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प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा’’‌ असहाय और जरूरतमंद बालिकाओं के लिए बना वरदान:  1 करोड़ से 120 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित

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पापा की लाडलियों के सर से उठा पिता का साया; शिक्षा पर आया संकट तो अभिभावक बन जिला प्रशासन ने संभाली कमान; शिक्षा पुनर्जीवित

असहाय, जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा की उड़ान को पंख लगाता जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’; अब तक 1 करोड़ से 120 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित

बिन पिता की बेटी जिया, अनुष्का; हिमिका, आदिका, कनक, वैश्नवी, फलक, प्रभुगन व किरत कौर, इशिका, मदिहा, दिया की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनदंा पुनर्जीवित

शिक्षा ही एक ऐसा टूल; हथियार जिससे निकलते हैं सशक्तिकरण; सफलता के रास्तेः डीएम

देहरादून। प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के 12 वें संस्करण में आज जिलाधिकारी सविन बसंल ने 26 बालिकाओं को स्कूल फीस राशि चैक वितरित किए। जिला प्रशासन ने 26 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई, जिनके स्कूल कालेज में बालिकाओं की फीस 6.93 लाख सीधे स्कूल खाते में हस्तांरित किये गए है। आज लाभान्वित हुई बालिकओं में 10 प्राईमरी स्तर, 8 माध्यमिक तथा 8 बालिकाओं की उच्च शिक्षा पुनर्जीवित की गई। जिला प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी एवं जनसंवेदी प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा योजना अंतर्गत अभी तक लगभग 1 करोड़ की धनराशि से 120 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई।
कु0 जिया जिनके पिता की मृत्यु उपरान्त उनकी बीफार्मा की शिक्षा बाधित हो गई थी की 39500 फीस, अनुष्का प्रजापति एमए प्रथम वर्ष पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी, जिला प्रशासन ने 871450 फीस स्कूल प्रबन्धन के खाते में जमा कराई। कु समीक्षा कक्षा 05 हिमिका त्यागी कक्षा 2, आदिका कक्षा4, कनक कक्षा9, वैश्नवी नौटियाल कक्षा 11ं, फलकअली कक्षा 12, प्रभुगन कौर कक्षा 7, किरत कौर कक्षा 8, शदप कक्षा 10 के पिता की मृत्यु उपरान्त पारिवारिक खराब आर्थिकी के चलते शिक्षा बाधित हो गई थी। जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित हो गई। वैष्णवी कक्षा 12 पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी, इशिका सिंह बीकॉम, मदीहा बेग बीसीए प्रथम सेमेस्टर पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित 67600 फीस जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबन्धन के खाते में हस्तातंरित कर शिक्षा पुनर्जीवित की। दिया बडोनी कक्षा 9 पिता की मृत्यु उपरान्त बाधित शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित।
कु0 सृष्टि के पिता लम्ब समय से कैंसर पीड़ित हैं जिनका उपचार चल रहा है खराब आर्थिक स्थिति के चलते उनकी बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा बाधित हो गई थी जिला प्रशासन ने 64043 फीस स्कूल में जमा कराते हुए शिक्षा पुनर्जीवित की। कु0 पलक घेयल जिनके पिता कैंसर पीड़ित है तथा माता नर्सिंग होम में काम कर परिवार चलाती है की एमएससी की शिक्षा पारिवारिक आर्थिक तंगी के कारण बाधित हो रही थी, जिला प्रशासन का सहारा मिलते ही शिक्षा पुनर्जीवित हुई। मानसी साहू जिनकी पारिवारिक स्थिति बहुत खराब है आर्थिक तंगी के कारण जियोलॉजी पीएचडी चतुर्थ सेमेस्टर की शिक्षा बाधित हो रही थी की 50 हजार फीस जिला प्रशासन द्वारा स्कूल प्रबन्धन के खाते में दी गई।
कु0 अवनतिका राय, कक्षा 3, प्राची सिंह एसीए प्रथम सेमेस्टर, मायरा कक्षा 7, खुशी कौर कक्षा 4, शायना सिंघानिया कक्षा 10 के पारिवार की खराब आर्थिकी की चलते शिक्षा बाधित हो गई थी जिला प्रशासन ने नंदा-सुनंदा से फीस स्कूल प्रबन्धन के खाते में जमा कराकर शिक्षा पुनर्जीवित कर दी है।
सभी बालिकाओं ने अपनी स्थिति जिलाधिकारी को बंया करते हुए मा0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया और अधिक मेहनत कर सफल होकर असहायों की सेवा का संकल्प लिया।
जिलाधिकारी ने बालिकाओं का हौसला बढाते हुए कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन सदैव आपके साथ है आप मेहनत का जज्बा कायम रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा टूल है जिससे सशक्तीकरण एंव सफलता के रास्ते निकलतें है। यदि आप मेहनत करते हैं तो आपसे छोटे भाई बहन आसपास के लोग आपसे प्रभावित होकर शिक्षा का रास्ता पकड़ते हैं। उन्होंने कहा सरकार से अनुरोध करेंगे कि इस प्रोजेक्ट को नीति में शामिल किया जाए ताकि प्रदेशभर नंदा-सुनंदा रूपी जरूरतमंद बालिकाएं जिनकी शिक्षा किसी न किसी कारण से छूट गई है को पुनर्जीवित किया जा सके।
इस अवसर पर निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि जिला प्रशासन देहरादून के ं कार्य वर्तमान में लिजेन्ड्री स्तर पर है। उन्होंने बालिकाओं का हौसला बढाते हुए कहा कि जिला प्रशासन देहरादून से जो सहायता मिल रही है उसका लाभ उठायें तथा सफल होने पर हेल्पिंग हेंड रखते हुए अन्य जरूरतमदों के जीवन के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लेते हुए मेहनत जारी रखें।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि जिला प्रशासन असहाय बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने के लिए निंरतर प्रयासरत है, जिन बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई उनका फालोअप लिया जाता है। उन्होंने बालिकाओं से शिक्षा पर फोकस रखने को कहा हौसला बढाया राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन सदैव आपके साथ है।
इस अवसर पर निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित सीडीपीओ बाल विकास एवं बालिकाओं की माता एवं परिजन उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

