल एक- एक महिला मंत्री थीं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा मंत्रिमंडल में 7 महिला मंत्री हैं।

*प्रदेश में मजबूत हो रही मातृशक्ति*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार भी महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इस वर्ष जेंडर बजट के अंतर्गत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश सरकार द्वारा ’’उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’’ के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही, ’’सशक्त बहना उत्सव योजना’’ और ’‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’’ के माध्यम से हमने राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम किया है। सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण और ‘’एकल महिला स्वरोजगार योजना’’ के माध्यम से महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान कर रही है। साथ ही साथ ’’मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने का काम भी किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी’’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है, वहीं, सहकारी समितियों में भी आज महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। खेल के क्षेत्र में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लोहाघाट में लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जा रहा है।

*एक दिन जरूर पूरा होगा संकल्प*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में सर्वप्रथम “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। यूसीसी से उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। अब यूसीसी की मांग पूरे देश में उठ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने, अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर निर्माण और दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने का काम किया है। उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य भी अवश्य करेगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर दलगत हितों से ऊपर उठकर सकारात्मक और स्पष्ट रुख अपनाया जाए, ताकि देश की आधी आबादी को उनका उचित अधिकार मिल सके।

 

Alert: हीट वेव का बढ़ता कहर, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी

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गर्मी के पीक समय दोपहर में घर में रहना ही सुरक्षित, जरूरी हो तभी निकलें बाहर- डा. एस. के. झा

*देहरादून । प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना है, जिससे विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसे मामलों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गया है।

राजधानी देहरादून में बढ़ती गर्मी के मद्देनज़र डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। अत्यावश्यक स्थिति में बाहर जाते समय सिर को छाते या कपड़े से ढकने और चेहरे को सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई है। साथ ही शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने पर जोर दिया गया है।

चिकित्सकों ने खानपान में भी सावधानी बरतने की सलाह देते हुए तरबूज, नींबू पानी, जलजीरा और नारियल पानी जैसे पानी से भरपूर पेय पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने की बात कही है।
रायपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. के. झा ने बताया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी आयु वर्ग के लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और हल्के रंग के ढीले-ढाले कपड़े पहनें।

डॉ. झा ने विशेष रूप से धूम्रपान करने वालों को अधिक सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि वे अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें, ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि हीट वेव के दौरान चक्कर आना, सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है।

प्रशासन ने भी आमजन से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं। जागरूकता और सावधानी ही हीट वेव से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

*सड़क किनारे जूस पीते समय बरतें सावधानी*
डॉ. एस. के. झा ने लोगों को सड़क किनारे जूस का सेवन करते समय स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गंदे पानी के उपयोग से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही गन्ने के जूस में बर्फ का कम से कम उपयोग करने की सलाह दी गई है।

 

चारधाम यात्रा आर्थिकी का मुख्य आधार: सीएम धामी ने नकारात्मक माहौल न बनाने की की अपील 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान, कहा कि इस समय हमारे प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है। लेकिन कुछ लोग रील बनाकर इसे राजनीति की भेंट चढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होने ऐसे लोगो से कहा कि वो सरकार का विरोध कर सकते हैं, बीकेटीसी का भी विरोध हो सकता है, लेकिन हमारी पवित्र चारधाम यात्रा का विरोध न करें। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम तो महादेव का स्थल है, सरकार यात्रा को हर तरह से सकुशल सम्पन्न कराने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा हमारी सामुहिक आस्था की कठिन यात्रा है। ये यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी के लिए भी लाइफलाइन का काम करती है। इसलिए नकारात्मक बातों से चारधाम यात्रा का विरोध न करें, बल्कि यात्रा और यात्रियों को प्रोत्साहन प्रदान करें।

*प्रदेश में गैस संकट नहीं*
मुख्यमंत्री ने गैस को लेकर उठाए गए प्रश्न पर स्पष्ट किया प्रदेश में गैस किल्लल नहीं है, इस बारे में उनकी एक दिन पहले ही केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस समय पश्चिम एशिया में युद्ध चल रहा है। से युद्ध मात्र भारत की चुनौती नहीं है बल्कि पूरी दुनिया इससे प्रभावित है। लेकिन हमारे पास प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्व है। जिनके नेतृत्व में दुनिया पर छाए युद्ध के बादल के बीच भारत में उत्सव मनाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना के समय भी दुनिया ने भारत को लेकर ऐसी ही आशंका व्यक्त की थी कि भारत इस महामारी से नहीं संभल पाएगा। लेकिन बाद में भारत ने ना सिर्फ महामारी पर सबसे पहले अंकुश प्राप्त किया, बल्कि 100 से अधिक देशों को वैक्सीन भिजवाकर उन्हें भी इस संकट से बाहर निकालने का काम किया।
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महिला आरक्षण के समर्थन में भाजपा ने निकाली महिला आक्रोश मशाल यात्रा: सीएम धामी हुए शामिल

