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प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने को सरकार प्रतिबंध: अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं इस बात का प्रमाण: सीएम धामी

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टिहरी में एक्रो फेस्टिवल एवं नेशनल SIV चैंपियनशिप के समापन समारोह में सीएम धामी ने किया प्रतिभाग: खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन

सीएम धामी ने टिहरी जनपद के विकास हेतु 27 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

एक्रो फेस्टिवल में 11 देशों के 25 पायलटों तथा विभिन्न राज्यों से आए 57 खिलाड़ियों ने किया प्रतिभा

प्रदेश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर तेजी से किया जा रहा है कार्य: सीएम धामी

वाटर स्पोर्ट्स और एक्रो स्पोर्ट्स के क्षेत्र में टिहरी आज विश्व के मानचित्र में बना रही स्थान: सुबोध उनियाल

 

टिहरी गढ़वाल। आज जनपद टिहरी में आयोजित एक्रो फेस्टिवल एवं नेशनल SIV चैंपियनशिप के समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रतिभाग किया तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।


टिहरी में आयोजित एक्रो फेस्टिवल एवं नेशनल SIV चैंपियनशिप के समापन समारोह में देश-विदेश आए खिलाड़ियों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्साहवर्धन करते हुए टिहरी जनपद के विकास हेतु 27 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। यह सभी योजनाएं जिले के सर्वांगीण विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगी।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक्रो फेस्टिवल में 11 देशों के 25 पायलटों तथा विभिन्न राज्यों से आए 57 खिलाड़ियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड साहसिक खेलों के क्षेत्र में एक उभरते वैश्विक डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान मजबूत बना रहा है। प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं, जिसके परिणाम स्वरुप यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं का सफल संचालन संभव हो पा रहा है, साथ ही इस क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल जी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। आज टिहरी वाटर स्पोर्ट्स एवं एक्रो स्पोर्ट्स के क्षेत्र में विश्व मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान बना रही है।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देश-विदेश से आए 11 देशों के 25 पायलटों तथा विभिन्न राज्यों से आए 57 खिलाड़ियों की सहभागिता इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय साहसिक पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से न केवल प्रदेश की वैश्विक पहचान सशक्त होती है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार एवं पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलती है।

इस अवसर पर विधायक श्री किशोर उपाध्याय जी, श्री शक्ति लाल शाह जी, भाजपा टिहरी जिलाध्यक्ष श्री उदय सिंह रावत जी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री ईशिता सजवान जी सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

रूद्रपुर फैक्ट्री में काम करने वाली महिला के साथ हुई दरिंदगी सिर्फ़ एक अपराध नहीं ,पूरे सिस्टम के मुँह पर तमाचा : करन माहरा

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उत्तराखंड के रुद्रपुर में फैक्ट्री में काम करने वाली एक बहन के साथ हुई दरिंदगी सिर्फ़ एक अपराध नहीं है, यह पूरे सिस्टम के मुँह पर तमाचा है। लिफ्ट देने के नाम पर गाड़ी में बैठाकर सामूहिक बलात्कार करना और फिर उसे सड़क पर फेंक देना..यह किसी एक व्यक्ति की हैवानियत नहीं, बल्कि उस शासन की असफलता है जो दिन-रात “सुशासन” और “कानून-व्यवस्था” का ढोल पीटता है। सवाल यह है कि अगर एक मेहनतकश महिला अपने काम से लौटते समय सुरक्षित नहीं है, तो फिर यह सरकार किसके लिए है?
भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड महिलाओं के लिए लगातार असुरक्षित होता जा रहा है। देहरादून पहले ही सवालों के घेरे में है, अब रुद्रपुर, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ तक अपराध की घटनाएं आम होती जा रही हैं। सरकार की प्राथमिकताओं में न तो महिला सुरक्षा है, न ही अपराधियों के भीतर कानून का डर। नतीजा यह है कि अपराधी बेखौफ हैं और बेटियाँ डरी हुई।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि हर घटना के बाद वही रटा-रटाया बयान आता है कि “जांच होगी”, “कड़ी कार्रवाई की जाएगी”, “कानून अपना काम करेगा”। लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि न तो पुलिस व्यवस्था मजबूत हुई, न ही अपराधियों को समय पर सज़ा मिली। सत्ता के संरक्षण में अपराध पनप रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
यह भी सच है कि उत्तराखंड को कभी देवभूमि कहा जाता था, जहाँ नारी को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना जाता था। आज उसी देवभूमि में बेटियाँ सड़क पर फेंकी जा रही हैं और सरकार कुर्सी बचाने की राजनीति में व्यस्त है। यह सिर्फ़ कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं, यह पहाड़ की अस्मिता, सम्मान और सामाजिक ताने-बाने पर सीधा हमला है।
अब बहुत हो चुका। अगर आज भी सरकार नहीं जागी, तो आने वाले समय में उत्तराखंड महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में गिना जाएगा। भाजपा सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर कब तक बहनों-बेटियों की इज्ज़त की कीमत पर यह सत्ता चलती रहेगी? जनता सब देख रही है, और यह अन्याय ज्यादा दिन तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