Cricket Cup: कॉर्पोरेट क्रिकेट में एमडीडीए-यूपीसीएल की संयुक्त टीम ने 30 टीमों को पछाड़कर जीता खिताब

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दीपक तोमर की धमाकेदार बल्लेबाजी से पावर पैंथर्स बनी ट्रियो कप 2026 की चैंपियन

देहरादून। ट्रियो कप 2026 का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें एमडीडीए-यूपीसीएल की संयुक्त टीम पावर पैंथर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नवी स्पोर्ट्स क्लब को 17 रनों से हराकर टूर्नामेंट की पहली चैंपियन टीम बनने का गौरव हासिल किया। मुकाबला आखिरी ओवरों तक रोमांच से भरपूर रहा और दर्शकों को उच्च स्तरीय कॉर्पोरेट क्रिकेट देखने को मिला।

एमडीडीए उपाध्यक्ष को सौंपी गई ट्रॉफी*
चैंपियन बनने के बाद पावर पैंथर्स की टीम ने मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर ट्रियो कप 2026 की ट्रॉफी सौंपी। इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने सभी खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

*कॉर्पोरेट क्रिकेट में विभागीय टीमों का दबदबा*
यह टूर्नामेंट एक प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट क्रिकेट प्रतियोगिता था, जिसमें कुल 30 टीमों ने भाग लिया। पावर पैंथर्स टीम एमडीडीए और यूपीसीएल की संयुक्त टीम है, जिसमें अन्य विभागों से जुड़े खिलाड़ी भी शामिल रहे। इतने बड़े टूर्नामेंट में खिताब जीतना टीम की कड़ी मेहनत, अनुशासन और बेहतरीन टीम वर्क का प्रमाण है। यह जीत उत्तराखंड के विभागीय खेल जगत के लिए भी गर्व का क्षण मानी जा रही है।

*दीपक तोमर की बल्लेबाजी ने रखी जीत की नींव*
पहले बल्लेबाजी करते हुए पावर पैंथर्स ने निर्धारित 25 ओवरों में 187 रन बनाए। टीम की ओर से दीपक तोमर ने शानदार जुझारू 63 रनों की पारी खेली। वहीं राजेश ने 41 रनों की अहम पारी खेलकर टीम को मजबूती दी। अंत में मनवीर पंवार ने मात्र 8 गेंदों पर 20 रन बनाकर स्कोर को चुनौतीपूर्ण बना दिया।

*गेंदबाजों ने तोड़ा नवी स्पोर्ट्स क्लब का हौसला*
लक्ष्य का पीछा करते हुए नवी स्पोर्ट्स क्लब की टीम ने संघर्ष जरूर किया। अर्चित अग्रवाल ने 46 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन पूरी टीम 23.2 ओवरों में 170 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में अक्षय कुमार सिंह ने 4.2 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि किरन सिंह ने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख पावर पैंथर्स के पक्ष में मोड़ दिया।

*मैच के दौरान जीवंत रहा माहौल*
मैच के दौरान मंच संचालन प्रवेश सेमवाल ने अपने अनोखे अंदाज से माहौल को उत्साहपूर्ण बनाए रखा। वहीं कमेंट्री में अलंकार गौतम ने रोचक शैली से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। फाइनल मुकाबले में रणजीत मान, निलेश पाठक, सनी ठाकुर, अक्षय घरती, सुभाष रावत, दीक्षांत मिश्रा, आदित्य नेगी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
काम के साथ-साथ खेल और फिटनेस भी बेहद जरूरी है। ऐसे कॉर्पोरेट क्रिकेट टूर्नामेंट न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करते हैं। पावर पैंथर्स की यह जीत खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और आपसी तालमेल का नतीजा है। एमडीडीए हमेशा अपने कार्मिकों और विभागीय खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा। इस तरह के आयोजन सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।