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मेरे आह्वान पर महिला आक्रोश रैली में पहुंची हजारों की संख्या में मातृशक्ति का ह्रदय की गहराईयों से धन्यवाद व आभार :रेखा आर्या

*देहरादून, 28 अप्रैल।*
महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर मातृशक्ति नें देहरादून में गांधी पार्क से घंटाघर तक महिला आक्रोश मशाल यात्रा निकाली। इस यात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री रेखा आर्या सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और महिलाएं शामिल रहीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिला आरक्षण देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और केंद्र सरकार महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दलों का रुख महिलाओं की आकांक्षाओं के विपरीत है, जिसे जनता देख रही है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी परंपरा में महिलाओं को सम्मान जरूर मिला है, लेकिन अब जरूरत है कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी बराबरी का स्थान मिले। संसद और विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी और यह बदलाव देश के विकास को नई दिशा देगा।

मंत्री रेखा आर्या नें कहा कि इस रैली का आयोजन सौभाग्य से मुझे प्राप्त हुआ और मेरे आह्वान पर महिला आक्रोश रैली में पहुंची हजारों की संख्या में मातृशक्ति का ह्रदय की गहराईयों से धन्यवाद व आभार व्यक्त करती हूँ I

रेखा आर्या ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विपक्ष का रवैया निराशाजनक रहा है। महिलाओं की अपेक्षाओं के विपरीत जाकर जो रुख अपनाया गया है, उसे देश की महिलाएं भली-भांति समझ रही हैं। आने वाले समय में महिलाएं कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित पार्टियों को हराकर मुंहतोड़ जवाब देंगी और इसका प्रभाव भी देखने को मिलेगा।

उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा और नारी सशक्तिकरण को और अधिक मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, संगठन महामंत्री अजय कुमार, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, राष्ट्रीय महिला महामंत्री दीप्ति रावत, शैलेंद्र कुमार, विधायक सविता कपूर, पार्वती दास, राज्यमंत्री मधु भट्ट,बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष गीता खन्ना,महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल समेत हजारों महिलाएं उपस्थित रही।

Action: अवैध प्लॉटिंग पर MDDA का जोरदार एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा अवैध कॉलोनी ध्वस्त

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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मेहुवाला क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्राधिकरण ने सख्ती दिखाते हुए यह कदम उठाया, जिससे अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।

 

*सैक्टर वाइज टीमों से निगरानी तेज*
एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सैक्टर वाइज टीमों का गठन किया है। ये टीमें नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। प्राधिकरण का मानना है कि इस व्यवस्था से अवैध कॉलोनियों पर समय रहते रोक लगाई जा सकेगी और शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से होगा।

*मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर चल रही थी प्लॉटिंग*
प्राधिकरण की टीम को जांच के दौरान मेहुवाला माफी, निकट ईंट भट्टा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की जानकारी मिली। यहां कमल राठौर व अन्य द्वारा “श्रीराम इन्क्लेव” में करीब 10 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति प्लॉटिंग की जा रही थी। मामले की पुष्टि होने पर प्राधिकरण ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गई। मौके पर सहायक अभियंता विजय रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा और सुपरवाइजर की टीम मौजूद रही। पूरी कार्रवाई नियमानुसार और प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुई। एमडीडीए की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि प्राधिकरण अब अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ पूरी तरह सख्त रुख अपना चुका है। आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है, जिससे शहर में अव्यवस्थित विकास पर रोक लगाई जा सके और नागरिकों के हितों की रक्षा हो सके।

*आम जनता अधिकृत योजनाओं में ही निवेश करें – बंशीधर तिवारी*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम नागरिकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई बार लोग बिना जांच-पड़ताल के ऐसे प्लॉट खरीद लेते हैं, जिससे भविष्य में उन्हें कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एमडीडीए ने सैक्टर वाइज टीमों का गठन कर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। हमारी टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और जहां भी अवैध गतिविधियां सामने आती हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि देहरादून का विकास पूरी तरह नियोजित और सुरक्षित तरीके से हो। इसके लिए जरूरी है कि नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही, आम जनता से भी अपील है कि वे केवल अधिकृत योजनाओं में ही निवेश करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राधिकरण को दें।”