—— श्री करन माहरा
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी एवं CWC सदस्य

धार्मिक पहचान की आड़ में छुपे अपराधियों पर पौड़ी पुलिस की पैनी नजरः पुलिस द्वारा चलाया गया वृहद सत्यापन अभियान

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ऑपरेशन कालनेमी के तहत लक्ष्मणझूला क्षेत्र में 90 बाबाओं/साधु-संतों का सत्यापन कर की गई गहन जांच

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार के दिशा-निर्देशन में जनपद में जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से दिनांक 29.01.2026 को थाना लक्ष्मणझूला पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत “कालनेमी अभियान” के तहत एक विशेष सत्यापन अभियान संचालित किया गया।
इस अभियान के दौरान थाना क्षेत्र में निवासरत तथा साधु-संत/बाबा के वेश में रह रहे व्यक्तियों का व्यापक एवं गहन सत्यापन किया गया। संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए तथाकथित बाबा/साधु-संतों को थाना लक्ष्मणझूला लाया गया, जहाँ उनकी पहचान, व्यक्तिगत विवरण, निवास से संबंधित दस्तावेज, पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि तथा क्षेत्र में निवास की वैधता आदि बिंदुओं पर नियमानुसार एवं पारदर्शी ढंग से जांच की गई। इस अभियान के दौरान कुल 90 बाबाओं/साधुओं को थाना लाकर सत्यापन की कार्यवाही कराई गई।
इस दौरान पुलिस टीम द्वारा आमजन से अपील की गई कि यदि किसी भी व्यक्ति की गतिविधियाँ संदिग्ध प्रतीत हों अथवा धार्मिक वेश की आड़ में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना प्राप्त हो, तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित करें, ताकि ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।

अच्छी पहल: नगर निगम का ऑटोमेटिक प्लास्टिक बॉटल क्रैशर मशीन देगा प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड को रफ्तार

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देहरादून शहर की प्रमुख जगह पर लगेगी ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन

*मनसा फैसिलिटी एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से सीधे रिसाइकिल रॉ मैटेरियल खरीदेगा नगर निगम*

*दून मेयर और नगर आयुक्त ने किया ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन का उद्घाटन*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के लिए देहरादून नगर निगम द्वारा ऑटोमेटिक प्लास्टिक बॉटल क्रैशर मशीन की शुरुआत की गई है। बृहस्पतिवार को नगर निगम परिसर के बाहर मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल द्वारा शहर की पहली ऑटोमेटेड प्लास्टिक बोतल क्रैशर मशीन का उद्घाटन किया गया।


नगर निगम देहरादून द्वारा ऑटोमेटेड बॉटल क्रशर मशीन शहर के प्रमुख जगह पर लगाई जाएगी जिसमें प्रमुख पर्यटक स्थल, रेलवे, बस स्टेशन, शैक्षणिक संस्थान, पार्क, सरकारी भवन और शहर के मुख्य चौराहे शामिल है। जिसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक के बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण और प्लास्टिक वेस्ट से बने उपयोगी सामान जैसे टेबल, चेयर, फ्लावर पॉट और घर की सजावटी शोपीस वस्तुओं को बनाने पर जोर रहेगा।