कोटद्वार में विकास और प्रकृति संरक्षण का हुआ संगम: सीएम धामी ने बर्ड वाॅचिंग फेस्टिवल का किया शुभारंभ

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कोटद्वार में मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, 326 करोड़ से अधिक की 61 योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

*कोटद्वार में बर्ड फेस्टिवल का आगाज़, करोड़ों की योजनाओं से विकास को नयी गति, बहुत बड़ी संख्या में जनसमूह रहा उपस्थित*

*बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल से कोटद्वार को नई पहचान, इको-टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार में आयोजित बर्ड फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार पहुंचकर सबसे पहले दिव्यांग बालक-बालिकाओं से मिलकर उनसे संवाद किया तथा उनकी शिक्षा के बारे में जाना। उसके बाद उन्होंने सिद्धबली मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने सनेह क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वाचिंग फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कोटद्वार की छात्राओं ने लोकभाषा गढ़वाली में स्वागत गान गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। हेरिटेज स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों की पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कुल 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इनमें 21 योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा, जिनकी कुल अनुमानित लागत 8,172.78 लाख रुपये रही। वहीं 40 योजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिनकी कुल लागत 24,439.55 लाख रुपये रही। इस प्रकार कुल 32,612.33 लाख रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री ने फेस्टिवल परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिनमें पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पक्षी पहचान एवं संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल अत्यंत सराहनीय हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वां दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसमें महिलाओं का योगदान सर्वाधिक रहेगा। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं।

मुख्यमंत्री ने कोटद्वार क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु एसटीपी की स्थापना, मालन नदी पर 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत से पुल निर्माण तथा कोटद्वार-नजीबाबाद फोर लेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएँ करते हुए कहा कि हल्दूखाता में नगरीय पेयजल योजना की खनन प्रभावित जीर्ण शीर्ण पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में दो कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान कक्ष, कंप्यूटर कक्ष तथा चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। कोटद्वार में खोह नदी के दायें तट पर स्थित जीतपुर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र झंडीचौड़ में 108 एम्बुलेंस सेवा की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक पक्षी प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बर्ड फेस्टिवल कोटद्वार क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहाँ लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य पर्यावरण संरक्षण में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां प्रतिवर्ष लाखों प्रवासी पक्षी आते हैं तथा देश में पाई जाने वाली लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक दुर्लभ एवं सुंदर प्रजातियाँ उत्तराखण्ड में पाई जाती हैं।

मुख्यमंत्री ने सुरख़ाब पक्षी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सुनहरे पंखों वाला दुर्लभ पक्षी सर्दियों के मौसम में उत्तराखण्ड आता है, जिस पर प्रचलित कहावत है कि “सुरख़ाब के पंख लगे हैं क्या”। उन्होंने कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ बीज प्रसार एवं पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत सरकार के सहयोग से राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है तथा इस उद्देश्य से वन विभाग को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। सरकार ड्रोन पायलट, इको-टूरिज्म एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी को प्रोत्साहित कर रही है तथा विद्यार्थियों को शैक्षिक यात्राओं में सहयोग प्रदान कर रही है। घायल पशु-पक्षियों के उपचार हेतु कालागढ़ में विशेष व्यवस्था की गई है।

विधानसभा अध्यक्षा एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड में पायी जाने वाली लगभग 700 पक्षी प्रजातियों में से करीब 400 प्रजातियाँ कोटद्वार क्षेत्र में पायी जाती हैं, जो यहां की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है। उन्होंने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल को इको-टूरिज़्म एवं बर्ड-टूरिज़्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताया।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस आयोजन को प्रदेश सरकार के वार्षिक कैलेंडर में शामिल कर प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी को ‘बर्ड फेस्टिवल दिवस’ के रूप में मनाया जाए, जिससे देश-विदेश के पक्षी एवं प्रकृति प्रेमी कोटद्वार की ओर आकर्षित हों।

विधानसभा अध्यक्षा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से कोटद्वार को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में क्षेत्र को मिली करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जनपद के समग्र विकास को नयी गति मिलेगी।

जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जैव विविधता, प्रकृति और जीवन के प्रति संवेदनशीलता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि बर्ड फेस्टिवल अपने आप में एक अनूठी पहल है, जो न केवल पक्षियों के संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार भी खोलता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से कोटद्वार क्षेत्र को पर्यटन के नए आयाम मिलेंगे और यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों की पहचान बनेगा। जिलाधिकारी ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि जब भी हम किसी पक्षी को खुले आकाश में उड़ते हुए देखते हैं, तब हमें स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझ में आता है। स्वतंत्रता केवल मनुष्य का अधिकार नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों और सम्पूर्ण प्रकृति का भी उतना ही मौलिक अधिकार है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह फेस्टिवल आने वाले समय में प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का सशक्त माध्यम बनेगा और जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नयी दिशा देगा।