*अवैध निर्माण पर नहीं होगी कोई ढील – मोहन सिंह बर्निया*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा, “प्राधिकरण अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहा है। मेहुवाला में की गई कार्रवाई इसी का उदाहरण है। हमारी टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। जो लोग नियमों का उल्लंघन कर अवैध कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। आम नागरिकों को भी सतर्क रहना चाहिए और केवल वैध स्वीकृति वाली परियोजनाओं में ही निवेश करना चाहिए।”

 

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में चला प्रिंयका मेहर का जादू और डीजे बीट्स का धमाका

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एसजीआरआरयू की तरफ से आशा भोसले को भावभीनी श्रदांजलि

उत्तराखण्ड की लोक संस्कृृति और डीजे बीट्स की धमाकेदार प्रस्तुतियों के नाम रहा जैनिथ-2026 का पहला दिन

मंगलवार को होगी बालीवुड गायक विशाल मिश्रा प्रस्तुति की जोरदार प्रस्तुति

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में 27 व 28 अप्रैल को दो दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव जैनिथ-2026 का आयोजन किया जा रहा है। जैनिथ-2026 के पहले दिन सोमवार को श्री गुरु राम राय हेलीपैड ग्राउंड, पथरी बाग में कलाकारों ने जोरदार प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। कार्यक्रम का पहला दिन उत्तराखण्ड की लोक गायिका प्रियंका मेहर और डीजे निक की जोरदार प्रस्तुतियों के नाम रहा। मंगलवार केा बालीवुड गायक विशाल मिश्रा की जोरदार प्रस्तुति होगी। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने इस सांस्कृतिक उत्सव के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन एवम् छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि आशा भोसले जी के गीतों ने पीढ़ियों को जोड़ा और संगीत को नई पहचान दी। भारतीय संगीत जगत में उनका योगदान अमूल्य और अविस्मरणीय है।
विश्वविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव जैनिथ-2026 का आग़ाज प्रियंका मेहर की ज़ोरदार प्रस्तुति के साथ हुआ। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, लोक परंपराओं और रीति-रिवाजों की प्रभावशाली जीवंत झलक पेश की। उन्होंने अपने हिट गीतों जैसे “स्वामी जी“ “घना घना“, “झूमेलो“ “घसकाटी“ “निंद चोरी“ “सुघड़ी नारी“ “पानी पानी“ “छम्मा छम्मा”, “नंदा देवी गीत”, “फूलदेई”, और “बेडू पाको बारो मासा” प्रस्तुत कर माहौल को पूरी तरह रंगीन बना दिया। उनकी सु-मधुर आवाज और पारंपरिक अंदाज ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दुधिया रोशनी में नहाए विश्वविद्यालय के हेलीपैड ग्राउंड पर हजारों की संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं के जोश और उत्साह ने इस पल को यादगार और अविस्मरणीय बना दिया। गढ़वाली वेशभूषा, लोक नृत्य और पारंपरिक संगीत ने दर्शकों को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ दिया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने फ्लैशलाइट्स जलाकर उनके साथ गीतों का आनंद लिया।


आशा आशा भोसले को दी श्रद्धांजलि
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रियंका मेहर और डीजे निक ने आशा भोसले द्वारा गाए गए गीतों के माध्यम से आशा ताई के अमूल्य योगदान को याद किया और पूरे माहौल को भावुक बना दिया। उनकी सुरीली आवाज और सदाबहार गीतों ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
युवाओं की हार्ट बीट बना डीजे निक
डीजे निक हाई वोल्टेज साउंड पर ट्रैक चलाकर युवाओं की धड़कनों को और तेज कर दिया। हाई-वोल्टेज साउंड और बॉलीवुड रीमिक्स बीट्स ने पूरे माहौल को एक ओपन एयर क्लब में बदल दिया। जैसे ही डेक से धुनें गूंजीं, हजारों छात्र-छात्राएं झूम उठे और कार्यक्रम के समापन तक थिरकते रहे। युवाओं की पसंद के इन हाई-एनर्जी ट्रैक्स ने कार्यक्रम में जबरदस्त उत्साह भर दिया और जैनिथ-2026 का पहला दिन यादगार बना दिया। इस अवसर पर एसजीआरआरयू के कुलपति डाॅ के प्रतापन, कुलसचिव डाॅ लोकेश गम्भीर, जैनिथ आयोजन समिति के सभी कमेटियों के पदाधिकारी सहित सभी संकायों के संकायाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ एवम् हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।