इस ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन का संचालन मनसा फैसिलिटी एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो की प्लास्टिक की बॉटलो को रिसाइकल करेगा, जिससे नगर निगम देहरादून द्वारा रिसाइकल रॉ मैटेरियल को उनसे सीधे खरीदा जाएगा। जिसके माध्यम से नगर निगम उपयोगी वस्तु बनाकर शहर के मुख्य चौक चौराहा पर उपयोग के तौर पर इस्तेमाल करेगा। नगर निगम देहरादून की इस अभिनव पहल से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि आमजन को भी प्लास्टिक के सही निस्तारण के लिए प्रेरणा मिलेगी।

देहरादून नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि इस मशीन के द्वारा सिंगल यूज़ वेस्ट प्लास्टिक को रिसाइकिल कर उपयोगी चीजे बनाने में मददगार साबित होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जगह चिन्हित कर ली गई है, इस मशीन का फीडबैक देखते हुए यहां मशीन इन सभी चिन्हित जगह पर लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यहां मशीन पीपीपी मोड के माध्यम से संचालित की जा रही है।

मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा इस मशीन की पहल से प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड को बढ़ावा मिलेगा। ऑटोमेटिक प्लास्टिक बॉटल क्रैशर मशीन के सहयोग से नगर निगम सिंगल यूज़ प्लास्टिक से शहर को मुक्त कराएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिंगल यूज़ प्लास्टिक और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है, जो कि देहरादून स्वच्छ व अनुकूल उत्तराखंड के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

देहरादून: 16 फरवरी को भ्रष्टाचार, अपराध और बेरोज़गारी के खिलाफ कांग्रेस करेगी राजभवन घेराव

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आज उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, सह प्रभारी द्वै सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव की महत्वपूर्ण बैठक हुई ,बैठक के उपरांत उपरोक्त सभी नेताओं द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया।

प्रेस वार्ता में सभी नेताओं ने एक स्वर में भाजपा सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि राज्य आज भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बेरोज़गारी और प्रशासनिक अराजकता के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।
राज्य की भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में रिकॉर्ड तोड़ भ्रष्टाचार, अन्याय, अत्याचार, अव्यवस्था, उत्पीड़न, महिला अपराधों में बेतहाशा वृद्धि और नौकरियों की खुली बंदरबांट को ही अपनी पहचान बना लिया है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, मुख्य विपक्षी दल होने के नाते, इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी तीन महीनों तक राज्यव्यापी जन-जागरण अभियान चलाएगी, जिसमें हर वर्ग—युवा, महिला, किसान, कर्मचारी और बेरोज़गार—को जोड़ा जाएगा।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने सत्ता को लूट, झूठ और दमन का औज़ार बना दिया है।
राज्य आज भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला, महिला असुरक्षा की राजधानी, बेरोज़गारी का गढ़ और अन्याय-अत्याचार का केंद्र बन चुका है। सरकार का हर विभाग भ्रष्टाचार में डूबा है और मुख्यमंत्री मौन साधे बैठे हैं।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामी अब हर घर तक पहुंच चुकी है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं सरकार मूक दर्शक बनी हुई है ,कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाएगी और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी।
आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों, दलालों और भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बन चुकी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर नौकरियों की बंदरबांट तक—हर मामले में सरकार का चेहरा बेनकाब हुआ है। भाजपा का “डबल इंजन” उत्तराखंड के लिए डबल अत्याचार बन चुका है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड की अस्मिता, संसाधनों और नौजवानों के भविष्य के साथ विश्वासघात किया है। कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी। अगले तीन महीनों तक राज्यव्यापी जन-जागरण अभियान चलाकर भाजपा सरकार की एक-एक नाकामी को जनता के सामने उजागर किया जाएगा।
पार्टी के वर्तमान “चतुर्भुज नेतृत्व” की खुलकर सराहना करते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह नेतृत्व साहस, संवेदनशीलता और संघर्ष की भावना का प्रतीक है। उन्होंने आगामी सभी कार्यक्रमों के लिए नेतृत्व को शुभकामनाएं दीं तथा अंकिता भंडारी हत्याकांड को जिस प्रभावशाली और निरंतर तरीके से उठाया जा रहा है, उसके लिए प्रदेश नेतृत्व को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही वह पार्टी है जो पीड़ितों के साथ खड़ी रहती है और न्याय की लड़ाई अंत तक लड़ती है।

चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि जन-जागरण अभियान की कड़ी में 16 फरवरी को प्रदेशभर के मुद्दों को लेकर राजभवन का घेराव किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से कांग्रेसजन और आम नागरिक भाग लेंगे।प्रीतम ने कहा कि यह सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि जनता के हक़ की निर्णायक लड़ाई है। संगठन पूरी तरह तैयार है और भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर घेरा जाएगा।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और जन आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से गांव-गांव, शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा।हरक ने कहा कि 16 फरवरी का राजभवन घेराव सरकार की नाकामी, अन्याय और अहंकार के खिलाफ जनता का सशक्त संदेश होगा।

सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार के जनविरोधी शासन के खिलाफ संघर्ष अब और तेज़ होगा तथा जनता के हक़ की लड़ाई हर मोर्चे पर लड़ी जाएगी। सह प्रभारियों ने जानकारी दी कि 16 फरवरी के राजभवन घेराव कार्यक्रम के संयोजक चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह होंगे

गरिमा मेहरा दसौनी

जन जन की सरकार जन-जन के द्वार: सुदूरवर्ती न्याय पंचायत कोटी में अपर सचिव व CDO ने सुनी जन समस्याएं

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जनहित में बडी पहलः 05 आयुष्मान कार्ड, 04 दिव्यांग प्रमाण पत्र मौके पर निर्गत

*कोटी बहुउद्देशीय शिविरः 849 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ*

*लाभ भी, समाधान भीः 460 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,*

*मौके पर निस्तारण की मिसालः 62 में से अधिकांश समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान*

*“डैम के लिए दी ज़मीन, फिर भी अंधेरे में गांव, विद्युत समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश”*

*क्षेत्रवासियों का शिविर में सड़क और विद्युत संकट रहा प्रमुख मुद्दा*

*देहरादून । जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत गुरुवार को विकासखंड कालसी स्थित कोटी ग्राउंड में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह द्वारा जनसमस्याएँ सुनी गईं तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में कृषि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषक मनीष एवं राजेन्द्र को पावर वीडर, राजेन्द्र शर्मा को आटा चक्की तथा भोलाराम को ब्रश कटर वितरित किए गए। सहकारिता विभाग के माध्यम से ग्राम लोल्टा के कृषक मोहन सिंह एवं संजय सिंह को एक-एक लाख रुपये का फसली ऋण प्रदान किया गया। बाल विकास विभाग के स्टॉल पर 05 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 किशोरी किट वितरित की गईं।

समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र, देहरादून के सहयोग से एडिप एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत 40 दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को कुल 120 सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए तथा 05 वृद्धजनों की पेंशन हेतु बैंक खाते आधार से सीड किए गए।

अपर सचिव हिमांशु खुराना ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री का संकल्प है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध रूप से पहुँचे तथा कोई भी व्यक्ति बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने आश्वस्त किया कि जनता से संबंधित प्रत्येक समस्या पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिविर में ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 62 समस्याएँ प्रस्तुत की गईं, जिन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा।

शिविर में ग्राम दमऊ, लेन्टा, कोटी, सिमोग, दोऊ, दसेऊ आदि ग्रामों के ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, वन, सोलर लाइट, भूमि विवाद एवं मुआवजा संबंधी समस्याएँ प्रमुखता से रखीं। डैम निर्माण हेतु भूमि दान के बावजूद विद्युत आपूर्ति की खराब स्थिति की शिकायत पर विद्युत विभाग को स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए।