दो दिवसीय बर्ड वाॅचिंग फेस्टिवल के पहले दिन लगभग 2500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। इसमें 300 छात्र-छात्राएं, 800 युवा, 400 महिलाएं, 100 बर्ड वाॅचर तथा 900 से अधिक अन्य लोग शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित मैराथन दौड़, पेंटिंग, क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को फेस्टिवल के अंतिम दिन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

मंच संचालन डाॅ. पद्मेश बुड़ाकोटी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप सिंह रावत, उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, उपाध्यक्ष सिंचाई समिति ऋषि कंडवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर नगर निगम कोटद्वार शैलेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीएफओ लैंसडाउन जीवन मोहन दगाड़े, मण्डी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, नगर आयुक्त कोटद्वार पीएल शाह, उपजिलाधिकारी कोटद्वार चतर सिंह चौहान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला अध्यक्ष भाजपा राज गौरव नौटियाल, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बर्ड वॉचर तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।

*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

UGVS ने ग्रामीण उद्यमों को बाजार से जोड़ने की दिशा में  महत्वपूर्ण पहल: राज्य स्तरीय सहयोग हेतु lOI पर हस्ताक्षर

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इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ नॉन-फ्यूल रिटेल (NFR) क्षेत्र में राज्य-स्तरीय सहयोग हेतु एक आशय पत्र (Loi) पर हस्ताक्षर

देहरादून, 31 जनवरी, 2026 उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति (UGVS) ने ग्रामीण उद्यमों को बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ नॉन-फ्यूल रिटेल (NFR) क्षेत्र में राज्य-स्तरीय सहयोग हेतु एक आशय पत्र (Loi) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह Lol सचिवालय, देहरादून में सचिव ग्राम्य विकास, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति (UGVS) की ओर से सुश्री झरना कमठान, अपर सचिव, ग्राम्य विकास तथा IOCL की ओर से श्री कृष्ण कुमार गुप्ता, डिविजनल रिटेल सेल्स हेड द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर श्री हेमंत राठौर, कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख, UPSO&II, इंडियन ऑयल उपस्थित रहे।

इस साझेदारी के अंतर्गत IFAD-वित्तपोषित ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (REAP) से जुड़े सामुदायिक-आधारित संगठनों (CBOs) एवं ग्रामीण उद्यमियों को IOCL के रिटेल आउटलेट्स से जोड़ा जाएगा। इसके तहत राज्यभर के IOCL ईंधन स्टेशनों पर ‘HILANS आउटलेट्स/कैफे’ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ स्थानीय एवं ग्रामीण उत्पादों की बिक्री की जाएगी।

इस अवसर पर पहला समझौता ज्ञापन (MoU) बांदल घाटी क्लस्टर लेवल फेडरेशन, रायपुर (देहरादून) के साथ हस्ताक्षरित किया गया, जिससे इस पहल का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया।

यह साझेदारी ग्रामीण उद्यमों के लिए स्थायी बाजार पहुंच, आय सृजन के अवसर तथा पेट्रोल पम्पों पर उपभोक्ता सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल उत्तराखंड सरकार के समावेशी, बाजार-आधारित ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है।

 

HPV वैक्सीन जल्द राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में होंगी शामिल:  उत्तराखंड में भी तैयारियाँ तेज

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सर्वाइकल कैंसर से बचाव की बड़ी पहल

दून चिकित्सालय से स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण रोस्टर जारी

देहरादून। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) में शामिल करने का फैसला किया है। इसके क्रियान्वयन की दिशा में देश-भर में तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण का रोस्टर भी जारी कर दिया गया है, जिससे कार्यक्रम के शीघ्र शुभारंभ के संकेत मिल रहे हैं।

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय की प्राचार्या डॉ. गीता जैन के अनुसार HPV एक अत्यंत सामान्य वायरस है, जो आगे चलकर महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का कारण बन सकता है। यह कैंसर भारत में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। HPV वैक्सीन बीमारी होने से पहले सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे कैंसर का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सरकारी योजना के तहत HPV वैक्सीनेशन का मुख्य लक्ष्य 9 से 14 वर्ष की किशोरियाँ होंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी आयु वर्ग में वैक्सीन का प्रभाव सबसे अधिक होता है। राष्ट्रीय स्तर पर इस वैक्सीन के शामिल होने से देश के दूरदराज़ और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक भी इसकी पहुँच सुनिश्चित हो सकेगी।

वर्तमान में HPV वैक्सीन प्राइवेट सेक्टर में उपलब्ध है, जबकि कुछ राज्यों और चिकित्सा संस्थानों में इसे निःशुल्क या रियायती दरों पर भी दिया जा रहा है। लेकिन राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत इसके शामिल होने से यह वैक्सीन व्यापक रूप से सुलभ हो सकेगी।