गैंगस्टर एक्ट में वांछित 25 हजार के ईनामी अभियुक्त को दून पुलिस ने अमृतसर, पजांब से किया गिरफ्तार

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एसएसपी देहरादून की सख्ती का दिखता असर

अभियुक्त ने अपने साथियों के साथ संगठित गिरोह बनाकर चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओ को दिया था अजांम

*अभियुक्त के लगातार फरार रहने पर एसएसपी देहरादून द्वारा उस पर 25 हजार रू0 का किया था ईनाम घोषित*

*अपनी गिरफ्तारी से बचने हेतु लगातार ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था शातिर अभियुक्त।*

*प्रकरण में 02 अभियुक्तो को पुलिस द्वारा पूर्व में किया गया था गिरफ्तार*

वर्तमान में सम्पूर्ण जनपद में प्रचलित आपरेशन प्रहार के अन्तर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रों में लम्बे समय से फरार/वांछित/ईनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निर्देश दिये गये हैं, जिसके अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा लगातार ऐसे अभियुक्तों के विरूद्ध अभियान चलाते हुए उनकी गिरफ्तारी हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।
इसी क्रम में दिनांक 19/09/2025 को थाना रानीपोखरी में पंजीकृत अभियोग मु0अ0सं0-79/2025, धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्तगण (1) कृष्ण कुमार उर्फ अंडो पुत्र मंगलगिरी निवासी ईसापुर थाना निगोही शाहजहांपुर (2) लालू पुत्र रामपाल निवासी उपरोक्त (3) मोहनलाल उर्फ चपेटा पुत्र छोटेलाल निवासी उपरोक्त (4) बिहारी उर्फ गंगा निवासी लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश, जिनके द्वारा संगठित गिरोह बनाकर, स्थान बदल-बदल कर चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओ को अजांम दिया गया था। अभियोग में पुलिस द्वारा 02 अभियुक्तो (1) कृष्ण कुमार व (2) बिहारी उर्फ गंगा को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था । अभियुक्त लालू अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बदस्तूर फरार चल रहा था, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा ₹25000 का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु लगातार सुरागरसी-पतारसी करते हुए अभियुक्त के सभी सम्भावित स्थानों पर लगातार दबिशें दी गई। अभियुक्त बेहद शातिर किस्म का अपराधी है तथा अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिये लगातार अपने ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था। पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासों के परिणाम स्वरूप पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त लालू को पंजाब, अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया गया।

*नाम /पता गिरफ्तार अभियुक्त*
लालू पुत्र रामपाल, निवासी ईसापुर थाना निगोही शाहजहांपुर, उत्तरप्रदेश।

पौड़ी में प्रशिक्षण सह-सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित: ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण पर जोर

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प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने प्रधानों से किया संवाद, विकास कार्यों को दी प्राथमिकता

जनपद पौड़ी गढ़वाल में ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास को नयी दिशा देने के उद्देश्य से पंचायतीराज तथा ग्राम्य विकास विभाग द्वारा प्रेक्षागृह, पौड़ी में प्रशिक्षण सह-सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला ने प्रभारी मंत्री एवं अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों एवं प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण हेतु सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें पंचायतों को अधिक वित्तीय अधिकार प्रदान करने, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री ने कहा कि गांव विकास की मूल इकाई है और राज्य की प्रगति का आधार ग्रामीण क्षेत्र ही हैं। उन्होंने पंचायतों को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब ग्राम स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में एक आदर्श गांव विकसित करने तथा आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से विशेष योजनाएं संचालित करने पर भी जोर दिया।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे स्वच्छता, साक्षरता एवं नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक अभियानों को ग्राम स्तर पर जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाएं तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें।

जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण सह-सम्मेलन कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि में सहायक सिद्ध होते हैं, जिससे विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो पाता है।

कार्यक्रम का संचालन गणेश खुगशाल ‘गणी’ द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप रावत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष आरती नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष पौड़ी हिमानी नेगी, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, एएमए भावना रावत, प्रधान संगठन के अध्यक्ष पंकज पोखरियाल सहित विभिन्न ब्लॉक प्रमुख, प्रधान एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*