खैरवा-कोटी मोटर मार्ग की जर्जर स्थिति की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को 15 फरवरी से मार्ग सुधार कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोटी में आवश्यक स्टाफ एवं एंबुलेंस की अनुपलब्धता पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शीघ्र सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति की शिकायत पर शिक्षा विभाग को प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत दसेऊ अंतर्गत कौथावा-पावुआ से राजस्व ग्राम पाटा तक मोटर मार्ग निर्माण की मांग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कोटी में खेल मैदान के विस्तार हेतु युवा कल्याण विभाग को प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। ग्राम तुनिया, खैरवा एवं दोऊ में स्ट्रीट लाइट स्थापना हेतु उरेडा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 257, होम्योपैथिक में 124 तथा आयुर्वेदिक में 79 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियाँ वितरित की गईं। शिविर में 04 दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं 05 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। पशुपालन विभाग द्वारा 43 पशुपालकों को पशु औषधियाँ वितरित की गईं।

राजस्व विभाग द्वारा 54 खाता-खतौनी, 01 आय एवं 01 स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए गए। कृषि विभाग द्वारा 57 तथा उद्यान विभाग द्वारा 40 कृषकों को लाभान्वित किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 25 सामाजिक पेंशन स्वीकृत कर ऑनलाइन की गईं। जिला पूर्ति विभाग, पंचायती राज, डेयरी, श्रम, शिक्षा, उद्योग, लीड बैंक, सेवायोजन, विद्युत एवं सहकारिता विभागों द्वारा भी बड़ी संख्या में लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में अपर सचिव हिमांशु खुराना, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम प्रेम लाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, बीडीओ जगत सिंह, अन्य विभागीय अधिकारियों सहित गढवाल संयोजक गजेन्द्र जोशी, पूर्व प्रमुख मटोर सिंह चौहान, प्रदेश महामंत्री जनजाति मोर्चा भरत सिंह चौहान, जनजाति मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष दिनेश तोमर, क्षेत्र पंचायत सदस्य उर्मिला चौहान, ग्राम प्रधान रक्षा देवी, बीना वर्मा, श्याम सिंह, विनीता चौहान, सरिता चौहान, रमेश चौहान, रवि रावत, अजब सिंह एवं गणमान्य नागरिक और बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

Action : MDDA का अवैध निर्माणों पर कड़ा प्रहार, सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की तेज

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मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत किए जा रहे अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख़्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में देहरादून के प्रगति विहार क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। प्रगति विहार लेन संख्या-06, देहरादून में उपेन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई।

वहीं, इसी क्षेत्र में श्रेयष अग्रवाल द्वारा निर्मित अवैध टिन शैड को चिन्हित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। दोनों ही मामलों में निर्माण प्राधिकरण से बिना स्वीकृति के किए जा रहे थे।

उक्त कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गई, जिसमें सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा एवं प्राधिकरण के सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे।

एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान शहर को सुनियोजित, सुरक्षित एवं अवैध निर्माण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए, बंशीधर तिवारी का बयान*
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण न केवल शहर की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में गंभीर समस्याएं भी पैदा करते हैं। एमडीडीए द्वारा लगातार निरीक्षण कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अपील है कि निर्माण से पूर्व प्राधिकरण की स्वीकृति अवश्य लें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*सचिव एमडीडीए, मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति किए गए निर्माणों को चिन्हित कर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। यह कदम शहर के सुनियोजित विकास और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। नागरिक सहयोग से ही अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

Good initiative: UPES और ICONA की साझेदारी से फ्यूचर मोबिलिटी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की करेगी ‌स्थापना