उत्तराखंड में भी इस फैसले को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क और सक्रिय है। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता जैन ने बताया,
“9 से 14 वर्ष की उम्र में HPV वैक्सीन सबसे अधिक प्रभावी होती है। शादी के बाद भी यह वैक्सीन दी जा सकती है, लेकिन पहले देने से सुरक्षा कहीं अधिक मिलती है। यह वैक्सीन सुरक्षित है और दुनिया के कई देशों में वर्षों से सफलतापूर्वक दी जा रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि HPV वैक्सीनेशन को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि भ्रांतियों और झिझक को दूर किया जा सके। सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल किया जाना महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह कार्यक्रम प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों तथा उससे होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी।

प्रदेश में ग्रामीण आजीविकाएं हो रही है सशक्त:  रीप परियोजना से 1575 ग्रामीणों को मिले कृषि यंत्र

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स्मार्ट मोबाइल के साथ 42 पशु सखी करेंगे पशुओं का बेहतर इलाज*

ग्रामीण विकास के लिए पशु सखी से बेहतर विकल्प कोई नहीं: गणेश जोशी

*देहरादून । ग्रामीण विकास विभाग, उत्तराखंड द्वारा संचालित ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के अंतर्गत शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में स्मार्ट मोबाइल फोन एवं कृषि यंत्र/श्रम न्यूनीकरण उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम्य विकास, कृषि एवं कृषक कल्याण तथा सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने 42 पशु सखी एवं ए-हेल्प वर्कर को स्मार्ट मोबाइल फोन तथा 1575 ग्रामीण महिलाओं को कृषि सहायक एवं श्रम न्यूनीकरण उपकरण वितरित किए।

इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि एवं पशुपालकों को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और ‘लखपति दीदी’ अभियान में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि श्रम न्यूनीकरण उपकरणों से महिलाओं के कार्यभार में कमी आएगी, समय की बचत होगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। पशु सखियों को उपलब्ध कराए गए स्मार्ट मोबाइल फोन से पशुपालकों को 24 घंटे बेहतर पशुधन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत देहरादून जनपद के छह विकासखंडों से चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसके उपरांत देहरादून की 26 तथा हरिद्वार की 16 पशु सखी एवं ए-हेल्प वर्कर को स्मार्ट मोबाइल फोन प्रदान किए गए। साथ ही देहरादून जनपद की आठ क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत 45 ग्राम संगठनों से जुड़ी 1575 ग्रामीण महिलाओं को कुदाल, खुरपी, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं स्प्रेयर सहित कृषि सहायक उपकरण वितरित किए गए।

अपर सचिव ग्राम्य विकास एवं परियोजना निदेशक ग्रामोत्थान झरना कमठान ने कहा कि रीप परियोजना ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा श्रम न्यूनीकरण उपकरणों से उनकी आय में वृद्धि और पलायन पर नियंत्रण संभव हो सकेगा।

इस दौरान उप आयुक्त ग्राम विकास नरेश कुमार. उपनिदेशक मानव संसाधन रीप महेंद्र सिंह यादव, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता, जिला परियोजना प्रबंधक कैलाश भट्ट समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

जिला प्रशासन की सराहनीय पहल:  प्रथम राजकीय नशा मुक्ति केंद्र से 7 व्यक्ति हुए नशामुक्त

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जिले के प्रत्येक कालेज/विद्यालय में छात्र-छात्राओं की भागीदारी वाली एंटी ड्रग समिति सक्रिय

कागजों में चल रहे फर्जी नशामुक्ति केन्द्र एवं मानक विपरित संचालित केन्द्रों पर ताला लगना तय; डीएम की तैयारी पूरी

केन्द्रीयकृत मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 का करें व्यापक प्रचार-प्रसारः डीएम

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में एन्कॉर्ड जनपद स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जनपद में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की रोकथाम, मांग-आपूर्ति श्रृृंखला को तोड़ना तथा नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना रहा।
नशे के बढ़ते संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई पहल अब सकारात्मक परिणाम देने लगी है। रायवाला स्थित ओल्ड एज होम परिसर में संचालित जनपद के प्रथम राजकीय नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से नशे के गर्त में डूबे व्यक्तियों को उपचार देकर पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में यह नशा मुक्ति केंद्र पूर्णतः फुल क्षमता पर संचालित है, जहाँ ड्रग्स एडिक्ट व्यक्तियों का वैज्ञानिक पद्धति से उपचार एवं काउंसलिंग की जा रही है। अब तक इस केंद्र से 7 से अधिक व्यक्तियों को सफलतापूर्वक नशामुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।
नशे से पीड़ित व्यक्तियों को बेहतर एवं गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा एम्स ऋषिकेश से एमओयू किया गया है। इसके अंतर्गत एम्स में 7 दिन, 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी हेतु आरक्षित किए गए हैं, जिससे गंभीर मामलों में त्वरित एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके।
नशे के विरुद्ध जनसहभागिता को सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर 9625777399 भी प्रारंभ किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित सूचना, सहायता अथवा परामर्श प्राप्त कर सकता है। नशा मुक्ति केंद्र से उपचार उपरांत बाहर निकलने वाले व्यक्तियों की निरंतर फॉलो-अप काउंसलिंग की जा रही है, ताकि वे पुनः नशे की गिरफ्त में न आएं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हों।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानक विपरित संचालित तथा बिना पंजीकरण संचालित नशामुक्ति केन्द्रों पर छापेमारी करते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए तथा ऐसे केन्द्रों को पंजीकरण रद्द तथ सीलिंग की कार्यवाही करते हुए शासन को रिपोर्ट प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देशों पर जनपद के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में छात्र-छात्रओं की भागीदारी वाली एंटी ड्रग कमेटियों का गठन किया गया है। ये कमेटियां निरंतर उप जिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी के संपर्क में रहते हुए जागरूकता एवं निगरानी का कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में निरंतर सैंपलिंग अभियान भी संचालित किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रखने में प्रभावी मदद मिल रही है।
जिलाधिकारी द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि स्कूलों में नियमित काउंसलिंग कार्यक्रम संचालित हों। विशेष रूप से नर्सरी एवं छोटी कक्षाओं के बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे से पूर्णतः दूर रखा जा सके। जिला प्रशासन का यह समन्वित प्रयास न केवल नशा मुक्ति की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी मॉडल भी बनता जा रहा है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिला स्तर पर गठित टीम द्वारा कॉलेजों/यूनिवर्सिटी/उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का नियमित रेंडम ड्रग टेस्टिंग कराया जाए।
जिलाधिकारी ने डिटेक्शन सेंटर्स का फिजिकल इंस्पेक्शन शीघ्र पूर्ण करने तथा रायवाला ओल्ड एज होम को नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, एंटी-ड्रग हेतु गठित समस्त विभागीय कमेटियों की अद्यतन सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थानों (निजी/शासकीय विद्यालय, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय) में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित कराने तथा होटल, कैफे, पीजी एवं अतिथि गृहों के समीप लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मेडिकल स्टोर्स पर भी सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की जानकारी लेने पर बताया गया कि अधिकतम मेडिकल स्टोर पर कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने समस्त मेडिकल स्टोर पर कैमरे लगवाते हुए आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश ड्रग निरीक्षक को दिए।
जिलाधिकारी ने ड्रग टेस्टिंग का विशेष निरंतर अभियान चलाने के पूर्व में दिए गए निर्देश के क्रम में प्रगति पूछी जिस पर क्षेत्राधिकारी पुलिस ने बताया कि शहर में बिना हेलमेट, ओवर-स्पीड, ट्रिपल राइडिंग, सीट बेल्ट का पालन न करने की जांच के दौरान ड्रग टेस्टिंग भी की जा रही है।
बैठक में केन्द्रीयकृत मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया जिलाधिकारी समाज कल्याण अधिकारी को सार्वजनिक स्थलों तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी समस्त स्कूलों में हेल्पलाईन नम्बर 1933 का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। डीएम ने मादक पदार्थों की डिमांड एवं सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस विभाग, एनसीबी, औषधि नियंत्रक सहित समस्त प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही गत 10 वर्षों का विश्लेषण कर नेटवर्क आइडेंटिफिकेशन एवं लिंकिजेस का पता लगाते हुए प्रभावी एक्शन के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में मादक पदार्थों के बढ़ते प्रचलन एवं दुष्प्रभावों के प्रति आम नागरिकों एवं शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल/कॉलेज) को जागरूक करने हेतु समय-समय पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूल विद्यालयों में निरंतर कांउसिंलिंग के साथ ही नर्सरी एवं छोटी कक्षाओ के बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करना है ताकि नई पीढी को नशे से दूर रखा जा सके। डीएम ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त जनपद के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सभी विभाग समन्वय, संवेदनशीलता एवं सख्ती के साथ कार्य करें, ताकि युवाओं को सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके।
बैठक में उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित कंडारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल,आईटीबीपी से अस्टिेंड कमांडेंट योगेश्वर प्रसाद जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं आसरा ट्रस्ट से आशिष नौटियाल, सुप्रिया सक्सेना आदि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी विकासनगर, ऋषिकेश डोईवाला वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

सरकार आपके द्वारः लखवाड़ बहुउद्देशीय शिविर में 615 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

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जनहित शिविर में 05 दिव्यांग, 40 आधार व 50 आयुष्मान कार्ड किए गए अपडेट