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देहरादून: UPES ने ऑटोमोटिव और मोबिलिटी डिज़ाइन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित ICONA के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है, जिसका उद्देश्य फ्यूचर मोबिलिटी के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सशक्त बनाना है। इस साझेदारी के अंतर्गत ICONA, UPES को ICONA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन फ्यूचर मोबिलिटी के रूप में मान्यता देगा और विश्वविद्यालय को ICONA के वैश्विक नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस में शामिल करेगा।
ICONA के सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस को अगली पीढ़ी की मोबिलिटी समाधानों में नवाचार और विकास के केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। इनका प्रमुख फोकस इलेक्ट्रिक वाहन, स्वायत्त ड्राइविंग, स्मार्ट सिटी एकीकरण, शहरी नियोजन, नीति विकास और सतत परिवहन प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों पर होगा। विश्वभर में सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के प्रमुख हितधारकों के साथ सहयोग के माध्यम से ये केंद्र विकसित हो रहे मोबिलिटी इकोसिस्टम में सहयोगात्मक सोच और नवाचार को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
यह मान्यता केवल आमंत्रण के माध्यम से प्रदान की गई है और यह UPES स्कूल ऑफ डिज़ाइन के ट्रांसपोर्टेशन डिज़ाइन विषय की क्षमताओं और संभावनाओं को उद्योग द्वारा दी गई स्वीकृति को दर्शाती है। यह केंद्र UPES की मौजूदा शैक्षणिक अवसंरचना और वर्चुअल सहभागिता के माध्यम से संचालित होगा, जिसके लिए किसी अतिरिक्त भौतिक सुविधा या वित्तीय प्रतिबद्धता की आवश्यकता नहीं होगी।
साझेदारी के अंतर्गत UPES, ICONA के साथ मिलकर सेंटर ऑफ ऑटोमोटिव डिज़ाइन एक्सीलेंस की मेज़बानी भी करेगा। ICONA के वैश्विक नेटवर्क के अनुरूप कार्य करने वाला यह केंद्र दोनों संस्थानों को आपसी हित के रणनीतिक पहलों पर सहयोग करने में सक्षम बनाएगा। जहां UPES को ICONA की वैश्विक औद्योगिक विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा, वहीं ICONA को UPES की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमताओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। यह केंद्र भारत में लागू स्थापित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप कार्य करेगा।
इस साझेदारी के अंतर्गत ट्रांसपोर्टेशन डिज़ाइन और मोबिलिटी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी गतिविधियों पर भी सहयोग किया जाएगा। इनमें संयुक्त शोध परियोजनाएं, अनुदान अवसरों की खोज, उद्योग प्रायोजित परियोजनाएं, नवोन्मेषी डिज़ाइन अवधारणाओं का सह-विकास, छात्र इंटर्नशिप के अवसर और संरचित ज्ञान-विनिमय शामिल हैं।
साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए ICONA डिज़ाइन ग्रुप के मुख्य नवाचार अधिकारी डॉ. ग्जोको मुरातोव्स्की ने कहा, “UPES के साथ यह साझेदारी ICONA के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि हम भारत में अपने फ्यूचर मोबिलिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नए प्रतिनिधि कार्यालय की स्थापना कर रहे हैं। डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, सततता और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में UPES की दूरदृष्टि और व्यापक विशेषज्ञता इसे हमारे लिए एक आदर्श साझेदार बनाती है। साथ मिलकर हम रचनात्मकता और विज्ञान को जोड़ते हुए भारत और उससे आगे फ्यूचर मोबिलिटी की जटिल चुनौतियों का समाधान करेंगे।”
साझेदारी पर UPES के रजिस्ट्रार श्री मनीष मदान ने कहा, “ICONA के साथ यह सहयोग UPES की वैश्विक स्तर पर संरेखित, भविष्य-केंद्रित शैक्षणिक इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फ्यूचर मोबिलिटी में ICONA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मिली मान्यता हमारे डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, सततता और नीति आधारित अंतर्विषयी दृष्टिकोण की मजबूती को दर्शाती है। यह साझेदारी अनुसंधान, नवाचार और उद्योग सहभागिता के लिए सार्थक अवसर सृजित करेगी और छात्रों को विकसित हो रहे मोबिलिटी परिदृश्य में योगदान देने के लिए तैयार करेगी।”
इस सहयोग के माध्यम से UPES अपनी वैश्विक शैक्षणिक भागीदारी को और सुदृढ़ कर रहा है तथा उद्योग-संरेखित शिक्षण को मजबूती देते हुए परिवहन और मोबिलिटी के तेज़ी से बदलते क्षेत्र के लिए भविष्य-तैयार प्रतिभा के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है।

CM धामी ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की की समीक्षा : अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा निर्देश 

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सीएम धामी ने स्वरोजगार के हेतु अवसर तलाशते के विभागों को दिए निर्देश

उत्तराखंड सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि, पशुपालन, पर्यटन एवं उद्योग क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से लोगों को इन योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाए, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें।