*355 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,*

*देहरादून ।
‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को विकासखंड कालसी स्थित ग्राम पंचायत खाड़ी के खेल मैदान लखवाड़ में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेष भूमि-अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार ने जन समस्याएं सुनते हुए अधिकांश समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। शिविर में विभागों के माध्यम से 615 ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में ग्रामीणों ने क्षेत्र से जुड़ी 56 शिकायतें प्रमुखता से उठाई। इसमें सबसे अधिक 15 शिकायतें लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई की सड़कों से संबंधित रही। जबकि 12 शिकायतें लघु सिंचाई नहर, नलकूप, 10 पेयजल, 09 राजस्व, 03 विद्युत विभाग से संबंधित थी। वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन संबंधी 2-2 और वन विभाग की 01 शिकायत प्राप्त हुई। विशेष भूमि-अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 242 तथा आयुर्वेदिक में 113 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियाँ वितरित की गईं। शिविर में 05 दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं 50 आयुष्मान तथा 40 आधार कार्ड अपडेशन किया गए। पशुपालन विभाग द्वारा 34 पशुपालकों को पशु औषधियाँ वितरित की गईं।

राजस्व विभाग द्वारा 18 खाता-खतौनी, आय एवं स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए गए। कृषि विभाग द्वारा 30 तथा उद्यान विभाग द्वारा 45 कृषकों को लाभान्वित किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 04 सामाजिक पेंशन स्वीकृत कर ऑनलाइन की गईं। ग्राम्य विकास विभाग ने 02, महिला सशक्तिकरण 10, जिला पूर्ति विभाग 49 राशन कार्ड में यूनिट वृद्धि और ईकेवाईसी कराई गई। श्रम विभाग ने 09, सेवायोजन 04, पंचायती राज 06, विद्युत विभाग ने 12 बिजली बिलों संबंधी समस्याओं का समाधान किया। जिला सूचना विभाग ने प्रचार साहित्य वितरित किया।

शिविर में ब्लाक प्रमुख कालसी सावित्री चौहान, मंडल अध्यक्ष प्रदीप वर्मा, ब्लाक समन्वय दिनेश तोमर, ग्राम प्रधान जितेन्द्र सिंह तोमर, संदीप चौहान, गजेन्द्र सिंह, शूरवीर सिंह, रवि तोमर, गीता चौहान, रितेश कुमार, पूजा, सविता तोमर, शीला चौहान, तहसीलदार सुशीला कौटियाल, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह, सहायक विकास अधिकारी धर्मपाल सिंह तेजवान सहित अन्य विभागीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

डीएम ने निराश्रित गोवंश अनुश्रवण समिति की बैठक :  निराश्रित, बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए स्वीकृत किए नए आश्रय

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ग्राम छरबा, खेरूवा और मौजा आरकेडिया ग्रांट प्रेमनगर में जल्द संचालित होंगे गोसदन

*कालसी के खेरूवा में गोसदन निर्माण के लिए 49.98 लाख अवमुक्त,*

*डोईवाला, भण्डारीबाग व करनपुर के गोसदनों की राजकीय मान्यता की कवायद प्रारंभ, डीएम ने मानक पूर्ण करने के दिए निर्देश,*

*बीमार-घायल पशुओं की हो नियमित स्वास्थ्य जांच, उचित उपचारः-डीएम

*देहरादून ।
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जनपद स्तरीय निराश्रित गोवंश अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। जिसमें गोवंश के संरक्षण, भरण पोषण, गोसदन के सुचारू संचालन और नए गोसदनों की स्थापना कार्यो की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वीकृत नवीन गौशालाओं के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने और मुख्य विकास अधिकारी को कार्यदायी संस्था द्वारा संचालित निर्माण कार्यो की नियमित प्रगति समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में तीन गोसदनों को राजकीय मान्यता प्रदान किए जाने पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें श्री हंस कालू सिद्व बाबा जी गौशाला ट्रस्ट, डोईवाला तथा गुरु राम राय एजुकेशन मिशन दरबार साहिब द्वारा देहरादून के भण्डारीबाग एवं करनपुर में संचालित गौशालाएं शामिल हैं। जिलाधिकारी ने गौसदन संचालन की मान्यता हेतु भूमि संबंधी अभिलेख, पशु कल्याण बोर्ड की संस्तुति एवं विभागीय निरीक्षण आख्या सहित समस्त मानकों को शीघ्र पूर्ण करते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश स्थित लक्कड़ घाट में गोसदन संचालन हेतु जिला पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त होने पर जिलाधिकारी ने ऋषिकेश नगर निगम को प्रस्तावित भूमि पर निराश्रित पशुओं के लिए गोसदन का संचालन शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम को इसके लिए धनराशि की आवश्यकता हो, तो तत्काल मांग प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए।

जिलाधिकारी ने विकासखंड कालसी के खेरूवा में गौशाला निर्माण हेतु स्वीकृत 49.98 लाख रुपये की धनराशि शीघ्र अवमुक्त करने के निर्देश दिए। सहसपुर विकासखंड के ग्राम छरबा में निराश्रित गोवंश हेतु गौशाला निर्माण के लिए 46.65 लाख रुपये की धनराशि पहले ही अवमुक्त की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, सहसपुर तहसील अंतर्गत मौजा आरकेडिया ग्रांट, प्रेमनगर में नवनिर्मित गौशाला परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण हेतु स्वीकृत 30.11 लाख रुपये के सापेक्ष शेष 14.62 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

जिलाधिकारी ने गोसदनों में रह रहे पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, बीमार एवं घायल पशुओं के समुचित उपचार तथा समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं को संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि वर्तमान में देहरादून जनपद में कुल 10 गोसदन पंजीकृत हैं, जिनमें सहसपुर में 04, विकासनगर एवं डोईवाला में 02-02 तथा चकराता एवं धर्मपुर में 01-01 गोसदन संचालित हैं। उन्होंने बताया कि नवीन गौशालाओं के निर्माण हेतु डोईवाला के माजरी ग्रांट में 489.04 लाख रुपये, चकराता के ग्राम क्वांसी (जोगीयों) में 84.93 लाख रुपये, रायपुर के ग्राम भोपालपानी में 190.59 लाख रुपये, रायवाला में 497.95 लाख रुपये तथा नगर पालिका परिषद विकासनगर में 88.13 लाख रुपये के प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में देहरादून जनपद में लगभग 3700 निराश्रित पशुओं को आश्रय देने की क्षमता उपलब्ध है। नवीन गोसदनों का निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यह क्षमता बढ़कर लगभग 5400 हो जाएगी, जिससे जनपद के समस्त निराश्रित पशुओं को समुचित आश्रय उपलब्ध कराया जा सकेगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश जोशी, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 वरूण अग्रवाल, डॉ0 पूजा पाण्डे, डॉ नीलिमा जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सतीश त्रिपाठी, नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी सहित अनुश्रवण समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

अच्छी खबर: रूद्रपुर व पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का शीघ्र शुरू होगा संचालन: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तैयारियां पूरी

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एमबीबीएस की 100-100  के लिये एनएमसी में किया आवेदन

देहरादून, 30 जनवरी 2026
चिकित्सा शिक्षा विभाग शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर व पिथौरागढ़ के संचालन को पूरी तरह से तैयार है। विभाग ने दोनों मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100-100 सीटों की स्वीकृति के लिये नेशनल मेडिकल काउंसिल को प्रस्ताव भेज दिया है। एनएमसी से स्वीकृति मिलने के उपरांत रूद्रपुर व पिथौरागढ़ में प्रदेश के युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा साथ ही तराई-भाबर व सीमांत ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकेगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सूबे के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विस्तार किया जा रहा है साथ ही युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा व आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा ऊधमसिंह नगर व पिथौरागढ़ जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। जिनके संचालन के लिये विभाग द्वारा सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर व पिथौरागढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में एमबीबीएस पाठ्यक्रम संचालन के लिये विभाग द्वारा एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिसमें दोनों मेडिकल कॉलेज के लिये एमबीबीएस की 100-100 सीटों के संचालन को आवेदन किया गया है। एनएमसी से स्वीकृत मिलने के उपरांत दोनों मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कक्षाएं विधिवत शुरू कर दी जायेगी। मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने से न केवल प्रदेश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि तराई-भाबर सहित सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपने ही जनपद में उच्चस्तरीय व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी, साथ ही प्रदेश के युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई का अवसर भी मिल सकेगा।

*चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित हुआ रूद्रपुर जिला चिकित्सालय*
ऊधमसिंह नगर के जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय रूद्रपुर को चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। यह फैसला पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर के सुचारू संचालन के लिये लिया गया है। जिसका शासनदेश जारी कर दिया गया है। जिसके तहत जिला अस्पताल का प्रशासनिक व वित्तीय नियंत्रण अब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के अधीन होगा। इसके साथ ही अस्पताल में एनएमसी के मानकों के अनुसार मेडिकल उपकरण व औषधियों की व्यवस्था चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा की जायेगी।

*रूद्रप्रयाग नर्सिंग कॉलेज का संचालन शीघ्र
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रूद्रप्रयाग में राजकीय नर्सिंग कॉलेज का संचालन इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू कर दिया जायेगा। इसके लिये विभाग द्वारा सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। अधिकारियों ने बताया कि रूद्रप्रयाग नर्सिंग कॉलेज के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा 20.4416 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई थी। जिसके तहत कॉलेज में सभी निर्माण कार्य सम्पन्न कर दिये गये हैं। शासन द्वारा नर्सिंग कॉलेज हेतु बीएससी पाठ्यक्रम हेतु अनिवार्य प्रामण पत्र व पदों का सृजन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 30 सीटों पर नर्सिंग कक्षाओं का संचालन किया जायेगा। इसके लिये हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की काउंसिलिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जायेगा।

*बयान-*
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर व पिथौरागढ़ में एमबीबीएस कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा दोनों मेउकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100-100 सीटें की स्वीकृति के लिये एनएमसी को प्रस्ताव भेज दिया गया है। – *डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराख्ांड।*

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय शिक्षा मंत्री।