उन्होने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त उन्नति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। उन्होंने सेब की अति सघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से संचालित कर निर्धारित लक्ष्यों को समय से प्राप्त किया जाए तथा किसानों को अधिकाधिक प्रोत्साहन प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहद उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखंड में व्यापक संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए ‘हनी मिशन’ के अंतर्गत शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 29 उत्पादों को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है, जिनमें से 18 कृषि एवं कृषि कल्याण से संबंधित हैं।

प्रथम चरण में 5000 से अधिक गांवों को आच्छादित कर लगभग डेढ़ लाख कृषकों को लाभान्वित किया गया है । मिलेट्स फसलों की क्रय विक्रय हेतु 216 क्रय केंद्र खोले गए हैं, तथा सहकारिता विभाग के अंतर्गत 20 करोड रुपए का रिवाल्विंग फंड बनाया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 5000 मेट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5386 मेट्रिक टन मिलेट्स फसलों का क्रय किया गया है।

बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत चार वर्षों में 32 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

इस अवसर पर बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश झा, श्री दिलीप जावलकर, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री एस.एन. पाण्डेय, श्री वी. षणमुगम, श्री धीराज गर्ब्याल सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

Dehradun Sports: रोमांचक फाइनल में पावर पैंथर्स ने रचा इतिहास, नवी स्पोर्ट्स क्लब को 17 रनों से हराया

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Dehradun Sports
देहरादून: बीते मंगलवार को ट्रियो कप 2026 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। रोमांच, जोश और बेहतरीन खेल से सजे इस खिताबी मुकाबले में पावर पैंथर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नवी स्पोर्ट्स क्लब को 17 रनों से शिकस्त दी और टूर्नामेंट की पहली चैंपियन टीम बनने का गौरव अपने नाम किया।
यह टूर्नामेंट एक प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट क्रिकेट प्रतियोगिता था, जिसमें कुल 30 टीमों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि पावर पैंथर्स टीम एमडीडीए और यूपीसीएल की संयुक्त टीम थी, जिसमें अन्य विभागों से जुड़े खिलाड़ी भी शामिल रहे। ऐसे में यह जीत न केवल टीम के लिए, बल्कि उत्तराखंड के विभागीय खेल जगत के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।
पहले बल्लेबाज़ी में दमदार प्रदर्शन
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पावर पैंथर्स ने निर्धारित 25 ओवरों में 187 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से दीपक तोमर ने शानदार जुझारू पारी खेली, जबकि राजेश ने 41 रनों की अहम पारी निभाकर पारी को  संभाला। वहीं मनवीर पंवार ने महज़ 8 गेंदों पर 20 रन ठोककर टीम को तेज़ रफ्तार दी और स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए नवी स्पोर्ट्स क्लब का संघर्ष
188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नवी स्पोर्ट्स क्लब की टीम ने भी पूरा दम लगाया। अर्चित अग्रवाल ने 46 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम की कोशिशें नाकाफी रहीं और पूरी टीम 23.2 ओवरों में 170 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
गेंदबाज़ों ने पलटा मैच
पावर पैंथर्स की जीत में गेंदबाज़ों का योगदान बेहद अहम रहा। अक्षय कुमार सिंह ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4.2 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं किरन सिंह ने सूझबूझ भरी गेंदबाज़ी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट लेकर मुकाबले का रुख पूरी तरह पावर पैंथर्स के पक्ष में मोड़ दिया।
मैच के दौरान प्रवेश सेमवाल ने अपने अनोखे अंदाज़ में मंच संचालन कर माहौल को जीवंत बनाए रखा, जबकि अलंकार गौतम की रोचक और जोशीली कमेंट्री ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

ये लोग बने ऐतिहासिक पल के गवाह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में रणजीत मान, निलेश पाठक, सनी ठाकुर, अक्षय घरती, सुभाष रावत, दीक्षांत मिश्रा, आदित्य नेगी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
ट्रियो कप 2026 का यह आयोजन न सिर्फ रोमांचक क्रिकेट का गवाह बना, बल्कि विभागीय और कॉर्पोरेट खेलों को नई पहचान देने वाला साबित हुआ। पावर पैंथर्स की यह ऐतिहासिक जीत लंबे समय तक याद की जाएगी।